कोलकाता की पीड़िता का नाम उजागर कर बुरे फंसे ध्रुव राठी, फिलहाल एक गलती की वजह से निशाने पर

नई दिल्ली लोकसभा चुनाव के दौरान सुर्खियां बटोरने वाले यूट्यूबर ध्रुव राठी फिलहाल एक गलती की वजह से निशाने पर हैं। उन्होंने कोलकाता में रेप और मर्डर का शिकार हुई डॉक्टर की पहचान सोशल मीडिया पर उजागर कर दी। इसके बाद से ध्रुव राठी आलोचना के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने भले ही अब अपनी एक्स पोस्ट को डिलीट कर दिया है, लेकिन लोगों का गुस्सा थमा नहीं है। ध्रुव राठी ने एक पोस्ट लिखा था। इसमें उन्होंने कहा था, 'पश्चिम बंगाल में रेप और मर्डर का केस दिल तोड़ने वाला है। इसने डॉक्टरों के लिए कामकाज की अमानवीय स्थितियों को भी उजागर किया है। पश्चिम बंगाल में उनकी सुरक्षा नहीं है और उन्हें बेहद कठिन हालातों में काम करना पड़ रहा है।' इसके आगे उन्होंने लिखा कि उम्मीद है कि सीबीआई इस मामले में तेजी से जांच करेगी और न्याय दिलाएगी। इसके साथ ही ध्रुव राठी ने हैशटैग निर्भया 2 लिखा था। इस पर लोगों ने आपत्ति जताई और पीड़िता को 'निर्भया 2' कहकर संबोधित करने को असंवेदनशील बताया। इस पर ध्रुव राठी ने गलती मानी और पोस्ट को ही डिलीट कर दिया। ध्रुव राठी ने यह भी बताया कि क्यों वह यह ट्वीट डिलीट कर रहे हैं। राठी ने कहा कि कुछ लोगों ने कहा था कि पीड़िता को निर्भया 2 कहना असंवेदनशील है। मुझे यह बात सही लगी। हालांकि विवाद थमा नहीं क्योंकि ध्रुव राठी ने जो नया पोस्ट लिखा, उससे लोग और भड़क गए। इस बार ध्रुव राठी ने हैशटैग के साथ पीड़िता का नाम ही लिख डाला। इस पर वह बुरी तरह घिरे और लोग उनके खिलाफ ऐक्शन की मांग कर रहे हैं। वकील प्रशांत उमराव ने तो ट्वीट किया, 'रेप पीड़िता की जब मौत हो गई है, तब भी उसका नाम उजागर नहीं होना चाहिए। ऐसा फैसला सुप्रीम कोर्ट ने ही दिया था।' कई लोगों ने यह सवाल भी दागा कि इससे बढ़िया तो जो पहले लिखा था, वही सही था। बता दें कि कोलकाता कांड में आरोपी संजय रॉय को अरेस्ट कर लिया गया है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर के मां और बाप ने गैंगरेप की आशंका जताई है। recent visitors 134

