पेशेंट ने क्लीनिक में घुसकर डॉक्टर की पत्नी को उतारा था मौत के घाट, आरोपी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई

इंदौर क्लीनिक में घुसकर डॉक्टर की पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी को विशेष न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही अर्थदंड भी लगाया है। घटना पांच साल पहले 6 जून 2019 की, रेसकोर्स रोड पर स्थित डॉ. रामकृष्ण वर्मा का नर्सिंग होम की है। आरोपी ने डॉक्टर के बेटे को भी चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। डॉक्टर की अनुपस्थिति में घटना आरोपित ने 6 जून 2019 को रेसकोर्स रोड स्थित ग्रेटर मालवा नर्सिंग होम में वारदात को अंजमा दिया था। यह क्लीनिक डा. रामकृष्ण वर्मा का था। घटना वाले दिन डॉ. वर्मा किसी काम से दिल्ली गए थे। उनकी गैर मौजूदगी में हत्यारा रफीक खान वहां पहुंचा और उसने डॉ. वर्मा की पत्नी लता वर्मा से अपनी पत्नी का उपचार करवाने की बात कही। आरोपी ने डॉक्टर की पत्नी को मारा चाकू लता वर्मा ने डॉक्टर के दिल्ली जाने की बात कही, इस पर रफीक वहां से चला गया। कुछ देर बाद रफीक दोबारा क्लीनिक पर आया और बहस करने लगा। इस दौरान उसने चाकू निकाला और लता पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उसने महिला के पेट, सीने पर चाकू से कई वार किए। पास ही मोबाइल चला रहे लता के नातिन ने तुरंत इसकी जानकारी अपने मामा अभिषेक को दी। अभिषेक मां लता को बचाने पहुंचा तो हत्यारे ने उस पर भी चाकू से हमला कर उसे घायल कर दिया। दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल ले जहां डॉक्टरों ने लता को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर के पास इलाज करा रहा था आरोपी पुलिस ने हत्यारे रफीक के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार रफीक डॉ. वर्मा से त्वचा से संबंधित किसी बीमारी का लंबे समय से उपचार करा रहा था। जिला लोक अभियोजन अधिकारी संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि विशेष न्यायाधीश डीपी मिश्रा ने प्रकरण में निर्णय पारित करते हुए हत्यारे रफीक खान को आजीवन कारावास और 6 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। recent visitors 108

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- NEET-PG 2024 परीक्षा को स्थगित करने की याचिका को खारिज कर दिया

