स्टार एथलीट ने बुमराह और उनकी तुलना पर अब रिएक्ट किया है, उन्होंने तेज गेंदबाज बुमराह को ही चैलेंज दे डाला है

नई दिल्ली दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने हाल ही में भारत में स्पोर्टिंग कल्चर पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि देश में क्रिकेट का प्रभुत्व ज्यादा है और बाकी खेलों को उतनी अहमियत नहीं दी जा रही, जितनी मिलनी चाहिए। 2012 लंदन ओलंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट साइना का का मानना है कि क्रिकेट की तुलना में बैडमिंटन और टेनिस समेत कई अन्य खेल शारीरिक रूप से ज्यादा कठिन हैं। साइना की यह बात कई क्रिकेट फैंस को बुरी लगी। एक यूजर ने सोशल मीडिया 'प्लेटफॉर्म' एक्स पर लिखा था, "देखते हैं कि जब जसप्रीत बुमराह की 150 किलोमीटर रफ्तार की बम्पर गेंद साइना के सिर पर आएगी तो वह क्या करेंगी।" स्टार एथलीट ने बुमराह और उनकी तुलना पर अब रिएक्ट किया है। उन्होंने भारत के धाकड़ तेज गेंदबाज बुमराह को ही चैलेंज दे डाला है। 'बैडमिंटन हार्ट अटैक जैसी सिचुएशन देखी' साइना ने शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में कहा, ''देखिए, आप क्रिकेट क्या मरने के लिए खेलेंगे। यह मेरा पॉइंट नहीं। हम मरने की बात नहीं कर रहे हैं। आप गेम जीतने-हारने के लिए खेलते हैं। आप गेम अपने देश का मान बढ़ाने के लिए खेलते हैं। बैडमिंटन इसलिए मुश्किल है क्योंकि आप हाथ ऊपर करके स्ट्रोक खेल रहे हैं। हाथ ऊपर करके खेलना बहुत मुश्किल होता है। उसकी वजह से आपकी दिल की धड़कन तेज हो जाती है। मैंने बैडमिंटन में भी हार्ट अटैक जैसी सिचुएशन देखी है। मैं यह नहीं कह रही हूं कि बैडमिंटन ही सबसे ज्यादा टफ गेम है। टेनिस, स्विमिंग का भी मैंने जिक्र किया था। क्या क्रिकेट और फुटबॉल टफ नहीं हैं। लेकिन तुलनात्मक रूप से आप देखें, जब बैटिंग करते हैं तो यह स्किल बेस्ड है। मैंने यह नहीं कहा कि क्रिकेट जीरो फिटनेस पर खेला जा सकता है। 'बुमराह मेरा स्मैश शॉट नहीं झेल पाएगा?' उन्होंने आगे कहा, ''आप उस लेवल पर विराट कोहली और रोहित शर्मा नहीं बन पाएंगे। कुछ खिलाड़ी ही विराट और रोहित जैसे बन पाते हैं। क्रिकेट स्किल बेस्ड स्पोर्ट ज्यादा है। रही बात बुमराह की तो मुझे उनके साथ क्यों खेलना है। मुझे मरना थोड़ी है। अगर मैं आठ साल से खेल रही होती तो उनका जवाब देती। अगर बुमराह मेरे साथ बैडमिंटन खेलेगा तो शायद मेरा स्मैश शॉट नहीं ले पाएगा। हम अपने देश में इन चीजों के लिए आपस में ना लड़ें। हर स्पोर्ट अपनी जगह पर बेस्ट है लेकिन मैं यह बोलना चाहती हूं कि दूसरे खेलों को भी अहमियत देनी चाहिए। वरना स्पोर्टिंग कल्चर हम कहां से लाएंगे। हमारा फोकस क्रिकेट और बॉलीवुड पर हमेशा रहेगा बाकी कोई मेडल जीतेगा तो तारीफ करेंगे। लेकिन उसके बाद क्या होगा। क्या हम चार-पांच मेडल पर ही रुक रहेंगे? हमें क्या और मेडल नहीं चाहिए। क्या हम उतने में खुश रहेंगे?''   recent visitors 96

2 साल में ही कैंसर से हारीं YouTube की पूर्व CEO सुसान, गूगल पर किया था बड़ा एहसान, पास न फटकने दें ये चीज

