“India Fights HIV and STI” अभियान का उद्देश्य जनसामान्य के बीच एचआईवी-एड्स की जागरूकता बढ़ाना

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा राज्य स्तरीय सघन जागरूकता प्रदेशव्यापी "इंडिया फ़ाइट्स एचआईवी एंड एसटीआई" अभियान का संचालन किया जा रहा है। उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस 12 अगस्त को समन्वय भवन, भोपाल में अपराह्न 4 बजे प्रदेश व्यापी जागरूकता अभियान का शुभारंभ करेंगे। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल भी शामिल होंगे। अभियान में मध्यप्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा 12 अगस्त से 12 अक्टूबर 2024 (2 माह) तक प्रदेश व्यापी सघन जागरूकता अभियान "इंडिया फ़ाइट्स एचआईवी एंड एसटीआई" संचालित किया जायेगा। अभियान का उद्देश्य जनसामान्य विशेष रूप से 15 से 49 वर्ष आयुवर्ग के युवाओं के बीच एचआईवी-एड्स की जागरूकता बढ़ाना है, जिससे वे अपनी सुरक्षा के प्रति सचेत हो सकें। साथ ही राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत जाँच एवं उपचार सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। अभियान में एचआईवी संक्रमित एवं प्रभावित व्यक्तियों के प्रति भ्रांतियों को दूर करने के प्रयास भी किये जायेंगे, जिससे भेदभाव को रोका जा सके। अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के स्टाफ तथा एनजीओ, एनएसएस आदि के सहयोग से ग्राम सभाओं में तथा ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवसों के दौरान जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा। विद्यालयों एवं महाविद्यालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थाओ में जागरूकता गतिविधियां संचालित होंगी। मध्यप्रदेश के प्राथमिकता के 10 जिलों भोपाल, बड़वानी, खरगोन, धार, सतना, श्योपुर, जबलपुर, ग्वालियर, शिवपुरी एवं रतलाम में अभियान का विशेष फोकस रहेगा। शहर की घनी बस्तियों में जागरूकता गतिविधियों के साथ संचार के विभिन्न माध्यमों का जागरूकता गतिविधियों के संचालन में प्रयोग किया जायेगा।   recent visitors 137

भारत में 60% लोग अपने धर्म के अनुसार रोजाना प्रार्थना करते, इंडोनेशिया के सबसे अधिक जबकि जापान के लोग सबसे कम धार्मिक

नई दिल्ली भारत में 60 फीसदी लोग अपने धर्म के अनुसार रोजाना प्रार्थना करते हैं। प्यू रिसर्च सेंटर की ओर से दुनिया के सौ से अधिक देशों में धर्म के महत्व पर किए गए अध्ययन में यह बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इंडोनेशिया के लोग सबसे अधिक जबकि जापान के लोग सबसे कम धार्मिक हैं। वर्ष 2008 से 2023 के बीच किए गए अध्ययन के अनुसार, सबसे अधिक लैटिन अमेरिकियों ने प्रतिदिन प्रार्थना करने की बात कही। ग्वाटेमाला और पैराग्वे में 82 फीसदी जबकि कोस्टा रिका और होंडुरास में 78 प्रतिशत ने यह बात मानी। अमेरिका के 45 फीसदी व्यस्कों ने कहा कि नियमित प्रार्थना करते हैं। सर्वेक्षण में शामिल पूर्वी एशियाई देशों (जापान, चीन, मंगोलिया, उत्तर एवं दक्षिण कोरिया और ताइवान) के महज 21 फीसदी वयस्कों ने कहा कि वे रोजाना प्रार्थना करते हैं। इसमें हांगकांग के 13 फीसदी जबकि जापान के 19 फीसदी लोग शामिल हैं। इसी तरह दुनिया में 80 फीसदी से अधिक लोगों ने माना कि उनकी जिंदगी में धर्म का महत्वपूर्ण स्थान है। उप सहारा अफ्रीका के सेनेगल, माली, तंजानिया, जाम्बिया में 90 फीसदी से अधिक लोगों की राय में धर्म का उनके जीवन में बेहद अहम है। इससे उन्होंने अपने रोजमर्रा के जीवन में कई बदलाव महसूस किए हैं। इसके उलट सर्वेक्षण में शामिल लगभग सभी यूरोपीय देशों में लोगों ने धर्म को ज्यादा अहमियत नहीं दी। एस्टोनिया, चेक गणराज्य, डेनमार्क, स्विट्जरलैंड, यूनाइटेड किंगडम, स्वीडन, लातविया और फिनलैंड में 10 फीसदी या इससे भी कम वयस्कों ने इस बात को स्वीकार किया। हालांकि, दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया में लोग उप-सहारा अफ्रीका और यूरोप की तरह नहीं सोच नहीं रखते। इस क्षेत्र में कई स्थानों पर वयस्कों ने धर्म को बहुत अधिक महत्व देने की बात कही। उदाहरण के लिए, इंडोनेशिया में लगभग हर वयस्क ने कहा कि धर्म उनके जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है। वहीं, सिंगापुर में महज 36% और वियतनाम में 26% ने इसका जवाब हां में दिया। वहीं 42 फीसदी अमेरिकियों ने इस बारे में सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। भारतीय खान-पान को लेकर ज्यादा सतर्क भारत में करीब 30 हजार वयस्कों से धर्म से संबंधित आहार विकल्पों के बारे में पूछा गया। सर्वे में पाया गया कि खाने-पीने को लेकर यहां के लोग ज्यादा सतर्क हैं। 67 फीसदी जैन समुदाय के लोग जड़ वाली सब्जियां खाने से परहेज करते हैं। 50 फीसदी लोगों ने ही कहा कि वे कभी किसी ऐसे व्यक्ति के घर खाना खाएंगे जिनके धर्म में भोजन के बारे में अलग नियम हैं। पूर्वजों के लिए अनुष्ठान भी महत्वपूर्ण सर्वेक्षण में पाया गया कि जहां कुछ पूर्वी एशियाई लोग धर्म को अपने जीवन में बहुत महत्वपूर्ण मानते हैं या दैनिक प्रार्थना करते हैं, वहीं पूरे एशिया क्षेत्र में अधिकांश लोग आध्यात्मिक विश्वास रखते हैं और पारंपरिक अनुष्ठान करते हैं। उदाहरण के लिए पूर्वी एशिया में लोग अपने पूर्वजों के सम्मान में अनुष्ठान आयोजित करते हैं। recent visitors 81

