MP के ग्वालियर में खौफनाक एक्सीडेंट: ट्रक ने कार को 1 किलोमीटर तक घसीटा, बाल-बाल बचे लोग

ग्वालियर एनएच-44 पर बझेरा से कल्याणी तिराहे के बीच एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक ट्रक कार को लगभग एक किलोमीटर तक घसीटते हुए नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि कार में चार लोग सवार थे। सभी सुरक्षित हैं। घटना के दौरान हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया। इस घटना के बाद नेशनल हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। recent visitors 31

ईरान में उभरा गुस्सा, ‘इंतकाम का झंडा’ बन गया जंग का संकेत?

नई दिल्ली ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद देश में तनाव और गहरा गया है। उनकी मौत के तुरंत बाद क़ोम शहर की मशहूर जामकरान मस्जिद के गुंबद पर लाल रंग का 'इंतकाम का झंडा' फहराया गया। इसे बदले और न्याय के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह लाल झंडा समर्थकों के गुस्से और बदले की भावना को दर्शाता है। जामकरान मस्जिद ईरान में धार्मिक रूप से बेहद अहम मानी जाती है, इसलिए वहां झंडा फहराना एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। बताया गया है कि खामेनेई की मौत शनिवार को तेहरान में हुए अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में हुई। ईरानी सरकारी मीडिया ने रविवार को उनकी मौत की पुष्टि की, जिसके बाद ईरान समेत कई देशों में शोक और प्रदर्शन शुरू हो गए। अमेरिका और इजरायल की प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने बयान जारी कर कहा कि खामेनेई इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक थे। उन्होंने इसे ईरानी जनता के लिए बड़ा मौका बताया कि वे अपने देश को वापस ले सकते हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ऐसे कई संकेत हैं कि यह तानाशाह अब जिंदा नहीं है। उन्होंने ईरान की जनता से अपील की कि वे एकजुट होकर मौजूदा शासन को खत्म करें और अपना भविष्य सुरक्षित करें। इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया कि खामेनेई इजरायल को खत्म करने की योजना के मुख्य योजनाकार थे। उनकी मौत की खबर आने के बाद तेहरान की सड़कों पर कुछ जगहों से खुशियों की आवाजें भी सुनी गईं, जबकि उनके निवास वाले इलाके के ऊपर काला धुआं देखा गया। ईरान में आगे की व्यवस्था खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने अस्थायी नेतृत्व की व्यवस्था की है। 66 वर्षीय धर्मगुरु अलीरेजा अराफी को तीन सदस्यीय अस्थायी नेतृत्व परिषद में शामिल किया गया है। सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, अराफी को परिषद में धार्मिक सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। इस परिषद में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और मुख्य न्यायाधीश गुलामहुसैन मोहसिनी एजई भी शामिल हैं। यह परिषद तब तक देश का नेतृत्व संभालेगी जब तक एक्सपर्ट्स की असेंबली नए सर्वोच्च नेता का चयन नहीं कर लेती। सरकारी मीडिया ने इस नियुक्ति की पुष्टि की है।   recent visitors 41

सभी डीएम और सीडीओ करेंगे मॉनिटरिंग, मच्छर जनित रोगों की रोकथाम पर भी विशेष फोकस

लखनऊ प्रदेश में होली पर्व को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता और मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के पुख्ता इंतजाम के निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत 2 से 4 मार्च तक पूरे प्रदेश की ग्राम पंचायतों में व्यापक स्वच्छता और सैनिटाइजेशन अभियान चलेगा। सीएम योगी ने अफसरों को त्योहार को लेकर सफाई व्यवस्था पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत सभी डीएम और सीडीओ मॉनिटरिंग करेंगे। सफाई के साथ फॉगिंग व एंटी लार्वा छिड़काव भी इस अभियान के तहत ग्रामीण इलाकों में कार्यक्रम स्थलों, घाटों, तालाबों, अमृत सरोवरों और स्नान स्थलों की सफाई, फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और अपशिष्ट निस्तारण जैसे कार्य किए जाएंगे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि होलिकोत्सव से पहले और बाद दोनों अवधि में कार्यक्रम स्थलों पर विशेष सफाई सुनिश्चित की जाए। जल निकासी की बेहतर व्यवस्था की जाएगी सुनिश्चित पंचायतीराज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने कहा है कि कार्यक्रम सम्पन्न होने के उपरांत सभी अपशिष्ट पदार्थों का समुचित निपटान किया जाए। ग्राम पंचायतों में निर्मित रूरल रिसोर्स सेंटर पर समस्त कचरा एकत्र किया जाए।  जलभराव वाले स्थलों की पहचान कर स्थायी उपायों के माध्यम से जल निकासी की व्यवस्था करने को कहा गया है, ताकि डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव हो सके।  स्थानीय ग्राम पंचायतों को सौंपी गई जिम्मेदारी सभी जिला पंचायतीराज अधिकारियों को विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा नदी-तालाबों या सरोवरों के घाटों की मरम्मत, रंगाई-पुताई और सुरक्षा इंतजाम की जिम्मेदारी भी स्थानीय ग्राम पंचायतों को सौंपी गई है। इस पूरे अभियान की सतत मॉनिटरिंग की जाएगी। recent visitors 42

