सेंसेक्स 581 अंक या 0.73 प्रतिशत गिरकर 78,886 और निफ्टी 180 अंक या 0.74 प्रतिशत फिसलकर 24,117 पर बंद हुआ

मुंबई भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को लाल निशान में बंद हुआ। बैंक निफ्टी को छोड़कर बाकी सभी मुख्य सूचकांकों में गिरावट रही। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 581 अंक या 0.73 प्रतिशत गिरकर 78,886 और निफ्टी 180 अंक या 0.74 प्रतिशत फिसलकर 24,117 पर बंद हुआ। बाजार में गिरने वाले शेयरों की संख्या अधिक थी। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर 1,768 शेयर हरे निशान में और 2,137 शेयर लाल निशान में और 105 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए हैं। गुरुवार को आरबीआई द्वारा मौद्रिक नीति कमेटी के फैसले का ऐलान किया गया, जिसमें ब्याज दर को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखा गया। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी गिरावट देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 192 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 56,681 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 76 अंक या 0.41 प्रतिशत गिरकर 18,307 पर बंद हुआ। निफ्टी बैंक 37.70 अंक या 0.08 प्रतिशत बढ़कर 50,156 पर बंद हुआ। आईटी, पीएसयू बैंक, एफएमसीजी, मेटल, रियल्टी, एनर्जी और इन्फ्रा सबसे ज्यादा गिरने वाले इंडेक्स थे। वहीं, फिन सर्विस, फार्मा, मीडिया और प्राइवेट बैंक में तेजी थी। सेंसेक्स पैक में टाटा मोटर्स, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईटीसी, इंडसइंड बैंक और एक्सिस बैंक टॉप गेनर्स रहे। एशियन पेंट्स, इन्फोसिस, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, पावर ग्रिड, एलएंडटी और एचसीएल टेक टॉप लूजर्स थे। आनंद राठी शेयर्स और स्टॉक ब्रोकर्स में मुख्य अर्थशास्त्री और कार्यकारी निदेशक सुजान हाजरा का कहना है कि आरबीआई ने मौद्रिक नीति में ब्याज दरों को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। हालांकि, खाद्य महंगाई अभी भी एक चिंता का विषय बनी हुई है। वहीं, मौद्रिक नीति की अच्छी बात यह है कि चालू वित्त वर्ष के जीडीपी विकास दर अनुमान को 7.2 प्रतिशत पर यथावत रखा गया है। बाजार के हिसाब से यह एक न्यूट्रल मौद्रिक नीति है। recent visitors 77

IDF ने हिजबुल्लाह के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए

तेल अवीव मिडिल ईस्ट में लगातार गहराते जा रहे संकट के बीच इजरायली सेना आईडीएफ (IDF) ने हिजबुल्लाह के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए. आईडीएफ का कहना है कि उन्होंने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के कई ठिकानों पर रातभर ताबड़तोड़ हमले कर उन्हें नष्ट कर दिया. हिजबुल्लाह के ठिकानों पर इजरायल का ये हमला ईरान और लेबान की धमकियों के बीच हुआ है. दरअसल हमास लीडर इस्माइल हानिया की ईरान में की गई हत्या के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है. ईरान ने इजरायल से हानिया की मौत का बदला लेने का ऐलान किया था. राजधानी तेहरान में 31 जुलाई को हुए हमास के मुखिया इस्माइल हानिया के कत्ल से गुस्साए ईरान ने इजरायल को सबक सिखाने की धमकी दी थी और अब ये माना जा रहा है कि ईरान किसी भी वक्त जंग का मोर्चा खोल सकता है. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटी ब्लिंकन ने भी ईरान और हिजबुल्लाह की इन धमकियों के मद्देनजर कहा था कि इजरायल पर ये देश कभी भी हमला कर सकते हैं. लेकिन ईरान और लेबनान की धमकियों को दरकिनार कर इजरायल ने हिजबुल्लाह के कई ठिकाने नेस्तनाबूद कर दिए हैं. ईरान और लेबनान क्यों हैं खफा? इन धमकियों के मद्देनजर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था कि ईरान और उसके गुर्गे हमें आतंकवाद के शिकंजे में जकड़ना चाहते हैं. हम हर मोर्चे पर और हर क्षेत्र में चाहे निकट हो या दूर उनके खिलाफ खड़े होने के लिए दृढ़ हैं. दरअसल, पिछले सप्ताह ईरान की राजधानी तेहरान में हमास चीफ इस्माइल हानिया की हत्या के बाद तनाव बढ़ गया है. इस घटना से एक दिन पहले लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्लाह के शीर्ष सैन्य कमांडर फउद शुकर की हत्या कर दी गई थी. हानिया, गाजा में हमास का चीफ था और वो ईरान के नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने तेहरान गया था. इधर, हिजबुल्लाह ने भी इजरायल को टारगेट बनाना शुरू कर दिया था. हिजबुल्लाह ने बीते शनिवार को इजरायल पर करीब 50 रॉकेट दागे थे. हालांकि इजरायल के आयरन डोम ने इस हमले को नाकाम कर दिया था. ईरान और हिजबुल्लाह की ओर से बदला लिए जाने का ऐलान करने पर मिडिल ईस्ट में बड़े स्तर युद्ध की आशंका बढ़ गई है. इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मौजूदा स्थिति पर चर्चा के लिए इमरजेंसी मीटिंग की थी. पेंटागन ने आगे की स्थिति को रोकने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य बलों की तैनाती का ऐलान किया है.   recent visitors 76

