पेरिस ओलंपिक 2024 भव्य समापन, मनु भाकर-श्रीजेश ने लहराया तिरंगा, जानें क्लोजिंग सेरेमनी की खास बातें

पेरिस पेरिस ओलंप‍िक 2024 की क्लोज‍िंग सेरेमनी रविवार (11 अगस्त) देर रात खत्म हुई. लगभग तीन सप्ताह तक चले ओलंप‍िक खेलों का समापन हो गया है. सीन नदी पर आयोजित ओपन‍िंग सेरेमनी के विपरीत, ओलंपिक क्लोजिंग सेरेमनी अध‍िक पारंपर‍िक हुई. इसका आयोजन 80,000 दर्शकों से खचाखच भरे स्टेड डी फ्रांस स्टेडियम में हुई. सेरेमनी में एथलीटों की उपलब्धियों और मेजबान शहर पेरिस की सफलता का जश्न मनाया गया. श्रीजेश और मनु भाकर को ध्वजवाहक चुना गया भारत की ओर से दो बार के ओलंपिक पदक विजेता हॉकी ख‍िलाड़ी पीआर श्रीजेश और मनु भाकर को क्लोजिंग सेरेमनी में 'परेड ऑफ नेशंस' के ल‍िए भारतीय ध्वजवाहक चुना गया. 'भारत की दीवार' के नाम से फेमस श्रीजेश ने ओलंप‍िक गेम्स में भारत को कांस्य पदक दिलाने के साथ ही अपने कर‍ियर को विराम दिया. भारत ने जो कांस्य पदक हॉकी में स्पेन को 2-1 से हराकर जीता, उसमें श्रीजेश ने स्पेन के कई गोल अटैक को विफल कर दिया. वहीं ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल शूट-आउट में उनके शानदार बचाव भी किया, यह मैच भारतीय हॉकी टीम 10 ख‍िलाड़‍ियों के साथ खेलने उतरी थी. पेरिस में इन 6 भारतीय एथलीट्स ने दिलाया मेडल 🥈नीरज चोपड़ा 🥉मनु भाकर 🥉मनु भाकर/सरबजोत सिंह 🥉स्वप्निल कुसाले 🥉अमन सहरावत 🥉हॉकी पेरिस ओलंप‍िक में भारत के मेडल पेर‍िस ओलंप‍िक में सबसे पहला मेडल मनु भाकर ने ब्रॉन्ज 10 मीटर एयर पिस्टल में जीता. फ‍िर मनु भाकर-सरबजोत सिंह की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता. इसके बाद स्वप्निल कुसाले ने ब्रॉन्ज मेडल मेन्स 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में अपने नाम किया. वहीं भारतीय हॉकी टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत को चौथा पदक दिलाया. इसके बाद नीरज चोपड़ा  ने जैवल‍िन थ्रो में स‍िल्वर मेडल जीता. वहीं पहलवान अमन सहरावत ने 57 क‍िग्रा कुश्ती में ब्रॉन्ज मेडज जीतकर छठा मेडल दिलाया.   recent visitors 104

