मध्यप्रदेश की खूबियों से करवाया जायेगा अवगत, निवेश को लेकर होंगे एमओयू

भोपाल मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर मुंबई और कोयंबटूर में हुए सफल इनवेस्ट-सेशन के बाद कर्नाटक के एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र भारत की सिलिकॉन वैली के रूप में प्रसिद्ध बैंगलुरू में 8 अगस्त 2024 को तीसरे इंटरैक्टिव सेशन का आयोजन होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यहाँ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाएँ (आईटीईएस), इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन एवं विनिर्माण (ईएसडीएम), टेक्सटाईल एवं गारमेंट, एयरोस्पेस एवं डिफेंस, ऑटोमोबाइल एवं ओईएम, फार्मास्यूटिकल्स, हेल्थकेयर और मेडिकल डिवाइस क्षेत्रों में कार्य कर रहे प्रमुख उद्योगपतियों से संवाद करेंगे। साथ ही मध्यप्रदेश में निवेश, नवाचार और सतत् विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार के दृष्टिकोण और नवाचारों को रेखांकित करते हुए उद्योगपतियों से रू-ब-रू होंगे। प्रदेश में निवेश के लिये इच्छुक उद्योगपतियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में एमओयू भी होंगे। प्रमुख उद्योगपति करेंगे अपने अनुभव सांझा मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में 8 अगस्त को होने वाले इंटरैक्टिव सत्र में एक वीडियो फिल्म "एडवांटेज मध्यप्रदेश" दिखाई जाएगी, जो उद्योगपतियों को राज्य में लाभ और निवेश के अवसरों की विस्तृत जानकरी देगी। प्रमुख उद्योगपतियों द्वारा मध्यप्रदेश में निवेश संबंधी अनुभव साझा किये जायेंगे। साथ ही अन्य राज्य के औद्योगिक परिदृश्य और भविष्य की विकास संभावनाओं के बारे में जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वन-टू-वन मीटिंग एवं वैश्विक क्षमता केंद्रों, आईटी और परिधान क्षेत्रों के साथ राउंड टेबल मीटिंग में उद्योगपतियों के साथ नवाचार, निवेश और विकास पर संवाद करेंगे। मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर दिया जायेगा प्रजेंटेशन इंटरैक्टिव सेशन 8 अगस्त को सुबह 11:30 बजे शुभारंभ होगा। इंफोबीन्स लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्री सिद्धार्थ सेठी स्वागत भाषण देंगे। इसके बाद जीआईएस-2025 और एडवांटेज एमपी पर वीडियों फिल्म का प्रदर्शन होगा। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन, मध्यप्रदेश श्री राघवेंद्र कुमार सिंह प्रदेश में निवेश के अवसरों पर प्रजेंटेशन देंगे। प्रबंधन संचालक एमपी एसईडीसी द्वारा मध्यप्रदेश में आईटी, आईटीईएस, ईएसडीएम सेक्टर में अवसरों विषय पर प्रजेंटेशन दिया जायेगा। प्रमुख सचिव पर्यटन श्री शिवशेखर शुक्ला द्वारा मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में अवसरों पर और सचिव एमएसएमई डॉ. नवनीत मोहन कोठारी द्वारा मध्यप्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र में अवसरों पर प्रजेंटेशन दिया जायेगा। इंटरैक्टिव सेशन में एमपीएसईडीसी एवं आईईएसए के मध्य एमओयू साइन होगा। वन-टू-वन मीटिंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योगपतियों से वन-टू-वन मीटिंग करेंगे। साथ ही आईटी एवं आईटीईएस सेक्टर के उद्योगपतियों और टेक्सटाईल क्षेत्र के उद्योगपतियों के साथ राउंड टेबल मीटिंग होगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव 7 अगस्त को शाम को बैंगलुरू पहुँचकर राउंड टेबल मीटिंग और नेटवर्किंग डीनर पर भी उद्योगपतियों से निवेश को लेकर संवाद करेंगे।   recent visitors 76

भारत और श्रीलंका करेगा बैठक, ‘हमारे मछुआरों को लेकर दो संघर्ष बिंदु हैं- एक गुजरात, और दूसरा तमिलनाडु: बीजेपी अध्यक्ष

