भारतीय विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के लिए ईरान की यात्रा करने के संबंध में एडवाइजरी जारी की

नई दिल्ली लेबनान में 27 सितंबर को इजरायली हमले में हिजबुल्लाह के चीफ हसन नसरल्लाह की मौत के बाद इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है।  रात ईरान ने इजरायल पर मिसाइलों से भारी हमले किए। मध्य पूर्व में इस तनाव को देखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के लिए ईरान की यात्रा करने के संबंध में एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणदीप जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी दी। इस एडवाइजरी में विदेश मंत्रालय की ओर से भारतीय नागरिकों को ईरान की सभी गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी गई है। उन्होंने लिखा, “हम क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति में हाल ही में हुई वृद्धि पर बारीक नजर रख रहे हैं। भारतीय नागरिकों को ईरान की सभी गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी जाती है। वर्तमान में ईरान में रहने वाले लोगों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें और तेहरान में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें।” बता दें कि रिवोल्यूशनरी गार्ड ने रात इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार की। हमले में मुख्य रूप से “सैन्य और सुरक्षा प्रतिष्ठानों” को निशाना बनाया गया। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के एक बयान का हवाला देते हुए मीडिया रिपोर्टों ने पुष्टि की है कि ईरान से इजरायल की ओर बड़ी संख्या में मिसाइलें दागी गई हैं। आईआरजीसी ने धमकी दी है कि अगर इजरायल जवाब देता है, तो वह दूसरा हमला करेगा। तस्नीम समाचार एजेंसी ने बताया कि आईआरजीसी ने मिसाइल हमले को “इजरायली सेना द्वारा हमास के शीर्ष नेता इस्माइल हनीयेह और आईआरजीसी कमांडर मेजर जनरल सैय्यद अब्बास निलफोरुशन की हत्या का बदला” बताया। इसने कहा कि इसकी वायु सेना ने महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया। इजरायली मीडिया ने बताया कि ईरान ने मंगलवार रात इजरायल पर करीब 180 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी। इजराइल रक्षा बलों (आईडीएफ) के अनुसार, इजरायली वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान द्वारा दागी गई 180 बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक “बड़ी संख्या” को लक्ष्य से पहले ही रोक दिया। द टाइम्स ऑफ इजरायल ने आईडीएफ के हवाले से बताया कि अमेरिका ने इजरायल का साथ देने का ऐलान किया है। भारतीयों को ईरान की गैर जरूरी यात्रा से बचने और दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह सरकार ने सुरक्षा के गंभीर हालात के मद्देनजर भारतीय नागरिकों को ईरान की गैर जरूरी यात्रा से बचने और वहां रह रहे भारतीयों को तेहरान में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह दी है।विदेश मंत्रालय की ओर से बुधवार को यहां ईरान को लेकर जारी यात्रा परामर्श में कहा गया, “हम क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति में हालिया वृद्धि पर करीब से नजर रख रहे हैं। भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे ईरान की सभी गैर-जरूरी यात्रा से बचें।” परामर्श में कहा गया, “वर्तमान में ईरान में रहने वालों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें और तेहरान में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें।”   recent visitors 66

इतिहास में इजरायल और ईरान ने एक साझा दुश्मन से लड़ने के लिए अमेरिका की मदद से हाथ मिलाया था

