सरकार ही नहीं दफ्तर भी करोड़ों के कर्जदार, छिंदवाड़ा नगर निगम को वसूली में छूट रहा पसीना

सरकारी विभागों पर नगर निगम का करोड़ों रु बकाया, नहीं चुका रहे टैक्स, छिंदवाड़ा से विशेष रिपोर्ट. Not only the government, but the office is also indebted to the tune of crores, and the Chhindwara Municipal Corporation is sweating to recover the money. छिन्दवाड़ा : एक ओर मध्य प्रदेश सरकार लगातार हजारों करोड़ों के कर्ज लेकर सरकार चला रही है तो वहीं प्रदेश में कई ऐसे सफ्तार दफ्तर भी हैं, जो करोड़ों के कर्जदार हैं. ताजा मामला नगर निगम छिंदवाड़ा से सामने आय है जहां कई सरकारी दफ्तर और विभाग ऐसे हैं, जो नगर निगम का करोड़ों रुपए का टैक्स डकार कर बैठे हैं. सरकारी विभागों पर नगर निगम का करोड़ों रु बकायानगर निगम को आत्मनिर्भर बनाने की सरकारी मंशा पर सरकारी डिपार्टमेंट ही पलीता लगाने में लगे हैं. नए वित्तीय वर्ष में निगम ने बनाई बकायादारों की सूची में 345 डिपार्टमेंट ऐसे निकलकर सामने आए हैं, जिन्हें बार-बार नोटिस जारी करने के बाद भी ये संपत्तिकर चुकाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं. इनमें ऐसे मलाईदार विभाग भी हैं, जहां रोजाना लाखों के वारे-नारे होते हैं, लेकिन इसके बाद भी हजारों का संपत्तिकर चुकाने में ये आनाकानी कर रहे हैं. टॉप बकायादार, जो नहीं चुका रहे टैक्स आरटीओ 82,877रुफॉरेस्ट 7,14,845 रुSAF 4,51,872 रुबॉयज हॉस्टल 3,17,131 रुट्राइबल म्यूजियम 1,63,975 रुएमएलबी स्कूल 4,59,592 रुएक्सीलेंस स्कूल 6,77,662 रुजलतरंग ऑफिस 2,14,394 रुवनवृत्त रोपणी 3,51,514 रुLLB कॉलेज 7,46,745 347 विभाग से वसूलना है 4 करोड़ प्रॉपर्टी टैक्सतीन साल पहले शासन ने आदेश जारी किए थे कि नगरीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सरकारी विभागों से प्रॉपर्टी टैक्स वसूल किया जाएगा. इसे सरकारी भाषा में सेवा प्रभार शुल्क नाम दिया गया. निगम क्षेत्र के में 345 सरकारी डिपार्टमेंट की सूची तैयार की गई. सरकार के आदेश के बाद नगर निगम ने नोटिस जारी करने शुरु कर दिए. अधिकारी ये मानकर चल रहे थे कि सरकार का आदेश है तो ये विभाग भी समय पर टैक्स चुकाएंगे, लेकिन इस आदेश के उल्टा हुआ. एक भी विभाग ने राशि चुकाने में रुचि नहीं दिखाई. आज हालात ये हैं कि इन विभागों पर 3 करोड़ 97 लाख 50 हजार 202 रुपए का बकाया हो गया. बकाया नहीं चुकाने वाले डिपार्टमेंट में हाऊसिंग बोर्ड, वनविभाग, पीएचई, पीडब्ल्यूडी, एमपीईबी जैसे कमाई वाले विभाग भी शामिल हैं. बकायादारों को नोटिस किए गए जारी, अधिकारियों को भी जानकारीछिंदवाड़ा नगर निगम कमिश्नर चंद्र प्रकाश राय ने बताया, ” समय-समय पर सभी विभागों को मांगपत्र दिया जा चुका है. जो विभाग सेवा प्रभार शुल्क नहीं दे रहे हैं. उनकी सूची से संचालनालय को अवगत करा दी गई है. विभाग से आदेश आने के बाद इन बकायादारों पर नियम अनुसार जो कार्रवाई होगी वह भी किया जाएगा.” सरकार ने आदेश तो दिया लेकिन बजट का टोटानगरीय निकायों को सेल्फ डिपेंड बनाने के लिए सरकार ने आदेश तो दिया है कि सरकारी दफ्तर प्रॉपर्टी टैक्स जमा करेंगे लेकिन इन सरकारी दफ्तरों को प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने के लिए सरकार ने अलग से बजट नहीं दिया है. ऐसे विभागों की लंबी फेहरिश्त है. क्योंकि मामला सरकारी है. इसलिए निगम अधिकारी भी सख्ती बरत नहीं पा रहे हैं. सबसे ज्यादा आंगनवाड़ी का टैक्स बकायानिगम के पास मौजूद लिस्ट में सबसे ज्यादा नाम शहर में संचालित आंगनवाड़ियों के हैं. नगर निगम में 169 आंगनवाड़ियों का संचालन होता है, जिनमें से 93 किराए और 76 आंगनवाड़ियां सरकारी भवनों में संचालित होती हैं. दूसरा नंबर शिक्षा विभाग का है. शहर में स्कूल, हॉस्टल और डीईओ, बीईओ और बीआरसी कार्यालय से भी राशि वसूल करनी है, लेकिन ये भी सिर्फ फंड नहीं होने की बात कहकर टैक्स चुकाने से मना कर चुके हैं. सतपुड़ा क्लब, एसएएफ क्वार्टर के पास शहर में बड़ा क्षेत्र हैं, बकाया लाखों में पहुंच चुका है, लेकिन चुकाने के लिए यहां के प्रभारी फंड नहीं होने की बात कह रहे हैं recent visitors 47