चेन्नई तमिलनाडु में हाल ही में हुए मछुआरे की मौत के बाद अब बीजेपी अध्यक्ष के अन्नामलाई का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, 'हमारे मछुआरों को लेकर दो संघर्ष बिंदु हैं- एक गुजरात, और दूसरा तमिलनाडु, कई बार पाकिस्तान हमारे मछुआरों को गुजरात से गिरफ्तार करता रहता है। पीएम नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद, 2019 में पहली बार, मत्स्य पालन मंत्रालय बनाया गया। विशेष रूप से DMK सरकार द्वारा कच्चाथीवू द्वीप को श्रीलंका को सौंपने के बाद तमिलनाडु दूसरा संघर्ष बिंदु है, 2014 तक, उच्च समुद्र में शूटिंग एक सामान्य मामला था हमारे मछुआरे भाइयों को श्रीलंकाई नौसेना ने मार डाला। 'मोदी जी के सत्ता संभालने के बाद, नहीं हुई गोलीबारी' बीजेपी अध्यक्ष के अन्नामलाई ने आगे ये भी कहा, मोदी जी के सत्ता संभालने के बाद, कोई गोलीबारी नहीं हुई… 2024 थोड़ा अलग साल बन गया जब 273 तमिल मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना ने गिरफ्तार कर लिया वापस लाया गया जबकि 69 लोग श्रीलंकाई जेल में हैं, 61 न्यायिक हिरासत में हैं, और 8 लोगों को सजा सुनाई गई है। यह पहला मुद्दा था जिसे हमने विदेश मंत्री के ध्यान में लाया था… हमें बहुत ही कम समय में आश्वासन दिया गया है। अब भारत और श्रीलंका के बीच 2+2 संयुक्त कार्य समूह बुलाया जाएगा जहां दोनों देशों के विदेश मंत्रालय और मत्स्य पालन मंत्रालय एक साथ बैठेंगे ताकि वे 170 तमिल मछुआरों की नौकाओं के बारे में बात कर सकें जो श्रीलंकाई नौसेना द्वारा जब्त की गई। साथ ही मछुआरों की चिंताओं को भारत सरकार ने भी सुना है recent visitors 100

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणाओं का पिटारा खोला, अब महिलाओं को 500 रुपए में गैस सिलेंडर

जींद जींद में हरियाली तीज के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महिलाओं और बेटियों के लिए घोषणाओं का पिटारा खोला। इसके तहत हरियाणा में भी अब राजस्थान की तर्ज पर प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभार्थी परिवारों को 500 रुपए में रसोई गैस सिलेंडर मिलेगा। इससे प्रदेश के 1.80 लाख रुपए से कम आय वाले लगभग 46 लाख परिवारों को लाभ होगा। सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री दुग्ध उपहार योजना के तहत अब स्कूलों में पढ़ने वाली 14 से 18 वर्ष की बेटियों में कुपोषण को रोकने के लिए उन्हें भी 150 दिन फोर्टिफाइड दूध दिया जाएगा। इससे 2.65 लाख किशोरियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने हरियाणा मातृशक्ति उद्यमिता योजना के तहत स्वः रोजगार स्थापित करने के लिए दी जाने वाली 3 लाख रुपए की ऋण राशि को बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने की घोषणा की। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को दैनिक जरूरतों के लिए दिए जाने वाले 20 हजार रुपए के रिवोल्विंग फंड की राशि को भी बढ़ाकर 30 हजार रुपए करने की घोषणा की। इसके अलावा, समूह सखी के मासिक मानदेय को भी 150 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बड़ा सुखद संयोग है। सावन का पवित्र मास है, माता जयंती देवी की ऐतिहासिक नगरी जींद का स्थान है और महिलाओं, बेटियों और बहनों के पावन त्यौहार तीज का अवसर है। उन्होंने प्रदेशवासियों को हरियाली व खुशहाली के प्रतीक तीज के पावन पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री असीम गोयल नन्यौला ने इस तीज समारोह में पहुंचने पर मातृशक्ति का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी दलगत राजनीति, जातिवाद और क्षेत्रवाद की राजनीति से ऊपर उठकर सबके लिए काम करते हैं। इस अवसर पर विधायक डॉ कृष्ण मिड्ढा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव और विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित कुमार अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त एवं सचिव अमनीत पी कुमार, हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन की सीईओ अमरिंद्र कौर सहित बड़ी संख्या में प्रदेश के कोने-कोने से आई महिलाएं व अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। लगभग 30 हजार महिलाओं को कोथली भेंटः नायब सिंह सैनी ने कहा कि तीज उत्सव पर भाई द्वारा अपनी बहन को कोथली देने की हमारी सदियों पुरानी परंपरा है। बहनें अपनी ससुराल में भाई के आने का इंतजार करती हैं और भाई के आने पर खुशी व्यक्त करती है तथा उसे सदैव फलने-फूलने की कामना करती है। आज आपका यह भाई भी आपको कोथली देने और आपसे आशीर्वाद लेने के लिए आया है। मुख्यमंत्री ने लगभग 30 हजार महिलाओं को कोथली भेंट की। recent visitors 81

