बिच्छीकानी से जयमरगी बी सड़क के निर्माण के लिए ग्रामीणों ने जताया मुख्यमंत्री और विधायक का आभार

पत्थलगांव सड़क निर्माण संघर्ष समिति की पहल आखिरकार रंग लाई है। प्रशासन द्वारा बिच्छीकानी से जमरगी बी तक सड़क निर्माण के लिए प्रशासकीय मंजूरी दे दी गई है। इसे लेकर ग्रामीणों ने विधायक गोमती साय के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात की थी। प्रशासकीय स्वीकृति मिल जाने के बाद अब सड़क के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। विकासखंड अंतर्गत ग्राम जमरगी बी, बिच्छीकानी एवं आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीण एक अर्से से सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं। इसे लेकर ग्रामीणों द्वारा सड़क निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले सड़क निर्माण के लिए प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों के प्रयासों से ग्राम बिच्छीकानी के ढुढरूपारा से जमरगी बी तक पक्की सड़क निर्माण के लिए शासन से मंजूरी मिल गई थी। इसे बजट में भी शामिल कर लिया गया था। परंतु प्रशासकीय स्वीकृति के अभाव में सड़क के निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहा था। जिसके बाद संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों ने विधायक गोमती साय से मुलाकात कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया। उनके मार्गदर्शन में सड़क निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष मोती लाल बंजारा के साथ ही ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने 26 जुलाई को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भी उनके रायपुर प्रवास के दौरान मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेवस साय को सड़क के अभाव में ग्रामीणों को हो रही परेशानियों से अवगत कराते हुए सड़क निर्माण के लिए प्रशासकीय स्वीकृति दिलाए जाने की गुहार लगाई। इसके लिए विभाग को पत्र भी जारी कर दिया गया है। recent visitors 59

विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त पर विशेष लेख : आदिवासी अंचलों में पहुंच रही हैं तेजी से विकास योजनाएं