नई दिल्ली मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने मंगलवार को इजरायल पर 200 से ज्यादा मिसाइलें दागीं है जिनमें हाइपरसोनिक हथियार भी शामिल हैं। अब इजरायल ने भी कसम खाई है कि ईरान इस हमले की कीमत चुकाएगा। हालांकि दोनों देशों के बीच रिश्ते हमेशा से खराब नहीं थे। यह सुनने में भले ही अकल्पनीय लगे लेकिन इजरायल और ईरान ने एक साझा दुश्मन से लड़ने के लिए अमेरिका की मदद से हाथ मिलाया था। 1960 के दशक में इजरायल और ईरान दोनों का एक साझा दुश्मन था इराक। जहां इजरायल अरब देशों के खिलाफ संघर्ष में उलझा हुआ था वहीं शाह के नेतृत्व में ईरान के लिए सुरक्षा और क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं को देखते हुए इराक एक सीधा खतरा था। इसके बाद इस समय की सबसे गुप्त साझेदारी के लिए एक आधार तैयार हुआ। इस साझेदारी में इज़राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद और ईरान की सीक्रेट पुलिस SAVAK शामिल थे। दोनों ने इराकी शासन के खिलाफ कुर्द विद्रोहियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इराक के अरब नेतृत्व की कमजोरी के रूप में देखे जाने वाले ये कुर्द समूह इराकी सरकार को अंदर से कमजोर करने के लिए जरूरी थे। खुफिया गठबंधन कोड-नाम ट्राइडेंट के गठन के बाद इज़राइल और ईरान के बीच के रिश्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए थे जिसमें तुर्की भी शामिल था। 1958 की शुरुआत में ट्राइडेंट की मदद से इन तीन समूहों ने कई खुफिया जानकारियों का आदान-प्रदान किया। जैसे-जैसे संबंध परिपक्व होते गए इज़राइल और ईरान और भी करीब होते गए। शाह की महत्वाकांक्षाएं और इज़राइल का प्रभाव ईरान के शाह मोहम्मद रजा पहलवी न केवल साझा भू-राजनीतिक हितों से प्रेरित थे बल्कि अमेरिका में इज़राइल के प्रभाव से भी प्रेरित थे। शाह ने इजराइल को अमेरिका के साथ संबंधों को सुधारने के लिए एक साधन के रूप में देखा। खासकर कैनेडी प्रशासन द्वारा उनके शासन के बारे में चिंता व्यक्त करने के बाद यह और जरूरी हो गया था। इजराइली-ईरानी संबंध ईरान की पश्चिम के साथ खुद को जोड़ने की रणनीति का हिस्सा बन गए। नतीजतन 1960 के दशक के मध्य तक तेहरान में एक स्थायी इजराइली प्रतिनिधिमंडल की स्थापना हुई जो एक दूतावास के रूप में कार्य करने लगी। हालांकि इस संबंध में भी कुछ जटिलताएं थी। शाह अरब दुनिया में व्यापक इजराइल-विरोधी भावना से अवगत थे। उन्होंने ईरान के इजराइल के साथ संबंधों के सार्वजनिक तौर पर इनकार किया। इराक के खिलाफ मिलकर काम करने में दोनों देशों का फायदा ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति ने देश के राजनीतिक परिदृश्य को काफी हद तक बदल दिया और इसे एक इजराइल विरोधी इस्लामी गणराज्य में बदल दिया। फिर भी अयातुल्ला खोईमेनी के सत्ता में आने के बाद भी नए शासन ने इजराइल के साथ गुप्त सहयोग जारी रखा। जैसे-जैसे ईरान-इराक युद्ध (1980-1988) आगे बढ़ा दोनों देशों ने सद्दाम हुसैन के इराक के खिलाफ़ मिलकर काम करने में ही फायदा देखा। इज़राइल ने भी ईरान की मदद करने में एक अच्छा अवसर देखा। अमेरिका और सोवियत संघ दोनों ने इराकी सेना की आपूर्ति की थी और यह एक जोखिम था। इज़राइल द्वारा ईरान को हथियारों की खेप भेजना, खास कर से प्रधानमंत्री मेनाचेम बेगिन द्वारा 1980 में सैन्य उपकरणों की बिक्री को मंज़ूरी दिए जाने के बाद इराक की ताकत को कमज़ोर करने का एक सोचा-समझा फ़ैसला था। ये गुप्त हथियार सौदे अमेरिकी नीति के बावजूद किए गए जिसमें तेहरान में बंधक बनाए गए अमेरिकी लोगों की रिहाई तक ईरान को सैन्य सहायता देने पर रोक लगाई गई थी। इज़राइली सैन्य सहायता के बदले में, खोईमेनी के शासन ने बड़ी संख्या में ईरानी यहूदियों को इज़राइल या अमेरिका में रहने की अनुमति दी। ऑपरेशन फ्लावर इजरायल-ईरानी साझेदारी पारंपरिक हथियार सौदों से आगे तक पहुंच गई थी। सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक ऑपरेशन फ्लावर था जो एक गुप्त करोड़ों डॉलर की योजना थी जो 1977 में शाह के शासन के दौरान शुरू हुई थी। इस सौदे के तहत ईरान ने 1978 में इजरायल को 260 मिलियन डॉलर का तेल भेजकर एक बड़ा अग्रिम भुगतान किया जैसा कि 1986 की न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था। मिसाइल कार्यक्रम पर काम 1979 में इस्लामिक क्रांति तक जारी रहा जिसके बाद खोमेनेई के शासन ने अचानक सहयोग रोक दिया। अक्टूबर 1980 में जब ईरान ने इराक के खिलाफ युद्ध छेड़ा था तब इजरायल ने गुप्त रूप से ईरान को अमेरिकी निर्मित एफ-4 लड़ाकू विमानों के लिए 250 अतिरिक्त टायर भी दिए थे। दुश्मनी की शुरुआत 1990 के दशक तक इज़राइल और ईरान के बीच सहयोग का युग लगभग समाप्त हो गया था। भू-राजनीतिक कारण जैसे अरब समाजवाद, सोवियत प्रभाव और इराक का खतरा, जो कभी उन्हें एकजुट करते थे गायब हो गए थे जिससे सहयोग के लिए वजहें नहीं बची थी। इसके बाद ईरान ने इजरायल विरोधी विचारधारा को अपनाया। ईरान ने इजरायल के साथ संघर्ष में हिजबुल्लाह और हमास जैसे समूहों का समर्थन किया है। 2000 के दशक की शुरुआत में ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद का चुनाव, नरसंहार से इनकार और इजरायल के खिलाफ आक्रामक बयानबाजी ने तनाव को और बढ़ा दिया। इसके बाद ईरान इस क्षेत्र में इजरायल का सबसे प्रमुख विरोधी बन गया। अब मिडिल ईस्ट के ये दो देश पूरी तरह युद्ध की कगार पर हैं। recent visitors 86

