पूर्व मंत्री पर दहेज प्रताड़ना का मामला हुआ दर्ज, बहू बोली-MBA बताकर कराई शादी, पति निकला 8वीं फेल, लगाए ये आरोप

 कुक्षी धार जिले के कुक्षी से विधायक और पूर्व पर्यटन मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल की बहू ने उनके परिवार के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया है। बहू ने एक वीडियो भी जारी किया जिसमें उन्होंने यह जानकारी दी। पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है। पुलिस मंगलवार को पूर्व मंत्री और उनके परिवार के आरोपित सदस्यों को नोटिस देगी। दहेज प्रताड़ना के सारे मामले जमानती हैं, इसलिए आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। पुलिस नोटिस भेजकर मामला कोर्ट में पेश करेगी। बहू का आरोप है कि पूर्व मंत्री और उनके परिवार वालों ने उसे धोखा दिया। उन्होंने बताया कि उसे यह कहा गया था कि उसका पति एमबीए पास है और वह परिवार का व्यापार संभालता है, लेकिन असल में वह सिर्फ आठवीं पास है। यह मामला भोपाल के महिला थाना में दर्ज किया गया है। एसीपी महिला अपराध निधि सक्सेना ने बताया कि काम्या सिंह (पति देवेंद्र सिंह) ने शिकायत की है कि विधायक सुरेंद्र सिंह बघेल, उनकी पत्नी शिल्पा सिंह बघेल, मां चंद्रकुमार सिंह बघेल और बहन शीतल सिंह बघेल ने मिलकर उसके पति के बारे में गलत जानकारी दी। शादी से पहले बताया गया था कि देवेंद्र एमबीए कर चुका है और व्यापार संभालता है। लेकिन शादी के बाद पता चला कि वह एमबीए नहीं है, सिर्फ आठवीं पास है। वह शराब भी पीता है और परिवार के व्यवसाय या संपत्ति में उसकी कोई हिस्सेदारी नहीं है। मारपीट और दहेज प्रताड़ना का आरोप कांग्रेस विधायक और अन्य सभी आरोपियों पर मारपीट करने, दहेज में स्काॉर्पियो कार मांगने, प्रताड़ित करने और असली जानकारी छिपाकर शादी कराने के आरोप हैं. पुलिस इस मामले में मंगलवार को सभी आरोपियों को गिरफ्तारी नोटिस जारी करने की तैयारी में हैं. शिकायतकर्ता की ओर से पुलिस को मारपीट और धमकाते हुए वीडियो भी सौंपे गए थे. जिनके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है. सभी धाराएं जमानती बताई जा रही हैं. बहू ने लगाए आरोप बहू काम्या सिंह बघेल के अनुसार, वह 34 साल की हैं. शीतल सिंह बघेल ने उनकी शादी कराई थी. शादी से पहले बताया गया था कि पति देवेंद्र सिंह एमबीए हैं, उनका अच्छा बिजनेस है. शादी के बाद पता लगा कि पति 8वीं फेल हैं. पारिवारिक बिजनेस से उन्हें दूर रखा जाता है, क्योंके वे शराब पीने के आदि हैं. जब पति की सच्चाई सामने आई तब जेठ और सास से इस बारे में बात की तो उन्होंने धमकाना शुरू कर दिया. आए दिन मारपीट की जाने लगी. घर से निकाला, केस में फंसाने की धमकी दी काम्या सिंह के मुताबिक, पति दबाव बनाकर तलाक के पेपर साइन कराना चाहते थे. जब इनकार किया तो मेरे खिलाफ षड्यंत्र किए जाने लगे. मुझे और मेरे मायके वालों को झूठे एससी-एसटी के केस में फंसाने की धमकी दी जाने लगी. काम्या ने आरोप लगाया कि उन्हें घर से निकाल दिया गया. परेशान करने के लिए बच्चों की स्कूल फीस तक देना बंद कर दी गई. इसके बाद थाने में शिकायत की. जांच के बाद भोपाल की महिला थाना पुलिस ने केस दर्ज कर दिया है. गिरफ्तारी के लिए नोटिस जारी करेगी पुलिस एसीपी महिला अपराध निधि सक्सेना ने बताया कि विधायक हनी सिंह बघेल सहित पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है. केस की जांच कराई जा रही है. जल्द गिरफ्तारी के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे. काम्या ने लगाए ये आरोप काम्या ने कहा है कि उन्हें गलत जानकारी देकर शादी कराई गई। जब उन्होंने इस शादी के खिलाफ बात की तो परिवार के लोग उनके साथ गलत व्यवहार करने लगे और धमकी देने लगे ताकि वह चुप रहें। उसके साथ रोज मारपीट भी होती है और उनके बच्चों की स्कूल फीस भी नहीं दी जा रही है। जब काम्या ने आवाज उठाई तो उन्हें घर से भी निकाल दिया गया। काम्या का यह भी कहना है कि उन पर दबाव बनाया गया कि वे तलाक के कागजात पर जबरदस्ती दस्तखत करें, लेकिन वे ऐसा करने से मना कर दिया। उनके मायके वालों को झूठे एससी एसटी केस में फंसाने की धमकी भी दी गई। कुछ दिन पहले तक काम्या भोपाल में थीं, लेकिन अब वह धार जिले के कुक्षी में हैं। काम्या ने इस मामले की जानकारी देने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया है।   recent visitors 44

