विवादित टिप्पणी पर कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ दर्ज मुकदमे की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा की जाएगी

जबलपुर  मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा नेत्री इमरती देवी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी. इसके खिलाफ भाजपा नेत्री ने डबरा में एफआईआर दर्ज करवाई थी. पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि जब उन्होंने कथित अपराध किया, वह विधायक नहीं थे और वर्तमान में भी विधायक नहीं हैं. इसलिए उनके खिलाफ एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट में उनके खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जाना चाहिए. एमपी-एमएलए कोर्ट गठित करने का उद्देश्य बताया एकलपीठ ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अश्विनी कुमार उपाध्याय बनाम भारत संघ के संबंध में पारित आदेश का समीक्षा करते हुए कहा "इसके पीछे मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि निर्वाचित प्रतिनिधियों (सांसदों और विधायकों) के खिलाफ आपराधिक मुकदमे शीघ्रता से समाप्त हो जाएं. इसके अलावा विशेष विचार की आवश्यकता केवल देश में राजनीति में अपराधीकरण की बढ़ती लहर के कारण और निर्वाचित प्रतिनिधियों (वर्तमान या पूर्व) के पास प्रभावी अभियोजन को प्रभावित करने या बाधित करने की शक्ति के कारण हैं." पूर्व विधायक भी मामले को प्रभावित कर सकता है सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार "वर्तमान एवं पूर्व विधायकों एवं सांसदों के मुकदमों की सुनवाई के लिए मध्य प्रदेश राज्य में विशेष न्यायालयों की स्थापना की गई है. विशेष न्यायालयों की स्थापना का उद्देश्य वर्तमान एवं पूर्व विधायकों एवं सांसदों द्वारा या उनके विरुद्ध दर्ज मुकदमों की सुनवाई में तेजी लाना है." याचिकाकर्ता पूर्व विधायक हैं लेकिन अपराध के समय वह विधायक नहीं था और वर्तमान में भी विधायक नहीं है. अपराध की प्रासंगिक तारीख के अनुसार अभियुक्त पर विशेष न्यायालय द्वारा मुकदमा चलाया जाना है या नहीं, इसकी व्याख्या करना विशेष न्यायालयों की स्थापना के उद्देश्य को ही विफल कर देगी. मणिपुर हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दिया ये भी कहा गया "अभियुक्त की स्थिति महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि महत्वपूर्ण पहलू वह शक्ति है जिसका वह आनंद लेता है जो गवाहों को प्रभावित या प्रभावी अभियोजन को बाधित कर सकती है." एकलपीठ ने मणिपुर हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश का हवाला देते हुए कहा कि विशेष न्यायालयों के पास पूर्व और वर्तमान विधानमंडलों के खिलाफ सभी मामलों की सुनवाई करने का अधिकार क्षेत्र है, भले ही ऐसे अपराध किए जाने के समय उनकी स्थिति कुछ भी हो. एकलपीठ ने सुनवाई के बाद प्रकरण एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट में प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए. इमरती देवी ने जारी किया था वीडियो इस वाकये के बाद पूर्व मंत्री इमरती देवी ने भी वीडियो जारी कर अपनी बात कही थी. उन्होंने कहा था, ‘कांग्रेसियों के लिए मैं भगवान से प्रार्थना करती हूं कि उन्हें सद्बुद्धि दे. एक दलित महिला के बारे में ऐसा बोलना शोभा नहीं देता है. मैं कुछ ज्यादा नहीं बोलना चाहती, क्योंकि उन्होंने मुझे सदैव बड़ी बहन कहा है. भगवान ने उनकी बुद्धि खराब कर दी है, इसलिए ऐसा बोल रहे हैं. वह तो बहुत छोटे हैं. उनके बड़े नेता कमलनाथ मुझे आइटम कहते हैं, दिग्विजय सिंह टंच माल कहते हैं. कांग्रेसी तो शुरू से ऐसे ही बोलते आ रहे हैं. मैं एसपी के पास जाऊंगी, एफआईआर कराऊंगी. उन्हें छोडूंगी नहीं. इमरती को इतना सस्ता न समझें कि कभी भी कुछ भी बोल दें. मैं अपनी सरकार से भी कहूंगी कि मुझे न्याय दो.’   recent visitors 151