उत्पात मचाने वाले चारों सलाखों के पीछे, जुलूस निकालकर दिखाई गई सख्ती

सूरजपुर जिले के झिलमिली थाना क्षेत्र के खाड़ापारा स्थित श्री कल्याण पेट्रोल पंप में शराब के नशे में उत्पात मचाने वाले चार आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपितों का जुलूस निकालकर क्षेत्र में कानून व्यवस्था का संदेश दिया, जिससे असामाजिक तत्वों में पुलिस का भय बना रहे। शनिवार रात झिलमिली पुलिस को सूचना मिली कि खाड़ापारा स्थित श्री कल्याण पेट्रोल पंप परिसर में कुछ युवक शराब पीकर विवाद कर रहे हैं और हंगामा मचा रहे हैं। सूचना की पुष्टि पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां निर्मल जायसवाल पिता स्व. रमेश जायसवाल (29), प्रीतम दुबे पिता गायत्री प्रसाद दुबे (35) और सूरज सिंह पिता सुकुल (29), सभी निवासी ग्राम बड़सरा, नशे की हालत में उत्पात मचाते मिले। इनका साथी अजय चक्रधारी पिता सुदामा चक्रधारी (30) भी कार क्रमांक सीजी 15 ईसी 8112 से नशे की हालत में वहां पहुंचा था। तीनों आरोपितों के चिकित्सीय परीक्षण में शराब सेवन की पुष्टि हुई। इसके बाद उनके विरुद्ध धारा 36-च (2) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया, जबकि अजय चक्रधारी के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई। थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी पेट्रोल पंप कर्मचारी राहुल राजवाड़े ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि अजय चक्रधारी अपने साथियों के साथ कार क्रमांक सीजी 29 एफ 9996 से तेज व लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए परिसर में घुसा, गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और मारपीट की। इस पर चारों आरोपितों के विरुद्ध बीएनएस की धारा 296, 115(2), 351(3), 3(5), 281 के तहत मामला दर्ज किया गया। कर्मचारी रिंकू राजवाड़े ने एक अन्य शिकायत में बताया कि 22 फरवरी को भी अजय चक्रधारी तेज रफ्तार कार लेकर पेट्रोल पंप परिसर में हंगामा कर रहा था। इस मामले में बीएनएस की धारा 281, 296, 3(5) तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184, 201 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। चारों आरोपितों गिरफ्तार पुलिस ने तीनों मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग, मारपीट और नशे में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। recent visitors 40

खामेनेई के निधन पर उबाल, कराची में भीड़ का तांडव, अमेरिकी दूतावास जलाया, 9 लोगों की गई जान

ईरान यूएस-इजरायल हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत की खबर फैलते ही पाकिस्तान के कराची शहर में अमेरिकी दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। अमेरिका के खिलाफ बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी लाठी डंडे लेकर जमा हो गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी। इससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद लोकल पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा और चेतावनी के तौर पर गोलियां चलानी पड़ीं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इसमें कम से कम 9 प्रदर्शनकारियों की मौत की खबर है।   आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े प्राप्त जानकारी के अनुसार हालात को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके अलावा, पुलिस ने एहतियातन चेतावनी के तौर पर हवाई फायरिंग भी की। यातायात प्रभावित, लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने सुल्तानाबाद को माई कोलाची से जोड़ने वाली सड़कों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। जिन्ना ब्रिज से आने वाले ट्रैफिक को I.I. चुंदरीगर रोड की ओर डायवर्ट किया गया, ताकि स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा जा सके और जाम की स्थिति न बने। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे फिलहाल उस क्षेत्र से दूर रहें, क्योंकि सुरक्षा बल विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भीड़ एंट्रेंस पर तोड़-फोड़ करती और कथित तौर पर बिल्डिंग के कुछ हिस्सों में आग लगाती दिख रही है। ईरान ने बदला लेने की कसम खाई बता दें कि खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने सार्वजनिक रूप से बदला लेने की कसम खाई है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अमेरिका के समर्पण तक कार्रवाई जारी रहेगी। हालांकि, इन घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है और क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को फिर दी चेतावनी वहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमला किया गया तो अमेरिका, ऐसा जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया। ट्रंप के अनुसार, अगर ईरान ने हमारी रेड लाइन पार की, तो उसे इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा। recent visitors 43

हर कॉलोनी चमकेगी: इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड के लिए विशेष फंड जारी