मोहन सरकार प्रदेश में फ्लोर एरिया रेशियो को 2.5 से बढ़ाकर 5 या 7 कर सकती है, जाने इससे क्या होगा लाभ

भोपाल  मध्य प्रदेश से बड़ी खबर है. अब प्रदेश की कमर्शियल बिल्डिंग और ऊची होंगी. सरकार कर्मशियल बिल्डिंग में फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) को दोगुना कर सकती है. भोपाल में एफएआर फिलहाल 2.5 है, लेकिन अब इसे 5 या 7 करने की योजना है. खास बात यह है कि, इस तरह की बिल्डिंगों में केंद्र सरकार के नेशनल बिल्डिंग कोड का पालन करना जरूरी होगा. इस कोड के पालन से भवन और ज्यादा मजबूत और सुरक्षित होंगे. इसके मद्देनजर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टी एंड सीपी) ने संशोधन प्रस्ताव तैयार किया है. यह प्रस्ताव टी एंड सीपी के भूमि विकास नियम-2012 के लिए तैयार किया गया है. गौरतलब है कि केंद्र सरकार नियमों के बदलाव होने के बाद उन्हीं के आधार पर अनुदान तय करेगी. इस तरह की बिल्डिंग बनने के बाद हर दुकान-मकान में आग के सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने होंगे. इस तरह की ऊंची कॉलोनी बनाने वालों को इलेक्ट्रिक गाड़ियों की चार्जिंग के लिए स्टेशन बनाना होगा. भवन निर्माताओं को ग्राउंड कवरेज की लिमिट से छूट मिल सकती है. उन्हें एक न्यूनतम क्षेत्र की खुला रखना पड़ेगा. अभी तक बनी हाईराइज बिल्डिंगों में 50 फीसदी ग्राउंड कवरेज रखना पड़ता है. रिहाशयी इलाके में 30 फीसदी ग्राउंड कवरेज रखने का नियम है. जबकि, कमर्शियल में अभी तक 40 फीसदी ग्राउंड कवरेज रखा जाता है. केंद्र सरकार तय करेगी अनुदान बताया जाता है कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से कहा है कि वे शहरी क्षेत्रों में सुधार करें. भोपाल से प्रकाशित हिंदी अखबार दैनिक भास्कर के मुताबिक, केंद्र सरकार ने यह इसलिए करने का कहा है, ताकि शहरी विकास योजनाओं और अमृत योजना के लिए अनुदान मिल सके. ये बदलाव होने के बाद जो सुधार होंगे, उन्हीं के आधार पर केंद्र सरकार अनुदान का फंड तय करेगी. इसे लेकर अधिकारियों का कहना है कि टी एंड सीपी ने नगरीय विकास एवं आवास को भूमि विकास नियम में संशोधन के लिए प्रस्ताव दिए थे. विभाग ने उन्हें और बेहतर तरीके से तैयार करने को कहा है. इसके बाद केंद्र सरकार जो मंशा होगी उस पर विचार किया जाएगा. उसके बाद इसे लागू किया जाएगा. recent visitors 77

