पाकिस्तान की फील्डिंग काफी खराब रही और टूर्नामेंट के दौरान काफी आलोचना हुई, सलमान बट ने कोचिंग स्टाफ पर उठाए सवाल

इस्लामाबाद पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज सलमान बट ने खिलाड़ियों की खराब फिटनेस के लिए नेशनल टीम के कोचिंग स्टाफ पर सवाल उठाए हैं। अमेरिका और वेस्टइंडीज में जून में खेले गए टी20 विश्व कप के दौरान पाकिस्तान की फील्डिंग काफी खराब रही और टूर्नामेंट के दौरान काफी आलोचना भी हुई थी। बाबर आजम की अगुआई वाली टीम ने अमेरिका के खिलाफ मुकाबले में आसान रन दिए और शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। टी20 विश्व कप में अमेरिका के खिलाफ मुकाबला गंवाने के बाद पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ भी जीता हुआ मैच गंवाया था। 120 रनों के लक्ष्य को पाकिस्तान की टीम हासिल नहीं कर सकी थी। पाकिस्तान ने ग्रुप स्टेज में अपने बाकी दो मैच जीते और टूर्नामेंट से बाहर हो गई। पाकिस्तान ने आयरलैंड और कनाडा को हराया था। टीम की खराब फील्डिंग पर बात करते हुए बट ने कहा कि टी20 विश्व कप में मिली हार के बाद ध्यान जूनियर स्तर के क्रिकेटरों पर चला गया, जिन्हें कड़ी मेहनत करने के लिए कहा गया, लेकिन कोचिंग स्टाफ अब भी वहीं है। सलमान बट ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ''पूरा पाकिस्तान टीम की फिटनेस के बारे में बात कर रहा है और इसने पाकिस्तान में तूफान ला दिया है, जूनियर स्तर पर खेल रहे खिलाड़ियों को दौड़ने के लिए कहा गया। यह तब हुआ जब लोगों ने कहा कि खिलाड़ी टी20 विश्व कप 2024 में फिट नहीं हैं। किसी ने फिजियो या ट्रेनर पर सवाल नहीं उठाया, बल्कि इसके बजाय, उन्होंने जिला स्तर पर खिलाड़ियों को फिटनेस के लिए कड़ी मेहनत करवाना शुरू कर दिया। जिन लोगों ने गलतियां कीं, वे अभी भी वहीं हैं।" recent visitors 102

