गांधी जयंती पर 5 बंदियों को मिली रिहाई, 14 साल की सजा पूरी करने के बाद जेल से हुए मुक्त

Five prisoners released on Gandhi Jayanti; freed from jail after completing 14-year sentences. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर। गांधी जयंती के अवसर पर शासन की माफी योजना के तहत मध्यप्रदेश में बंदियों को रिहाई का लाभ दिया गया। जारी दस्तावेज के अनुसार 2 अक्टूबर 2026 को 5 बंदियों को जेल से रिहा किया गया। इनमें जबलपुर, सिवनी, बालाघाट और कटनी जिले से संबंधित बंदी शामिल हैं। जेल अभिलेख में दर्ज जानकारी के मुताबिक, जबलपुर जिले के संदीप वंशकार, सिवनी जिले के शोमलाल उर्फ जमादार, बालाघाट जिले के गणेश और शोवेंद्र सिंह, तथा कटनी जिले के निरंजन सिंह को 2 अक्टूबर 2026 को रिहाई दी गई।दस्तावेज में बंदियों की वर्तमान आयु क्रमशः 49, 60, 62, 52 और 39 वर्ष दर्ज है। इनमें कुछ बंदियों के रिकॉर्ड वर्ष 2013, 2015, 1997 और 2016 से संबंधित हैं। शासन द्वारा गांधी जयंती के अवसर पर पात्र बंदियों को माफी का लाभ दिए जाने के तहत यह रिहाई की गई है। उपलब्ध दस्तावेज में सभी पांचों बंदियों के सामने रिहाई दिनांक 02.10.2026 दर्ज है।जेल रिकॉर्ड पर उप जेल अधीक्षक, केंद्रीय जेल जबलपुर की ओर से प्रमाणन भी दर्ज है। recent visitors 21

भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हेमांग जोशी का संस्कारधानी में प्रथम आगमन पर डुमना एयरपोर्ट पर भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत

BJYM workers accorded a grand welcome to BJYM National President Dr. Hemang Joshi at Dumna Airport upon his maiden visit to Sanskardhani. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद डॉ. हेमांग जोशी के संस्कारधानी जबलपुर में प्रथम आगमन पर डुमना एयरपोर्ट पर आत्मीय अभिनंदन एवं स्वागत किया गया। इस अवसर पर मयंक मिश्रा एवं अनिकेत चौरसिया ने उनका स्वागत करते हुए उन्हें द्वारकाधीश का पावन चित्र भेंट किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा के अवसर पर आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘सेवा यात्रा’ के क्रम में डॉ. हेमांग जोशी का जबलपुर आगमन हुआ। इस अवसर पर भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर सहित युवा मोर्चा के ऊर्जावान पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सांसद आशीष दुबे, भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, विधायक डॉ. अभिलाष पांडे, अशोक रोहाणी, नीरज सिंह, निगम अध्यक्ष रिंकू बिज, भाजपा नगर महामंत्री रंजीत पटेल, पंकज दुबे, अमित बचवानी, भाजयुमो प्रदेश महामंत्री राकेश परस्ते, भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष योगेंद्र सिंह, जय रोहाणी, भाजयुमो ग्रामीण अध्यक्ष पंकज तिवारी, भाजयुमो महामंत्री रौनक अग्रवाल, रविंद्र तिवारी सहित भाजयुमो नगर एवं ग्रामीण के पदाधिकारी एवं युवा साथी उपस्थित रहे। भाजयुमो राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद डॉ. हेमांग जोशी के प्रथम जबलपुर आगमन को लेकर युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं में उत्साह का वातावरण रहा। कार्यकर्ताओं ने उनका आत्मीय स्वागत करते हुए आगामी सेवा एवं जनहित से जुड़े अभियानों में सक्रिय सहभागिता का संकल्प व्यक्त किया। recent visitors 26

