CM मोहन बेंगलुरु में इंटरएक्टिव सेशन में आज, उद्योगपतियों से संवाद करेंगे

बेंगलुरु/भोपाल      मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज बेंगलुरु में प्रमुख उद्योगपतियों से मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं व उद्योगों को बढ़ावा देने को लेकर वन-टू-वन चर्चा की।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज बेंगलुरू में तीसरे इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित करने पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में निवेश के लिए उद्योगपतियों को आमंत्रित कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर निवेशक भी उत्साहित दिख रहे हैं। इससे पहले बेंगलुरु में बुधवार रात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश निवेश प्रोत्साहन के लिये बेंगलुरु में आयोजित "राउंड टेबल सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटी इन मध्यप्रदेश" में उद्योगपतियों से संवाद करते हुए कहा कि उद्योगों की स्थापना और उद्यमियों को प्रोत्साहन से मध्यप्रदेश सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। इसमें उद्योगों का अहम योगदान रहा है। उद्योगों के सहयोग से ही मध्यप्रदेश और भारत प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना का साकार करेगा। बेंगलुरू में राउंड टेबल सेशन में मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिये अवसर, संभावनाओं और नीतियों पर उद्योगपतियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें उद्योगपतियों ने अपने अनुभव साझा किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों के साथ नेटवर्किंग डिनर भी किया। राउंड टेबल सेशन में चेयरमैन नैसकॉम और सीईओ कॉग्निजेंट राजेश नांबियार ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए पर्याप्त अवसर मौजूद हैं। सुकून और शांति के टापू मध्यप्रदेश में उनकी कंपनी निश्चित ही उद्योग स्थापित करेंगी। वहीं इंफोसिस की ग्लोबल डिलीवरी हेड बिंदिया राज ने कहा कि प्रदेश के लोकल टेलेंट को निखारने और रोजगार देने के लिए मध्यप्रदेश में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। राकुटेन सिंफनी के एमडी राहुल अत्री ने कहा कि इंदौर क्लीनेस्ट सिटी होने के साथ ही उत्पादन हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राउंड टेबल सेशन में शामिल उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आश्वस्त किया कि वे सभी मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने में सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रहे हैं। जल्द ही प्रदेश में उनकी कम्पनियाँ विभिन्न क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करेगी। उद्योगपतियों ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में वर्तमान में उद्योगों विस्तारित करने, उद्योगों को लगाने में प्रशासनिक तौर पर सहयोग देने, उद्योग लगाने में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिये सरकार की तत्परता को देखते हुए उद्योग लगाने के लिये मध्यप्रदेश में अनुकूल माहौल बना है। उद्योगपतियों ने राउंड टेबल सेशन में अधोसंरचना, इको सिस्टम, इंजीनियरिंग, रिसर्च, स्किल डेवलेपमेंट आदि विषयों पर विचार रखें और सुझाव भी दिए। आधिकारिक बयान के अनुसार, उद्योगपतियों के साथ बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री निवेश, नवाचार और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के विजन और नवाचारों पर प्रकाश डालेंगे। मुंबई और कोयंबटूर में आयोजित शिखर सम्मेलनों की सफलता को देखते हुए, राज्य सरकार को बेंगलुरु कार्यक्रम से काफी उम्मीदें हैं। बयान में कहा गया है कि राज्य सरकार पहली बार अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनियों से निवेश मांगेगी ताकि नई तकनीकों का सहारा लिया जा सके और राज्य में विकास योजनाओं में उनका उपयोग किया जा सके। मुख्यमंत्री यादव के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार ने हर जिले में आवश्यक अनुमति और मंजूरी में तेजी लाने और 'व्यापार करने में आसानी' को सुविधाजनक बनाने के लिए एक समर्पित सेल स्थापित करने का फैसला किया है। जिला कलेक्टर सेल के कामकाज की निगरानी करेंगे और सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को रिपोर्ट करेंगे।     recent visitors 102

प्रताड़न के आरोप में 5 गिरफ्तार, छत्तीसगढ़-कबीरधाम में विवाहिता ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

