देश-दुनिया को खूब लुभा रही देवभूमि की प्राकृतिक सौंदर्य, हिल-झील और हिमालय

देहरादून उत्तराखंड में मानसून का कहर थमा और मौसम का रुख बदला तो हरिद्वार से लेकर केदारनाथ धाम तक आस्था का ज्वार दिखने लगा है। देवभूमि एक बार फिर गुलजार हो गई है। चारधाम यात्रा की बात करें तो अब तक 37 लाख 91 हजार 205 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। वैसे इन दिनों उत्तराखंड देवभूमि की प्राकृतिक सौंदर्य देश-दुनिया को खूब लुभा रही है। हिल-झील और हिमालय मानो सुकून सा अहसास करा रहे हैं। चारधाम यात्रा के लिए देश-दुनिया से आने वाले तीर्थयात्री देवभूमि के प्राकृतिक सौंदर्य का भी लुप्त उठा रहे हैं। उत्तराखंड के चार धाम हिंदुओं के पवित्र स्थलों में से हैं। गत 10 मई से शुरू हुई चारधाम यात्रा पर गौर करें तो सबसे अधिक तीर्थयात्री हिमालय की चोटी पर मंदाकिनी नदी के समीप स्थित भगवान श्रीकेदारनाथ के दर पर शीश नवा चुके हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के ड्यूटी आफिसर व वरिष्ठ निजी सचिव पंकज कुमार सैनी की एक रिपोर्ट के अनुसार केदारनाथा धाम में अब तक 12 लाख 27 हजार 295 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। अलकनंदा नदी के समीप स्थित श्रीबदरीनाथ धाम में अब तक 10 लाख 48 हजार 957, गंगोत्री में सात लाख 10 हजार 255, यमुनोत्री में छह लाख 22 हजार 829, गौमुख में 7458 तो हेमकुंड साहिब दरबार में एक लाख 74 हजार 411 श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं। सुरक्षित धार्मिक यात्रा कराने को लेकर धामी सरकार प्रतिबद्ध गत दिनों मानसून के कहर से आई आपदा के कारण चारधाम यात्रा जरूर प्रभावित हुई, लेकिन आस्था का सैलाब कम नहीं हुआ। वर्तमान में चारों धामों के लिए सड़क व हवाई मार्ग दोनों सुचारू हैं। सरकार-प्रशासन से लेकर विभागीय स्तर पर निगरानी की जा रही है। चारधाम यात्रा व्यवस्था पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद नजर बनाए हुए हैं। श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, इसका भी ख्याल रखा जा रहा है। धामी सरकार सुरक्षित धार्मिक यात्रा कराने को लेकर प्रतिबद्ध है।     recent visitors 65

