मुम्बई ने 27 साल बाद जीती ईरानी ट्रॉफी

लखनऊ. ईरानी कप 2024 का मैच मुंबई और रेस्ट ऑफ इंडिया के बीच खेला गया। ये मुकाबला ड्रॉ रहा। लेकिन पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर मुंबई की टीम ईरानी कप 2024 का खिताब जीतने में सफल रही है। मुंबई ने पहली पारी में कुल 537 रन बनाए थे। तब सरफराज खान ने दोहरा शतक लगाया और अजिंक्य रहाणे ने बेहतरीन पारी खेली थी। इसके बाद रेस्ट ऑफ इंडिया की टीम पहली पारी में 416 रनों पर सिमट गई। इस तरह से मुंबई को 121 रनों की बढ़त मिली, जो जीत में अहम साबित हुई। इसके बाद मुंबई ने दूसरी पारी 329 रन बनाकर घोषित की। सरफराज खान ने लगाया दोहरा शतक मुंबई के लिए पहली पारी में सरफराज खान सबसे बड़े हीरो साबित हुए। उन्होंने मैच में 286 गेंदों में 222 रन बनाए। उनके अलावा कप्तान अजिंक्य रहाणे ने 97 रन बनाए। श्रेयस अय्यर ने 64 रन और तनुष कोटियन ने 64 रन बनाए। इन खिलाड़ियों की शानदार पारी की वजह से ही मुंबई की टीम ने पहली पारी में 537 रन बनाए। जबकि मुंबई की शुरुआत बहुत ही खराब रही थी। जब पृथ्वी शॉ और आयुष महात्त्रे जल्दी पवेलियन लौट गए। इसके बाद हार्दिक तमोरे भी कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए। सरफराज ने दोहरा शतक लगाकर मुंबई की मैच में वापसी करवाई। वह एक छोर पर टिके रहे और रन बनाना जारी रखा। अभिमन्यु ईश्वरन का शतक गया बेकार पहली पारी में रेस्ट ऑफ इंडिया के लिए कप्तान रुतुराज गायकवाड़ कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए और 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। अभिमन्यु ईश्वरन ने 191 रन बनाए, जिसमें 16 चौके और एक छक्का शामिल था। ध्रुव जुरेल ने 93 रनों की पारी खेली। टीम में वापसी की उम्मीदें लगाए बैठे ईशान किशन सिर्फ 38 रन ही बना सके। रेस्ट ऑफ इंडिया के बाकी के बल्लेबाज बुरी तरह से फ्लॉप साबित हुए और अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। इसी वजह से वह 416 रन ही बना सकी। पहली पारी में पिछड़ने के बाद ही रेस्ट ऑफ इंडिया की हार लगभग तय हो चुकी थी। 27 साल बाद मुंबई ने जीता ईरानी कप मुंबई के लिए दूसरी पारी में पृथ्वी शॉ ने 76 रन बनाए। दूसरी पारी में सबसे बड़ी लाइमलाइट तनुष कोटियन ने शतक लगाकर चुराई। उन्होंने 150 गेंदों में 114 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और एक छक्का शामिल था। उनके अलावा मोहित अवस्थी ने 51 रनों का योगदान दिया। मुंबई ने अपनी दूसरी पारी 329 रन बनाकर घोषित की थी। मुंबई की टीम ने 27 साल बाद ईरानी कप जीता है। टीम इंडिया से बाहर अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में टीम ने कमाल कर दिया है। इससे पहले मुंबई ने साल 1997 में ईरानी कप जीता था। recent visitors 99

ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस का आयोजन

’राष्ट्रीय मूल्य : अंतर्राष्ट्रीय दक्षताएँ- जनसंपर्क की भूमिका’ पर होगा विमर्श रायपुर देश की सर्वाधिक महत्वपूर्ण 46वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस का आयोजन आगामी 20 से 22 दिसंबर 20024 तक रायपुर में आयोजित किया जाएगा। पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया, रायपुर चैप्टर के चेयरमैन डॉ शाहिद अली  ने बताया कि इस बार रायपुर में आयोजित कॉन्फ्रेंस की थीम ’राष्ट्रीय मूल्यः अंतर्राष्ट्रीय दक्षताएँ- जनसंपर्क की भूमिका’ होगी। 20 से 22 दिसंबर 2024 तक तीन दिवसीय ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस का आयोजन होटल बेबीलॉन इंटरनेशनल रायपुर में होगा। कॉन्फ्रेंस में अलग-अलग मुद्दों पर केंद्रित व्याख्यानों का भी आयोजन किया जाएगा जिसमें संस्कृति, जनसंपर्क, मीडिया स्किल डेवलपमेंट, जन संचार, एथिक्स, इमर्जिंग इंडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रेपुटेशन, आत्मनिर्भर भारत आदि मुद्दे शामिल होंगे।  कांफ्रेंस में शामिल होने के लिए जनसंपर्क एवं संचार प्रतिनिधि, सरकारी कर्मचारी, आईटी सीएसआर एंड मार्केटिंग एक्सपर्ट्स, अकादमी, एडवरटाइजिंग एक्सपर्ट्स, पत्रकार, स्वयं सहायता समूह, मास कम्युनिकेशन/पीआर स्टूडेंट, डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल्स आदि शामिल हो सकते हैं। इस अवसर पर पीआरएसआई नेशनल अवार्ड विभिन्न श्रेणियों में दिए जाएंगे। इनमें हाउस जर्नल (हिंदी), हाउस जनरल (इंग्लिश), न्यूजलेटर (इंग्लिश) न्यूज लेटर (हिंदी), ई-न्यूज लेटर, स्पेशल प्रेस्टीज पब्लिकेशन, कॉफी टेबल बुक, सस्टेनेबल डेवलपमेंट रिपोर्ट, एनुअल रिपोर्ट, वेस्ट कम्युनिकेशन कंपैन (इंटरनल पब्लिक), वेस्ट कम्युनिकेशन कंपैन (एक्सटरनल पब्लिक), कॉर्पोरेट वेबसाइट, वेस्ट यूस ऑफ़ सोशल मीडिया इन ए कॉरपोरेट कैंपेन, पब्लिक रिलेशंस इन एक्शन (केस स्टडी) मोस्ट इंप्रेसिव इवेंट मैनेजमेंट तथा वेस्ट पब्लिक अवेयरनेस प्रोग्राम, कॉर्पोरेट फिल्म (हिंदी), कॉरपोरेट फिल्म (इंग्लिश), सोशल मीडिया फार पीआर एंड ब्रांडिंग आदि श्रेणियां में नेशनल अवार्ड दिए जाएंगे। इसके अलावा पब्लिक रिलेशन एजुकेशन के क्षेत्र में ‘मोस्ट वैल्यू ऐड पब्लिक रिलेशंस प्रोग्राम, आउटस्टैंडिंग पीआर मॉस कम्युनिकेशंस इंस्टीट्यूट/यूनिवर्सिटी,बेस्ट पब्लिक रिलेशंस /माउस कम्युनिकेशन जर्नल, वेस्ट पब्लिक रिलेशन/मास कम्युनिकेशन