रायपुर, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में 32 प्रतिशत जनजातीय समुदाय की आबादी को देखते हुए राज्य की बागडोर श्री विष्णु देव साय के हाथों में सौंपी है। राज्य गठन के 23 वर्षों बाद वे ऐसे पहले आदिवासी नेता है जिन्हें राज्य के मुखिया के तौर पर कमान सौंपी गई है। राज्य में नई सरकार की गठन के साथ ही उन्होंने किसानों, महिलाओं और वंचित समूहों को आगे बढ़ाने के लिए योजनाओं की शुरूआत की। वे सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के ध्येय वाक्य को लेकर सभी वर्गों की उन्नति और बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं।     छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति की देश-विदेश में अलग पहचान रही है। राज्य के आदिवासी अंचल एक ओर वनों से आच्छादित है। वहीं इन क्षेत्रों में बहुमूल्य खनिज सम्पदा भी है। मनोरम पहाड़ियां, झरनें, इठलाती नदियां बरबस लोगों को आकर्षित करती हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में गठित नई सरकार बनने के बाद राज्य के आदिवासी अंचलों में जन जीवन में तेजी से बदलाव लाने और उन्हें मुख्यधारा में शामिल करने के लिए अनेक नवाचारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।     आदिवासी समुदाय को सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संचालित की जा रही महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री जनमन योजना में आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सड़क, बिजली, आवास, पेयजल जैसी महत्वपूर्ण मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। साथ ही केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है।     आदिवासी क्षेत्रों के तेजी से विकास सुनिश्चित करने के लिए केन्द्र सरकार की पहल पर जगदलपुर के नगरनार में लगभग 23 हजार 800 करोड़ रूपए की लागत से वृहद स्टील प्लांट लगाया गया हैं, इससे आने वाले वर्षों में बस्तर अंचल की पूरी तस्वीर बदलेगी। लोगों को बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा साथ ही रोजगार के नए अवसरों का निर्माण होगा।      इस साल के केन्द्रीय बजट में जनजाति उन्नत ग्राम अभियान योजना शामिल की गई है। इस योजना से राज्य के लगभग 85 विकासखंडों में शामिल गांवों को विभिन्न मूलभूत सुविधाएं मिलेगी। इसके अलावा जैविक खेती को बढ़ावा देने जैसी प्राथमिकताएं भी जनजाति क्षेत्रों की दशा और दिशा बदलेंगी।     जनजाति क्षेत्रों के तेजी से विकास सुनिश्चित करने के लिए भारत माला प्रोजेक्ट के अंतर्गत रायपुर-विशाखापत्तनम एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है 464 किलोमीटर लंबा और छह लेन चौड़ा एक्सप्रेसवे होगा। यह छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश से होकर गुजरेगा। यह एक्सप्रेसवे मार्ग छत्तीसगढ़ में 124 किलोमीटर, ओडिशा में 240 किलोमीटर और आंध्र प्रदेश में 100 किलोमीटर बनेगी। उड़ीसा से आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम तक बनाए जा रहे इस नए कॉरिडोर से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। वहीं नए उद्योगों की स्थापना से रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।     बस्तर के माओवादी आतंक से सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक तरफ सुरक्षा कैंपों की सख्या बढ़ायी जा रही है। वहीं सुरक्षा कैंपों के आसपास 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में केन्द्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए नियद् नेल्लानार जैसी नवाचारी योजनाओं की शुरूआत की गई है। इस योजना के बेहतर और सार्थक परिणाम मिल रहे हैं। लोगों का विश्वास फिर से शासन-प्रशासन के प्रति लौटने लगा है।     आदिवासियों की आय में वृद्धि और उन्हें बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। प्रदेश सरकार ने लगातार ऐसे कदम उठाए हैं, जिनसे वनों के साथ आदिवासियों का रिश्ता फिर से मजबूत हुआ है। वनांचल क्षेत्रों में लघु वनोपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी के साथ-साथ तेन्दूपत्ता का खरीदी कार्य भी पहले से अधिक व्यवस्थित रूप से किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा 36 कॉलेजों के भवन-छात्रावास निर्माण के लिए 131 करोड़ 52 लाख रूपए मंजूर किए गए है। इससे प्रदेश के 36 कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ होंगे तथा शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। वहीं युवाओं को उच्च स्तर की शैक्षणिक सुविधाएं प्राप्त होगी और वे बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकेंगे।      राज्य सरकार ने तेन्दूपत्ता पारिश्रमिक दर प्रतिमानक बोरा 4000 से बढ़ाकर 5500 रूपए कर दिया है। इससे लगभग 13 लाख जनजाति परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। इन क्षेत्रों में लघु वनोपज संग्रहण भी महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से हो रहा है। लघु वनोपज के प्रसंस्करण के लिए वनधन केन्द्रों की स्थापना की गई है।     प्रदेश में जनजातिय समुदाय के बच्चों के लिए बेेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा माओवादी प्रभावित क्षेत्र के बच्चों के लिए 15 प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित है। इन विद्यालयों में मेधावी विद्यार्थियों को अखिल भारतीय मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराई जा रही हैं। नई दिल्ली में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी के लिए संचालित यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 185 कर दी गई है।     राज्य में बस्तर, सरगुजा, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरणों के कामकाज को व्यवस्थित और प्रभावित बनाने के लिए इनका पुनर्गठन किए जाने का निर्णय लिया गया है। इन प्राधिकरणों की कमान अब मुख्यमंत्री के हाथों में होगी। क्षेत्रीय विधायक इन प्राधिकरणों के सदस्य होंगे तथा मुख्यमंत्री के सचिव अथवा सचिव इन प्राधिकरणों के सदस्य सचिव होंगे।     आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए बस्तर अंचल के देवगुड़ियां और घोटुलों तथा अन्य ऐतिहासिक धरोहरों के आसपास एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण किया जा रहा है। इससे लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, साथ ही ऐसे स्थानों में प्राकृतिक सुन्दरता भी बढ़ेगी। recent visitors 59

‘मैं हार गई…’विनेश फोगाट ने रेसलिंग से लिया संन्यास, भावुक पोस्ट में बोलीं- मां कुश्ती मेरे से जीत गई