Vidisha के बीजामंडल में हिंदू नहीं कर पाएंगे पूजा, कलेक्टर ने दिया ASI के ‘मस्जिद’ नोटिफिकेशन का हवाला

 विदिशा  मध्य प्रदेश के विदिशा जिला प्रशासन ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की अधिसूचना का हवाला देते हुए शुक्रवार को नागपंचमी के मौके पर हिन्दुओं के पूजा करने के लिए 11वीं सदी के बीजामंडल को खोलने से इनकार कर दिया है। हिंदुओं के एक समूह ने जिलाधिकारी बुद्धेश कुमार वैद्य को शहर के बीचों-बीच स्थित इस स्थल को नागपंचमी पर खोलने के लिए ज्ञापन सौंपा था। इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। जिलाधिकारी ने उनकी याचिका एएसआई को भेज दी, जिसने 1951 की गजट अधिसूचना का दो अगस्त को हवाला देते हुए कहा कि बीजामंडल मंदिर नहीं, बल्कि मस्जिद है। एएसआई है ढांचे का संरक्षक जिलाधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि एएसआई इस ढांचे का संरक्षक है, इसलिए उन्होंने मामले पर निर्णय लेने के लिए ज्ञापन उसे भेजा था। ज्ञापन सौंपने वाले हिंदू समूह के नेता शुभम वर्मा ने निराशा व्यक्त करते हुए एजेंसी से कहा, 'हम पिछले 30 साल से नागपंचमी पर वहां (ढांचे के बाहर) पूजा करते आ रहे हैं, लेकिन किसी ने यह नहीं कहा कि यह मंदिर नहीं बल्कि मस्जिद है।' वर्मा ने जिलाधिकारी के पत्र और एएसआई की गजट अधिसूचना को दिखाते हुए कहा कि एएसआई द्वारा इसे मस्जिद बताए जाने से हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। हिंदुओं ने मांगी पूजा की अनुमति हालांकि, इस साल हिंदू समूहों ने 9 अगस्त को परिसर में प्रवेश करने और पूजा करने की अनुमति मांगी। विदिशा कलेक्टर बुद्धेश वैश्य ने उनके अनुरोध को एएसआई को भेज दिया, जिसने 1951 के राजपत्र अधिसूचना का हवाला देते हुए इस स्थल को 'बीजामंडल मस्जिद' के रूप में वर्गीकृत किया। कलेक्टर ने तब पूजा की अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिससे हिंदू समूहों में आक्रोश फैल गया। वे एएसआई द्वारा इस स्थल को मस्जिद के रूप में वर्गीकृत करने का विरोध करते हैं, उनका दावा है कि यह 1972 से हिंदू पूजा स्थल रहा है। विधायक चाहते हैं सर्वेक्षण वहीं, विदिशा विधायक 'मंदिर के स्वामित्व' को साबित करने के लिए सर्वेक्षण चाहते हैं वे एएसआई द्वारा इस स्थल को मस्जिद के रूप में वर्गीकृत करने का विरोध करते हैं, उनका दावा है कि यह 1972 से हिंदू पूजा स्थल रहा है। भोपाल से 60 किमी दूर भोपाल से लगभग 60 किमी और सांची स्तूप से बमुश्किल 10 किमी दूर विजय सूर्य मंदिर/बीजामंडल मस्जिद स्थल का इतिहास उथल-पुथल भरा रहा है। एएसआई-भोपाल सर्किल की वेबसाइट का कहना है कि मस्जिद का निर्माण हिंदू मंदिर के खंडहरों पर किया गया था। हालांकि, यहां स्तंभ पर पाए गए शिलालेखों में से एक का कहना है कि यह देवी चर्चिका का मंदिर था। सूर्य देव के सम्मान में बनाया गया था यह मंदिर ऐसा माना जाता है कि इसे 11वीं-12वीं शताब्दी में सूर्य देव के सम्मान में बनाया गया था। मुगल शासन के दौरान, विशेष रूप से औरंगजेब के शासनकाल में मंदिर को काफी नुकसान पहुंचा था, जिसके बाद 17वीं शताब्दी में इसे मस्जिद के रूप में पुनर्निर्मित किया गया