18 अक्टूबर को फिर से रिलीज होगी बोमन ईरानी की फ़िल्म खोसला का घोसला

मुंबई,  बॉलीवुड के जानेमाने चरित्र अभिनेता बोमन ईरानी की फ़िल्म खोसला का घोसला 18 अक्टूबर को फिर से रिलीज होगी। बड़े पर्दे पर क्लासिक फिल्मों को फिर से रिलीज करने का चलन हाल ही में जोर पकड़ रहा है, जिससे नए दर्शकों और पुराने प्रशंसकों दोनों को ही इन पसंदीदा फिल्मों को सिनेमाघरों में देखने का मौका मिल रहा है। 2024 में, हम आपके हैं कौन! लैला मजनू और वीर-ज़ारा जैसी फ़िल्में सिनेमाघरों में वापस आ रही हैं, और उनके साथ बोमन ईरानी अभिनीत कल्ट क्लासिक 'खोसला का घोसला' भी शामिल है, जो 18 अक्टूबर को फिर से रिलीज होने वाली है। बॉलीवुड की सबसे यादगार पारिवारिक ड्रामा में से एक यह फिल्म सालों से दर्शकों के बीच गूंज रही है। इसके मज़ेदार संवाद और अविस्मरणीय दृश्य आज भी कॉमेडी स्केच और मीम्स को बढ़ावा देते हैं। बोमन ईरानी ने फ़िल्म खोसला का घोसला के फिर से रिलीज होने के बारे में अपनी खुशी सोशल मीडिया पर साझा की। इंस्टाग्राम पर अपनी स्टोरी पर रील पोस्ट करते हुए बोमन ईरानी ने लिखा: "वापस वहीं जहां से यह सब शुरू हुआ था! खोसला का घोसला की यात्रा का हिस्सा बनकर बहुत गर्व महसूस हो रहा है! अभी टिकट बुक करें।"   recent visitors 81

160 लाख मीट्रिक टन धान की करेगी खरीदी, छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ का बढ़ाया टार्गेट

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने 2024-25 खरीफ विपणन सत्र के लिए 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का अनुमानित लक्ष्य रखा है। चालू खरीफ विपणन सत्र में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और कस्टम मिलिंग की नीति की समीक्षा करने तथा सुझाव देने के लिए गठित मंत्रिपरिषद उप समिति की मंत्रालय नया रायपुर में बैठक में यह निर्णय लिया गया। जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में समिति ने राज्य में किसानों से अनुमानित 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का निर्णय लिया। धान खरीद के विषय में भी हुई चर्चा अधिकारियों ने बताया कि दीपावली के पर्व और राज्य स्थापना दिवस पर राज्योत्सव को ध्यान में रखते हुए धान खरीद 15 नवंबर से शुरू किए जाने के संबंध में भी चर्चा की गई। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदने का निर्णय भी लिया गया। सभी खरीद केंद्रों को ‘इलेक्ट्रॉनिक वेटिंग मशीन’ की व्यवस्था करने को भी कहा गया है। बीते मौसम से अधिक खरीद का अनुमान अधिकारी ने बताया कि मंत्रिमंडल उपसमिति ने जूट (पटसन) आयुक्त तथा ‘जेम पोर्टल’ के जरिये जूट बैग खरीदने का भी निर्णय लिया ताकि धान की खरीद सुव्यवस्थित हो सके और किसानों को जूट बैग आसानी से उपलब्ध हो सकें। खरीफ के पिछले मौसम में राज्य में समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड 144.92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी और अनुमान लगाया जा रहा है कि चालू मौसम में यह 160 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच जाएगी। बैठक में शामिल हुए सदस्य बैठक में मंत्री-मंडलीय उप समिति के सदस्य वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और 20 सूत्रीय क्रिर्यान्वयन मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा शामिल हुए। अधिकारी ने बताया कि राज्य में 2,058 सहकारी समितियों और 2,739 धान खरीद केंद्रों के जरिये खरीद की जाएगी। recent visitors 98

गांधी जयंती के अवसर पर ग्राम सभा का किया गया आयोजन

शहडोल आज शहडोल जिले में  गांधी जयंती के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत साफ सफाई का भी कार्य किया गया।  गांधी जयंती के अवसर पर जिले के ग्राम पंचायत सुखाड़, कोल्हुआ, हिरौड़ी, नौगांव सहित अन्य ग्रामों में जयंती मनाई गई। गांधी जयंती के अवसर पर ग्राम सभा का भी आयोजन किया गया तथा उपस्थित ग्रामीणों को स्वच्छता एवं नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। recent visitors 62