व्यापमं मामले के आरोपी डॉ सुधीर शर्मा को एमपी हाईकोर्ट से बड़ी राहत, चारों FIR रद्द

भोपाल  व्यापमं घोटाले की जांच के बाद सीबीआई ने डॉ सुधीर शर्मा को चार प्रकरण में आरोपी बनाते हुए न्यायालय में उनके खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। इसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में चार याचिकाएं दायर की गयी थी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने दायर याचिकाओं की संयुक्त रूप से सुनवाई करते हुए चारों एफआईआर को निरस्त करने के आदेश जारी किए है। विस्तृत आदेश फिलहाल प्रतिक्षित है। एसआईटी ने सुधीर शर्मा को जांच में पाया था दोषी दरअसल, व्यापमं घोटाले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने डॉ सुधीर शर्मा को प्रारंभिक जांच में दोषी माना था। इसके बाद चार मामलों में दोषी पाते हुए उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था। इसके बाद व्यापमं घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी गयी थी। चार परीक्षाओं से जुड़े थे केस सुधीर शर्मा पर व्यापमं घोटाले के तहत वर्ष 2011 से 2013 के बीच हुई विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं- संविदा शिक्षक वर्ग-2 (2011), उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा (2012), पुलिस कांस्टेबल परीक्षा (2012) और वनरक्षक परीक्षा (2013) में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर चार अलग-अलग केस दर्ज किए गए थे। दो साल जेल में रहे थे सुधीर शर्मा बता दें कि व्यापमं घोटाले का खुलासा वर्ष 2013 में हुआ था। आरोपी बनाए जाने के बाद खनन कारोबारी और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सुधीर शर्मा ने जुलाई 2014 में भोपाल जिला अदालत में आत्मसमर्पण किया था। करीब दो वर्षों तक जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था। शर्मा का संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और विज्ञान भारती जैसे संगठनों से भी रहा है। CBI को सौंपी गई थी जांच व्यापमं घोटाले की शुरुआती जांच विशेष जांच टीम (SIT) कर रही थी, लेकिन बढ़ते दबाव और राष्ट्रीय स्तर पर मामला गूंजने के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। शर्मा पर परीक्षा नियंत्रक पंकज त्रिवेदी की नियुक्ति में सिफारिश करने और परीक्षा प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे थे, लेकिन कोर्ट ने पाया कि इन आरोपों के समर्थन में कोई निर्णायक साक्ष्य नहीं हैं। इन मामलों में बनाया था आरोपी सीबीआई ने उनके खिलाफ सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2012, पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा 2012, संविदा शाला शिक्षक भर्ती वर्ग 2 परीक्षा 2011 और वन रक्षक भर्ती परीक्षा 2013 में हुई धांधली में आरोपी बनाते हुए न्यायालय के समक्ष चालान प्रस्तुत किया था। जिसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। याचिकाकर्ता के वकील की दलील याचिकाकर्ता की तरफ से पैरवी करते हुए अधिवक्ता कपिल शर्मा ने युगलपीठ को बताया कि याचिकाकर्ता ने सभी चार मामलों में किसी भी व्यक्ति से आर्थिक संव्यवहार नहीं किया गया है। सीबीआई की चार्जशीट और एक्सेल शीट में इस बात का कहीं उल्लेख नहीं किया गया है। याचिकाकर्ता ने किसी तरह का आर्थिक लाभ अर्जित किया है। दर्ज किए गए प्रकरण कुछ गवाहों के मेमोरेंडम के आधार पर दर्ज किए गए हैं। आर्थिक लाभ अर्जित करने के कोई साक्ष्य नहीं होने के कारण दर्ज एफआईआर निरस्त करने के योग्य है। युगलपीठ ने प्रकरण में साक्ष्यों के अभाव में चारों प्रकरण में एफआईआर निरस्त करने के आदेश जारी किए हैं। recent visitors 38

