महिला तैराक को खूबसूरत होना पड़ा भारी, पैराग्वे की तैराक को पेरिस ओलंपिक से वापस घर भेज दिया गया …

एसनशिओन पेरिस ओलंपिक से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। हाल में खबर आई थी कि पैराग्वे की स्विमर लुआना अलोंसो को खराब रवैये के चलते पेरिस ओलंपिक से वापस घर भेज दिया गया है, जिसके बाद उन्होंने स्विमिंग से रिटायरमेंट भी ले लिया। लेकिन सच कुछ और ही है। फ्रांस में आयोजित पेरिस 2024 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों का अब तक का सबसे बड़ा आयोजन हो रहा है। ओलंपिक खेल 26 जुलाई से शुरू हुए हैं और 11 अगस्त तक चलेंगे। इस दौरान होने वाले हर खेल और उसमें जीत-हार इतिहास में दर्ज हो जाएंगे। इस समय हर दिन अलग-अलग देशों से अलग-अलग खेलों में खिलाड़ियों की जीत की खबरें आ रही हैं। हाल में खबर आई थी कि पैराग्वे की स्विमर लुआना अलोंसो को खराब रवैये के चलते पेरिस ओलंपिक से वापस घर भेज दिया गया है, जिसके बाद उन्होंने स्विमिंग से रिटायरमेंट भी ले लिया। लेकिन अब आई जानकारी कुछ और ही कहती है। Economic Times की एक रिपोर्ट के अनुसार, लुआना को घर इसलिए भेजा गया है क्योंकि उनकी बेशुमार खूबसूरती टीम के बाकी खिलाड़ियों को भटका रही है। ब्लास्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, लुआना ने अपनी सुंदरता के कारण पेरिस ओलंपिक में कई लोगों का दिल जीता था, ज्यादातर पेरिस ओलंपिक के एथलीटों का, और यह उनके लिए काफी महंगा साबित हुआ। क्योंकि उनके साथी उनकी सुंदरता को संभाल नहीं सके। वहीं पैराग्वे लौटने के बाद, लुआना ने तैराकी से संन्यास की घोषणा करके सभी को चौंका दिया है। हालांकि, आगे उनका क्या प्लान है, इसका उन्होंने कोई खुलासा नहीं किया है। भले ही लुआना कंपटीशन के फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकीं थीं, लेकिन फिर भी एथलीटों को पेरिस खेलों की आधिकारिक क्लोजिंग तक ओलंपिक विलेज में रहने की अनुमति होती है, जो कि 11 अगस्त को होनी है। लेकिन, लुआना को कथित तौर पर ओलंपिक विलेज के अंदर अपना आवास खाली करने के लिए कह दिया गया था और अलोंसो को अपने घर लौटना पड़ा था। कथित तौर पर उनकी राष्ट्रीय टीम के प्रबंधक ने दावा किया था कि उनकी उपस्थिति से पैराग्वे की पूरी टीम पर गलत प्रभाव पड़ रहा था। हालांकि, लुआना ने खुद अभी तक ओलंपिक विलेज छोड़ने को कहे जाने वाले मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की है। बताते चलें कि पेरिस ओलंपिक में भारत ने अब तक 3 मेडल जीत लिए हैं। यह तीनों ब्रॉन्ज हैं, जो शूटिंग में आए हैं। सबसे पहले मनु भाकर ने 10 मीटर एयर पिस्टल में ब्रॉन्ज दिलाया। फिर दूसरा ब्रॉन्ज भी मनु भाकर ने मिक्स्ड टीम इवेंट में दिलाया। उनके साथ सरबजोत सिंह भी टीम में थे। तीसरा ब्रॉन्ज मेडल स्वप्निल कुसाले ने शूटिंग की मेन्स 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में दिलाया। recent visitors 80

