वैश्विक निवेश, टेक्नोलॉजी और भरोसे के दम पर बदलता उत्तर प्रदेश

1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा यूपी, सिंगापुर-जापान दौरे ने खोले नए द्वार 2.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव बने ‘ब्रांड योगी’ पर भरोसे की नई कहानी बेहतरीन कानून व्यवस्था और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बना निवेश का आधार लखनऊ,  उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था आज एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। यह वही प्रदेश है, जिसे नौ साल पहले अत्यधिक जनसंख्या और पिछड़ेपन के संदर्भ में देखा जाता था। आज वही उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेश, अत्याधुनिक तकनीक और निर्णायक नेतृत्व के बल पर 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर आत्मविश्वास से बढ़ रहा है। यह बदलाव आकस्मिक नहीं है। इसके पीछे एक स्पष्ट विजन, कठोर प्रशासनिक इच्छाशक्ति और निवेशकों को दिया गया भरोसेमंद वातावरण है। हालिया सिंगापुर और जापान दौरे से लौटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे उत्तर प्रदेश के लिए विश्वास और अवसर का नया अध्याय बताया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि यह दौरा केवल निवेश जुटाने का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उत्तर प्रदेश के बदलते विकास मॉडल को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर था। सिंगापुर-जापान दौरा: कूटनीति से अर्थनीति तक हालिया सिंगापुर-जापान दौरा केवल एक शिष्टाचार यात्रा नहीं था। यह आर्थिक कूटनीति का सुविचारित प्रयास था। सरकार-से-सरकार (G2G), सरकार-से-व्यवसाय (G2B) और उद्योग-से-उद्योग (B2B) संवादों के माध्यम से 60 से अधिक उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित की गईं। नतीजा, जापान में लगभग ₹90,000 करोड़ के एमओयू और ₹1.5 लाख करोड़ तक के निवेश प्रस्ताव तथा सिंगापुर में ₹60,000 करोड़ के एमओयू और लगभग ₹1 लाख करोड़ तक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। कुल मिलाकर 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों को मुख्यमंत्री ब्रांड यूपी पर वैश्विक भरोसे की मुहर मानते हैं। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश अब निवेशकों के लिए केवल संभावनाओं का प्रदेश नहीं, बल्कि क्रियान्वयन की क्षमता वाला राज्य बन चुका है। उत्तर प्रदेश अब निवेश मानचित्र पर उभरता विकल्प नहीं, विश्वसनीय गंतव्य बन चुका है। ‘ब्रांड योगी’: नीति, निर्णायकता और विश्वास किसी भी निवेश का पहला आधार आंकड़े नहीं, विश्वास होता है। उत्तर प्रदेश में यह विश्वास दो स्तरों पर निर्मित हुआ है। पहला राष्ट्रीय नेतृत्व की वैश्विक साख और दूसरा प्रदेश नेतृत्व की प्रशासनिक दृढ़ता। मुख्यमंत्री का मानना है कि पिछले वर्षों में प्रदेश ने कानून व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और सेक्टोरल नीतियों में जो संरचनात्मक सुधार किए हैं, उसी का परिणाम है कि सिंगापुर और जापान जैसे विकसित देशों के निवेशक बड़े पैमाने पर राज्य में रुचि दिखा रहे हैं। एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर नीति, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स हब जैसे प्रोजेक्ट्स को सीएम योगी इस भरोसे की आधारशिला बताते हैं। टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: निवेश से आगे की सोच जापान और सिंगापुर दौरे की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि फोकस केवल पूंजी निवेश पर नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और कौशल विकास पर भी रहा। दौरे के दौरान ग्रीन हाइड्रोजन, क्लीन एनर्जी, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, फिनटेक, मेडिटेक व डीपटेक जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाश की गईं। मुख्यमंत्री के अनुसार, यदि उत्तर प्रदेश को दीर्घकालिक औद्योगिक शक्ति बनाना है तो उसे भविष्य की तकनीकों से जुड़ना ही होगा। कानून व्यवस्था: निवेश की असली रीढ़ किसी भी औद्योगिक विकास की सबसे मजबूत नींव कानून व्यवस्था होती है। उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्षों में इस क्षेत्र में निर्णायक सुधार किए हैं। माफिया और संगठित अपराध पर सख्ती, निवेशकों की सुरक्षा की गारंटी और प्रशासनिक जवाबदेही ने प्रदेश की छवि को बदला है। आज निवेशक उत्तर प्रदेश को एक स्थिर, सुरक्षित और सुनियोजित नीति वाले राज्य के रूप में देखते हैं, जो बड़े निवेश के लिए अनिवार्य शर्त है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट मत है कि मजबूत कानून व्यवस्था के बिना औद्योगिक विकास संभव नहीं है। वह कहते हैं कि पिछले वर्षों में माफिया और संगठित अपराध पर सख्ती तथा प्रशासनिक जवाबदेही ने प्रदेश की छवि बदली है। निवेशक सुरक्षा, स्थिरता और पारदर्शिता चाहते हैं। उत्तर प्रदेश ने यह भरोसा दिया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: प्रक्रिया से परिणाम तक योगी सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम, ऑनलाइन अनुमतियां और समयबद्ध स्वीकृतियों से उद्योगों के लिए प्रक्रियागत बाधाएं कम की हैं। उत्तर प्रदेश अब निवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाकर प्रतिस्पर्धी राज्यों की श्रेणी में खड़ा है। जो प्रक्रियाएं कभी महीनों लेती थीं, वे अब तय समय-सीमा में पूरी हो रही हैं। उत्तर प्रदेश ने वास्तव में ‘रेड टेप’ की जटिलता से निकलकर ‘रेड कार्पेट’ की संस्कृति को अपनाया है, जहां निवेशक को अड़चनों से नहीं, समाधान से संतुष्ट किया जाता है। यही प्रशासनिक दक्षता और नीतिगत स्पष्टता आज वैश्विक निवेशकों के बीच प्रदेश को प्रतिस्पर्धी, विश्वसनीय और परिणामोन्मुख गंतव्य के रूप में स्थापित कर रही है। रोजगार, युवा और 1 ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि प्रस्तावित निवेश धरातल पर उतरते हैं तो लाखों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। आईटी, ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स, रक्षा उत्पादन, ग्रीन एनर्जी और एमएसएमई सेक्टर में निवेश प्रदेश की आर्थिक संरचना को नई मजबूती देगा। उनका कहना है कि 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि व्यापक आर्थिक परिवर्तन का रोडमैप है, जहां उद्योग, कृषि, सेवाएं और निर्यात की समान भागीदारी अनिवार्य है। recent visitors 32