MP में आज भी जारी रहेगा आंधी-बारिश का दौर, 40 जिलों में बारिश का अलर्ट, भीगेंगे ये बड़े शहर

भोपाल मध्यप्रदेश में सात सिस्टम की एक्टिविटी है। एक टर्फ तो प्रदेश के बीचों बीच से गुजर रही है। इस वजह से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया है। मंगलवार को भी आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत 40 जिलों में तेज आंधी चलने और बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, ग्वालियर-चंबल में पहले लू का अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन सिस्टम की एक्टिविटी की वजह से अगले 4 दिन तक बारिश होने के आसार है। सोमवार को 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। आज इन जिलों में अलर्ट मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए जिन जिलों में अलर्ट जारी किया है, उनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच शामिल हैं। यहां 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक आंधी चल सकती है। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश भी होगी। इधर, रीवा के जवा तहसील के चटेह गांव में आज सुबह करीब 7 बजे बिजली की तार की चपेट में आने से 59 साल के किसान गोपीकृष्ण मिश्रा की मौत हो गई। हादसे में उनकी दो भैंसें भी मर गईं। स्थानीय लोगों ने मुताबिक सोमवार को आए आंधी-तूफान में कई पेड़ों के साथ बिजली के पोल और लाइनें टूट गई थीं। इसमें चटेह गांव के पास से गुजर रही 11 केवी की विद्युत लाइन भी टूटकर जमीन पर गिर गई थी। इससे पहले सोमवार को 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। इंदौर के महू और बड़वानी में तो घरों की टिन शेड भी उड़ गईं। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सात सिस्टम की एक्टिविटी है। एक टर्फ तो प्रदेश के बीचोंबीच से गुजर रही है। इस वजह से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, ग्वालियर-चंबल में पहले लू का अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन सिस्टम की एक्टिविटी की वजह से अगले 4 दिन तक बारिश होने के आसार है। 30 से 50Km/प्रतिघंटा रहेगी आंधी की रफ्तार मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए जिन जिलों में अलर्ट जारी किया है, उनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच शामिल हैं। यहां 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक आंधी चल सकती है। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश भी होगी। इंदौर के महू में घरों की टिन उड़ी, 15 जिलों में बारिश इससे पहले सोमवार को भी आंधी, बारिश का दौर जारी रहा। इंदौर के महू में आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि घरों की टिन उड़ गईं। भोपाल में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। देवास, दमोह, गुना सागर, छिंदवाड़ा, रायसेन, बड़वानी, मऊगंज, रतलाम और बीना में भी पानी गिरा। सीधी में सवा इंच पानी गिर गया। शिवपुरी में आधा इंच बारिश हुई। बड़वानी के सेंधवा ब्लॉक के बिजासन घाट क्षेत्र में आधे घंटे आंधी से कई कच्चे मकानों की छतें उड़ गईं। मंदिर क्षेत्र में लगी गुमटियां भी उड़ गईं। एक मकान की दीवार भी गिर गई। दमोह में तेज हवा की वजह से बिजली गुल हो गई। महू में मध्य भारत अस्पताल में एक पेड़ शेड पर गिर गया। जिससे दो युवक घायल हो गए। सीधी जिले में एक नाबालिग बालक आकाशीय बिजली की चपेट में आ गया। हादसे में गंभीर रूप से झुलस गया। खजुराहो में पारा रिकॉर्ड 46 डिग्री पहुंचा प्रदेश में सोमवार को तेज गर्मी, आंधी और बारिश का दौर रहा। छतरपुर जिले के खजुराहो में पारा रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सीजन में पहली बार इतना पारा पहुंचा है। वहीं, नौगांव में 44.7 डिग्री, टीकमगढ़ में 44.6 डिग्री, शिवपुरी में 44 डिग्री रहा। इसी तरह सतना में 43.2 डिग्री, ग्वालियर में 43.1 डिग्री, दमोह में 43 डिग्री, सीधी में 42.8 डिग्री, गुना में 42.7 डिग्री, सागर में 41.7 डिग्री, रीवा में 41.4 डिग्री, मंडला में 41 डिग्री, शाजापुर में 40.8 डिग्री, उमरिया में 40.5 डिग्री, रतलाम में 40.4 डिग्री और नर्मदापुरम में 40.2 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 40.2 डिग्री, इंदौर में 38.6 डिग्री, उज्जैन में 40.5 डिग्री, जबलपुर में 40.7 डिग्री सेल्सियस रहा। मध्य प्रदेश में अगले चार दिन ऐसा रहेगा मौसम   20 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड,दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच में बारिश होने की संभावना है। यहां हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। 21 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, छतरपुर,रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। इन जिलों में तेज आंधी भी चल सकती है। 22 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने का अलर्ट है। हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। 23 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। recent visitors 77