अधिक मात्रा में त्रिफला चूर्ण के सेवन के दुष्प्रभाव

तीन अलग-अलग औषधियों से मिलकर बना त्रिफला कब्ज का बेहतरीन इलाज है। यह सालों पुरानी कब्ज भी जड़ से खत्म कर देता है। जिन लोगों को हमेशा ही कब्‍ज की परेशानी रहती है, वे त्रिफला चूर्ण का सेवन करके अपना पेट साफ रखते हैं। कुछ लोगों को इसकी इतना ज्‍यादा आदत हो जाती है कि एक दिन पेट साफ न हो, तो त्रिफला ले लेते हैं। जो लोग आधी अधूरी जानकारी के साथ इस आयुर्वेदिक औषधि का उपयोग करते हैं, उन्‍हें अक्‍सर इसके नुकसान झेलने पड़ते हैं। अगर आप भी कब्ज की समस्‍या से परेशान हैं, तो इसे ज्‍यादा मात्रा में लेने से बचना चाहिए। आइए यहां जानते हैं ज्‍यादा मात्रा में त्रिफला लेने के नुकसानों के बारे में। साथ ही जानेंगे इसे लेने का सही तरीका भी। गैस की समस्या त्रिफला का ज्‍यादा उपयोग कुछ लोगों में सूजन और गैस जैसी परेशानियां बढ़ा सकता है। दरअसल, इस जड़ी बूटी में रेचक गुण होते हैं। इसे ज्‍यादा मात्रा में खाने से सूजन, गैस, दस्‍त या पेट में परेशानी हो सकती है। एलर्जी हो सकती है भले ही त्रिफला औषधीय गुणों से भरपूर हो, लेकिन इसका अंधाधुंध इस्‍तेमाल आपको एलर्जी दे सकता है। इसे ज्‍यादा और बार-बार खाने से त्‍वचा पर दाने और खुजली के साथ सांस लेने में भी दिक्कत हो सकती है। ब्‍लड शुगर में उतार-चढ़ाव वैसे तो त्रिफला ब्‍लड शुगर को कंट्रोल करने का काम करता है, लेकिन कब्‍ज से छुटकारा पाने के लिए आप आए दिन इसे लेते हैं, तो यह उल्‍टा असर कर सकता है। त्रिफला के ज्‍यादा सेवन से ब्‍लड शुगर लेवल गड़बड़ा जाता है। ऐसे में जिन लोगों को डायबिटीज है, उन्‍हें त्रिफला का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। सिरदर्द बढ़ाए कई लोग त्रिफला को सुरक्षित मानकर इसका सेवन लगातार करते हैं। इसकी ज्‍यादा मात्रा आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। जो लोग सालों से त्रिफला का सेवन कर रहे हैं, उनकी यह आदत सिरदर्द में कब बदल जाएगी, पता नहीं चलेगा। तो क्‍या है त्रिफला लेने का सही तरीका विशेषज्ञ हमेशा मील्‍स के बीच के घंटों में खाली पेट त्रिफला पाउडर खाने की सलाह देते हैं। बिस्‍तर पर सोने जाने से पहले आधे या एक चम्‍मच त्रिफला पाउडर को गर्म पानी में मिलाकर ले सकते हैं। त्रिफला के 1 से 2 कैप्‍सूल रोजाना पानी के साथ लेना पर्याप्‍त है। recent visitors 185

अनूपपुर में नवजात बच्चे के लिए जीवन रक्षक बनी डायल-100 सेवा

अनूपपुर में नवजात बच्चे के लिए जीवन रक्षक बनी डायल-100 सेवा थाना बिजुरी क्षेत्र में रोड के किनारे परित्यक्त अवस्था में मिले नवजात बच्चे को डायल-112/100 जवानों ने अस्पताल पहुंचाया अनूपपुर     जिला अनूपपुर के थाना बिजुरी के अंतर्गत बहेरा गाँव में रोड किनारे परित्यक्त अवस्था में एक नवजात बच्चा मिला है, जिसे कोई अज्ञात व्यक्ति छोड़कर चला गया है, पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-100 भोपाल में दिनाँक 16-08-2024 को शाम 05:40 बजे प्राप्त हुई। सूचना प्राप्ति पर बिजुरी थाना क्षेत्र में तैनात डायल-100 वाहन को मदद के लिए रवाना किया गया। डायल-112/100 स्टाफ आरक्षक नागेंद्र सिंह और पायलट राम खेलावन पनिका ने घटना स्थल पर पहुँचकर नवजात बच्चे को संरक्षण में लिया। डायल-112/100 जवानों ने नवजात बच्चें को तत्काल एफ़ आर व्ही वाहन से ले जाकर शासकीय अस्पताल बिजुरी में भर्ती करवाया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद नवजात बच्चे को जिला अस्पताल अनूपपुर रेफर किया गया है। अग्रिम कार्यवाही थाना बिजुरी द्वारा की जा रही है। recent visitors 91