था। हालांकि, मराठा शासन के दौरान मस्जिद को दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थल जीर्ण-शीर्ण हो गया। हिंदू महासभा के नेतृत्व में किया गया आंदोलन 1934 में मंदिर के अवशेषों की खोज ने हिंदू महासभा के नेतृत्व में इसके संरक्षण के लिए एक आंदोलन को जन्म दिया। इसका एक महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रभाव पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप स्थानीय कार्यालयों में हिंदू महासभा के उम्मीदवार चुने गए। तब से, मंदिर को साल में केवल एक बार नाग पंचमी पर पूजा के लिए खोला जाता है। 1965 में सांप्रदायिक तनाव को दूर करने के लिए, तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारका प्रसाद मिश्रा ने मुसलमानों के लिए एक अलग ईदगाह की स्थापना की। पीएम मोदी से की मांग फिर से विवाद उठने के साथ, हिंदू संगठनों ने पीएम नरेंद्र मोदी से 'बीजामंडल विजय मंदिर' को नियमित पूजा के लिए फिर से खोलने की अपील की है। कलेक्टर बुद्धेश वैश्य ने स्थानीय मीडिया को बताया कि सब कुछ एएसआई नियमों के अनुसार किया जाएगा। मुस्लिम प्रतिनिधियों ने विवाद पर मीडिया से बात करने से परहेज किया। विदिशा विधायक ने की यह मांग वहीं, विदिशा के भाजपा विधायक मुकेश टंडन ने मंदिर के स्वामित्व को स्थापित करने के लिए एक सर्वेक्षण का प्रस्ताव दिया है। उनका मानना है कि इस सर्वेक्षण से मंदिर की स्थिति की पुष्टि होगी। साथ ही संभावित रूप से 'पूजा के लिए इसके पूर्ण उपयोग की बहाली' होगी। टंडन ने मुस्लिम समुदाय के रुख को स्वीकार करते हुए कहा कि उन्होंने 'भूमि पर कोई विवाद नहीं जताया है'। उन्होंने समुदायों के बीच आपसी सम्मान पर प्रकाश डाला। साथ ही जिला प्रशासन द्वारा मुस्लिम धार्मिक प्रथाओं, विशेष रूप से ईद पर, को समायोजित करने के प्रयासों का हवाला दिया। हिंदुओं में पैदा कर दी है चिंता उन्होंने कहा कि एएसआई द्वारा मंदिर पर लगाए गए ताले ने हिंदुओं में चिंता पैदा कर दी है। विधायक ने कहा कि एएसआई का कहना है कि ताला वहां संग्रहित कुछ मूर्तियों की सुरक्षा के लिए है। स्मारक संरक्षण के लिए 1951 में स्थापित कानूनी ढांचे का हवाला देते हुए टंडन ने कहा कि आपके नियमों में ताला लगाने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि ताला के बारे में भ्रम को दूर करने के लिए जिला प्रशासन के साथ एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें एएसआई से इसे खोलने का आग्रह किया गया था, खासकर नाग पंचमी पूजा के दौरान। विधानसभा में उठाएंगे इसे विधायक इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे। साथ ही पीएम मोदी और मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मिलने के लिए दिल्ली जाने के लिए एक टीम बना रहे हैं। विधायक ने अप्रैल 1992 में इसी तरह की स्थिति का जिक्र किया, जब विरोध प्रदर्शन के बाद एएसआई और जिला अधिकारियों के साथ सफल बातचीत हुई थी, जिसके बाद 11 लोगों की टीम को मंदिर में पूजा करने की अनुमति दी गई थी। उन्होंने कहा कि हिंदू परिवार एएसआई द्वारा लगाए गए किसी प्रतिबंध के बिना इस स्थल पर पूजा करना जारी रखे हुए हैं। recent visitors 82

