ब्लिंकन ने कहा कि US ने ईरान और इजरायल को संघर्ष न बढ़ाने की जरूरत

पेंटागन मिडिल ईस्ट में जंग के हालात बने हुए हैं. ईरान और इजरायल के बीच जहां भारी तनाव देखा जा रहा है, वहीं लेबनान के हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच कभी भी लड़ाई छिड़ सकती है. ऐसे में अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के लेकर चेतावानी दी है. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि ईरान और इजरायल को सूचित किया गया है कि उनके बीच संघर्ष नहीं बढ़ना चाहिए ये किसी के भी हित में नहीं हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, ''हम मध्य पूर्व में तनाव कम करने और संघर्ष को फैलने से रोकने के लिए लगातार काम कर रहे हैं. पिछले कुछ दिनों में हम इस क्षेत्र के भागीदारों के साथ लगातार संपर्क में हैं. उनसे बातचीत में हमने एक आम सहमति सुनी है. किसी को भी इस संघर्ष को नहीं बढ़ाना चाहिए. हम सहयोगियों और भागीदारों के साथ गहन कूटनीति में लगे हुए हैं. ईरान और इजराइल को संघर्ष रोकने का संदेश दिया है.'' एंटनी ब्लिंकन ने गाजा में जल्द युद्धविराम की भी बात कही है. उन्होंने कहा कि गाजा में युद्धविराम के लिए चल रही बातचीत अंतिम दौर में हैं. जल्द ही संघर्ष विराम हो सकता है. उन्होंने कहा, यह बात सच है कि हम गाजा में युद्ध विराम के निर्णायक दौर में हैं. राष्ट्रपति बाइडेन ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह और कतर के अमीर तमीम से बात की है. ये दोनों देश अमेरिका के साथ मध्यस्थता कर रहे हैं.'' बताते चलें कि इजरायल और ईरान के बीत जंग की आशंका को देखते हुए अमेरिका ने जबरदस्त तैयारी शुरू कर दी है. अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने एहतियात के तौर पर इस इलाके में एक कैरियर स्ट्राइक ग्रुप यानी विमान वाहक पोत तैनात किया है. इसके साथ ही फाइटर जेट स्क्वाड्रन, क्रूजर और डेस्ट्रॉयर को भी मोर्चे पर लगाया गया है. यूएसएस अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप को भेजा गया है. इसके अलावा मिडिल ईस्ट में पहले से मौजूद यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को वापस बुलाया गया है. ये तैनाती इस बात का सबूत है कि ईरान और इज़रायल के बीच जंग का खतरा किस कदर बढ़ता जा रहा है. 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए हमले और गाजा पर चल रही इजरायल की जवाबी कार्रवाई के बाद ये पहला मौका है, जब इतने बड़े स्तर पर इलके में फौजी लामबंदी चल रही है. पेंटागन ने शुरू में इस इलाके में हमास, हूती और हिज्बुल्लाह सरीखे संगठनों को जवाब देने और उन्हें काबू में रखने के लिए दो कैरियर स्ट्राइक ग्रुप तैनात किए थे, लेकिन अब इसके अलावा भी तैनाती चल रही है. इसके अलावा अमेरिका ने मिडिल ईस्ट और भूमध्य सागर में बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम से लैस डिस्ट्रॉयर और क्रूजर भेजे हैं. दो अमेरिकी डिस्ट्रॉयर इजरायल के खिलाफ ईरानी मिसाइल हमले को रोकने में शामिल रहे थे. पेंटागन ने ये भी साफ किया है कि मिसाइल डिफेंस फोर्स को भी अलर्ट पर रखा गया है. ये फैसला इस बात का सबूत है कि अमेरिका हर हाल में इजरायल की मदद के लिए तैयार है. अमेरिका का कहना है कि वो मिडिल ईस्ट में जंग को बढ़ावा नहीं देना चाहता, लेकिन लेकिन इजरायल की मदद करने के मामले में वो कमी भी नहीं करना चाहता. यही वजह है कि अमेरिका लगातार इजरायल को अपने समर्थन की बात दोहरा रहा है.   recent visitors 106