राशिफल गुरुवार 03 अक्टूबर 2024

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। हालांकि व्यापारियों को कार्यों में व्यस्तता रह सकती है। मित्रों के साथ अच्छा तालमेल बनाकर रखें। सेहत के प्रति सचेत रहें। परिवार की किसी महिला से धन मिल सकता है। वाहन सुख में वृद्धि हो सकती है। आर्थिक रूप से अच्छे रहेंगे। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। वृषभ राशि-  आज कार्यों को धैर्य के साथ पूरा करें। अनुशासन व ईमानदारी से कार्यों को करने से आप उच्चाधिकारियों को प्रभावित भी कर पाएंगे। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। काम में वृद्धि होगी। सेहत का ध्यान रखें। परिवार के किसी सदस्य से अच्छी खबर मिल सकती है। अपनों का साथ होगा। आर्थिक रूप से आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों को किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। हालांकि किसी भी काम में बहुत जल्दबाजी ने करें, वरना परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बातचीत में संतुलन बनाए रखें। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। जीवनसाथी का साथ रहेगा। व्यापारियों के लिए शुभ दिन। आर्थिक रूप से दिन सामान्य रहेगा। कर्क राशि- आज खर्चों में वृद्धि होने के कारण मन परेशान हो सकता है। बातचीत में संतुलन बनाकर रखें, वरना ऑफिस में वाद-विवाद हो सकता है। बेकार के क्रोध से बचें। संतान व जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। पिता का साथ होगा, जिससे धन लाभ के योग बनेंगे। निवेश के अच्छे विकल्प सामने आ सकते हैं। सिंह राशि- आज काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है। यात्रा के दौरान सावधानी बरतना जरूरी होगा। कारोबार में वृद्धि होगी। आर्थिक लाभ के संकेत हैं। परिवार की समस्याएं परेशान कर सकती हैं। पिता का साथ मिलेगा। जीवनसाथी के साथ किसी छोटी बात को लेकर अनबन हो सकती है। बच्चों की सेहत अच्छी रहेगी। कन्या राशि- कन्या राशि वालों का आज अतीत की बातों को लेकर मन परेशान रह सकता है। हालांकि शाम तक मूड अच्छा हो जाएगा। अपनी भावनाओं को वश में रखें। नौकरी के लिए इंटरव्यू कार्यों में सफलता मिलेगी। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। ऑफिस में उच्चाधिकारी आपके काम की तारीफ कर सकते हैं। आर्थिक रूप से संतुलन बनाकर चलें। तुला राशि- आज तुला राशि के जातक आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे, लेकिन कुछ चीजों को लेकर मन में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के अवसर भी मिल सकते हैं। नौकरी की तलाश करने वालों के लिए यह समय अच्छा रहने वाला है। आर्थिक रूप से लाभ के योग बन रहे हैं। वृश्चिक राशि- आज महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता मिलने से मन प्रसन्न रहेगा, लेकिन आय में कमी व खर्च ज्यादा की स्थिति से परेशान भी हो सकते हैं। पिता से धन मिल सकता है। परिवार का साथ मिलेगा। जीवनसाथी का भरपूर सानिध्य मिलेगा। नौकरी पेशा करने वालों को अच्छे अवसरों की प्राप्ति हो सकती है। व्यापारियों के लिए दिन सामान्य रहने वाला है। धनु राशि- आर्थिक रूप से मुश्किलों का सामना करने के कारण मन परेशान रह सकता है। कार्यक्षेत्र में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। आर्थिक लाभ के अवसर भी मिलेंगे। किसी पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है। धैर्य से काम लें। अटके हुए कार्यों में सफलता हासिल हो सकती है। मकर राशि- आज मकर राशि के कुछ जातकों के लिए नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन भी हो सकता है। किसी दूसरे स्थान पर जाना हो सकता है। व्यापारियों के लिए आज का दिन लाभकारी रहने वाला है। आर्थिक रूप से आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। छात्रों के लिए अच्छा समय रहने वाला है। कुंभ राशि- आज शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान रह सकते हैं। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन अशांत रहेगा। बेकार के गुस्से से बचें। बातचीत में बैलेंस बनाए रखें। सेहत का ध्यान रखें। कारोबार में लाभ में वृद्धि होगी। आय के नवीन सोर्स बनेंगे, पुराने सोर्स से भी पैसे आएंगे। जीवनसाथी की बातों को नजरअंदाज न करें। व्यापार अच्छा दिख रहा है। मीन राशि- मीन राशि के जातकों को पारिवारिक मामलों में धैर्य के काम लेना होगा। परिवार में भी शांति बनाए रखने का प्रयास करें। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। घर में मेहमान का आगमन हो सकता है। भूमि, भवन व वाहन की खरीददारी संभव है। अपनों का साथ होगा। व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी। जीवनसाथी का सानिध्य प्राप्त होगा। recent visitors 90