ममता कुलकर्णी के खिलाफ दर्ज FIR को HC ने रद्द किया, ड्रग्स केस में बड़ी राहत

मुंबई बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी के खिलाफ दर्ज साल 2016 में दर्ज किए गए ड्रग्स मामले को खारिज कर दिया है. अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ कार्यवाही स्पष्ट रूप से तुच्छ और परेशान करने वाली थी और इसे जारी रखना अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने जैसा होगा. न्यायमूर्ति भारती डांगरे और न्यायमूर्ति मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने 22 जुलाई को पारित एक आदेश में कहा कि यह 'स्पष्ट राय' है कि ममता कुलकर्णी के खिलाफ एकत्र की गई सामग्री प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ कोई अपराध नहीं बनाती है. पीटीआई के मुताबिक, हाई कोर्ट के इस आदेश की एक प्रति बुधवार को उपलब्ध कराई गई. पीठ ने अपने आदेश में कहा, 'हम संतुष्ट हैं कि याचिकाकर्ता (ममता कुलकर्णी) के खिलाफ अभियोजन जारी रखना अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने जैसा होगा.' अदालत ने कहा कि वह संतुष्ट है कि यह एफआईआर को रद्द करने के लिए अपनी अंतर्निहित शक्तियों का प्रयोग करने के लिए एक उपयुक्त मामला है क्योंकि कार्यवाही स्पष्ट रूप से तुच्छ और परेशान करने वाली है. ममता कुलकर्णी ने साल 2016 में ठाणे पुलिस द्वारा नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने के लिए अदालत में याचिका दायर की थी. जिसमें ममता ने दावा किया था कि उन्हें इस मामले में फंसाया गया है और वह केवल एक सह-आरोपी विक्की गोस्वामी से परिचित थी. असल में पुलिस ने अप्रैल 2016 में एक किलोग्राम इफेड्रिन नामक मादक पदार्थ के कथित कब्जे के लिए दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था. प्रारंभिक जांच के बाद कुलकर्णी सहित 10 और व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. अभियोजन पक्ष का मामला यह है कि कुलकर्णी ने विक्की गोस्वामी सहित अन्य सह-आरोपियों के साथ जनवरी 2016 में केन्या के एक होटल में मादक पदार्थों की बिक्री और खरीद के लिए एक साजिश बैठक की थी. पीठ ने आरोपपत्र में प्रस्तुत गवाहों के बयानों और अन्य साक्ष्यों का अवलोकन किया और पाया कि कथित साजिश के लिए एक बैठक केन्या के होटल के डाइनिंग हॉल में हुई थी और जहां ममता डाइनिंग टेबल के बगल में सोफे पर बैठी थी. अदालत ने कहा कि उसका मानना ​​है कि आरोपपत्र में प्रस्तुत सामग्री एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत ममता कुलकर्णी के खिलाफ लगाए गए आरोप को कायम रखने के लिए पर्याप्त नहीं है. खंडपीठ ने कहा, 'याचिकाकर्ता (ममता कुलकर्णी) की केवल एक बैठक में उपस्थिति, यहां तक ​​कि आरोपपत्र में दर्शाई गई सामग्री को स्वीकार करने पर भी, आरोपपत्र में लगाए गए प्रावधानों के तहत दोषसिद्धि को कायम रखने के लिए निश्चित रूप से पर्याप्त नहीं होगी.'   recent visitors 105