टी20 विश्व कप के लिये भारतीय महिला टीम की तैयारी बेहतरीन : लक्ष्मण

बेंगलुरू  बीसीसीआई के उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर आफ एक्सीलैंस) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण ने कहा है कि चोटिल क्रिकेटरों की रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया में पूर्व निर्धारित समय सीमा की बजाय जरूरी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए धैर्य के साथ आगे बढना महत्वपूर्ण है। पिछले दो साल में ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे शीर्ष क्रिकेटरों ने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में कई महीने बिताये हैं। अब यही अकादमी सेंटर आफ एक्सीलैंस बन गई है। ये सभी क्रिकेटर पूरी तरह फिट होकर मैदान पर लौटे। लक्ष्मण ने यहां सेंटर के उद्घाटन के मौके पर चुनिंदा पत्रकारों से कहा, ‘‘यह गलत धारणा है कि समय सीमा का पालन करना है। मैं समझता हूं कि कई बार आपको लगता है कि आप इस समय सीमा में फिट हो जायेंगे लेकिन कई बार ऐसा नहीं हो पाता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि प्रोटोकॉल का संयम के साथ पालन करना जरूरी है लेकिन कई बार रिकवरी में देर भी हो जाती है। हमने ऋषभ पंत का मामला देखा है और जस्सी का भी। कई खिलाड़ी यहां आये और कड़ी मेहनत की जिसका परिणाम भी मिला।’’ लक्ष्मण ने कहा कि रिकवरी के दौरान सबसे अहम मानसिक रूप से मजबूत बने रहना था। उन्होंने कहा, ‘‘रिहैबिलिटेशन में सबसे चुनौतीपूर्ण होता है कि पूरे दिन में दो तीन घंटे ही यह प्रक्रिया होती है और बाकी दिन खिलाड़ी के पास करने के लिये कुछ नहीं होता। ऐसे खिलाड़ी जिनको रोज छह से आठ घंटे खेलने या अभ्यास करने की आदत है, वे अचानक रिहैब रूम तक सिमट जाते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘रिकवरी के बाद अधिकतम चार से पांच घंटा मैदान पर जाते हैं। इसके लिये मानसिक रूप से मजबूत होना बहुत जरूरी है।’’ हमारे पास ऐसे क्रिकेटर हैं जो दस साल तक भारत का दबदबा बनाये रखने में मदद करेंगे  बीसीसीआई के सेंटर आफ एक्सीलैंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण का मानना है कि भारतीय क्रिकेट में ऐसी ‘बेंच स्ट्रेंथ’ है कि अगले एक दशक तक हर प्रारूप में विश्व क्रिकेट में भारत का दबदबा बनाने में मदद कर सकते हैं। लक्ष्मण 2021 में राहुल द्रविड़ के बाद राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) के प्रमुख बने थे। अब एनसीए को ही उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर आफ एक्सीलैंस) में बदल दिया गया है जिसका उद्घाटन रविवार को हुआ। लक्ष्मण का कार्यकाल इस साल की शुरूआत में खत्म हो गया था लेकिन इसमें एक साल का विस्तार दिया गया। लक्ष्मण ने यहां चुनिंदा पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि हमारे पास इतने खिलाड़ी हैं कि अगले दस साल तक भारत को गौरवान्वित कर सकते है। यह मैं सिर्फ पुरूष क्रिकेट नहीं बल्कि महिला क्रिकेट के बारे में भी बोल रहा हूं। हम खुशकिस्मत हैं कि हमारे पास इतने प्रतिभावान खिलाड़ी हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने वेस्टइंडीज में टी20 विश्व कप 2024 जीता जो बड़ी बात है। लेकिन अगर तीनों प्रारूपों में देखें तो हमारा दबदबा रहा है। रैंकिंग ही नहीं बल्कि दूसरे पहलुओं में भी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘क्रिकेट में एक ‘सप्लाय चेन’ बन गई है क्योंकि हमारे पास कई खिलाड़ी हैं।यह बहुत अच्छी बात है।’’ लक्ष्मण ने कहा कि खिलाड़ियों के स्वाभाविक खेल से छेड़छाड़ किये बिना उन्हें तैयार करना जरूरी था। उन्होंने कहा,‘‘ फोकस इसी पर था कि उन्हें कैसे तैयार किया जाये कि वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। हमने उन्हें निर्देश नहीं दिये कि ये करना है और ये नहीं करना है और ना ही उनकी तकनीक में बदलाव किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘खिलाड़ी को सहज महसूस करना चाहिये। हम नहीं चाहते कि वह सलाह देने वाले की बात का बोझ लेने लगे। जब राहुल भारतीय टीम का मुख्य कोच था तो उसके जिम्मे अनुबंधित खिलाड़ी थे और हम एनसीए में बाकी खिलाड़ियों, उदीयमान और अंडर 19 खिलाड़ियों को तैयार करते थे।’’ लक्ष्मण ने कहा कि इसके लिये प्रदेश क्रिकेट संघों में भी सहयोगी स्टाफ का ऐसा नेटवर्क तैयार किया गया कि कोचिंग में एकरूपता और निरंतरता बनी रहे। टी20 विश्व कप के लिये भारतीय महिला टीम की तैयारी बेहतरीन  भारत के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण का मानना है कि हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने टी20 महिला विश्व कप से पहले यहां सेंटर आफ एक्सीलैंस में लगाये गए शिविर में जो मेहनत की है, उसका फायदा टूर्नामेंट में मिलेगा। भारतीय टीम चार अक्टूबर को दुबई में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला मैच खेलेगी। लक्ष्मण ने बीसीसीआई के सेंटर आफ एक्सीलैंस में चुनिंदा पत्रकारों से कहा, ‘‘उन्होंने जिस प्रतिबद्धता, समर्पण और ऊर्जा के साथ तैयारी की है, वह अतुलनीय है। मुझे उनकी तैयारियों पर गर्व है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह काफी अच्छा शिविर था और मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने इस तरीके से तैयार किया था कि पहले चरण में मानसिक और शारीरिक पहलुओं पर फोकस था।’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद ब्रेक था और दूसरे चरण में कौशल तथा तकनीकी पहलू पर जोर रहा। यह सिर्फ नेट्स अभ्यास तक नहीं था बल्कि पांच मैच भी खेले जिसमें अमोल ने उन्हें अलग अलग तरह की चुनौतियां दी।’’ लक्ष्मण ने कहा कि भारत में महिला क्रिकेट आगे की ओर बढ रहा है और इसमें महिला प्रीमियर लीग की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा,‘‘मेरा मानना है कि महिला क्रिकेट का ग्राफ ऊपर जा रहा है।इस भूमिका में मैने भारतीय युवा लड़कियों और अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ियों को तैयारी करते देखा है। डब्ल्यूपीएल काफी अच्छी पहल है। इससे आईपीएल की ही तरह घरेलू क्रिकेटरों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जगह बनाने का मंच मिला है।’’   recent visitors 81