मनीष सिसोदिया को जमानत मिली, सुप्रीम कोर्ट ने दी बड़ी राहत

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता मनीष सिसोदिया को दिल्ली शराब नीति मामले में बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। इस मामले में सिसोदिया पर भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे थे, जिसके कारण उन्हें 16 महीने से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया। हालांकि, कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ यह जमानत दी है और मामले की आगे की सुनवाई जारी रहेगी। मनीष सिसोदिया को जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा,'जमानत के मामले में हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट सुरक्षित खेल रहे हैं। सजा के तौर पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता। अब समय आ गया है कि अदालतें समझें कि जमानत एक नियम है और जेल एक अपवाद है। भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में जमानत की मांग करने वाली सिसौदिया की याचिकाओं का सीबीआई, ईडी ने विरोध किया केंद्रीय एजेंसियों की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने अदालत के समक्ष सिसौदिया की जमानत याचिका का विरोध किया और मामले में सिसौदिया और अन्य आरोपी व्यक्तियों पर उन दस्तावेजों का निरीक्षण करने में पांच महीने का समय लगाकर मुकदमे में देरी करने का आरोप लगाया, जो इससे संबंधित नहीं थे। परीक्षण। सिसौदिया की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सिसौदिया को जमानत देने की दलील दी और केंद्रीय एजेंसियों के इस आरोप से इनकार किया कि मामलों की सुनवाई में देरी के लिए सिसौदिया जिम्मेदार थे। सिसौदिया ने सीबीआई, ईडी मामलों में जमानत देने से इनकार करने वाले दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामलों में जमानत देने से इनकार करने के दिल्ली हाई कोर्ट के 21 मई के आदेश के खिलाफ सिसोदिया ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट ने 4 जून को सिसोदिया की जमानत याचिका का निपटारा कर दिया और उन्हें ट्रायल कोर्ट के समक्ष अंतिम अभियोजन शिकायत और आरोप पत्र दायर होने के बाद अपनी जमानत याचिका को पुनर्जीवित करने की स्वतंत्रता दी। बाद में सिसौदिया ने अपनी जमानत याचिका को पुनर्जीवित करने की मांग करते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया।  सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अक्टूबर में दोनों मामलों में सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अक्टूबर में दोनों मामलों में सिसौदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, हालांकि, अगर परिस्थितियों में बदलाव होता है या सुनवाई लंबी हो जाती है, तो उन्हें तीन महीने के बाद ट्रायल कोर्ट के समक्ष नई जमानत याचिका दायर करने की आजादी दी थी। सीबीआई ने पिछले साल फरवरी में आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में सिसोदिया को गिरफ्तार किया था और बाद में उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने भी तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया था। इन शर्तों पर मिली है जमानत मनीष सिसोदिया को जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो समाज के सम्मानित व्यक्ति हैं और उनके भागने की आशंका भी नहीं है. साथ ही ये भी कहा कि इस मामले में ज्यादातर सबूत भी जुटाए जा चुके हैं, इसलिए उनके साथ छेड़छाड़ करने की कोई संभावना नहीं है. हालांकि, गवाहों को प्रभावित करने या डराने के मामले में उनपर शर्तें लगाई जा सकती हैं. सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को 10 लाख के मुचलके पर जमानत दी है. साथ ही दो बड़ी शर्तें भी लगाई हैं. पहली शर्त ये है कि उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा. और दूसरी शर्त ये कि उन्हें हर सोमवार को थाने में जाकर हाजिरी लगानी होगी. CBI-ED की अपील खारिज फैसला सुनाए जाने के बाद सीबीआई और ईडी की तरफ से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल मामले की तरह ही शर्तें लगाने का अनुरोध किया था. एएसजी राजू ने कोर्ट से अपील की थी कि केजरीवाल की तरह ही सिसोदिया पर सचिवालय जाने पर रोक लगाई जाए. हालांकि, कोर्ट ने इस अपील को खारिज कर दिया. 26 फरवरी 2023 से जेल में थे बंद दिल्ली के कथित शराब घोटाले में मनीष सिसोदिया को पिछले साल 26 फरवरी को उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद 9 अक्टूबर को ईडी ने भी सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया. सिसोदिया पर आबकारी मंत्री रहते हुए मनमाने और एकतरफा फैसला लेने का आरोप है. शराब घोटाले के आरोपी अमित अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा और अर्जुन पांडे को सिसोदिया का करीबी माना जाता है. आरोप है कि तीनों ने सरकारी अफसरों की मदद से शराब कारोबारियों का पैसा इकट्ठा किया और दूसरी जगह डायवर्ट किया. सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक, अर्जुन पांडे ने शराब कारोबारी समीर महेंद्रू से 2 से 4 करोड़ रुपये लिए थे. ये रकम विजय नायर की ओर से ली गई थी. विजय नायर कुछ साल तक आम आदमी पार्टी के कम्युनिकेशन इंचार्ज भी रहे हैं. इस मामले में 17 अगस्त 2022 को सीबीआई ने केस दर्ज किया. इसमें मनीष सिसोदिया, तीन पूर्व सरकारी अफसर, 9 कारोबारी और दो कंपनियों को आरोपी बनाया गया. घोटाले में पैसों की हेराफेरी के भी आरोप थे, इसलिए ईडी भी इसमें शामिल हो गई. केस दर्ज करने के बाद सीबीआई और ईडी ने छापे मारे और गिरफ्तारियां शुरू कीं. ईडी और सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया है कि 2021-22 की आबकारी नीति की वजह से दिल्ली सरकार को कथित तौर पर 2,873 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा. क्या है दिल्ली का कथित शराब घोटाला? 17 नवंबर 2021 को दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने एक्साइज पॉलिसी 2021-22 को लागू किया. नई पॉलिसी के तहत, शराब कारोबार से सरकार बाहर आ गई और पूरी दुकानें निजी हाथों में चली गईं. दिल्ली सरकार का दावा था कि नई शराब नीति से माफिया राज खत्म होगा और सरकार के रेवेन्यू में बढ़ोतरी होगी. हालांकि, ये नीति शुरू से ही विवादों में रही और जब बवाल ज्यादा बढ़ गया तो 28 जुलाई 2022 को सरकार ने इसे रद्द कर दिया. कथित शराब घोटाले का खुलासा 8 जुलाई 2022 को दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव नरेश कुमार की रिपोर्ट से हुआ था. इस रिपोर्ट में उन्होंने मनीष सिसोदिया समेत आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए. दिल्ली के एलजी वीके … Read more

