Tuesday, July 7, 2026 1:26 am

बीएसएल-4 बायो-कंटेनमेंट फैसिलिटी लैब का केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने किया शिलान्यास

Union Home Minister Shah laid the foundation stone for the BSL-4 Bio-Containment Facility Lab.  गांधी नगर। पुणे के बाद देश की सबसे बड़ी लैब यानि गुजरात बायोटेक्नॉलजी रिसर्च सेंटर की बीएसएल-4 बायो-कंटेनमेंट फैसिलिटी गांधीनगर में बनेगी। जहां संक्रामक व घातक वासरस पर शोध होगा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को इसका गांधी नगर में शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और उप-मुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी उपस्थित थे। केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि इस क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं ने दिखाया है कि हमारा युवा जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब क्रिएटर है। शाह ने कहा कि पुणे की वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट के बाद यह भारत की दूसरी उच्च स्तरीय लैब होगी। एक विशाल कॉम्प्लेक्स में 362 करोड़ रुपये की लागत से 11 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में देश की जैविक सुरक्षा का एक मजबूत किला बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम दुनिया में हो रहे अत्याधुनिक रिसर्च से कई साल तक पिछड़े हुए थे, लेकिन बीएसएल-4 बायो-कंटेनमेंट फैसिलिटी से बायो-टेक्नॉलजी क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं को नए मौके मिलेंगे। यह सुविधा वैज्ञानिकों को अत्यंत संक्रामक और घातक वायरस पर एक सुरक्षित वातावरण में शोध करने का प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगी। मंत्री शाह ने कहा कि इस बीएसएल लैब्स में पशुओं से होकर मानव तक पहुंचने वाले रोगों का भी अध्ययन की विश्वस्तरीय व्यवस्था होगी। शाह ने कहा कि एक अध्ययन के अनुसार 60 से 70 प्रतिशत बीमारियां पशुओं से होकर इंसान तक पहुंचती हैं, इसलिए भारत मानव और पशु दोनों की सुरक्षा पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब हमारे वैज्ञानिकों को खतरनाक वायरस के सैंपल जांचने के लिए विदेश पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।  शाह ने कहा कि बीते 11 साल में बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। 2014 में भारत की बायो इकोनॉमी 10 बिलियन डॉलर की थी और 2024 का वित्त वर्ष समाप्त होने पर यह 166 बिलियन डॉलर तक पहुँच चुकी है। उन्होंने कहा कि 10 साल के अंदर 17 गुना विकास हुआ। उन्होंने कहा कि 2014 में बायोटेक क्षेत्र में काम करने वाले स्टार्टअप्स की संख्या 500 से कम थी, जो 2025 में बढ़कर 10 हजार से अधिक हो चुकी है। बायो इंक्यूबेटर्स वर्ष 2014 में 6 थे, जो 2025 में 95 हो चुके हैं। हमारे पास इंक्यूबेशन स्पेस 60 हजार वर्ग फुट था, जो 15 गुना बढ़कर आज 9 लाख वर्ग फुट हो गया है। बाजार में केवल यो उत्पाद थे, अब 800 से ज्यादा प्रोडक्ट्स बाजार में लॉन्च किया जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में इस क्षेत्र में भारत के 125 पेटेंट फाइल हुए थे और 2025 में हम 1300 तक पहुंच चुके हैं। प्राइवेट फंडिंग पहले 10 करोड़ रुपए थी, अब इस क्षेत्र में 7 हजार करोड़ का निवेश हो चुका है। शाह ने कहा कि हमने बायोटेक पॉलिसी के तहत 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश और 1 लाख रोजगार का लक्ष्य रखा है। recent visitors 67

मध्यप्रदेश में दलित-आदिवासी मुख्यमंत्री बने तो मुझे खुशी होगी: दिग्विजय सिंह

मध्यप्रदेश में दलित-आदिवासी मुख्यमंत्री बने तो मुझे खुशी होगी: दिग्विजय सिंह

I will be happy if a Dalit-tribal becomes the Chief Minister of Madhya Pradesh: Digvijay Singh भोपाल। साल 2002 में दिग्विजय सरकार में लागू किए गए भोपाल डिक्लेरेशन के 25 साल पूरे होने से पहले राजधानी भोपाल में आयोजित भोपाल डिक्लेरेशन-2 की ड्राफ्टिंग बैठक और उसके बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में दलित एजेंडे को लेकर खुली बहस देखने को मिली।एक ओर पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने 2002 के दलित एजेंडे के अधूरा रह जाने के लिए अफसरशाही को जिम्मेदार ठहराया। वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने दलित-आदिवासी नेतृत्व को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया।प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब दिग्विजय सिंह से पूछा गया कि अगर उनकी सरकार बनती है तो क्या दलित या आदिवासी मुख्यमंत्री बनेगा, तो उन्होंने कहा—कांग्रेस पार्टी ने पहले भी आदिवासी समाज के राजा नरेशचंद्र सिंह और अजीत जोगी को मुख्यमंत्री बनाया है।अगर अनुसूचित जाति या जनजाति का मुख्यमंत्री बनता है तो मुझे खुशी होगी। उन्होंने कहा कि नेतृत्व में सामाजिक प्रतिनिधित्व लोकतंत्र को मजबूत करता है।सज्जन वर्मा बोले- एजेंडा पवित्र था, लेकिन अफसरों ने फेल किया : पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने कहा कि 2002 में जब भोपाल डिक्लेरेशन (दलित एजेंडा) लागू हुआ, तब वे दिग्विजय सिंह की कैबिनेट में मंत्री थे।उन्होंने कहा- दलित एजेंडा पवित्र मन से लाया गया था, लेकिन वह अधकचरा रह गया। अधिकारियों, खासकर तहसीलदारों और पटवारियों ने उसे फेल करने में बड़ी भूमिका निभाई।सज्जन वर्मा के मुताबिक, गरीब दलित-आदिवासी परिवार जहां बसे थे, वहीं जमीन देने की शुरूआत की गई थी, लेकिन कई जगह पैसे लेकर पट्टे बनाए गए और आज भी कई परिवारों को मालिकाना हक नहीं मिल पाया। recent visitors 65