चमकती और उज्ज्वल त्वचा के लिए प्राचीन महिलाओं के सौंदर्य रहस्य

महिलाओं की खूबसूरती पर तो हर कोई दिवाना हुआ जाता है और ये कोई आज की बात नहीं है बल्कि प्राचीन काल में भी औरतें अपनी खूबसूरती से राजा-महाराजाओं के दिलों पर राज करती थीं। दिखने में अप्सरा सी ये महिलाएं आखिर लगाती क्या थीं कि उनकी त्वचा एकदम बेदाग और निखरी हुई नजर आती थी? उनकी खूबसूरती का ये राज छिपा है आपके किचन में, जिसपर शायद आपकी दिन में कई दफा नजर पड़ती है। हम किसकी बात कर रहे है? हम बात कर रहे हैं कच्चे दूध, हल्दी, चंदन, और शहद की। जिन्हें को अलग-अलग तरीकों से अपने चेहरे और शरीर पर लगाती थीं और सूरज सी चमकदार त्वचा पाती थीं। अगर आप भी वैसा ही निखार पाना चाहती हैं तो इन चीजों को हमारे बताए तरीकों से इस्तेमाल कर सकती हैं। प्राचीन काल की महिलाओं की सुंदरता का राज बता दें कि पहले के जमाने में जहां साबुन नहीं हुआ करता था, तब भी महिलाएं अपने शरीर को साफ रखती थीं। जैसा कि हमने बताया कि इसके लिए वो कच्चे दूध, हल्दी, चंदन, और शहद का इस्तेमाल करती थी। लेकिन प्राचीन काल की महिलाएं इन्हें एक नहीं बल्कि अलग-अलग तरीकों से मिक्स करके लगाया करती थीं। कैसे? आइए आपको बताते हैं। इन दो चीजों से पाती थीं चेहरे पर निखार प्राचीन काल की महिलाएं खूबसूरत दिखने के लिए रोज सुबह उठकर कच्चे दूध में हल्दी भिगोकर लगाती थीं। बता दें कि आज भी कई मांएं अपनी बेटियों को इस नुस्खे के बारे में बताती हैं। कच्चे दूध को चेहरे पर लगाने से दाग-धब्बे कम होते हैं और गंदगी साफ होती है। साथ ही हल्दी में मौजूद एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं जो कील-मुंहासों को कम करने, सूजन, जलन और रेडनेस के साथ-साथ डेड स्किन सेल्स को भी कम करने में फायदेमंद होता है। नहाने के लिए करती थीं इस लेप का इस्तेमाल चेहरे की चमक तो हर कोई ले आता है लेकिन शरीर को भी उसी तरह साफ करना अलग बात होती है, जिसके लिए प्राचीन काल की महिलाएं चंदन, पानी और शहद से बने लेप का इस्तेमाल करती थी। जिसे वो नहाने के लिए उपयोग करती थीं। ये लेप बॉडी स्क्रब का भी काम करता है इसलिए आप भी इसका इस्तेमाल करके अपने शरीर की गंदगी को साफ कर सकते हैं। रात को लगाती थीं चंदन का फेस पैक प्राचीन काल में महिलाएं राज को सोने से पहले अपने चेहरे पर चंदन का फेस पैक लगाया करती थीं, जिसमें कच्चा दूध, और शहद भी मिलाया जाता था। इससे दिनभर चेहरे पर जमी गंदगी तो साफ होती ही थी, साथ ही सुबह उन्हें चमकदार त्वचा मिलती थी। आप भी इस फेस पैक को रात को सोने से पहले लगा सकती हैं और सोने से पहले फेस वॉश करके निखार पा सकती हैं। recent visitors 142

आन की खातिर हत्या: भाई ने बहन को बीच सड़क पर पीटा, फिर गला दबाकर कर दी हत्या, तमाशा देखती रही भीड़