पर्यटकों के लिए जरूरी सूचना: होली के दौरान 3 मार्च से जंगल सफारी रहेगी बंद

रायपुर  होली की छुट्टियों में अगर आप नवा रायपुर स्थित एशिया की सबसे बड़ी मानव-निर्मित नंदनवन जंगल सफारी घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। सफारी प्रबंधन ने होली पर्व और सालाना मेंटेनेंस कार्य को ध्यान में रखते हुए 3 मार्च से 5 मार्च 2026 तक जंगल सफारी को पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद रखने का फैसला लिया है। बता दें कि जंगल सफारी के संचालक सह वनमंडलाधिकारी द्वारा इस संबंध में अनुमति मांगी गई थी, जिस पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव वार्डन, छत्तीसगढ़ अरुण कुमार पांडे ने अनुमति प्रदान की है। जारी आदेश के अनुसार, तीन दिनों तक किसी भी पर्यटक को सफारी परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। सुरक्षा और मेंटेनेंस को लेकर फैसला सफारी प्रबंधन के अनुसार, होली के दौरान जंगल सफारी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भीड़भाड़ और असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ने की आशंका रहती है। इससे शासकीय सीमाएं और सफारी क्षेत्र को नुकसान पहुंचने की संभावना बनी रहती है। इसके अलावा, हर साल इस अवधि में वार्षिक रखरखाव (मेंटेनेंस) कार्य संपादित करने की आवश्यकता होती है। इसलिए, 3 मार्च से 5 मार्च 2026 तक जंगल सफारी को पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद रखने का फैसला लिया है। सफारी प्रबंधन ने पर्यटकों से की अपील सफारी प्रबंधन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे 3 दिवसीय बंदी को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं। होली की छुट्टियों के दौरान सफारी भ्रमण का कार्यक्रम न तय करें और वैकल्पिक तिथियों का चयन करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि के बाद सफारी पूर्व निर्धारित समय पर पुनः पर्यटकों के लिए खोल दी जाएगी। recent visitors 27