लगातार सांस फूलने का क्या है सच, कहीं आने वाला तो नहीं हार्ट अटैक

खराब लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से हार्ट की बीमारियां दुनियाभर में बढ़ रही हैं. युवाओं में भी हार्ट अटैक का रिस्क है. कम फिजिकल एक्टिविटीज और जंक फूड्स-स्मोकिंग हार्ट अटैक को ट्रिगर कर सकती हैं. हार्ट अटैक आने से पहले कई तरह के संकेत दिखने लगते हैं. अगर इन्हें समय पर पहचान लिया जाए तो इसके खतरे से बचा जा सकता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हार्ट अटैक को लेकर अवेयरनेस कम होने के चलते इसे लेकर कई तरह के कंफ्यूजन भी है. बहुत से लोग सवाल करते हैं कि क्या लगातार सांस फूलना हार्ट अटैक का संकेत है. लगातार सांस फूल रही है तो क्या आने वाला है हार्ट अटैक? हाल ही में हुए एक रिसर्च के अनुसार, हार्ट अटैक के 76% मरीज सांस लेने में तकलीफ, डिस्पेनिया या थकान जैसे लक्षण महसूस करते हैं. उनमें जीवन की संभावना उन लोगों से ज्यादा होती है, जिनमें हार्ट अटैक का मुख्य लक्षण सीने में दर्द रहता है. ESC एक्यूट कार्डियोवैस्कुलर केयर 2022 में पब्लिश इस शोध में बताया गया कि महिलाओं, बुजुर्गों, हार्ट ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, किडनी और लंग्स डिजीज जैसी समस्याओं से लोगों में हार्ट अटैक का सामान्य लक्षण सांस की तकलीफ और बहुत ज्यादा थकान था. सांस लेने में समस्या आए तो हार्ट अटैक से सावधान हो जाना चाहिए? हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सांस की समस्या के कई कारण हो सकते हैं. इसमें मुख्य तौर पर हार्ट और लंग्स हैं. दोनों शरीर के बेहद महत्वपूर्ण अंग हैं, इसलिए इस तकलीफ को नजरअंदाज करने से बचा चाहिए. एक्सपर्ट्स का कहना है कि सांस फूलने का कारण यह भी है कि शरीर को जितनी ऑक्सीजन मिल रही है, उससे ज्यादा की जरूरत है. दरअसल, फेफड़ों में ऑक्सीजन वाली हवा बढ़ाने के लिए बहुत से लोग तेजी से सांस लेते हैं. लंग्स से ऑक्सीजन ब्लड में पहुंचती है और फिर हार्ट उसे पंप करके पूरे शरीर में सप्लाई करता है. क्या हार्ट अटैक से पहले सांस अचानक से फूल सकती है? डॉक्टर्स के मुताबिक, सांस फूलना धीरे-धीरे बढ़ने वाली समस्या है. अक्सर पहली बार शारीरिक मेहनत के दौरान देखी जाती है. जैसे चलते समय, सीढ़ियां चढ़ते समय हल्की-हल्की सांस फूलती है. इसके कई कारण हो सकते हैं. इसमें मोटापा, फिटनेस खराब होना, क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस, अस्थमा और एनीमिया शामिल हैं. recent visitors 115

78वें स्वतंत्रता दिवस पूरे देश में धूमधाम से मनाया, सागर में राजेन्द्र शुक्ल और हरदा में विश्वास सारंग ने किया ध्वजारोहण

सागर 78वें स्वतंत्रता दिवस पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। भोपाल अंचल में भी गुरुवार को जिलेभर में ध्वजारोहण कार्यक्रम हुए है। सागर में मुख्य आयोजन पीटीसी ग्राउंड पर आयोजित किया गया। यहां उप मुख्यमंत्री एवं सागर के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने ध्वजारोहण किया। राष्ट्रगान के बाद परेड की सलामी ली। इसके बाद परेड का निरीक्षण भी किया। उप मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के प्रदेशवासियों के नाम संदेश का वाचन किया। समारोह में स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। इसके इसके बाद उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियाें व कर्मचारियों को सम्मानित किया। इसके पहले कमिश्नर कार्यालय में कमिश्नर डा. वीरेंद्र सिंह रावत, कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर संदीप जीआर, पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पुलिस अधीक्षक विकास सहवाल, नगर निगम में महापौर संगीता सुशाील तिवारी ने ध्वजारोहण किया। जिलेभर में सभी शासकीय, अशासकीय संस्थानों में गरिमा पूर्ण ढंग से समारोह आयोजित कर ध्वजारोहण कार्यक्रम हुए। हरदा में प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग ने किया ध्वजारोहण स्वतंत्रता दिवस को जिले में हर्षोल्लासपूर्वक मनाया जा रहा है। इस अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम स्थानीय वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल परिसर में आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिले के प्रभारी मंत्री व प्रदेश के खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग तथा सहकारिता विभाग के मंत्री विश्वास सारंग ने सुबह 9 बजे ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। इसी के साथ मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव का प्रदेशवासियों के नाम संदेश का वाचन किया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रीय गान हुआ। मुख्य अतिथि ने कलेक्टर आदित्य सिंह, एसपी अभिनव चौकसे और रक्षित निरीक्षक रजनी गुर्जर के साथ जीप में सवार होकर परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। खबर लिखे जाने तक कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे थे। कार्यक्रम के अंत में पुरस्कार वितरण होगा। recent visitors 126