राज्य के सभी 55 जिलों में पुलिस बैंड के स्वतंत्रता दिवस की परेड में शामिल होने की आमजन ने की प्रशंसा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने पुलिस बैंड की महत्ता पर बल देते हुए हर जिले में पुलिस बैंड की स्थापना और इसके लिए इच्छुक पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें बैंड में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए थे। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर जयदीप प्रसाद ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों में पुलिस बैंड द्वारा परेड में शामिल होकर देशप्रेम से ओतप्रोत धुनों की प्रस्तुति दी गई । उल्लेखनीय है कि पुलिस बैंड की परेड में उपस्थिति से कार्यक्रम देखने आए दर्शक अत्यंत प्रसन्न, आकर्षित और रोमांचित नज़र आए । सभी जिलों में पुलिस बैंड द्वारा परेड में शामिल होकर देशभक्ति से ओतप्रोत धुनों की प्रस्तुति दिए जाने की उपस्थितजन ने प्रशंसा की और इसे प्रदेश सरकार और मध्यप्रदेश पुलिस का सराहनीय कदम बताया। इस तरह सभी जिलों में 15 अगस्त को पुलिस बैंड द्वारा प्रस्तुति दिए जाने की चुनौती हुई पूर्ण पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना के प्रयासों से 10 जनवरी 2024 से प्रारंभ 6 माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश विशेष सशस्त्र बल के ट्रेनिंग सेंटर सातवीं वाहिनी भोपाल में 100, प्रथम वाहिनी इंदौर में 107 तथा छठीं वाहिनी जबलपुर में 123 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को बैंड वादन तथा वाद्ययंत्रों का सघन प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षित नवीन बैंड वादकों को जिला स्तरीय परेड के प्रशिक्षण के लिए एसटीसी बैंगलुरु से एडवांस बैंड कोर्स करके आए मध्यप्रदेश की विभिन्न बैंड इकाइयों के 19 अधिकारियों व कर्मचारियों को भी लगाया गया । इन सभी प्रशिक्षणार्थियों को 15 अगस्त को होने वाली जिलास्तरीय परेड के लिए जिलों में वितरित किया गया। इन 340 प्रशिक्षुओं में प्रदेश की सभी बटालियनों के पुलिसकर्मियों को सम्मिलित किया गया ताकि सभी इकाइयों में बैंड स्‍थापना के लक्ष्‍य को शीघ्र पूरा किया जा सके। प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात इन प्रशिक्षित पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रदेश के 49 जिलों में 15 अगस्त 2024 की परेड को गौरवपूर्ण बनाने के लिए अपने-अपने जिलों में भेजा गया। मध्य प्रदेश में 6 जिलों में पूर्व से ही बैंड दल गठित है। इस प्रकार इस वर्ष प्रदेश के सभी 55 जिलों में बैंड दल के साथ स्वतंत्रता दिवस पर परेड संपन्न की गई।   आजादी की धुन अभियान के अंतर्गत जिलों के विभिन्न कार्यक्रमों में भी बैंड दे रहा प्रस्तुति स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "आजादी के रंग, खाकी के संग" अभियान और विशेष रूप से पुलिस बैंड के लिए संचालित किए जा रहे “आज़ादी की धुन” अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों में विभिन्न कार्यक्रमों में भी पुलिस बैंड द्वारा देशप्रेम से ओतप्रोत धुनों की प्रस्तुति दी है। इसी अनुक्रम में पुलिस मुख्यालय, भोपाल के निर्देशानुसार नीमच में  11 अगस्त को  “हर घर तिरंगा” अभियान के अंतर्गत जिले के एसपी के नेतृत्व में पुलिस बल द्वारा आयोजित मोटरसाइकिल तिरंगा रैली के दौरान पुलिस बैंड द्वारा विशेष प्रस्तुति दी गई थी । इसके पूर्व 10 अगस्त को सागर जिले के पुलिस बैंड द्वारा शहर के मुख्य बाजार स्थित यातायात थाने के सामने भी शानदार प्रस्तुति दी गई थी । प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह के विभिन्न आयोजनों में सुमधुर प्रस्तुति देकर पुलिस बैंड ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई और सभी जिले के निवासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।   recent visitors 96