MP BJP में नई रणनीति: गुटबाजी खत्म करने और योजनाओं को आगे रखने पर जोर

MP BJP में गुटबाजी खत्म करने और संगठन में बेहतर समन्वय बढ़ाने पर नए प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देव ने जोर दिया है। शुरुआती संगठनात्मक बैठकों में पार्टी के भीतर संवाद मजबूत करने, सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने तथा केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर चर्चा हुई। MP BJP में गुटबाजी भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देव के संगठनात्मक दौर की शुरुआती बैठकों में पार्टी के भीतर संवाद और सत्ता-संगठन के बीच बेहतर समन्वय का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। प्रदेश पदाधिकारियों, संभाग प्रभारियों और मोर्चा अध्यक्षों की बैठक में संगठन को गुटों से ऊपर उठकर काम करने और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। वहीं, कोर ग्रुप की बैठक में भी संगठन और सरकार के कामकाज से जुड़े कुछ मुद्दों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। MP BJP में गुटबाजी : बूथ से सरकार की योजनाओं तक संगठन का फोकस जानकारी के अनुसार, प्रदेश प्रभारी ने संगठन के पदाधिकारियों और प्रभारियों से कहा कि कहीं भी आपसी मतभेद या MP BJP में गुटबाजी की स्थिति है तो पहले बातचीत और संवाद के जरिए उसे दूर किया जाए। इसके लिए जिला और संभाग स्तर पर सक्रियता बढ़ाने को कहा गया है। बताया जाता है कि जो लोग समझाइश के बाद भी संगठन के साथ समन्वय नहीं बना रहे हैं, उनकी जानकारी प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। देव ने संगठन में जिम्मेदारी मिलने और हटने को सामान्य प्रक्रिया बताते हुए कार्यकर्ताओं से लगातार संवाद बनाए रखने पर जोर दिया। उनका संदेश यह रहा कि पद या दायित्व में बदलाव के कारण कार्यकर्ता संगठन से दूर न हों। शालीनता, अनुशासन और संवाद को पार्टी की कार्यशैली का हिस्सा बनाए रखने की बात भी कही गई। नेताओं की तस्वीरों की जगह योजनाओं को मिलेगी जगह बैठक में संगठन के प्रचार के तरीके पर भी जोर दिया गया। पदाधिकारियों से कहा गया कि होर्डिंग और बैनर में नेताओं की बड़ी तस्वीरों के बजाय केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं तथा उनके लाभ को प्रमुखता दी जाए। जेसीबी से फूल बरसाने और बड़े स्वागत की बजाय सादगी पर जोर देने का संदेश भी दिया गया। संगठन की ओर से कार्यकर्ताओं को यह जिम्मेदारी देने की बात कही गई कि वे यह भी देखें कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में पात्र लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं। यानी संगठन की भूमिका केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित न रहकर योजनाओं की जमीनी पहुंच से भी जोड़ने पर जोर दिया गया। कोर ग्रुप में सामने आए समन्वय से जुड़े मुद्दे इस बीच नए प्रदेश प्रभारी की मौजूदगी में हुई पहली कोर ग्रुप बैठक को लेकर सूत्रों के हवाले से सत्ता और संगठन के कामकाज से जुड़े कुछ मुद्दों पर चर्चा की जानकारी सामने आई है। बताया जाता है कि बैठक में मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं की ओर से प्रशासनिक स्तर पर समन्वय और कामकाज से जुड़ी अपनी बातें रखी गईं। जानकारी के अनुसार, कुछ नेताओं ने अधिकारियों के साथ काम करने में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों का मुद्दा उठाया। वहीं, सरकार से जुड़े विभागों में सामने आने वाली घटनाओं और उनकी निगरानी को लेकर भी चर्चा हुई। कुछ नेताओं ने संगठन की स्थिति और कार्यकर्ताओं से बेहतर संपर्क की जरूरत बताई। बैठक में संगठन और सरकार के बीच संवाद मजबूत करने पर जोर दिए जाने की जानकारी है। अगला फोकस बूथ से सरकार की योजनाओं तक बिप्लब देव के शुरुआती दौर से यह संकेत मिला है कि प्रदेश संगठन में आने वाले समय में दो स्तरों पर काम बढ़ाया जाएगा। एक ओर बूथ और मंडल स्तर तक कार्यकर्ताओं से संवाद मजबूत करने पर जोर रहेगा, वहीं दूसरी ओर सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को ज्यादा प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाने की कोशिश होगी। ऐसे में नई प्रदेश टीम के सामने चुनौती केवल संगठन के भीतर समन्वय बढ़ाने की नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं को सरकार के काम से जोड़कर उसकी जानकारी जमीन तक पहुंचाने की भी है। आने वाले महीनों में जिला और संभाग स्तर की बैठकों के जरिए इस दिशा में आगे की रणनीति तय होने की संभावना है। recent visitors 30