Thursday, July 2, 2026 10:20 am

MP Officer Promotion: 13 बनेंगे IAS और 9 पाएंगे IPS कैडर, मध्यप्रदेश के इन अधिकारियों को मिलेगा प्रमोशन

MP IAS Officer Promotion: 13 to become IAS and 9 to get IPS cadre; these Madhya Pradesh officers will receive promotions. MP IAS Officer Promotion 2026: मध्यप्रदेश के 13 अधिकारियों को IAS और 9 अधिकारियों को IPS कैडर में शामिल किया जाएगा. इसके लिए जल्द ही DPC की बैठक होगी, जिसमें पात्र अधिकारियों के नामों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा. अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड और वरिष्ठता के साथ-साथ उनकी कार्यक्षमता भी चयन का प्रमुख आधार होगी. भोपाल। MP IAS Officer Promotion मध्यप्रदेश के राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) और राज्य पुलिस सेवा (SPS) के अधिकारियों के लिए इस साल बड़ी खुशखबरी है. प्रदेश के 13 राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और 9 राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) कैडर में पदोन्नत किया जाएगा. इसके लिए जल्द ही विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) मेंबर्स की बैठक आयोजित होने वाली है, जिसमें पात्र अधिकारियों के नामों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा. इन अफसरों की सीआर और परफार्मेंस के आधार पर संघ लोक सेवा आयोग और एमपी के सीएस-डीजीपी की कमेटी वाली टीम इन पदों के लिए चयनित करेगी. सूत्रों के मुताबिक, IAS कैडर के लिए कुल 39 अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा, जिनमें से 13 अधिकारियों का चयन किया जाएगा. वहीं IPS कैडर के लिए 27 अधिकारियों के नामों का परीक्षण किया जाएगा, जिनमें से 9 अधिकारियों को प्रमोशन का लाभ मिलेगा. अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड और वरिष्ठता के साथ-साथ उनकी कार्यक्षमता भी चयन का प्रमुख आधार होगी. IAS के लिए इन नामों पर चर्चा मिडिया रिपोर्ट के हवाले से आईएएस में चयन के लिए होने वाली डीपीसी में राज्य प्रशासनिक सेवा के 2007 और 2008 बैच के 39 नाम चुने गए हैं. 2007 बैच के मिनिषा पांडे, इला तिवारी, नीता राठौर, शैलेंद्र सिंह सोलंकी, रानी पासी, रंजना देवड़ा, माधवी नागेंद्र, वर्षा सोलंकी, प्रियंका गोयल, अभिषेक दुबे, नरोत्तम प्रसाद भार्गव, निधि सिंह राजपूत, निमिषा जायसवाल, संदीप सोनी समेत 39 नामों पर डीपीसी की बैठक में पदोन्नति के लिए विचार किया जाएगा. इसमें 1999 बैच के जयेंद्र विजयवत, मनोज मालवीय आयु सीमा के चलते फिटनेस से बाहर हो चुके हैं. पदक्रम सूची में इला तिवारी के बाद शामिल 2007 बैच की सपना एम लोवंशी जांच के चलते डीपीसी से बाहर हो सकती हैं. इसके अलावा 2002 बैच के कमल नागर का मामला कोर्ट में है. इसलिए उनका भी केस पिछली बार की तरह टल सकता है यह भी पढ़ें – MP Board 10th-12th Result: इंतजार खत्म… शुक्रवार शाम 4 बजे जारी होगा 10वीं-12वीं द्वितीय परीक्षा का रिजल्ट; यहां देखें अपना परिणाम IPS बनने की सूची में इन ऑफिसर्स के नाम राज्य पुलिस सेवा के अफसरों की डीपीसी में इस बार 1997 और 1998 बैच के अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा. वे नाम है 1997 बैच के सीताराम, अमृत मीणा, वर्ष 1998 बैच के निमिषा पांडेय, राजेश मिश्रा, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा सोनी, सुमन गुर्जर, संदीप मिश्रा, सब्यसाची सर्राफ, समर वर्मा, सत्येन्द्र सिंह तोमर समेत कुल 27 नाम हैं. इसमें से अमृत मीणा की जाति प्रमाण पत्र और राजेश मिश्रा की विभागीय जांच के चलते डीपीसी उन्हें रोक सकती है. recent visitors 33

MP Board 10th-12th Result: इंतजार खत्म… शुक्रवार शाम 4 बजे जारी होगा 10वीं-12वीं द्वितीय परीक्षा का रिजल्ट; यहां देखें अपना परिणाम