प्रदेश के लाल ने पेरिस ओलंपिक में किया कमाल, विवेक सागर के घर जश्न का माहौल

नर्मदापुरम  हॉकी के ओलंपिक इतिहास में लगातार दूसरी बार भारत ने ब्रॉन्ज मेडल जीता है. इसकी खुशियां पेरिस से लेकर मध्य प्रदेश के छोटे से गांव चांदोन तक मनाई जा रही हैं. दरअसल मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के छोटे से गांव चांदोन में जन्में विवेक सागर देश की ओलंपिक टीम का हिस्सा है और मैच में विवेक के सराहनीय योगदान के कारण देश को कांस्य पदक मिला है. इसी जीत को लेकर पूरा जिला विवेक के परिवार के साथ जश्न में शरीक है. इस दौरान विवेक के गांव में जश्न का माहौल है. इस दौरान ढोल बाजे के साथ नाच गाना कर सभी लोग पेरिस ओलंपिक में हॉकी टीम के कांस्य पदक जीतने की खुशी मना रहे हैं. दोनों ही मैचों में विवके का अहम योगदान पेरिस में खेले जा रहे हैं ओलंपिक के ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में भारत की टीम ने स्पेन को 2-1 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा किया. भारत की हॉकी टीम ने ओलंपिक में लगातार दूसरी बार ब्रॉन्ज मेडल जीता है. ओलंपिक के इन दोनों ही मुकाबलों में इटारसी के चांदोन गांव निवासी विवेक सागर का अहम योगदान है. विवेक बचपन से ही हॉकी के दीवाने थे और गांव के कच्चे मैदान से प्रैक्टिस करते हुए विवेक लगातार भारत की ओर से दूसरी बार ओलंपिक टीम का हिस्सा बने हैं. टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर मध्य प्रदेश सरकार ने विवेक को डीएसपी की नौकरी दी थी. साथ ही उन्हें एकलव्य अवॉर्ड से भी नवाजा था. उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने दी बधाई उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने पेरिस ओलिम्पिक में भारतीय हाकी टीम को कांस्य पदक जीतने पर पूरी हॉकी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि भारतीय हॉकी टीम ने भारत का गौरव बढ़ाया है। भारतीय हॉकी टीम ने अत्यंत कलात्मक हॉकी का प्रदर्शन कर भारतवासियों का दिल जीत लिया। गांव में जश्न का माहौल विवेक के भाई विद्यासागर ने बताया कि, ''पूरे गांव में जश्न का माहौल है. घर और गांव में ढोल बजाकर पटाखे फोड़कर जश्न मनाया जा रहा है.'' उन्होंने कहा कि "ब्रॉन्ज मेडल मिलना भी एक बड़ी बात है." विवेक के पिता रोहित प्रसाद का कहना है कि "बहुत ही अच्छा लग रहा है, शुरू से मेरे द्वारा तो कई बार विवेक को हॉकी खेलने के लिए मना किया जाता था, लेकिन जब विवेक आज जिस मुकाम पर पहुंचा है, तो बहुत खुशी होती है.'' विवेक ने प्रदेशवासियों को दी बधाई नर्मदापुरम जिले एकलौते हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर ने मैच में ब्रॉन्ज मैडल जीतने के बाद एमपी के नागरिकों और खिलाड़ियों को बधाई दी. उन्होंने वीडियो शेयर कर कहा कि "ओलंपिक में आज भारतीय हाकी टीम ने ब्रॉन्ज मैडल जीता है. साथ ही भारतीय टीम और उनको सपोर्ट करने के लिए प्रदेश वासियों और हॉकी प्रेमियों को बधाई देते हुए कहा कि, ''आज भारतीय हॉकी टीम पेरिस ओलंपिक में तीसरा स्थान प्राप्त कर ब्रॉन्ज मेडल घर लेकर जा रही है.''   recent visitors 92