सिंधिया की जगह कौन जाएगा राज्यसभा ? 3 सितंबर को होगा चुनाव ?

गुना केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya sindhiya) के राज्यसभा (Rajyasabha) से इस्तीफा देने के बाद राज्यसभा की एक सीट खाली हो गई थी. जिस पर अब निर्वाचन आयोग (election commission of india) जल्द ही चुनाव कराने वाला है. चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सवाल उठ रहा है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) मध्य प्रदेश के कोटे से किसे राज्यसभा भेजती है. इस रेस में कई सारे नाम इस समय चल रहे हैं. लेकिन, दांव किस नाम पर लगेगा? ये बड़ा सवाल है. आइये इस सवाल को समझने की कोशिश करते हैं. आपको बता दें लोकसभा चुनाव में गुना लोकसभा सीट (Guna Loksabha) से ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya sindhiya0 को टिकिट दिया गया था. इस सीट से प्रचंड जीत के बाद उन्हें मोदी कैबिनेट में जगह मिली. जिसके बाद उन्होंने राज्यसभा सीट से इस्तीफा दे दिया. जिस सीट से सिंधिया राज्यसभा सांसद थे. उस सीट का कार्यकाल ढेड़ साल से भी अधिक का बचा हुआ है. ऐसे में इस सीट पर एक बार फिर चुनाव होने वाले हैं. अंक गणित में बीजेपी मजबूत है तो साफ तौर पर ये सीट एक बार फिर बीजेपी के पाले में जाएगी. बीजेपी किसे बनाएगी अपना प्रत्याशी? खाली हुई राज्यसभा सीट पर प्रदेश के कई दावेदार नजर आ रहे हैं. कई नाम काफी तेजी से चर्चा में हैं. लेकिन इन सब में सबसे ज्यादा मजबूती से केपी यादव (KP YADAV) का नाम सामने आ रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने गुना लोकसभा सीट से प्रत्याशी केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पक्ष में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था, "गुना वालों को दो नेता मिलेंगे" "एक ज्योतिरादित्य सिंधिया और दूसरे केपी यादव, केपी की चिंता आप मुझ पर छोड़ दो" "अब केपी यादव को आगे बढ़ाने का काम हमारा है"   26 अप्रैल को गुना में एक चुनाव प्रचार रैली को संबोधित करते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संकेत दिया था कि केपी सिंह यादव के 'राजनीतिक भविष्य' के बारे में किसी को चिंतित होने की ज़रूरत नहीं है। शाह ने कहा कि बीजेपी यादव को बड़ी जिम्मेदारी देगी। केंद्रीय गृह मंत्री शाह का वादा राजनीतिक हलकों में कई लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर रहा है कि शायद सिंधिया और यादव के बीच साफ-सुथरी अदला-बदली होगी। सिंधिया लोकसभा में जाएंगे, जबकि यादव राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री का स्थान लेंगे। हालांकि, मध्य प्रदेश में बीजेपी के दावेदारों के लिए एक बड़ी बाधा है। हमारे सहयोगी समाचार पत्र टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए, राज्य के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, 'मध्य प्रदेश में 163 विधायकों के साथ हमारी सरकार है, राज्य के सभी 29 लोकसभा सांसद भाजपा से हैं और यहां से पांच केंद्रीय मंत्री हैं। तमिलनाडु, तेलंगाना जैसे ऐसे राज्य हैं जहां हमारा प्रतिनिधित्व बहुत कम है। साथ ही, हमारे स्मृति ईरानी और अर्जुन मुंडा जैसे पूर्व केंद्रीय मंत्री भी हैं जो हार गए। अभी यह अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी कि ज्योतिरादित्य सिंधिया की जगह किसे राज्यसभा भेजा