नीरज चोपड़ा ने बताया 8 अगस्त को फाइनल के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ बचाकर रखा है

पेरिस मौजूदा ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने मंगलवार को यहां स्टेड डी फ्रांस में पेरिस ओलंपिक में 89.34 मीटर के थ्रो के साथ पुरुषों की भाला फेंक क्वालिफिकेशन में शीर्ष पर रहने के बाद कहा कि उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ फाइनल के लिए बचा लिया है। नीरज ने अपने खिताब की रक्षा शुरू करने के अपने पहले प्रयास में दोनों समूहों में क्वालिफिकेशन का सर्वश्रेष्ठ थ्रो हासिल किया। उन्होंने टोक्यो 2020 ओलंपिक में 87.58 मीटर थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता था और ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धा में व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने। क्वालिफिकेशन राउंड की समाप्ति के बाद नीरज ने संवाददाताओं से कहा, "यह सिर्फ क्वालीफिकेशन राउंड है, फाइनल में मानसिकता और स्थिति अलग होती है। मुझे अच्छी शुरुआत के बाद फाइनल की तैयारियों पर ध्यान देना चाहिए।" 26 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि 84 मीटर के स्वचालित क्वालीफिकेशन मार्क के साथ क्वालीफाई करने वाले सभी थ्रोअर के बीच फाइनल में कड़ी प्रतिस्पर्धा होगी। हालाँकि, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि उन्होंने पदक स्पर्धा के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ बचाकर रखा है। नीरज ने कहा, "मैं फाइनल के लिए सर्वश्रेष्ठ बचा रहा हूं और उस पर ध्यान केंद्रित कर रहा हूं। मैं फाइनल के लिए तैयार हूं। मैं यहां अभ्यास में अच्छा नहीं कर रहा था लेकिन जब क्वालिफिकेशन शुरू हुआ, तो मैंने पहले थ्रो में क्वालिफाई करने का लक्ष्य रखा था। मेरी फिटनेस अब बेहतर है और मैंने पहला प्रयास करने से पहले अच्छी तरह से वार्मअप किया था। " नीरज के अलावा, आठ एथलीटों ने स्वचालित योग्यता अंक के साथ फाइनल के लिए क्वालीफाई किया, जिनमें ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स (88.63 मीटर), जर्मनी के जूलियन वेबर (87.76 मीटर), पाकिस्तान के अरशद नदीम (86.59 मीटर) और केन्या के जूलियस येगो (85.97 मीटर) शामिल हैं जिन्होंने शीर्ष पांच को पूरा किया। अपनी मानसिकता के बारे में बात करते हुए, नीरज ने कहा कि वह पहले थ्रो में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, "मैं पहली थ्रो से ही अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करता हूं लेकिन ऐसा हर बार नहीं होता। अगर मैं पहली थ्रो में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में असफल रहता हूं तो मैं हर थ्रो में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करता हूं।" जब उनसे वर्ष की शुरुआत में लगी एडक्टर चोट के बारे में पूछा गया, तो नीरज ने कहा, “मैं बेहतर महसूस कर रहा हूं और थ्रो से पहले उचित वार्म-अप के साथ सभी सावधानियां बरत रहा हूं।'' भारत के किशोर कुमार जेना, जो ग्रुप ए में थे, अपने पहले प्रयास में 80.73 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के बाद फाइनल में पहुंचने में असफल रहे। तीसरे प्रयास में 80.21 मीटर थ्रो करने से पहले दूसरा थ्रो फाउल था। विश्व और एशियाई चैंपियन नीरज गुरुवार (8 अगस्त) को ओलंपिक में दो व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बनने का लक्ष्य रखेंगे। recent visitors 98

डंपर से टकराई अधिकारियों की कार, राजस्थान-दौसा में नायब तहसीलदार-पटवारी और गिरदावर की मौत

दौसा. दौसा जिले की लालसोट तहसील के शिवसिंहपुरा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 11A पर हुए भीषण सड़क हादसे में नायब तहसीलदार गिरिराज शर्मा, गिरदावर दिनेश शर्मा, और पटवारी दिनेश शर्मा की मौत हो गई। सरकारी काम से जा रहे इन अधिकारियों की गाड़ी की तेज रफ्तार डंपर से जोरदार टक्कर हो गई, जिससे गाड़ी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। लालसोट विधानसभा के निर्झरना गिरिराज शर्मा (नायब तहसीलदार), दिनेश शर्मा (गिरदावर), दिनेश शर्मा (पटवारी) सरकारी काम से जा रहे थे। रास्ते में उनकी गाड़ी की डंपर से जोरदार भिड़ंत हो गई। हादस में गाड़ी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। गाड़ी में सवार तीनों राजस्व अधिकारियों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें प्रदीप पुत्र दामोदर शर्मा, मुकेश पुत्र रामनिवास मीणा और अभिषेक पुत्र अश्वनी शर्मा शामिल हैं। घटना के बाद तीनों मृतकों के शवों को लालसोट अस्पताल लाया गया, जहां उन्हें पोस्टमार्टम के लिए मॉर्चरी में रखा गया है। घायलों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। हादसे की जानकारी मिलते ही मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया, और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे की जांच जारी है और अधिकारियों द्वारा दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। recent visitors 149