मेरठ मेरठ में एक भाई ने अपनी नाबालिग बहन की गला दबाकर सिर्फ इसलिए हत्या कर दी क्योंकि वो अपनी पसंद के लड़के से शादी करना चाहती थी. ऐसा नहीं है कि आरोपी ने इस वारदात को घर में अंजाम दिया हो. उसने बीच सड़क पर पहले 16 साल की बहन को पटक दिया और फिर गला दबाकर मार डाला. इस दौरान वहां कई लोग मौजूद थे, जो इसका वीडियो बना रहे थे, लेकिन किसी ने उस किशोरी की जान नहीं बचाई. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. यह घटना इंचौली थाना इलाके के नंगला शेखू गांव की है, जहां हसीन (26) नाम के युवक ने अपनी छोटी बहन अमरीशा (16) को सरेआम बीच चौराहे पर गला दबाकर मार डाला. अमरीशा ने खुद को बचाने का प्रयास किया, लेकिन वो भाई की मजबूत पकड़ से निकल नहीं सकी. भाई के ऊपर खून का ऐसा भूत सवार था कि उसने रिश्तों को ताक पर रखकर छोटी बहन को खत्म करने का ठान लिया था. इस दौरान किशोरी अपने हाथ-पैर झटपटाते हुए मदद की गुहार लगा रही थी, लेकिन वहां मौजूद भीड़ में कोई ऐसा नहीं निकला, जो उस मासूम की जान बचा सकता. इससे ज्यादा शर्मनाक तो ये रहा कि कुछ लोग हत्या का वीडियो बनाने में लगे रहे.   दूसरे समुदाय के युवक से था किशोरी का प्रेम-प्रसंग न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, दरअसल नंगला शेखू गांव के रहने वे जुम्मन उर्फ शहजाद की 16 साल की बेटी अमरीशा का दूसरे समुदाय के एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था. यहां तक कि वो कुछ दिनों पहले उस युवक के साथ भाग भी गई थी, जिसके बाद अमरीशा के घर वालों ने युवक पर अपहरण का केस लगाकर जेल भी भिजवाया था, लेकिन हाल ही में वह जमानत पर छूटकर आया था. उसके बाद से ही अमरीशा अपने प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी थी. इस बात को लेकर बीते कुछ दिनों से घर पर लगातार विवाद चल रहा था.   घर के लोग काम पर गए थे तभी दोनों के बीच हुई थी लड़ाई बुधवार की सुबह जब मां और पिता समेत पूरा परिवार काम पर चला गया तो किशोरी की मांग पर बड़े भाई हसीन का पारा चढ़ गया. इसके बाद दोनों के बीच मारपीट भी हो गई. गुस्साई अमरीशा घर छोड़कर जाने लगी तो हसीन ने उसे बीच रास्ते दबोच लिया. उसे सड़क पर गिराकर गला दबाकर मार डाला. दर्जनों लोगों की भीड़ मौके पर मौजूद थी, लेकिन किसी ने अमरीशा को नहीं बचाया. कत्ल करने के बाद आरोपी भाई हसीन वहीं लाश के पास बैठकर रोता रहा. मां की तहरीर पर दर्ज हुआ हत्या का केस इंचौली पुलिस ने मृतक किशोरी की मां की तहरीर पर बेटे हसीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है. मृतका का पिता बैंड की दुकान पर काम करता है. उसके आठ बच्चे हैं. सबसे बड़ा लड़का हसीन गाजियाबाद की किसी प्राइवेट कंपनी में काम करता है. हत्यारोपी भाई के परिवार मं पत्नी और दो बच्चे हैं.   पुलिस ने इस मामले में क्या बताया? एसपी (ग्रामीण) कमलेश बहादुर ने बताया कि हमने एक हसीन नाम को गिरफ्तार किया है, जिसने इंचौली पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक तर्क के बाद अपनी नाबालिग बहन का गला घोंट दिया था. पीड़िता का अपने परिवार की इच्छा के खिलाफ दूसरे समुदाय के एक व्यक्ति के साथ संबंध था और कुछ महीने पहले वह उसके साथ भाग भी गई थी. recent visitors 152

भोपाल एम्स में रोबोट करेंगे मरीजों का ऑपरेशन? एम्स प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

Will robots operate on patients in Bhopal AIIMS? AIIMS administration released helpline number

Will robots operate on patients in Bhopal AIIMS? AIIMS administration released helpline number