ब्लिंकन ने कहा कि US ने ईरान और इजरायल को संघर्ष न बढ़ाने की जरूरत

पेंटागन मिडिल ईस्ट में जंग के हालात बने हुए हैं. ईरान और इजरायल के बीच जहां भारी तनाव देखा जा रहा है, वहीं लेबनान के हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच कभी भी लड़ाई छिड़ सकती है. ऐसे में अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के लेकर चेतावानी दी है. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि ईरान और इजरायल को सूचित किया गया है कि उनके बीच संघर्ष नहीं बढ़ना चाहिए ये किसी के भी हित में नहीं हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, ''हम मध्य पूर्व में तनाव कम करने और संघर्ष को फैलने से रोकने के लिए लगातार काम कर रहे हैं. पिछले कुछ दिनों में हम इस क्षेत्र के भागीदारों के साथ लगातार संपर्क में हैं. उनसे बातचीत में हमने एक आम सहमति सुनी है. किसी को भी इस संघर्ष को नहीं बढ़ाना चाहिए. हम सहयोगियों और भागीदारों के साथ गहन कूटनीति में लगे हुए हैं. ईरान और इजराइल को संघर्ष रोकने का संदेश दिया है.'' एंटनी ब्लिंकन ने गाजा में जल्द युद्धविराम की भी बात कही है. उन्होंने कहा कि गाजा में युद्धविराम के लिए चल रही बातचीत अंतिम दौर में हैं. जल्द ही संघर्ष विराम हो सकता है. उन्होंने कहा, यह बात सच है कि हम गाजा में युद्ध विराम के निर्णायक दौर में हैं. राष्ट्रपति बाइडेन ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह और कतर के अमीर तमीम से बात की है. ये दोनों देश अमेरिका के साथ मध्यस्थता कर रहे हैं.'' बताते चलें कि इजरायल और ईरान के बीत जंग की आशंका को देखते हुए अमेरिका ने जबरदस्त तैयारी शुरू कर दी है. अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने एहतियात के तौर पर इस इलाके में एक कैरियर स्ट्राइक ग्रुप यानी विमान वाहक पोत तैनात किया है. इसके साथ ही फाइटर जेट स्क्वाड्रन, क्रूजर और डेस्ट्रॉयर को भी मोर्चे पर लगाया गया है. यूएसएस अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप को भेजा गया है. इसके अलावा मिडिल ईस्ट में पहले से मौजूद यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को वापस बुलाया गया है. ये तैनाती इस बात का सबूत है कि ईरान और इज़रायल के बीच जंग का खतरा किस कदर बढ़ता जा रहा है. 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए हमले और गाजा पर चल रही इजरायल की जवाबी कार्रवाई के बाद ये पहला मौका है, जब इतने बड़े स्तर पर इलके में फौजी लामबंदी चल रही है. पेंटागन ने शुरू में इस इलाके में हमास, हूती और हिज्बुल्लाह सरीखे संगठनों को जवाब देने और उन्हें काबू में रखने के लिए दो कैरियर स्ट्राइक ग्रुप तैनात किए थे, लेकिन अब इसके अलावा भी तैनाती चल रही है. इसके अलावा अमेरिका ने मिडिल ईस्ट और भूमध्य सागर में बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम से लैस डिस्ट्रॉयर और क्रूजर भेजे हैं. दो अमेरिकी डिस्ट्रॉयर इजरायल के खिलाफ ईरानी मिसाइल हमले को रोकने में शामिल रहे थे. पेंटागन ने ये भी साफ किया है कि मिसाइल डिफेंस फोर्स को भी अलर्ट पर रखा गया है. ये फैसला इस बात का सबूत है कि अमेरिका हर हाल में इजरायल की मदद के लिए तैयार है. अमेरिका का कहना है कि वो मिडिल ईस्ट में जंग को बढ़ावा नहीं देना चाहता, लेकिन लेकिन इजरायल की मदद करने के मामले में वो कमी भी नहीं करना चाहता. यही वजह है कि अमेरिका लगातार इजरायल को अपने समर्थन की बात दोहरा रहा है.   recent visitors 85