जॉब अलर्ट: 1500+ सरकारी पदों पर सीधी भर्ती का सुनहरा मौका, एक क्लिक में जानें आवेदन से वेतन तक सब कुछ

भोपाल सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए सुनहरा मौका है। दरअसल, मध्य प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड यानी एमपीईएसबी ने 1500 से ज्यादा पदों पर सीधी भर्ती निकाली है। जिसमें वनरक्षक के 728, जेल प्रहरी के 757 और असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट के लिए 25 पद शामिल है। इन पदों पर सीधी भर्ती होगी। आवेदन शुरू, 14 मार्च अंतिम तारीख मध्य प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड ने 1500 से ज्यादा पदों पर सीधी भर्ती निकाली हैं। इन पदों पर आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी हैं। इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन एप्लीकेशन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया 14 मार्च तक चलेगी। वहीं 19 मार्च 2026 तक फॉर्म में सुधार करने की आखिरी तारीख तय की गई है। ऑनलाइन मंगवाए गए आवेदन, जानें एप्लीकेशन की फीस इन पदों पर आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी हैं। इच्छुक उम्मदीवार www.esb.mp.gov.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। अभ्यर्थी केवल ऑनलाइन ही आवेदन कर सकेंगे। जनरल के लिए 500 रुपये और एसटी-एससी-ओबीसी और ईडब्ल्यूएस के लिए 250 रुपये फीस तय की गई है। शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को किसी मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूशन से 10वीं या 12वीं पास होना जरूरी है। आयु सीमा, कम से कम 18 साल का होना चाहिए और रिजर्व कैटगरी को उम्र में छूट दी जाएगी। उम्र 1 जनवरी 2026 के हिसाब से की जाएगी। आयु सीमा से संबंधित ज्यादा जानकारी के लिए ऑफिशियल वेबसाइट का अवलोकन करें। परीक्षा और चयन प्रक्रिया इन पदों पर परीक्षा की तारीख भी घोषित की गई है। एमपीईएसबी के मुताबिक, वनरक्षक परीक्षा 7 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी। यह एग्जाम प्रदेश के अलग अलग सेंटर पर होंगे। परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। पहली शिफ्ट सुबह 10 से दोपहर 12 और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। बात करें चयन प्रक्रिया की तो परीक्षा के बाद नंबरों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। वेतन आपको बता दें कि वन रक्षक, क्षेत्र रक्षक और जेल प्रहरी के पदों का वेतनमान समान रहेगा। वहीं असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट की सैलरी 1 लाख 14 हजार 800 तक रहेगी। recent visitors 26

सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान से बदली तकदीर: आजमगढ़ के अविनाश ने बनाई डिजिटल लाइब्रेरी चेन