कोटा से होकर चलने वाली वंदे भारत ट्रेन का किराया रेलवे ने तय कर दिया

कोटा  राजस्थान के रेल यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। यह अच्छी खबर वंदे भारत ट्रेन से जुड़ी हुई है। दरअसल 2 सितंबर से कोटा से होकर चलने वाली वंदे भारत ट्रेन का किराया रेलवे ने तय कर दिया है। यह वंदे भारत ट्रेन कोटा होकर उदयपुर-आगरा आएगी और जाएगी। वंदे भारत चेयरकार का कोटा से आगरा तक का किराया 830 और एग्जीक्यूटिव चेयरकार का 1635 रुपये रखा गया है। इसी तरह साधारण चेयर कर का किराया कोटा से उदयपुर का 745 और एग्जीक्यूटिव चेयरकार 1465 रुपये तय किया गया है। इसके अलावा साधारण चेयरकार में आगरा से उदयपुर का किराया 1275 रुपये और एग्जीक्यूटिव चेयरकार का किराया 2545 रुपये रखा गया है। खाने की कीमत अलग-अलग ट्रेन में आने जाने का किराया समान है, लेकिन खाने की दर अलग-अलग हैं। कोटा से आगरा जाते समय साधारण चेयरकार में खाने के 225 रुपये और एग्जीक्यूटिव में 245 रुपये देने होंगे। इसी तरह वापसी में यह राशि 65 और 105 रुपये है। इसी तरह उदयपुर से कोटा के बीच खाने की रेट 120 और 155 रुपये हैं। जबकि कोटा से उदयपुर के बीच खाने के साधारण चेयरकार यात्रियों से 285 और एग्जीक्यूटिव चेयरकार वालों से 350 रुपये वसूले जाएंगे। इसी तरह उदयपुर से आगरा तक खाने का चार्ज 340 और 400 रुपये और आगरा से उदयपुर यह राशि 285 और 350 रुपये है। 2 सितंबर से शुरू होगी ट्रेन बता दें, इस ट्रेन का संचालन 2 सितंबर से शुरू होगा। इसके चलते रेलवे ने इसकी टिकटों की बुकिंग शुरू कर दी है। यात्री आईआरसीटीसी के जरिए यह टिकट ऑनलाइन और विंडो से भी बुक करवा सकते हैं। recent visitors 95

परमाणु-संचालित मिसाइलों से लैस भारत दूसरी पनडुब्बी को बेड़े में शामिल होने को रेडी

