मुख्यमंत्री ने बच्चों की अच्छी शिक्षा और उन्नत भविष्य के लिए शिक्षकों और पालकों के बीच नियमित संवाद आवश्यक

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जशपुर जिले के ग्राम बंदरचुंआ में आयोजित मेगा शिक्षक पालक कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों की अच्छी शिक्षा और इनके उन्नत भविष्य के लिए यह आवश्यक है कि अभिभावक शिक्षकों से नियमित रूप से संवाद करें जितना अधिक शिक्षक और अभिभावक संवाद प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे, उतना ही अधिक बच्चों का रचनात्मक विकास होगा, उन्होंने पालकों और शिक्षकों से कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए उन्हें बेझिझक बोलने के लिए तैयार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विकास का मूलमंत्र हैं। यह केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं है बल्कि किसी भी क्षेत्र में सबसे अच्छा काम करने के लिए भी शिक्षा बेहद जरूरी है। एक शिक्षित और अशिक्षित व्यक्ति दोनों ही जीवन जीते हैं लेकिन दोनों के जीवन की गुणवत्ता में काफी अंतर देखने में आता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक बच्चे के भीतर आई जिज्ञासाओं का समाधान करने की कोशिश करें। घर पहुंचने पर यह जरूर पूछें कि बच्चे ने आज क्या सीखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंदरचुंआ के स्कूल से पुराना लगाव है। यहां के शिक्षक और जागरूक पालकों के कारण इस स्कूल में शिक्षा का स्तर काफी अच्छा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के समाज में पुरातन काल से ही शिक्षा का काफी महत्व रहा है। भारत विश्वगुरू कहलाता था। पूरी दुनिया से लोग यहां के विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति लाई गई है जिसे प्रदेश में लागू किया गया है। इसमें नैतिक शिक्षा को भी शामिल किया गया है। संस्कार सिखाने के साथ ही रोजगार के लिए भी विद्यार्थियों को तैयार किया जा रहा है। छात्रों के स्किल बिल्डिंग पर काम किया जा रहा है, ताकि उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकें। गर्मी में लगाए गए समर कैंप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गर्मी में समर कैंप लगाए गए। बच्चों को बहुत सी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय स्कूलों में पालक शिक्षक बैठक का नियमित आयोजन किया जाएगा। उन्होंने सभी पालकों से अनुरोध किया कि स्कूल आएं और अपने बच्चे के पढ़ाई लिखाई और प्रोग्रेस के बारे में जाने। उन्होंने कहा कि स्थानीय बोली भाषा में भी पढ़ाई को बढ़ावा दिया जायेगा। इसके लिए किताबें भी उपलब्ध कराई जायेगी। पीएम श्री योजना से स्कूलों में संसाधनों को बेहतर किया जायेगा। टॉपर बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। सरस्वती सायकल योजना से छात्राओं को सायकल वितरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नालंदा परिसर की तर्ज में प्रदेश के 22 जिलों में पुस्तकालय का निर्माण किया जा रहा है, इसमें जशपुर और कुनकुरी में भी नालंदा परिसर खोलने जा रहे हैं। यहां बच्चों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के किताबें वातावरण भी उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री को पालक शिक्षक बैठक में 12 मुख्य गतिविधियों के बारे में स्कूल के बच्चों ने ही बताया। पालकों ने भी अपने अनुभव बताए। पालक हरिसेवक चौहान ने बताया कि उनका एक पोता यहां से पढ़कर अभी एमएससी कर रहा है और एक यहां से ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ रहा है। वे एक जागरूक पालक हैं जो अपने बच्चों के पढ़ाई लिखाई के बारे में पूरी जानकारी रखते हैं। परिवार पहली पाठशाला है और माता पिता पहले गुरु : कौशल्या साय इस मौके पर मुख्यमंत्री की धर्म पत्नी कौशल्या साय ने भी संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि बंदरचुंआ स्कूल में सन 1997-98 से स्वतंत्रता और गणतंत्र दिवस के आयोजन में शामिल होने का मौका मिल रहा है। यहां के बच्चों के साथ दिल से जुड़ाव है। परीक्षा से पहले भी यहां बच्चों के मार्गदर्शन के लिए पहुंचते रहे हैं। बच्चों और पालकों से यही बात कहना चाहती हूं कि परीक्षा परिणाम के लिए तनाव नहीं लेना है। पूरी मेहनत से परीक्षा देना है। नंबर कम ज्यादा हो तो तनाव बिल्कुल न लेना है। परिवार पहली पाठशाला है और माता पिता पहले गुरु हैं। मुख्यमंत्री ने बंदरचुंआ के विकास के लिए की महत्वपूर्ण घोषणाएं इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बंदरचुंआ में सर्वसुविधायुक्त बस स्टैंड निर्माण की घोषणा की। साथ ही उन्होंने प्राथमिक शाला बंदरचुंआ से छेराघोघरा चौक तक सड़क किनारे सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने, भुइयार बस्ती से सरना पहुंच मार्ग में सड़क और पुल, गायत्री मंदिर और शिव मंदिर के जीर्णाेद्धार, आश्रम छात्रावास को 50 सीटर से 100 सीटर करने तथा बंदरचुंआ में मिनी स्टेडियम निर्माण की घोषणा की। recent visitors 100