सभी राजभवनों में बहुत जल्द बदलेगा स्वतंत्रता दिवस पर एट होम का मौजूदा स्वरूप, राज्यपालों के सम्मेलन में हुई चर्चा

जयपुर देश के सभी राजभवनों में अंग्रेजों के समय से चली आ रहे स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर एट होम का मौजूदा स्वरूप बहुत जल्द बदलेगा। हाल ही नई दिल्ली में हुए राज्यपालों के सम्मेलन में इस पर विचार किया गया। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में मंगलवार को आयोजित मीट द प्रेस कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि वे सीधे-सादे किसान थे और हरियाणा के कुरुक्षेत्र में गुरुकुल का संचालन करते थे। इस कुरुक्षेत्र में वे कई प्रदेशों के बच्चों को भारतीय संस्कार और आधुनिक शिक्षा दे रहे थे। उन्होंने न तो कभी राजनीतिक गतिविधियों में भाग लिया और ना ही किसी राजनीतिक दल के सदस्य ही रहे थे। अचानक पता चला कि उन्हें हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बना दिया गया है। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने बताया कि उन्हें 12 अगस्त, 2015 को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया। इसके ठीक 3 दिन बाद स्वतंत्रता दिवस पर राजभवन में एट होम होना था। वे इसको लेकर काफी उत्सुक थे। क्योंकि इससे पहले उन्होंने देश के किसी भी राजभवन का कभी दौरा भी नहीं किया था। स्वतंत्रता दिवस पर शाम के वक्त हिमाचल प्रदेश के तमाम प्रशासनिक, पुलिस अफसर, मीडिया कर्मी, सामाजिक संगठनों के प्रतिष्ठित लोग आए। सबने एक-दूसरे से परिचय किया। राम-राम की और चाय-नाश्ता करके चले गए। सभी लोगों के जाने के बाद उन्होंने राजभवन के अधिकारियों को बुलाकर पूछा कि एटहोम का आयोजन कब होगा। इस पर अफसरो ने बताया कि शाम को जो आयोजन हुआ, वहीं एटहोम था। यही परंपरा अंग्रेजों के समय से चली आ रही है। इससे राज्यपाल आचार्य हतप्रभ रह गए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह कैसा एट होम है। चाय नाश्ता तो लोग अपने घरों पर भी कर सकते थे। यहां बुलाने की क्या जरूरत थी। खैर, इसके बाद जब गणतंत्र दिवस आया और राजभवन में एटहोम का आयोजन किया जाना था तो उन्होंने पुरानी व्यवस्था को बदला। इस बार जिन्होंने भारत को आजादी दिलाई उन स्वतंत्रता सेनानियों, उनके परिजनों और शहीदों के परिवारों को राजभवन में बुलाया गया। उनके सम्मान में भव्य संगीत संध्या का आयोजन किया गया। इसके बाद उन्होंने यही परंपरा गुजरात राजभवन में भी शुरू की है। महामहिम आचार्य देवव्रत ने कहा कि हाल ही नई दिल्ली में हुए राज्यपालों के सम्मेलन में उन्होंने यही किस्सा महामहिम राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में सुनाया। इसके बाद तय हुआ कि राजभवनों में अंग्रेजों के समय से चली आ रही एटहोम की व्यवस्था में बदलाव किया जाए। अब स्वतंत्रता सेनानियों और सीमा पर भारत मां की रक्षा करते हुए शहीद हुए सैनिकों के परिवारों को बुलाकर उनके सम्मान में कार्यक्रम भी किए जाएंगे। जल्द ही देश के राजभवनों में यह व्यवस्था बदलने वाली है। recent visitors 88

