Monday, July 6, 2026 1:35 pm

भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी नायब तहसीलदार को 10 हजार रिश्वत लेते पकड़ा

भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी नायब तहसीलदार को 10 हजार रिश्वत लेते पकड़ा

Lokayukta’s action against corruption continues; Naib Tehsildar caught taking a bribe of Rs 10,000 सतना ! मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। इसके बावजूद सरकारी महकमे में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला सतना जिले के रामपुर बाघेलान तहसील कार्यालय से सामने आया है, जहां रीवा लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार को उनके ही कार्यालय में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त टीम ने रामपुर बाघेलान तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार वीरेंद्र सिंह जायसूर को उस समय पकड़ा, जब वे अपनी कुर्सी पर बैठकर फरियादी से 10 हजार रुपये की रिश्वत ले रहे थे। अचानक हुई इस कार्रवाई से तहसील कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। पुश्तैनी जमीन के बंटवारे और नामांतरण का था मामलाजानकारी के अनुसार यह पूरा मामला पुश्तैनी जमीन के बंटवारे और नामांतरण आदेश से जुड़ा हुआ है फरियादी आशुतोष सिंह के पिता चंद्रशेखर सिंह के नाम पर दर्ज जमीन के बंटवारे का आदेश तहसील स्तर पर लंबित था फरियादी का आरोप है कि नायब तहसीलदार ने इस फाइल को पास करने के एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। 15 दिसंबर को की गई थी लोकायुक्त में शिकायतरिश्वत से परेशान होकर फरियादी आशुतोष सिंह ने 15 दिसंबर को रीवा लोकायुक्त कार्यालय में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई हैरानी की बात यह रही कि सत्यापन के दौरान ही आरोपी नायब तहसीलदार ने पहली किस्त के तौर पर 10 हजार रुपये ले लिए थे, जिसके बाद लोकायुक्त ने ट्रैप की पूरी योजना तैयार की। बाकी रकम लेते ही दबोचा गया अधिकारीगुरुवार को योजना के मुताबिक फरियादी शेष बचे 10 हजार रुपये लेकर रामपुर बाघेलान तहसील कार्यालय पहुंचा। जैसे ही नायब तहसीलदार ने फरियादी से पैसे अपने हाथ में लिए, वहां पहले से सिविल ड्रेस में मौजूद लोकायुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त अधिकारियों ने आरोपी के हाथ धुलवाकर केमिकल टेस्ट कराया, जिसमें रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। कार्रवाई से मचा हड़कंपलोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया। कर्मचारी और फरियादी हैरान रह गए। कुछ देर के लिए तहसील का कामकाज भी प्रभावित रहा लोकायुक्त टीम ने मौके पर ही आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्जलोकायुक्त द्वारा आरोपी नायब तहसीलदार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। आगे की जांच जारी है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी। recent visitors 68

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में सतर्कता अभियान के तहत टीकमगढ़ पुलिस की पैदल गश्त और रात्रिकालीन पेट्रोलिंग तेज

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में सतर्कता अभियान के तहत टीकमगढ़ पुलिस की पैदल गश्त और रात्रिकालीन पेट्रोलिंग तेज