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने आज NEET-PG 2024 परीक्षा को स्थगित करने की याचिका को खारिज कर दिया। यह परीक्षा 11 अगस्त 2024 को निर्धारित है और राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड द्वारा परीक्षा को दो बैचों में आयोजित किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई थी। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। बेंच में जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा भी शामिल थे। सुनवाई के दौरान, CJI चंद्रचूड़ ने कहा, "देश में इतनी समस्याएं हैं, अब पीजी परीक्षा को रीशेड्यूल करने की बात आ गई है।" वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े, जो याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हो रहे थे, ने बताया कि परीक्षा को पहले भी स्थगित किया गया था, जो पहले 22 जून को निर्धारित थी। हेगड़े ने कहा कि वह केवल दूसरी मांग पर जोर दे रहे हैं, जिसमें यह अनुरोध किया गया है कि NEET-PG परीक्षा एक ही बैच में आयोजित की जाए ताकि सभी उम्मीदवारों के लिए एक समान और निष्पक्ष परीक्षण वातावरण सुनिश्चित हो सके। बेंच ने बताया कि याचिका केवल 5 छात्रों द्वारा दायर की गई है, जबकि कुल 2 लाख से अधिक छात्र परीक्षा में शामिल होंगे। CJI ने कहा, "5 छात्रों के लिए, हम 2 लाख छात्रों के करियर को खतरे में नहीं डाल सकते। निश्चितता होनी चाहिए।" इस याचिका में दो मुख्य चिंताएँ उठाई गई थीं। पहली, कि कई NEET-PG 2024 उम्मीदवारों को ऐसी परीक्षा केंद्रों पर भेजा गया है जो उनके लिए पहुंचने में कठिन हैं। दूसरी, कि परीक्षा को दो बैचों में आयोजित किया जा रहा है और Normalization का फार्मूला अज्ञात है, जिससे मनमानी की आशंका उत्पन्न हो रही है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG 2024 परीक्षा को रद्द करने की याचिका को भी खारिज कर दिया था, जिसमें पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं की शिकायत की गई थी। कोर्ट ने कहा कि पेपर लीक के मामले में कोई प्रणालीगत दोष नहीं था और परीक्षा की पवित्रता को प्रभावित करने का कोई प्रमाण नहीं मिला। कोर्ट ने यह भी कहा कि एक पुनः परीक्षा आदेश देने से गंभीर परिणाम हो सकते हैं और यह शैक्षणिक कार्यक्रम में व्यवधान डाल सकता है। मौजूदा मामले में, याचिकाकर्ता ने यह दावा किया है कि कई उम्मीदवारों को ऐसी शहरों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं, जो उनके लिए अत्यंत असुविधाजनक हैं। याचिका में कहा गया है कि परीक्षा केंद्र आवंटन 31 जुलाई 2024 को किया गया था और विशेष केंद्र 8 अगस्त 2024 को घोषित किए जाएंगे। इस संक्षिप्त नोटिस के कारण, छात्रों के लिए यात्रा की व्यवस्था करना अत्यंत कठिन हो गया है। याचिका में यह भी मांग की गई है कि Normalization फार्मूला को उम्मीदवारों के सामने रखा जाए ताकि किसी भी प्रकार की मनमानी को रोका जा सके। याचिकाकर्ता ने यह भी अनुरोध किया है कि परीक्षा केंद्रों का आवंटन अधिक समान और पारदर्शी तरीके से किया जाए और छात्रों को पास के स्थानों पर केंद्र आवंटित किए जाएं। याचिका को एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड अनस तंवीर के माध्यम से दायर किया गया है।   recent visitors 100

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा- मरीज़ों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ देना हमारी ज़िम्मेदारी

भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि नरसिंहपुर जिले के सिविल अस्पताल गाडरवारा में इलाज के लिए आने वाले मरीज़ों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ देना हमारी ज़िम्मेदारी है। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं के स्तर को व्यवस्थित कर उसे सुचारू रूप से बनायें रखने और मरीज़ों के उचित इलाज की व्यवस्था रखने के निर्देश दिये। शिक्षा मंत्री श्री सिंह आज रोगी कल्याण समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष श्री शिवाकांत मिश्रा एवं स्थानीय जन-प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक में मंत्री श्री सिंह ने कहा कि गाडरवारा सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिये नवाचारों को बढ़ावा दें। बैठक में विभिन्न प्रस्तावों की स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्री श्री ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर क्षमता एवं नियमानुसार स्टाफ रखा जा सकता है। उन्होंने विधायक निधि से ट्यूबवेल के लिए दो लाख रुपये और अस्पताल में विद्युत व्यवस्था को सुचारू बनाये रखने, जनरेटर के लिए 13 लाख रुपये देने की स्वीकृति भी प्रदान की। चर्चा के दौरान ओपीडी पर्ची 10 रुपये प्रति व्यक्ति करने पर सहमति हुई। बैठक में यह तय हुआ कि सिविल अस्पताल परिसर की दुकानों का नया अनुबंध कराया जाये। दानदाताओं का सहयोग आवश्यक स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि मरीज़ों को गुणवत्तापूर्ण सुविधा देने के लिए समाज सेवियों, जनप्रतिनिधियों को भी आगे आना होगा। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि उनके द्वारा अस्पताल को प्रतिवर्ष एक लाख रुपये की राशि प्रदान की जायेगी। बैठक में अस्पताल में बने प्रायवेट एसी वार्ड कक्ष का चार्ज 800 रुपये और एसी रहित कक्ष का चार्ज 400 रुपये करने का निर्णय लिया गया। बैठक में सिविल अस्पताल के आसपास अतिक्रमण हटाने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये। उन्होंने कहा कि अस्पताल का व्यवस्थित मुख्य द्वार बनाया जाये। उन्होंने अस्पताल उन्नयन के लिए प्रोपोजल तैयार करने और ऑक्सीजन प्लांट के लायसेंस की कार्यवाही में गति लाने को कहा। सिविल अस्पताल में पौधरोपण मंत्री श्री सिंह ने बैठक के पूर्व सिविल अस्पताल गाडरवारा परिसर में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण किया। उन्होंने गाडरवारा शहर में पौधरोपण अभियान में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने को कहा।   recent visitors 108

