Sunday, July 12, 2026 12:24 am

कांग्रेस एसएसी विभाग में चर्चा और साक्षात्कार के बाद ही बनेंगे जिला अध्यक्ष, सुझाव और रिपोर्ट भी देखेंगे

District presidents will be appointed only after discussions and interviews in the Congress SAC department, suggestions and reports will also be considered. भोपाल। मप्र कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्षों की नियुक्ति बिना चर्चा और साक्षात्कार के नहीं होगी। विभाग के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप अहिरवार और प्रदेश प्रभारी भगवती प्रसाद चौधरी की मौजूदगी में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भोपाल में संभागवार तीन दिनों तक बैठकों का दौर चलेगा और इसी में जिलाध्यक्ष की सूची तैयार होगी। इसी बैठक में जिलाध्यक्षों के पैनल पर चर्चा होगी। इसके बाद संभावित नेताओं के साक्षात्कार भी होंगे। यह बैठक 20 फरवरी को ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग की कार्यकारिणी की बैठक होगी। इसमें बैठक में प्रस्तावित जिलाध्यक्ष उम्मीद्वार के अलावा संभाग और जिला प्रभारियों को भी बुलाया गया है।पहली बैठक ग्वालियर संभाग की सुबह 11 से 12.30 बजे तक रखी गई है। दूसरी बैठक चंबल संभाग की 12.30 से 2 बजे तक और तीसरी बैठक सागर संभाग की दोपहर 3 से 4.30 बजे तक होगी। अगले दिन 21 फरवरी को रीवा, शहडोल, जबलपुर और भोपाल संभाग की बैठक होगी। पहली बैठक रीवा संभाग सुबह 11 से 12.30 बजे तक, दूसरी शहडोल संभाग की 12.30 से 2 तक, दूसरी जबलपुर संभाग की 3 से 4.30 बजे और तीसरी बैठक भोपाल संभाग की 4.30 से 6 बजे तक रखी जाएगी। तीसरे दिन 22 फरवरी को इंदौर, नर्मदापुरम एवं उज्जैन संभाग की बैठक होगी। पहली बैठक इंदौर संभाग की सुबह 11 से 12.30 बजे तक, दूसरी बैठक उज्जैन संभाग की 12.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक और तीसरी बैठक नर्मदापुरम संभाग की 3 से 4.30 बजे तक आयोजित होगी।एससी विभाग के उपाध्यक्ष एवं कार्यालय प्रभारी मुकेश बंसल ने बताया कि संभागवार सभी पदाधिकारियों को दिए गए बायोडाटा फॉर्मेट के साथ उपस्थित होने की सूचना भेज दी गई है। जो प्रस्तावित उम्मीदवार तय समय पर मौजूद नहीं होगा, उनके नामों पर चयन के लिए बाद में विचार नहीं किया जाएगा। इसी बैठक में प्रभारीगणों को अपनी प्रगति रिपोर्ट और सुझाव भी लिखित में रखने की बात कही गई है। recent visitors 63

कर्ज पर चल रही मोहन सरकार सरकार? एक हफ्ते में दूसरी बार 5 हजार करोड़ का कर्ज

Is the Mohan Yadav government running on debt? This is the second time in a week that the government has incurred a debt of Rs 5,000 crore. MP Government : विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने और अनुपूरक बजट के पहले मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बजट सत्र के पहले बाजार से 5 हजार करोड़ का नया कर्ज लिया है। पिछले एक सप्ताह में सरकार ने दूसरी बार कर्ज लिया है। इससे पहले 4 फरवरी को ही सरकार ने 5300 करोड़ का कर्ज लिया था। सरकार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से तीन किस्तों में ये कर्ज ले रही है। इस वित्तीय वर्ष में सरकार द्वारा अब तक 67,300 करोड़ रुपए कर्ज ले चुकी है। उल्लेखनीय है कि, बजट सत्र 16 फरवरी से शुरु हो रहा है और 18 एमपी का बजट पेश होगा। बता दें कि, एक हफ्ते में लिया गया ये दूसरा कर्ज है, जो सरकार ने तीन किस्तों में लिया है। इसका भुगतान सरकार को आज यानी बुधवार को होने वाला है। इसके बाद चालू वित्त वर्ष में लिए गए कुल कर्ज की संख्या 36 हो गई है और कर्ज का आंकड़ा 67300 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। अलग-अलग किस्तों में लिया गया कर्जजनवरी 2026 तक सरकार ने 30 कर्ज लिए थे, जो फरवरी के पहले 10 दिनों में लिए गए कुल 6 कर्ज मिलाकर 36 तक पहुंच गया है। 3 फरवरी को 3 नए कर्ज लिए जाने के बाद आंकड़ा 33 तक पहुंचा था और आज फिर तीन अलग-अलग किस्तों में कर्ज लिया गया है। इसलिए लिया गया कर्ज10 फरवरी को लिए गए दो-दो हजार करोड़ के दोनों ही कर्ज 21 साल और 16 साल की अवधि के हैं, जबकि 1000 करोड़ रुपए का तीसरा कर्ज 8 साल की अवधि के लिए लिया गया है, जिसका भुगतान छमाही ब्याज के रूप में किया जाएगा। यहां गौरतलब है कि, मंगलवार को मोहन सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित बजट का प्रजेंटेशन कैबिनेट के सामने किया है, जिसे 18 फरवरी को विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे। एग्रीकल्चर स्कीम, सिंचाई और पॉवर प्रोजेक्ट तथा कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के स्थायी निर्माण के नाम पर यह कर्ज लिए गए हैं। 2025-26 में महीने दर महीने ऐसे लिया कर्ज recent visitors 76