अहमदाबाद नगर निगम ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ दूसरे चरण का अभियान शुरू किया, 8 हजार अवैध निर्माण होंगे ध्वस्त

अहमदाबाद  गुजरात के अहमदाबाद शहर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का एक्शन जारी है। अहमदाबाद नगर निगम ने अवैध अधिक्रमण हटाने के लिए दूसरे चरण का अभियान शुरू कर दिया है। इसके तहत 2.5 लाख वर्ग मीटर की भूमि से अतिक्रमण हटाया जाना है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, चंदोला क्षेत्र में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का काम शुरू भी कर दिया है। मौके पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है। बता दें कि पहले चरण के अभियान में 1.5 लाख वर्ग मीटर की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया था। बांग्लादेशी नागरिकों का ठिकाना बन चुका है चंडोला तालाब पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने कहा कि ये अवैध निर्माण अवैध बांग्लादेशी नागरिकों का ठिकाना बन चुके थे. पिछले महीने शहर में 250 अवैध बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए थे, जिनमें से 207 चंडोला तालाब के अवैध निर्माणों में रहते थे और गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े थे. इससे पहले साल 2009 में 95 अवैध बांग्लादेशी पकड़े गए थे, तब भी यहां डिमोलिशन किया गया था. डिमोलिशन के दूसरे चरण के दौरान एक जेसीपी, एक एडीसीपी, 6 डीसीपी, एसीपी, और पीआई सहित कुल 3 हजार से ज्यादा पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे. 25 एसआरपी कंपनियां भी मौजूद रहेंगी. पहले चरण के दौरान स्थानीय लोगों ने गुजरात हाईकोर्ट में जाकर डिमोलिशन रोकने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने तालाब पर बने सभी निर्माणों को अवैध बताते हुए  डिमोलिशन पर रोक नहीं लगाई थी. इसके बाद प्रशासन ने 4 हजार अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए थे. अब दूसरे चरण में बाकी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करके तालाब का हिस्सा खाली करवाया जाएगा. प्रशासन यह भी सुनिश्चित करेगा कि इस खाली जगह पर दोबारा कोई अवैध निर्माण न हो.     शहर के पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने बताया कि दो शिफ्ट में पुलिस के करीब 3000 कर्मियों और एसआरपी की 25 कंपनियों को तैनात किया गया है। अतिक्रमण हटाए जाने की प्रक्रिया अगले 3-4 दिनों तक चल सकती है।     प्रभावित क्षेत्रों में दो दिन से लाउडस्पीकर से घोषणा कर लोगों से घर खाली करने की अपील की गई थी। चंदोला क्षेत्र में बिना कानूनी दस्तावेज के काफी अवैध बांग्लादशी रहते थे। इसमें से अधिकतर को अब डिपोर्ट किया जा चुका है।     दावा था कि क्षेत्र के कुछ हिस्सों का इस्तेमाल अवैध गतिविधियां संचालित करने के लिए भी किया जा रहा था। 