बांग्लादेश में हालात के मद्देनजर सरकार ने सीमा पर मौजूदा हालात पर नजर रखने के लिए एक समिति गठित की: अमित शाह

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को घोषणा करते हुए कहा है कि मोदी सरकार ने बांग्लादेश में चल रहे हालात को देखते हुए भारत-बांग्लादेश सीमा (IBB) पर मौजूदा स्थिति की निगरानी के लिए एक समिति का गठन किया है। यह समिति बांग्लादेश में अपने समकक्ष अधिकारियों के साथ बातचीत बनाए रखेगी ताकि वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों, हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अमित शाह ने ट्वीट करते हुए लिखा, “बांग्लादेश में जारी हालात के मद्देनजर मोदी सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा (आईबीबी) पर मौजूदा हालात पर नजर रखने के लिए एक समिति गठित की है। यह समिति बांग्लादेश में अपने समकक्ष अधिकारियों के साथ संवाद बनाए रखेगी ताकि वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों, हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस समिति की अध्यक्षता एडीजी, सीमा सुरक्षा बल, पूर्वी कमान करेंगे।” गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार हरसंभव प्रयास करेगी ताकि बांग्लादेश में भारतीय और हिंदू समुदायों के हितों की रक्षा की जा सके। इस समिति को विशेष रूप से भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा और स्थिति पर नजर रखने का कार्य सौंपा गया है। यह कदम हाल ही में बांग्लादेश में मची उथल-पुथल के बीच उठाया गया है, जिनमें भारतीय नागरिकों और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही थी। सोमवार को प्रधानमंत्री शेख हसीना के पद से इस्तीफा देने और देश छोड़कर भारत आ जाने के बाद से जारी हिंसा में कई हिंदू मंदिरों, घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की गई है और अवामी लीग से जुड़े कम से कम दो हिंदू नेताओं की हत्या कर दी गई। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमलों की घटनाओं के बीच, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस के एक प्रवक्ता ने कहा कि वह नस्ली आधार पर होने वाले किसी भी तरह के हमले या हिंसा भड़काने के खिलाफ हैं। वह बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हो रहे हमलों के संबंध में महासचिव की प्रतिक्रिया से जुड़े सवालों के जवाब दे रहे थे। बता दें कि नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर बृहस्पतिवार को शपथ ली। देश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्रणाली के खिलाफ और फिर सरकार विरोधी व्यापक प्रदर्शनों के बीच शेख हसीना ने सोमवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और देश छोड़कर चली गई थीं। बांग्लादेश में अफरा-तफरी के माहौल के बीच यूनुस ने देश की बागडोर संभाली है और उनके सामने फिलहाल देश में शांति बहाल करने और चुनाव कराने का जिम्मा है। recent visitors 89

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर को एक करोड़ रूपये देने की घोषणा की