राज्यसभा की 12 रिक्त सीटों के लिए चुनाव की अधिसूचना की जारी, 3 सितंबर को मतदान, नामांकन दाखिल 14 से 21 अगस्त तक

नई दिल्ली   भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा की 12 रिक्त सीटों के लिए चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। चुनाव 3 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 14 अगस्त से शुरू हो जाएगी और 21 अगस्त तक जारी रहेगी। नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 26 और 27 अगस्त है। इसके बाद 22 अगस्त को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। चुनाव की सीटें और संभावित विजेता राज्यसभा के उपचुनाव असम और महाराष्ट्र में दो-दो सीटों पर, और मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार तेलंगाना, हरियाणा, त्रिपुरा तथा ओडिशा में एक-एक सीट पर होंगे। मध्य प्रदेश, राजस्थान हरियाणा, ओडिशा और असम में BJP उम्मीदवारों की जीत की संभावनाएं अधिक हैं, क्योंकि इन राज्यों में भाजपा की सरकार है और पार्टी के पास पर्याप्त संख्या बल है। लोकसभा में चुने गए राज्यसभा सदस्य हाल ही में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, सर्बानंद सोनोवाल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, दीपेंद्र हुड्डा, मीसा भारती, बिप्लब कुमार देब और केसी वेणुगोपाल जैसे मौजूदा राज्यसभा सदस्य लोकसभा के लिए चुने गए हैं। इसके अतिरिक्त, राज्यसभा की दो सीटें सदस्यों के इस्तीफा देने के कारण भी खाली हुई हैं। चुनाव की तैयारी और आगे की योजनाएं निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई इस अधिसूचना के अनुसार, उपचुनाव की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। उम्मीदवारों की नामांकन प्रक्रिया, नामांकन पत्रों की जांच और अन्य चुनावी प्रक्रियाओं के बाद, 3 सितंबर को मतदान होगा। इस चुनाव से संबंधित सभी गतिविधियों की निगरानी की जा रही है ताकि निर्वाचन प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न हो सके। recent visitors 89

मध्य प्रदेश में हाईवे पर बनाई थीं 46 पुलिस चौकियां, अमला नहीं होने से आधी बंद, दुर्घटनाएं रोकने के लिए बनाई थी योजना

भोपाल मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं रोकने, घायलों को चिकित्सकीय सहायता और यातायात नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई के लिए साल 2015-16 में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 46 पुलिस चौकियां बनाई गई थीं। इसके पीछे लक्ष्य था कि हाइवे के लिए अलग से हाइवे पुलिस की भर्ती कर इन चौकियों में तैनात किया जाएगा। मगर, आज तक यह संवर्ग ही नहीं बना है। जिला पुलिस बल के पुलिसकर्मी अपनी सुविधा अनुसार इन चौकियों में पदस्थ किए जाते हैं। मगर, कई जगह अमला कम होने के कारण चौकियों पर कोई नहीं रहता। पूरा प्रोजेक्ट 250 करोड़ रुपये का था, जिसमें अलग-अलग शीर्ष में पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत अभी भी राशि आ रही है, पर पुलिस चौकियों पर ध्यान नहीं है।       हाइवे पुलिस बनाने के पीछे लक्ष्य यह है कि यातायात नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके। सड़क दुर्घटना में घायलों को उपचार के लिए चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके। हाइवे में पुलिस की पेट्रोलिंग हो सके।- अनिल कुमार गुप्ता, पीटीआरआई के एडीजी एमपी में बढ़ रहे सड़क हादसे दरअसल, प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और इनमें मृत्यु के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए हाइवे पुलिसिंग का प्लान बनाया गया था। पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (पीटीआरआई) के तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) यूके लाल के समय यह प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ था। इसमें हाइवे में निर्धारित दूरी में पुलिस चौकियां तो बना दी गईं, पर अलग से अमला और अन्य संसाधन स्वीकृत नहीं हुआ। यह स्थिति तब है जब राष्ट्रीय राजमार्गों में होने वाली दुर्घटनाओं में मध्य प्रदेश देश में चौथे स्थान पर है। डेढ़ सौ से अधिक ब्लैक स्पॉट राष्ट्रीय राजमार्गों में हैं, जो अन्य मार्गों की तुलना में सर्वाधिक हैं। recent visitors 69