कबीरधाम. कबीरधाम पुलिस ने बहू को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। मामला सिटी कोतवाली थाना कवर्धा का है। बताया जा रहा है कि ससुराल वाले बहू को दहेज को लेकर प्रताड़ित करते थे। जिस वजह से महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।एडिशनल एसपी पुष्पेन्द्र सिंह बघेल ने बताया कि अंजू दिवाकर पति विश्राम दिवाकर उम्र 23 निवासी ग्राम मगरदा थाना कवर्धा ने 24 जुलाई की रात को अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि अंजू दिवाकर की शादी दो वर्ष पूर्व 2022 के जुलाई माह में विश्राम दिवाकर निवासी मगरदा के साथ हुई थी। शादी में अंजू के परिजनों द्वारा अपनी हैसियत अनुसार सामान आदि दिया गया था। शादी के 4-5 माह बाद ही पति विश्राम दिवाकर अंजू के साथ मारपीट करने लगा। उसका कहना था कि वह दहेज में बाइक, सोना-चांदी नहीं लाई। अंजू की सास प्रेमी बाई, ससुर चंद्रीका प्रसाद द्वारा भी उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। अंजू की ननंद आरती व उसका पति रमेश भी विश्राम दिवाकर को मारपीट करने के लिए कहते थे। अंजू ने इस बारे में कई बार अपने माता-पिता व बहन को बताया था। 24 जुलाई की रात में अंजू दिवाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में पुलिस ने विश्राम दिवाकर पिता चंद्रिका प्रसाद दिवाकर उम्र 29, चंद्रिका प्रसाद दिवाकर पिता हरीप्रसाद दिवाकर उम्र 53, प्रेमीबाई दिवाकर पति चंद्रिका प्रसाद दिवाकर उम्र 50 तीनों निवासी ग्राम मगरदा व रमेश बघेल पिता टीकाराम बघेल उम्र 35, आरती बघेल पति रमेश बघेल उम्र 33 दोनों निवासी ग्राम रूसे थाना पांडातराई जिला कबीरधाम को गिरफ्तार किया है और सभी को जेल भेज दिया गया है। recent visitors 118