भोपाल   भारतीय पुरूष हॉकी टीम ने पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक हासिल कर इतिहास रचा है। मध्यप्रदेशवासी भी इस जीत का जश्न मना रहे है, क्योंकि विजयी भारतीय टीम में म.प्र. इटारसी के चांदौन गांव के विवेक सागर प्रसाद ने अहम भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के इस होनहार खिलाड़ी का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें एक करोड़ रूपये देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज वीडियो कॉल कर विवेक और पूरी भारतीय टीम को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विवेक को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि जिस लगन और परिश्रम से भारतीय हॉकी टीम ने देश को गौरवान्वित किया है, वह प्रशांसनीय है। उल्लेखनीय है मध्यप्रदेश राज्य हॉकी आकादमी के पूर्व खिलाड़ी रहे विवेक सागर दूसरी बार ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व किया है। इसके पूर्व टोक्यों ओलंपिक-2020 में भी भारतीय टीम ने कांस्य पदक हासिल किया था।   recent visitors 84

बहनों के सम्मान में प्रदेश में कल 25 हजार स्थानों पर होंगे कार्यक्रम, लाड़ली बहनों के खातों में जारी होंगे 1250 रूपए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गरीब से गरीब बहन के घर तक नारी सशक्तिकरण के माध्यम से शासन की सभी योजनाओं का लाभ पहुंचाना राज्य शासन की भावना भी है और प्रतिबद्धता भी। भारतीय संस्कृति में बहनों को यश देने वाली माना गया है, वे परिवारों में सम्माननीय हैं। माता-पिता के समान प्रेम और स्नेह के साथ संस्कारों को बनाए रखते हुए परिवार के दायित्व निर्वहन की क्षमता भी उनमें है। मंत्रि-परिषद ने बहनों के सम्मान और स्नेह के प्रतीक, रक्षाबंधन पर्व को पूरे उल्लास के साथ मनाने का निर्णय लिया है। संपूर्ण प्रदेश में 25 हजार स्थान पर 10 अगस्त को कार्यक्रम होंगे और सिंगल क्लिक से लाड़ली बहनों के खातों में 1250 रुपए तथा रक्षाबंधन के शगुन 250 रूपए अलग से जारी किए जाएंगे। राज्य सरकार द्वारा कोई योजना बंद नहीं की जाएगी, अपितु संकल्प पत्र में जो कहा गया है वे सभी योजनाएं व कार्यक्रम लागू होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास में रानी दुर्गावती महिला सरपंच सम्मेलन और रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। महिला सरपंचों ने मंगल गीतों के साथ पुष्प-वर्षा कर किया मुख्यमंत्री का स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम का कन्या-पूजन और दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। उनके कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर महिला सरपंचों ने मंगल गीतों के साथ पुष्प-वर्षा कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने बहनों के जीवन को आसान और खुशहाल बनाने के लिए कई योजनाएं व कार्यक्रम लागू किए हैं। इसी क्रम में घर-घर रसोई गैस की सुविधा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस कनेक्शन प्रदान किए गए। राज्य सरकार ने लाड़ली बहनों और जिनके पास उज्ज्वला कनेक्शन हैं उन्हें 450 रुपए में गैस सिलेण्डर उपलब्ध कराने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागपंचमी की शुभकामनाएं देते हुए बहनों से सावन माह धूमधाम से मनाने का आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को महिला सरपंचों ने बांधी राखी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई बहनों ने 40 फीट लंबी राखी भेंट की। बहनों ने मुख्यमंत्री भैया डॉ. यादव को पृथक से भी राखियां बांधी, जिस पर मुख्यमंत्री ने बहनों को शगुन स्वरूप भेंट भी प्रदान की। रानी दुर्गावती के शौर्य और पराक्रम को समर्पित है महिला सरपंचों का सम्मेलन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में त्यौहारों का विशेष महत्व है, जो लंबी गुलामी के परिणामस्वरूप प्रभावित हुआ। अपनी धरोहर, संस्कृति और सम्मान के लिए रानी दुर्गावती ने जिस शौर्य और पराक्रम से संघर्ष किया, वह सदैव स्मरणीय रहेगा। रानी दुर्गावती की जयंती का वर्तमान में 500वां वर्ष चल रहा है। महिला सशक्तिकरण की प्रतीक महिला सरपंचों का सम्मेलन रानी दुर्गावती की स्मृति में ही आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के बाद जन्माष्टमी भी आने वाली है। इस पर्व पर पंचायतों में बच्चों के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं और जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाए। राष्ट्रीय पर्व के समान हो "हर घर तिरंगा अभियान" का आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से "हर घर तिरंगा अभियान" आरंभ हो रहा है। सभी सरपंच सुनिश्चित करें कि उनकी पंचायतों में सभी घरों पर तिरंगा लहराया जाए। देश की आजादी के लिए शहीद होने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और क्रांतिकारियों के योगदान के लिये यह सच्ची श्रद्धांजलि होगी। राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त और 26 जनवरी के समान ही हर घर तिरंगा अभियान का आयोजन गरिमामय तरीके से किया जाए। व्यर्थ के खर्चों को कम कर परिवार के संसाधनों को बच्चों की पढ़ाई में लगाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रक्षाबंधन के पवित्र अवसर पर सभी बहनें परिवारों में व्यर्थ के खर्चों को कम करने का संकल्प लें। तेरहवीं और मृत्य भोज इत्यादि पर अनावश्यक व्यय से बचा जाए, विवाह भी सादगीपूर्ण तरीके से किए जाएं। इन गतिविधियों में कर्ज लेकर या अचल सम्पत्ति बेचकर भी पैसा लगाया जाता है, ऐसी स्थिति से बचने के लिए लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। इस प्रकार की गतिविधियों को हतोत्साहित कर तथा सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में परिवार के युवाओं का विवाह कर जमा पूंजी बचाई जा सकती है। परिवार के संसाधनों का उपयोग बच्चों की पढ़ाई-लिखाई तथा परिवार की बेहतरी के लिए किया जाए। प्रदेश की 50 प्रतिशत से अधिक पंचायतों में महिला सरपंच : मंत्री श्री पटेल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि प्रदेश में 23 हजार 11 पंचायतें हैं और महिला सरपंचों की संख्या 12 हजार 920 है, जो 50% से अधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा अपने निवास पर बहनों को आमंत्रित कर रक्षाबंधन पर्व मनाने की पहल करना उनकी संवेदनशीलता और बहनों के प्रति सम्मान व स्नेह का प्रतीक है। यह समारोह सांस्कृतिक संस्कारों के अटूट बंधन को और मजबूत करेगा। recent visitors 76