एसपी ने विशेष निगरानी के दिए निर्देश, राजस्थान-अजमेर में जिला त्योहार कमेटी की बैठक

अजमेर. त्योहारों के मद्देनजर जिला पुलिस पूरी तरीके से मुस्तैद नजर आ रही है। त्योहार के समय शहर में शांति व्यवस्था कायम रहे इसके लिए पुलिस लाईन अजमेर स्थित सभागार में पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार बिश्नोई की अध्यक्षता में जिला अजमेर के जिला स्तरीय सीएलजी सदस्यों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित सदस्यों के साथ आने वाले दिनों में त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था को लेकर सभी सदस्यों को सुझाव दिए गए हैं। बैठक में उपस्थित सदस्यों के साथ आने वाले दिनों में त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था, शहर की यातायात व्यवस्था तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एससी/एसटी वर्ग के आरक्षण को उपवर्ग में विभाजित करने संबंधी पारित निर्णय के परिप्रेक्ष्य में भविष्य में उत्पन्न होने वाली कानून व्यवस्था के संबंध में चर्चा की गई। साथ ही इस संबंध में सदस्यों को अप्रिय घटना को लेकर अपने-अपने क्षेत्र में विशेष निगरानी रखने हेतु आग्रह किया गया। बैठक में उपस्थित सदस्यों से प्राप्त सुझावों पर सकारात्मक कार्रवाई हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। एसपी बिश्नोई ने बताया कि आगामी त्योहारों को लेकर शांति व्यवस्था कायम रहे इसको लेकर सभी सदस्यों को सुझाव दिए गए हैं। recent visitors 106

एकजुट होकर चुनाव न लड़ने से मिली हार, छत्तीसगढ़-बिलासपुर में कांग्रेस नेता चरणदास महंत का फूटा दर्द

बिलासपुर. कांग्रेस नेता चरणदास महंत अल्प प्रवास पर बिलासपुर पहुंचे थे इस दौरान उनका बड़ा बयान सामने आया है। पार्टी के अंदर की फूट को हार की वजह माना है, महंत ने अपने ही नेताओं पर सवाल उठाते कहा की एकजुट होकर नहीं लड़ा चुनाव इसलिए हार का सामना करना पडा, लेकिन अब सब एकजुट हो गये हैं। दरअसल महंत ने कहा की पार्टी में संगठनात्मक बदलाव की जरूरत हैv हार के बाद समीक्षा होने की बात भी उनके द्वारा कही गई है। महंत ने यह भी कहा की इस बार हम साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे और कांग्रेस की सरकार बनायेंगे। चर्चा के दौरान संकेत दिए कि पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को दूर करने के लिए संगठन में बदलाव होंगे। महंत ने कहा की कुछ लोगों को लगा था की सीजीपीएससी मे भष्टाचार हुआ है, इसकी जांच भी हो रही है जितने लडके पास हुए है वो कांग्रेस के हैं या कांग्रेस समर्थित लोगों के। वहीं बिलासपुर के कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के घर कुछ दिनो पहले सीबीआई ने दबीश दी थी इस पर उन्होंने कहा की मुझे खुशी है की उनके घर पर कुछ नहीं मिला। बच्चे पढ़ने मे बहुत होशियार हैं उनको न कम नंबर मिले हैं और न ही इस तरह का कोई रिकॉर्ड उनके घर से मिला है। मुझे खुशी है की हम साफ सुथरे हैं जो गंदे है उनपर कार्रवाई होगी। recent visitors 98