वॉशिंगटन यूट्यूब की पूर्व सीईओ सुसान वोज्स्की का कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद 56 वर्ष की आयु में शनिवार को निधन हो गया. सुसान वोज्स्की के पति डेनिस ट्रॉपर ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए उनके निधन की खबर दी. उन्होंने लिखा, 'अत्यंत दुख के साथ मैं सुसान वोज्स्की के निधन की खबर साझा कर रहा हूं. 26 साल से मेरी पत्नी और हमारे पांच बच्चों की मां, 2 साल तक नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर से पीड़ित रहने के बाद आज हमें छोड़कर चली गई.' डेनिस ट्रॉपर ने आगे लिखा, 'सुसान न केवल मेरी सबसे अच्छी दोस्त और जीवन साथी थी, बल्कि एक प्रतिभाशाली व्यक्तित्व, एक प्यारी मां और कई लोगों की प्रिय मित्र थी. हमारे परिवार और दुनिया पर उनका प्रभाव अतुलनीय था. हम दुखी हैं, लेकिन उनके साथ बिताए समय के लिए आभारी हैं. कृपया हमारे परिवार को अपनी दुआओं में रखें, क्योंकि हम कठिन समय से गुजर रहे हैं.' गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए X पर एक पोस्ट किया. उन्होंने लिखा, 'दो साल तक कैंसर से पीड़ित रहने के बाद, मुझे मेरी प्रिय मित्र सुसान वोज्स्की को खोने से अविश्वसनीय दुख हुआ है. वह Google के इतिहास में किसी अन्य व्यक्ति की तरह ही महत्वपूर्ण हैं, और उनके बिना दुनिया की कल्पना करना कठिन है. वह एक अविश्वसनीय व्यक्ति, लीडर और मित्र थीं, जिनका दुनिया पर जबरदस्त प्रभाव था और मैं अनगिनत गूगलर्स में से एक हूं, जो कह सकते हैं कि वे सुसान को जानते थे. हम उन्हें बहुत याद करेंगे. उनके परिवार के प्रति हमारी संवेदनाएं. रेस्ट इन पीस सुसान.' सुसान वोज्स्की Google के जन्म के साथ उससे जुड़ी थीं सुसान वोज्स्की ने 2014 से 2023 की शुरुआत तक अल्फाबेट की सहायक कंपनी YouTube का नेतृत्व किया. उन्होंने Google और इसकी मूल कंपनी, अल्फाबेट के सलाहकार के रूप में भी काम किया. फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार, साल 1998 में Google के जन्म से ही कंपनी के साथ सुसान का गहरा संबंध था. यह सुसान का ही गैराज था, जिसे सर्गेई ब्रिन और लैरी पेज ने Google सर्च इंजन को विकसित करने के लिए किराए पर लिया था. गूगल द्वारा यूट्यूब के अधिग्रहण में भी सुसान की भूमिका सुसान वोज्स्की 1999 में कंपनी की 16वीं कर्मचारी के रूप में Google में शामिल हुईं. वह सुसान ही थीं, जिन्होंने $1.65 बिलियन में Google द्वारा YouTube के अधिग्रहण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बाद में इस वीडियो प्लेटफॉर्म के व्यूअर बेस को 2.5 बिलियन मंथली तक बढ़ा दिया.   recent visitors 96

अब तक 326 गिरफ्तार, छत्तीसगढ़-बीजापुर में आठ लाख के इनामी महिला-पुरुष सहित तीन नक्सलियों का सरेंडर