स्वच्छ भारत अभियान दुनिया का सबसे बड़ा और सफल जनआंदोलन, विकसित भारत की यात्रा को करेगा मजबूत: मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को स्वच्छ भारत अभियान को इस सदी में दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे सफल जनआंदोलन करार दिया और कहा कि ‘विकसित भारत' की यात्रा में हर प्रयास ‘स्वच्छता से संपन्नता' के मंत्र को मजबूत करेगा। स्वच्छ भारत अभियान आरंभ होने के 10 साल पूरे होने के अवसर पर यहां विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में स्वच्छता और सफाई से संबंधित 9,600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने स्वच्छता को हर नागरिक के जीवन का अभिन्न अंग बनाते हुए भावी पीढ़ियों में इस मूल्य का संचार करने पर भी जोर दिया। 'दुनिया का सबसे सफल जन आंदोलन बना स्वच्छ भारत अभियान' उन्होंने कहा, ‘‘आज से एक हजार साल बाद भी जब 21वीं सदी के भारत का अध्ययन होगा तो उसमें स्वच्छ भारत अभियान को जरूर याद किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन इस सदी में दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे सफल जनभागीदारी, जन नेतृत्व वाला जन आंदोलन है। इस मिशन ने मुझे ईश्वररूपी जनता-जनार्दन की साक्षात ऊर्जा के भी दर्शन कराए हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘विकसित भारत की यात्रा में हमारा हर प्रयास 'स्वच्छता से संपन्नता' के मंत्र को मजबूत करेगा।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता की प्रतिष्ठा बढ़ने से देश में एक बहुत बड़ा मनोवैज्ञानिक परिवर्तन भी हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले साफ-सफाई के काम से जुड़े लोगों को किस नजर से देखा जाता था, यह पूरा देश जानता है लेकिन स्वच्छ भारत अभियान ने इस सोच को भी बदल दिया। उन्होंने कहा, ‘‘साफ-सफाई करने वालों को आज जब मान-सम्मान मिला तो उनको भी गर्व हुआ।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान लाखों भारतीयों की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है और पिछले 10 वर्षों में अनगिनत नागरिकों ने इसे अपनाया है और अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया है। उन्होंने कहा, ‘‘स्वच्छता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता आजीवन प्रतिज्ञा है, न कि एक बार किया गया कोई वादा। हमें स्वच्छता को हर नागरिक के जीवन का अभिन्न अंग बनाते हुए भावी पीढ़ियों में इस मूल्य का संचार करना होगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘गंदगी के प्रति नफरत ही हमे स्वच्छता के लिए मजबूर कर सकती है और मजबूत भी कर सकती है।'' प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर जल संरक्षण, जल शोधन और नदियों की सफाई के महत्व को भी रेखांकित किया और इसे प्राप्त करने के लिए लगातार नई तकनीकों में निवेश करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने पर्यटन पर स्वच्छता के महत्वपूर्ण प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि देशवासियों को पर्यटन स्थलों, पवित्र तीर्थ स्थलों और सांस्कृतिक विरासत की स्वच्छता और साफ-सफाई को बनाए रखना चाहिए। कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों को घेरा मोदी ने इस अवसर पर स्वच्छता पर विशेष ध्यान न देने के लिए कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि उसने आजादी मिलने के बाद महात्मा गांधी के नक्शेकदम पर चलने का दावा किया, उनके नाम पर सत्ता हासिल की लेकिन स्वच्छता को लेकर बापू के दृष्टिकोण की उपेक्षा की। उन्होंने कहा, ‘‘वर्षों तक उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए गांधी जी की विरासत का दोहन किया लेकिन स्वच्छता पर उनके जोर को आसानी से भुला दिया।'' मोदी ने कहा, ‘‘उन्होंने गंदगी को ही जिंदगी मान लिया…इसके परिणामस्वरूप लोग गंदगी में रहने के आदी हो गए, गंदगी और नकारात्मकता उनके दैनिक जीवन का हिस्सा बन गई। साथ ही समाज में स्वच्छता को लेकर होने वाली चर्चाएं भी।'' उन्होंने कहा कि इसीलिए उन्होंने लाल किले की प्राचीर से इस मुद्दे को उठाया था लेकिन उनका मजाक उड़ाया गया और कहा गया कि शौचालय के बारे में बात करना प्रधानमंत्री का काम नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘… लेकिन मैं नहीं रुकूंगा… भारत के प्रधानमंत्री के रूप में मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता मेरे साथी नागरिकों के जीवन को आसान बनाना है!'' इन परियोजनाओं का किया उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने जिन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया उनमें मिशन अमृत और अमृत 2.0 के तहत शहरी जल और गंदे नाले की व्यवस्था को बेहतर करने के उद्देश्य से 6,800 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत गंगा बेसिन क्षेत्रों में जल गुणवत्ता और अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार पर केंद्रित 1550 करोड़ रुपये से अधिक की 10 परियोजनाएं और गोबरधन योजना के तहत 1332 करोड़ रुपये से अधिक की 15 संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) संयंत्र परियोजनाएं शामिल हैं।   recent visitors 142

