फिलिस्तीनी सूत्रों ने बताया- सेंट्रल गाजा के नुसेरात शरणार्थी शिविर में इजरायली सेना ने हवाई हमला किया, सात की मौत

गाजा इजरायली सेना लगातार गाजा में हमास के ठिकानों को निशाना बना रही है। इजरायली सेना ने एक बार फिर गाजा में हवाई हमला किया है, जिसमें सात फिलिस्तीनी मारे गए। फिलिस्तीनी सूत्रों ने बताया कि सेंट्रल गाजा के नुसेरात शरणार्थी शिविर में इजरायली सेना ने हवाई हमला किया, जिसमें तीन बच्चों सहित सात फिलिस्तीनी नागरिक मारे गए। फिलिस्तीनी सुरक्षा सूत्रों ने शिन्हुआ समाचार एजेंसी को बताया कि मंगलवार शाम को हुए हवाई हमले में अबू नड्डा परिवार के एक आवासीय घर को निशाना बनाया गया। हालांकि, इजरायली सेना ने अभी तक इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की है। इस बीच, इजरायली सेना ने मंगलवार को वेस्ट बैंक में कैदियों के दो अपार्टमेंट उड़ा दिए। बताया जा रहा है कि इस हमले के बाद कैदियों में झड़प हो गई, जिसमें एक फिलिस्तीनी नागरिक की मौत हुई है। ज्ञात हो कि 7 अक्टूबर, 2023 को हमास ने इजरायल पर हमला किया था। इस दौरान 1,200 लोग मारे गए और लगभग 250 इजरायली नागरिकों को हमास ने बंधक बना लिया था। इसके बाद इजरायली सेना ने गाजा में घुसकर हमास के ठिकानों पर कार्रवाई की। गाजा में इजरायली हमलों में फिलिस्तीनियों की मौत का आंकड़ा लगभग 40,000 हो गया है। मंगलवार को जारी बयान के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान, इजरायली सेना ने 32 लोगों को मार डाला और 88 अन्य को घायल कर दिया, जिससे फिलिस्तीनी-इजरायल संघर्ष शुरू होने के बाद से कुल मौतों की संख्या 39,929 और घायलों की संख्या 92,240 हो गई। recent visitors 99

भारत में सबसे बड़ा फ्रॉड, डॉक्टर को साइबर ठगों ने 7 दिन तक झांसे में रखकर धीरे-धीरे 2.81 करोड़ रुपए ठगे

लखनऊ उत्तर प्रदेश के पीजीआई लखनऊ अस्पताल की एक डॉक्टर भारत में डिजिटल अरेस्ट या साइबर अरेस्ट के सबसे बड़े फ्रॉड का शिकार बन गई हैं। डॉक्टर रुचिका टंडन को साइबर ठगों ने 7 दिन तक झांसे में रखकर धीरे-धीरे 2.81 करोड़ रुपए ठग लिए। डॉक्टर टंडन ने कई दिन बाद इंटरनेट पर इसी तरह से ठगी के कई मामले देखे तो साइबर क्रिमिनल्स के फैलाए डर से बाहर निकल पाईं और पुलिस के पास पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। देश में इस समय खौफनाक बन चुके मनी लांड्रिंग केस का खौफ दिखाकर टंडन को डिजिटल अरेस्ट बताया और बाकायदा ऑनलाइन कोर्ट और मुकदमा भी चला। इसी हफ्ते एक रिपोर्ट आई है जिसमें बताया गया है कि पिछले चार महीने में देश भर में डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर साइबर ठगों ने आम लोगों को 120 करोड़ रुपए की चपत लगा दी है। डॉक्टर टंडन ने भारत समाचार चैनल से बातचीत में बताया कि उन्हें सुबह 8 बजे एक फोन आया कि उनके नंबर पर साइबर सेल में लोगों को परेशान करने वाले मैसेज के कई केस दर्ज हैं। फिर उन्होंने कॉल ट्रांसफर कर दिया और बताया कि जिन्हें कॉल ट्रांसफर किया गया है, वो आईपीएस अफसर हैं। उसके बाद उन्हें बताया गया कि उनके बैंक खाते पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस है और उन्हें गिरफ्तार करने का आदेश मुंबई से मिला है। ये राष्ट्रीय सुरक्षा का केस है इसलिए इस बात को गोपनीय रखना है, किसी को बताना नहीं है। आपको अब डिजिटल कस्टडी में रहना होगा। डिजिटल अरेस्ट में 4 महीने में 120 करोड़ गंवाए, ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम में बदलाव डॉक्टर ने बताया कि इसके बाद अगले छह-सात दिन तक ऑनलाइन तरीके से कोर्ट में फर्जी केस चलाया। एक नया फोन खरीदवाया गया और उस पर वीडियो कॉल के ऐप डाउनलोड करवा दिए। वीडियो पर वो निगरानी रखते थे। ठगों ने अलग-अलग बैंक खाते के नंबर दिए और कहा कि इन खातों में पैसे भेजिए। जांच में आप निर्दोष निकलीं तो सारे पैसे वापस आ जाएंगे। डॉक्टर ने बताया कि सात-आठ दिन बाद उन्होंने पता किया और फिर कुछ न्यूज रिपोर्ट देखी तो उन्हें समझ आया कि उनके साथ ठगी हो गई है। डॉक्टर को झांसा दिया गया था कि आपको गलती से किसी ने केस में फंसा दिया है। पुलिस और कोर्ट जांच में गलत पाती है तो सारे पैसे वापस कर दिए जाएंगे। recent visitors 101

