Reliance Capital’ का क्रेडिटर्स 23,666 करोड़ रुपये का कर्ज

नई दिल्ली  कर्ज में डूबे उद्योगपति अनिल अंबानी के हाथ से आखिरकार रिलायंस कैपिटल निकल गई है। रिलायंस कैपिटल को खरीदने के लिए सबसे बड़ी बोली लगाने वाली कंपनी इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स (IIHL) ने 2,750 करोड़ रुपये एक निर्धारित एस्क्रो अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए हैं। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने उसे ऐसा करने को कहा था। सूत्रों के मुताबिक हिंदुजा ग्रुप की कंपनी आईआईएचएल ने यह राशि एस्क्रो अकाउंट में ट्रांसफर कर दी है। कंपनी ने साथ ही बैंकों की एक बाइंडिंग टर्म शीट भी दी है। इसमें ट्रांजैक्शन की फंडिंग के लिए बैंकों के लोन का भी पूरा विवरण है।  एनसीएलटी ने आईआईएचएल को 10 अगस्त तक समाधान योजना को लागू करने और 2,750 करोड़ रुपये लेनदारों की समिति (CoC) द्वारा डिजाइन एस्क्रो खाते में जमा करने का निर्देश दिया था। इससे पहले 1 अगस्त को रिलायंस कैपिटल के लेंडर्स ने आईआईएचएल को एक पत्र लिखकर कहा था कि अगर जल्दी से जल्दी 2,750 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया गया था तो इसके प्रतिकूल परिणाम होंगे। आईआईएचएल ने दावा किया था कि कंपनी के पास एस्क्रो खाते का विवरण नहीं था जिस कारण यह पैसा उसने अपने खाते में ट्रांसफर कर दिया था। कितना है कर्ज रिलायंस कैपिटल को खरीदने के लिए IIHL ने 9,861 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी जिसे पिछले साल जून में अधिकांश लेनदारों ने मंजूरी दे दी थी। रिलायंस कैपिटल में करीब 20 फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियां हैं। इनमें सिक्योरिटीज ब्रोकिंग, इंश्योरेंस और एक एआरसी शामिल है। आरबीआई ने भारी कर्ज में डूबी रिलायंस कैपिटल के बोर्ड को 30 नवंबर 2021 को भंग कर दिया था और इसके खिलाफ इनसॉल्वेंसी प्रॉसीडिंग शुरू की थी। कंपनी पर क्रेडिटर्स का करीब 23,666 करोड़ रुपये का कर्ज है। recent visitors 107

मौसम विभाग ने 16 अगस्त तक हिमाचल प्रदेश में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया

शिमला  हिमाचल प्रदेश में मानसून पूरे रंग में है औऱ बादल जमकर बरसे रहे हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से कई सड़कें अवरुद्ध होने से परिवहन व्यवस्था चरमरा गई है। मौसम विभाग ने आगामी 16 अगस्त तक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। वहीं अगले 24 घण्टों के दौरान शिमला, सिरमौर, कुल्लू और मंडी जिलों में बाढ़ की चेतावनी दी है। स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों को नदी-नालों से दूर रहने औऱ भूस्खलन सम्भावित इलाकों की यात्रा न करने की हिदायद दी गई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक भूस्खलन से राज्य की 128 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप है। मंडी जिला में सबसे ज्यादा 60 सड़कें अवरुद्ध हैं। कुल्लू में 37, शिमला में 21, कांगड़ा में पांच, किन्नौर में चार और हमीरपुर में एक सड़क बंद है। इसके अलावा राज्य भर में 44 बिजली ट्रांसफार्मर और 67 पेयजल स्कीमें भी बंद पड़ी हैं। मंडी जिला में 36, कुल्लू में पांच, चम्बा में दो और हमीरपुर में एक ट्रांसफार्मर ठप होने से बिजली गुल है। शिमला में 32, कुल्लू में 25, लाहौल स्पीति में सात और बिलासपुर में तीन पेयजल स्कीमें बंद हैं। राज्य में मानसून सीजन के पिछले 43 दिनों में वर्षा जनित हादसों में 184 लोगों की जान गई है। इसमें 81 लोगों की सड़क हादसों और 103 लोगों की मानसून से जुड़ी घटनाओं में मौत हुई है। इसके अलावा 46 लोग लापता हुए हैं। मानसून सीजन में 101 घर पूरी तरह ध्वस्त हुए जबकि 211 घरों को आंशिक क्षति पहुंची। इसके अलावा 26 दुकानें और 209 पशुशालाएँ भी ध्वस्त हुईं। मानसून के कारण 842 करोड़ का नुकसान आंका गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉक्टर कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि आज शनिवार को राज्य के मैदानी व मध्यपर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट रहेगा। उन्होंने कहा कि शिमला, सिरमौर, कुल्लू और मंडी जिलों के लोगों को अगले 24 घण्टे सचेत रहना होगा, क्योंकि इन चार जिलों में फ्लैश फ्लड आने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में अगले छह दिन भारी बारिश देखने को मिल सकती है। आगामी 16 अगस्त तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। डॉक्टर कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि बीते 24 घण्टे सिरमौर जिला के मुख्यालय नाहन में सर्वाधिक 168 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। हमीरपुर व मंडी जिला के सीमावर्ती क्षेत्र संधोल में 106, कांगड़ा जिला के नगरोटा सुर्रियाँ में 94, सिरमौर के धौलाकुआं में 67, शिमला के जुब्बड़हट्टी में 54 और सोलन के कंडाघाट में 46 मिलीमीटर वर्षा हुई है।     recent visitors 115