सलूंबर से बीजेपी विधायक अमृतलाल मीणा का निधन, कांग्रेस पर जीत की बनाई थी हैट्रिक

उदयपुर  राजस्थान के उदयपुर ज़िले की सलूंबर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक अमृतलाल मीणा का निधन हो गया है। 65 साल के मीणा को बुधवार रात हार्ट अटैक आया था। मीणा तीन बार विधायक रहे थे। उनके निधन पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दुख जताया है।अमृतलाल मीणा का जन्म 1959 में सलूंबर के लालपुरिया गांव में हुआ था। उनका राजनीतिक सफर लगभग 20 साल लंबा रहा। 2004 में पंचायत समिति सदस्य के तौर पर उन्होंने अपने सफ़र की शुरुआत की थी। 2007 से 2010 तक वे जिला परिषद उदयपुर के सदस्य भी रहे। 2010 में वे पंचायत समिति सराड़ा में विपक्ष के नेता बने। अमृतलाल मीणा 2013 से कांग्रेस को झकाते रहे, विधानसभा में जीतते रहे 2013 के विधानसभा चुनाव में BJP ने अमृतलाल मीणा को सलूंबर से टिकट दिया। उन्होंने कांग्रेस की बसंती देवी मीणा को हराकर पहली बार विधानसभा में जगह बनाई। इसके बाद 2018 और 2023 में भी उन्होंने जीत हासिल की। दोनों बार उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता रघुवीर सिंह मीणा को मात दी थी। सलूंबर में अमृतलाल मीणा ने पिछले तीन विधानसभा चुनाव में जीत के साथ कांग्रेस को शिकस्त देने की हैट्रिक बनाई थी। समाज के विकास के लिए शिक्षा को दिया हमेशा महत्व, खुद ने भी डबल एमए किया अमृतलाल ने समाज के लोगों को विकास के लिए हमेशा शिक्षा का रास्ता अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। वो समाज के निचले तबके और मुख्य धारा से वंचितों के बीच पढ़ाई-लिखाई यानी शिक्षा को खास महत्व देते थे। उनका मानना था कि परिवार, समाज और देश काे आगे बढ़ना है तो बच्चों को स्कूल भेजना होगा। दिवंगत अमृतलाल के जीवन में शिक्षा के महत्व का इस बात से अंदाज लगया जा सकता है कि वो 40 की उम्र पार करने के बाद भी स्नातकोतर डिग्री के लिए पढ़ रहे थें। उन्होंने 1992 में समाज शास्त्र और 2000 में राजनैतिक शास्त्र में स्नातकोतर यानी एमए की डिग्री हासिल की। सीएम और पूर्व सीएम ने जताया दुख अमृतलाल मीणा राजस्थान विधानसभा की कई समितियों के सदस्य भी रहे। इनमें प्राक्कलन समिति, प्रश्न एवं संदर्भ समिति, विशेषाधिकार समिति और अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति शामिल हैं। BJP नेता के निधन पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लिखा, अत्यन्त दुःखद! सलूंबर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक श्री अमृत लाल जी मीणा का ह्रदयघात से निधन के समाचार से स्तब्ध हूं। यह भाजपा परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना है कि उनकी पुण्य आत्मा को अपने श्री चरणो में स्थान एवं परिवारजनों को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करें। ॐ शांति! इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर शोक जताया है। उन्होंने लिखा,सलूंबर विधानसभा क्षेत्र से विधायक श्री अमृत लाल मीणा का आकस्मिक निधन बेहद दुखद है। पंचायतीराज से राजनीतिक सफर शुरू कर विधानसभा में 3 बार सलूंबर का प्रतिनिधित्व करने वाले श्री अमृत लाल मीणा अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए प्रतिबद्धता से काम करते थे। ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति एवं परिवारजनों को इस दुख की घड़ी में हौसला प्रदान करें।   recent visitors 163

विनेश फोगाट को रजत पदक विजेता को मिलने वाले लाभ देने की सीएम सैनी की घोषणा

चंडीगढ़ भारत की स्टार रेसलर विनेश फोगाट को देश में सभी लाभ गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ी वाले मिलेंगे। हरियाणा सरकार ने गुरुवार को ऐलान कर दिया है। इसपर फोगाट के परिवार ने भी खुशी जताई है और कहा है कि इससे अन्य खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। 100 ग्राम वजन ज्यादा होने के चलते फोगाट को अयोग्य घोषित कर दिया गया था। बुधवार को उनका फाइनल मैच होना था। हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि विनेश फोगाट को वो सारे लाभ मिलेंगे, जो रजत पदक विजेता को मिलते हैं। उन्होंने लिखा, 'हरियाणा की हमारी बहादुर बेटी विनेश फोगाट ने जबरदस्त प्रदर्शन करके ओलंपिक में फाइनल में प्रवेश किया था। किन्हीं भी कारणों से वो भले ही ओलंपिक का फाइनल नहीं खेल पाई हो लेकिन हम सबके लिए वो एक चैंपियन हैं।' उन्होंने आगे लिखा, 'हमारी सरकार ने ये फैसला किया है कि विनेश फोगाट का स्वागत और अभिनंदन एक मेडलिस्ट की तरह ही किया जाएगा। हरियाणा सरकार ओलंपिक रजत पदक विजेता को जो सम्मान, ईनाम और सुविधाएं देती है वे सभी विनेश फोगाट को भी कृतज्ञता पूर्वक दी जाएंगी। हमें आप पर गर्व है विनेश।' क्या बोला परिवार हरियाणा के मुख्यमंत्री की तरफ से विनेश फोगट को रजत पदक विजेता को मिलने वाले सभी लाभ देने की घोषणा पर उनके चाचा महावीर फोगट ने कहा, 'यह मुख्यमंत्री की अच्छी पहल है। उन्होंने इस तथ्य को स्वीकार किया है कि विनेश को रजत पदक मिला है। यह एक अच्छा कदम है और मैं इसका समर्थन करता हूं। मैं हरियाणा सरकार को धन्यवाद देता हूं, अगर कभी अन्य एथलीटों के साथ ऐसा होता है तो इससे उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा…।' एक दिन में पछाड़े तीन पहलवान मंगलवार को जब फोगाट मैदान में उतरीं, तो उन्होंने दिन में सबसे जापान की रिकॉर्ड धारी युई सुसाकी को हराया। बाद में उन्होंने फाइनल में एंट्री के लिए क्यूबा की यूसनेलिस गुजमान को पटखनी दी। यहां से फोगाट का सिल्वर मेडल हासिल करने का रास्ता साफ हो गया था। उम्मीद जताई जा रही थी कि वह बुधवार को फाइनल में अमेरिकी पहलवान सारा हिल्डब्रांट को हराकर स्वर्ण पदक भी जीत सकती थीं। इतिहास में पहली बार भारतीय महिला पहलवान ने ओलंपिक फाइनल में जगह बनाई थी। recent visitors 141