ढही मूसलाधार बारिश के बीच बड़ा हादसा टला, राजस्थान-अजमेर में बरसों पुरानी हवेली ढही

अजमेर/ब्यावर. ब्यावर जिले के मसूदा विधानसभा क्षेत्र में एक वर्षों पुरानी हवेली के गिरने का लाइव वीडियो सामने आया है। अजमेर संभाग में पिछले पांच दिनों से भारी बारिश के चलते अजमेर सहित आसपास के जिलों की कई कॉलोनियों मे जल भराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है तो वहीं कई इलाकों माँ पुरानी इमारतें धराशायी हो चुकी हैं। ऐसे ही मसूदा विधानसभा के गांव किराप में एक पुरानी हवेली बारिश की वजह से गिर गई, जिसका लाइव वीडियो सामने आया है। वीडियो में हवेली गिरते हुए दिखाई दे रही है। हवेली में दरार आने के बाद से हवेली में रहने वाले लोगों ने हवेली को छोड़ दिया था लेकिन भारी बारिश के चलते हवेली धराशायी हो गई। मौसम विभाग ने पहले ही अजमेर सहित आसपास के जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी कर रखा है। recent visitors 115

7 सूत्रीय मांगों को लेकर मंत्रालयीन अधिकारियों-कर्मचारियों ने निकाली मशाल रैली

रायपुर रायपुर में अधिकारी और कर्मचारियों ने ‘झन कर इंकार, हमर सुनव सरकार’ के नारे के साथ महँगाई भत्ता और एरियर्स समेत सात सूत्रीय मांग को लेकर मंत्रालय से संचालनालय तक मशाल रैली निकाली। अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के पदाधिकारी राजेश चटर्जी और कमल वर्मा ने बताया कि यह रैली अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले चरणबद्ध आंदोलन का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि 20-30 अगस्त तक सभी सांसदों और विधायकों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। 11 सितंबर से जिला, ब्लॉक, तहसील स्तर पर मशाल रैली निकालकर प्रदर्शन किया जाएगा, और 27 सितंबर को सामूहिक अवकाश लेकर प्रदर्शन होगा। आज मशाल रैली और चरणबद्ध आंदोलन के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों ने महँगाई भत्ता, एरियर्स सहित सात सूत्रीय माँगों को जोर-शोर से उठाया और जमकर नारेबाजी की, इस दौरान सैकड़ों की संख्या में मंत्रालयीन अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन की सात सूत्रीय मांग     कर्मचारियों को केंद्र के समान 1 जनवरी 2024 से महँगाई भत्ता में 4% वृद्धि के साथ 50% महँगाई भत्ता दिया जाए।     1 जुलाई 2019 से लंबित महँगाई भत्ता एरियर्स को GPF खाते में जमा किया जाए।     कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान स्वीकृत किया जाए।     कर्मचारियों को केंद्र के समान गृह भाड़ा दिया जाए।     अर्जित अवकाश नकदीकरण की सीमा 240 दिन से बढ़ाकर 300 दिन की जाए।     प्रदेश के लिपिकों के वेतनमान में सुधार किया जाए।     संचालनालयीन कर्मचारियों को संचालनालयीन भत्ता और मंत्रालय में प्रवेश के लिए पत्र दिया जाए। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि अगर उनकी माँगें पूरी नहीं की गईं, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। recent visitors 93