मोदी सरकार ने अपने कर्मचारियों को नवरात्रि से पहले देगी महंगाई भत्ता का तोहफा, यहां जाने कितनी बढ़कर आएगी सैलरी

नई दिल्ली  केंद्र सरकार के कर्मचारी अक्टूबर 2024 में महंगाई भत्ता (DA) में बकी घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन उम्मीद है कि सरकार दिवाली से पहले 3% से 4% तक की डीए बढ़ोतरी की घोषणा करेगी। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2024 से लागू मानी जाएगी, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी होगी। साथ ही जुलाई से लागू डीए का एरियर भी सैलरी के साथ आएगा। सैलरी में कितनी होगी बढ़ोतरी? अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹18,000 प्रति माह है, तो 3% बढ़ोतरी से उसकी सैलरी ₹540 मंथली बढ़ेगी। अगर डीए 4% बढ़ता है तो सैलरी में मंथली ₹720 रुपये बढ़ जाएंगे। उदाहरण के लिए अगर किसी की कुल सैलरी ₹30,000 है और उसमें से ₹18,000 बेसिक पे है, तो मौजूदा 50% डीए के अनुसार उसे ₹9,000 महंगाई भत्ता मिलता है। 3% बढ़ोतरी के बाद यह ₹9,540 हो जाएगा और 4% बढ़ोतरी पर ₹9,720 हो जाएगा। DA और DR: क्या फर्क है? डीए सरकारी कर्मचारियों को दिया जाता है जबकि डीआर यानी महंगाई राहत पेंशनर्स की पेंशन में जुड़कर मिलता है। दोनों में ही साल में दो बार—जनवरी और जुलाई में रिवीजन होता है। हालांकि, सरकार कभी भी इसका ऐलान करें लेकिन ये जनवरी और जुलाई से ही लागू माने जाते हैं। इस बार की डीए और डीआर की बढ़ोतरी से एक करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स को फायदा होगा। डीए कैसे तय होता है? महंगाई भत्ते की बढ़ोतरी का ऐलान ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर किया जाता है। पिछले 12 महीनों के औसत के आधार पर केंद्र सरकार डीए रिवाइज करती है, जिसका ऐलान आमतौर पर मार्च और सितंबर में किया जाता है। 8वां वेतन आयोग: कर्मचारियों की बढ़ी उम्मीदें 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें जनवरी 2016 से लागू हुई थीं और अब 10 साल पूरे होने जा रहे हैं। हालांकि, 8वें वेतन आयोग की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन कर्मचारी इसके जल्द गठन की उम्मीद कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, 8वें वेतन आयोग से न्यूनतम वेतन ₹34,560 हो सकता है, जबकि पेंशन भी बढ़कर ₹17,280 हो सकती है। सरकार ने अभी तक 8वें वेतन आयोग पर कोई निर्णय नहीं लिया है, लेकिन कर्मचारियों को उम्मीद है कि इसकी घोषणा जल्द की जाएगी। recent visitors 102