600 बांग्लादेशी कर रहे थे घुसपैठ, BSF ने चालाकी से खदेड़ा, अलर्ट मोड पर सेना

नईदिल्ली बांग्लादेश में हिंसा और सियासी अफरा-तफरी के बीच वहां के आतंकी इस मौके का फायदा उठाना चाहते हैं. खुफिया सूत्रों के मुताबिक बांग्लादेश के रेडिकल ग्रुप भीड़ का सहारा लेकर भारत में घुसपैठ करने की तलाश में हैं. इस तरह की खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद BSF को हाई अलर्ट पर रखा गया है. दरअसल, बांग्लादेश में इस समय जो हालात हैं, उसे देखते हुए भारत- बांग्लादेश बॉर्डर पर बहुत से बांग्लादेशी नागरिक भारत आने की कोशिश कर रहे हैं. घुसपैठ की इस कोशिश के बीच भीड़ का सहारा लेकर रेडिकल ग्रुप भारत में घुस सकते हैं. इसके चलते BSF को बॉर्डर पर बड़े स्तर पर चौकन्ना किया गया है. बॉर्डर पर बढ़ाई BSF ने बढ़ाई चौकसी सुरक्षा एजेंसियों ने एक अलर्ट जारी कर कहा है कि बांग्लादेश से प्रतिबंधित इस्लामी आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) और अंसारूल्लाह बांग्ला टीम(ABT) के आतंकवादी के साथ ही दूसरे अपराधी वहां की जेलों से भाग गए हैं. ये आतंकी घुसपैठ कर सकते हैं, इसलिए अतिरिक्त चौकसी बरती जाए. यूनुस आज संभालेंगे बांग्लादेश की कमान बता दें कि शेख हसीना के इस्तीफा देने और भारत आने के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए चुना गया है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार आज (8 अगस्त) शपथ लेने वाली है. यूनुस अंतरिम सरकार का नेतृत्व संभालने के लिए पेरिस से आज ही ढाका लौट रहे हैं.  इसी कड़ी में आशंका जताई जा ही थी कि बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक भारत में घुसपैठ कर सकते हैं। बुधवार को भारत-बांग्लादेश सीमा के माणिकगंज बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने इसी तरह की एक बड़ी घुसपैठ को नाकाम कर दिया है। बीएसएफ को सूचना मिली थी कि 500 से 600 के करीब बांग्लादेशी नागरिक खेतों के बीच से भारत की ओर आ रहे है। इस सूचना पर सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों ने तेजी दिखाते हुए कार्रवाई की। जांच के बाद सभी को बांग्लादेशी सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों के साथ बातचीत कर वापस भेज दिया गया। घुसपैठ की इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिकों का एक बड़ा समूह आज शाम उत्तर बंगाल के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर विभिन्न स्थानों पर इकट्ठा हुआ। वे भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश कर रहे थे लेकिन बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश, नागरिक प्रशासन और बीएसएफ कर्मियों की मदद से उन्हें तितर-बितर कर दिया गया। इस बीच, मिजोरम के लॉन्गतलाई जिले में बांग्लादेश और म्यांमार से लगती भारत की सीमा के पास घुसपैठ की आशंका को देखते हुए पाबंदियां लगा दी गयी हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में मौजूदा अशांति के मद्देनजर ये पाबंदियां लगायी गयी हैं। उन्होंने कहा कि सीमा के तीन किलोमीटर के दायरे में शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक लोगों की आवाजाही पर सख्त पाबंदी होगी। मंगलवार को जारी किये गये सरकारी आदेश में कहा गया, ‘‘इस आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी दंड मिलेगा।’’ उसमें कहा गया कि यह आदेश इसे जारी करने की तारीख से अगले दो महीने तक या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। मिजोरम के तीन जिलों – लॉन्गतलाई, ममित और लुंगलेई में 318 किलोमीटर तक भारत की सीमा बांग्लादेश से सटी है। लॉन्गतलाई बांग्लादेश में अशांति के मद्देनजर निषेधाज्ञा जारी करने वाला पहला जिला है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि वैसे अबतक पड़ोसी देश से अवैध प्रवासन की कोई रिपोर्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि मिजोरम पुलिस किसी भी अवैध प्रवासन को रोकने के लिए भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा करने वाले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ मिलकर काम कर रही है। उधर, ओडिशा में भी बांग्लादेशी घुसपैठ पर सतर्कता बरती जा रही है। केंद्रपाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ कटारिया ने बुधवार को जिले के सभी तीन समुद्री थानों को समुद्री मार्ग के माध्यम से भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में बंगलादेशी प्रवासियों के संभावित पलायन को रोकने के लिए सतर्क रहने के लिए कहा है। ओडिशा के पास देश की सबसे बड़ी तटरेखा में से एक है, जो बंगाल की खाड़ी के साथ 480 किमी तक फैली हुई है। इससे पहले 26/11 के आतंकवादी हमले के बाद समुद्री थानों की स्थापना के बावजूद ओडिशा तट पूर्ण रूप से संरक्षित नहीं है। अतीत में ऐसे कई उदाहरण सामने आ चुके हैं जब म्यांमार, थाईलैंड और प्रायः बंगलादेश से मछली पकड़ने वाले जहाजों को वन अधिकारियों या तटरक्षक बलों द्वारा जब्त किया जा चुका है। बंगलादेश में अशांति को ध्यान में रखते हुए, बंगलादेश से भारत में पलायन होने की आशंका है, विशेष रूप से समुद्री रास्तों से। शेख हसीना दे चुकी हैं PM पद से इस्तीफा देश में चल रही राजनीतिक अशांति और विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे के बाद अंतरिम सरकार का गठन किया जा रहा है. ग्रामीण बैंक के संस्थापक और मशहूर सोशल एक्टिविस्ट यूनुस अंतरिम सरकार का नेतृत्व करेंगे. विशेष रूप से, बांग्लादेश की एक अदालत ने कार्यभार संभालने से ठीक एक दिन पहले श्रम कानून उल्लंघन मामले में यूनुस की पिछली सजा को भी पलट दिया है.   recent visitors 101

