हाईकोर्ट ने कहा सरकार को ऐसा करने अधिकार है, सरकार का हर फैसला राजनीतिक होता है, जाने क्या है मामला

मुंबई  महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना पर ब्रेक नहीं लगेगा। बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली सरकार द्वारा महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देने की योजना पर रोक लगाने से मना कर दिया है। बॉम्बे हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और अमित बोरकर की पीठ ने उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया। जिसमें सरकार की तरफ से घोषित की गई कुछ योजनाओं पर रोक लगाने की मांग की गई थी। इनमें लाडली बहन योजना प्रमुख था। चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली बेंच ने पीआईएल को खारिज करते हुए कि सरकार का हर फैसला राजनीतिक हाेता है। बेंच ने कहा कि इस योजना के लिए जो धनराशि जारी कि गई है वह एक प्रक्रिया के तहत दी गई है। हर फैसला राजनीतिक होता है: हाईकोर्ट मुंबई के वाशी इलाके के एक निवासी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करके मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना के साथ मुख्यमंत्री युवा कार्य प्रशिक्षण योजनाओं को चुनौती दी गई थी। पीआईएल में दलील दी गई थी कि राज्य सरकार इन योजनाओं से विधानसभा चुनावों में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है, जबकि सरकार जनता से इकट्‌ठा किए गए धन का उपयोग सिर्फ विकास कार्यों के लिए कर सकती है। नकदी की वितरण को कोई तर्क नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार का हर फैसला राजनीतिक होता है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना को 1 जुलाई से लागू करने का ऐलान किया है। राज्य की महिलाओं के खाते में 15 अगस्त को पहली किस्त आ सकती है। हाईकोर्ट की कठोर टिप्पणी याचिकाकर्ता की इस दलील पर कि योजनाएं केवल कुछ कर वर्गों के व्यक्तियों को खुश करने के लिए हैं। इस पर अदालत ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 15 (धर्म, नस्ल, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध) राज्य को समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए विशेष प्रावधान करने की अनुमति देता है। अदालत ने इस तर्क को भी अस्वीकार कर दिया कि ये योजनाएं जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123 (भ्रष्ट आचरण) के तहत भ्रष्ट आचरण का गठन करती हैं, जिसमें कहा गया है कि ऐसी चुनौतियां चुनाव याचिका में की जानी चाहिए। महाराष्ट्र में लाडली बहन योजना के लिए सरकार को बड़ी संख्या में आवेदन मिले हैं। इस योजना के दायरे में करीब ड़ेढ करोड़ से ज्यादा महिलाओं के आने की उम्मीद है। सरकार ने योजना में आवेदन के 31 अगस्त की डेडलाइन तय की है। recent visitors 96

मध्यप्रदेश बोर्ड ने 10वीं 12वीं का टाइम टेबल किया घोषित, जाने कब होगी परीक्षा, देखें पूरा टाइम टेबल

नई दिल्ली एमपी बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की वार्षिक मुख्य परीक्षाओं की डेटशीट जारी कर दी है। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ( एमपीबीएसई ) की ओर से जारी टाइम टेबल के मुताबिक 10वीं की परीक्षा 27 फरवरी से 19 मार्च तक चलेंगी। वहीं 12वीं की परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू होगी और 25 मार्च को संपन्न होगी। दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं एक ही शिफ्ट में सुबह 9 बजे से 12 बजे तक होंगी। एमपी बोर्ड 10वीं 12वीं दोनों परीक्षाओं में इस बार 18 लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों के शामिल होने की संभावना है। वर्ष 2024 में परीक्षा 5 फरवरी से शुरू हुई थी। एमपी बोर्ड 10वीं की परीक्षा तिथियां – 27 फरवरी 2025 – हिंदी – 28 फरवरी 2025 – उर्दू – 1 मार्च 2025 – NSQF के समस्य विषय व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस – 03 मार्च 2025 – अंग्रेजी – 5 मार्च 2025 – मराठी, गुजराती, पंजाबी, सिंधी – 06 मार्च 2025 – संस्कृत – 10 मार्च 2025- गणित – 13 मार्च 2025 – सामाजिक विज्ञान – 19 मार्च 2025- विज्ञान एमपी बोर्ड 12वीं की परीक्षा तिथियां 25 फरवरी – हिन्दी 28 फरवरी – अंग्रेजी 1 मार्च – उर्दू, मराठी 4 मार्च – फिजिक्स, इकोनॉमिक्स, भारतीय कला का इतिहास 5 मार्च – बायोटेक्नोलॉजी 6 मार्च – ड्राइंग एंड डिजाइन 7 मार्च – भूगोल 8 मार्च – बायोलॉजी 10 मार्च – मनोविज्ञान 11 मार्च – इंफोर्मेटिक प्रैक्टिस 12 मार्च – संस्कृत 17 मार्च – केमिस्ट्री, इतिहास, बिजनेस स्टडीज, ड्राइंग पेंटिंग 19 मार्च – शारीरिक शिक्षा, एनएसक्यूएफ 20 मार्च – समाजशास्त्र 22 मार्च – एग्रीकल्चर, होम साइंस, बुक कीपिंग 24 मार्च – राजनीति शास्त्र 25 मार्च – गणित   recent visitors 92