हमीदिया अस्पताल में सफलतापूर्वक की गयी प्रथम आईवीयूएस गाइडेड एंजियोप्लास्टी

भोपाल हमीदिया अस्पताल, भोपाल के हृदय रोग विभाग की कैथ लैब में पहली बार आईवीयूएस (इंट्रावैस्कुलर अल्ट्रासाउंड) गाइडेड एंजियोप्लास्टी सफलतापूर्वक की गई। इस उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने टीम को बधाई दी और कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास है कि उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं, शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में भी उपलब्ध हों। यह महत्वपूर्ण प्रक्रिया हृदय रोग विशेषज्ञ प्रो. डॉ. राजीव गुप्ता एवं प्रो. डॉ. अजय शर्मा की देखरेख में संपन्न हुई। उल्लेखनीय है कि गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में मात्र 10,000 रुपये में आईवीयूएस गाइडेड एंजियोप्लास्टी जैसे उच्च स्तरीय उपचार किया गया है, निजी अस्पतालों में इसका खर्च लगभग 3 लाख रुपये तक आता है। क्या है आईवीयूएस तकनीकी आईवीयूएस तकनीक से कोरोनरी धमनियों की दीवारों का अंदर से निरीक्षण किया जा सकता है, जिससे प्लाक बिल्डअप की मात्रा और प्रकार की सटीक जानकारी मिलती है। यह तकनीक यह समझने में मदद करती है कि मरीज को दिल का दौरा पड़ने का खतरा है या नहीं। साथ ही, इससे इलाज के दौरान स्टेंट लगाने की सटीक जगह का निर्धारण किया जाता है, जिससे जटिलताओं की संभावना को कम किया जा सकता है। इससे मरीजों के इलाज में अधिक सटीकता और सुरक्षा सुनिश्चित होती है। recent visitors 69

चाकू की नोंक पर लूट, उच्च अधिकारी के संज्ञान पर दो अज्ञात लोग पर मामला दर्ज

झगराखाण्ड/एमसीबी  झगराखाण्ड थाना के अंंतर्गत खोंगापानी चौकी क्षेत्र में दो अज्ञात लोग ने चाकू की नोंक पर लूटपाट कर घटना को अंजाम दिया। मनेन्द्रगढ़ जिला मुख्यालय के आमाखेरवा क्षेत्र में अज्ञात चोरों का आतंक लगातार जारी है। बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को मीडिया द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किया गया, लेकिन पुलिस अब तक चोरों को पकड़ने में असफल रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एमसीबी जिले के कुछ पुलिसकर्मी पिछले 10-15 वर्षों से जिला कोरिया और एमसीबी में तैनात हैं और कहीं अन्यत्र जाने को तैयार नहीं हैं। उनका मानना है कि जब तक यहां स्थानीय पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, अपराधों पर नियंत्रण पाना मुश्किल रहेगा। इसके चलते अवैध गतिविधियों का बोलबाला बढ़ता जा रहा है और पुलिस विभाग की छवि धूमिल हो रही है। इसी कड़ी में, विगत शनिवार रात 1 से 1.30 बजे के बीच, 2 अज्ञात लोग ने नगर पंचायत खोंगापानी के वार्ड नंबर 14, क्वार्टर नंबर 02 में चाकू की नोक पर सेंध लगाकर नगद डेढ़ लाख रुपये और ज्वेलरी लूट की घटना अंजाम दिया गया। आवेदक राजकुमार केवट ने खोंगापानी चौकी में लिखित शिकायत दी, लेकिन चौकी प्रभारी राकेश शर्मा ने मौके पर पहुंचने के बावजूद एफआईआर दर्ज करने में विलम्ब की। मीडिया ने घटनास्थल का दौरा किया, जहां आवेदक की पत्नी ने विस्तार से पूरी घटना की जानकारी दी। सवाल यह उठता है कि पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा होनी चाहिए। चाकू की नोक पर लूटपाट और फिर शिकायत दर्ज करने में देरी क्या सही है? ऐसे में आम जनता पुलिस पर कैसे भरोसा करेगी? मीडिया द्वारा इस मामले की जानकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक वाडेगावंकर को दी गई, जिन्होंने चौकी प्रभारी राकेश शर्मा से मामले की जांच करने का आश्वासन दिया। इसके बाद, उच्च अधिकारी के संज्ञान में आने के 24 घंटे बाद, 30 सितंबर को शाम 7 बजे, खोंगापानी चौकी में अज्ञात दो लोग पर मामला दर्ज किया गया। recent visitors 77