Under the direction of the Superintendent of Police, Tikamgarh police intensified foot patrolling and night patrolling under the vigilance campaign. टीकमगढ़ ! सुरक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक व्यापक सतर्कता अभियान की शुरुआत की है। पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार के मार्गदर्शन में जिले में निगरानी तंत्र, तकनीकी क्षमता और फील्ड रिस्पॉन्स को और उन्नत किया गया है, ताकि हर स्थिति में त्वरित और संगठित पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।शहर के बाजारों, धार्मिक स्थलों और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर पैदल गश्त, मोबाइल पेट्रोलिंग और रात्रिकालीन चौकसी को बढ़ाया गया है। भीड़भाड़ वाले व संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है तथा संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की गहन जाँच निरंतर जारी है। पुलिस कंट्रोल रूम में इंटीग्रेटेड लाइव मॉनिटरिंग डेस्क स्थापित की गई है, जिसके माध्यम से CCTV कैमरों और पेट्रोलिंग वाहनों से प्राप्त रियल-टाइम फीड का सतत विश्लेषण किया जा रहा है।मैदानी स्तर पर सभी थाना क्षेत्रों में शाम के समय फुट पेट्रोलिंग को अनिवार्य किया गया है, विशेषकर स्कूल-कोचिंग जोन और बाजार क्षेत्रों में पुलिस की अतिरिक्त उपस्थिति सुनिश्चित की गई है। हाईवे पर इंटरसेप्टर वाहन द्वारा गति-नियंत्रण, वाहन चेकिंग और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान पर विशेष फोकस रखा जा रहा है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और प्रमुख सड़कों पर नियमित पुलिस तैनाती के साथ रात में फ्लैश पेट्रोलिंग एवं आकस्मिक चेकिंग की व्यवस्था मजबूत की गई है। सामुदायिक पुलिसिंग को भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। मोहल्लों और ग्राम पंचायतों में आयोजित “थाना संवाद” बैठकों के माध्यम से नागरिकों की समस्याएँ सीधे सुनी जा रही हैं। स्कूलों और कॉलेजों में एंटी-ड्रग्स तथा साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। व्यापारी संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और परिवहन यूनियनों के साथ समन्वय बैठकों के माध्यम से पुलिस–जन सहयोग को और गहरा किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित बॉर्डर चौकियों पर अतिरिक्त बल की तैनाती कर निगरानी को और सक्षम बनाया गया है।साइबर सेल द्वारा सोशल मीडिया पर फैलाए जाने वाले अफवाह, भ्रामक संदेश और सांप्रदायिक संवेदनशीलता से संबंधित सामग्री पर कड़ी नजर रखी जा रही है। युवाओं के लिए “सुरक्षित इंटरनेट उपयोग” अभियान भी समानांतर रूप से संचालित है। इसके साथ ही शहर के होटल, लॉज और किरायेदारों के सत्यापन को तेज करते हुए ठहरने वाले व्यक्तियों के रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में संग्रहीत किया जा रहा है। शहर के बाहरी क्षेत्रों में स्थित निर्माण स्थलों पर मजदूरों का वेरिफिकेशन भी सतत रूप से किया जा रहा है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार ने कहा कि “सुरक्षा एक सामूहिक उत्तरदायित्व है। नागरिकों की सतर्कता और सहभागिता पुलिस के प्रयासों को और प्रभावी बनाती है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साझा करें—आपकी जागरूकता हमारे लिए सबसे बड़ी शक्ति है।”टीकमगढ़ पुलिस जिले में हर नागरिक की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए पूर्ण निष्ठा, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्य करने हेतु प्रतिबद्ध है। recent visitors 68

विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर टीकमगढ़ पुलिस द्वारा तीन दिवसीय ध्यान सत्रों का आयोजन

विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर टीकमगढ़ पुलिस द्वारा तीन दिवसीय ध्यान सत्रों का आयोजन