दिल्ली में किसानों से मुलाकात करने वाले राहुल गांधी ने कर्नाटक में किसानों की आत्महत्या पर कभी चिंता नहीं जताई: गौरव भाटिया

नई दिल्ली  भाजपा ने किसानों के हितों को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस पर झूठे वादे करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में किसानों से मुलाकात करने वाले राहुल गांधी कर्नाटक में 1200 किसानों की आत्महत्या पर चुप क्यों हैं? भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने  पार्टी मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि वादाखिलाफी करना कांग्रेस के डीएनए में है। कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार को आए 15 महीने हो गए हैं और रिपोर्ट सामने आती है कि राज्य में 1200 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। इन 1200 किसानों का दोष सिर्फ इतना था कि इन्होंने वादाखिलाफी और झूठ की राजनीति करने वाले राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की बातों पर भरोसा कर लिया था। दिल्ली में किसानों से मुलाकात करने वाले राहुल गांधी ने कर्नाटक में किसानों की आत्महत्या पर कभी चिंता नहीं जताई। राहुल गांधी कर्नाटक के किसानों से मुलाकात क्यों नहीं करते? क्या उन्होंने अपने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया से सवाल पूछा कि कर्नाटक में किसान क्यों आत्महत्या कर रहे हैं? इन किसानों के परिवारों पर झूठ बोलने का आरोप लगाने वाले अपने उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करते। भाटिया ने शुक्रवार को समाप्त हुए संसद सत्र का जिक्र करते हुए कहा कि सत्र के दौरान एक तरफ सत्तारूढ़ भाजपा और एनडीए की सरकार जनता के हित की बात कर रही थी, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी पार्टियां, खासकर कांग्रेस और राहुल गांधी केवल और केवल नकारात्मक राजनीति कर रहे थे। हम सबने देखा कि किस तरह से नौटंकी करते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दिल्ली में किसानों से मिलते हैं। ये अच्छी बात है कि राहुल गांधी को कम से कम देश के किसानों और युवाओं की याद तो आई। लेकिन किसानों के नाम पर राहुल गांधी ढोंग की राजनीति करते हैं। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं जो किसानों के कल्याण के लिए खड़े हैं तो दूसरी तरफ राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी है जो अपने झूठे वादे के लिए बदनाम है। भाटिया ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय कांग्रेस ने कर्नाटक में अपने घोषणापत्र में 59 बड़े वादे किए थे जिसमें से उन्होंने सिर्फ 2 वादों को पूरा किया है यानी कांग्रेस का वादा पूरा नहीं करने का प्रतिशत 97 है। कांग्रेस के 59 में से 57 वादे अभी तक अधूरे हैं, जो राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की वादाखिलाफी को दर्शाता है। शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और पांच गारंटी समेत कांग्रेस के तमाम वादे अधूरे हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार करने में व्यस्त हैं। कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ जहां भी कांग्रेस की सरकार है, वहां की जनता अपने आपको ठगा महसूस कर रही है। भाजपा प्रवक्ता ने मांग की कि राहुल गांधी को सामने आकर जनता को इन सभी सवालों के जवाब देने चाहिए।   recent visitors 97

भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग ने ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, रीवा और उज्जैन आयुर्वेद कॉलेज में स्नातक की 26 सीटें तक कम कर दी

भोपाल नए कॉलेज खोलना तो दूर मध्य प्रदेश सरकार पहले से संचालित कॉलेजों की मान्यता भी नहीं बचा पा रही है। भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएसएम) ने बुरहानपुर आयुर्वेद कॉलेज को छोड़ सभी छह आयुर्वेद कॉलेजों की मान्यता जारी कर दी है, पर भोपाल के अतिरिक्त अन्य पांच कॉलेजों में स्वीकृत सीटों में कटौती की गई है। ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, रीवा और उज्जैन आयुर्वेद कॉलेज में स्नातक (बीएएमएस) की 15 से लेकर 26 सीटें तक कम कर दी हैं। संसाधनों की कमी के कारण सीटें कम की गई हैं। बुरहानपुर कॉलेज को मान्यता नहीं मिली है। इन सीटों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग सितंबर में प्रारंभ होने की आशा है। फैकल्टी की कमी संसाधनों में सर्वाधिक कमी फैकल्टी और ओपीडी और भर्ती मरीजों की कम संख्या है। इनमें प्राध्यापक स्तर के पद सबसे अधिक रिक्त हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि आयुष कॉलेजों में सेवानिवृति आयु 62 वर्ष है। एलोपैथी मेडिकल कॉलेजों में यह सीमा 65 वर्ष रखी गई है, जिससे प्राध्यापक के पद रिक्त न रहें। सीधी भर्ती से भी पदों को भरने की व्यवस्था नहीं है, जबकि एलोपैथी मेडिकल कॉलेजों में प्रारंभ हो चुकी है। प्रदेश में पहले से ही आयुर्वेद औषधालयों में डॉक्टरों के 600 से अधिक पद रिक्त हैं। ऊपर से बीएएमएस की सीटें बढ़ना तो दूर उनमें कटौती भी हो गई है। कहां कितनी सीटें कम हुईं कॉलेज कुल सीटें कटौती भोपाल 75 00 जबलपुर 75 19 इंदौर 75 15 ग्वालियर 75 26 उज्जैन 75 15 बुरहानपुर 63 मान्यता नहीं देश में कुल आयुर्वेद कॉलेज — 450 सत्र 2024-25 के लिए अभी तक जारी मान्यता — 382 कॉलेज प्रदेश में कुल सरकारी कॉलेज– सात प्रदेश में निजी कॉलेज — 27 recent visitors 123

Women’s T20 WC की मेजबानी नहीं खोना चाहता बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड, सेना से मांगी मदद