रक्षाबंधन पर राशि अनुसार बांधे राखी, भाई-बहन दोनों को होगा लाभ, दूर होंगे जीवन के कष्ट, मिलेगा भाग्य का साथ

रक्षा बंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक है। इस दिन पहने अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं। भाई भी उन्हें उपहार के साथ जीवन पर रक्षा करने का वचन देते हैं। इस साल 19 अगस्त को रक्षा बंधन है। कई दुर्लभ संयोग भी बन रहे है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह दिन बेहद खास होगा। भाई को राशि अनुसार राखी बांधने के लाभ होगा। आइए जानें राशि अनुसार बहनें अपने भाई की राशि के अनुसार को कैसी राखी बांध सकती हैं- मेष और वृश्चिक मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं। लाल या मैहरून रंग की राखी बांधना शुभ रहेगा। भाई-बहन में प्रेम बढ़ेगा। सफलता मिलेगी। साहस और ऊर्जा में वृद्धि होगी। मिथुन और कन्या राशि मिथुन और कन्या राशि के स्वामी ग्रहों के राजकुमार बुध हैं। इनके लिए हरे रंग की राखी शुभ रहेगी। करियर और कारोबार में लाभ होगा। धनु और मीन राशि धनु और मीन राशि के स्वामी देव गुरु बृहस्पति हैं। पीले या नारंगी रंग की राखी बांधना शुभ रहेगा। भाई को किस्मत का साथ मिलेगा। तरक्की के योग बनेंगे। वृषभ और तुला राशि वृषभ और तुला राशि के स्वामी धन, प्रेम इत्यादि के दाता शुक्र हैं। भाई के हाथों में बहनें सिल्वर, सफेद, गुलाबी या क्रीम रंग की राखी बाँधें। सिंह राशि सिंह राशि के स्वामी ग्रहों के राजा सूर्यदेव हैं। सुनहरा, लाल या नारंगी रंग की राखी बांधना शुभ रहेगा। पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कर्क राशि कर्क राशि के स्वामी चंद्रदेव हैं। जातकों के लिए सफेद, सिल्वर या आसमानी रंग की राखी बांधना शुभ रहेगा। ऐसा करने से मान शांत रहेगा। तनाव दूर होगा। कुंभ और मकर राशि कुंभ और मकर राशि के स्वामी शनि हैं। जातकों के लिए नीले रंग की राखी बांधना शुभ रहेगा। इस रंग को मौलिकता और स्वतंत्रता का प्रतीक माना जाता है। recent visitors 133

भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल बांग्लादेश से सटी 480 किलोमीटर लंबी समुद्री सीमा पर त्रिस्तरीय सुरक्षा बनाए हुए हैं- हरिचंदन