Tikamgarh Police organised three-day meditation sessions on the occasion of World Meditation Day टीकमगढ़ ! पुलिस मुख्यालय एवं हार्टफुलनेस संस्थान के मध्य हुए एमओयू के अंतर्गत पुलिस कर्मियों के शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव मुक्ति हेतु प्रत्येक जिले में निरंतर ध्यान सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में विश्व ध्यान दिवस (21 दिसंबर 2025) के उपलक्ष्य में टीकमगढ़ जिले में 19, 20 एवं 21 दिसंबर को तीन दिवसीय ध्यान सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें जिले के समस्त थाना, चौकी एवं जिला मुख्यालय में पदस्थ पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की। ध्यान सत्रों का उद्देश्य पुलिस बल को मानसिक शांति प्रदान करना, कार्य तनाव को कम करना एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना रहा। ध्यान केंद्र में आयोजित इन सत्रों में इकाई के बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी सम्मिलित हुए। हार्टफुलनेस संस्थान से नितिन कुमार बबेले जी एवं श्री घनाराम प्रजापति जी, साथ ही जिला पुलिस बल से आरक्षक कृष्णकांत द्विवेदी द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों को विश्व ध्यान दिवस के महत्व से अवगत कराया गया तथा अधिक से अधिक संख्या में पंजीकरण करने हेतु प्रेरित किया गया। साथ ही, सभी को दिनांक 21 दिसंबर को रात्रि 8:00 बजे यूट्यूब के माध्यम से कन्हा शांतिवनम, हैदराबाद से प्रसारित होने वाले विश्व ध्यान दिवस के विशेष कार्यक्रम से जुड़ने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया।टीकमगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित यह पहल पुलिस कर्मियों के समग्र स्वास्थ्य एवं कार्यकुशलता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। recent visitors 57

पुलिस अधीक्षक छतरपुर अगम जैन ने थाना ईशानगर का किया निरीक्षण।

पुलिस अधीक्षक छतरपुर अगम जैन ने थाना ईशानगर का किया निरीक्षण।

Chhatarpur Superintendent of Police Agam Jain inspected Ishanagar police station. छतरपुर ! निरीक्षण के दौरान लंबित अपराध, चालान, मर्ग, गुम इंसान प्रकरणों सहित अन्य लंबित मामलों एवं शिकायतों की गहन समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु प्रकरणवार आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।इसके अतिरिक्त थाना परिसर एवं आवासीय परिसर का निरीक्षण कर साफ-सफाई, एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया। साथ ही हवालात में उपलब्ध उपकरणों एवं संसाधनों का भी निरीक्षण किया गया तथा थाने में की जा रही डिजिटल फीडिंग एवं डाटा संधारण की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान थाने में पदस्थ सभी पुलिसकर्मियों से संवाद किया गया, आवश्यकताएं भी जानी गई। निरीक्षण उपरांत थाना प्रभारी ईशानगर उप निरीक्षक मनोज गोयल को कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने, लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। recent visitors 67

पुलिस लाइन छतरपुर में आयोजित “तनाव मुक्ति एवं ध्यान केंद्र” कार्यक्रम- आवश्यक व्यवस्थाओं का पुलिस अधीक्षक द्वारा किया गया निरीक्षण

पुलिस लाइन छतरपुर में आयोजित “तनाव मुक्ति एवं ध्यान केंद्र” कार्यक्रम- आवश्यक व्यवस्थाओं का पुलिस अधीक्षक द्वारा किया गया निरीक्षण

“Stress Relief and Meditation Centre” programme organised at Police Line Chhatarpur – Superintendent of Police inspected the necessary arrangements छतरपुर । पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार 21 दिसंबर 2025 को विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर प्रदेश के समस्त इकाई एवं थानों मे ध्यान कार्यक्रम का निर्णय लिया गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उदेश्य पुलिस बल के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, कार्यक्षमता में वृद्धि, सकारात्मक सोंच के विकास तथा कर्तव्य निर्वहन में एकाग्रता को सुदृढ़ करना है। आज मध्य प्रदेश पुलिस एवं हार्टफुलनेस संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में पुलिस लाइन छतरपुर परिसर में तनाव मुक्ति एवं ध्यान केंद्र कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक छतरपुर अगम जैन ने कार्यक्रम में सम्मिलित होकर आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।उपस्थिति रजिस्टर संधारण ( उपस्थिति कर्मचारी का नाम एवं मोबाईल नंबर हार्टफुलनेस प्रशिक्षक, वालिंटियर के हस्ताक्षर सहित), आनलाइन प्लेटफार्म से जुड़ने संबंधी व्यवस्था का निरीक्षण एवं हार्टफुलनेस संस्था के प्रतिनिधियो से समन्वयक स्थापित करने , कार्यक्रम के नियमित एवं अनुशासित संचालन हेतु आवश्यक निर्देश दिए। यह कार्यक्रम जिले के समस्त थानों में आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक थानों से थाना स्तर पर पुलिस कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं। कार्यक्रम में हार्ट फुल नेस संस्था से कोऑर्डिनेटर एवं पुलिस कोऑर्डिनेटर तथा सहभागी पुलिस कुर्मी, वॉलिंटियर उपस्थित रहे। recent visitors 60