बिना गारंटी पांच लाख का ऋण, संघर्ष से आत्मनिर्भरता तक की यात्रा डेढ़ वर्ष में दूसरी शाखा शुरू, प्रयागराज में विस्तार की तैयारी लखनऊ, उत्तर प्रदेश में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम दे रहा है। आजमगढ़ के 25 वर्षीय अविनाश सिंह इसकी सशक्त मिसाल बनकर उभरे हैं। सीमित संसाधनों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने सरकारी योजना का लाभ उठाकर न केवल स्वयं का व्यवसाय स्थापित किया, बल्कि पांच युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराया। अधिकारियों से मिला मार्गदर्शन बीएससी गणित की पढ़ाई इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पूरी करने वाले अविनाश एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। परिवार में माता-पिता तथा पांच भाई बहन हैं। बड़ा बेटा होने के कारण घर की आर्थिक जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। परिवार की सीमित आय और भविष्य की चिंताओं के बीच उन्होंने रोजगार की तलाश के बजाय उद्यमिता का रास्ता चुना। जनवरी 2025 में उन्हें ऑनलाइन माध्यम से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की जानकारी मिली। योजना के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के बाद उन्होंने जिला उद्योग केंद्र में संपर्क किया और आवश्यक दस्तावेज जमा कर आवेदन प्रक्रिया पूरी की। अधिकारियों के मार्गदर्शन से उनका आवेदन शीघ्र स्वीकृत हुआ। बिना गारंटी मिला 5 लाख का लोन फरवरी 2025 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से उन्हें पांच लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। यह ऋण बिना किसी गारंटी और बिना कुछ गिरवी रखे मिला। 21 फरवरी को पहली किस्त के रूप में 2 लाख 57 हजार रुपये और एक सप्ताह बाद दूसरी किस्त के रूप में 1 लाख 53 हजार रुपये सीधे उनके खाते में जमा किए गए। योजना के तहत ब्याज में भी विशेष राहत प्रदान की गई। प्राप्त राशि से अविनाश ने आजमगढ़ में ‘विद्या डिजिटल लाइब्रेरी’ की स्थापना की। यहां छात्रों को आधुनिक डिजिटल संसाधनों के माध्यम से ऑनलाइन अध्ययन की सुविधा दी जाती है। क्षेत्र के विद्यार्थियों को शांत और तकनीकी रूप से सुसज्जित वातावरण उपलब्ध कराने की इस पहल को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। वर्तमान में इस उद्यम से उन्हें प्रतिमाह 30 हजार रुपये से अधिक की आय हो रही है, साथ ही वे नियमित रूप से 10 हजार रुपये से अधिक की मासिक किस्त जमा कर रहे हैं। सफलता से मिला उत्साह, तीसरी लाइब्रेरी शुरू करेंगे व्यवसाय की सफलता से उत्साहित होकर अविनाश ने आजमगढ़ में ही दूसरी डिजिटल लाइब्रेरी भी शुरू कर दी। अब वे वर्ष के मध्य तक प्रयागराज में तीसरी शाखा खोलने की तैयारी कर रहे हैं। अल्प समय में मिली सफलता ने उनके आत्मविश्वास को नई मजबूती दी है। अविनाश का कहना है कि यदि युवा दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग करें, तो आत्मनिर्भरता का लक्ष्य दूर नहीं है। उनका मानना है कि यह अभियान उन युवाओं के लिए अवसर का द्वार है जो स्वयं का व्यवसाय स्थापित करना चाहते हैं। अविनाश की यात्रा यह दर्शाती है कि उचित मार्गदर्शन, सरकारी सहयोग और परिश्रम के बल पर युवा न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं, बल्कि समाज में रोजगार सृजन की नई राह भी खोल सकते हैं। recent visitors 29

नाबालिग छात्रा का VIDEO बनाता पकड़ा गया पटवारी, ग्रामीणों की पीटाई

राजगढ़ मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में एक पटवारी की जमकर पिटाई की गई। बताया जा रहा है कि उसने नाबालिग छात्रा का नहाते हुए वीडियो बनाया था। छात्रा पटवारी के घर पर ही किराये से रहकर पढ़ाई करती थी। घटना से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने पटवारी की खूब धुनाई की। जिसका वीडियो भी सामने आया है। वहीं पुलिस ने भीड़ से छुड़ाकर पटवारी को थाने ले गई है। यह पूरा मामला खिलचीपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, पटवारी महेश के घर एक नाबालिग छात्रा किराये से रहकर पढाई करती थीं। बताया जा रहा है कि जब छात्रा नहाने के लिए गई तो महेश ने बाथरूम की जाली से मोबाइल में वीडियो बना लिया था। इसकी जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण भड़क उठे और उन्होंने मिलकर पटवारी की पिटाई कर दी। परिजन और ग्रामीणों ने जमकर पीटा और कपड़े भी फाड़ दिए। इसके बाद घसीटते हुए घर से बाहर निकाला और फिर धुनाई की। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने भीड़ से जैसे तैसे पटवारी को छुड़ाया और थाने ले गई। बताया जा रहा है कि पटवारी ने मोबाइल से वीडियो डिलीट कर दिया था। जिसे पुलिस ने रिकवर कर लिया है। लोगों में आक्रोश इस घटना से लोगों में काफी आक्रोश है। वहीं खिलचीपुर थाना के टीआई उमाशंकर मुकाती ने बताया कि बालिका ने मामले की शिकायत की है। जिसके आधार पर पटवारी महेश के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल विवेचना की जा रही है। recent visitors 24

‘निश्छल मन’ को भी उतने ही प्रिय हैं योगी ‘बाबा’