रिपोर्ट : इजरायल ईरान के तेल कुओं और परमाणु अड्डों पर अटैक कर सकता है, एयर डिफेंस सिस्टम भी निशाने पर रहेगा

तेल अवीव ईरान की ओर से इजरायल पर मंगलवार को 200 मिसाइलें दागे जाने के बाद माहौल बदल गया है। अब तक हमास, हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच ही चल रही जंग दो महाशक्तियों में संघर्ष में बदलती दिख रही है। इस बीच इजरायल ने ईरान को खत्म ही करने की कसम खाई और बदला लेने की धमकी दी है। अमेरिकी वेबसाइट Axios की रिपोर्ट के अनुसार इसके तहत इजरायल अब ईरान के परमाणु ठिकानों और उसके तेल कुओं पर भी अटैक कर सकता है। इससे ईरान के साथ ही आसपास के देशों के लिए भी खतरे की स्थिति पैदा हो सकती है। यही नहीं तेल के ठिकानों पर अटैक की वजह से दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। एक इजरायली अधिकारी ने कहा कि हम यह देखेंगे कि अब हम अटैक करेंगे तो ईरान क्या करेगा। हम ईरान को ऐसा दर्द देंगे कि वह कभी भुलेगा नहीं। कई इजरायली सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के तेल कुओं पर अटैक हो सकता है। इसके अलावा ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम भी निशाने पर रहेगा। अब तक मिली जानकारी के अनुसार इजरायल की ओर से फाइटर जेट्स से हमला किया जा सकता है। इसके अलावा टारगेट अटैक भी हो सकता है, जिसमें ड्रोन जैसी चीजों का इस्तेमाल हो सकता है। इसी तरीके से इजरायल ने तेहरान के अंदर घुसकर इस्माइल हानियेह को मार गिराया था। यह पहला मौका है, जब इजरायल और ईरान इस तरह से आमने-सामने हैं। इसी साल अप्रैल में भी दोनों के बीच मामूली झड़प हुई थी। लेकिन इस बार जंग तेज होती दिख रही है। यहां तक कि अमेरिका ने अतिरिक्त सैनिक भेजने का ऐलान कर दिया है और इजरायल का समर्थन करते हुए कहा है कि उसे ईरान के हमलों से अपनी रक्षा करने का अधिकार है। अब अनुमान है कि इजरायल बड़ा हमला कर सकता है और इससे पूरे मिडल ईस्ट में ही कोहराम की स्थिति पैदा हो सकती है। बता दें कि अब तक ईरान के अलावा किसी भी अन्य मुस्लिम देश ने इजरायल के खिलाफ खुलकर उतरने का ऐलान नहीं किया है। सऊदी अरब, यूएई जैसे देश तो तटस्थ ही हैं। ऐसी स्थिति में इजरायल और ईरान के बीच बड़ा संघर्ष दुनिया को किस तरफ ले जाएगा, यह देखने वाली बात होगी। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू तो वीडियो जारी करके कह चुके हैं कि ईरान को हमले की कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि ईरान यह नहीं समझता कि हमारा अपनी रक्षा को लेकर संकल्प है। यह संकल्प दुश्मनों के खात्मे तक बना रहेगा। recent visitors 86