इंदौर में कोरोना के दो नए मरीज मिले, इनमें से एक महिला का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है

इंदौर शहर में कोरोना के नए मरीज सामने आ रहे हैं, जिसने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। इंदौर में कोरोना के दो नए मरीज मिले हैं। इनमें से एक महिला का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। जुलाई से लेकर अब तक कोरोना के 7 मरीज मिल चुके हैं। मौसम में परिवर्तन के कारण संक्रमण इन मरीजों को मिलने का कारण मौसम परिवर्तन बताया जा रहा है। नए मामलों में एक पुरुष और एक महिला शामिल हैं। इनमें से एक मरीज का होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा है, जबकि दूसरा अस्पताल में भर्ती है। इंदौर डॉ. अंशुल मिश्रा, जिला महामारी विशेषज्ञ ने बताया खंडवा रोड निवासी 44 वर्षीय पुरुष और वैशाली नगर की 60 वर्षीय महिला पॉजिटिव मिली है। पुरूष मरीज ने कोरोना के लक्षण दिखने के बाद निजी प्रयोगशाला में परीक्षण कराया था। वहीं महिला विशेष जुपिटर अस्पताल में इलाज के दौरान पाजिटिव पाई गई थी। इन्हें सांस संबंधी समस्या होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शहर में प्रचलित वायरस के वैरिएंट के बारे में जानने के लिए इन रोगियों के सैंपल जीनोम अनुक्रमण के लिए एम्स भोपाल भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही वैरिएंट का पता चल सकेगा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इन मरीजों के परिवार के सदस्यों से भी संपर्क कर उनके स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जानकारी ली है। दो वर्ष से रखी जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन, अब तक शुरू नहीं गौरतलब है कि 2 वर्ष पहले एमजीएम मेडिकल कॉलेज में जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन आई थी, ताकि कोरोना सहित अन्य वायरस के विभिन्न वेरिएंट का पता लगाया जा सके, लेकिन विडंबना यह है कि अभी तक इसकी सुविधा मिलना शुरू नहीं हो पाई है। पहले जिम्मेदार डॉक्टरों की ट्रेनिंग का हवाला देते हुए इसे संचालित नहीं होना बताते थे। लेकिन छह माह पूर्व पुणे से डॉक्टर ट्रेनिंग कर भी लौट चुके हैं। इसके बावजूद भी मशीन का संचालन शुरू नहीं हो पाया। जिम्मेदार इसे शुरू नहीं होने का कारण हमेशा उपकरणों की कमी बताते हैं। ऐसे में अभी भी वैरिएंट की जांच के लिए सैंपल भोपाल भेजने पड़ते हैं, यहां से समय पर जांच रिपोर्ट नहीं मिल पाती है। recent visitors 115

ई-जादुई पिटारा की बताए गईं खूबियां, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री पहुंचे जशपुर के स्कूल में

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के समक्ष आज जशपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बंदरचुआं में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए संचालित डिजिटल एप ई- जादुई पिटारा की खूबियों का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षिका श्रीमती शशिकिरण कश्यप ने बहुत ही सुंदर तरीके से एक छोटी सी कहानी बताई। कक्षा 5वीं के बच्चे प्रतीक कुजूर, स्नेहा मिंज और प्रियंका बाई ने किस तरह खेल-खेल में इस एप के माध्यम से सिखाया जाता है उसका बहुत ही सुंदर प्रदर्शन किया। ई-जादुई पिटारा नई शिक्षा नीति ने तहत ही बनाया गया है ताकि बच्चों को पढ़ाई  बोझ न लगे और नवाचार के माध्यम से  बच्चे कठिन विषयों को भी  खेल खेल के माध्यम से आसानी से सीख सकते हैं। यह एप में मुख्य रूप से प्राइमरी तक के बच्चों के लिए बनाया गया है। इस एप के माध्यम से बच्चों  को उनके रुचि के अनुकूल बहुत ही सरल और मनोरंजक तरीके से सिखाया जाता है। इस एप्प में कहानियां, बालगीत, पहेलियां, कार्ड, ऑडियो पुस्तकें, खिलौने और खेल, हैंडबुक चार्ट और जादुई पिटारा बॉक्स के माध्यम से बच्चों के लिए रचनात्मक गतिविधियों का संचालन किया जाता है। इस एप से बच्चे, शिक्षक और पालक जुड़े रहते हैं।  कोई भी स्कूल में यदि कोई भी रचनात्मक गतिविधि होती है तो उसे इस एप में अपलोड कर सकते है। जिसे कोई भी पालक, बच्चे और टीचर अवलोकन कर सकते है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और पूरे मन लगाकर पढ़ाई करने की सीख दी। इस दौरान मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल उपस्थित थे। recent visitors 100