Kakori train robbery 1927: 4600 रुपये की काकोरी ट्रेन लूट का क्या है सच, फांसी पर चढ़ने वाले Ram Prasad Bismil और अश्फाक उल्ला ने क्या देखा था सपना?

Kakori train robbery 1927: 4600 रुपये की काकोरी ट्रेन लूट का क्या है सच, फांसी पर चढ़ने वाले Ram Prasad Bismil और अश्फाक उल्ला ने क्या देखा था सपना?

Kakori conspiracy: What is the truth behind the Kakori train robbery of Rs 4600? What did the hanged Ram Prasad Bismil and Ashfaqulla dream about? Kakori train robbery 1927 / काकोरी के शहीद : आज राम प्रसाद बिस्मिल (Ram Prasad Bismil) , अशफाक उल्ला खान (Ashfaqulla Khan) और रोशन सिंह की शहादत को 98 साल पूरे हो गए। काकोरी कांड को अंजाम देने के लिए 19 दिसंबर 1927 ((Kakori Kand) को तीन लोगों राम प्रसाद बिस्मिल, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी को फांसी की सजा दी गई थी। Ram Prasad Bismil : काकोरी कांड को जोगेशचन्द्र चटर्जी, प्रेमकृष्ण खन्ना, मुकुन्दी लाल, विष्णुशरण दुबलिश, सुरेशचन्द्र भट्टाचार्य, रामकृष्ण खत्री, मन्मथनाथ गुप्त, राजकुमार सिन्हा, ठाकुर रोशन सिंह, रामप्रसाद ‘बिस्मिल’, राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी, गोविन्दचरण कर, रामदुलारे त्रिवेदी, रामनाथ पाण्डे, शचीन्द्रनाथ सान्याल, भूपेन्द्रनाथ सान्याल, और प्रणवेश कुमार चटर्जी ने मिलकर अंजाम दिया। उनपर कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। नीचे की फोटो में अशफाउल्ला खान (Ashfaqulla Khan) की तस्वीर नहीं है। राजेंद्र लहरी को 17 दिसंबर 1927 को दी गई थी फांसी 98 Years of Kakori Kand: राजेंद्र लाहिड़ी को 17 दिसंबर 1927 को फांसी दी गई, जबकि दो दिन बाद राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और रोशन सिंह को फांसी की सजा दी गई थी। वहीं चंद्रशेखर आजाद ने अंग्रेजों से लड़ते हुए खुद को गोली मारकर जान दे दी। क्या Kakori train robbery 1927 सिर्फ पैसों की लूट था? प्रोफेसर शम्सुल इस्लाम बताते हैं कि लोग यह गलतबयानी करते हैं कि क्रांतिकारी संगठन हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) से जुड़े क्रांतिकारियों की आर्थिक हालत खराब हो चुकी थी और उनके पास पहनने तक के साबूत कपड़े भी नहीं बचे थे। वह सुधीर विद्यार्थी के हवाले से कहते हैं, ‘याद रहे सरकारी ख़ज़ाने को लूटने के पीछे का उद्देश्य हथियार व गोला-बारूद खरीदना नहीं था बल्कि एक छापाखाना स्थापित करना था ताकि समाजवादी साहित्य छाप कर नौजवानों, मज़दूरों, किसानों और बुद्धजीविओं के बीच प्रसारित किया जा सके।’ Kakori train robbery 1927 को कौन कर रहा था लीड?काकोरी उत्तर प्रदेश में लखनऊ से 17.5 किलोमीटर की दूरी पर एक छोटा सा रेलवे स्टेशन था। राम प्रसाद बिस्मिल ने ट्रेन लूटने की योजना बनाई। उन्होंने इस काम के लिए नौ क्रांतिकारियों का चयन किया। उनके अलावा इस मुहिम में राजेंद्र लाहिड़ी, रोशन सिंह, सचींद्र बख्शी, अशफ़ाक़उल्ला ख़ां, मुकुंदी लाल, मन्मथनाथ गुप्त, मुरारी शर्मा, बनवारी लाल और चंद्रशेखर आज़ाद शामिल थे। 4600 रुपये का मिथक?राम प्रसाद बिस्मिल ने अपनी आत्मकथा में लिखा, ‘कुली गार्ड के डिब्बे में रखे लोहे के संदूक उतार रहा था। उसमें ना ही जंजीर और ना ही ताले लगे होते हैं। बस उसी दिन मैंने यह तय कर लिया कि इसी को लूटना है। क्रांतिकारियों ने यह तय किया ट्रेन में यात्रा कर रहे किसी यात्रियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। इस काम के लिए क्रातिकारियों ने 8 अगस्त 1925 का दिन मुकर्रर किया, पर वो ट्रेन स्टेशन से छूटने के 10 मिनट बाद स्टेशन पहुंच पाए। 