हसीना तो उड़ गईं, अब हमें भी शरण दें; भारत से गुहार लगा रहे बांग्लादेशी नेता

ढाका शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने और देश छोड़ने के बाद भी बांग्लादेश में हिंसा रुक नहीं रही है. अब उपद्रवी अल्पसंख्यक हिंदुओं, शेख हसीना और उनकी पार्टी आवामी लीग के समर्थकों और उनके प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहे हैं. सोमवार को जेसोर में एक होटल में उपद्रवियों ने आग लगा दी, जिसमें आठ लोगों की जलकर मौत हो गई और 84 अन्य घायल हो गए. जिस होटल में आगजनी हुई वह आवामी लीग के नेता शाहीन चकलादार का है. चकलादार जेसोर जिले के आवामी लीग महासचिव हैं. डिप्टी कमिश्नर अबरारुल इस्लाम ने आगजनी की खबर की पुष्टि की. मृतकों में से दो की पहचान 20 वर्षीय चयन और 19 वर्षीय सेजन हुसैन के रूप में हुई है. जशोर जनरल अस्पताल के एक कर्मचारी हारुन-या-रशीद ने बताया कि कम से कम 84 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जिनमें से अधिकांश छात्र हैं. बांग्लादेश के 27 जिलों में हिंदुओं को बनाया निशाना बांग्लादेश के प्रमुख अखबार डेली स्टार ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि देश में हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं. कल कम से कम 27 जिलों में भीड़ द्वारा हिंदू घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर हमला किया गया, जबकि उनका कीमती सामान भी लूट लिया गया. उपद्रवियों ने लालमोनिरहाट के तेलीपारा गांव में पूजा उद्जापन परिषद के सचिव प्रदीप चंद्र रॉय के घर में तोड़फोड़ और लूटपाट की. उन्होंने थाना रोड पर जिले के पूजा उद्जापन परिषद के नगर पालिका सदस्य मुहिन रॉय की एक कंप्यूटर दुकान में भी तोड़फोड़ और लूटपाट की. इसके अलावा, जिले के कालीगंज उपजिला के चंद्रपुर गांव में चार हिंदू परिवारों के घरों में तोड़फोड़ और लूटपाट की गई. उपद्रवियों का जेल पर धावा, 500 कैदियों को छुड़ाया बांग्लादेश के शेरपुर जिला जेल में उपद्रवियों ने धावा बोल दिया और करीब 500 कैदियों को जेल से भगाने में मदद की. सोमवार को कर्फ्यू के बीच लाठी-डंडों और हथियारों से लैस स्थानीय भीड़ ने जुलूस निकाला. इस दौरान भीड़ ने शहर के दमदमा-कालीगंज इलाके में स्थित डिस्ट्रिक्ट जेल पर धावा बोल दिया. उपद्रवियों ने जेल का गेट तोड़ दिया और आग लगा दी. उपद्रवियों ने क्रिकेटर मशरफे मुर्तजा का घर जलाया उपद्रवियों ने अवामी लीग के सांसद काजी नबील के आवास पर भी तोड़फोड़ की और आग लगा दी. बांग्लादेश क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मशरफे मुर्तजा के घर को भी आग के हवाले कर दिया गया. बता दें कि मुर्तजा आवामी लीग के नेता हैं. उन्होंने जनवरी में हुए आम चुनावों में शेख हसीना की पार्टी से चुनाव लड़ा था और संसद सदस्य बने थे. राजधानी ढाका में विभिन्न स्थानों पर हजारों लोग प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे का जश्न मनाते देखे गए. जश्न के दौरान कुछ लोगों ने चित्तरमोर इलाके में जाबिर होटल में आग लगा दी और उसके फर्नीचर को तोड़-फोड़ दिया. इसके अतिरिक्त, जिला अवामी लीग कार्यालय और शरशा और बेनापोल क्षेत्रों में तीन और अवामी लीग नेताओं के घरों पर उपद्रवियों द्वारा हमला किया गया. बांग्लादेश में 4 