साल के अंत तक देश की 50 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, राहुल, अखिलेश, शिवराज के गढ़ किसके साथ, सियासी हलचल तेज

नई दिल्ली लोकसभा चुनाव खत्म हुए अभी कुछ महीने ही बीते हैं कि अब उपचुनाव का दौर शुरू होने वाला है। इस साल के अंत तक देश की 50 सीटों पर उपचुनाव होने हैं। इनमें कई सीटें लोकसभा की हैं तो ज्यादातर विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। ये सीटें उन विधायकों के इस्तीफे से खाली हुई हैं, जो अब सांसद बन चुके हैं या फिर दो जगहों से लड़ने के चलते एक लोकसभा सीट खाली की है। माना जा रहा है कि इन सीटों पर हरियाणा, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर और झारखंड जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव के साथ ही वोटिंग कराई जा सकती है। उत्तर प्रदेश में ही 10 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होनी है, जिनमें से एक सीट अखिलेश यादव के इस्तीफे से खाली मैनपुरी की करहल है। इसके अलावा अयोध्या के सांसद बने अवधेश प्रसाद की सीट मिल्कीपुर भी है। वह अब तक यहीं से विधायक थे। गाजियाबाद, कुंदरकी जैसी सीटों पर भी चुनाव होना है। वहीं मध्य प्रदेश में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की विधानसभा सीट बुधनी में भी चुनाव होगा। अब वह विदिशा सीट से सांसद बन चुके हैं। वहीं कर्नाटक में बसवराज बोम्मई, एचडी कुमार स्वामी, बिहार में जीतन राम मांझी और सिक्किम में सीएम प्रेम सिंह तमांग की छोड़ी हुई सीटों पर भी मतदान होगा। बंगाल की भी 6 सीटों पर उपचुनाव, बिहार और पंजाब में 4-4 उपचुनाव में सबसे ज्यादा यूपी की सीटें हैं तो दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल है। यहां 6 सीटों पर उपचुनाव होगा। इसेक अलावा असम और राजस्थान में 5-5 सीटों पर वोटिंग होगी। बिहार और पंजाब में 4-4 सीटों पर उपचुनाव होना है। बता दें कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी भी रायबरेली और वायनाड सीट से लड़े थे। उन्होंने चुनाव के बाद रायबरेली से सांसद बने रहने का फैसला लिया और वायनाड से इस्तीफा दे दिया। अब वायनाड से उनकी बहन प्रियंका गांधी चुनाव लड़ रही हैं। नियम के अनुसार किसी भी सीट को 6 महीने से ज्यादा खाली नहीं रका जा सकता। ऐसे में ज्यादातर सीटों पर नवंबर तक मतदान करा लिया जाएगा। यूपी में 10 सीटों पर कांग्रेस और सपा दिखाना चाहेंगे ताकत इसी साल महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में असेंबली इलेक्शन का प्लान है। संभावना है कि अलग-अलग समय पर राज्यों के साथ ही विधानसभा और लोकसभा के उपचुनाव भी करा लिए जाएं। कई राज्यों में तो उपचुनाव को भी सरकार के लिए जनादेश के तौर पर माना जा रहा है। यूपी में भाजपा को लोकसभा चुनाव में झटका लगा था। ऐस में अब 10 विधानसभा सीटों पर जीत के जरिए वह ताकत दिखाना चाहेगी। वहीं सपा और कांग्रेस एक बार फिर अपनी ताकत को दिखाना चाहेंगे। recent visitors 86