बुक, कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के क्षेत्र में बेस्ट पीएसयू इंप्लीमेंटिंग सीएसआर, बेस्ट प्राइवेट सेक्टर ऑर्गेनाइजेशन इंप्लीमेंटिंग सीएसआर, वेस्ट सीएसआर प्रोजेक्ट फॉर चाइल्ड केयर, बेस्ट सीएसआर प्रोजेक्ट फॉर वोमेन डेवलपमेंट, आत्मनिर्भर भारत के तहत वेस्ट ऑर्गेनाइजेशंस एफोर्ट्स फॉर प्रमोटिंग आत्मनिर्भर भारत, वेस्ट इंडिविजुअल्स एफोर्ट्स फॉर स्किल डेवलपमेंट, वेस्ट पीआर प्रोग्राम फॉर प्रमोटिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी थ्रू स्टार्टअप एफोर्ट्स के लिए प्रविष्टियां मांगी गई है। इसी तहर मेडिकल एंड हेल्थ केयर के क्षेत्र में आउटस्टैंडिंग इनिशिएटिव फॉर प्रमोटिंग मेडिकल एंड हेल्थ, आउटस्टैंडिंग रिसर्च एफोर्ट्स फॉर प्रमोटिंग मेडिकल एंड हेल्थ, डिफेंस के क्षेत्र में न्यू आर एंड डी एफोर्ट्स इन डिफेंस सेक्टर, आउट ऑफ़ बाक्स इनिशिएटिव टू डेवलप न्यू प्रोडक्ट्स एंड टेक्नोलॉजी, प्रेसवर्थी एफोट््र्स टू इनकरेज मेक इन इंडिया इन डिफेंस सेक्टर, स्किल डेवलपमेंट के क्षे़त्र में बेस्ट स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम बाय गवर्नमेंट डिपार्टमेंट्स /मिनिस्टरीज बेस्ट स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम बाय पीएसयूएस, वेस्ट स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम बाय प्राइवेट सेक्टर, वेस्ट ट्रेनिंग प्रोग्राम ऑफ स्किल डेवलपमेंट, साइंस एंड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में वेस्ट इनीशिएटिव्स फॉर प्रमोटिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी, बेस्ट आर एंड डी एफोर्ट्स फॉर प्रमोटिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी, भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेई नेशनल अवेयरनेस कंपैन अवार्ड तथा श्री पुष्पेंद्र पाल सिंह मॉस कम्युनिकेशन एंड पीआर टीचर ऑफ ईयर अवार्ड के लिए प्रविष्टियां 10 नवंबर 2024 तक आमंत्रित की गई हैं। गौरतलब है कि पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया जनसम्पर्क एवं संचार के क्षेत्र में विभिन्न संगठनों में कार्य करने वाले प्रोफेशनल्स की एक राष्ट्रीय स्तर की 68 वर्ष पुरानी संस्था है। इस संस्था के पूरे देश में रायपुर , अहमदाबाद, आइजोल, भोपाल, भुबनेश्वर, चंडीगढ़, दिल्ली, देहरादून, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, रांची, सिंगरौली, शिमला, तिरुपति, वाराणसी, विशाखापत्तनम, जम्मू और वर्धा सहित 23 चैप्टर कार्यरत हैं। recent visitors 65