बच्चों पर स्नेह लुटाने का कोई अवसर नहीं छोड़ते सीएम योगी तो बच्चों में भी रहता है उन्हें देखने, मिलने और बात करने का जबरदस्त उत्साह संवाद से बच्चों में संस्कार और संवेदनशीलता विकसित करते हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुशी की आवाज से लेकर अंजना के मकान तक और पंखुड़ी की फीस से लेकर मायरा, वाची, अनाबी आदि बच्चों के एडमिशन तक की चिंता की मुख्यमंत्री ने   जापान दौरे पर शासकीय दायित्वों के बीच भी बच्चों से मिलते रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, श्लोक सुना और भूलने पर बच्चे को मंत्र याद भी कराया सख्त प्रशासक और माफिया-अपराधियों के लिए डर का पर्याय योगी आदित्यनाथ कई बार बालहठ के आगे पड़ जाते हैं नरम लखनऊ, योगी के नाम का यह गीत न सिर्फ 25 करोड़ प्रदेशवासी, बल्कि निश्छल मन वाले बच्चे भी गा रहे हैं। कानपुर की खुशी की आवाज लौटाने से लेकर लखनऊ की अंजना के मकान को कब्जामुक्त कराने और गोरखपुर की पंखुड़ी की फीस की चिंता करने से लेकर कानपुर की मायरा, मुरादाबाद की वाची, लखनऊ की अनाबी, लखीमपुर खीरी के शिवांशु-अजय कुमार समेत अनेक बच्चों के भविष्य को संवारने का जिम्मा संभालने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बच्चों से अद्भुत बॉन्डिंग है। बच्चे भी उनसे मिलने के लिए उत्सुक रहते हैं। जापान दौरे पर यामानाशी में भी सीएम योगी को देखने, उनसे मिलने और बाद करने के लिए बच्चों में भारी उत्साह देखा गया। एक छोटे बच्चे ने उनके सामने ‘कर्पूरगौरं करुणावतारं’ मंत्र का वाचन शुरू किया। एक लाइन भूल जाने पर मुख्यमंत्री ने स्वयं मंत्र को पूरा कर न सिर्फ बच्चे के आत्मविश्वास को बल दिया, बल्कि भारतीय संस्कृति व संस्कार को धारण करने के लिए बच्चे पर अपना स्नेह भी लुटाया। यहां सीएम ने बच्चों के साथ ‘गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः’ मंत्र का उच्चारण भी किया। बच्चों ने मुख्यमंत्री के पैर छूकर आशीर्वाद लिया तो मुख्यमंत्री ने भी चॉकलेट देकर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। सीएम योगी ने विदेश में रहकर भी भारतीय संस्कारों को जीवित रखने वाले परिवारों की खुलकर सराहना भी की। सुशासन के बीच जनसेवा और संवेदना की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं मुख्यमंत्री 25 करोड़ प्रदेशवासियों के मन-मस्तिष्क में सुशासन के प्रतीक योगी आदित्यनाथ जनसेवा और संवेदना की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। जिन मुख्यमंत्री का नाम सुनकर अपराधी कांप उठते हैं, बच्चे सहजता से उनसे अपनी जिद मनवा लेते हैं। ‘मन के सच्चे’ बच्चे मुख्यमंत्री के सामने अपनी भावना को अत्यंत निश्छलता से प्रकट कर देते हैं। यह भाव कई मौकों पर सामने भी आया है, जनता दर्शन में एक बार छोटी बच्ची ने उन्हें सैल्यूट किया तो एक बच्ची ने ‘हम शेर बच्चे-शेर बच्चे’ कविता भी सुनाई। सीएम ने मुस्कुराते हुए बच्ची को मन लगाकर पढ़ने और उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया। योगी आदित्यनाथ का बाल प्रेम उनके कोमल हृदय व सर्वसुलभ होने के साथ-साथ जनसेवा, संवेदना व सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करता है। भावनात्मक संवाद और बच्चों से जुड़ाव मुख्यमंत्री का बच्चों से जुड़ाव और उनके साथ भावनात्मक संवाद समय-समय पर सामने आता रहता है। विगत दिनों ‘जनता दर्शन’ में मां के साथ आई बच्ची अनाबी