नई दिल्ली भारतीय नौसेना लगातार समंदर में अपनी ताकत बढ़ाने में जुटी है। चीन की ओर से बढ़ते खतरे को देखते हुए इंडिया भी अपनी नौसैनिक पावर को मजबूत करना चाहता है। यही वजह है कि देश को जल्द ही दूसरी परमाणु मिसाइल पनडुब्बी मिलने जा रही। न्यूक्लियर पावर से लैस ये सबमरीन जल्द ही तैनाती के लिए तैयार है। सिर्फ यही नहीं देश में दो और न्यूक्लियर पावर अटैक सबमरीन के निर्माण से प्रोजेक्ट को भी अंतिम मंजूरी मिलने वाली है। इससे हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती नौसैनिक धमक पर लगाम लग सकती है। जानिए आईएनएस अरिघाट की पावर, जिसके आने से चीन को समंदर में मिलेगी कड़ी चुनौती। INS अरिघाट कमीशनिंग के लिए तैयार विशाखापत्तनम के शिप-बिल्डिंग सेंटर (SBC) में निर्मित 6,000 टन की आईएनएस अरिघाट कमीशन के लिए तैयार है। समंदर में इसकी तैनाती से पहले सभी जरूरी ट्रायल्स पूरे हो चुके हैं। इन ट्रायल्स में सफलता के बाद अब ये औपचारिक तौर पर कमीशनिंग के लिए पूरी तरह से तैयार है। इन परीक्षणों में कुछ तकनीकी मुद्दों को दूर किया गया। टीओआई से बातचीत में एक सोर्स ने बताया कि एसएसबीएन को एक या दो महीने के भीतर कमीशन कर दिया जाएगा। इसके बाद आईएनएस अरिघाट अपनी सहयोगी आईएनएस अरिहंत के साथ मिलकर भारतीय नौसेना को मजबूती देगी। आईएनएस अरिहंत 2018 से पूरी तरह ऑपरेशनल है। INS अरिघाट की खूबियां जानिए आईएनएस अरिघाट भी आईएनएस अरिहंत की तरह 750 किलोमीटर रेंज की K-15 मिसाइलों से लैस होगी। हालांकि, तीसरा SSBN आने से इंडियन नेवी और मजबूत होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि 7,000 टन का INS अरिदमन 3,500 किलोमीटर रेंज की K-4 मिसाइलों के साथ अगले साल शुरू होगा। चौथा SSBN, जो अधिक K-4 मिसाइलों को ले जाने में सक्षम होगा, इसका निर्माण भी दशकों पहले शुरू की गई गुप्त 90,000 करोड़ रुपये की उन्नत प्रौद्योगिकी पोत (ATV) परियोजना के तहत किया जा रहा है। 13,500 टन के SSBN को और अधिक शक्तिशाली 190 मेगावाट रिएक्टरों के साथ बनाने की योजना है। लंबी दूरी की मिसाइलों वाले बड़े SSBN भारत के प्रतिरोध को अधिक विश्वसनीयता प्रदान करेंगे। नौसेना की और बढ़ेगी ताकत इसके साथ ही, भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफे के लिए कुछ और प्रोजेक्ट को मंजूरी का इंतजार है। इसमें पारंपरिक (नॉन न्यूक्लियर) वारफेयर फ्रंट, टॉरपीडो, एंटी शिप और लैंड अटैक मिसाइलों से लैस, दो परमाणु-ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों की भी तैयारी है। इसके स्वदेश में निर्माण के लिए लगभग 40,000 करोड़ रुपये की परियोजना अंतिम मंजूरी के लिए पीएम की अध्यक्षता वाली सुरक्षा पर कैबिनेट समिति के समक्ष रखा गया है। समंदर में मजबूत दावेदारी का प्लान एसबीसी में 'प्रोजेक्ट-77' के तहत शुरुआत में छह ऐसी 6,000 टन 'हंटर-किलर' सबमरीन, जिसे एसएसएन कहा जाता है, को बनाने की प्लानिंग थी। हालांकि, इसे पहले घटाकर तीन कर दिया गया और अब यह दो जहाजों पर आ गया है। पहले दो SSN के निर्माण में कम से कम एक दशक लगेगा, जो लगभग 95 फीसदी स्वदेशी होंगे, जबकि अगले चार को बाद के फेज में मंजूरी दी जाएगी। लंबे समय से स्वीकृत योजनाओं के अनुसार, भारत को चीन और पाकिस्तान से दोहरे खतरे से निपटने के लिए कम से कम 18 डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों, चार एसएसबीएन और छह एसएसएन की आवश्यकता है। समंदर में इंडिया Vs चीन मौजूदा स्थिति पर गौर करें तो देश में इस समय आईएनएस अरिहंत में केवल एक एसएसबीएन है। जो इसके मूल में 83 मेगावाट के प्रेसराइज्ड रिएक्टर से संचालित है। इसके अलावा 16 डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियां हैं। वहीं पारंपरिक पानी के नीचे के लड़ाकू बेड़े में छह पुरानी रूसी और चार जर्मन HDW पनडुब्बियां शामिल हैं। इसके अलावा छह नए फ्रांसीसी मूल के स्कॉर्पीन भी शामिल हैं। दूसरी ओर, चीन के पास पहले से ही 60 पनडुब्बियां हैं। वह तेजी से और अधिक निर्माण कर रहा है। इसके बेड़े में छह जिन-श्रेणी के एसएसबीएन शामिल हैं, जो JL-3 मिसाइलों से लैस हैं जिनकी स्ट्राइक रेंज 10,000 किमी है, और छह एसएसएन हैं। आईएनएस अरिघाट के आने से भारत की समंदर में न्यूक्लीयर सबमरीन की पावर में इजाफा होगा। इससे जमीन, हवा और समुद्र से परमाणु हथियार दागने की क्षमता को मजबूती मिलेगी। recent visitors 105