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया, महंगी हो गई लोन की EMI

नई दिल्ली देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। एसबीआई ने अपनी अलग-अलग अवधि के लिए मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट्स यानी (एमसीएलआर) में 10 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई दरें आज गुरुवार 15 अगस्त, 2024 से लागू हो चुकी हैं। बता दें कि एसबीआई द्वारा एमसीएलआर में बढ़ोतरी का यह लगातार तीसरा महीना है। ये हैं नई दरें ओवरनाइट: 8.10% से बढ़कर 8.20% एक महीना: 8.35% से बढ़कर 8.45% हो गया तीन महीने: 8.40% से बढ़कर 8.50% छह महीने: 8.75% से बढ़कर 8.85% एक साल: 8.85% से बढ़कर 8.95% दो साल: 8.95% से बढ़कर 9.05% तीन साल: 9.00% से बढ़कर 9.10% पावर शेयर पर टूट पड़े निवेशक, खरीदने की मची लूट, ₹148 पर पहुंचा भाव, LIC के पास ₹142 पर पहुंचा यह पावर शेयर, अब 13 अगस्त अहम दिन, LIC के पास भी हैं 8 करोड़ शेयर लगातार तीसरे महीने बढ़ोतरी पीएसयू बैंक ने जून 2024 से कुछ अवधियों में एमसीएलआर को 30 आधार अंक (बीपीएस) तक बढ़ाया है। एमसीएलआर वह न्यूनतम ब्याज दर है जिसके नीचे कोई बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा अनुमत कुछ मामलों को छोड़कर, उधार नहीं दे सकता है। एमसीएलआर रेट में बढ़ोतरी का मतलब है कि ग्राहकों के लिए होम लोन, कार लोन, एजुकेशन लोन जैसे कर्ज का महंगा होना। बता दें कि आरबीआई द्वारा अप्रैल 2016 में उधार दरों के लिए बेंचमार्क के रूप में पिछली आधार दर प्रणाली की जगह एमसीएलआर की शुरुआत की गई थी। recent visitors 99

खनिज कंपनियों और केंद्र को ‘सुप्रीम’ झटका, नौ जजों की बेंच ने कहा- खनिज संपदा पर टैक्स पहली अप्रैल, 2005 से लागू होगा

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट की नौ सदस्यीय संविधान बेंच ने केंद्र और खनिज कंपनियों को बड़ा झटका दिया है। संविधान बेंच ने कहा है कि खनिज संपदा पर टैक्स 1 अप्रैल, 2005 से लागू होगा। संविधान बेंच ने कहा कि 1 अप्रैल, 2005 से कोई ब्याज या जुर्माना नहीं लगेगा। राज्य सरकारें 12 साल की अवधि में टैक्स ले सकेंगी। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह आदेश सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने 31 जुलाई को इस सवाल पर सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने इस बात का विरोध किया था कि राज्य सरकारें खनिज संपदा पर केंद्र की ओर से लगाए गए रॉयल्टी का रिफंड मांग सकती हैं। केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि अगर टैक्स का रिफंड मांगा जाएगा तो इसके बहुआयामी प्रभाव होंगे। मेहता ने कहा था कि मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकार का कहना है कि इस फैसले को आगे से लागू किया जाए। सुनवाई के दौरान विपक्ष शासित प्रदेशों ने मांग की थी कि इस आदेश को पूर्ववर्ती प्रभाव से लागू किया जाए ताकि वे केंद्र से रिफंड मांग सकें। इस दौरान खनन गतिविधियों जुड़ी कंपनियों और फर्मों ने केंद्र के रुख का समर्थन किया था। 25 जुलाई को नौ सदस्यीय संविधान बेंच ने 8:1 के बहुमत से फैसला सुनाया था कि राज्य सरकारों को खनिज संपदा पर टैक्स लगाने का अधिकार है । राज्यों के इस अधिकार को केंद्रीय कानून माइंस एंड मिनिरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट से नियंत्रित नहीं किया जा सकता है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ समेत आठ जजों ने ये फैसला दिया था, जबकि जस्टिस बीवी नागरत्ना ने इस फैसले के उलट फैसला दिया था। इस मामले की शुरुआत इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड और तमिलनाडु सरकार के बीच विवाद से हुई थी। इंडिया सीमेंट्स खनन लीज लेने के बाद तमिलनाडु सरकार को रॉयल्टी दे रही थी। तमिलनाडु सरकार ने इस रॉयल्टी के अलावा इंडिया सीमेंट्स पर एक और सेस लगा दिया। इसके बाद इंडिया सीमेंट्स ने मद्रास हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इंडिया सीमेंट्स का कहना था कि रॉयल्टी पर सेस लगाना रॉयल्टी पर टैक्स लगाना है जो कि राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। तमिलनाडु सरकार का कहना था कि सेस भू-राजस्व के तहत है और ये खनिज संपदा के अधिकार की बात है जो राज्य सरकार लगा सकती है। सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की बेंच ने 1989 में इंडिया सीमेंट्स के पक्ष में फैसला दिया। सात जजों की बेंच ने कहा था कि खनिज संपदा वाली जमीन पर टैक्स लगाने का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है। इस बेंच ने कहा था कि राज्य सरकार रॉयल्टी लगा सकती है लेकिन उस पर टैक्स नहीं लगा सकती है। नौ सदस्यीय संविधान बेंच में चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस ह्रषिकेश राय, जस्टिस एएस ओका, जस्टिस बीवी नागरत्ना, जस्टिस जेबी पारदीवाला, जस्टिस मनोज मिश्रा, जस्टिस उज्जल भुईंया, जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस एजी मसीह शामिल रहे।     recent visitors 90