ढाका पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को हटाए जाने के बाद बांग्लादेश में बनी राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने देश के सेवा प्रमुख से तीन से 20 अक्टूबर के बीच होने वाले महिला टी20 विश्व कप के आयोजन के लिए सुरक्षा का आश्वासन मांगा है। महिला टी20 विश्व कप बांग्लादेश के दो शहरों सिलहट और मीरपुर में आयोजित किया जाएगा। टूर्नामेंट के अभ्यास मैच 27 सितंबर से शुरू हो जाएंगे। क्रिकबज के अनुसार, बीसीबी ने बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वेकर उज़ ज़मान को पत्र लिखकर टूर्नामेंट के आयोजन के लिए सुरक्षा आश्वासन मांगा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) भी बांग्लादेश की स्थिति पर नजर रखे हुए है जहां सरकार के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शनों में सैकड़ो लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और शेख हसीना को अपना पद छोड़ना पड़ा। आईसीसी समान समय क्षेत्र में इस टूर्नामेंट का आयोजन कर सकता है तथा ऐसे में उसके पास भारत, संयुक्त अरब अमीरात और श्रीलंका विकल्प होंगे। बीसीबी अंपायरिंग कमेटी के अध्यक्ष इफ्तिखार अहमद मिठू ने कहा,‘‘हम टूर्नामेंट की मेजबानी करने की कोशिश कर रहे हैं। हमने आईसीसी महिला टी20 विश्व कप की सुरक्षा को लेकर आश्वासन मांगने के संबंध में गुरुवार को सेना प्रमुख को एक पत्र भेजा है क्योंकि हमारे पास अब केवल दो महीने का समय बचा है।’’ किन शहरों में खेला जाएगा टूर्नामेंट? महिला टी20 विश्व कप बांग्लादेश के सिलहट और मीरपुर में आयोजित किया जाएगा। टूर्नामेंट के अभ्यास मैच 27 सितंबर से शुरू हो जाएंगे। क्रिकबज के अनुसार, बीसीबी ने बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वेकर उज जमान को पत्र लिखकर टूर्नामेंट के आयोजन के लिए सुरक्षा आश्वासन मांगा है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) भी बांग्लादेश की स्थिति पर नजर रखे हुए है। इन देशों को मिल सकती है मेजबानी माना जा रहा है कि आईसीसी किसी इस टूर्नामेंट का आयोजन समान समय क्षेत्र के भीतर किसी अन्य स्थान पर टूर्नामेंट का आयोजन करा सकता है। इस स्थिति में भारत, संयुक्त अरब अमीरात और श्रीलंका को मेजबानी का मौका मिल सकता है। बीसीबी ने मांगी सेना प्रमुख से मदद बीसीबी अंपायरिंग कमेटी के अध्यक्ष इफ्तिखार अहमद मिठू ने कहा, "हम टूर्नामेंट की मेजबानी करने की कोशिश कर रहे हैं। हमने महिला टी20 विश्व कप की सुरक्षा को लेकर आश्वासन मांगने के संबंध में गुरुवार को सेना प्रमुख को एक पत्र भेजा है क्योंकि हमारे पास अब केवल दो महीने का समय बचा है।"     recent visitors 100

राजधानी में 33 हजार वाहनों से 14 अगस्त को निकलेगी 30 किमी लंबी तिरंगा यात्रा, सीएम होंगे शामिल