पश्चिमी यूपी में लगा उपचुनाव से पहले अखिलेश यादव को झटका, कद्दावर नेता ने छोड़ी पार्टी

गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को बड़ा झटका लगा है। परमानन्द गर्ग शनिवार को सपा छोड़कर बसपा में शामिल हो गए हैं। अग्रसेन भवन में आयोजित कैडर कैंप में परमानन्द गर्ग का स्वागत करने के साथ ही शहर विधानसभा सीट का प्रभारी बनाया गया है। उलटफेर के बाद रोचक होगा गाजियाबाद उपचुनाव परमानन्द गर्ग के पार्टी में शामिल होने की बसपा जिला अध्यक्ष दयाराम सैन ने पुष्टि की है। सपा के किले में सेंधमारी करते हुए एक महारथी को बसपा ने अपने खेमे में शामिल कर लिया है। सपा के प्रदेश सचिव से इस्तीफा देने वाले परमानन्द गर्ग बसपा में शामिल हो गए हैं। recent visitors 62

महिला पुलिस बल द्वारा वाहन रैली निकाल कर महिलाओं व बालिकाओं को किया गया जागरूक

डिण्डौरी महिलाओं व बालिकाओं के विरूद्ध घटित हो रहे, अपराधों एवं घरेलू हिंसा की रोकथाम तथा सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डिण्डौरी पुलिस द्वारा 03.10.2024 से 12.10.2024 तक जागरूकता कार्यक्रम "अभिमन्यु" अभियान चलाया जा रहा है । जिसके तहत  05.10.2024 को महिला पुलिस बल डिण्डौरी द्वारा वाहन रैली निकाल कर महिलाओं व बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया । रैली का शुभारम्भ पुलिस अधीक्षक श्रीमति वाहनी सिंह द्वारा रैली को हरी झंडी दिखाकर किया गया । रैली के माध्यम से पुलिस अधीक्षक डिण्डौरी द्वारा डिण्डौरी शहर में स्थापित प्रतिमा स्थलों , सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थलो एवं गरबा स्थलों पर पहुंचकर व्यवस्थों का जायजा लेते हुये। महिलाओं की सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा निर्देश जारी किये गये, साथ ही पोस्टर एवं बैनर के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारो एवं सुरक्षा उपायों की जानकारी भी दी गयी । पुलिस द्वारा उक्त स्थलों में महिलाओं के अधिकार एवं सुरक्षा संबंधी हेल्प लाईन नंबरो के बैनर लगवाये गये, जिससे अधिक से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारो की जानकारी हो सकें ।  रैली में पुलिस अधीक्षक डिण्डौरी श्रीमति वाहनी सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डिण्डौरी  जगन्नाथ  मरकाम, उप पुलिस अधीक्षक ( महिला सुरक्षा प्रकोष्ठ ) डिण्डौरी पुरूषोत्तम मरावी , थाना प्रभारी कोतवाली  गिरवर सिंह उइके, थाना प्रभारी यातायात   सुभाष उइके, प्रभारी रक्षित केन्द्र अभिनव राय के साथ–साथ थाना-कोतवाली, थाना-यातायात, महिला थाना एवं पुलिस लाईन में पदस्थ महिला पुलिस अधिकारी / कर्मचारी उपस्थित रहें । recent visitors 42

असीरगढ़ किले के पास खेतों में मुगलकालीन सोने के सिक्के मिलने की अफवाह से लोग जुटे खुदाई में

बुरहानपुर मुगल शासकों की पसंदीदा जगह रहे बुरहानपुर जिले में इन दिनों सोने के सिक्के मिलने की अफवाह फैली हुई है। बताया जा रहा है कि इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाईवे के लिए की गई खोदाई के दौरान एक खेत से सोने के सिक्के निकले थे। यह स्थान जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर और असीरगढ़ किले के पास है। यह अफवाह तेजी से असीरगढ़ सहित आसपास के क्षेत्र में फैलने के बाद ग्रामीण रात में वहां पहुंच कर खोदाई कर रहे हैं। सिक्कों पर उर्दू और अरबी भाषा में कुछ लिखे होने की बात हालांकि, अब तक एक भी ऐसा मामला सामने नहीं आया है, जिसमें किसी ग्रामीण को सोने के सिक्के मिलने की पुष्टि हुई हो अथवा प्रशासन के पास उन्हें जमा कराया गया हो। क्षेत्र में चल रही चर्चाओं के मुताबिक ये सोने के सिक्के मुगलकाल के हैं। इनमें उर्दू अथवा अरबी भाषा में कुछ लिखा हुआ है। पुरात्तवविदों और कांग्रेस नेताओं ने जिला प्रशासन से इस मामले की जांच कराने की मांग की है। पहले भी मिले हैं सोने के सिक्के पुरातत्वविद और डीएटीसी के सदस्य कमरुद्दीन फलक के अनुसार एतिहासिक असीरगढ़ के किले में मुगल बादशाह के डर से तत्कालीन कई अमीरों ने शरण ली थी। उन्होंने अपना खजाना असीरगढ़ किले के पास ही जमीन में दबा दिया था। बाद में उनकी मृत्यु हो गई और खजाना वहीं गड़ा रह गया। पहले भी आसपास के क्षेत्र में मुगलकालीन सिक्के लोगों को मिल चुके हैं। कांग्रेस नेता अजय रघुवंशी ने भी जिला प्रशासन से पूरे मामले की सूक्ष्मता से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि यह अफवाह है तो इसे फैलाने वाले षड़यंत्र रच रहे हैं। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। सराफा बाजार में सिक्के खपाए असीरगढ़ क्षेत्र के लोगों का कहना है कि कई खेत मालिकों और ग्रामीणों को सोने के सिक्के मिले हैं। उन्होंने इन सिक्कों को स्थानीय सराफा व्यापारियों के यहां खपा दिया है। हालांकि कैमरे के सामने कोई भी कुछ कहने को तैयार नहीं है, लेकिन जिस तरह से खेतों और पहाड़ियों में खोदे गए ताजा गड्ढे मिल रहे हैं, उससे यह तो साफ है कि ग्रामीण रात में वहां खोदाई कर सोने के सिक्कों की तलाश कर रहे हैं। recent visitors 61