अगस्त को मारे गए थे 98 प्रदर्शनकारी पुलिस ने 4 अगस्त को पीएम शेख हसीना के इस्तीफे की मांग कर रहे हजारों लोगों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया. इस बल प्रयोग में कम से कम 98 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हो गए. 4 अगस्त की यह हिंसा बांग्लादेश में सिविल अनरेस्ट के हालिया इतिहास में सबसे घातक दिनों में से एक है. इससे पहले गत 19 जुलाई को 67 लोगों की मौत हो गई थी, जब छात्रों ने सरकारी नौकरियों में कोटा सिस्टम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था. उपद्रवियों ने बांग्लादेश के पीएम आवास में की लूटपाट इससे पहले 5 अगस्त को बांग्लादेश में बिगड़ते हालातों के बीच शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और देश छोड़ने पर मजबूर हुईं. फिलहाल सेना ने बांग्लादेश में शासन संभाला है और अंतरिम सरकार के गठन की प्रक्रिया चल रही है. हसीना वायुसेना के विशेष विमान से भारत के हिंडन एयरबेस पहुंचीं. वह यहां एक सेफ हाउस में ठहरी हैं. हजारों उपद्रवियों की भीड़ ने 5 अगस्त को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री आवास 'गणभवन' पर धावा बोल दिया और जमकर लूटपाट की. पीएम आवास में जो भी मिला, उपद्र​वी अपने साथ उठा ले गए. कुछ किचन में मौजूद चीजें खाते दिखे, कुछ बेडरूम में सोये देखे गए. यहां तक की शेख हसीना और उनकी बेटी के कपड़े समेत अन्य सामान भी उपद्रवी लूट ले गए. इंटरनेट पर वायरल वीडियो में लोगों को प्रधानमंत्री आवास से सोफा, बकरी, खरगोश, मछली, कुर्सियां इत्यादि ले जाते देखा गया. ऐसी ही कुछ स्थिति अफगानिस्तान में देखने को मिली थी, जब तालिबान ने सत्ता पर कब्जा किया था. श्रीलंका में भी एक साल पहले आंदोलनकारी राष्ट्रपति आवास में घुस गए थे. विवादित कोटा सिस्टम के खिलाफ शुरू हुआ था प्रोटेस्ट कोटा सिस्टम के खिलाफ हाई कोर्ट के आदेश के बाद पिछले महीने के अंत में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन तब नाटकीय रूप से बढ़ गया जब देश के सबसे बड़े ढाका विश्वविद्यालय में आंदोलनकारी छात्रों की पुलिस और सरकार समर्थक प्रदर्शनकारियों के साथ हिंसक झड़प हो गई. इन विरोध प्रदर्शनों की जड़ें उस विवादास्पद कोटा सिस्टम में निहित हैं, जो पाकिस्तान के खिलाफ बांग्लादेश के 1971 के स्वतंत्रता संग्राम में लड़ने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार के सदस्यों के लिए 30 प्रतिशत तक सरकारी नौकरियों को आरक्षित करता है. हालांकि, आंदोलन के बीच सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में इस कोटा सिस्टम को खत्म करके 93 फीसदी भर्तियां मेरिट के आधार पर कर दीं और ​आरक्षण का दायरा सिर्फ 7 प्रतिशत तक सीमित कर दिया. पीएम पद से इस्तीफा दिया और फिर हेलिकॉप्टर के जरिए भारत आ गईं। फिलहाल वह भारत में ही हैं और यहां से ब्रिटेन जाने की राह तक रही हैं। ब्रिटेन से राजनीतिक शरण की मंजूरी मिलने के बाद वह लंदन जाकर रहना चाहेंगी। इस तरह बांग्लादेश में मचे कोहराम से किसी तरह निकलकर शेख हसीना भारत आई हैं। इस बीच उनकी पार्टी अवामी लीग के नेताओं के घरों पर बांग्लादेश में हमले जारी हैं। हालात इतने विकट हैं कि ये नेता भागे-भागे घूम रहे हैं और जान बचाने के लिए … Read more