राष्ट्रपति द्राैपदी मुर्मू ने फिजी की संसद को किया संबोधित, बाेलीं-भारत और फिजी में जीवंत लोकतंत्र सहित काफी कुछ एक समान है

सुवा/नई दिल्ली  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को दक्षिण प्रशांत महासागरीय द्वीप देश फिजी के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘कंपेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी’ से नवाजा गया है। सुश्री मुर्मु फिजी की सरकारी यात्रा पर यहां पहुंची है। वह यहां की यात्रा करने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति हैं। राजधानी सुवा के स्टेट हाउस में सोमवार को आयोजित समारोह में फिजी के राष्ट्रपति रातू विलियम मैवलिली काटोनिवेरे ने सुश्री यह पुरस्कार प्रदान किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह सम्मान भारत और फिजी के बीच गहरी मित्रता का प्रतीक है। उन्होंने फिजी की संसद को भी संबोधित किया और सांसदों से बातचीत की। सुश्री मुर्मु ने अपने संबोधन में इस तथ्य पर प्रकाश डाला कि लोकतंत्र, बहुलवाद और विविधता के साझा मूल्य किस तरह दोनों देशों को एक-दूसरे के करीब लाते हैं। उन्होंने कहा, “ भौगोलिक आकार में भारी अंतर के बावजूद भारत और फिजी दोनों में बहुत कुछ समान है, जिसमें हमारे जीवंत लोकतंत्र, हमारे समाजों की विविधता, हमारा पंथ कि सभी मनुष्य समान हैं, और प्रत्येक व्यक्ति की स्वतंत्रता, सम्मान और अधिकारों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता।” इससे पहले सुवा पहुंचने पर सुश्री मुर्मु का हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री सिटिवेनी राबुका ने स्वागत किया। बाद में प्रधानमंत्री की मौजूदगी में सुश्री मुर्मु के सम्मान में पारंपरिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया। राष्ट्रपति द्राैपदी मुर्मू ने फिजी की संसद को किया संबोधित, बाेलीं-भारत और फिजी में जीवंत लोकतंत्र सहित काफी कुछ एक समान है  फिजी की दो दिवसीय यात्रा पर गईं राष्ट्रपति द्राैपदी मुर्मू ने मंगलवार काे वहां की संसद को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक मंच पर मजबूती से उभर रहा है। भारत एक मजबूत, लचीला और अधिक समृद्ध राष्ट्र बनने के साथ-साथ प्राथमिकताओं के अनुसार फिजी के साथ साझेदारी करने के लिए तैयार है। उन्हाेंने इस माैके पर दोनों देशों के लोगों के पारस्परिक लाभ के लिए अपनी साझेदारी की पूरी क्षमता का उपयोग करने के लिए एक साथ आने काे कहा। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आकार में बहुत अंतर होने के बावजूद भारत और फिजी में जीवंत लोकतंत्र सहित काफी कुछ एक समान है। उन्होंने कहा कि 10 वर्ष पहले इसी हॉल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कुछ मूल्यों का जिक्र किया था जो भारत और फिजी को जोड़ते हैं। उन्हाेंने कहा कि हमारा लोकतंत्र, हमारे समाज की विविधता तथा प्रत्येक व्यक्ति की स्वतंत्रता, सम्मान और अधिकारों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता काे बताता है। ये साझा मूल्य शाश्वत हैं, आगे भी हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे। राष्ट्रपति मुर्मू ने यह भी कहा कि बाकी दुनिया को फिजी से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। फिजी की सौम्य जीवनशैली, परंपराओं तथा रीति-रिवाजों के प्रति गहरा सम्मान, खुला और बहुसांस्कृतिक वातावरण, फिजी को तेजी से संघर्षों में घिर रही इस दुनिया में इतना खास बनाता है। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि फिजी वह जगह है जहां बाकी दुनिया अपनी खुशियां ढूंढने आती है। राष्ट्रपति मुर्मू अपनी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में फिजी की राजधानी सुवा में हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने फिजी में अपने संबाेधन में कहा कि भारत एक सक्षम और संवेदनशील देश के रूप में उभर रहा है। हमने वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण नेतृत्व की भूमिका निभाई है। पिछले वर्ष हमारी जी-20 अध्यक्षता की ऐतिहासिक सफलता ने दर्शाया कि भारत का समावेशी, निर्णायक, महत्वाकांक्षी और कार्योन्मुखी नेतृत्व विश्व के लिए क्या कर सकता है। जैसा कि हमने जी-20 की अध्यक्षता के दौरान किया था। हम ग्लोबल साउथ के हितों को जोर से आवाज देने के लिए हर वैश्विक मंच का उपयोग करना जारी रखेंगे और भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक निष्पक्ष, न्यायसंगत और सुरक्षित दुनिया बनाने का प्रयास करेंगे। उन्हाेंने कहा कि भारत सरकार ने प्रवासी भारतीयों के साथ संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने तथा उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया कार्ड या ओसीआई कार्ड सहित अनेक पहलें शुरू की हैं। प्रवासी परिवारों की युवा पीढ़ी के लिए हमारे पास उन्हें अपनी भारतीय जड़ों से जोड़ने के लिए एक “भारत को जानो कार्यक्रम” है। मुझे यह जानकर बहुत खुशी हो रही है कि बड़ी संख्या में फिजी के युवा इस कार्यक्रम से लाभान्वित हुए हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सुवा में स्थापित होने वाले ‘सुपर स्पेशलिटी कार्डियोलॉजी हॉस्पिटल’ सहित नई परियोजनाएं फिजी और व्यापक प्रशांत क्षेत्र के लोगों की प्राथमिकता वाली जरूरतों को पूरा करने में मदद करेंगी। इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मू का ‘स्टेट हाउस’ में राष्ट्रपति कटोनिवेरे ने स्वागत किया जहां दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की। उन्हाेंने सुवा में महात्मा गांधी मेमोरियल हाई स्कूल में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और वहां उपस्थित छात्रों के साथ बातचीत की। इसके साथ ही उन्हाेंने सुवा में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर भी पुष्पांजलि अर्पित की और शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।     recent visitors 106