बिग बॉस 18: आध्यात्मिक गुरु अनिरुद्धाचार्य ने सलमान खान को भगवद गीता भेंट की

सलमान खान 'बिग बॉस' के एक और सीजन की होस्टिंग के लिए तैयार हैं और 6 अक्टूबर को इसका प्रीमियर लेकर आ रहे हैं। बॉलीवुड सुपरस्टार 'बिग बॉस 18' के होस्ट कर रहे हैं और ग्रैंड प्रीमियर एपिसोड पहले ही शूट किया जा चुका है। पता चला कि प्रीमियर नाइट के अनुयायियों में एक आध्यात्मिक गुरु अनिरुद्धाचार्य भी थे, एक फोटो पहले से ही वायरल हो रही है। इसमें सलमान वो सलमान को भगवत गीता देते नजर आ रहे हैं। सेट से वायरल एक फोटो में आध्यात्मिक गुरु अनिरुद्धाचार्य अभिनेता सलमान खान को भगवत गीता की नकल करते हुए नजर आ रहे हैं। अभिनेताओं ने इस पवित्र ग्रंथ को सम्मान के साथ लिया। सलमान ने हाथ में किताब ली हुई है और अनिरुद्धाचार्य के साथ हंसते हुए पैर दे रहे हैं। फोटो सोशल मीडिया पर सबसे पहले वायरल हो गई है। अनिरुद्धाचार्य ने सलमान को दी भगवत गीता के अनुयायी कि अनिरुद्धाचार्य 'बॉस बिग 18' में भाग नहीं ले रहे हैं। आध्यात्मिक गुरु केवल देवताओं को आशीर्वाद देने के लिए सेट पर मौजूद थे। इस वायरल फोटो के स्टूडियो में लिखा था, 'अनिरुचार्यवर्धन जी महाराज शो और स्टार्स को अपना आशीर्वाद देने के लिए #BiggBoss18 के सेट पर आएं। महाराज जी ने सलमान खान को भगवद गीता भगवान में दी थी।' 'बिग बॉस 18' का घर है खास इस साल बिग बॉस के घर की थीम भी दिलचस्प लग रही है। सेट से ऑनलाइन सामने आए वीडियो और स्टेटस में ऐसा लग रहा है कि क्रेक गुफा की थीम पर काम कर रहे हैं। पुराने पुरावशेष, मोती की साड़ियां और एक डार्क थीम्स में बना हुआ घर पुरानी दुनिया की तरफ ले जा रहा है। हालाँकि, असल बात तो प्रीमियर की रात ही पता चलती है। संकटग्रस्त घर के डिजाइन में 45 दिन लगे और करीब 200 लोगों को रोजगार मिला, जैसा कि आर्ट डायरेक्टर ओमंग कुमार ने बताया। उन्होंने भारतीय कला को ध्यान में रखते हुए डिजाइन तैयार किया। ओमंग ने कहा, 'इस साल हमने कुछ भारतीय तरीके से करने का फैसला किया है क्योंकि लंबे समय से ऐसा नहीं किया गया है। क्रिएटिव टीम घर में कुछ अलग करना चाहती थी। भारत बहुत सुंदर है और हमें उसका लाभ कभी नहीं मिला, इसलिए इस बार हमने ऐसा किया।' उन्होंने कहा कि घर में कई गुप्त दरवाजे हैं जिनसे राक्षस डर सकते हैं। recent visitors 71