एनसीएल बिलौजी में शुरू होगा विधायक महोत्सव दुबई थीम कार्निवल मेला

सिंगरौली  जिला मुख्यालय बैढ़न के एनसीएल मैदान बिलौजी में आगामी 12 अगस्त से विधायक महोत्सव दुबई थीम कार्निवल मेला का शुभारंभ आगामी 12 अगस्त से किया जायेगा। विधायक राम निवास शाह ने मेला आयोजन के लिए विधिवत भूमि पूजन किया। यह मेला विधायक के प्रयास से लगने जा रहा है। सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह के अथक प्रयासों के बाद अब अपने शहर सिंगरौली में दुबई थीम कार्निवल मेला का आयोजन जल्दी होने जा रहा है। जिसका आज भूमि पूजन विधायक रामनिवास शाह एवं  भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुन्दर लाल शाह, जिला पंचायत सदस्य अशोक पैगाम, संदीप शाह, व पार्षद संतोष शाह सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। इस संबंध में मेला के आयोजक विनोद सोनी ने उक्त आषय के जानकारी देते हुये बताया कि मेले में लंदन ब्रिज, एसिल टावर, बुर्ज खलीफा, होटल अलाराम, अटल टनल, यूनिवर्सल राकेट बिल्डिग, ब्रोकेन बिल्डिग, ट्वीन टावर,  अषोक चक्र,  मून के साथ खाना खरीदी मनोरंजन एक जगह एक साथ आधुनिक प्रकार के झूलो के साथ बिना पासपोर्ट, बिना वीजा सिंगरोली में ही दुबई की सैर करे इसे प्रदर्षित किया जायेगा। यह आयोजन 12 अगस्त को शाम 4 बजे से रात्रि 10ः30 बजे तक किया जायेगा। recent visitors 194

सर्राफा बाजार में सपाट स्तर पर कारोबार, चांदी में मामूली तेजी

नई दिल्ली  घरेलू सर्राफा बाजार में सोना सपाट स्तर पर कारोबार करता नजर आ रहा है। हालांकि चांदी की कीमत में आज मामूली तेजी दर्ज की गई है। सोने की कीमत के सपाट स्तर पर बने रहने की वजह से देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना 70,950 रुपये से लेकर 70,570 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना सर्राफा बाजारों में 64,990 रुपये से लेकर 64,690 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। दूसरी ओर चांदी की कीमत में आज 400 रुपये तक की तेजी बनी हुई है, जिसकी वजह से दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी आज 85,800 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना आज भी 70,720 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 64,840 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। इसी तरह मुंबई में 24 कैरेट सोना 70,570 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 64,690 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। जबकि चेन्नई में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 70,950 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 64,990 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। इन प्रमुख शहरों के अलावा अहमदाबाद में 24 कैरेट सोना आज 70,620 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 64,740 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। इसी तरह कोलकाता में 24 कैरेट सोना 70,570 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 64,690 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंचा हुआ है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 70,720 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 64,840 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। वहीं, पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 70,620 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जबकि 22 कैरेट सोना 64,740 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह जयपुर में 24 कैरेट सोना 70,720 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 64,840 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना आज 70,570 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 64,690 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।   recent visitors 113