चमकती और उज्ज्वल त्वचा के लिए प्राचीन महिलाओं के सौंदर्य रहस्य

महिलाओं की खूबसूरती पर तो हर कोई दिवाना हुआ जाता है और ये कोई आज की बात नहीं है बल्कि प्राचीन काल में भी औरतें अपनी खूबसूरती से राजा-महाराजाओं के दिलों पर राज करती थीं। दिखने में अप्सरा सी ये महिलाएं आखिर लगाती क्या थीं कि उनकी त्वचा एकदम बेदाग और निखरी हुई नजर आती थी? उनकी खूबसूरती का ये राज छिपा है आपके किचन में, जिसपर शायद आपकी दिन में कई दफा नजर पड़ती है। हम किसकी बात कर रहे है? हम बात कर रहे हैं कच्चे दूध, हल्दी, चंदन, और शहद की। जिन्हें को अलग-अलग तरीकों से अपने चेहरे और शरीर पर लगाती थीं और सूरज सी चमकदार त्वचा पाती थीं। अगर आप भी वैसा ही निखार पाना चाहती हैं तो इन चीजों को हमारे बताए तरीकों से इस्तेमाल कर सकती हैं। प्राचीन काल की महिलाओं की सुंदरता का राज बता दें कि पहले के जमाने में जहां साबुन नहीं हुआ करता था, तब भी महिलाएं अपने शरीर को साफ रखती थीं। जैसा कि हमने बताया कि इसके लिए वो कच्चे दूध, हल्दी, चंदन, और शहद का इस्तेमाल करती थी। लेकिन प्राचीन काल की महिलाएं इन्हें एक नहीं बल्कि अलग-अलग तरीकों से मिक्स करके लगाया करती थीं। कैसे? आइए आपको बताते हैं। इन दो चीजों से पाती थीं चेहरे पर निखार प्राचीन काल की महिलाएं खूबसूरत दिखने के लिए रोज सुबह उठकर कच्चे दूध में हल्दी भिगोकर लगाती थीं। बता दें कि आज भी कई मांएं अपनी बेटियों को इस नुस्खे के बारे में बताती हैं। कच्चे दूध को चेहरे पर लगाने से दाग-धब्बे कम होते हैं और गंदगी साफ होती है। साथ ही हल्दी में मौजूद एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं जो कील-मुंहासों को कम करने, सूजन, जलन और रेडनेस के साथ-साथ डेड स्किन सेल्स को भी कम करने में फायदेमंद होता है। नहाने के लिए करती थीं इस लेप का इस्तेमाल चेहरे की चमक तो हर कोई ले आता है लेकिन शरीर को भी उसी तरह साफ करना अलग बात होती है, जिसके लिए प्राचीन काल की महिलाएं चंदन, पानी और शहद से बने लेप का इस्तेमाल करती थी। जिसे वो नहाने के लिए उपयोग करती थीं। ये लेप बॉडी स्क्रब का भी काम करता है इसलिए आप भी इसका इस्तेमाल करके अपने शरीर की गंदगी को साफ कर सकते हैं। रात को लगाती थीं चंदन का फेस पैक प्राचीन काल में महिलाएं राज को सोने से पहले अपने चेहरे पर चंदन का फेस पैक लगाया करती थीं, जिसमें कच्चा दूध, और शहद भी मिलाया जाता था। इससे दिनभर चेहरे पर जमी गंदगी तो साफ होती ही थी, साथ ही सुबह उन्हें चमकदार त्वचा मिलती थी। आप भी इस फेस पैक को रात को सोने से पहले लगा सकती हैं और सोने से पहले फेस वॉश करके निखार पा सकती हैं। recent visitors 128

आन की खातिर हत्या: भाई ने बहन को बीच सड़क पर पीटा, फिर गला दबाकर कर दी हत्या, तमाशा देखती रही भीड़