चुनावी बॉन्ड फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बॉन्ड योजना 2018 को असंवैधानिक करार देने वाले संविधान पीठ के फैसले की समीक्षा की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। समीक्षा याचिकाओं पर विचार करने के बाद न्यायमूर्ति सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि "रिकॉर्ड को देखने पर कोई त्रुटि नजर नहीं आती। इसलिए समीक्षा याचिकाएं खारिज की जाती हैं।" पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से फैसला सुनाते हुए चुनावी बॉन्ड योजना को रद्द कर दिया था। पीठ ने कहा था कि मतदाताओं को राजनीतिक दलों के चंदे का विवरण जानने के अधिकार से वंचित नहीं क‍िया जा सकता। राजनीतिक दलों को म‍िलने वाले चंदे को चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के चंदे से अलग नहीं माना जा सकता। 15 फरवरी के अपने फैसले में, सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को चुनावी बॉन्ड जारी करने पर तुरंत रोक लगाने का आदेश दिया था। साथ ही भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर राजनीतिक दलों का विवरण प्रकाशित करने का आदेश दिया था। जिन्होंने अप्रैल 2019 से चुनावी बॉन्ड के माध्यम से योगदान प्राप्त किया है। मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ की राय से न्यायमूर्ति बी आर गवई, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा ने भी सहमति जतायी थी। पीठ ने कहा था कि, चुनावी प्रक्रिया में काले धन पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से मतदाताओं के सूचना के अधिकार के उल्लंघन को उचित नहीं ठहराया जा सकता। इसके अलावा, पीठ ने कहा था कि, चुनावी बॉन्ड योजना चुनावी वित्तपोषण में "काले धन पर अंकुश लगाने का एकमात्र साधन नहीं है" और ऐसे अन्य विकल्प भी हैं जो उद्देश्य को काफी हद तक पूरा करते हैं। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने एक अलग लेकिन सहमति वाला फैसला लिखा। न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा, "मैंने भी आनुपातिकता के मानकों को लागू किया है, लेकिन थोड़े अलग बदलावों के साथ। मेरे निष्कर्ष एक जैसे हैं।" समीक्षा याचिकाओं में से एक में कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय ने चुनावी बॉन्ड योजना को “इस बात पर ध्यान दिए बिना रद्द कर दिया कि ऐसा करते हुए वह संसद पर अपीलीय प्राधिकारी के रूप में कार्य कर रहा है, तथा ऐसे मामले में अपने विवेक का प्रयोग कर रहा है जो विधायी और कार्यकारी नीति के विशेष अधिकार क्षेत्र में आता है।” हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने पुनर्विचार याचिकाओं के साथ ही इन याचिकाओं को खुली अदालत में सूचीबद्ध करने के आवेदन को भी खारिज कर दिया। इस साल अगस्त में, शीर्ष अदालत ने एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें चुनावी बॉन्ड का उपयोग करके चुनावी चंदे में कथित घोटाले की सेवानिवृत्त शीर्ष अदालत के न्यायाधीश की देखरेख में विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच की मांग की गई थी। सीजेआई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि जब तक जनहित याचिका में उठाए गए मुद्दे पर पहले से ही एफआईआर दर्ज नहीं हो जाती, तब तक “क्विड प्रो क्वो” की जांच के लिए एसआईटी का गठन नहीं किया जा सकता है। साथ ही पीठ ने कहा कि कानून के सामान्य तरीके से याचिका में उठाए गए आरोपों का समाधान किया जा सकता है। गैर सरकारी संगठन कॉमन कॉज और सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (सीपीआईएल) द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया था कि, शीर्ष अदालत के निर्देश पर जारी चुनावी बॉन्ड के आंकड़ों से पता चलता है कि अधिकांश बॉन्ड कॉरपोरेट द्वारा राजनीतिक दलों को सरकारों या प्राधिकारों से अनुबंध, लाइसेंस और पट्टे प्राप्त करने के लिए बदले में दिए गए हैं। recent visitors 81