जाएगा। संभावना यह है कि इस सीट का इस्तेमाल उस राज्य को प्रतिनिधित्व देने के लिए किया जा सकता है जहां भाजपा के पास ज्यादा सांसद नहीं हैं।' राज्यसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव की तारीख का ऐलान होने के साथ ही मध्यप्रदेश में इस बात की चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं कि ज्योतिरादित्य सिंधिया की सीट पर आखिर कौन से नेता को राज्यसभा भेजा जाएगा? मध्य प्रदेश में वर्तमान में विधानसभा में सदस्य संख्या के हिसाब से देखा जाए तो खाली होने वाली राज्यसभा की सीट फिर भाजपा के खाते में जाना तय मानी जा रही है। सिंधिया की जगह कौन जाएगा राज्यसभा ?   ज्योतिरादित्य सिंधिया के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद राज्यसभा में रिक्त हुई सीट पर आखिर कौन राज्यसभा जाएगा ये सवाल अब मध्यप्रदेश के राजनीतिक गलियारों में तेजी से उठ रहा है। कुछ दिग्गज नेताओं के नाम की सुगबुगाहट भी चल रही है तो चलिए आपको बताते हैं उन दिग्गज नेताओं के बारे में जिनके नाम की चर्चाएं जोरों पर हैं। केपी यादव– सबसे पहला नाम केपी यादव का है। गुना-शिवपुरी सीट पर ज्योतरादित्य सिंधिया को चुनाव हराने वाले केपी यादव को 2024 के लोकसभा चुनावों ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए अपनी सीट खाली करनी पड़ी थी। लोकसभा चुनाव में गृहमंत्री अमित शाह ने गुना की जनसभा में केपी समर्थकों से निराश न होने की अपील करते हुए उनके नेता को उपयुक्त जिम्मेदारी देने का वादा किया था। ऐसे में उम्मीद है कि राज्यसभा का उपचुनाव शाह के वादे को पूरा करने का उपयुक्त समय साबित होगा। नरोत्तम मिश्रा– मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम भी इस सीट के लिए चर्चाओं में है। विगत विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के लाखों नेताओं और कार्यकर्ताओं को भाजपा में शामिल करने में अहम भूमिका निभाने वाले नरोत्तम मिश्रा को भी पार्टी हाईकमान बड़ी जिम्मेदारी दे सकता है। जयभान सिंह पवैया- भाजपा के वरिष्ठ नेता जयभान पवैया का नाम भी उन नेताओं में शामिल बताया जा रहा है जो कि राज्यसभा जा सकते हैं। हिंदुत्ववादी चेहरे क तौर पर पवैया संघ के करीबी भी हैं। सुरेश पचौरी– लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले पूर्व मंत्री सुरेश पचौरी के नाम की चर्चाएं भी राजनीतिक गलियारों में उठ रही हैं। ये राज्यसभा सदस्य चुनकर पहुंचे लोकसभा राज्यसभा की जिन 12 सीटों पर चुनाव की तारीखों का ऐलान किया गया है बता दें कि उनमें से 10 सीटें तो राज्यसभा सांसदों के लोकसभा चुनाव जीतने के कारण खाली हुई हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (महाराष्ट्र), दीपेंद्र सिंह हुडा (हरियाणा), ज्योतिरादित्य सिंधिया (मध्य प्रदेश), कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल (राजस्थान), राजद की मीसा भारती (बिहार), भाजपा के नवादा से सांसद विवेक ठाकुर (बिहार), असम से कामाख्या प्रसाद तासा और सर्बानंद सोनोवाल हैं। इनके अलावा त्रिपुरा से बिप्लब कुमार देब भी लोकसभा चुनाव जीतने वालों में शामिल हैं। इनके इस्तीफे से ये सीटें खाली हुई हैं।इनके अलावा बीआरएस सांसद के.केशव राव ने 5 जुलाई को और बीजेडी सांसद ममता मोहंता ने 31 जुलाई को राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था। recent visitors 67