मेरठ मेरठ में एक भाई ने अपनी नाबालिग बहन की गला दबाकर सिर्फ इसलिए हत्या कर दी क्योंकि वो अपनी पसंद के लड़के से शादी करना चाहती थी. ऐसा नहीं है कि आरोपी ने इस वारदात को घर में अंजाम दिया हो. उसने बीच सड़क पर पहले 16 साल की बहन को पटक दिया और फिर गला दबाकर मार डाला. इस दौरान वहां कई लोग मौजूद थे, जो इसका वीडियो बना रहे थे, लेकिन किसी ने उस किशोरी की जान नहीं बचाई. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. यह घटना इंचौली थाना इलाके के नंगला शेखू गांव की है, जहां हसीन (26) नाम के युवक ने अपनी छोटी बहन अमरीशा (16) को सरेआम बीच चौराहे पर गला दबाकर मार डाला. अमरीशा ने खुद को बचाने का प्रयास किया, लेकिन वो भाई की मजबूत पकड़ से निकल नहीं सकी. भाई के ऊपर खून का ऐसा भूत सवार था कि उसने रिश्तों को ताक पर रखकर छोटी बहन को खत्म करने का ठान लिया था. इस दौरान किशोरी अपने हाथ-पैर झटपटाते हुए मदद की गुहार लगा रही थी, लेकिन वहां मौजूद भीड़ में कोई ऐसा नहीं निकला, जो उस मासूम की जान बचा सकता. इससे ज्यादा शर्मनाक तो ये रहा कि कुछ लोग हत्या का वीडियो बनाने में लगे रहे.   दूसरे समुदाय के युवक से था किशोरी का प्रेम-प्रसंग न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, दरअसल नंगला शेखू गांव के रहने वे जुम्मन उर्फ शहजाद की 16 साल की बेटी अमरीशा का दूसरे समुदाय के एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था. यहां तक कि वो कुछ दिनों पहले उस युवक के साथ भाग भी गई थी, जिसके बाद अमरीशा के घर वालों ने युवक पर अपहरण का केस लगाकर जेल भी भिजवाया था, लेकिन हाल ही में वह जमानत पर छूटकर आया था. उसके बाद से ही अमरीशा अपने प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी थी. इस बात को लेकर बीते कुछ दिनों से घर पर लगातार विवाद चल रहा था.   घर के लोग काम पर गए थे तभी दोनों के बीच हुई थी लड़ाई बुधवार की सुबह जब मां और पिता समेत पूरा परिवार काम पर चला गया तो किशोरी की मांग पर बड़े भाई हसीन का पारा चढ़ गया. इसके बाद दोनों के बीच मारपीट भी हो गई. गुस्साई अमरीशा घर छोड़कर जाने लगी तो हसीन ने उसे बीच रास्ते दबोच लिया. उसे सड़क पर गिराकर गला दबाकर मार डाला. दर्जनों लोगों की भीड़ मौके पर मौजूद थी, लेकिन किसी ने अमरीशा को नहीं बचाया. कत्ल करने के बाद आरोपी भाई हसीन वहीं लाश के पास बैठकर रोता रहा. मां की तहरीर पर दर्ज हुआ हत्या का केस इंचौली पुलिस ने मृतक किशोरी की मां की तहरीर पर बेटे हसीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है. मृतका का पिता बैंड की दुकान पर काम करता है. उसके आठ बच्चे हैं. सबसे बड़ा लड़का हसीन गाजियाबाद की किसी प्राइवेट कंपनी में काम करता है. हत्यारोपी भाई के परिवार मं पत्नी और दो बच्चे हैं.   पुलिस ने इस मामले में क्या बताया? एसपी (ग्रामीण) कमलेश बहादुर ने बताया कि हमने एक हसीन नाम को गिरफ्तार किया है, जिसने इंचौली पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक तर्क के बाद अपनी नाबालिग बहन का गला घोंट दिया था. पीड़िता का अपने परिवार की इच्छा के खिलाफ दूसरे समुदाय के एक व्यक्ति के साथ संबंध था और कुछ महीने पहले वह उसके साथ भाग भी गई थी. recent visitors 135

भोपाल एम्स में रोबोट करेंगे मरीजों का ऑपरेशन? एम्स प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

Will robots operate on patients in Bhopal AIIMS? AIIMS administration released helpline number

Will robots operate on patients in Bhopal AIIMS? AIIMS administration released helpline number