भाजपा के पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मुलाकात की, बैठक के एजेंडे पर हुई चर्चा

नई दिल्ली भाजपा में नए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के चयन को लेकर चल रही विचार-विमर्श की प्रक्रिया के बीच केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और भाजपा के पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच अमित शाह के आवास पर लगभग एक घंटे तक यह महत्वपूर्ण बैठक हुई। अमित शाह और जेपी नड्डा के बीच हुई इस बैठक के एजेंडे के बारे में हालांकि आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन यह बताया जा रहा है कि दोनों शीर्ष नेताओं की इस महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई है। आने वाले दिनों में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की दो अहम महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। शनिवार को पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में भाजपा राष्ट्रीय पदाधिकारियों की अहम बैठक दिल्ली में होनी है। बैठक में अमित शाह और राजनाथ सिंह के अलावा पार्टी के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी, राज्यों के प्रभारी, सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश संगठन महासचिव भी शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शनिवार की बैठक में शामिल हो सकते हैं। बैठक में पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के मद्देनजर देशभर में चलाए जाने वाले सदस्यता अभियान और राज्यों में होने वाले संगठन के चुनाव पर चर्चा की जा सकती है। यह माना जा रहा है कि अमित शाह और जेपी नड्डा के बीच हुई बैठक में राष्ट्रीय पदाधिकारी बैठक के एजेंडे के साथ ही संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई है। आने वाले दिनों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भी एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। आरएसएस की अखिल भारतीय समन्वय समिति की बैठक इस बार केरल में अगस्त-सितंबर में होने जा रही है। आरएसएस की यह महत्वपूर्ण बैठक केरल में 31 अगस्त को शुरू होगी और इसका समापन 2 सितंबर को होगा। संघ की इस तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक में आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत और संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित संघ से जुड़े लगभग 36 विभिन्न संगठनों के मुखिया एवं संगठन महासचिव सहित संघ के अन्य महत्वपूर्ण नेता शामिल होंगे। संघ से जुड़े विभिन्न संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय संगठन महासचिव ही इस बैठक में शामिल होकर अपने-अपने संगठन के कामकाज और उपलब्धियों की जानकारी संघ को देते हैं। बैठक के लिए भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष को आमंत्रित किया जा चुका है और उस समय जो पार्टी के राष्ट्रीय अथवा कार्यकारी अध्यक्ष होंगे, वो ही बीएल संतोष के साथ बैठक में भाजपा के प्रतिनिधि के रूप में शामिल होंगे। इसलिए यह माना जा रहा है कि पार्टी आने वाले 10 दिनों में इसे लेकर कोई अंतिम फैसला सार्वजनिक कर सकती है। recent visitors 147

सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को मऊ से विधायक अब्बास अंसारी की विशेष अनुमति याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी की जमानत याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई। कोर्ट ने अब्बास की जमानत याचिका पर ईडी को नोटिस भी जारी किया है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और संदीप मेहता की पीठ ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी करते हुए उत्तर प्रदेश के मऊ से विधायक अब्बास अंसारी की विशेष अनुमति याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा है। इससे पहले, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 9 मई के अपने आदेश में अब्बास की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। हालांकि, उसने निचली अदालत को निर्देश दिया था कि वह जल्द से जल्द सुनवाई पूरी करे। इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस जसप्रीत सिंह की पीठ ने कहा था, “यह अदालत पीएमएलए की धारा 45 के संदर्भ में पहली नजर में यह संतुष्टि देने में असमर्थ है कि आवेदक दोषी नहीं है या फिर वह जमानत पर रहते समय कोई अपराध नहीं कर सकता।” कोर्ट ने अब्बास अंसारी के खिलाफ मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पेश किए गए मनी ट्रेल का भी संज्ञान लिया। बयान में कहा गया है कि मनी ट्रेल अंसारी को दो कंपनियों- मेसर्स विकास कंस्ट्रक्शन और मेसर्स आगाज से धन के लेनदेन से जोड़ता है। ईडी का आरोप है कि अंसारी ने इन कंपनियों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया था। ईडी ने धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत तीन अलग-अलग एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की है। पहले आपराधिक मामले में, यह आरोप लगाया गया था कि एक निर्माण कंपनी के भागीदारों ने रिकॉर्ड में हेराफेरी कर सार्वजनिक संपत्ति पर अतिक्रमण किया था। वहीं, दूसरी एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि मुख्तार अंसारी ने एक स्कूल बनाने के लिए विधायक कोष से धन लिया था। लेकिन, कोई स्कूल नहीं बनाया गया और जमीन का इस्तेमाल कृषि के लिए किया गया। तीसरी एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि अंसारी ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सरकारी जमीन हड़प ली और एक अवैध मकान बना लिया। recent visitors 86

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा-केरल सरकार जल्द ही वायनाड आपदा को लेकर केंद्र को सौंपेगी रिपोर्ट

तिरुवनंतपुरम केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बुधवार को कहा कि वायनाड में हुए विनाशकारी भूस्खलन और आवश्यक पुनर्वास पर एक रिपोर्ट जल्द ही केंद्र को सौंपी जाएगी। सीएम विजयन ने बयान में कहा, "वायनाड भूस्खलन पर एक पूरी रिपोर्ट तैयार करना चुनौतीपूर्ण काम है। इसमें नुकसान और कई अन्य चीजों का आकलन किया जाएगा। साथ ही महत्वपूर्ण रूप से एक विस्तृत पुनर्वास पैकेज भी इसमें शामिल होगा, इसलिए थोड़ा समय लग रहा है।" दरअसल, 30 जुलाई को वायनाड के चार गांवों में भारी भूस्खलन हुआ था। इस भूस्खलन में लगभग 416 लोग मारे गए और 128 लोग लापता हैं। सीएम विजयन ने बचाव अभियान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बचाव अभियान बुधवार को भी जारी रहा। बचाव टीमें प्रभावित क्षेत्रों और चालियार नदी के किनारे लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। 115 से अधिक राहत शिविरों में 11,000 से अधिक लोग रह रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत शिविरों में रह रहे प्रभावित लोगों को चरणबद्ध तरीके से पुनर्वास कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। सीएम विजयन ने कहा, "हमने लगभग 100 सरकारी भवनों, 253 निजी घरों की पहचान की है, जहां पुनर्वास करना है, इसके किराए का भुगतान करना होगा और 100 घर मुफ्त हैं। सरकार ने परिवारों को हर महीने 6,000 रुपये देने का फैसला किया है।" मुआवजे के संबंध में, उन्होंने कहा कि आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों को 6 लाख रुपये मिलेंगे और विकलांग लोगों को भी सर्टिफिकेट के आधार पर अतिरिक्त 75,000 रुपये और सामान्य मुआवजा मिलेगा। सीएम विजयन ने कहा, "सभी प्रक्रिया पूरा होने के बाद लापता लोगों के आश्रितों को भी समान लाभ मिलेगा।” मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र जल्द से जल्द दिया जाएगा। वर्तमान में जॉन मथाई के नेतृत्व में एक विशेषज्ञ समिति प्रभावित क्षेत्रों का अध्ययन कर रही है और उसने क्षेत्रों से मिट्टी और चट्टानों के नमूने भी इकट्ठा किए हैं। उन्होंने कहा कि पालतू पशुओं के लिए दो शिविर स्थापित किए गए हैं और उन्हें भोजन और अन्य सभी सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बड़े पैमाने पर भूस्खलन की श्रृंखला में अपना सब कुछ खो चुके लोगों के पुनर्वास के लिए केंद्र से वित्तीय सहायता मांगी है। बता दें कि मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष राज्य की मांगों को भी रखा था। recent visitors 94