नीरज के रजत पदक जीतने पर CM मोहन यादव ने कहा, ‘आपकी उपलब्धि पर देश को फक्र है’

भोपाल  पेरिस ओलंपिक की जैवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल हासिल किया है. नीरज चोपड़ा लगातार दो ओलंपिक में पदक जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक और फील्ड खिलाड़ी बन गए है. नीरज चोपड़ा की उपलब्धि पर उन्हें देशभर से बधाईयां और शुभकामनाएं दी जा रही है. इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "अप्रतिम, अद्भुत, अतुलनीय. मां भारती के लाड़ले और करोड़ों भारतीयों की आंखों के तारे नीरज चोपड़ा को पेरिस ओलंपिक में रजत पदक जीतने पर हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं. आप निरन्तर ऐसे ही नए- नए इतिहास रचते हुए अपनी गौरवपूर्ण उपलब्धियों से मां भारती को गौरवान्वित करते रहें, हम सबकी शुभकामनाएं सदैव आपके साथ हैं." मुख्यमंत्री ने हॉकी टीम को भी दी बधाई वहीं सीएम मोहन यादव ने भारतीय हॉकी टीम को भी कांस्य पदक जीतने पर बधाई दी है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "चक दे इंडिया, पुरुष हॉकी टीम को पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. आपकी सफलता पर आज समस्त भारतवासी गर्व की अनुभूति कर रहे हैं. आज टीम ने जो बेहतरीन प्रदर्शन किया है, वह भावी खिलाड़ियों को सर्वोच्च सफलता की प्रेरणा देगा. यह हमारे लिए और भी आनंद की बात है कि मध्य प्रदेश के विवेक सागर भी इस विजयी टीम का हिस्सा हैं. बधाई, अभिनंदन." डिप्टी सीएम ने भी नीरज चोपड़ा को दी बधाई वहीं मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने भी एक्स पर पोस्ट कर नीरज चोपड़ा को बधाई दी है. उन्होंने लिखा कि पेरिस ओलंपिक में भाला फेंक प्रतिस्पर्धा के फाइनल मुकाबले में भारतीय एथलीट नीरज चोपड़ा को रजत पदक जीतने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. आपने अथक परिश्रम और उत्कृष्ट खेल कौशल से मां भारती का मान बढ़ाया है और हर भारतीय में गर्व और उत्साह का संचार किया है. recent visitors 113

लोक निर्माण मंत्री मंत्री राकेश सिंह को बीजेपी पार्षद का धक्का लगा, पैर में हुआ फ्रैक्चर