8 डाउन से लूटे थे 4600 रुपये8 अगस्त को योजना में कामयाबी नहीं मिलने के बाद उन्होंने यह तय किया अब इस काम को वे 9 अगस्त को अंजाम देंगे। अगले दिन वे चार माउज़र पिस्तौलें और रिवॉल्वर लेकर ट्रेन में सवार हुए और लखनऊ से शाहजहांपुर रूट पर 8 डाउन में सवार हो गए। काकोरी में ट्रेन की चेन खींची और लोहे का बक्सा उतार लिया। इस बक्शे में सिर्फ 4600 रुपये थे। क्रांतिकारियों पर कौन-कौन सी लगाई गई थीं धाराएंकाकोरी षड्यंत्र के बाद अंग्रेजी सरकार क्रांतिकारियों के पीछे कुत्तों की तरह पीछे लग गई। इस कांड को अंजाम देने वालों पर भारतीय दंड संहिता के तहत 121 A, 120B, 396 की धाराएं लगाई गईं। अंग्रेजी सरकार ने रामप्रसाद बिस्मिल, राजेंद्र लहरी, रोशन सिंह, और अशफ़ाक़उल्ला ख़ां को राजद्रोह और षड्यंत्र रचने के आरोप में फांसी की सजा सुनाई। बिस्मिल ने फंदे पर झूलने से पहले कहा था- ‘आई विश डाउनफाल ऑफ ब्रिटिश इम्‍पायर’। उन्होंने ‘साम्राज्यवाद मुर्दाबाद’ और ‘अंग्रेजी सरकार मुर्दाबाद’ के नारे भी लगाए थे। देश पर जान न्यौछावर करने वाले क्रांतिकारी यह मानते थे कि अंग्रेजी शासन तानशाही के रास्ते पर चल रही है और उन्हें तानाशाही व्यवस्था का अंत करना है। भारतीय कम्युनिस्टों से अश्फाक उल्ला ने की थी ये अपील सुधीर विद्यार्थी अपनी किताब ‘अशफ़ाकुल्लाह और उनका युग’ में लिखते हैं, ‘कम्युनिस्ट ग्रुप से अशफ़ाक़ की गुज़ारिश है कि तुम इस गैर-मुल्क की तहरीक को लेकर जब हिन्दुस्तान में आए हो तो तुम अपने को गैर-मुल्की ही तस्सवुर करते हो, देसी चीज़ों से नफ़रत, विदेशी पोशाक और तर्ज़-ए- मआशरत (जीने का अंदाज़) के दिल दादा हो, इस से काम नहीं चलेगा, अपने असली रंग में आ जाओ। देश के लिए जियो, देश के लिए मरो। मैं तुम से काफ़ी तौर पर मुत्तफ़िक़ (सहमत) हूं और कहूंगा कि मेरा दिल ग़रीब किसानों के लिए और दुखिया मज़दूरों के लिए हमेशा दुखी रहा है।’ किसानों और मजदूरों की हालत पर रोते थे अश्फाक उल्लासुधीर लिखते हैं, ‘मैं ने अपने आयाम-ए-फ़रारी (पुलिस से छुपकर रहने वाला काल) में भी अक्सर इनके हालात देखकर रोया किया हूं क्योंकि मुझे इनके साथ दिन गुज़रने का मौक़ा मिला है। मुझ से पूछो तो मैं कहूंगा कि मेरा बस हो तो मैं दुनिया की हर चीज़ इन के लिए वक़्फ़ (सुरक्षित) कर दूं। हमारे शहरों की रौनक़ इनके दम से है। हमारे कारखाने इन की वजह से आबाद और काम कर रहे हैं। हमारे पम्पों से इनके हाथ ही पानी निकालते हैं। ग़रज़ की दुनिया का हर एक काम इनकी वजह से हुआ करता है। गरीब किसान बरसात के मूसलाधार पानी और जेठ-बैसाख की तपती दोपहर में भी खेतों पर जमा होते हैं और जंगल में मंडराते हुए हमारी खुराक का सामान पैदा करते हैं। यह बिल्कुल सच है कि वह जो पैदा करते हैं, जो वह बनाते हैं, उनमें उनका हिस्सा नहीं होता। वह हमेशा दुखी और मुफ़लिस-उल-हाल (दरिद्र) रहते हैं। मैं इत्तेफ़ाक़ करता हूं कि इन तमाम बातों के ज़िम्मेदार हमारे गोरे आक़ा और उनके एजेंट हैं।’ क्या शहीदों के सपने हुए पूरे? आईआईटी, बंबई में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के पूर्व प्रोफेसर और वर्तमान समय में सेंटर फॉर स्टडी ऑफ सोसाइटी एंड सेकुलरिज्म (सीएसएस) की कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष राम पुनियानी क्रांतिकारियों … Read more