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्मृति दिवस के मौके पर कहा- विभाजन त्रासदी के लिए कांग्रेस जिम्मेदार

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जो किसी युग में नहीं हुआ, वह कांग्रेस की सत्ता के लालच हुआ और स्वतंत्र भारत को ऐसा नासूर दे दिया, जिसका दंश आज भी भारत आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद के रूप में झेल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को लोकभवन में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के मौके पर बोल रहे थे। विभाजन विभीषिका पर आधारित लघु फिल्म के जरिए आमजन का दर्द दिखाया गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि तत्कालीन राजनीतिक नेतृत्व ने दृढ़ता का परिचय दिया होता तो दुनिया की कोई ताकत इस अप्राकृतिक विभाजन को मूर्त रूप नहीं दे पाती। येन-केन प्रकारेण सत्ता प्राप्त करने के लिए कांग्रेस ने देश को दांव पर लगा दिया। 1947 और इसके बाद से यह लगातार हो रहा है। जब भी इनके हाथ में सत्ता में आई, इन लोगों ने देश की कीमत पर राजनीति की। इसकी कीमत जनता को लंबे समय तक चुकानी पड़ी है। विभाजन की दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी हम सबको उन्हीं गलतियों की परिमार्जन की तरफ ध्यान आकृष्ट करती है। सीएम योगी ने कहा कि भारत बल-बुद्धि, विद्या में दुनिया का नेतृत्व करने का सामर्थ्य रखता था। 16वीं सदी तक भारत का वैभव दुनिया में अग्रणी था। दुनिया की अर्थव्यवस्था के आधे भाग का नेतृत्व अकेले भारत करता था। यह तब था, जब देश कई सौ वर्षों तक लगातार विदेशी आक्रांताओं के आक्रमण को झेल रहा था। 14 अगस्त 1947 को देश के विभाजन की त्रासदी हो रही थी। 15 अगस्त 1947 को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू द्वारा तिरंगा फहराकर कांग्रेस नेता आजादी का जश्न मना रहे थे, तब लाखों लोग अपनी मातृभूमि व परिवार को छोड़ने को मजबूर हो रहे थे। उस समय के अमानवीय अत्याचार किसी से छिपे नहीं हैं। दुनिया का सबसे समृद्धतम देश 1947 तक आते-आते दरिद्र देश में बदल गया। हमारी कुछ कमजोरियों ने आक्रांताओं को देश के अंदर आक्रमण करने के लिए स्थान दिया। उन्होंने कहा कि देश इतिहास के काले अध्यायों को स्मरण कर रहा है। आखिर क्या कारण था कि हजारों हजार वर्षों से सनातन राष्ट्र भारत गुलाम हुआ। विदेशी आक्रांताओं ने यहां की परंपरा-संस्कृति को रौंदा और देश को गुलाम बनाया। क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश को स्वतंत्र कराने की दिशा में विदेशी हुकूमत को उखाड़ फेंकने के संकल्प के साथ आजादी की लड़ाई लड़ी थी। जब उसकी पूर्णता का समय आया तो इस सनातन राष्ट्र को विभाजन की त्रासदी का सामना करना पड़ा। सीएम योगी ने कहा कि जो गलतियां इतिहास के काले अध्याय के रूप में हमारे सामने हैं, वही गलतियां चुनाव के समय राजनीतिक दल करते हैं। जो पहले जातिवाद के नाम पर होता था, वही कारनामे आज राजनीतिक दलों के स्तर पर किए जा रहे हैं। जातीयता का नग्न तांडव कर उसी विभाजन की ओर ले जाने की कुत्सित चेष्टा की जा रही है। सीएम योगी ने कहा कि 1947 के पहले महर्षि अरविंद ने उद्घोषणा की थी कि आध्यात्मिक जगत में पाकिस्तान कोई वास्तविकता नहीं है। उसका भारत में विलय होगा या पाकिस्तान हमेशा के लिए समाप्त होगा। आध्यात्मिक जगत में जिसका वास्तविक अस्तित्व नहीं है, उसे नष्ट ही होना है। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के आभारी हैं, जिन्होंने इतिहास के काले अध्यायों से पर्दा उठाकर गलतियों के परिमार्जन के लिए रास्ता बनाने का आह्वान किया है। हमें इसी आह्वान के साथ जुड़ना है। जो 1947 में हुआ, वही आज पाकिस्तान और बांग्लादेश में हो रहा है। डेढ़ करोड़ हिंदू बांग्लादेश में आज अस्मिता बचाने के लिए चिल्ला रहे हैं। दुनिया और भारत के कथित सेक्युलरिस्ट के मुंह आज भी सिले हैं। इन्हें वोट बैंक की चिंता है। सीएम योगी ने कहा कि भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र ही नहीं, बल्कि यह लोकतंत्र की जननी भी है। भारत ने नागरिकों को जितनी स्वतंत्रता दी है, ऐसी स्वतंत्रता किसी भी देश में नहीं है। हमें संविधान पर गौरव और इसके निर्माताओं के प्रति सम्मान का भाव प्रकट करना चाहिए। recent visitors 70