भोपाल प्रदेश में शहरीकरण तेजी से हो रहा है। बड़े शहरों के आसपास नई-नई कालोनियां बन रही हैं। इनमें अधोसंरचना विकास से जुड़े कामों को लेकर आमतौर पर शिकायतें आती हैं। नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि सभी काम एक साथ करवाए जा सकें, इसलिए जन सहयोग से काम कराए जाएंगे। इसके लिए जनभागीदारी का नया माडल लागू किया जाएगा। इसमें निकायों को विशेष फंड दिया जाएगा, जो पांच करोड़ रुपये तक हो सकता है। स्थानीय लोगों को कितनी राशि लगानी होगी, इसका निर्धारण जन प्रतिनिधियों और मैदानी अधिकारियों से परामर्श के बाद किया जाएगा। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद लागू होगी योजना योजना का प्रारूप तैयार कर कैबिनेट के सामने रखा जाएगा और स्वीकृति मिलने पर लागू कर दिया जाएगा। प्रदेश में मुख्यमंत्री जनभागीदारी योजना में अभी क्षेत्र के हिसाब से राशि लेने का प्रविधान है। गरीब बस्ती में 25 प्रतिशत और संपन्न व अपर मिडिल क्लास वाले क्षेत्रों में 50 प्रतिशत राशि ली जाती है। इस प्रविधान को नए सिरे से तय किया जाएगा। जनभागीदारी केवल राशि नहीं बल्कि सामग्री के रूप में भी हो सकती है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि वर्ष 2003-04 के 36 करोड़ रुपये लगाकर 150 किमी लंबाई की कांक्रीट की सड़कें बनाई गई थीं। जनभागीदारी के रूप में सीमेंट ली गई थी। निकायों की खराब आर्थिक स्थिति और विशेष फंड अब यह तय किया जा रहा है कि जो नगर निगम, नगर पालिका या नगर परिषद जनभागीदारी से कोई भी काम करेगी, उसे विशेष फंड दिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि इस योजना में पचास प्रतिशत राशि की व्यवस्था निकायों को करनी होगी। यह किस रूप में होगी, इसका निर्धारण विधायक, महापौर, नगर पालिका व परिषद अध्यक्ष से चर्चा के बाद किया जाएगा। दरअसल, इस माडल को प्रभावी तरीके से लागू करने के पीछे उद्देश्य यही है कि रहवासियों को सुविधाएं मिल जाएं और निकायों पर अधिक वित्तीय बोझ भी न आए क्योंकि निकायों की आर्थिक स्थिति खराब है। कई निकायों के लिए वेतन-भत्ते बांटना ही मुश्किल हो रहा है। ये अधोसंरचना विकास के काम के लिए पूरी तरह सरकार पर निर्भर हो गए हैं, जबकि इन्हें टैक्स लगाकर वसूलने के अधिकार दिए गए हैं पर स्थिति ठीक नहीं है। एकीकृत टाउनशिप पॉलिसी से सुधरेगी व्यवस्था एकीकृत टाउनशिप पालिसी के कारण स्थितियों में सुधार होगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इसमें यह प्रविधान किया गया है कि जो भी टाउनशिप बनाएगा, उसे सड़क, बिजली, पानी, सीवरेज, नाली, उद्यान सहित अन्य अधोसंरचना विकास से जुड़े सभी काम करने होंगे। इसके बाद ही कालोनी को पूर्णता का प्रमाणपत्र दिया जाएगा और कालोनी का हस्तांतरण निकायों को होगा।   recent visitors 30

ईरान की कसम और मिसाइल अटैक से हड़कंप, ट्रंप का सख्त संदेश- ऐसा जवाब मिलेगा जो दुनिया ने नहीं देखा

ईरान ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद व्यापक सैन्य कार्रवाई का दावा किया है। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ प्रतिशोध के तौर पर की जा रही है। ईरानी मीडिया और सैन्य सूत्रों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में इजरायल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए गए हैं। UAE और कतर में धमाकों की खबर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर, जिन्हें अमेरिका का करीबी सहयोगी माना जाता है, वहां हमलों की सूचना सामने आई है। दुबई और कतर की राजधानी दोहा में कई जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई देने की खबरें हैं। हालांकि इन हमलों से हुए नुकसान और हताहतों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।   IRGC का दावा: मिसाइल और ड्रोन से हमला ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस' के पांचवें चरण के तहत कार्रवाई का दावा किया है। जेबेल अली एंकरेज पर अमेरिकी जहाज के लिए गोला-बारूद ले जा रहे एक पोत को ड्रोन से निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। कुवैत के अब्दुल्ला मुबारक क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर 4 बैलिस्टिक मिसाइल और 12 ड्रोन से हमला किए जाने की बात भी सामने आ रही है। हमलों में बुनियादी ढांचे के नष्ट होने और अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन दावों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दुबई एयरपोर्ट और प्रमुख स्थलों पर हमला ईरान ने दुनिया के व्यस्ततम हवाई अड्डों में शामिल दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा को निशाना बनाने का दावा किया है। साथ ही दुबई के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पाम जुमेराह और लक्जरी होटल बुर्ज अल अरब पर भी पहले हमले किए जाने की बात कही गई है। अमेरिका राष्ट्रपति ने फिर दी चेतावनी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमला किया गया तो अमेरिका, ऐसा जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया। ट्रंप के अनुसार, अगर ईरान ने हमारी रेड लाइन पार की, तो उसे इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा। ईरान ने सार्वजनिक रूप से बदला लेने की कसम खाई वहीं, खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने सार्वजनिक रूप से बदला लेने की कसम खाई है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अमेरिका के समर्पण तक कार्रवाई जारी रहेगी। हालांकि, इन घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है और क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। recent visitors 37