अली से सीएम का संवाद चर्चा में रहा। मकर संक्रांति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोरखनाथ मंदिर में एक बच्चे से “और क्या चाहिए” पूछना और उसका मासूम जवाब- ‘चिप्स’ सुनकर खिलखिलाकर हंसना उनके बालप्रेम को प्रकट करता है। उत्तराखंड भ्रमण के दौरान मार्ग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक बच्चे ने फूल भेंट किया तो उन्होंने मासूम को खाने का कुछ सामान दिया। बच्चे ने वह सामान अपने दादा को दे दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए प्यार भरे शब्दों में बच्चे से कहा, ‘हम भी तेरे दादा लगते हैं।’ 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में आए बच्चे सीधे सीएम योगी के पास पहुंच गए। सभी ने उनके साथ फोटो खिंचवाई। नन्ही बच्ची को गोद में लेकर सीएम ने वात्सल्य भाव प्रकट किया। गोरखपुर सर्किट हाउस परिसर में हेलिपैड से उतरते ही उनकी नजर पास के पार्क के गेट पर बच्चों के समूह पर गई तो सीएम उनसे मिलने पहुंच गए। उन्होंने बच्चों से आत्मीयता से बात की और चॉकलेट दीं। एक बार गोरखपुर में उन्होंने कुछ बच्चों को अपने हेलीकॉप्टर में भी बैठा लिया। बच्चों से आत्मीयता से संवाद और उनके भविष्य को लेकर त्वरित निर्णय मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता को प्रदर्शित करते हैं। हदय की पीड़ा हुई दूर, ‘खुशी’ की आई आवाज कानपुर की मूक-बधिर खुशी गुप्ता के हृदय की पीड़ा को यदि किसी ने समझा तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने। मुख्यमंत्री से मिलने की जिद और अकेले पैदल चलकर लखनऊ पहुंचने की जानकारी जब सीएम योगी को मिली तो उन्होंने उसे बुलाकर उसके बनाए चित्रों को स्वीकार किया और उसके शिक्षित-सुरक्षित भविष्य का आश्वासन दिया। सीएम योगी के निर्देश पर खुशी का इलाज हुआ और आज वह बोल-सुन भी रही है। अपनी ‘अनकही भावनाओं’ को अब वह शब्द दे पा रही है। अंजना को उसकी छांव लौटा योगी ने बता दिया ‘प्रदेश ही परिवार’ मेजर की बेटी अंजना भट्ट ने 2025 के आखिरी दिन 31 दिसंबर को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने मकान पर कब्जे की शिकायत की, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल निर्देश देकर 24 घंटे के भीतर न सिर्फ मकान को कब्जा मुक्त कराया, बल्कि आरोपियों की गिरफ्तारी भी कराई। ‘जनता दर्शन’ के जरिए लखनऊ की अनाबी अली, कानपुर की मायरा और मुरादाबाद की वाची का स्कूल में एडमिशन कराना भी सीएम योगी की संवेदनशीलता का हिस्सा है। गोरखपुर की पंखुड़ी की फीस माफ कराने के साथ ही उसे पुनः विद्यालय भेजना भी सुनिश्चित कराने वाले योगी आदित्यनाथ ने संदेश दिया कि 25 करोड़ प्रदेशवासी ही उनका परिवार हैं। ‘जनता दर्शन’ से सीधे अस्पताल भेज दिखाई संवेदनशीलता ‘जनता दर्शन’ में कानपुर की रायपुरवा निवासी एक वृद्ध मां कैंसर पीड़ित बेटे का दर्द लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंची थीं। उनकी तकलीफ देखकर द्रवित हुए सीएम ने कैंसर पीड़ित को एंबुलेंस से सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भिजवाकर उसका इलाज प्रारंभ कराया। घर पहुंचने से पहले बेसहारा भाइयों के पास पहुंचाई मदद दादी-बाबा के साथ ‘जनता दर्शन’ में लखीमपुर खीरी से पहुंचे दो बच्चों ने मुख्यमंत्री को आपबीती सुनाई थी। इस पर सीएम की तरफ से तत्काल लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन … Read more