एम्स लगातार चौथे साल अव्वल नंबर-1, ये हैं देश के टॉप 10 मेडिकल कॉलेज

नई दिल्ली दरअसल NIRF यानी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रैंकिंग फ्रेमवर्क के अंतर्गत भारत सरकार देश भर के हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स की परफॉरमेंस के आधार पर उनकी रैंक तय की जाती है. जिन मापदंडों पर संस्थानों को रैंक दी जाती है, वे हैं लर्निंग और रिसोर्स, रिसर्च और प्रोफेश्‍नल प्रैक्टिस, स्नातक परिणाम, आउटरीच तथा परसेप्‍शन. यहां देखें देश के टॉप 20 मेडिकल कॉलेजों की लिस्ट-  भारत के टॉप 20 मेडिकल कॉलेजों की लिस्ट रैंक  संस्थान का नाम   राज्य स्कोर 1. AIIMS, नई दिल्ली         दिल्ली 94.46 2.  पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, चंडीगढ़     चंडीगढ़   80.83 3.  क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर         तमिलनाडु 75.11 4. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज, बैंगलोर       कर्नाटक  71.92 5. जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, पुदुचेरी   पुदुचेरी 70.74 6. संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ         उत्तर प्रदेश 70.07 7. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी         उत्तर प्रदेश 69.54 8. अमृता विश्वविद्यापीठम, कोयम्बटूर         तमिलनाडु 68.81 9. कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज, मैंगलोर       कर्नाटक  67.42 10. मद्रास मेडिकल कॉलेज एंड गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल, चेन्नई       तमिलनाडु   64.12 11. डॉ. डी. वाई. पाटिल विद्यापीठ, पुणे         महाराष्ट्र 64.10 12. सविता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड टेक्निकल साइंसेज, चेन्नई तमिलनाडु 63.72 13. श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी, तिरुवनंतपुरम         केरल 63.68 14. AIIMS, ऋषिकेश         उत्तराखंड 63.16 15.  AIIMS, भुवनेश्वर      ओडिशा   62.97 16. AIIMS, जोधपुर         राजस्थान 62.57 17.  वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज एंड सफदरजंग हॉस्पिटल, दिल्ली     दिल्ली 62.36 18.  एस.आर.एम. इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, चेन्नई        तमिलनाडु  62.00 19. किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ   उत्तर प्रदेश 61.95 20. श्री रामचंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च, चेन्नई      तमिलनाडु  61.62 इस साल 3 नई कैटेगरी शामिल की गई एनआईआरएफ रैंकिंग सूची 16 विभिन्न कैटेगरीज के लिए जारी की गई है. इस साल तीन नई कैटेगरी- राज्य विश्वविद्यालय (state universities), कौशल विश्वविद्यालय (skill universities) और ओपन विश्वविद्यालय (open universities) जोड़े गए हैं. अन्य कैटेगरीज में विश्वविद्यालय, कॉलेज, रिसर्च संस्थान, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, मेडिकल, डेंटल, कानून, आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग, कृषि और संबद्ध क्षेत्र, और इनोवेशन शामिल हैं. बता दें कि एनआईआरएफ रैंकिंग सूची अब एनआईआरएफ की आधिकारिक वेबसाइट nirfindia.org पर उपलब्ध है. घोषणा समारोह भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम में शिक्षा राज्य मंत्री सुकांतो मजूमदार सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे. recent visitors 149