मुख्यमंत्री यादव ने प्रदेश सरकार की अभिनव पहल साइबर तहसील 2.0 का शुभारंभ मंत्रालय में किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश सरकार की अभिनव पहल साइबर तहसील 2.0 का शुभारंभ मंगलवार को मंत्रालय में किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में सुशासन के अंतर्गत संचालित साइबर तहसील 1.0 की सफलता के बाद प्रदेश सरकार की अभिनव पहल है। साइबर तहसील 2.0 में संपदा से प्राप्त अविवादित आंशिक खसरों के क्रय विक्रय आधारित नामांतरण प्रकरणों में क्षेत्रीय तहसील स्तर पर एण्ड टू एण्ड ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से त्वरित निराकरण किया जायेगा। प्रमुख राजस्व आयुक्त श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में प्रतिवर्ष अविवादित नामांतरण के प्रकरणों में औसतन 2 लाख प्रकरण संपूर्ण खसरे के क्रय विक्रय के और 6 लाख प्रकरण आंशिक क्रय विक्रय से संबंधित होते हैं। साइबर तहसील 1.0 के अंतर्गत अब तक संपूर्ण क्रय विक्रय वाले खसरों का ऑनलाइन नामांतरण तो हो ही रहा था लेकिन अब साइबर तहसील 2.0 के अंतर्गत आंशिक क्रय विक्रय संबंधी प्रकरणों को भी ऑनलाइन व्यवस्था से जोड़ दिया गया है। इस प्रकार क्रय विक्रय से सम्बंधित 8 लाख नामांतरण प्रकरणों का निराकरण अब साइबर तहसील के माध्यम से किया जायेगा। साइबर तहसील 2.0 की नवीन व्यवस्था के अंतर्गत प्रकरण दर्ज होते ही पोर्टल द्वारा स्वतः ही ऑनलाइन सूचना पत्र, पटवारी मेमो और प्रथम पेशी दिनांक जारी किए जा सकेंगे। नागरिको को दावा आपत्ति संबंधी लिंक, आदेश प्रति, अद्यतन खसरा और नक्शों की प्रतियां एसएमएस, व्हाट्सअप्प या ईमेल के माध्यम से घर बैठे प्राप्त होंगी। पटवारी प्रतिवेदन, खसरा नक्शा ड्राफ्ट सम्बंधित कार्य ऑनलाइन कर सकेंगे। राजस्व विभाग के इस नवाचार के लागू होते ही पहले जहां नामांतरण प्रक्रिया में औसतन 70 से 100 दिवस लगा करते थे अब वही कार्य 25 दिवसों के भीतर पूर्ण किया जा सकेगा। राजस्व विभाग के इस के नवाचार साइबर तहसील 2.0 से नागरिकों को भी कम से कम समय में नामांतरण उपरांत आदेश और खसरे एवं नक़्शे की अद्यतन प्रति ऑनलाइन ई-मेल और व्हाट्सएप के माध्यम से घर बैठे ही प्राप्त हो जावेगी। प्रमुख राजस्व आयुक्त ने बताया कि साइबर तहसील 2.0 की स्वचलित प्रणाली के लागू होने से न केवल शासन के प्रति नागरिकों में विश्वसनीयता बढ़ेगी अपितु क्षेत्रीय तहसील स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवम् कर्मचारियों की कार्यदक्षता में भी वृद्धि होगी। नागरिकों को न्यायालय बार बार आने-जाने की आवश्यकता नहीं होने से पैसों और समय की भी बचत होगी। इससे अविवादित प्रकरणों का निराकरण, विधिपूर्ण उन्नत तकनीक की सहायता से किया जा सकेगा। साथ ही तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार विवादित प्रकरणों के निराकरण में अधिक समय दे सकेंगे जिससे विवादित प्रकरण भी आपसी सहमति से त्वरित निराकृत होंगे। आधुनिक तकनीक के उपयोग और इस बहुउद्देशीय प्रणाली से नागरिक को एण्ड टू एण्ड रजिस्ट्री से नामान्तरण तक की सुविधा आरसीएमएस पर कम से कम समय में रियल टाइम में ऑनलाइन सिस्टम घर बैठे ही प्राप्त हो सकेगी।   recent visitors 95