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा- नगरीय निकायों में कैडरवाइज रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया में तेजी लायें

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि नागरिकों को बेहतर सुविधा देने के लिये नगरीय निकायों में कैडरवाइज रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया में तेजी लायें। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में समृद्ध वन हैं, इस बात को ध्यान में रखते हुए विभाग मध्यप्रदेश को प्रदूषण मुक्त बनाने में श्रेष्ठ कार्य करते हुए इसे ग्रीन स्टेट के रूप में पहचान दिलाने की ठोस पहल करे। मंत्री श्री विजयवर्गीय आज भोपाल में मंत्रालय में विभागीय कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। इस मौके पर नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी भी मौजूद थीं। बैठक में विभाग के संकल्प पत्र की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में मंत्री श्री विजयवर्गीय ने निर्देश दिये कि भोपाल एवं इंदौर में महानगरीय सेवाओं को सुदृढ़ किया जाये। इन शहरों के आसपास के नगरों में बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाने के लिये मैट्रोपोलिटन अथॉरिटी के जरिये काम किये जाये। बैठक में अग्निश्मन सेवा के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिये अलग से संचालनालय गठित करने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया गया। अग्निश्मन सेवा में आधुनिकीकरण के लिये केन्द्र सरकार से करीब 300 करोड़ रूपये प्राप्त हुए हैं। साथ ही राज्य का अंश 100 करोड़ रूपये का है। राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आगजनी की घटना के दौरान ऐसे वाहनों की सेवा ली जाये, जो खेतों और ग्रामीण क्षेत्रों में आसानी से पहुँच सकें। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने शहरी क्षेत्रों में रजक समुदाय के लिये समर्पित लॉन्ड्री क्षेत्र आवंटित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि 5 महानगरों में भूमि चिन्हित कर इस कार्य की शुरूआत की जाये। स्मार्ट सिटी मिशन बैठक में बताया गया कि 10 हजार करोड़ रूपये के निवेश के साथ भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, सागर, सतना और उज्जैन में विकास कार्य किये जा रहे हैं। इनमें से 5 हजार 707 करोड़ रूपये के कार्य पूरे किये जा चुके हैं। इलेक्ट्रिक व्हीकल प्रोत्साहन नीति के तहत 6 शहरों में 552 ई-बसों के लिये निविदा जारी की जा चुकी हैं। इंदौर में 70 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। विभाग की अमृत 2.0 योजना में जल आपूर्ति की 151 परियोजनाओं में कार्यादेश जारी किये जा चुके हैं। नगरीय निकायों द्वारा संचालित दीनदयाल अंत्योदय रसोई घर केन्द्रों की संख्या अब बढ़कर 191 हो गई है। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना में 7 लाख 92 हजार आवास पूर्ण किये जा चुके हैं। महिला जन प्रतिनिधि सम्मेलन प्रमुख सचिव श्री नीरज मंडलोई ने बताया कि आगामी 12 अगस्त को भोपाल के रवीन्द्र भवन में नगरीय ‍निकायों की महिला जनप्रतिनिधियों का सम्मेलन और रक्षाबंधन कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन में करीब 3 हजार महिला जनप्रतिनिधियों के शामिल होने का अनुमान है। सम्मेलन में स्वसहायता समूह स्टॉल लगाये जायेंगे। प्रतिनिधियों को कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जायेगी। साथ ही नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा टीडीआर पोर्टल लांच किया जायेगा। आयुक्त नगरीय प्रशासन श्री भरत यादव ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में एक करोड़ 75 लाख पौधरोपण का कार्यक्रम तैयार किया गया है। पौधरोपण कार्यक्रम 15 सितम्बर तक चलेगा। भोपाल नगर की सड़कों पर चर्चा बैठक में भोपाल नगर निगम की सड़कों पर चर्चा की गई। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि राजधानी की सड़कों का मरम्मत कार्य प्राथमिकता के साथ किया जाये। भोपाल नगर निगम के पास 2020 किलोमीटर लंबाई की सड़के हैं। recent visitors 101

राजस्थान सरकार पर कानून और नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया, ये सरकार सत्ता के नशे में चूर है : टीकाराम जूली