महिला तैराक को खूबसूरत होना पड़ा भारी, पैराग्वे की तैराक को पेरिस ओलंपिक से वापस घर भेज दिया गया …

एसनशिओन पेरिस ओलंपिक से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। हाल में खबर आई थी कि पैराग्वे की स्विमर लुआना अलोंसो को खराब रवैये के चलते पेरिस ओलंपिक से वापस घर भेज दिया गया है, जिसके बाद उन्होंने स्विमिंग से रिटायरमेंट भी ले लिया। लेकिन सच कुछ और ही है। फ्रांस में आयोजित पेरिस 2024 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों का अब तक का सबसे बड़ा आयोजन हो रहा है। ओलंपिक खेल 26 जुलाई से शुरू हुए हैं और 11 अगस्त तक चलेंगे। इस दौरान होने वाले हर खेल और उसमें जीत-हार इतिहास में दर्ज हो जाएंगे। इस समय हर दिन अलग-अलग देशों से अलग-अलग खेलों में खिलाड़ियों की जीत की खबरें आ रही हैं। हाल में खबर आई थी कि पैराग्वे की स्विमर लुआना अलोंसो को खराब रवैये के चलते पेरिस ओलंपिक से वापस घर भेज दिया गया है, जिसके बाद उन्होंने स्विमिंग से रिटायरमेंट भी ले लिया। लेकिन अब आई जानकारी कुछ और ही कहती है। Economic Times की एक रिपोर्ट के अनुसार, लुआना को घर इसलिए भेजा गया है क्योंकि उनकी बेशुमार खूबसूरती टीम के बाकी खिलाड़ियों को भटका रही है। ब्लास्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, लुआना ने अपनी सुंदरता के कारण पेरिस ओलंपिक में कई लोगों का दिल जीता था, ज्यादातर पेरिस ओलंपिक के एथलीटों का, और यह उनके लिए काफी महंगा साबित हुआ। क्योंकि उनके साथी उनकी सुंदरता को संभाल नहीं सके। वहीं पैराग्वे लौटने के बाद, लुआना ने तैराकी से संन्यास की घोषणा करके सभी को चौंका दिया है। हालांकि, आगे उनका क्या प्लान है, इसका उन्होंने कोई खुलासा नहीं किया है। भले ही लुआना कंपटीशन के फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकीं थीं, लेकिन फिर भी एथलीटों को पेरिस खेलों की आधिकारिक क्लोजिंग तक ओलंपिक विलेज में रहने की अनुमति होती है, जो कि 11 अगस्त को होनी है। लेकिन, लुआना को कथित तौर पर ओलंपिक विलेज के अंदर अपना आवास खाली करने के लिए कह दिया गया था और अलोंसो को अपने घर लौटना पड़ा था। कथित तौर पर उनकी राष्ट्रीय टीम के प्रबंधक ने दावा किया था कि उनकी उपस्थिति से पैराग्वे की पूरी टीम पर गलत प्रभाव पड़ रहा था। हालांकि, लुआना ने खुद अभी तक ओलंपिक विलेज छोड़ने को कहे जाने वाले मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की है। बताते चलें कि पेरिस ओलंपिक में भारत ने अब तक 3 मेडल जीत लिए हैं। यह तीनों ब्रॉन्ज हैं, जो शूटिंग में आए हैं। सबसे पहले मनु भाकर ने 10 मीटर एयर पिस्टल में ब्रॉन्ज दिलाया। फिर दूसरा ब्रॉन्ज भी मनु भाकर ने मिक्स्ड टीम इवेंट में दिलाया। उनके साथ सरबजोत सिंह भी टीम में थे। तीसरा ब्रॉन्ज मेडल स्वप्निल कुसाले ने शूटिंग की मेन्स 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में दिलाया। recent visitors 92