भुवनेश्वर  ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि बांग्लादेश में हिंसा के बाद बांग्लादेशियों के समुद्र मार्ग से तटीय राज्य में दाखिल होने की कोई रिपोर्ट नहीं है। हरिचंदन ने कहा कि ओडिशा में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों की पहचान कर उन्हें जल्द उनके देश भेजा जाएगा। पुलिस का कहना है कि भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल और ओडिशा समुद्री पुलिस बांग्लादेश से सटी 480 किलोमीटर लंबी समुद्री सीमा पर त्रिस्तरीय सुरक्षा बनाए हुए हैं। बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच बांग्लादेशियों के समुद्र मार्ग से ओडिशा में दाखिल होने की संभावनाओं से जुड़े पत्रकारों के सवाल के जवाब में हरिचंदन ने शनिवार को कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने तटरक्षक बल और ओडिशा समुद्री पुलिस को इस तरह की कोशिशों को नाकाम करने के लिए समुद्र तट पर गश्त करने का निर्देश दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बांग्लादेश के हालिया घटनाक्रमों के बाद ऐसी (बांग्लादेशियों के समुद्र मार्ग से तटीय राज्य में दाखिल होने की) कोई रिपोर्ट नहीं है। हरिचंदन ने कहा, ‘कुछ बांग्लादेशी लंबे समय से ओडिशा में रह रहे हैं। राज्य सरकार उनके दस्तावेजों, मसलन-वीजा और वर्क परमिट या राज्य में रहने के किसी अन्य वैध कारण का सत्यापन करेगी। सत्यापन के बाद अवैध घुसपैठियों को उनके देश वापस भेजा जाएगा।’ सरकारी सूत्रों के मुताबिक ओडिशा के सात जिलों में कुल 3,740 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान की गई है। इनमें से 1,649 केंद्रपाड़ा में, 1,112 जगतसिंहपुर में और 655 मलकानगिरि में अवैध रूप से रह रहे हैं।   recent visitors 70

भारतीय बल्लेबाज 2024 में एक भी वनडे शतक नही बना पाए, 38 साल के शतकों का सिलसिला थमा

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट टीम को इस साल अब कोई वनडे मुकाबला नहीं खेलना है। टीम ने श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली थी। सभी मैचों में भारत की बैटिंग पूरी तरह फेल रही। टीम इंडिया एक भी मैच को अपने नाम नहीं कर पाई। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे धुरंधर बल्लेबाज के होने के बाद भी स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ टीम इंडिया के बल्लेबाज रन बनाने में असफल रहे। 2024 में एक भी वनडे शतक नहीं भारतीय बल्लेबाज 2024 में एक भी वनडे शतक नही बना पाए। श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में भारतीय बल्लेबाज की सबसे बड़ी पारी 64 रनों की रही। कप्तान रोहित शर्मा ने सीरीज के दूसरे मुकाबले में यह पारी खेली थी। रोहित के अलावा सीरीज में कोई भारतीय बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं बना पाया। भारत को अब इस साल टेस्ट और टी20 खेलने हैं। अगले वनडे सीरीज अगले साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ है। 38 साल के शतकों का सिलसिला थमा भारतीय टीम के बल्लेबाज ने आखिरी बार 1985 में किसी वनडे मैच में शतक नहीं लगाया था। तब युवा मोहम्मद अजहरुद्दीन के बल्ले से सबसे बड़ी 93 रनों की पारी निकली थी। भारत के लिए वनडे में पहला शतक 1983 में आया था। कपिल देव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 175 रनों की नाबाद पारी खेली थी। तब से सिर्फ 1985 में ही कोई भारतीय बल्लेबाज शतक नहीं लगा पाया। साल का सबसे छोटा हाईएस्ट स्कोर भारतीय टीम 1974 से वनडे मैच खेल रही है। 1977 में टीम इंडिया ने कोई मैच नहीं खेला था। इसके अलावा किसी भी साल भारतीय बल्लेबाज का हाईएस्ट स्कोर 70 रनों से कम नहीं रहा है। 2024 में यह सिर्फ 64 रन ही रहा। 1975 में आबिद अली ने भारत के लिए सबसे बड़ी पारी 70 रनों की खेली थी। 11 बार सचिन तेंदुलकर ने साल में भारत के लिए सबसे बड़ी पारी खेली है। रोहित शर्मा ने 9 बार ऐसा किया है। recent visitors 95

