आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा- बांग्लादेश का मौजूदा संकट यह पूरी दुनिया के लिए खतरा है

अमरोहा आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बांग्लादेश के मौजूदा हालात को पूरी दुनिया के लिए खतरा बताया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमें पाकिस्तान और बांग्लादेश के मौजूदा हालात पर पैनी नजर रखनी होगी। उन्होंने कहा कि हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि हम इस विषय को लेकर राजनीति ना करें। वहीं, उन्होंने शेख हसीना के भारत आगमन पर कहा कि भारत की हमेशा से ही संस्कृति रही है कि शरणागत को शरण दिया जाए। उन्होंने कहा, “जिस तरह से बांग्लादेश के हालात बिगड़े हैं, ये पूरी दुनिया के लिए एक तरह का खतरा है। पाकिस्तान के भी हालात बिगड़ रहे हैं। एक तरफ पाकिस्तान है, तो दूसरी तरफ बांग्लादेश है। दोनों ही पड़ोसी देशों में अराजकता और हिंसा की जो स्थिति पैदा हुई है, उसे देखते हुए मुझे लगता है कि भारत को बहुत सावधानी से चलना चाहिए, क्योंकि खतरा भारत पर भी मंडरा रहा है और यह खतरा विचारधारा का है। यह मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य का खतरा है, जिसको कोई संभ्रांत राष्ट्र स्वीकार नहीं कर सकता। हमें खुशी इस बात की है कि भारत में एक सशक्त नेतृत्व है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में एक सशक्त नेतृत्व मौजूद है, जिसे देखते हुए भारत के हितों पर किसी भी प्रकार का कुठाराघात नहीं हो सकता।” उन्होंने आगे कहा, ”बांग्लादेश के मौजूदा संकट को ध्यान में रखते हुए केंद्र की मोदी सरकार को सतर्क रहते हुए बांग्लादेश और पाकिस्तान की हर गतिविधि पर नजर रखनी होगी। भारत के सभी राजनीतिक दल और आम लोगों को भी देश के हितों को ध्यान में रखते हुए कदम उठाने होंगे। अपने स्वार्थ में अंधे होकर राष्ट्र का नुकसान करने वाले नेताओं से मैं अपील करना चाहता हूं कि सियासत और सत्ता अपनी जगह है, लेकिन जब बात राष्ट्र की आए, तो वहां अपना स्वार्थ छोटा पड़ जाता है।” उन्होंने कहा, “सियासत अपनी जगह है, लेकिन देशहित अपनी जगह पर है। राष्ट्र की सुरक्षा प्रथम है, लेकिन हमें एक बात समझनी होगी कि बांग्लादेश के राजनीतिक संकट की वजह से राष्ट्र की सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो गया है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करना चाहता हूं कि मौजूदा समय में जो बांग्लादेश में भारतीय मूल के लोग हैं, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का काम वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करें। बांग्लादेश में रहने वाले हिंदुओं को मारा जा रहा है, यह भी बहुत दुखद है। मैं प्रधानमंत्री से अपील करना चाहता हूं कि बांग्लादेश में जो कुछ भी हो रहा है, उसे रोकने की दिशा में काम करें, क्योंकि वे भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक नेता हैं। प्रधानमंत्री बांग्लादेश में घटने वाली घटनाओं पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि आगामी दिनों में वहां स्थिति सामान्य होगी।” बता दें कि बांग्लादेश में राजनीतिक संकट के बाद शेख हसीना प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भारत पहुंची हैं। वे हिंडन एयबरेस पर रुकी हुई हैं। बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति को लेकर मंगलवार सुबह सर्वदलीय बैठक हुई जिसमें बांग्लादेश के हालात पर सभी राजनीतिक दलों की राय ली गई। recent visitors 102

पूर्व विधायक के निधन से जुड़ा है मामला, विधानसभा अध्यक्ष की फटकार पर कलेक्टरों को भेजी चिट्ठी