2010 से पहले क्षेत्र में रहने वाले लोगों को ईडब्ल्यूएस आवास के लिए वार्ड कार्यालय से फॉर्म लेने को कह दिया गया है। सुरक्षाबल इलाके में गश्त कर रहे हैं। अधिकारियों ने दी जानकारी अहमदाबाद के डीसीपी रवि मोहन सैनी ने कहा, 'ये पूरा तालाब का एरिया है। इसमें जो भी निर्माण किया गया है, वो अवैध है। इसलिए आज इसे हटाया जा रहा है। पहले चरण में हमने जब अतिक्रमण हटाया था, तब कई अवैध बांग्लादेशी प्रवासी पकड़े गए थे। उनके खिलाफ डिपोर्टेशन की कार्रवाई शुरू की गई थी। ज्यादातर मकान अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के बता दें कि इससे पहले 29 और 30 अप्रैल को अभियान के पहले चरण में लगभग 3 हजार अवैध मकानों को ध्वस्त किया गया था, जिनमें ज्यादातर अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के थे। दूसरे चरण में भी प्रशासन ढाई हजार से ज्यादा अवैध निर्माणों को निशाना बना रहा है। बता दें कि गुजरात पुलिस ने पिछले कुछ हफ्तों में हजारों अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है, जिनमें से बड़ी संख्या में अहमदाबाद में रह रहे बांग्लादेशी भी शामिल हैं। चंदोला लेक इलाके में चल रही इस कार्रवाई का मकसद अवैध कब्जों को हटाना और घुसपैठियों पर नकेल कसना है। अवैध कब्जे की शुरुआत 1970-80 के दशक में हुई चंदोला लेक का इलाका लंबे समय से अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों का गढ़ बना हुआ था, जहां मानव तस्करी और जाली दस्तावेजों का जाल फैला हुआ था। इस इलाके में अवैध कब्जे की शुरुआत 1970-80 के दशक में हुई, जब यहां बड़ी संख्या में प्रवासी बस्तियां बसाई गईं। 2002 में एक NGO ने इस क्षेत्र में सियासत नगर नाम से बस्ती बसाई थी। इसके बाद 2010 से 2024 के बीच चंदोला झील की जमीन पर अवैध कब्जों में तेजी आई। प्रशासन के अनुसार, इस इलाके में लोगों ने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण किए, जिनमें कई अवैध बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल थे। अवैध कब्जे की शुरुआत कब हुई? लंबे समय से चंदोला लेक का इलाका अवैध बांग्लादेशियों का गढ़ बना हुआ था, जहां ह्यूमन ट्रैफिकिंग और फेक डॉक्यूमेंट्स का जाल फैला था। अवैध कब्जे की शुरुआत 1970 में हुई, जब यहां बड़ी संख्या में माइग्रेंट के लिए बस्तियां बसाई गईं। 2002 में एक NGO ने इस एरिया में सियासत नगर नाम से एक बस्ती बसाई थी। इसके बाद 2010 से लेकर 2024 के बीच चंदोला झील की जमीन पर अवैध कब्जे बढ़ोतरी होने लगी। प्रशासन के मुताबिक, इस इलाके में लोगों ने कई बड़े अवैध निर्माण किए, जिनमें कई बांग्लादेशी नागरिक भी मौजूद थे। स्थानीय लोगों ने की थी ये मांग गुजरात हाईकोर्ट में पहली स्टेज के दौरान लोकल लोगों ने जाकर डिमोलिशन रोकने को लेकर मांग की थी, लेकिन गुजरात कोर्ट ने तालाब पर बने सभी निर्माणों को अवैध करार देते हुए डिमोलिशन पर रोक नहीं लगाई थी। इसके बाद प्रशासन ने 4 हजार अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए थे। अब दूसरी स्टेज में बाकी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करके तालाब का हिस्सा खाली करवाया जाएगा। प्रशासन यह भी नजर रखेगा कि खाली जगह पर फिर दोबारा कोई अवैध निर्माण न हो। recent visitors 55