योगी सरकार प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत यूपी के लाभार्थियों को फ्री में दिवाली पर एक सिलेंडर देगी

लखनऊ योगी सरकार हर साल की तरह इस साल भी महिलाओं को दिवाली पर तोहफा देने जा रही है।योगी सरकार प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत यूपी के लाभार्थियों को फ्री में दिवाली पर एक सिलेंडर देगी। लाभार्थियों को फ्री में सिलेंडर देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि अभी सरकार की ओर से कोई आदेश नहीं आया है लेकिन सरकार ने इसका नीतिगत निर्णय ले रखा है, इसलिए आदेश आना औपचारिकता है। फ्री में सिलेंडर कब बांटे जाएंगे ये आदेश आने के बाद ही पता चलेगा। माना जा रहा है कि दो-तीन दिनों में सिलेंडर देने का आदेश जारी हो सकता है। दरअसल प्रधानमंत्री उज्जवला योजना पूरे देश में चलाई जा रही है। इसके तहत साल में दो सिलेंडर निश्शुल्क उज्जवला लाभार्थियों को दिए जाते हैं। पहला सिलेंडर दिवाली पर मिलता है और दूसरा सिलेंडर होली पर दिया जाता है। दिवाली की समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने दिए थे निर्देश त्योहारों को लेकर सीएम योगी ने मंगलवार को समीक्षा बैठक की थी। जिसमें सीएम योगी ने दीपावली पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के सभी लाभार्थियों को मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर बांटने के निर्देश जारी किए थे। सीएम योगी ने कहा था कि त्योहार से पहले इन सभी लाभार्थियों तक रसोई गैस सिलेंडर पहुंच जाना चाहिए। पुलिस और प्रशासन के अफसरों के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग करके त्योहार में सुरक्षा-व्यवस्था पर भी लंबी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने नवरात्र के समय प्रमुख स्थानों पर आवश्यक पुलिस बल रखने को कहा है। मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी धाम, सहारनपुर में मां शाकुम्भरी मंदिर, वाराणसी में विशालाक्षी मंदिर और बलरामपुर में मां पाटेश्वरी धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के सभी इंतजाम कर लिए जाए। हर मंदिर परिसर में सफाई का पूरा ध्यान रखा जाए। ग्रामीण रूटों पर बसें बढ़ाई जाए मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के समय अक्सर ग्रामीण रूट पर बसों की कमी दिखती होती है। परिवहन निगम को इन रूटों पर बसों की संख्याा बढ़ाने की जरूरत है। निगम यह भी देखे कि बस ड्राइवर व कंडक्टर नागरिकों के साथ अच्छा व्यवहार करें। किसी हाल में डग्गामार और खस्ताहाल बसें नहीं चलाई जाए। शहरी क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक बस सेवा को बढ़ाने की जरूरत है। recent visitors 84