बीजापुर. नक्सलियों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। आठ-आठ लाख रुपये के इनामी महिला और पुरूष सहित तीन नक्सलियों ने नक्सल पंथ से तौबा कर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। इसके साथ ही इस वर्ष अब तक 145 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, तो वहीं पुलिस ने विभिन्न घटनाओं में शामिल 326 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों के विकास विरोधी, खोखली विचारधारा, भेदभाव पूर्ण व्यवहार, उपेक्षा व प्रताड़ना से तंग आकर व छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास व आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर पीएलजीए कंपनी नम्बर 2 प्लाटून नम्बर 1 सदस्य 8 लाख के ईनामी नक्सली रमेश फरसा पिता सुकलु फरसा उम्र 24 निवासी पटेलपारा हिंगुम थाना जांगला, सीआरसी कंपनी के प्लाटून नम्बर 1 में पार्टी सदस्य 8 लाख की ईनामी महिला नक्सली मनकी माड़वी उर्फ सरिता पिता सोमा माड़वी उम्र 22 निवासी कोकोडीपारा चेरली थाना मिरतुर व पुसनार आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सी सेक्शन डिप्टी कमाण्डर लक्ष्मण पोटाम उर्फ मुरा पिता बुधराम पोटाम उम्र 22 निवासी गोरगेपारा पुसनार ने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अधीक्षक डॉक्टर जितेंद्र कुमार यादव और पुलिस समेत सीआरपीएफ के आला अफसरों के समक्ष नक्सल पंथ से तौबा करते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास व आत्मसमर्पण नीति के तहत 25-25 हजार रुपये के नगद प्रोत्साहन राशि दी। इधर इसके साथ ही इस वर्ष अब तक कुल 145 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है तो वहीं दूसरी तरफ विभिन्न घटनाओं में शामिल 326 नक्सलियों को पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। माओवादी विचारधारा से परेशान होकर किया सरेंडर अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने माओवादियों की विकास विरोधी भेदभाव पूर्ण नीति, उपेक्षा और जीवन शैली क्षुब्ध होकर आत्मसमर्पण किया। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के खिलाफ पुलिस दल पर हमला और अन्य नक्सली घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत 25-25 रुपये हजार प्रदान किये गये। साथ ही उन्हें अन्य सहायता भी दी जाएगी। राज्य में लगातार हो रही है नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2024 में अब तक 145 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं विभिन्न माओवादी घटनाओं में शामिल 326 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि बीजापुर जिले में हाल ही में सुरक्षाबल के जवानों ने बड़े एनकाउंटर भी किए गए हैं। एनकाउंटर में करीब 137 से ज्यादा नक्सली इस साल मारे गए हैं। बीजापुर जिले में सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई है। recent visitors 95

सफाई कर्मचारी देंगे नगर निगम आयुक्त और महापौर को चेतावनी, समय सीमा में मांगे पूरी नहीं तो भोपाल में होगा विशाल आंदोलन

Cleaning workers will give warning to Municipal Corporation Commissioner and Mayor

Cleaning workers will give warning to Municipal Corporation Commissioner and Mayor

हर घर तिरंगा अभियान के संबंध में अनूपपुर अनुभाग की बैठक जनप्रतिनिधियों के साथ सम्पन्न

अनूपपुर हर घर तिरंगा अभियान के सफल क्रियान्वयन के संबंध में जनप्रतिनिधियों के साथ एसडीएम अनूपपुर ने बैठक कर कार्यक्रम के कार्ययोजना के संदर्भ में सुझाव प्राप्त किए। बैठक में जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों ने हर घर तिरंगा अभियान को जन उत्सव के रूप में जनभागीदारी के साथ मनाए जाने का निर्णय लिया। बैठक में विविध कार्यक्रमों के संदर्भ में चर्चा कर कार्ययोजना तैयार की गई। एसडीएम अनूपपुर श्रीमती दीपशिखा भगत ने सभी जनप्रतिनिधियों व नागरिकों से बैठक के माध्यम से राष्ट्रभक्ति पर केन्द्रित हर घर तिरंगा अभियान के तहत सहभागी बनने तथा हर घर तिरंगा फहराने की अपील की गई। बैठक में विंध्य विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष श्री रामदास पुरी नायब तहसीलदार श्री मंगल दास चक्रवर्ती तथा स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। recent visitors 82

जल्दी अमीर बनने का लालच देकर लोगों के रुपए ठगने बाली फर्जी चिट फण्ड कंपनी का पर्दाफ़ाश, 05 आरोपी गिरफ़्तार