पहलवान विनेश फोगाट ने सेमीफाइनल में मरी एंट्री, क्यूबा की युस्नेलिस लोपेज से भिड़ंत होगी

नई दिल्ली पहलवान विनेश फोगाट ने सेमीफाइनल में एंट्री कर ली है। उन्होंने 50 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में यूक्रेन की ओक्साना लिवाच को शिकस्त दी। उनकी सेमीफाइनल में क्यूबा की युस्नेलिस लोपेज से भिड़ंत होगी। वहीं, भारतीय हॉकी टीम सेमीफाइनल में उतरेगी। पेरिस ओलंपिक में भारत ने अभी तक कुल तीन ब्रॉन्ज जीते हैं, जो निशानेबाजी में आए हैं। विनेश फोगाट ने सेमीफाइनल में की एंट्री पहलवान विनेश फोगाट ने सेमीफाइनल में एंट्री कर ली है। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में यूक्रेन की ओक्साना लिवाच को 7-5 से शिकस्त दी। विनेश का सेमीफाइनल 10:15 पर होगा विनेश फोगान का सेमीफाइनल मुकाबला भारतीय समयानुसार रात 10 बजकर 15 मिनट पर शुरू होगा। उनकी सेमीफाइनल में क्यूबा की युस्नेलिस लोपेज से भिड़ंत होगी, जो पैन अमेरिकन गेम्स की मौजूदा चैंपियन हैं।   recent visitors 115

राजस्थान राज्य का फैसला अग्निवीर के शहीद होने पर परिवार को ‘करगिल पैकेज’ की सुविधा, जमीन-पैसा और सरकारी नौकरी…