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम आज

भोपाल सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह के मुख्य आतिथ्य में एक अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। "गरिमा के साथ वृद्धावस्था" थीम पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम, शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल के सभागार में सम्पन्न होगा।   recent visitors 72

जम्मू-कश्मीर की 40 सीटों पर आज हो रही वोटिंग,आखिरी फेज में 415 कैंडिडेट्स

श्रीनग  जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण के लिए आज मंगलवार को हो रहे मतदान में भारी भीड़। तीसरे चरण में 40 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होगा, जिनमें से 16 कश्मीर घाटी में और 24 जम्मू में हैं। ये विधानसभा क्षेत्र सात जिलों कुपवाड़ा, बारामूला, बांदीपोरा, उधमपुर, कठुआ, सांबा और जम्मू में फैले हैं। जम्मू-कश्मीर में एक दशक में पहली बार विधानसभा चुनाव हो रहा है। पिछला विधानसभा चुनाव 2014 में हुआ था। चुनाव के तीसरे चरण में न केवल 415 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा, बल्कि यह भी पता चलेगा कि जम्मू-कश्मीर में 08 अक्टूबर को कौन सी पार्टी अगली सरकार बना सकती है। मतदान सुबह सात बजे शुरू होगा और शाम छह बजे तक चलेगा। चुनाव आयोग के मुताबिक 40 विधानसभा सीटों पर 39.18 लाख मतदाता पंजीकृत हैं तथा 5060 मतदान केंद्र स्थापित किये गये हैं। तीसरे चरण में 25 पूर्व मंत्री और विधायकों समेत कई नामचीन उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा। प्रमुख उम्मीदवारों में छंब विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता तारा चंद, बारामूला से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरे पूर्व उपमुख्यमंत्री मुजफ्फर हुसैन बेग, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के सज्जाद लोन, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के बशारत बुखारी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के चौधरी रमजान, भारतीय जनता पार्टी के शाम लाल शर्मा और देवेंद्र सिंह राणा तथा कांग्रेस के चौधरी लाल सिंह और उस्मान मजीद शामिल हैं। कश्मीर में सबकी निगाहें अवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) पर होंगी, जिसका नेतृत्व सांसद अब्दुल रशीद शेख कर रहे हैं, जिन्हें इंजीनियर रशीद के नाम से जाना जाता है। उन्हें अंतरिम जमानत पर तिहाड़ जेल से रिहा किया गया था और उन्होंने विधानसभा चुनावों के लिए जमकर प्रचार किया है। जम्मू जिले में चुनावी मैदान में 109 उम्मीदवार हैं, इसके बाद बारामूला में 101, कुपवाड़ा में 59, बांदीपोरा में 42, उधमपुर में 37, कठुआ में 35 और सांबा में 32 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। जम्मू संभाग के उधमपुर जिले के उधमपुर पश्चिम में 12 उम्मीदवार, 60-उधमपुर पूर्व में 09, चेनानी में 09, जबकि रामनगर में 07 उम्मीदवार मैदान में हैं। कठुआ जिले के बनी में 08 उम्मीदवार, बिलावर में 04, बसोहली में 04, जसरोटा में 08, कठुआ में 05 और हीरानगर विधानसभा क्षेत्रों में 06 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। सांबा जिले के रामगढ़ में 07 उम्मीदवार रह गए हैं, सांबा में 14 और विजयपुर में 11 उम्मीदवार मैदान में हैं। जम्मू जिले के बिश्नाह में 09 उम्मीदवार, सुचेतगढ़ में 11, आर.एस. पुरा-जम्मू दक्षिण, बाहु में 12, जम्मू पूर्व में 09, नगरोटा में 08, जम्मू पश्चिम में 12, जम्मू उत्तर में 17, मढ़ में 06, अखनूर में 03 और छंब विधानसभा क्षेत्र में 08 उम्मीदवार हैं। इसी तरह कश्मीर संभाग के कुपवाड़ा जिले के करनाह में चुनाव के लिए 08 उम्मीदवार, त्रेहगाम में 10, कुपवाड़ा में 08, लोलाब में 11, हंदवाड़ा में 07, और लंगेट में 15 उम्मीदवार मैदान में हैं। बारामूला जिले के सोपोर में 20 उम्मीदवार, रफियाबाद में 12, उरी में 06 बारामूलामें 25, गुलमर्ग में 13, वागूरा-क्रीरी में 12, और 13-पट्टन विधानसभा क्षेत्रों में 13 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। बांदीपोरा जिले के सोनावारी में 18 उम्मीदवार, बांदीपोरा में 19 और गुरेज में 05 उम्मीदवार मैदान में हैं।गौरतलब है कि प्रदेश में पहले और दूसरे दौर का चुनाव क्रमश: 18 और 25 सितंबर को हुआ है। चुनाव परिणाम आठ अक्टूबर को आएंगे।     recent visitors 84