‘सिलिकॉन सिटी’ के घर-दफ्तरों में पानी, साल की सबसे अधिक बारिश, 6 घंटे बरसते रहे मेघ

बेंगलुरु बेंगलुरु में साल की सबसे भारी बारिश ने सोमवार को तीन लोगों की जान ले ली। छह घंटे की मूसलाधार वर्षा ने बारिश के कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। सबसे दुखद हादसा BTM लेआउट में हुआ, जहां एक अपार्टमेंट परिसर में जमा पानी निकालते समय 63 वर्षीय एक बुजुर्ग और 12 साल के लड़के की करंट लगने से मौत हो गई। इससे पहले वाइटफ़ील्ड में भारी बारिश के चलते एक मकान की दीवार गिर गई, जिसमें 35 वर्षीय महिला हाउसकीपर की मौत हो गई। रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात शहर में छह घंटे से अधिक समय तक भारी बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में सड़कों, बेसमेंट और निचले इलाकों में जलभराव हो गया। जानकारी के अनुसार, हादसा सोमवार शाम करीब 6 बजे हुआ। मृतकों की पहचान मन्मोहन कामत (63) और दिनेश (12) के रूप में हुई है। दिनेश नेपाली मूल के एक कर्मचारी का बेटा था, जो उसी अपार्टमेंट में कार्यरत है। DCP साउथ ईस्ट डिवीजन सारा फातिमा ने बताया, “कामत ने बाहर से मोटर मंगवाई थी और उसे बिजली से जोड़कर बेसमेंट में जमा पानी निकालने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान शॉर्ट सर्किट से उन्हें करंट लग गया। दिनेश जो उनकी मदद कर रहा था, उसे भी करंट लग गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।” दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सेंट जॉन्स अस्पताल भेजा गया है। वाइटफ़ील्ड में महिला की मौत बारिश के कारण वाइटफ़ील्ड में एक कंपाउंड वॉल गिर गई, जिसकी चपेट में आकर 35 वर्षीय महिला हाउसकीपर की मौत हो गई। उधर मामले में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि बेंगलुरु में 210 बाढ़ संभावित क्षेत्रों की पहचान की गई है, जिनमें से 166 में समस्या का समाधान हो चुका है। 24 स्थानों पर काम जारी है और शेष 20 पर जल्द काम शुरू होगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने 197 किमी लंबी स्टॉर्म वॉटर ड्रेन बनाई है और इसके लिए ₹2000 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। ट्रैफिक पुलिस ने 132 जलभराव वाले स्थानों की सूची दी है, जिनमें से 82 ठीक किए जा चुके हैं, जबकि 41 पर कार्य प्रगति पर है। शिवकुमार ने कहा, “बारिश हमारे नियंत्रण में नहीं है, लेकिन हम बाढ़ वाले इलाकों की पहचान कर समाधान कर रहे हैं और लोगों को राहत पहुंचाने पर ध्यान दे रहे हैं।”   recent visitors 68

CM रेखा गुप्ता सरकार ने MLA का LAD फंड 15 करोड़ से घटाकर 5 करोड़ किया, AAP सरकार ने पिछले ही साल बढ़ाया था