पार्टी वीसीके ने कहा एससी के भीतर समुदायों के उप-वर्गीकरण के खिलाफ 13 अगस्त को विरोध मार्च का आयोजन करेगी

चेन्नई  तमिलनाडु की दलित राजनीतिक पार्टी वीसीके ने कहा है कि अनुसूचित जाति (एससी) के भीतर समुदायों के उप-वर्गीकरण के खिलाफ 13 अगस्त को वह यहां एक विरोध मार्च का आयोजन करेगी। वीसीके के संस्थापक नेता और चिदंबरम लोकसभा सीट से सांसद थोल थिरुमावलवन ने  एक बयान में कहा कि राज्य सरकार द्वारा एससी सूची में समुदायों के उप-वर्गीकरण की अनुमति देने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले और क्रीमी लेयर पर टिप्पणी से अंततः आरक्षण समाप्त हो जाएगा। थिरुमावलवन ने कहा कि उन्होंने और वीसीके के महासचिव तथा विल्लुपुरम के सांसद डी. रविकुमार ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर उन्हें इस मुद्दे से अवगत कराया और उनसे समर्थन का अनुरोध भी किया। थिरुमावलवन ने कहा कि केंद्र सरकार ने “जनगणना न करके यह सुनिश्चित किया है कि एससी/एसटी की आबादी की गणना करने का कोई तरीका न रहे। वह 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर आरक्षण बढ़ाने से भी इनकार कर रही है।” वीसीके के वरिष्ठ नेता ने कहा, “केंद्र सरकार की नौकरियों में एससी के लिए 15 प्रतिशत आरक्षण किसी भी विभाग में लागू नहीं किया गया है। इसी तरह, एसटी के लिए 7.5 प्रतिशत आरक्षण भी सुनिश्चित नहीं किया गया है।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों ने भी एससी/एसटी के रिक्त पदों को नहीं भरा है और किसी की नियुक्ति किए बिना उन्हें खाली रखा है। वीसीके संस्थापक नेता ने कहा, “जहां लाखों एससी/एसटी युवा नौकरी पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं एक न्यायाधीश ने कहा है कि अगर एक पीढ़ी को इसका लाभ मिल गया है तो एससी/एसटी व्यक्तियों को आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए।” बयान में वरिष्ठ दलित नेता ने यह भी कहा कि इस बात की आशंका है कि भाजपा सरकार एससी/एसटी आरक्षण के लिए ‘क्रीमी लेयर’ लागू करेगी, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के सात में से चार जजों ने ऐसा कहा है। उन्होंने केंद्र से सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिका दायर करने का आह्वान किया, जिसमें राज्यों को एससी समुदायों को उप-वर्गीकृत करने और आरक्षण प्रदान करने की अनुमति दी गई है। थोल थिरुमालवन ने कहा कि क्रीमी लेयर के बारे में टिप्पणियां वापस ली जानी चाहिए और एससी/एसटी को उनकी आबादी के आधार पर आनुपातिक आरक्षण प्रदान किया जाना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की बेंच ने इस महीने की शुरुआत में, 6:1 के बहुमत वाले फैसले में कहा था कि राज्य सरकारों को अनुभवजन्य आंकड़ों के आधार पर एससी सूची के भीतर समुदायों को उप-वर्गीकृत करने की अनुमति है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को इसे खारिज करते हुए कहा कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान में एससी/एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर का कोई प्रावधान नहीं है।   recent visitors 92

मंत्री कुशवाह के मुख्य आतिथ्य में होगा कार्यक्रम

भोपाल सामाजिक न्याय दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायन सिंह कुशवाहा के मुख्य अतिथि में "विकसित भारत का मंत्र-भारत हो नशे से स्वतंत्र" अभियान का राज्य स्तरीय कार्यक्रम 12 अगस्त को प्रातः 10:30 बजे सामाजिक न्याय नि:शक्तजन सशक्तिकरण संचालनालय में आयोजित होगा। आयुक्त सामाजिक न्याय डॉ. आर.आर. भोसले ने बताया कि राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से 'नशा एक सामाजिक बुराई' विषय पर राज्य स्तरीय फोटो प्रदर्शनी, शपथ ग्रहण समारोह तथा पौध-रोपण किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में इस अभियान के तहत शैक्षणिक संस्थाओं में जागरूकता रैली, दौड़ प्रतियोगिताएं, संस्थानों में "विकसित भारत का मंत्र-भारत हो नशे से स्वत्रंत" और "नशा एक सामाजिक बुराई" विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय जन-प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से अधिक से अधिक आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में शामिल नागरिकों को शपथ भी दिलाई जाएगी।   recent visitors 82