बालाघाट में लाखों क्विंटल धान खरीदी केंद्रों पर ही पड़ी, परिवहन नहीं होने से परेशानी बढ़ी

बालाघाट में लाखों क्विंटल धान खरीदी केंद्रों पर ही पड़ी, परिवहन नहीं होने से परेशानी बढ़ी

Lakhs of quintals of paddy remained at procurement centres in Balaghat, problems increased due to lack of transportation बालाघाट। बालाघाट जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के परिवहन में देरी हो रही है। 1 दिसंबर से शुरू हुई धान खरीदी के बाद से अब तक 8 लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदी केंद्रों पर ही पड़ा है, जिसका परिवहन नहीं हो पाया है।जिले में अब तक 49,881 किसानों से 23 लाख 50 हजार क्विंटल धान की खरीदी की गई है, जिसकी कुल कीमत 556 करोड़ रुपए है। इसमें से किसानों को 150 करोड़ 82 लाख रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है। हालांकि, खरीदी गई धान में से लगभग 15 लाख क्विंटल का ही परिवहन हो सका है। धान परिवहन की गति विशेष रूप से बालाघाट और लालबर्रा क्षेत्रों में धीमी है। लालबर्रा विकासखंड के केंद्रों से परिवहन में देरी के कारण फर्म मेसर्स पंकजम पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। recent visitors 53