अभ्यास के तहत जवानों ने वायुसेना के मल्टीपर्पज विमान एएन-32 से 18 हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई

चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर भारतीय वायुसेना अभ्यास कर रही है। बुधवार को इस अभ्यास के तहत जवानों ने वायुसेना के मल्टीपर्पज विमान एएन-32 से 18 हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई और पैराशूट के जरिये चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी के रनवे पर लैंडिंग का अभ्यास किया। इसके साथ ही वायुसेना के मल्टीपर्पज विमान एएन 32 ने चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर सफलतापूर्वक लैंडिंग और टेकऑफ का अभ्यास किया। वायु सेना का यह अभियान पायलेट प्रशिक्षण का अभ्यास बताया जा रहा है। इससे पहले गत 17 सितंबर से 22 सितंबर तक पायलेट ट्रेनिंग कार्यक्रम चला। चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण भारत-चीन अंतराष्ट्रीय सीमा के करीब बनी चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए सेना और वायु सेना समय-समय पर यहां अपने अभ्यास कार्यक्रम आयोजित करती आई हैं। इस हवाई पट्टी पर हरक्यूलिस सहित कई विमान लैंडिंग और टेक ऑफ कर चुके हैं। चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर भारतीय वायु सेना पिछले कई वर्षों से समान्य और सैन्य अभ्यास कर रही है। यही वजह है कि वायु सेना इसे अपना एडवांस लैंडिंग ग्राउंड एएलजी बनाने की कवायद में लगी हुई है। गत मंगलवार को भी वायु सेना ने अभ्यास शुरू किया। बुधवार को वायु सेना के 10 जवानों ने एएन 32 विमान से 18 हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई। जिन्होंने पैराशूट के जरिये रनवे पर लैंडिंग का अभ्यास किया। ये जवान आगरा एयर बेस से एएन 32 में पहुंचे। 18 हजार फीट की ऊंचाई से कूदे जवानों के हौसले को देखने के लिए चिन्यालीसौड़ में कौतूहल का माहौल बना। हर किसी की नजर आसमान में पैराशूट पर थी। यह अभियान आगामी 4 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभ्यास के लिए वायुसेना के जवान जुटे हुए हैं। recent visitors 83

ईरान ने इजरायली नेताओं की मोस्ट वांटेड लिस्ट जारी की, जिसके चलते करारा जवाब देने की तैयारी में नेतन्याहू

तेल अवीव ईरान द्वारा इजरायल पर सैकड़ों मिसाइल दागे जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। इजरायल ने ईरान से बदला लेने की कसम खाई है। उधर, ईरान ने इजरायली नेताओं की मोस्ट वांटेड लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में इजरायल के कुल 11 नेताओं के नाम हैं। टॉप पर पीएम नेतन्याहू का नाम ईरान ने जो लिस्ट जारी की है, उसमें बेंजामिन नेतन्याहू का नाम टॉप पर है। इसके अलावा लिस्ट में रक्षा मंत्री योआव गैलेंट और सेना प्रमुख हर्जी हलेवी का नाम भी शामिल है। ईरान ने जो लिस्ट जारी की है, उसमें इन्हें इजरायली आतंकी बताया गया है।   ईरान ने दागी कई मिसाइलें इससे पहले, बीती रात ईरान की ओर से इजरायल पर 150 से ज्यादा मिसाइलें दागी गई। हालांकि, मिसाइल अटैक में इजरायल को खास नुकसान नहीं हुआ। इन हमलों के बाद नेतन्याहू ने ईरान पर पलटवार करने की कसम खाई है। वहीं, अमेरिका ने इजरायल की मदद करने का एलान किया है। अमेरिका ने ही हमले से कुछ घंटों पहले इजरायल को आगाह किया था। अमेरिका ने कहा था कि ईरान कुछ ही देर में इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर सकता है। recent visitors 83