पर्व-त्योहार उल्लास और भाईचारे का प्रतीक होते हैं, न कि किसी को आहत करने का माध्यम: मुख्यमंत्री

  होली पर बढ़े आवागमन को देखते हुए अतिरिक्त बसें चलें, मनमाना किराया वसूलने वालों पर होगी सख्ती पर्व-त्योहार के समय पर्याप्त पेयजल और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश जनसुनवाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर मुख्यमंत्री का जोर, कहा- जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहें लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि होली, रमजान, ईद सहित आगामी पर्वों के दौरान शरारतन माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की जाए, जो नजीर बने। उन्होंने कहा है कि सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने की एक भी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसी हर कोशिश पर सख्ती से कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें और सभी पर्व-त्योहार सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराए जाएं। शनिवार देर शाम आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने होली, रमजान, नवरोज, ईद सहित सभी आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए फील्ड अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन तथा जन-शिकायत निस्तारण की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दिनों में होली के साथ नवरोज, ईद और बासंतिक नवरात्र का पर्व है तथा बोर्ड परीक्षाएं भी हो रही हैं। यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है, इसलिए बीते पाँच वर्षों की घटनाओं की समीक्षा कर उनसे सीख लेते हुए प्रभावी प्रबंध किए जाएं। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि प्रदेश में कहीं भी समाज में विद्वेष फैलाने वाली घटनाएं घटित होती हैं तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए और शोभायात्राओं के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाए, साथ ही साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि होलिका दहन समितियों तथा पीस कमेटियों की बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएं, ताकि पर्वों के दौरान आपसी समन्वय और सौहार्द बना रहे। होलिका दहन सुरक्षित स्थान पर ही हो। उन्होंने निर्देश दिए कि होली के अवसर पर कहीं भी अभद्र गीत-संगीत नहीं बजना चाहिए और किसी के उत्साह में ऐसा कोई कृत्य न हो जिससे किसी वर्ग, समुदाय या व्यक्ति को नीचा दिखाने या परेशान करने की स्थिति उत्पन्न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्व उल्लास और भाईचारे का प्रतीक होते हैं, न कि किसी को आहत करने का माध्यम। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कानफोड़ू आवाज वाले लाउडस्पीकरों को हटाया जाए। उन्होंने कहा कि अब भी कई धर्मस्थलों पर ऐसे लाउडस्पीकर लगे हुए हैं, जिन्हें संवाद और समन्वय के माध्यम से हटाया जाना चाहिए ताकि ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण हो सके। मुख्यमंत्री ने लोकल इंटेलिजेंस को और अधिक मजबूत करने तथा सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि फेक अकाउंट्स की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए और किसी भी प्रकार की भ्रामक या अफवाह फैलाने वाली सूचना का स्थानीय प्रशासन द्वारा त्वरित एवं प्रभावी खंडन किया जाए, ताकि समय रहते स्थिति को नियंत्रित किया जा सके और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। होली के अवसर पर लोगों के आवागमन में वृद्धि को देखते हुए मुख्यमंत्री ने परिवहन निगम को अतिरिक्त बसें संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल फिटनेस मानकों पर खरी उतरने वाली बसों को ही संचालन में लगाया जाए तथा निजी ऑपरेटरों द्वारा मनमाना किराया वसूले जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। परिवहन निगम के अधिकारियों को फील्ड में उतरकर आमजन की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि निगम के अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि बसें सड़क किनारे न खड़ी हों, अपनी तय जगह पर ही रहें। ऊर्जा विभाग को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च माह में पर्व-त्योहारों और बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और रोस्टरिंग न की जाए। साथ ही पेयजल की उपलब्धता, ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं बनाए रखने तथा निराश्रित गोवंश संरक्षण की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश में कहीं भी जहरीली अथवा अवैध मदिरा न तो बने न ही बिके। बैठक में जनसुनवाई समाधान प्रणाली की जनवरी 2026 की मासिक रैंकिंग भी प्रस्तुत की गई, जिसके माध्यम से मंडलायुक्त, पुलिस रेंज, पुलिस जोन, जिलाधिकारी तथा पुलिस आयुक्त/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक स्तर पर प्राप्त शिकायतों के प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के आधार पर प्रदर्शन का आकलन किया गया। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और इकाइयों की सराहना की, जबकि अपेक्षित प्रदर्शन न करने वाली इकाइयों को कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। recent visitors 26