फिल्मों में कम, सोशल मीडिया पर ज्यादा चर्चा में रहती है अनन्या

मुंबई अभिनेत्री अनन्या पांडे फिल्मों में कम नजर आती हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वे हमेशा चर्चा में रहती हैं। हाल ही में, वे अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी में शामिल हुईं। इस शादी में वे वॉकर ब्लैंको के साथ दिखीं, जिससे उनके नए रिलेशनशिप को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। बता दें, वॉकर ब्लैंको अमेरिका के शिकागो, इलिनोइस के निवासी हैं। उन्होंने अपनी ज्यादातर जिंदगी मियामी और फ्लोरिडा में बिताई है। उन्होंने फ्लोरिडा के वेस्टमिंस्टर क्रिश्चियन स्कूल से अपनी शिक्षा पूरी की है। वॉकर ब्लैंको सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और उनकी पोस्ट में जानवरों से जुड़ी कई तस्वीरें देखने को मिलती हैं, जैसे कि सांप, तोते और मगरमच्छ।  इसके अलावा, वे ट्रैवलिंग के भी शौक़ीन हैं और अपने इंस्टाग्राम पर स्कूबा डाइविंग, यॉट की सवारी, सनसेट और बीच की तस्वीरें साझा करते रहते हैं। वॉकर ब्लैंको एक पूर्व मॉडल हैं और रिपोर्ट्स के अनुसार, अब वे जामनगर के वंतारा में अंबानी के साथ काम कर रहे हैं। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि वे भारत में नौकरी के लिए हैं या किसी अन्य वजह से यहां आए हैं। ऐसा लगता है कि अनन्या पांडे को अब नया प्यार मिल गया है और उनकी निजी जिंदगी के नए चैप्टर पर सबकी निगाहें हैं। बता दें कि बॉलीवुड अभिनेत्री अनन्या पांडे की निजी जिंदगी अक्सर चर्चा में रहती है। इस बार चर्चा का केंद्र उनके नए रूमर्ड बॉयफ्रेंड वॉकर ब्लैंको हैं। पहले एक्ट्रेस का नाम एक्टर आदित्य राय कपूर के साथ जुड़ा था, लेकिन हाल ही में दोनों के ब्रेकअप की खबरें आईं। अब उनका नाम वॉकर ब्लैंको के साथ जोड़ा जा रहा है।   recent visitors 94

कौन बनेगा करोड़पति का 16वां सीज़न सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न पर आज 12 अगस्त से

मुंबई सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न के क्विज़ शो के 16 वें सीजन में महानायक अमिताभ बच्चन गेमप्ले में नए एलिमेंट्स जोड़ते करते हुए दिखाई देंगे। आम आदमी/महिला की क्षमता और दृढ़ संकल्प को सेलिब्रेट करते हुए, कौन बनेगा करोड़पति सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न पर अपने 16वें सीजन के साथ वापसी कर रहा है। इस सीज़न का कैम्पेन, ‘ज़िंदगी है'। हर मोड़ पर सवाल पूछेगी। जवाब तो देना होगा’, दर्शकों को आत्मनिरीक्षण के लिए प्रेरित करता है और इस विश्वास को दर्शाता है कि महत्वपूर्ण पलों में, ज़िंदगी हमारे सामने चुनौतियां पेश करके हमारी परीक्षा लेती है, इन हालातों के प्रति हमारा जवाब ही हमारी आगे की राह को प्रशस्त करता है। आज 12 अगस्त से शुरू होने वाला, यह गेम शो हर सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे प्रसारित होगा, जिसमें महानायक अमिताभ बच्चन अपनी मेज़बानी की भूमिका को जारी रखते हुए हमें प्रेरित करते रहेंगे। इस साल, प्रतियोगियों के समक्ष एक आकर्षक नया ट्विस्ट पेश किया जाएगा: ‘सुपर सवाल’। सुपर सवाल प्रश्न 5 और 6 के बीच दिया जाने वाला बोनस सवाल है, जिसमें खिलाड़ियों को बिना किसी विकल्प या लाइफलाइन के जवाब देने की चुनौती दी जाती है। सही जवाब ‘दुगनास्त्र’ को अनलॉक कर देता है, जिससे प्रतियोगियों को सवाल 6 से 10 के बीच अपनी पसंद के किसी भी एक सवाल पर बज़र दबाने और अपनी राशि को दोगुनी करने का मौका मिलता है। फास्ट-पेस्ड ‘सुपर संदूक’ इस सीज़न में भी बना रहेगा और गेम के रोमांच को बढ़ाते हुए; 3,20,000 रुपये के पड़ाव को सफलतापूर्वक पार करने के बाद, प्रतियोगी के समक्ष 10-सवालों का रैपिड-फायर क्विज़ पेश किया जाएगा, जिनके जवाब उन्हें 90 सेकंड में देना होगा। 22 ब्रैंड्स को शामिल करते हुए, कौन बनेगा करोड़पति का 16वां सीज़न हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड और आदित्य बिड़ला ग्रुप द्वारा सह-प्रस्तुत किया गया है, और माउंटेन ड्यू पेप्सिको इंडिया, मोंडेलेज़ इंडिया, अल्ट्राटेक सीमेंट और पराग मिल्क फूड्स (गोवर्धन घी) द्वारा सह-प्रायोजित है। स्पेशल पार्टनर पतंजलि दंतकांति, सीएट और लॉरित्ज़ नडसन इलेक्ट्रिकल एंड ऑटोमेशन, और बैंकिंग पार्टनर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ, इस शो के एसोसिएट स्पॉन्सर एशियन पेंट्स, कल्याण ज्वैलर्स, रेमंड, भारतीय जीवन बीमा निगम, बीकाजी, डोरसेट, आरसी प्लास्टो टैंक ऐंड पाइप्स प्राइवेट लिमिटेड, अमेजॉन.इन और आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड हैं। इस रियलिटी क्विज़ शो ने भारतीय रिज़र्व बैंक, जीएसके और डॉ. मोरपेन के साथ बड़ी साझेदारी डील्स भी की हैं।     recent visitors 102