रायपुर दिवंगत विधायकों की सूचना समय पर नहीं मिलने पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा लगाई गई शासन को फटकार का असर हुआ है. मंत्रालय से कलेक्टरों को पत्र जारी कर भविष्य में त्रुटि न होने की चेतावनी दी गई है. पत्र के संबंध में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट किया है. मामला विधानसभा के मानसून सत्र का है, जब सत्र के अंतिम दिन मनेंद्रगढ़ के पूर्व विधायक विजय सिंह के निधन की सूचना मिली थी. इस पर कांग्रेस और भाजपा दोनों पक्षों के विधायकों के कड़े एतराज के बाद स्पीकर डॉ. सिंह ने भी नाराजगी जाहिर की थी. उन्होंने यह व्यवस्था सुधारने शासन को निर्देश दिए थे. उन्होंने कहा कि यह देखने में आया है कि कई बार इस तरह की सूचना देने में स्थानीय प्रशासन की लापरवाही दिखाई पड़ती है, इसलिए राज्य शासन इसे गंभीरता से ले. सर्कुलर में कहा गया है कि वर्तमान विधायक, पूर्व विधायक, संसद सदस्य लोकसभा व राज्य आदि के बारे में जानकारी मिलते ही तत्काल विधानसभा सचिवालय को अवगत कराया जाए. इसमें छत्तीसगढ़ व अविभाजित मध्यप्रदेश के सदस्यों को भी शामिल किया गया है. दिवंगत विधायक सिंह को लेकर जीएडी ने कहा है कि ऐसा लगता है यह प्रभावी व्यवस्था में खामी का नतीजा है. यह उचित नहीं है. recent visitors 83

गोरखपुर में एक ऐसा मंदिर जहां श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ होती है, शिवलिंग पर कलमा लिख दिया मुस्लिम शासक

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक ऐसा शिव मंदिर है जिसे देखने और जल चढ़ाने के लिए दूर-दूर से सावन के महीने में आते हैं। यह मंदिर जिले के  खजनी क्षेत्र के सरया तिवारी गांव में स्थित है।  कहा जाता है मंदिर में मौजूद शिवलिंग पर मोहम्मद गजनवी ने कलमा लिख दिया था। ताकि हिंदू इसकी पूजा न करें। आपको बता दें कि गोरखपुर शहर से 20 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद एक ऐसा मंदिर जहां सोमवार को श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ होती है। मंदिर की एक और मान्यता है। वहां के पुजारी जेपी पांडे और श्रद्धालु बताते हैं कि, इस मंदिर पर काफी बार कोशिश करने के बाद भी कभी छत नहीं लगाया जा सका। यह शिवलिंग आज भी खुले आसमान के नीचे है। मंदिर के बगल में एक तालाब है। जिसमें नहाने से कुष्ठ रोग से एक पीड़ित राजा ठीक हो गए थे। सावन के महीना में इस मंदिर की और शिवलिंग की, मान्यता बढ़ जाती है। सोमवार को तो लोग यहां पूजा पाठ करने जल चढ़ाने आते हैं। लेकिन सावन के महीना में सुबह से ही लंबी लाइन लग जाती है। हर कोई भगवान शंकर को जल चढ़कर यहां आशीर्वाद लेना चाहता है। कई श्रद्धालु यहां पर आने के बाद शिवलिंग पर लेप लगाते हैं। उसके बाद बेलपत्र चढ़ाकर जल भगवान शंकर को अर्पित करते हैं।   recent visitors 113

स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने में वैश्विक समाजसेवी संस्थाओं और एनजीओ के अनुभव सहयोगी: उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

भोपाल उप-मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने एनएचएम भवन में सरकार के साथ कार्य कर रहे विभिन्न डेवलपमेंट पार्टनर्स, एनजीओ के प्रतिनिधियों के साथ वृहद् चर्चा की। उन्होंने विभिन्न संस्थाओं द्वारा प्रदेश में की जा रही गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि हम सभी को मिलकर मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य संकेतकों में शीर्ष में ले जाना है। उन्होंने विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों से मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार के लिए सुझाव प्राप्त किए और कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त कर स्वास्थ्य मानकों में सुधार के लिए प्राप्त सुझावों पर तत्परता से कार्य किए जाएँगे। उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग और योजनाओं के निर्धारण और क्रियान्वयन की मैदानी समस्याओं का उचित निराकरण करने में यह सुझाव उपयोगी होंगे। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में संसाधनों और इच्छाशक्ति की कमी नहीं है। स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के लिए अधोसंरचना विस्तार, चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय मैन पॉवर उपलब्धता, अत्याधुनिक उपकरण आदि की प्राथमिकता से व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन और मूल्यांकन में स्वास्थ्य क्षेत्र में लंबे समय से कार्य कर रहे वैश्विक स्तर के एनजीओ के सुझाव सेवाओं को सशक्त करने में सहयोगी होंगे। बैठक में एमडी एनएचएम श्रीमती प्रियंका दास, संचालक आईईसी डॉ. रचना दुबे, संचालक एमसीएच डॉ. अरुणा कुमार, संचालक एनएचएम श्री के.के. रावत सहित विभागीय अधिकारी यूनीसेफ़, डब्ल्यूएचओ, यूएनडीपी, सीएचएआई, एविडेंस एक्शन, टाटा ट्रस्ट सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्य कर रहे विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।   recent visitors 90