जल्दी अमीर बनने का लालच देकर लोगों के रुपए ठगने बाली फर्जी चिट फण्ड कंपनी का पर्दाफ़ाश  05 आरोपी गिरफ़्तार  आरोपियों की चल अचल संपत्ति कुल ₹4,1526000 /- (चार करोड़ पंद्रह लाख छब्बीस हजार रुपए)जप्त एवं सीज कराई गई टीकमगढ़  जिला टीकमगढ़ में एलजेसीसी कंपनी की ब्रांच चकरा तिराहे पर कार्यरत थी जब कुछ निवेशको द्वारा पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ रोहित काशवानी को उक्त कम्पनी के कर्मचारियों द्वारा पैसे नहीं लौटाने की शिकायत की गयी तो तत्परता से पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा थाना प्रभारी कोतवाली को निर्देशित कर निवेशको के लगभग 15 लाख रू० वापस करवाने के साथ-साथ मीडिया के माध्यम से   प्रचार-प्रसार कराया गया था कि लोगो द्वारा इस प्रकार की कंपनियों में किसी  प्रकार का निवेश किया गया पैसा अगर कम्पनी नहीं देती है तो लोग इसकी शिकायत पुलिस से करें इसके बाद से ही कम्पनी के निवेशको ने टीकमगढ़  पुलिस से लिखित शिकायतें की ।  पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही-   पुलिस महानिरीक्षक सागर जोन  प्रमोद वर्मा व उप पुलिस महानिरीक्षक छतरपुर रेंज  ललित शाक्यवार के निर्देशन में व पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़  रोहित काशवानी के मार्गदर्शन में थाना पलेरा, थाना कोतवाली में शिकायतकर्ताओ की शिकायत पर अपराध धारा 111, 318 61(2) बी.एन. एस. में पंजीवद्ध कर जिला स्तर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  सीताराम अनुविभागीय अधिकारी टीकमगढ़  राहुल कटरे, व अनुविभागीय अधिकारी जतारा  अभिशेक गौतम के नेतृत्व में एसआईटी टीम गठित की गई जो गठित टीम द्वारा उक्त कम्पनी के फर्जीवाड़ा का खुलासा कर कम्पनी के ब्रांच मैनेजर सुबोध रावत व अजय तिवारी, राहुल यादव, जियालाल राय, विजय शुक्ला को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। जिनके द्वारा बताया गया उक्त एलजेसीसी कम्पनी के माध्यम से वह स्वयं व समीर अग्रवाल, रवि तिवारी अलोक जैन व अन्य साथियों के साथ मिलकर संगठित गिरोह के रूप में वर्ष 2012 से फर्जीवाड़ा कर लोगो की निवेश की गई रकम हड़प रहे हैं व इनके द्वारा ये भी बताया गया कि सभी कम्पनी के मैनेजर व स्वयं द्वारा करोड़ो रूपये की सम्पति पूरे भारत में जगह-जगह पर अर्जित करने के साथ अजय तिवारी ,सुबोध रावत द्वारा टीकमगढ़ में ही करोड़ो रूपये की सम्पति व एफडी स्वंय एवं परिजनो के नाम से अर्जित की गई हैं।  पिछले 12 वर्षों में इनकी कम्पनी पर पहली बार पुलिस कार्यवाही होना स्वीकार किया गया। आरोपियों के मेमोरेण्डम पर इनकी निवेशको की गाडी कमाई से अर्जित की गई सम्पति जप्त की गई है व इनके ऑफिस की सम्पति व डाटा जप्त किया गया है। गिरफ़्तार आरोपियों का विवरण- (1) अजय कुमार पिता स्व० चन्द्र प्रकाश तिवारी उम्र 42 साल नि0 ग्राम गुढा खिरिया थाना नाराहट जिला ललितपुर हाल इन्द्रपुरी कालोनी थाना कोतवाली टीकमगढ (म०प्र०) (2) विजय कुमार पिता सूर्य प्रसाद शुक्ला उम्र 45 साल नि0 इन्द्रपुरी कालोनी थाना कोतवाली जिला टीकमगढ (म०प्र०) (3) सुबोध कुमार पिता  रामचन्द्र रावत उम्र 36 साल नि0 ढोगा मोहल्ला थाना कोतवाली टीकमगढ (म०प्र०) (4) राहुल पिता  शंकर यादव उम्र 46 साल नि० बङीमाता मोहल्ला जिला निवाङी हाल बालाजी रेजीडेन्सी पंचवटी झांसी थाना कोतवाली जिला झांसी उ०प्र०।