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 7.53 अरब डॉलर बढ़कर 675 अरब डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा

मुंबई विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति, स्वर्ण भंडार और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में पास आरक्षित निधि में ज़बरदस्त बढ़ोतरी होने से 02 अगस्त को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 7.53 अरब डॉलर बढ़कर 674.93 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वहीं, इसके पिछले सप्ताह देश का विदेशी मुद्रा भंडार 3.5 अरब डॉलर घटकर 667.4 अरब डॉलर पर रहा था। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 2 अगस्त को समाप्त सप्ताह में 7.533 अरब डॉलर बढ़कर 674.919 अरब डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों से पता चला कि 26 जुलाई को समाप्त पिछले रिपोर्टिंग सप्ताह में कुल भंडार 3.471 अरब डॉलर घटकर 667.386 अरब डॉलर रह गया था। पिछला रिकॉर्ड स्तर 18 जुलाई को 670.857 अरब डॉलर था। विदेशी मुद्रा भंडार में पिछले काफी समय से लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अब तक, 2024 में, संचयी आधार पर इसमें लगभग 45-50 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। विदेशी मुद्रा भंडार का बफर घरेलू आर्थिक गतिविधियों को वैश्विक स्पिलओवर से बचाता है। रिजर्व बैंक की ओर से जारी साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार, 02 अगस्त को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 5.2 अरब डॉलर की बढ़ोतरी लेकर 592.04 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इसी तरह इस अवधि में स्वर्ण भंडार 2.4 अरब डॉलर के इजाफे के साथ 60.1 अरब डॉलर हो गया। वहीं, आलोच्य सप्ताह विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) में 4.1 करोड़ डॉलर की कमी हुई और यह घटकर 18.16 अरब डॉलर पर आ गया। इस अवधि में आईएमएफ के पास आरक्षित निधि 80 लाख डॉलर की बढ़त के साथ 4.62 अरब डॉलर पर पहुंच गया। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार: प्रमुख रुझान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11 महीने से ज़्यादा के अनुमानित आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त है। 2023 में, RBI ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार में लगभग 58 बिलियन डॉलर जोड़े। 2022 में, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में कुल मिलाकर 71 बिलियन डॉलर की गिरावट आई। विदेशी मुद्रा भंडार, या विदेशी मुद्रा भंडार (FX रिजर्व), किसी देश के केंद्रीय बैंक या मौद्रिक प्राधिकरण द्वारा रखी गई संपत्तियाँ हैं। इसे आम तौर पर आरक्षित मुद्राओं में रखा जाता है, आमतौर पर अमेरिकी डॉलर और कुछ हद तक यूरो, जापानी येन और पाउंड स्टर्लिंग। पिछले साल विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट आई थी और उसके बाद की गिरावट का एक बड़ा कारण 2022 में आयातित वस्तुओं की लागत में वृद्धि माना जा सकता है। इसके अलावा, विदेशी मुद्रा भंडार में सापेक्ष गिरावट को बढ़ते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के असमान अवमूल्यन को बचाने के लिए बाजार में आरबीआई के कभी-कभार हस्तक्षेप से जोड़ा जा सकता है। रुपये के अवमूल्यन को रोकने के लिए आरबीआई कभी-कभार तरलता प्रबंधन के माध्यम से बाजार में हस्तक्षेप करता है, जिसमें डॉलर बेचना भी शामिल है। आरबीआई विदेशी मुद्रा बाजारों पर बारीकी से नजर रखता है और किसी पूर्व निर्धारित लक्ष्य स्तर या बैंड के संदर्भ के बिना विनिमय दर में अत्यधिक अस्थिरता को नियंत्रित करके केवल व्यवस्थित बाजार स्थितियों को बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप करता है।     recent visitors 82