कंटेनर से गुजरात ले जाते 2 आरोपी गिरफ्तार, राजस्थान-सिरोही में पकड़ी चंडीगढ़ मेड 840 कार्टन अंग्रेजी शराब

सिरोही. आबूरोड रीको पुलिस ने कंटेनर में छिपाकर गुजरात ले जाए जा रही चंडीगढ़ निर्मित अंग्रेजी शराब के 840 कार्टन जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़ी गई शराब की कीमत करीब 70 लाख रुपये बताई गई है। आबूरोड रीको थानाधिकारी सीताराम की अगुवाई में टीम द्वारा मावल चौकी पर नाकाबंदी की गई थी। उस दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा आबूरोड की ओर से गुजरात जा रहे कंटेनर को रुकवाकर तलाशी ली गई। कंटेनर में चंडीगढ़ निर्मित अंग्रेजी शराब 840 कार्टन पाए गए। आवश्यक कारवाई के बाद शराब और कंटेनर को जब्त कर गरल, पुलिस थाना बाड़मेर सदर, जिला बाड़मेर निवासी मानाराम पुत्र जीपाराम जाट एवं रामदेरिया, निम्बासागर नाड़ी, पुलिस थाना बाड़मेर सदर, जिला बाड़मेर निवासी हराजराम पुत्र श्यामाराम जाट को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई में मावल चौकी प्रभारी पूराराम, हेड कांस्टेबल किशनलाल, कांस्टेबल गोकुल सिंह, महेन्द्र सिंह, प्रकाश, प्रवीणसिंह, रिंकू सिंह, दिलीप सिंह, मालदेव, गोपाल और प्रकाश सम्मिलित रहे। मामले की जांच है जारी इस मामले में आबूरोड रीको पुलिस थानाधिकारी सीताराम का कहना है कि अब तक जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार गिरफ्तार आरोपियों को मोबाइल पर डायरेक्शन मिल रहे थे। इन्हें मेहसाणा, गुजरात पहुंचने के लिए कहा गया था। वहां से शराब की कहां डिलीवरी की जानी है, इसके बारे में इन्हें बताया जाता, लेकिन इससे पहले कि ये गुजरात सीमा में प्रवेश कर पाते पुलिस ने इन्हें पकड़ लिया। मामले की अग्रिम जांच जारी है। recent visitors 104

विद्युत बिल राशि की वसूली अभियान में प्रशासन एवं पुलिस का सहयोग लेकर प्रभावी कार्यवाही की जाए: अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री श्रीवास्तव

भोपाल अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव ने कहा है कि बकाया विद्युत बिल राशि वसूली करना और ईमानदार उपभोक्ताओं को निर्बाध रूप से विद्युत प्रदाय करना हमारा संकल्प है। मध्यप्रदेश के सभी शहरों में ऐसे क्षेत्र जहाँ पर सम्पन्न लोग रहते हैं और विद्युत बिल जमा नहीं करते हैं, उनसे विद्युत की राशि वसूल करने का विशेष अभियान चलाया जायेगा। विद्युत बिल वसूली के कार्य में जिला कलेक्टरों एवं पुलिस विभाग का सहयोग बहुत ही जरूरी है। अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव ने संभागीय आयुक्त कार्यालय ग्वालियर में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक एवं ग्वालियर संभाग के जिला कलेक्टरों से गूगल मीट के माध्यम से चर्चा करते हुए यह बात कही। बैठक में संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री, आईजी ग्वालियर रेंज श्री अरविंद सक्सेना, कलेक्टर ग्वालियर श्रीमती रुचिका चौहान, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल, पुलिस अधीक्षक श्री धर्मवीर सिंह सहित विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, सीईओ विकास प्राधिकरण श्री नरोत्तम भार्गव एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि यह देखने में आया है कि सम्पन्न कॉलोनियों में रहने वाले लोग भी विद्युत बिल जमा नहीं करते हैं और यह स्थिति है कि वे अपने घरों पर लगे बिजली मीटरों से प्रतिमाह 150 रूपए का औसत बिल ही जमा कर रहे हैं, ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनसे वसूली के लिये विद्युत विभाग प्रशासन व पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने कलेक्टरों से अपेक्षा की कि जिस प्रकार आरआरसी जारी कर अन्य विभागों की वसूली राजस्व विभाग के माध्यम से की जाती है, उसी प्रकार विद्युत बिल की राशि भी वसूल करने पर सहयोग प्रदान किया जाए। उन्होंने यह भी अपेक्षा की कि ग्वालियर-चंबल संभाग में बंदूक लायसेंस का प्रचलन अधिक है। अगर कलेक्टर चाहे तो जिनके पास विद्युत बिल बकाया है उसके शस्त्र लायसेंस भी निलंबित करने की कार्रवाई कर सकते हैं। अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव ने पुलिस अधीक्षक से भी अपेक्षा की कि विद्युत बिल वसूली के अभियान में विद्युत विभाग के अधिकारियों को पुलिस सहयोग प्रदान करें। गूगल मीट से जुड़े कलेक्टर ने अपने-अपने जिले में विद्युत बिल वसूली के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने की बात कही। संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री ने अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव को आश्वस्त किया कि विद्युत बिल वसूली के लिये चलाए जाने वाले अभियान में ग्वालियर संभाग के सभी जिलों में सहयोग मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों से भी कहा कि वे नियमित रूप से संपर्क में रहकर की जा रही कार्रवाई से अवगत कराएं। अभियान में कहीं पर भी परेशानी आने पर संबंधित जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं आवश्यक हो तो संभागीय आयुक्त को भी अवगत कराया जाए।   recent visitors 101