हिंदू सम्मेलन में शामिल होंगे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

Peethadheeshwar Dhirendra Krishna Shastri of Bageshwar Dham will participate in the Hindu conference. लोकेंद्र सिंह बुंदेला /बड़ामलहरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने पर संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में 14 जनवरी को नगर में विशाल हिंदू सम्मेलन होगा। इसमें मुख्य रूप से बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री दोपहर 2 बजे शामिल होंगे। वे यहां हिंदू सम्मेलन को संबोधित भी करेंगे। आयोजन समिति ने नगर परिषद के पीछे खेल मैदान में आयोजित होने वाले हिंदू सम्मेलन में अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील की है।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यालय में हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति पदाधिकारियों ने बताया कि हिंदू नगर में विशाल हिंदू सम्मेलन होगा। जिसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। नगर में विशेष सज्जा की जा रही है। इस सम्मेलन में नगर सहित क्षेत्र के सभी हिंदू परिवार शामिल हों, इसके लिए घर-घर अक्षत बांट कर आमंत्रित किया जा रहा है। पदाधिकारियों के अनुसार, बड़ामलहरा खंड में 13 मंडल हैं। सामाजिक एकता, सांस्कृतिक जागरण और धार्मिक मूल्यों को मजबूत करने के उद्देश्य से मंडल के सभी गांवों में आयोजन किए जा रहे हैं। बता दें, विजयादशमी पर पथ संचलन निकाला गया था। गृह संपर्क अभियान के तहत हिंदू परिवार में पत्रक, भारत माता के स्टिकर व पंच परिवर्तन पत्रक वितरित किए गए। युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया। पत्रकार वार्ता में सम्मेलन संयोजक मुकेश अग्रवाल, सह संयोजन रामगोपाल यादव, मातृ शक्ति सह संयोजिका मालती जैन, खंड संघचालक नंदकिशोर शुक्ला, अखिलेश गुप्ता, अवध विश्वकर्मा, दशरथ तिवारी सहित बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी शामिल हुए। recent visitors 56

अनुशासन, एकता एवं भाईचारे का माध्यम है खेल: भूपेंद्र सिंह

अनुशासन, एकता एवं भाईचारे का माध्यम है खेल: भूपेंद्र सिंह

Sports is a medium of discipline, unity and brotherhood: Bhupendra Singh लोकेंद्र सिंह बुंदेला /बड़ामलहरा। ग्राम पंचायत छायन में रविवार को स्वर्गीय शंकर सिंह की पुण्य स्मृति में क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन बड़े ही उत्साह और खेल भावना के साथ किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के युवाओं एवं खेल प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला। टूर्नामेंट्र का शुभारंभ ग्राम पंचायत कजरा के सरपंच भूपेंद्र सिंह परमार ने फीता काटकर किया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और खेल को अनुशासन, एकता एवं भाईचारे का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल में इस प्रकार के आयोजनों से युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ती है तथा नशा और अन्य कुरीतियों से दूर रहने की प्रेरणा मिलती है। स्व. शंकर सिंह के सामाजिक योगदान को स्मरण करते हुए आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह टूनार्मेंट प्रतिवर्ष आयोजित किया जाएगा, ताकि उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाया जा सके। टूर्नामेंट में आसपास के गांवों की कई टीमों ने भाग लिया और रोमांचक मुकाबले खेले गए। पूरे कार्यक्रम का संचालन सुव्यवस्थित ढंग से किया गया तथा खिलाड़ियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। ग्रामीणों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।इस अवसर पर रमेश शुक्ला, मोहित राय, गोविंद सेन, हरिसिंह लोधी, राममिलन लोधी सहित जनप्रतिनिधि, ग्रामवासी, आयोजन समिति के सदस्य व खेल प्रेमी उपस्थित रहे। recent visitors 66

योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है: बालमकुंद राजपूत

योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है: बालमकुंद राजपूत

Yoga is an invaluable heritage of Indian culture: Balmkund Rajput बड़ामलहरा /लोकेंद्र सिंह बुंदेला । सरस्वती शिशु मंदिर हाई स्कूल बड़ामलहरा में सोमवार को सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, आचार्यगण एवं विद्यालय परिवार ने उत्साहपूर्वक एक साथ सूर्य नमस्कार किया। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में योग, अनुशासन एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष बालमकुंद राजपूत ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। जो तन-मन को स्वस्थ रखने के साथ आत्मविश्वास और एकाग्रता भी बढ़ाता है। सूर्य नमस्कार से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और मानसिक संतुलन बना रहता है। इस अवसर पर राजपूत ने विद्यालय को एक कंप्यूटर सिस्टम भेंट किया। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस सहयोग से विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान प्राप्त करने में सहायता मिलेगी और उनकी शैक्षणिक क्षमता में वृद्धि होगी।वहीं आचार्यगणों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यार्थियों में अनुशासन, संस्कार और राष्ट्रभक्ति की भावना का विकास होता है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जनपद पंचायत अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह (राघव राजा), पूर्व छात्र मयंक डेवड़िया, सोमू असाटी सहित स्कूल स्टाप एवं बड़ी संख्या छात्र-छात्राएं मौजूद थीं । recent visitors 67