अगस्त क्रांति की वर्षगांठ पर तिरंगा यात्रा माल रोड में स्थित जीबी पंत पार्क से लेकर चौघानपाटा गांधी पार्क तक निकाली गई

अल्मोड़ा उत्तराखंड के अल्मोड़ा में स्वतंत्रता सेनानी एवं उत्तराधिकारी संगठन ने अगस्त क्रांति की वर्षगांठ पर स्वतंत्रता सेनानी सम्मान यात्रा निकाली। यह तिरंगा यात्रा माल रोड में स्थित जीबी पंत पार्क से लेकर चौघानपाटा गांधी पार्क तक निकाली गई। इस यात्रा के दौरान शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए नमन किया गया। इसमें अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी व निवर्तमान पालिका अध्यक्ष प्रकाश जोशी भी मौजूद रहे। स्वतंत्रता सेनानी सम्मान यात्रा के सम्पूर्ण होने पर गांधी पार्क में सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान भारत की आजादी के संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान मौके पर मौजूद सभी वक्ताओं ने कहा कि स्वाधीनता संग्राम के अंतिम आंदोलन के रूप में ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया था। आज यानी 9 अगस्त को उन सभी महान विभूतियों को याद करने का दिन है। वहीं इस अवसर पर विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में अल्मोड़ा जनपद का अपना विशेष योगदान रहा है। सैकड़ों की संख्या में लोगों ने आजादी के संग्राम में हिस्सा लिया। इन स्वतंत्रता सेनानियों ने देश को आजाद करवाने के लिए अहम भूमिका निभाते हुए अपनी जान न्योछावर कर दी। recent visitors 86