जयपुर राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र जारी है। मंगलवार को विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक भी देखने को मिली। इस बीच नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भजनलाल सरकार पर हमला बोला। उन्होंने राजस्थान सरकार पर कानून और नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “विधानसभा अध्यक्ष ने हमारी पार्टी के सदस्यों को सदन से निकाल दिया। ये सरकार सत्ता के नशे में चूर है।" टीकाराम जूली ने कहा, “हमारी पार्टी ने सोमवार को सदन में पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की नियुक्ति का मुद्दा उठाया था। लेकिन, इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए सरकार एक प्रस्ताव लेकर आई और विधानसभा अध्यक्ष ने हमारे सदस्यों को सदन से निकाल दिया। राजस्थान सरकार सत्ते के नशे में चूर है और यहां नियमों और कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही है।” कांग्रेस नेता ने कहा, “भारत सरकार के नियमों और कानूनों को मानने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है। देश के गृह मंत्रालय की गाइडलाइन है कि कोई भी मंत्री अपने परिवार को कोई भी लाभ का पद नहीं देगा, लेकिन जोगाराम पटेल के बेटे को एएजी बनाया गया है। ये सरकार देश के गृह मंत्री अमित शाह के आदेश को नहीं मान रही है। जब हमने इस मुद्दे को सदन में उठाया, तो हमारे सदस्य को निलंबित कर दिया गया। हमारी बात नहीं सुनी जा रही है और राज्य में तानाशाही चल रही है।” उन्होंने नए कानूनों का जिक्र करते हुए कहा, “देश में नए कानून बीएनएस के तहत अधिवक्ताओं की नियुक्ति होनी थी। लेकिन, ये नियुक्तियां सीआरपीसी के तहत की गईं। हमारे मुद्दे से बचने के लिए सदन को भ्रमित किया जा रहा है।” नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सदन में विधायकों के साथ हुए धक्का-मुक्की का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, “सोमवार को सदन में हमारे कई विधायकों के साथ धक्का-मुक्की की गई। पुरुष कांस्टेबलों ने महिलाओं के साथ हाथापाई की। जो सोमवार को सदन में हुआ, वह तानाशाही से कम नहीं है। पहले भी सदन में हमारे सदस्यों के साथ ऐसा हुआ है।” recent visitors 104

खाद्य मंत्री श्री राजपूत के निर्देश पर सॉफ्टवेयर बदलने से आपूर्ति निगम को करोड़ो की बचत

भोपाल खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत के निगम की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिये जरूरी उपाय करने के निर्देश पर निगम द्वारा कार्रवाई शुरू की गई है। मध्यप्रदेश खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा बैंक ऑफ महाराष्ट्र के सॉफ्टवेयर के स्थान पर अपनी जरूरत के अनुसार एनआईसी से बनवाये गए सॉफ्टवेयर का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है। इससे निगम को करोड़ो रूपये की बचत होगी। मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम बैंक ऑफ महाराष्ट्र द्वारा उपलब्ध कराये गये सॉफ्टवेयर के माध्यम से जिलों के द्वारा प्रेषित धन मांग-पत्र एवं उनको राशि उपलब्ध कराने का कार्य किया जाता था। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से जिलों को राशि उपलब्ध कराने की संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण करने में जहां एक ओर अत्याधिक समय लगता था वहीं दूसरी ओर बैंक के खातों में राशि रखने के कारण उस पर ब्याज के रूप में निगम को अनावश्यक वित्तीय भार वहन करना पड़ता था। प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम श्री पी.एन. यादव ने बताया है कि इस समस्या का समाधान निगम द्वारा एनआईसी से विकसित कराये गये ऑनलाईन सॉफ्टवेयर के माध्यम से कराया गया है। इसके कारण जिलों की मांग एवं उन्हें राशि उपलब्ध कराने की संपूर्ण प्रक्रिया में लगने वाले समय में काफी कमी आई है। साथ ही जिला स्तर पर अनावश्यक राशि रखने के कारण होने वाले ब्याज के व्ययभार से बचत की स्थिति निर्मित हुई है। अन्य संसाधनों की भी बचत हुई है। एनआईसी के द्वारा विकसित किया गया साफ्टवेयर ओटीपी आधारित होने के कारण ज्यादा सुरक्षित है। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से जिलों द्वारा की जा रही मांग को नियंत्रित करने के लिये विभिन्न राइडर्स लगाये गये हैं। विभिन्न कार्यालयीन व्यय जैसे टैक्सी किराया, स्टेशनरी, टेलीफोन, कम्प्यूटर रख-रखाय व्यय एवं विभिन्न आकस्मिक व्यय पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है। निगम द्वारा किये गये इन बदलावों से करोड़ो रूपये की वार्षिक बचत होना संभावित है। recent visitors 95