नई दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के बाद परिवर्तनों का दौर चल रहा है. रेखा गुप्ता की अगुवाई वाली सरकार ने अब विधायकों के लिए लोकल एरिया डेवलपमेंट (एलडीए) फंड पर कैंची चला दी है. दिल्ली सरकार ने अब विधायकों की विकास निधि 15 करोड़ से घटाकर 5 करोड़ कर दिया है. विधायक निधि में कटौती का दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने आधिकारिक ऐलान कर दिया है. दिल्ली सरकार के शहरी विकास विभाग ने विधायक निधि कम किए जाने से संबंधित आदेश जारी कर दिया है. शहरी विकास विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक हर विधानसभा क्षेत्र के लिए विधायक निधि को पांच करोड़ रुपये वार्षिक करने का निर्णय 2 मई को हुई कैबिनेट मीटिंग में लिया गया था. विभाग की ओर से कहा गया है कि कैबिनेट निर्णय संख्या 3187, दिनांक 2 मई 2025 के अनुपालन के क्रम में विधायकों को क्षेत्र के विकास के लिए पांच करोड़ रुपये वार्षिक फंड दिया जाएगा. विधायक निधि में कटौती करने का रेखा गुप्ता कैबिनेट का यह फैसला चालू वित्त वर्ष (वित्तीय वर्ष 2025-26) से लागू होगा. शहरी विकास विभाग की ओर से जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि यह एक अनटाइड फंड है. इस फंड का उपयोग विधायक पूंजीगत प्रकृति के स्वीकृत कार्यों के साथ ही बिना किसी सीमा के संपत्तियों की मरम्मत और रखरखाव के लिए खर्च किया जा सकता है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बीजेपी के एक विधायक ने कहा कि विधायक निधि के लिए सरकार ने 350 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिसे 70 विधायकों में बांटा जाना है. प्रत्येक विधायक को पांच करोड़ क्षेत्र के विकास के लिए मिलेंगे. गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार के समय वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 में विधायकों को एलएडी फंड के तहत चार-चार करोड़ रुपये मिले थे. वित्तीय वर्ष 2023-24 में एलएडी फंड के तहत दी जाने वाली धनराशि सरकार ने बढ़ाकर सात करोड़ रुपये कर दिया था. 2024-25 में एलएडी फंड 10 करोड़ हुआ और पिछले ही साल दिल्ली विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले आम आदमी पार्टी की सरकार ने इसे 10 करोड़ से बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये वार्षिक करने का ऐलान कर दिया था.   recent visitors 57

उप्र में दो ट्रेनों को डिरेल करने की साजिश हुई नाकाम, लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

हरदोई उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में अराजकतत्वों द्वारा दो ट्रेनों को डिरेल करने की बड़ी साजिश को लोको पायलट की सजगता से नाकाम कर दिया गया है. यह पूरी घटना दलेलनगर और उमरताली स्टेशन के बीच घटी है. वहीं घटना की सूचना मिलते ही एसपी ने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए हैं. दोनों ट्रेनों को डिरेल करने की यह घटना दलेलनगर और उमरताली स्टेशन के बीच की है. यहाx राजधानी एक्सप्रेस (20504) जब लखनऊ की ओर जा रही थी तभी अराजकतत्वों ने डाउन ट्रैक पर अर्थिंग वायर से लकड़ी का गुटखा बांधकर ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश की लेकिन लोको पायलट ने समय रहते खतरे को देखते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया और ट्रैक से अवरोध हटाने के बाद रेल अधिकारियों को सूचना दी. इसके बाद जब राजधानी एक्सप्रेस सकुशल गुजर गई तो पीछे आ रही काठगोदाम एक्सप्रेस (15044) को भी डिरेल करने की कोशिश की गई है. हालांकि, इस बार भी लोको पायलट की सूझबूझ और तत्परता से हादसा टल गया. घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी,आरपीएफ और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है. फिलहाल पूरे मामले की छानबीन जारी है. इस मामले में पुलिस ने प्रेस नोट जारी करते हुए बताया है कि कछौना थाना क्षेत्र के दलेलनगर और उमर ताली रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेन की पटरी पर लकड़ी का टुकड़ा पड़े होने की सूचना प्राप्त हुई थी सूचना पर जीआरपी वह स्थानीय पुलिस द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया. जांच करने के दौरान लकड़ी का एक टुकड़ा लोहे की पट्टी से बना हुआ था प्रकरण के संबंध में रेलवे विभाग स्थानिक पुलिस द्वारा घटना के समस्त बिंदुओं पर गहनता से जांच की जा रही है साथी ही पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन के द्वारा भी घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और आसपास के रहने वाले व्यक्तियों से घटना के संबंध में जानकारी ली गई एवं संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं.   recent visitors 68