 भोपाल भोपाल की हुजूर विधानसभा के विधायक रामेश्वर शर्मा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत 14 अगस्त को भारतवर्ष की विशाल तिरंगा यात्रा आयोजित करने जा रहे हैं। यह तिरंगा यात्रा ‘कर्मश्री’ संस्था के तत्वाधान में आयोजित की जाएगी जिसमें भोपाल सहित क्षेत्र के 65 से 70 हजार देशभक्त नागरिकों के शामिल होने की संभावना है। अखंड भारत स्मृति दिवस पर भारत की अखंडता के संकल्प के साथ रामेश्वर शर्मा द्वारा आयोजित इस यात्रा में मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सम्मिलित होंगे। यात्रा कोलार के मदर टेरेसा स्कूल से प्रारंभ होकर बैरागढ़ के दीनदयाल उपाध्याय मंडी भैंसाखेड़ी तक जाएगी। 30 किमी के इस रूट पर सैकड़ों मंचों के माध्यम से भोपाल की जनता द्वारा तिरंगा थामे राष्ट्रप्रेमियों का पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया जाएगा।  अब तक 33 हजार वाहनों का पंजियन हुआ भारत की विशाल तिरंगा यात्रा में शामिल होने के आयोजक संस्था कर्मश्री द्वारा वाहनों का पंजीयन किया गया है। संस्था अध्यक्ष विधायक रामेश्वर शर्मा ने बताया कि अब तक 33 हजार से अधिक दोपहिया वाहनों का यात्रा में शामिल होने के लिए पंजीयन किया जा चुका है। पंजीयन अभी भी जारी है और प्रतिदिन पंजीयन कराने के लिए लोग आगे आ रहे हैं। एक दोपहिया पर दो लोग सवार होंगे इस तरह से दोपहिया वाहनों मे सवार लगभग 65 से 70 हजार लोगों के इस तिरंगा यात्रा में शामिल होने की उम्मीद है।  500 स्वागत मंच सजेंगे, समाज का हर वर्ग करेगा स्वागत कर्मश्री की तिरंगा यात्रा मुख्यमंत्री मोहन यादव की मुख्य उपस्थिति में कोलार के मदर टेरेसा स्कूल से प्रस्थान कर बैरागढ़ तक जाएगी। 30 किलोमीटर के इस मार्ग में 500 से अधिक स्वागत मंच बनाए जा रहे हैं। इन स्वागत मंचों पर समाज का हर वर्ग यात्रा के स्वागत के लिए उपस्थित होगा। आम नागरिक, व्यापारी, नौकरीपेषा, युवा, बुजुर्ग, महिला, चिकित्सक, वकील, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी और स्टॉफ, विभिन्न जनसंगठन, कर्मचारी संगठन, सामाजिक संगठन आदि तिरंगा यात्रा के स्वागत के लिए विभिन्न स्थानों पर मौजूद रहेंगे। फूलों के बजाए तिरंगा हाथों में लेकर स्वागत करें आयोजक संस्था द्वारा स्वागत करने वालें नागरिकों और संगठनों से अनूठी अपील की गई है। संस्था अध्यक्ष विधायक रामेष्वर शर्मा ने बताया कि सभी से अपील की गई है कि तिरंगा यात्रा का स्वागत फूलों से करने के बजाए हाथो में तिरंगा लेकर, तिरंगा लहराते हुए करें। इससे तिरंगा यात्रा के वाहन सवारों के साथ साथ पूरे यात्रा मार्ग में लाखों हाथों में तिरंगा लहराएगा। इससे तिरंगे की शान भी बढ़ेगी और नई पीढ़ी के मन में राष्ट्रभक्ति का सागर भी हिलोंरे मारेगा। तिरंगा यात्रा में महापुरुषों की जीवंत झांकियां भी निकलेंगी। शहीदों और क्रांतिकारियों के वेश में सजे युवा आकर्षण का केंद्र रहेंगे।  हर मन में देषभक्ति जगाना है, अखंड भारत बनाना है ःविधायक रामेश्वर इस विशाल तिरंगा यात्रा के आयोजक विधायक रामेश्वर शर्मा ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि आजादी के 70 सालों के बाद आज देश को एक ऐसा प्रधानसेवक मिला है जिसके एक आह्वान पर पूरा देश एकजुट हो जाता है और वह जो आग्रह करते हैं उसे पूरा करने में जुट जाता है। उन्होने हर घर तिरंगा अभियान का आहवान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूप में देश को ऐसा जनसेवक मिला है जिससे देश की करोड़ों-करोड़ जनता का हर अरमान पूरा हो रहा है। देश में द्रुत गति से विकास हो रहा है, नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, भारत मां का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान बढ़ रहा है और देश के युवा, महिला, किसान, गरीब का सम्मान बढ़ रहा है। देश हर मोर्चे पर विश्व गगन पर छा रहा है। हर नागरिक खुश है, संतुष्ट है। बस एक टीस करोड़ों भारतीयों के मन में हैं और वह है भारत विभाजन की टीस। उन्होंने आगे कहा कि – जब देश विभाजित हुआ तो न केवल जमीन बटी, बल्कि भारत मां का आंचल भी बट गया था। भारती के कितने लाल काल के गाल में समा गए थे। वह दुःख कभी भूलने वाला नहीं है। उसी दुःख और पीड़ा की स्मृति 14 अगस्त बार-बार कराता है। हर 14 अगस्त को अखंड भारत का वह सपना हमारी स्मृतियों में कौंधता है जिसे हम अपने सीने में दबाएं हैं। और इंतजार कर रहे हैं कि एक दिन वह अवसर जरूर आएगा जब भगत सिंह और हेमू कालानी की जन्मभूमि पर तिरंगा लहराएगा। इसी संकल्प के साथ हम हर साल तिरंगा यात्रा निकालते हैं। यात्रा का उद्देष्य है कि हर नागरिक के मन में देषभक्ति जगाना है और एक अखंड भारत बनाने का संकल्प है ।  पुलिस बैंड के लिए पत्र लिखकर आग्रह किया  शर्मा ने बताया कि तिरंगा यात्रा राष्ट्रीय आयोजन है। इसमें 14 अगस्त को भोपाल का हर नागरिक प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होगा। ऐसी देषभक्तिपूर्ण यात्रा का स्वागत भोपाल का हर नागरिक, हर वर्ग करेगा। अतः इसमे पुलिस बैंड के शामिल होता है तो यह एक अच्छा कदम होगा। इसके लिए पुलिस महानिदेषक को पत्र लिखकर आग्रह किया गया है।   recent visitors 110