राजस्थान के दौसा जिले से तिरंगे का खास जुड़ाव माना जाता है, यहु से बना हुआ तिरंगा लालकिले पर फहराया गया था

नई दिल्ली पूरा देश कल गुरुवार को आजादी की 78वें स्वाधीनता दिवस का जश्न मनायेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल क़िले की प्राचीर से तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्र को सम्बोधित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने आजादी की 75वीं वर्षगाँठ को अमृत महोत्सव का नाम दिया है। उन्होंने ग़ुलामी की निशानियों से ऊपर आत्म निर्भर भारत के प्रतीक के रूप में नई दिल्ली में महत्वाकांक्षी सेण्ट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को भी हाथ में लेकर नए कर्तव्य पथ और संसद भवन का शुभारम्भ कराया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2922 से हर घर तिरंगा अभियान चलाया है । यह अभियान 22 जुलाई, 2022 को भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ मनाने के साथ शुरू किया गया था । इस अभियान से करोड़ों लोग जुड़ें हैं। वर्ष 2022 में 23 करोड़ से अधिक घरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया था और 6 करोड़ लोगों ने ध्वज के साथ अपनी सेल्फी harghartiranga.com पर अपलोड की थी । वर्ष 2023 में, हर घर तिरंगा अभियान के अन्तर्गत वर्ष 2023 में, 10 करोड़ से अधिक लोगों द्वारा अपनी सेल्फी अपलोड की गईं थी। देश में ही नहीं विदेशों में भी इस अभियान को ज़बरदस्त समर्थन मिला और दुनिया ने विश्व की प्रसिद्ध इमारतों को भी तिरंगे की आकर्षक रोशनी में नहाते हुए देखा हैं। प्रवासी भारतीयों में भी हर घर तिरंगा अभियान के प्रति बड़ा उत्साह देखा गया हैं। आजादी के 77 वर्षों के बाद भी बहुत कम लोगों को यह मालूम है कि वर्ष 1947 में आजादी की पहली सुबह पर दिल्‍ली के ऐतिहासिक लालकिले पर देश के प्रथम प्रधानमन्त्री पण्डित जवाहर लाल नेहरू द्वारा फहराया गया तिरंगा झंडा राजस्‍थान के दौसा जिला के आलूदा गाँव से बन कर आया था। हालाँकि भारत सरकार की ओर से इसकी अधिकृत पुष्टि नहीं की गई हैं। स्वाधीनता दिवस पर देश के हर ज़िले में तिरंगा फहराया जाता है। इस मौके पर देशवासी खुद को गौरवान्वित महसूस करते हैं और देश की आन,बान और शान के प्रतीक तिरगें को नमन कर आजादी के अमर शहीदों का स्मरण करते हैं। राजस्थान के दौसा जिले के हर नागरिक को भी इस दिन एक अलग ही प्रकार की अनूभुति होती हैं, क्योंकि तिरंगे का दौसा जिले से खास जुड़ाव माना जाता है। बताते है कि लाल किले पर जो झंडा पहली बार लहराया गया था वो दौसा के आलूदा कस्बे के बुनकर चौथमल ने बनाया था।