हीमोग्लबिनोपैथी मिशन और एम्बुलेंस सेवा व्यवस्था की उप-मुख्यमंत्री ने की समीक्षा

भोपाल उप-मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय में प्रदेश में हीमोग्लोबिनोपैथी मिशन की गतिविधियों और एम्बुलेंस सेवा के संचालन की समीक्षा की। उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन के लिए नागरिकों को सावधानियों के प्रति जागरूक और सजग होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने हीमोग्लोबिनोपैथी मिशन अन्तर्गत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की और निर्देश दिये कि सिकल सेल रोगियों एवं वल्नरेबल क्षेत्र के नागरिकों के बचाव एवं उपचार के लिए संचालित जागरूकता गतिविधियों का मैदानी स्तर पर मूल्यांकन करें। यह सुनिश्चित करें कि प्रभावित क्षेत्र का हर नागरिक उसे समझे और आत्मसात करे ताकि सिकल सेल एनीमिया को जड़ से समाप्त किया जा सके। उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल को अवगत कराया गया कि वर्तमान में प्रदेश के 33 ज़िलों में सिकल मरीज़ों की स्क्रीनिंग का कार्य किया जा रहा है। 59 लाख से अधिक नागरिकों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिनमें 1 लाख 34 हज़ार नागरिक सिकल सेल वाहक और 20 हज़ार 526 सिकल सेल एनीमिया के मरीज़ पाये गये हैं। 32 लाख 37 हज़ार 842 व्यक्तियों को सिकल सेल कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। मरीजों के उपचार एवं प्रबंधन के लिए चिह्नांकित जिलों में 6 से 10 बिस्तरीय एकीकृत उपचार केंद्र स्थापित कर मरीजों को प्रबंधन एवं उपचार के साथ हाइड्रॉक्सीयूरिया, फोलिक एसिड दवाइयों का वितरण किया जा रहा है। एकीकृत उपचार केन्द्रों में निःशुल्क एवं रिप्लेसमेंट फ्री एवं सुरक्षित रक्त की सुविधा है। वर्ष 2024-25 में सिकल सेल मरीजों को लगभग 9 लाख 22 हज़ार 500 हाइडॉक्सीयूरिया का वितरण एवं 3 हज़ार 37 यूनिट निःशुल्क रक्ताधान किया गया है। उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने प्रदेश में एम्बुलेंस संचालन व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की एवं नागरिकों को सुविधाजनक रूप से एम्बुलेंस सेवा प्रदाय के निर्देश दिये। वर्तमान में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 9300 हितग्राहियों को एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जाती है, जिनमें से लगभग 5000 प्रकरण बेसिक और एडवांस लाइफ सपोर्ट के और लगभग 4200 प्रकरण गर्भवती महिलाओं व बच्चों को एम्बुलेंस सेवा प्रदाय संबंधी होते हैं। शहरी क्षेत्रों में रिस्पांस टाइम 18 मिनट, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में रिस्पांस टाइम 25 मिनट है। प्रदेश में 167 एडवांस लाइफ सपोर्ट, 835 बेसिक लाइफ सपोर्ट और 1059 जननी एम्बुलेंस कुल 2061 एम्बुलेंस वाहन द्वारा सेवा का प्रदाय किया जा रहा है। बैठक में एमडी एनएचएम श्रीमती प्रियंका दास, संचालक एनएचएम श्री केके रावत सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 128