राज्य स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे मुख्यमंत्री साय

रायपुर राज्य स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस 01 अक्टूबर के अवसर पर समाज कल्याण विभाग द्वारा सियान सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। सूरजपुर जिले के अग्रसेन स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।    सियान सम्मान कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, आदिम जाति एवं अनसूचित जाति मंत्री श्री राम विचार नेताम, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सरगुजा सांसद श्री चिंतामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक श्री भूलन सिंह मरावी, प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते, बैकुंठपुर विधायक श्री भईयालाल राजवाड़े, भरतपुर-सोनहत विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, अम्बिकापुर विधायक श्री राजेश अग्रवाल, सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा, लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। recent visitors 67

JK विधानसभा चुनाव के दौरान 130 करोड़ रुपये की जब्ती हुई: मुख्य निर्वाचन अधिकारी

श्रीनगर  चुनाव अधिकारियों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में चल रहे विधानसभा चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के कुल 1,263 उल्लंघनों की सूचना मिली और 130 करोड़ रुपये की नकदी और अन्य सामग्री जब्त की गई। मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) पीके पोल ने कहा कि पुलिस विभाग ने सबसे अधिक 107.50 करोड़ रुपये जब्त किए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 1,263 एमसीसी उल्लंघनों में से 600 को जांच और उचित कार्रवाई के बाद बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 364 शिकायतों की जांच चल रही है, जिनका भी जल्द ही निपटारा कर दिया जाएगा। इसके अलावा 115 उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों, मीडिया घरानों और अन्य को एमसीसी उल्लंघन के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। सीईओ ने बताया कि ड्रग्स, नकदी और शराब से जुड़ी अवैध गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन एजेंसियों ने 32 एफआईआर दर्ज की हैं। पोल ने कहा, "2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान अब तक जम्मू-कश्मीर में विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा कुल 130 करोड़ रुपये की जब्ती की गई है।" विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग ने 107.50 करोड़ रुपये, सीजीएसटी ने 9.88 करोड़ रुपये, एसजीएसटी/सीटी ने 8.03 करोड़ रुपये, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने 2.06 करोड़ रुपये, आयकर विभाग ने 87 लाख रुपये तथा राज्य आबकारी विभाग ने 50 लाख रुपये की जब्ती की है। विभिन्न राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को रैलियां, जुलूस, पार्टी कार्यालय खोलने, वाहन, बैनर, झंडे, पर्चे, होर्डिंग्स, नुक्कड़ सभाएं, घर-घर जाकर प्रचार आदि के संबंध में 7,088 अनुमतियां दी गई हैं। तीसरे और अंतिम चरण के लिए मतदान 1 अक्टूबर को होना है। पहले चरणों में मतदाताओं की संख्या काफी अच्छी रही थी, 18 सितंबर को पहले चरण में 61.38 प्रतिशत और 26 सितंबर को दूसरे चरण में 57.31 प्रतिशत मतदान हुआ था। अगस्त 2019 में संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद से जम्मू और कश्मीर में यह पहला विधानसभा चुनाव है, जिसके नतीजे 8 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।   recent visitors 90