चार लाख रुपये लेकर भागे बदमाश, राजस्थान-जयपुर में कार से बांधकर एटीएम उखाड़ा

जयपुर. करधनी थाना इलाके में बदमाश कार से बांधकर एटीएम उखाड़ कर ले गए। वारदात के समय एटीएम में चार लाख रुपये से ज्यादा की राशि रखी थी। बदमाश एक लग्जरी कार में सवार होकर आए थे। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश कर रही है। थानाधिकारी विरेन्द्र सिंह ने बताया कि थाना इलाके में स्थित  गोकुलपुरा फाटक के पास हिताची बैंक का एटीएम लगा हुआ है। सुबह करीब सवा पांच बजे कार में सवार होकर चार-पांच बदमाश पहुंचे और सबसे पहले एटीएम का गेट तोड़ दिया। इसके बाद रस्सी से एटीएम को बांधा और कार से खींचकर उखाड़ लिया। इसके बाद बदमाशों ने एटीएम को कार में डाला और लेकर फरार हो गए। राहगीर की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और ए श्रेणी की नाकाबंदी करवाई, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। थानाधिकारी ने बताया कि बदमाश फॉर्च्युनर कार में सवार होकर आए थे। बदमाशों ने कार से ही एटीएम को उखाड़ा और गाड़ी में डालकर रवाना हो गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में नाकाबंदी करवाई गई। जयपुर से बाहर जाने वाले रास्तों पर भी पुलिस जाब्ता तैनात कर निगरानी रखी जा रही है। एटीएम में करीब 4.41 लाख रुपये थे। जयपुर कमिश्नरेट की सीएसटी और डीएसटी टीम भी मौके पर पहुंची। एटीएम में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की खोजबीन की जारी है। बदमाशों ने चेहरे पर नकाब बांध रखा था। recent visitors 80

भारत एक मजबूत देश है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बहुत मजबूत नेता, इसलिए भारत में इस तरह की अराजकता की बात करना निंदनीय है- विजयवर्गीय

इंदौर बांग्लादेश के हालात किसी से छिपे नहीं हैं. इस पर अब देश के कई नेताओं के बयान भी सामने आने लगे हैं. बीते दिन कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भी बयान दिया. इस बयान पर मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की एक टिप्पणी पर पलटवार करते हुए उन्हें 'हताश' करार दिया. मंगलवार रात एक पुस्तक के विमोचन समारोह में खुर्शीद ने कहा था, ऊपरी तौर पर भले ही सब कुछ सामान्य लगे, लेकिन बांग्लादेश में जो हो रहा है, वह भारत में भी हो सकता है.'' खुर्शीद ने यह टिप्पणी शिक्षाविद मुजीब-उर-रहमान की किताब 'शिकवा-ए-हिंद: द पॉलिटिकल फ्यूचर ऑफ इंडियन मुस्लिम्स' के विमोचन के मौके पर की. मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पलटवार बांग्लादेश में सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से इस्तीफा देकर देश छोड़कर भागना पड़ा है. हसीना फिलहाल भारत के उत्तर प्रदेश स्थित गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस के सेफ हाउस में हैं.  खुर्शीद की टिप्पणी पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, उन्हें समझना चाहिए कि यह (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी जी का देश है. यह भारत है. बयान देकर अराजकता फैलाने की कोशिश करने वाले ऐसे हताश नेताओं को शर्म आनी चाहिए. एक अन्य सवाल के जवाब में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कहा कि जो लोग पाकिस्तान का चेहरा बनकर काम कर रहे थे, वे अब भारत, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हालात को समझ गए हैं.  मोहन सरकार के मंत्री विजयवर्गीय ने आगे कहा, भारत एक मजबूत देश है और इसके नेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बहुत मजबूत नेता हैं. इसलिए भारत में इस तरह की अराजकता की बात करना निंदनीय है.  recent visitors 81

20 साल से फरार होकर बना गौशाला प्रभारी, राजस्थान-भरतपुर में सीबीआई ने बैंक धोखाधड़ी के आरोपी को पकड़ा