कटनी के किसान को उगाया 45 किलो का विशालकाय कटहल, बेचने में आईं मुश्किलें

कटनी जिले के बरही के बस स्टैंड पर सोमवार दोपहर 45 किलो वजनी चार फीट का कटहल देख लोग चौक गए। यह कटहल शहडोल जिले के ब्यौहारी के ग्राम छतैनी से एक किसान बेचने के लिए लाया था। 45 किलो वजन के कटहल का बाजार में खरीदार नहीं मिला तो किसान ने स्थानीय महिला दुकानदार दुअसिया बाई को 200 रुपए में बेच दिया। दुअसिया बाई ने बताया कि किसान हर साल बड़े-बड़े कटहल लेकर बरही के बाजार आता है। 60 वर्ष से अधिक उम्र होने के कारण वे किसान का नाम-पता नहीं बता सकीं। उमरिया-शहडोल और बरही के जंगलों से कटहल की काफी फसल आ रही है। आवक ज्यादा होने से अभी यहां 15 से 20 रुपए किलो के भाव मिल रहे हैं। जबकि शहरों में दाम 50 रुपए किलो से ज्यादा है। 4 लोगों ने उतरवाया कटहल कटनी जिले के बरही बस स्टैंड पर एक किसान कटहल की कई बोरियों के साथ उतरा। हालांकि लोगों की नजर एक 4 फीट बड़े कटहल पर आकर ठहर गई। बताया जा रहा है कि उसे उतारने के लिए 4 लोगों की मदद लेनी पड़ी। जैसे-तैसे उसे मंडी तक ले जाया गया। वजन ज्यादा और साइज में बड़ा होने के चलते कई घंटो के इंतजार के बाद भी किसान को उस कटहल का कोई खरीददार न मिला। मजबूरन उस बुजुर्ग किसान को 45 किलो वजनी और चार फीट के बड़े कटहल को मात्र 200 में बेचकर जाना पड़ा। महिला दुकानदार ने खरीदा कटहल बताया जा रहा है कि कटहल लाने वाला किसान शहडोल जिले के ब्यौहारी तहसील के ग्राम छतैनी से आया हुआ था। जिसके कटहल को बरही की स्थानीय महिला दुकानदार दुअसिया बाई ने 200 रुपए में खरीदा हुआ था। दुअसिया बाई ने बताया कि भीड़ ज्यादा होने और अपनी उम्र 60 वर्ष से अधिक होने के कारण वे उसका नाम-पता याद नहीं रख सकीं लेकिन किसान हर साल बड़े-बड़े कटहल लेकर बरही के बाजार में आता है। 20 रुपए किलो तक हैं गांव में भाव उमरिया-शहडोल और बरही के जंगलों से कटहल की काफी बड़ी मात्रा में फसल आ रही है। आवक ज्यादा होने से अभी यहां 15 से 20 रुपए किलो के दाम मिल रहे हैं, हालांकि शहरों में यही कटहल 50 रुपए किलो से ज्यादा में बेचा जाता है। कटहल खाने के हैं गजब के फायदे डॉक्टर राजेंद्र ठाकुर बताते हैं कि कटहल में विटामिन सी की उच्च मात्रा प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है। इसके अलावा पोटैशियम रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे हृदय रोग का खतरा कम होता है। इसमें फाइबर की उच्च मात्रा होती है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखती है और कब्ज से राहत दिलाती है। इसके अलावा विटामिन ए और सी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखते हैं। वही इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स कैंसर जैसी बीमारियों से बचाते है। इसलिए बढ़ता रहता है साइज कटहल की सब्जी बहुत फायदेमंद होती है, क्योंकि यह उष्णकटिबंधीय फल और सब्जी की लिस्ट में शामिल है। कटहल अपने प्राकृतिक विकास के कारण इतना बड़ा और भारी हो जाता है। इसकी वजह उसके पेड़ को पर्याप्त मात्रा में पानी, धूप, और मिट्टी से पोषक तत्व मिलते हैं जिससे फल का आकार और वजन बढ़ता है। कटहल उष्णकटिबंधीय फल है जो अपने बड़े आकार और वजन के लिए जाना जाता है। यह फल अपने प्राकृतिक विकास के कारण इतना बड़ा और भारी हो जाता है। कटहल के पेड़ को पर्याप्त मात्रा में पानी, धूप, और मिट्टी से पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे फल का आकार और वजन बढ़ता है।  ये हैं फायदे विटामिन सी की उच्च मात्रा प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है, पोटैशियम रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे हृदय रोग का खतरा कम होता है, इसमें फाइबर की उच्च मात्रा होती है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखती है और कब्ज से राहत दिलाती है। इसके साथ विटामिन र ए और सी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स कैंसर जैसी बीमारियों से बचाते है। recent visitors 98