छठी क्लास की छात्रा की मौत, पिता ने कहा- बेटी को नहीं थी कोई बीमारी

कानपुर कानपुर के कल्याणपुर स्थित जीडी गोयनका स्कूल में 15 अगस्त का सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने जा रही 11 साल की छात्रा मंच की सीढ़ी पर गिरकर बेहोश हो गई। उसे पहले संजीवनी अस्पताल और फिर कॉर्डियोलॉजी ले जाया गया। डॉक्टरों ने वहां उसे मृत घोषित कर दिया। पिता का कहना है कि बेटी पूरी तरह से स्वस्थ थी। परिजनों ने बगैर पोस्टमार्टम कराए गुरुवार को ही छात्रा का अंतिम संस्कार कर दिया। कल्याणपुर निवासी व्यापारी विपिन गुप्ता और वैष्णवी गुप्ता की बेटी अवनि गुप्ता जीडी गोयनका स्कूल में कक्षा छह की छात्रा थी। अवनि ने कक्षा पांच से गोयनका स्कूल में दाखिला लिया था। पिता विपिन ने बताया कि अवनि को स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में डांस में प्रतिभाग करना था। वह सुबह नाश्ता कर घर से निकली थी। उसको किसी तरह की कोई परेशानी नहीं थी। स्कूल में उसका डांस दो चरण में था। पहली डांस प्रस्तुति देने के बाद ग्रुप को 20 मिनट का ब्रेक दिया गया और उसके बाद फिर उनकी डांस प्रस्तुति होनी थी। दूसरे बार में मंच पर जाने के लिए वह सीढ़ी पर चढ़ने के दौरान अवनि अचानक गिरकर बेहोश हो गई। छात्रा के गिरते ही प्रबंधन सकते में आ गया। प्रबंधन ने पहले छात्रा को स्कूल में ही फर्स्ट एड दिया गया। परिजनों को सूचना देने के बाद उसे लेकर संजीवनी अस्पताल पहुंचे। जहां छात्रा की पल्स न मिलने की बात कहकर डॉक्टरों ने उसे काॅर्डियोलॉजी रेफर कर दिया गया। पिता विपिन गुप्ता का कहना है कि स्कूल प्रबंधन की सूचना पर कॉर्डियोलॉजी में पहले से ही प्रबंध कर दिए गए थे। कॉर्डियोलॉजी में डॉक्टरों ने अवनि को मृत घोषित कर दिया। कॉर्डियोलॉजी के निदेशक डॉ. राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि छात्रों को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था।   कार्यक्रम के दौरान बेहोश हो गई थी छात्रा छात्रा कार्यक्रम के दौरान स्कूल में बेहोश हो गई थी। उसे तत्काल पहले संजीवनी और फिर कार्डियोलॉजी ले जाया गया। साथ ही उनके अभिभावकों को सूचना दे दी गई थी। अस्पताल में ही छात्रा का निधन हो गया। –चंदन अग्रवाल, चेयरमैन, जीडी गोयनका स्कूल अचानक हृदय पैदाइशी बीमारी में रुकता है गुरुवार को एक स्कूल में डांस की प्रस्तुति देने जा रही छात्रा अचानक बेहोश होकर गिर गई और उसकी मौत हो गई। मामले में एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रोफेसर राकेश कुमार वर्मा का कहना है कि ऐसे मामले पैदाइशी हृदय रोग में होते हैं।   उन्होंने बताया कि इतने छोटे बच्चे को हार्ट अटैक नहीं होता है। पैदाइशी दिक्कतों में हार्ट का वाॅल्व चोक हो सकता है। इसके अलावा कंजेनाइटल एओर्टिक स्टेनोसिस हो सकती है। इसमें हृदय के अंदर मांसपेशी बढ़ी हुई होती है जो रक्त के प्रवाह को प्रभावित करती है। जब इस तरह का रोगी डांस, व्यायाम आदि कार्य करता है तो हृदय को अधिक संचार की जरूरत पड़ती है। रोग के कारण रक्त संचार नहीं हो पाता और हृदय रुक जाता है। अक्सर ऐसी घटनाएं इन्हीं कारणों की वजह से होती हैं। डिहाइड्रेशन के कारण बेहोशी, चक्कर आ सकता है पर हार्ट अटैक नहीं पड़ता। recent visitors 101