भरतपुर. केंद्रीय जांच ब्यूरो ने बैंक धोखाधड़ी मामले में 20 साल से फरार चल रहे घोषित अपराधी वी. चलपति राव को गिरफ्तार किया है। आरोपी करीब दो साल से भरतपुर की एक गौशाला में साधु के भेष में नाम बदलकर प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहा था। आरोपी की असलियत का पता उस समय लगा जब सीबीआई की टीम 'अपना घर' आश्रम पहुंची। आरोपी को एक अदालत ने कुछ साल पहले मृत घोषित कर दिया था। सीबीआई ने कहा कि वी. चलपति राव ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कई बार अपनी पहचान और जगह बदली। मई 2002 में सीबीआई ने आरोपी के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 50 लाख रुपये की बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। आरोपी घटना के समय राव हैदराबाद में भारतीय स्टेट बैंक की चंदूलाल बिरादरी शाखा में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत था। उस पर बैंक से 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा था, लेकिन जैसे ही पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंचती वो लापता हो गया। आरोपी 2004 से लापता था और कथित तौर पर लापता होने के सात साल बाद राव को हैदराबाद सिविल कोर्ट ने मृत घोषित करने का आदेश दिया। 'अपना घर आश्रम' संचालक डॉ. बीएम भारद्वाज ने बताया कि 23 जुलाई 2022 को एक व्यक्ति साधु के भेष में घर आश्रम में पहुंचा था। उसने अपना नाम विधितात्मानंद तीर्थ बताने के साथ कहा कि आपके आश्रम के बारे में मैंने बहुत सुना है। आप जिस तरह से बेसहारा लोगों की सेवा कर रहे हैं कोई नहीं कर सकता। मैं इस आश्रम में रहकर बेसहारा लोगों की सेवा करना चाहता हूं। उस व्यक्ति पर भरोसा कर लिया। उसी साल नगर निगम की इकरन स्थित गौशाला को गोद लिया था। इसी व्यक्ति को उस गौशाला का प्रभारी बना दिया। यह व्यक्ति साधु के भेष में था तो सभी लोग सम्मान करते थे और करीब दो साल से यह गौशाला में प्रभारी के रूप में कार्य कर रहा था। 8 जुलाई, 2024 को अपने गुरु का स्वास्थ्य खराब होने की बात बोलकर यह व्यक्ति गौशाला से चला गया था। बीते दिनों आश्रम में सीबीआई टीम पहुंची तब इस व्यक्ति का सच पता चला। सीबीआई की टीम संबंधित कागजात और जानकारी ली थी। आरोपी भरतपुर से वे तिरुनेलवेली पहुंचा और इस बीच उसने करीब 10 बार अपना मोबाइल फोन नंबर बदला और समुद्र के रास्ते श्रीलंका भागने की फिराक में था। सीबीआई की टीम ने चार अगस्त को उसे तिरुनेलवेली के नरसिंगनल्लूर गांव से गिरफ्तार कर लिया। उसे एक स्थानीय अदालत में ले जाया गया, जहां उसे 16 अगस्त तक हिरासत में भेज दिया है। recent visitors 116

रक्षा मंत्री सिंह ने मनु भाकर के साथ तस्वीर साझा करते हुए कहा- हर भारतीय उनके अविश्वसनीय प्रदर्शन से उत्साहित है

नई दिल्ली पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतने वाली ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। रक्षा मंत्री सिंह ने एक्स पर मनु भाकर के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए कहा कि हर भारतीय "उनके अविश्वसनीय प्रदर्शन से उत्साहित है।" मनु भाकर से मिलकर बहुत खुशी हुई- राजनाथ सिंह राजनाथ सिंह ने कहा, "भारत की शीर्ष निशानेबाज मनु भाकर से मिलकर बहुत खुशी हुई, जिन्होंने पेरिस ओलंपिक में देश के लिए दो कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। हर भारतीय उनके अविश्वसनीय प्रदर्शन से उत्साहित है। उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।" इससे पहले दिन में हरियाणा के 22 वर्षीय निशानेबाज ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके बेटे एवं कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा से भी मुलाकात की। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने ओलंपिक में मनु भाकर के असाधारण प्रदर्शन के लिए उन्हें बधाई देते हुए कहा, "हमारी बहन मनु भाकर को बधाई, जिन्होंने देश का गौरव बढ़ाने का काम किया है।" कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, "स्वतंत्र भारत की पहली खिलाड़ी जिसने एक ही ओलंपिक में दो पदक जीते हैं, यह हमारे लिए किसी गर्व की बात से कम नहीं है।" इससे पहले बुधवार को मनु भाकर ने नई दिल्ली में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। कांग्रेस पार्टी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "आज मनु भाकर, जिन्होंने पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया, ने सीपीपी अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी से मुलाकात की।" भाकर ने मौजूदा ओलंपिक में भारत के लिए पदक तालिका में पहला स्थान हासिल किया जब उन्होंने महिलाओं की व्यक्तिगत 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल किया, और भारत के लिए ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली महिला निशानेबाज बन गईं। इसके बाद, सरबजोत सिंह और भाकर ने 10 मीटर एयर पिस्टल (मिश्रित टीम) स्पर्धा में कांस्य पदक जीता, जो भारत का पहला शूटिंग टीम पदक था।  पेरिस से तीन पदक जीतने का उनका मौका था। लेकिन अपने अंतिम इवेंट में, वह ऐतिहासिक ग्रैंड ट्रिपल से चूक गईं और महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल शूटिंग स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहीं। recent visitors 87