यह भी बताया जाता है कि आजादी के पहले तिरंगे को लहराने की तैयारी के लिए चरखा संघ के देशपाण्डे एवं जनरल टाड को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।इस दौरान देश के विभिन्न भागों से तीन झंडे लाए गये।एक दौसा के आलूदा गाँव से,दूसरा राजस्थान के ही अलवर जिले के गोविन्दगढ़ से और तीसरा एक अन्य स्थान से लाया गया था।बताया जाता है कि दौसा के आलूदा कस्बे के बुनकर चौथमल द्वारा बनाया गया झंडा पहली बार राष्ट्रीय ध्वज के रुप में लाल किले पर लहराया गया था हालांकि इसका कोई लिखित प्रमाण उपलब्ध नहीं है। दौसा के बुनकरों की झण्डा बनाने की यह कारीगरी आज भी बदस्तूर जारी है।खादी समिति दौसा का भी कहना है कि हालांकि आज़ादी की पहली सुबह पर दिल्ली में फहराया जाने वाला तिरंगा देश के अन्य स्थानों से भी गया था लेकिन दौसा में बने तिरंगे को ही पहली बार ऐतिहासिक लाल क़िले से आजाद हवा में लहराने का मौका मिला था। तिरंगे को लेकर राजस्थान के दौसा जिले का नाम तभी से इतिहास और चर्चा में जुड़ा हुआ हैं। हमारे देश में तीन प्रमुख जगह ऐसी हैं जहां तिरंगे के कपड़े का निर्माण होता आया हैं,इसमें महाराष्ट्र में नांदेड़, कर्नाटका में हुबली एवं राजस्थान में दौसा का नाम प्रमुखता से लिया जाता हैं। दौसा खादी समिति तिरंगे में लगने वाले कपड़े का निर्माण करती थी और यहां से मुंबई जाने के बाद खादी डायर्स एण्ड प्रिटिंग प्रेस में इस कपड़े पर तिरंगा उकेरा जाता था। बताते है कि आजादी से ठीक पहले कांग्रेस अधिवेशन में पं.जवाहरलाल नेहरू द्वारा फहराया गया तिरंगा ध्वज भी राजस्थान के अलवर जिले के नीमराना से ताल्लुक़ रखने वाली अंजु नागर के घर मेरठ (हस्तिनापुर) में सुरक्षित रखा हुआ है। नागर के मौसेरे भाई तरुण रावल के अनुसार यह झण्डा 1946 में कांग्रेस के आखिरी अधिवेशन में मेरठ में फहराया गया था। इस तिरंगे को नागर परिवार ने आज भी बहुत ही सलीके के साथ सहेज का रखा हुआ है। यह ऐतिहासिक तिरंगा 14 फिट चौड़ा और 9 फिट लंबा है। भारतीय तिरंगे की शान निराली है।दुनिया में इसने अपनी एक अलग ही पहचान बनाई है। ओलम्पिक खेलों सहित हर क्षेत्र में अर्जित उपलब्धियों पर हमारे राष्ट्रगान की मधुर धुन के साथ शान से तिरंगा क्षितिज में फहराता है। चन्द्र मिशन के अन्तर्गत चन्द्रयान-3 की सफलता के साथ ही चन्द्रमा पर भी भारत को अपना तिरंगा शान से फहराने का गौरव मिला हैं। recent visitors 120