(5) जियालाल राय पिता स्व० गनेश प्रसाद राय उम्र 34 साल नि० ग्राम रामगढ़ थाना जतारा टीकमगढ हाल न्यू बस स्टेण्ड कुचबंदियाना मोहल्ला थाना कोतवाली टीकमगढ़ (म०प्र०) अन्य आरोपियों की तलाश एवं गिरफ़्तारी हेतु पुलिस टीमों द्वारा इनके मिलने के संभावित स्थानों पर देश के विभिन्न स्थानों पर छापेमार कार्यवाही की जा रही है। पुलिस पड़ताल में उक्त कंपनी के संबंध में निम्नलिखित तथ्य उजागर हुए:-कम्पनी का इतिहास – लस्टीनेस जनहित क्रेडिट कॉपरेटिव सोसाइटी (एलजेसीसी) उक्त कम्पनी का मास्टर माइंड सी.एम.डी. समीर अग्रवाल जो मुम्बई का निवासी व वर्तमान में दुबई में निवासरत है इसके और इसके साथियों रवि तिवारी, आलोक जैन, सुतिक्ष्ण सक्सेना, अजय तिवारी, सुबोध रावत ललितपुर उ०प्र० के रहने वाले सभी जालसाज बड़ी सोच व जल्द अमीर बनने की ईच्छा रखकर समीर अग्रवाल द्वारा वर्ष 2013 में सात सोसाइटियों को पंजीकृत कराया जिनके नाम 1. स्वामी विवेकानंद क्रेडिट 2. हयूमन क्रेडिट सोसाइटी 3. सारने वर 4. लस्टीनेस जनहित 5. दा लोनली अर्वन मल्टी स्टेट क्रेडिट कॉपरेटिव सोसाइटी 6. यगोदीप क्रेडिट सोसाइटी 7. विश्वास केडिट सोसाइटी मूलतः ये सोसाइटिया  बैंकिंग, क्रेडिट, एफडी, आरडी, लोन का कार्य करती है। इसमे आरडी, एफडी, एमआईएस, सुकन्या, धनपेटी, जैसी स्कीम के द्वारा लोगो से पैसा निवेश कराया जाता है और लोन भी दिया जाता है। उक्त सोसाइटिया अधिकृत है किंतु मूलतः लोन लेने के लिये बनाई गयी है। उक्त सोसाइटिया  संगठित गिरोह के रूप में कार्यरत हैं।समीर अग्रवाल द्वारा इसके पूर्व भी ललितपुर उ०प्र० में एडवांटेज नाम की चिटफण्ड़ नाम की कम्पनी बर्ड्स 2009 में शुरू की व 2012 में निवेशको के करोड़ो रूपये डकार कर 2012 में उक्त कम्पनी को ऑप्शन वन नाम देकर पुनः शुरू किया और इसमें भी लोगो का पैसा डकार कर 2013 में उपरोक्त 7 कम्पनियों रजिस्ट्रेशन कराकर नाम बदल-बदल कर लोगो को ठगना शुरू कर दिया।  कम्पनी की कार्य शैलीः कम्पनी के मास्टर माइंड समीर अग्रवाल द्वारा उक्त सोसाइटियो के ऑफिस मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, हरीयाणा, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखण्ड, बिहार, गुजराज और महाराष्ट्र के विभिन्न जिलो व तहसील स्तर पर खोलकर लोगो को ठगना शुरू किया। समीर अग्रवाल व उसके साथियों द्वारा मध्यम वर्ग, गरीब व नौजवानों को तरह-2 के प्रलोभन देकर लोगो को बड़ी-बड़ी होटलों में पार्टी देकर जल्दी अमीर बनने के सपने दिखाकर लोगो को निवेश करने के लिये प्रेरित करने बड़ी-बड़ी गाड़ियों अल्टो से लेकर मर्सिडिज के ग्रुप बनाकर जैसे स्टार क्लब के एजेंट को 1 लाख का निवेश प्रतिमाह, फाईव स्टार क्लब के एजेंट को 5 लाख का निवेश प्रतिमाह, अल्टो ग्रुप 25 लाख रूपये प्रतिमाह, स्कॉर्पियो ग्रुप 65 लाख, कॉपरेट क्लब डेढ करोड़ प्रतिमाह (कॉपरेटिव ग्रुप के एजेंट को 50 हजार रूपये सैलरी दी जाती थी) एक्स यू.व्ही. ग्रुप 3 करोड़ रुपए  प्रतिमाह निवेश, फॉर्च्यूनर गुप 6 करोड़ रुपए प्रतिमाह का निवेश कराया जाता है, अंतिम मर्सिडिज ग्रुप 8 करोड़ रुपए प्रतिमाह का निवेश। जनता को बेवकूफ बनाकर ये अल्टो से लेकर मर्सिडिज गाड़ी तक 2.5 लाख रूपये लगाकर एजेंट को गाड़ी फाईनेंस करा देते थे व हर माह जब एजेंट उपर दिये ग्रुप के हिसाब से निवेश कराता तो ही उसकी किस्त जमा करते थे नही तो उसे उसके भाग्य पर छोड़ दिया जाता था। लोग जल्द अमीर बनने गाड़ी की किस्त जमा करने के दबाव में लोगो से … Read more