पीएमश्री हाई स्कूल में बच्चों की किताबों से जलाया चूल्हा, फिर हुई शराब-मुर्गा पार्टी

A stove was lit with children’s books at PM Shri High School, followed by a liquor and chicken party. अशोकनगर : चंदेरी के प्राणपुर पीएमश्री हाई स्कूल में शराब और मुर्गा पार्टी का वीडियो सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि विद्यालय परिसर में लोग बच्चों की किताबें जलाकर चूल्हे पर मुर्गा पका रहे हैं. पार्टी करने वालों में स्कूल का चपरासी और चौकीदार शामिल हैं. किसी स्थानीय व्यक्ति पूरी पार्टी का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया. चूल्हे में बच्चों की किताबों का बनाया ईंधन जब मामला गर्माया तो शिक्षा विभाग के जिम्मेदार मामले को छुपाने में लग गए. स्कूल परिसर में खुले में ही ईंटों से एक चूल्हा तैयार किया गया और उसमें ईंधन की जगह बच्चों की किताबें को जलाकर उस पर मुर्गा तैयार किया गया. शिक्षा के इस मंदिर में सिलसिला यहीं तक नहीं रुका, वही स्कूल परिसर के एक कक्ष में शराब की खाली बोतल भी मिली है. यह पूरा मामला रात का नहीं बल्कि दिन में 11 बजे का बताया जा रहा है. मामला गर्माने पर जांच के आदेशमामला गर्माने पर शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों से जवाब देते नहीं बन रहा है. हालांकि आनन-फानन में इस पूरे मामले की जांच शुरू की गई. जांच चंदेरी बोईओ सुरभी जैन की नेतृत्व में होनी थी. लेकिन जांच के बाद मामले में एक प्रतिवेदन दिया गया, जिसमें यह पुरा ममला ही झूठा बता दिया गया. बीईओ सुरभी जैन का कहना है “आरईएस द्वारा स्कूल में कंप्यूटर कक्ष का निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके पास में श्रमिक खाना बनाते हैं. वह बाद में उसकी सफाई कर देते हैं.” वीडियो सामने आया तो भड़के पैरेंट्स वहीं, शराब-मुर्गा पार्टी का वीडियो सामने आने के बाद पैरेंट्स में रोष है. उनका कहना है कि स्कूल जैसी पवित्र जगह में इस प्रकार के काम बहुत चिंता में डालने वाले हैं. दिनदहाड़े स्कूल में पैग छलक रहे हों, मुर्गा बनाया जा रहा हो चूल्हे पर तो इससे ज्यादा शर्मनाक और क्या हो सकता है. शिक्षा विभाग को ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. recent visitors 54

एमपी में शराब दुकानों पर सख्ती बढ़ी, ओवर रेटिंग और अवैध अहातों पर चलेगा विशेष अभियान

Strictness increased on liquor shops in MP, special campaign will be launched against over-rating and illegal premises. भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति 2026-27 के तहत शराब दुकानों और अवैध गतिविधियों पर सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेशभर में आबकारी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि शराब दुकानों पर ओवर रेटिंग, तय समय के बाद बिक्री और अवैध रूप से संचालित शॉप बार जैसी गतिविधियों के खिलाफ राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले मदिरा ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश की सभी कम्पोजिट मदिरा दुकानों को पूरी तरह “ऑफ श्रेणी” घोषित किया गया है। इसके तहत दुकान परिसर या आसपास शराब सेवन की अनुमति नहीं होगी। अवैध अहातों और उपभोग स्थलों को बंद कराने के लिए विशेष दल गठित कर औचक निरीक्षण किए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब दुकानों के खुलने और बंद होने के निर्धारित समय का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसके लिए पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमें निगरानी करेंगी। वहीं उपभोक्ताओं से तय कीमत से अधिक राशि वसूलने की शिकायतों को रोकने के लिए दुकानों पर शराब की दरें प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही पारदर्शिता के लिए दुकानों पर क्यूआर कोड भी लगाए जाएंगे, ताकि ग्राहक वास्तविक कीमत की जांच कर सकें। उन्होंने कहा कि निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर शराब बेचने वालों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अलावा प्रदेश के पवित्र घोषित नगरों और क्षेत्रों में अवैध शराब बिक्री रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। recent visitors 39