जबलपुर मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह का पैर फ्रैक्चर हो गया है। डॉक्टरों ने आराम करने की सलाह दी है। गुरुवार, 8 अगस्त को वह जबलपुर की कांवड़ा यात्रा में शामिल हुए थे, इस दौरान भाजपा पार्षद का धक्का लग गया, जिससे मंत्री राकेश सिंह लड़खड़ा गए। वह गिरने तो नहीं पाए, लेकिन पैर मुड़ने से मोच आ गई। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह दो दिवसीय दौरे पर गुरुवार को जबलपुर पहुंचे हैं। शाम करीब 4 बजे वे ग्वारीघाट से रामपुर चौराहा तक निकाली जा रही कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। वे हाथ में तिरंगा लेकर सबसे आगे चल रहे थे। यात्रा में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और महिलाएं भी मौजूद रहीं। यात्रा शुरू होने के 50 कदम चले ही थे, तभी भीड़ का धक्का मंत्री के पीछे चल रही भाजपा पार्षद मालती चौधरी को लगा। वह संभल नहीं पाईं और आगे चल रहे राकेश सिंह से टकरा गईं। मंत्री राकेश सिंह का भी बैलेंस बिगड़ गया। वे गिरते-गिरते बचे, लेकिन उनका पैर मुड़ गया। उन्होंने अपना पैर पकड़ लिया और दर्द से कराह उठे। वहां मौजूद लोगों ने मंत्री राकेश सिंह को संभाला। कांवड़ यात्रा में यूं लगा मंत्री को धक्का     लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह गुरुवार को ही जबलपुर पहुंचे थे। शाम 4 बजे ग्वारी घाट से रामपुर चौराहा तक निकाली जा रही कांवड़ यात्रा में वह तिरंगा लेकर आगे आगे चल रहे थे। उनके साथ बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता व महिलाएं चल रहीं थीं।     यात्रा 50 कदम ही चली होगी कि मंत्री के पीछे चल रहीं भाजपा पार्षद मालती चौधरी को भीड़ का धक्का लगा, जिससे वह संभल नहीं पाईं और मंत्री राकेश सिंह से टकरा गईं। पार्षद के धक्के से मंत्री राकेश सिंह का बैलेंस बिगड़ गया। वह गिरते-गिरते बचे। इस दौरान पैर मुड़ गया। पैर में माइनर फ्रैक्चर, बेड रेस्ट की सलाह घटना में मंत्री राकेश सिंह के पैर में माइनर फ्रैक्चर है, उपचार के बाद डॉक्टर ने ज्यादा चलने फिरने से मना किया है। घटना के बाद वह दर्द से कराहने लगे थे। हालांकि, कार्यकर्ताओं ने उन्हें पैरों पर खड़ा करने की कोशिश की, लेकिन असहनीय दर्द के चलते वह चल नहीं पाए। स्टाफ और समर्थक उन्हें डॉक्टर के पास ले गए और एक्सरे करवाया। recent visitors 86

ई-रुपी मॉडल की काटजू अस्पताल से जल्द शुरुआत, गर्भवती महिलाओं की निजी केंद्रों पर होगी निःशुल्क सोनोग्राफी

भोपाल  जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत निश्शुल्क सोनोग्राफी सुविधाओं में विस्तार करते हुए ई रुपी सुविधा शुरू की जा रही है, जिसके माध्यम से शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में आने वाली गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी चिन्हित निजी सोनोग्राफी केंद्रों में निशुल्क होगी। इन केंद्रों पर मिलेगी सुविधा नौ अगस्त को यानी आज एक्सटेंडेड प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अवसर पर ई रूपी माडल की शुरुआत राजधानी के डॉ. कैलाशनाथ काटजू महिला चिकित्सालय से की जाएगी। जिले में पीसीपीएनडीटी एक्ट अंतर्गत पंजीकृत निजी सोनोग्राफी सेंटर द्वारा शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं से भेजी गई गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी की सुविधा निश्शुल्क प्रदान की जाएगी।  निजी क्षेत्र के पंजीकृत सोनोग्राफी सेंटर को सोनोग्राफी उपरांत डिजिटल पेमेंट पद्धति से भुगतान किया जाएगा।जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि निजी क्षेत्र के पंजीकृत सोनोग्राफी सेंटर द्वारा गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी करने के लिए सहमति ली गई है। शासकीय चिकित्सालयों से रेफर गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी निश्शुल्क की जाएगी। recent visitors 65