कन्नौज में थूक से मसाज करने वाले सैलूनकर्मी के दुकान पर चला बुलडोजर

कन्नौज यूपी के कन्नौज में थूक से मसाज करने वाले सैलूनकर्मी यूसुफ को गिरफ्तार कर लिया गया है. इसके साथ ही उसके सैलून पर बुलडोजर की कार्रवाई भी हुई है. ये सैलून एक छोटी सी गुमटी में चलाया जा रहा था. बताया जा रहा है कि यूसुफ की सैलून शॉप (गुमटी) अवैध तरीके से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाई गई थी. ऐसे में नगर पंचायत प्रशासन ने इस अतिक्रमण को हटवा दिया. बता दें कि हाल ही में सैलूनकर्मी यूसुफ का थूक लगाकर ग्राहक का मसाज करने का वीडियो वायरल हुआ था. जिसपर सोशल मीडिया यूजर्स भड़क उठे. उन्होंने पुलिस से शिकायत की तो पता चला कि वीडियो कन्नौज जिले का है. इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए यूसुफ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. इसके बाद अब नगर पंचायत प्रशासन ने अवैध तरीके से अतिक्रमण कर रखे उसके सैलून को भी बुलडोजर से गिरा दिया. आरोपी यूसुफ की जिले के तालग्राम थाना क्षेत्र में सैलून की शॉप थी. यूसुफ यहां पर अपने ग्राहक के चेहरे पर मसाज के वक्त थूक का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया. उसका वीडियो वायरल हो गया. जिसपर लोग भड़क उठे. हिंदूवादी संगठनों ने आक्रोश जताया. जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने एक्शन लेते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.   थूक से मसाज करने वाले वीडियो को लेकर कन्नौज के पूर्व बीजेपी सांसद सुब्रत पाठक ने भी रिएक्ट किया था. उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर इस हरकत को 'थूक जिहाद' बताया था. सुब्रत पाठक ने लिखा- 'ये थूक जिहाद की घटना कन्नौज के तालग्राम की है. पुलिस तो अपना काम करेगी ही लेकिन हमें सावधान रहना होगा ये जिहादी किसी के सगे नहीं.   recent visitors 126