पेरिस भारतीय रेसलर विनेश फोगाट ने कुश्ती से संन्यास का ऐलान कर दिया है। पेरिस ओलंपिक में वह 50 किग्रा कैटेगरी के फाइनल में पहुंच गई थीं। लेकिन फाइनल मुकाबले के दिन सुबह उनका वजह 50 किलो से 100 ग्राम ज्यादा था। इसकी वजह से विनेश को इवेंट से ही डिस्क्वालिफाई कर दिया गया। अब उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर संन्यास का ऐलान कर दिया है। विनेश ने मां से मांगी माफी तीन ओलंपिक में भारत के लिए हिस्सा ले चुकीं विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर संन्यास का ऐलान किया। उन्होंने अपनी मां से माफी मांगते हुए एक्स अकाउंट पर संन्यास की घोषणा की। 29 साल की विनेश ने लिखा- मां कुश्ती मेरे से जीत गई मैं हार गई माफ करना आपका सपना मेरी हिम्मत सब टूट चुके इससे ज्यादा ताकत नहीं रही अब। अलविदा कुश्ती 2001-2024, आप सबकी हमेशा ऋणी रहूंगी माफी। विनेश फोगाट का करियर 1994 में जन्मी विनेश फोगाट ने 7 साल की उम्र में ही रेसलिंग शुरू कर दी थी। वह वर्ल्ड रैंकिंग में पहले स्थान तक पहुंच चुकी हैं। 2019 और 2022 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में 53 किग्रा कैटेगरी में विनेश ने ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। 2018 एशियन गेम्स में विनेश ने गोल्ड पर कब्जा जमाया था। इसके साथ ही विनेश के नाम कॉमनवेल्थ गेम्स में भी 3 गोल्ड हैं। वह एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ दोनों में गोल्ड जीतने वाली भारत की पहली रेसलर हैं। ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली महिला रेसलर विनेश फोगाट ने पेरिस ओलंपिक में कमाल का प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने पहले राउंड में जापान की अजेय रेसलर युई सुसाकी को हराया। इससे पहले सुसाकी अपने 82 मैच के इंटरनेशनल करियर में कोई मुकाबला नहीं हारी थीं। इसके बाद लगातार दो मैच जीतकर उन्होंने फाइनल में जगह बनाई। अभी तक कोई भी भारतीय महिला रेसलर ओलंपिक के फाइनल में नहीं पहुंच पाई थी। हालांकि दूसरे दिन 100 ग्राम ज्यादा वजन होने की वजह से उन्हें बाहर कर दिया गया।  भारतीय दल ने खेल पंचाट न्यायालय में भी अपील दायर की इंडियन एक्सप्रेस को पता चला है कि विनेश और भारतीय दल ने खेल पंचाट न्यायालय में भी अपील दायर की है। इसमें विनेश फोगाट को रजत पदक दिए जाने की मांग की गई है। सर्वोच्च खेल निकाय द्वारा गुरुवार सुबह फैसला सुनाए जाने की उम्मीद है। ओलंपिक खेलों के दौरान या उद्घाटन समारोह से 10 दिन पहले होने वाले किसी भी विवाद के मध्यस्थता द्वारा समाधान के लिए खेलों में सीएएस का एक एडहॉक डिविजन स्थापित किया गया था। इस मामले पर गुरुवार सुबह सुनवाई होगी। सारा एन हिल्डेब्रांट ने जीता गोल्ड 50 किग्रा वर्ग की स्पर्धा में सेमीफाइनल में विनेश से हारने वाली क्यूबा की पहलवान गजमान लोपेज ने बुधवार रात को फाइनल में उनकी जगह अमेरिकी सारा एन हिल्डेब्रांट का सामना किया। हिल्डेब्रांट ने मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। विनेश का यह तीसरा ओलंपिक था। 2016 में रियो और 2021 में टोक्यो में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। पेरिस ओलंपिक में उन्होंने हिस्सा लेने के लिए वजन कम किया था। वह 50 किग्रा वर्ग में प्रतिस्पर्धा करती थीं। recent visitors 97

आज विनायकी चतुर्थी व्रत: पूजा का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