5वीं पीढ़ी के स्वदेशी फाइटर जेट प्रोजेक्ट को मंजूरी दी, 2026 में पहली उड़ान

नई दिल्ली LCA MK-2 यानी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट मार्क 2 को लेकर हाल ही में डीआरडीओ प्रमुख, भारतीय वायुसेना के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ, डीआरडीओ लेबोरेटरी, डिफेंस पीएसयू, CEMILAC, NFTC के अधिकारियों की मीटिंग हुई. यह एक उच्च स्तरीय रिव्यू मीटिंग थी. जिसमें एलसीए के डेवलपमेंट पर बातचीत की गई. आपको जानकर हैरानी होगी कि इस मीटिंग में यह पता चला है कि अगले दो महीनों में LCA MK-2 का पहला प्रोटोटाइप बन जाएगा. साल 2025 से यानी अगले साल से इसका रोल आउट शुरू हो जाएगा. पूरी संभावना है कि 2026 में इस फाइटर जेट की पहली उड़ान पूरी होगी. यह एक मीडियम वेट फाइटर जेट  (MWF) होगा. यह फाइटर जेट वर्तमान LCA यानी तेजस से अपग्रेड होगा. इसमें बेहतर मैन्यूवरेबिलिटी, शानदार एवियोनिक सुईट्स, सेंसर और ज्यादा ताकतवर इंजन होगा. यह नई पीढ़ी का फाइटर जेट होगा. इसके वायुसेना में शामिल होने के बाद वायुसेना अपने SEPECAT Jaguar, मिराज 2000, मिकोयान MiG-29 एयरक्राफ्ट्स को हटा देगी.    LCA MK-2 की स्पीड और रेंज होगी और बेहतर यह स्वदेशी मल्टीरोल सुपरसोनिक फाइटर जेट होगा. इसमें एक या दो क्रू बैठ सकेंगे. लंबाई 47.11 फीट होगी. विंगस्पैन 27.11 फीट और ऊंचाई 15.11 फीट होगी. अधिकतम टेकऑफ वजन 17,500 kg होगा. यह अपने साथ 6500 kg वजन के हथियार लेकर उड़ सकेगा. एलसीए मार्क-2 फाइटर जेट की सबसे बड़ी ताकत होगी उसकी गति. यह अधिकतम 2385 km/घंटा की स्पीड से उड़ेगा. यानी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फाइटर जेट्स की गति को टक्कर देगा. इसकी रेंज कुल 2500 km होगी.  कॉम्बैट रेंज 1500 km होगी. यह अधिकतम 56,758 फीट की ऊंचाई तक जा सकेगा.   13 तरह के हथियार या उनका मिश्रण लगा सकते हैं इसमें 13 हार्ड प्वाइंट्स होंगे यानी 13 अलग-अलग प्रकार के हथियार या फिर उनका मिश्रण लगाया जा सकता है. हवा से हवा में मार करने वाली MICA, ASRAAM, Meteor, Astra, NG-CCM, हवा से सतह पर मार करने वाली ब्रह्मोस-NG ALCM, LRLACM, स्टॉर्म शैडो, क्रिस्टल मेज लगाने की योजना है. एंटी-रेडिएशन मिसाइल रुद्रम 1/2/3 लगाया जाएगा. इसमें प्रेसिशन गाइडेड म्यूनिशन यानी बम भी लगाए जाएंगे.इन प्रेसिशन गाइडेड म्यूनिशन में शामिल हैं स्पाइस, HSLD-100/250/450/500, DRDO Glide Bombs, DRDO SAAW. लेजर गाइडेड बमों में सुदर्शन बम लगाया जाएगा. कई तरह के गाइडेड बम, आत्मघाती ड्रोन लगा सकेंगे इसके अलावा क्लस्टर म्यूनिशन, लॉयटरिंग म्यूनिशन कैट्स अल्फा और अनगाइडेड बम लगाए जा सकते हैं. LCA Mark 2 फाइटर जेट में जो एवियोनिक्स लगे हैं वो उसे दुश्मन का पता लगाने. हमलों से बचने में मदद करेंगे. इसमें LRDE Uttam AESA Radar, DARE Unified Electronic Warfare Suite (UEWS), DARE Dual Colour Missile Approach Warning System (DCMAWS) और DARE Targeting pod लगे होंगे.   recent visitors 149