कोलकाता अस्पताल में देर रात अज्ञात बदमाशों ने जमकर तोड़फोड़ की, बन गए बांग्लादेश जैसे हालात

कोलकाता पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थिति आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में कल देर रात अज्ञात बदमाशों ने जमकर तोड़फोड़ की। सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो के दृश्य बांग्लादेश में हाल ही में हुए उपद्रव से मेल खाते हैं। आपको बता दें कि इसी अस्पताल में पिछले सप्ताह एक महिला ट्रेनी डॉक्टर का शव मिला था। डॉक्टर की रेप और हत्या की इस घटना के विरोध के बीच आधी रात को यह तोड़फोड़ हुई। पुलिस के अनुसार, लगभग 40 लोगों का समूह कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों के रूप में अस्पताल परिसर में घुसा, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, जिसके बाद पुलिसकर्मियों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। उसने बताया कि इस घटना में एक पुलिस वाहन और मौके पर मौजूद कुछ दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। एक अधिकारी ने बताया कि हिंसा में कुछ पुलिस अधिकारी घायल भी हुए हैं। कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई से कहा, ‘‘ अस्पताल के बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं और उन्हें स्थिति से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।’’ वायरल हो रहे वीडियो में आप भीड़ की संख्या साफ-साफ देख सकते हैं। वीडियो रिकॉर्ड करने वाला रेसिडेंट डॉक्टर उस घटना की जानकारी दे रहा है। वीडियो के मुताबिक, डॉक्टर ने कहा है कि हजारों की संख्या में भीड़ ने उनपर हमला कर दिया। डॉक्टर ने साफ आरोप लगाया कि भीड़ का मकसद सबूतों को नष्ट करना है। आपको बता दें कि ‘रीक्लेम द नाइट’ अभियान के तहत विरोध प्रदर्शन रात 11 बजकर 55 मिनट पर शुरू हुए। सोशल मीडिया के जरिए जोर पकड़ने वाला यह अभियान कोलकाता के कई ऐतिहासिक स्थलों सहित छोटे शहरों और बड़े शहरों के प्रमुख क्षेत्रों में फैल गया। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उन्होंने आयुक्त से बात की और उनसे यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि ‘‘आज की हिंसा के लिए जिम्मेदार प्रत्येक व्यक्ति की पहचान की जाए, उसे जवाबदेह ठहराया जाए और अगले 24 घंटों के भीतर उसे कानून के दायरे में लाया जाए, भले ही उसकी राजनीतिक संबद्धता कुछ भी हो।’’ उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘आज रात आरजी कर में गुंडागर्दी और बर्बरता की सभी सीमाएं लांघ दी गईं। मैंने जन प्रतिनिधि के रूप में अभी सीपी कोलकाता से बात की।’’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि यह तोड़फोड़ पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी द्वारा भेजे गए तृणमूल के गुंडों ने की। अधिकारी ने एक्स पर लिखा, ‘‘ममता बनर्जी ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पास गैर-राजनीतिक विरोध रैली में तृणमूल के अपने गुंडों को भेजा है। वह सोचती हैं कि वह पूरी दुनिया में सबसे चतुर व्यक्ति हैं और लोग इस चालाक योजना को नहीं समझ पाएंगे कि प्रदर्शनकारियों के रूप में आने वाले उनके गुंडे भीड़ में शामिल होकर आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के अंदर बर्बरता करेंगे।’’ अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने बदमाशों को सुरक्षित रास्ता दिया। उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘‘पुलिस ने उन्हें सुरक्षित रास्ता दिया। पुलिस कर्मी या तो भाग गए या दूसरी तरफ देखते रहे, ताकि ये बदमाश अस्पताल परिसर में घुस जाएं और उन क्षेत्रों को नष्ट कर दें जहां अहम सबूत हैं ताकि ये सबूत सीबीआई के हाथ न लगें।’’ recent visitors 81