राष्ट्रीय मिति श्रावण 17, शक सम्वत् 1946, श्रावण शुक्ल, चतुर्थी, बृहस्पतिवार, विक्रम सम्वत् 2081। सौर श्रावण मास प्रविष्टे 24, सफ़र 02, हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 08 अगस्त सन् 2024 ई। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहुकाल अपराह्न 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजे तक। चतुर्थी तिथि अर्धरात्रोत्तर 12 बजकर 37 मिनट तक उपरांत पंचमी तिथि का आरंभ। उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र रात्रि 11 बजकर 3 मिनट तक उपरांत हस्त नक्षत्र का आरंभ। शिव योग मध्याह्न 12 बजकर 39 मिनट तक उपरांत सिद्ध योग का आरंभ। वणिज करण पूर्वाह्न 11 बजकर 22 मिनट तक उपरांत बव करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात कन्या राशि पर संचार करेगा। आज के व्रत त्योहार वरद चतुर्थी, दूर्वा गणपति व्रत। सूर्योदय का समय 8 अगस्त 2024 : सुबह 5 बजकर 46 मिनट पर। सूर्यास्त का समय 8 अगस्त 2024 : शाम में 7 बजकर 6 मिनट पर। आज का शुभ मुहूर्त 8 अगस्त 2024 : ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 21 मिनट से 5 बजकर 4 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 40 मिनट से 3 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्‍यरात्रि रात में 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 7 बजकर 6 मिनट से 7 बजकर 28 मिनट तक। अमृत काल सुबह 5 बजकर 46 मिनट से 7 बजकर 26 मिनट तक। आज का अशुभ मुहूर्त 8 अगस्त 2024 : राहुकाल दोपहर में 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक। इसके बाद सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल। इसके बाद सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक यमगंड। दुर्मुहूर्त काल सुबह 10 बजकर 13 मिनट से 11 बजकर 7 मिनट तक। इसके बाद दोपहर में 3 बजकर 33 मिनट से 4 बजकर 26 मिनट तक। भद्राकाल का समय रात में 11 बजकर 19 मिनट से 12 बजकर 36 मिनट तक। आज का उपाय : आज भगवान recent visitors 128

छत्तीसगढ़ में बनेगा देश का तीसरा बड़ा टाइगर रिजर्व, गुरुघासीदास – तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व

नई दिल्ली छत्तीसगढ़ का गुरुघासीदास – तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व देश का तीसरा बड़ा टाइगर रिजर्व होगा. छत्तीसगढ़ सरकार ने गुरुघासीदास – तमोर पिंगला को टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित कर लिया है. इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में टाइगर रिजर्व की संख्या चार हो गई है. गुरु घासीदास नेशनल पार्क को साल 2021 में टाइगर रिजर्व बनाया गया था, लेकिन इसे विरोध के कारण अस्तित्व में नहीं लाया जा सका था. इस क्षेत्र में कई खदानें होने के कारण नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व घोषित करने का नोटिफिकेशन कांग्रेस शासन काल में रुका हुआ था. छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार ने ही गुरु घासीदास नेशनल पार्क और तमोर पिंगला सेंचुरी को मिलाकर टाइगर रिजर्व बनाने का ड्राफ्ट राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) को भेजा था, जिसके बाद एनटीसीए ने गुरु घासीदास नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व के रूप में मंजूरी दी, लेकिन कांग्रेस शासन में रिजर्व एरिया के कोल ब्लॉक, आइल ब्लॉक और मिथेन गैस ब्लॉक होने के कारण मामला अटक गया था. अब जब राज्य में फिर भाजपा सरकार की वापसी हुई तो टाइगर रिजर्व बनने का रास्ता साफ हो गया. छत्तीसगढ़ सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक में गुरुघासीदास – तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व गठित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है और इसे टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित कर लिया है. इस टाइगर रिजर्व के गठन से बाघों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद है, क्योंकि यह क्षेत्र उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा. मौजूदा आंकड़ों के आधार पर बाघों की संख्या में सुधार के लिए यह कदम आवश्यक था. नया टाइगर रिजर्व बाघों के प्राकृतिक आवास को संरक्षित करेगा और उनकी सुरक्षा को बढ़ावा देगा. टाइगर रिजर्व के गठन से ईको-पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे. गाइड, पर्यटक वाहन संचालन और रिसॉर्ट्स के संचालन के साथ-साथ अन्य पर्यटन संबंधित सेवाओं से स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ होगा. राष्ट्रीय प्रोजेक्ट टाइगर ऑथोरिटी से अतिरिक्त बजट प्राप्त होगा, जो क्षेत्र के विकास और आजीविका सुधार के लिए उपयोगी होगा. 2829.387 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला है टाइगर रिजर्व गुरुघासीदास – तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व 2829.387 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला देश का तीसरा बड़ा टाइगर रिजर्व होगा. आंध्रप्रदेश का नागार्जुनसागर श्रीसैलम टाइगर रिजर्व 3296.31 वर्ग किमी के साथ देश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है. वहीं असम के मानस टाइगर रिजर्व को 2837.1 वर्ग किमी क्षेत्रफल के साथ देश दूसरा बड़ा टाइगर रिजर्व माना जाता है. recent visitors 87

नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत विकसित भारत का मंत्र-भारत हो नशे से स्वतंत्र अभियान 12 को: मंत्री नारायण सिंह कुशवाह

भोपाल सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत "विकसित भारत का मंत्र-भारत हो नशे से स्वतंत्र" जागरूकता कार्यक्रम का क्रियान्वयन प्रदेश में प्रभावी ढंग से किया जाए। उन्होंने अभियान की सफलता के लिए अधिकारियों को विस्तृत निर्देश दिए है। अभियान के तहत 12 अगस्त 2024 को प्रात: 9 बजे पूरे प्रदेश में एक साथ कार्यक्रम आयोजित होंगे। आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण डॉ. आर आर भोंसले ने बताया कि भारत सरकार सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा नशामुक्त भारत अभियान अंतर्गत देश के 78 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर नशा मुक्त भारत अभियान के 5 वर्ष पूर्ण पर देशव्यापी जनजागरूता कार्यक्रम 12 अगस्त 2024 को किया जाएगा। कार्यक्रम को सफल बनाये जाने के लिए सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी किये गए है। अभियान के तहत समस्त स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थानों पर 12 अगस्त 2024 को प्रातः 09:00 बजे शपथ लेने हेतु व्यवस्था की जायें।कार्यक्रम के सुचारू कार्यान्वयन के लिए जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किये जायेंगे। शपथ ग्रहण समारोह की तस्वीरें/ वीडियो भारत सरकार सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के नशामुक्त भारत अभियान के बैनर को भी प्रदर्शित किया जाएगा। कार्यक्रम में सामाजिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियां, विद्यालयों/महाविद्यालयों स्तरों पर परिचर्चा, प्रभातफेरी, मानव श्रृंखला, नुक्कड नाटकइत्यादि प्रतियोगिताऐं आयोजित की जाएगी। खेल एवं शारीरिक गतिविधियों के आयोजन जैसे- नशाबंदी के विरूद्ध मैराथन दौड विभिन्न खेल आयोजित किये जायेंगे। नशामुक्ति अभियान को समर्पित विद्यालयों / महाविद्यालयों में पौधा रोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया जायेगा। समस्त शैक्षणिक संस्थाओं में छात्र /छात्राओं, युवा एवं महिलाओं को नशामुक्ति के विरूद्ध शपथ ग्रहण कार्यक्रम भी आयोजित किया जायेगा। स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथियों के भाषण में नशा मुक्त भारत अभियान की प्रासंगिकता को भी सम्मलित किया जायेगा।   recent visitors 100

आज होगा जनदर्शन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे लोगों से मेल-मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का लोगों से मेल-मुलाकात और उनकी समस्याओं  के समाधान का साप्ताहिक कार्यक्रम जनदर्शन आज होगा । मुख्यमंत्री  निवास में  आयोजित जनदर्शन में मुख्यमंत्री साय नागरिकों से सीधे संवाद करेंगे एवं उनकी समस्याओं से संबंधित आवेदन भी लेंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री निवास में जनदर्शन का आयोजन 27 जून से  शुरू हुआ है। पूर्व में आयोजित जनदर्शन में बड़ी  संख्या में नागरिकों ने हिस्सा लिया और मुख्यमंत्री को अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन भी सौंपे।  सभी आवेदनों को मुख्यमंत्री स्वयं देखे और इनका शीघ्र निराकरण करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए  जनदर्शन में दिव्यांग जनों को भी त्वरित सहायता प्रदान की गई। पिछले  जनदर्शन में आए सभी नागरिकों को टोकन प्रदान किए गए और उनके आवेदन जनदर्शन के पोर्टल में अपलोड किए गए हैं तथा इस पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है। recent visitors 81