सूरज भान कटारिया ने राज्य सरकारों से एस.सी./एस.टी. आरक्षण विभाजन मामले पर जल्दबाजी न करके

एस.सी./एस.टी. आरक्षण विभाजन में सुप्रीम कोर्ट   निर्णय केंद्र सरकार अध्यादेश लाकर करें समाप्त :  सूरजभान कटारिया एस.सी./एस.टी. आरक्षण विभाजन में सुप्रीम कोर्ट निर्णय को केंद्र सरकार अध्यादेश लाकर समाप्त करने का कार्य करना चाहिए :  सूरजभान कटारिया सूरज भान कटारिया ने राज्य सरकारों से एस.सी./एस.टी. आरक्षण विभाजन मामले पर जल्दबाजी न करके संवैधानिक रूप से केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में अंतिम निर्णय लेने का आग्रह किया आज दिल्ली संसद भवन में देशभर से एस.सी./एस.टी. समुदायों से संबंधित लोकसभा और राज्यसभा के  लगभग 100 से ज्यादा भाजपा सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। सांसदों ने संयुक्त रूप से एस.सी./एस.टी. के लिए क्रीमी लेयर पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लेकर एक ज्ञापन सौंपा और मांग की कि इस फैसले को हमारे समाज में लागू नहीं किया जाना चाहिए प्रधानमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह इस मामले पर गंभीरता से संज्ञान लेंगे।  नई दिल्ली / चंडीगढ़ भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के अखिल भारतीय पूर्व उपाध्यक्ष एवं केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारीता मंत्रालय भारत सरकार के सदस्य रहे  सूरज भान कटारिया ने आज कहा है की एस.सी./एस.टी. आरक्षण विभाजन में सुप्रीम कोर्ट निर्णय को केंद्र सरकार अध्यादेश लाकर समाप्त करने का कार्य करना चाहिए ताकि भारतीय संविधान के अनुसार समाज में एकता का प्रदर्शन बरकरार रहे। कटारिया ने आज देशभर के एस.सी./एस.टी. समुदाय के प्रतिनिधि से आह्वान किया है की अनुसूचित जाति आरक्षण विभाजन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को संसद द्वारा अध्यादेश जारी कराकर निरस्त कराने में एकजुटता दिखायें. कटारिया ने आगे बताया आज दिल्ली संसद भवन में देशभर से एस.सी./एस.टी. समुदायों से संबंधित लोकसभा और राज्यसभा के  लगभग 100 से ज्यादा भाजपा सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। सांसदों ने संयुक्त रूप से एस.सी./एस.टी. के लिए क्रीमी लेयर पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लेकर एक ज्ञापन सौंपा और मांग की कि इस फैसले को हमारे समाज में लागू नहीं किया जाना चाहिए प्रधानमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह इस मामले पर गंभीरता से संज्ञान लेंगे। कटारिया ने देशभर की राज्य सरकारों से भी आग्रह किया है कि इस मामले पर जल्दबाजी न करके संवैधानिक रूप से केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में अंतिम निर्णय ले. सूरज भान कटारिया ने एस.सी./एस.टी. सभी समुदायों के प्रतिनिधियों को आग्रह किया है की सुप्रीम कोर्ट का फैसला केवल नौकरियों तक ही सीमित नहीं है वह है समाज की एकता को टुकड़ों में बाँट देना, दूसरे उसमे क्रीमीलेयर तथा जिसे एक बार आरक्षण का लाभ मिल गया, उसे दोबारा नहीं मिलेगा सीधा कहे तो इस सन्दर्भ में देशभर में राजनैतिक आरक्षण के तहत जो एस.सी./एस.टी. समाज के लोग किसी भी पार्टी द्वारा विधानसभाओं में और देश की संसद में चुनकर गए हैं, दोबारा वह चुनाव नहीं लड़ पायेंगे क्योंकि एक बार उन्हें राजनैतिक आरक्षण का लाभ मिल चुका है . लेकिन यह फैसला सामान्य वर्ग, अप्ल्संख्यक और फिलहाल ओबीसी वर्ग के राजनेताओं पर लागू नहीं होगा, हमें आपसी मतभेद मिटा कर जागरूक और सावधान होकर देश राष्ट्रीय हित में इस पर जरूर गंभीरता से सोचना होगा अतः एस.सी./एस.टी. वर्ग के प्रतिनिधि समाजहित में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को संसद द्वारा अध्यादेश जारी कराकर निरस्त कराने में एकजुटता दिखायें, अन्यथा देश के एस.सी./एस.टी. समाज के प्रति तथा भारत के संविधान के प्रति बड़ा धोखा होगा। recent visitors 100