इजरायल के लिए एक अच्छी खबर पड़ोसी देश जॉर्डन ईरान पर पलटवार करने के लिए अपना एयरस्पेस देगा

तेल अवीव तेहरान में हमास चीफ इस्माइल हानिया की मौत के बाद इजरायल पर ईरान के हमले का डर बना हुआ है। ईरान चेतावनी दे चुका है कि वह हमला करेगा। वहीं इजरायल ने कहा है कि वह भी जवाबी कार्रवाई करेगा। इस बीच इजरायल के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। उसका एक पड़ोसी मुस्लिम देश ईरान पर पलटवार करने के लिए अपना एयरस्पेस देगा। यह देश जॉर्डन है। जॉर्डन सरकार के आधिकारी रुख के बावजूद यह इजाजत दी जा सकती है। इजरायली चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक एक हाई रैंकिंग स्रोत ने इससे जुड़ी जानकारी दी है। यह फैसला जॉर्डन के व्यापक सुरक्षा हितों और इजरायल के साथ सहयोग की नीति के अनुरूप है। जॉर्डन ने अप्रैल में ईरान की तरफ से इजरायल पर हुए हमलों को विफल करने में मदद की थी। सूत्र ने इस बात पर जोर दिया कि जॉर्डन का कदम यूएस के साथ उसके रणनीतिक गठबंधन के अनुरूप हैं। लेकिन सार्वजनिक तौर पर उसने इसे नहीं माना है। ईरान में हमास नेता इस्माइल हानिया की मौत के बाद बढ़े तनाव के बीच यह खुलासा हुआ है। इजरायल ने आधिकारिक तौर पर हानिया की हत्या में हाथ को नहीं माना है। पहले भी जॉर्डन ने की थी मदद रिपोर्ट्स के मुताबिक जॉर्डन ने पहले अप्रैल में ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले के दौरान इजरायल को इसी तरह की इजाजत दी थी। तब ईरान ने 300 मिसाइल और ड्रोन के जरिए इजरायल पर हमला बोला था। इनमें से कुछ इजरायल तक पहुंचे थे, जिन्हें इजरायल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने रोक दिया। एक बार फिर इसी तरह के हमले की आशंका जताई जा रही है। लेकिन हानिया की मौत के 10 दिन होने के बाद भी ईरान ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की है। गाजा के हमले में 100 की मौत गाजा सिटी में एक स्कूल पर शनिवार तड़के हुए इजराइल के हवाई हमले में लगभग 100 लोगों की मौत हो गई। फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इजराइली सरकार ने तबीन स्कूल पर हमले की बात स्वीकार करते हुए दावा किया है कि स्कूल के अंदर हमास के कमान सेंटर को निशाना बनाया गया था। हालांकि, हमास ने कहा कि उसका कोई कमान सेंटर अंदर नहीं था। स्कूल का इस्तेमाल युद्ध के चलते अपने घरों को छोड़कर भागने को मजबूर हुए लोगों को शरण देने के लिए किया जा रहा था। recent visitors 90