MPBoard 10th-12th Results: The wait is over… Results for the 10th and 12th-grade second examinations will be released on Friday at 4 PM; check your results here. MP Board 10th-12th Results 12 जून 2026 को शाम 4 बजे 10वीं और 12वीं की द्वितीय परीक्षा के परिणाम ऑनलाइन जारी करेगा। छात्र अपना रिजल्ट mpbse.mponline.gov.in पर रोल नंबर और आवेदन क्रमांक दर्ज कर देख सकेंगे। भोपाल। MPBoard 10th-12th Results (एमपीबीएसई) शुक्रवार, 12 जून 2026 को कक्षा 10वीं और 12वीं की द्वितीय परीक्षा का परिणाम घोषित करेगा। बोर्ड द्वारा जारी जानकारी के अनुसार परीक्षा परिणाम शाम 4 बजे ऑनलाइन जारी किया जाएगा, जिसके बाद विद्यार्थी अपना रिजल्ट वेबसाइट पर देख सकेंगे। मंडल ने परीक्षा परिणाम की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। रिजल्ट घोषित होते ही छात्र-छात्राएं मध्य प्रदेश बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल mpbse.mponline.gov.in पर जाकर अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। इसके लिए विद्यार्थियों को अपना रोल नंबर और आवेदन क्रमांक दर्ज करना होगा। यह द्वितीय परीक्षा उन विद्यार्थियों के लिए आयोजित की गई थी, जो मुख्य परीक्षा में सफल नहीं हो सके थे या अपने प्राप्त अंकों में सुधार करना चाहते थे। ऐसे छात्रों को एक और अवसर देने के उद्देश्य से बोर्ड ने यह परीक्षा आयोजित की थी। बोर्ड ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय यानी शाम 4 बजे के बाद ही वेबसाइट पर परिणाम देखें। रिजल्ट जारी होने के बाद पोर्टल पर अधिक ट्रैफिक की संभावना को देखते हुए छात्रों को धैर्य रखने की भी सलाह दी गई है। recent visitors 61

BU की प्रशासनिक अव्यवस्थाओं पर ABVP का विरोध,अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे छात्र,वीसी के इस्तीफे की मांग

ABVP protests against administrative mismanagement at BU; students stage an indefinite sit-in and demand the VC’s resignation. भोपाल। ABVP protests against administrative बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय (बीयू) में व्याप्त प्रशासनिक और अकादमिक अव्यवस्थाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने गुरुवार से विश्वविद्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। परिषद ने कुलपति के इस्तीफे और विश्वविद्यालय में धारा-52 लागू कर शासन से सीधे हस्तक्षेप की मांग की है। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों की समस्याओं के निराकरण की मांग उठाई। परीक्षा परिणामों में देरी से छात्रों में नाराजगी ABVP protests against administrative एबीवीपी का आरोप है कि एमबीए प्रथम और तृतीय सेमेस्टर सहित कई स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम महीनों से लंबित हैं। पुनर्मूल्यांकन के नतीजे भी लंबे समय से घोषित नहीं किए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों का शैक्षणिक और व्यावसायिक भविष्य प्रभावित हो रहा है। परिषद का कहना है कि विश्वविद्यालय का अकादमिक कैलेंडर पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है। पीएचडी प्रवेश और भर्ती प्रक्रिया भी प्रभावित ABVP protests against administrative विद्यार्थी परिषद ने आरोप लगाया कि लंबे समय से पीएचडी प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन नहीं किया गया है। वहीं शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी लंबित है। परिषद का कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण छात्रों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रावास और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल ABVP protests against administrative एबीवीपी ने छात्रावासों की बदहाल स्थिति, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और नर्सिंग कॉलेजों की प्रवेश प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर भी नाराजगी जताई है। परिषद का कहना है कि छात्रों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। विश्वविद्यालय की संबद्धता प्रक्रिया, टेंडरों, गोपनीय प्रिंटिंग कार्यों और अन्य प्रशासनिक फैसलों में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है। एबीवीपी का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था से छात्र, शिक्षक, कर्मचारी और संबद्ध महाविद्यालय सभी प्रभावित हो रहे हैं। यह भी पढ़ें – नर्मदा से राष्ट्रीय उद्यानों तक, मध्य प्रदेश की कहानी जो हर भारतीय को जाननी चाहिए कुलपति के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन एबीवीपी ने स्पष्ट किया है कि जब तक कुलपति इस्तीफा नहीं देते और छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। परिषद ने कहा कि विश्वविद्यालय में जवाबदेही तय किए बिना हालात नहीं सुधरेंगे। recent visitors 41