600 बांग्लादेशी कर रहे थे घुसपैठ, BSF ने चालाकी से खदेड़ा, अलर्ट मोड पर सेना

नईदिल्ली बांग्लादेश में हिंसा और सियासी अफरा-तफरी के बीच वहां के आतंकी इस मौके का फायदा उठाना चाहते हैं. खुफिया सूत्रों के मुताबिक बांग्लादेश के रेडिकल ग्रुप भीड़ का सहारा लेकर भारत में घुसपैठ करने की तलाश में हैं. इस तरह की खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद BSF को हाई अलर्ट पर रखा गया है. दरअसल, बांग्लादेश में इस समय जो हालात हैं, उसे देखते हुए भारत- बांग्लादेश बॉर्डर पर बहुत से बांग्लादेशी नागरिक भारत आने की कोशिश कर रहे हैं. घुसपैठ की इस कोशिश के बीच भीड़ का सहारा लेकर रेडिकल ग्रुप भारत में घुस सकते हैं. इसके चलते BSF को बॉर्डर पर बड़े स्तर पर चौकन्ना किया गया है. बॉर्डर पर बढ़ाई BSF ने बढ़ाई चौकसी सुरक्षा एजेंसियों ने एक अलर्ट जारी कर कहा है कि बांग्लादेश से प्रतिबंधित इस्लामी आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) और अंसारूल्लाह बांग्ला टीम(ABT) के आतंकवादी के साथ ही दूसरे अपराधी वहां की जेलों से भाग गए हैं. ये आतंकी घुसपैठ कर सकते हैं, इसलिए अतिरिक्त चौकसी बरती जाए. यूनुस आज संभालेंगे बांग्लादेश की कमान बता दें कि शेख हसीना के इस्तीफा देने और भारत आने के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए चुना गया है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार आज (8 अगस्त) शपथ लेने वाली है. यूनुस अंतरिम सरकार का नेतृत्व संभालने के लिए पेरिस से आज ही ढाका लौट रहे हैं.  इसी कड़ी में आशंका जताई जा ही थी कि बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक भारत में घुसपैठ कर सकते हैं। बुधवार को भारत-बांग्लादेश सीमा के माणिकगंज बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने इसी तरह की एक बड़ी घुसपैठ को नाकाम कर दिया है। बीएसएफ को सूचना मिली थी कि 500 से 600 के करीब बांग्लादेशी नागरिक खेतों के बीच से भारत की ओर आ रहे है। इस सूचना पर सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों ने तेजी दिखाते हुए कार्रवाई की। जांच के बाद सभी को बांग्लादेशी सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों के साथ बातचीत कर वापस भेज दिया गया। घुसपैठ की इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिकों का एक बड़ा समूह आज शाम उत्तर बंगाल के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर विभिन्न स्थानों पर इकट्ठा हुआ। वे भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश कर रहे थे लेकिन बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश, नागरिक प्रशासन और बीएसएफ कर्मियों की मदद से उन्हें तितर-बितर कर दिया गया। इस बीच, मिजोरम के लॉन्गतलाई जिले में बांग्लादेश और म्यांमार से लगती भारत की सीमा के पास घुसपैठ की आशंका को देखते हुए पाबंदियां लगा दी गयी हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में मौजूदा अशांति के मद्देनजर ये पाबंदियां लगायी गयी हैं। उन्होंने कहा कि सीमा के तीन किलोमीटर के दायरे में शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक लोगों की आवाजाही पर सख्त पाबंदी होगी। मंगलवार को जारी किये गये सरकारी आदेश में कहा गया, ‘‘इस आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी दंड मिलेगा।’’ उसमें कहा गया कि यह आदेश इसे जारी करने की तारीख से अगले दो महीने तक या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। मिजोरम के तीन जिलों – लॉन्गतलाई, ममित और लुंगलेई में 318 किलोमीटर तक भारत की सीमा बांग्लादेश से सटी है। लॉन्गतलाई बांग्लादेश में अशांति के मद्देनजर निषेधाज्ञा जारी करने वाला पहला जिला है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि वैसे अबतक पड़ोसी देश से अवैध प्रवासन की कोई रिपोर्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि मिजोरम पुलिस किसी भी अवैध प्रवासन को रोकने के लिए भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा करने वाले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ मिलकर काम कर रही है। उधर, ओडिशा में भी बांग्लादेशी घुसपैठ पर सतर्कता बरती जा रही है। केंद्रपाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ कटारिया ने बुधवार को जिले के सभी तीन समुद्री थानों को समुद्री मार्ग के माध्यम से भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में बंगलादेशी प्रवासियों के संभावित पलायन को रोकने के लिए सतर्क रहने के लिए कहा है। ओडिशा के पास देश की सबसे बड़ी तटरेखा में से एक है, जो बंगाल की खाड़ी के साथ 480 किमी तक फैली हुई है। इससे पहले 26/11 के आतंकवादी हमले के बाद समुद्री थानों की स्थापना के बावजूद ओडिशा तट पूर्ण रूप से संरक्षित नहीं है। अतीत में ऐसे कई उदाहरण सामने आ चुके हैं जब म्यांमार, थाईलैंड और प्रायः बंगलादेश से मछली पकड़ने वाले जहाजों को वन अधिकारियों या तटरक्षक बलों द्वारा जब्त किया जा चुका है। बंगलादेश में अशांति को ध्यान में रखते हुए, बंगलादेश से भारत में पलायन होने की आशंका है, विशेष रूप से समुद्री रास्तों से। शेख हसीना दे चुकी हैं PM पद से इस्तीफा देश में चल रही राजनीतिक अशांति और विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे के बाद अंतरिम सरकार का गठन किया जा रहा है. ग्रामीण बैंक के संस्थापक और मशहूर सोशल एक्टिविस्ट यूनुस अंतरिम सरकार का नेतृत्व करेंगे. विशेष रूप से, बांग्लादेश की एक अदालत ने कार्यभार संभालने से ठीक एक दिन पहले श्रम कानून उल्लंघन मामले में यूनुस की पिछली सजा को भी पलट दिया है.   recent visitors 86