ममता कुलकर्णी के खिलाफ दर्ज FIR को HC ने रद्द किया, ड्रग्स केस में बड़ी राहत

मुंबई बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी के खिलाफ दर्ज साल 2016 में दर्ज किए गए ड्रग्स मामले को खारिज कर दिया है. अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ कार्यवाही स्पष्ट रूप से तुच्छ और परेशान करने वाली थी और इसे जारी रखना अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने जैसा होगा. न्यायमूर्ति भारती डांगरे और न्यायमूर्ति मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने 22 जुलाई को पारित एक आदेश में कहा कि यह 'स्पष्ट राय' है कि ममता कुलकर्णी के खिलाफ एकत्र की गई सामग्री प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ कोई अपराध नहीं बनाती है. पीटीआई के मुताबिक, हाई कोर्ट के इस आदेश की एक प्रति बुधवार को उपलब्ध कराई गई. पीठ ने अपने आदेश में कहा, 'हम संतुष्ट हैं कि याचिकाकर्ता (ममता कुलकर्णी) के खिलाफ अभियोजन जारी रखना अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने जैसा होगा.' अदालत ने कहा कि वह संतुष्ट है कि यह एफआईआर को रद्द करने के लिए अपनी अंतर्निहित शक्तियों का प्रयोग करने के लिए एक उपयुक्त मामला है क्योंकि कार्यवाही स्पष्ट रूप से तुच्छ और परेशान करने वाली है. ममता कुलकर्णी ने साल 2016 में ठाणे पुलिस द्वारा नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने के लिए अदालत में याचिका दायर की थी. जिसमें ममता ने दावा किया था कि उन्हें इस मामले में फंसाया गया है और वह केवल एक सह-आरोपी विक्की गोस्वामी से परिचित थी. असल में पुलिस ने अप्रैल 2016 में एक किलोग्राम इफेड्रिन नामक मादक पदार्थ के कथित कब्जे के लिए दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था. प्रारंभिक जांच के बाद कुलकर्णी सहित 10 और व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. अभियोजन पक्ष का मामला यह है कि कुलकर्णी ने विक्की गोस्वामी सहित अन्य सह-आरोपियों के साथ जनवरी 2016 में केन्या के एक होटल में मादक पदार्थों की बिक्री और खरीद के लिए एक साजिश बैठक की थी. पीठ ने आरोपपत्र में प्रस्तुत गवाहों के बयानों और अन्य साक्ष्यों का अवलोकन किया और पाया कि कथित साजिश के लिए एक बैठक केन्या के होटल के डाइनिंग हॉल में हुई थी और जहां ममता डाइनिंग टेबल के बगल में सोफे पर बैठी थी. अदालत ने कहा कि उसका मानना ​​है कि आरोपपत्र में प्रस्तुत सामग्री एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत ममता कुलकर्णी के खिलाफ लगाए गए आरोप को कायम रखने के लिए पर्याप्त नहीं है. खंडपीठ ने कहा, 'याचिकाकर्ता (ममता कुलकर्णी) की केवल एक बैठक में उपस्थिति, यहां तक ​​कि आरोपपत्र में दर्शाई गई सामग्री को स्वीकार करने पर भी, आरोपपत्र में लगाए गए प्रावधानों के तहत दोषसिद्धि को कायम रखने के लिए निश्चित रूप से पर्याप्त नहीं होगी.'   recent visitors 124