जयपुर अग्निवीर के शहीद होने पर उनके परिवार को ‘करगिल पैकेज’ की सुविधा दी जाएगी। जिसके तहत अग्निवीर शहीद के परिवार को नकद राशि, जमीन और सरकारी नौकरी मिलेगी। यह सुविधा राजस्थान के ‘अग्निवीरो’ को मिलेगी। शहीद अग्निवीर पैकेज में यह सुविधाएं शामिल… इस पैकेज के तहत अग्निवीर की पत्नी को 25 लाख नगद, 25 बीघा नहरी जमीन या फिर एमआईजी का मकान, सरकारी नौकरी, बच्चों की फ्री एजुकेशन और माता-पिता को 5 लाख की फिक्स डिपॉजिट मिलेगी। इसके अलावा परिवार को रोडवेज में फ्री यात्रा की सुविधा भी मिलेगी। वहीं यदि अग्निवीर परमानेंट विकलांग होता है तो भी सरकार कारगिल जैसे ही पैकेज की सुविधा देगी। राजस्थान ऐसा करने वाला पहला स्टेट…. सरकार का इस मामले में कहना है की अग्निवीर सैनिक भी भारत की सशस्त्र सेनन का अंग है। उसे बैटल कैजुअल्टी घोषित किया जाता है तो अग्निवीर को भी कारगिल पैकेज के तहत दी जाने वाली सुविधा लागू होगी। ऐसा करने वाला राजस्थान पहला राज्य होगा। शहीद अग्निवीर के परिवार के पास तीन ऑप्शन….. इसमें परिवार के पास तीन ऑप्शन रहेंगे। या तो वह 25 लाख नगद और इंदिरा गांधी नहर के कमांड एरिया में 25 बीघा सिंचित जमीन ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त 25 लाख नगद और हाउसिंग बोर्ड का मिडिल इनकम ग्रुप मकान या फिर 50 लाख नगद ले सकते हैं। बच्चों को फ्री एजुकेशन और स्कॉलरशिप यदि शहीद की पत्नी खुद नौकरी नहीं करना चाहती तो वह अपने बेटे या बेटी के लिए सरकारी नौकरी आरक्षित रख सकती है। वीरांगना को हर महीने 5 हजार रुपए सम्मान भत्ता के रूप में मिलेंगे। वही बच्चों को स्कूल से लेकर मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी फ्री मिलेगी। स्कूल जाने वाले बच्चों को हर साल 1800 रुपए और कॉलेज वालों को हर साल 3600 रुपए की स्कॉलरशिप भी मिलेगी। विकलांग होने पर बेटे या बेटी को नौकरी… आपको बता दे कि केंद्र सरकार अग्निवीर सैनिक के शहीद होने पर एक करोड रुपए देती है। इसके अतिरिक्त नौकरी का जितना भी समय बचा है उसकी भी तनख्वाह परिवार को ही मिल जाती है। वहीं यदि कोई अग्निवीर सैनिक परमानेंट विकलांग हो जाता है तो वह खुद की नौकरी अपने बेटे या बेटी के लिए आरक्षित रख सकता है। दरअसल, राजस्थान सरकार ने सोमवार को विधानसभा में बताया कि अगर राज्य का कोई ‘अग्निवीर’ युद्ध में शहीद हो जाता है तो उसके परिजनों को ‘करगिल पैकेज’ के तहत सुविधाएं दी जाएंगी। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली द्वारा राजस्थान के शहीद ‘अग्निवीर’ को देय राहत पैकेज के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में राज्य सरकार ने यह जानकारी दी। सरकार ने जवाब में कहा कि अग्निवीर भी सशस्‍त्र सेनाओं का अंग हैं और अगर उन्हें युद्ध में मृतक (बैटल कैज्‍युअल्‍टी-फैटल) घोषित किया जाता है तो अग्निवीर पर भी राज्‍य सरकार द्वारा ‘करगिल पैकेज’ के तहत देय समस्त सुविधाएं लागू होंगी। बता दें कि जूली ने अपने सवाल में पूछा था कि ‘क्या सरकार राज्य के अग्निवीर सैनिकों के शहीद होने पर केंद्र के अतिरिक्त कोई राहत पैकेज देने का विचार रखती है?’ संशोधित ‘करगिल पैकेज’ के तहत राज्य के शहीद सैनिकों के परिवारों को नकद राशि, भूमि और सरकारी नौकरी दी जाती है। इस फैसले के बाद अग्निवीर की पत्नी को 25 लाख नकद, 25 बीघा नहरी जमीन, सरकारी नौकरी और माता-पिता को 5 लाख मिलेंगे। बता दें कि अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में आरक्षण भी मिलेगा। इसकी घोषणा राजस्थान सरकार ने पहले ही कर दी थी।     ये भी मिलेगी सुविधा- शहीद अग्निवीर के बच्चों को फ्री शिक्षा शहीद अग्निवीर के नाम से स्कूल या सरकारी बिल्डिंग का नामकरण शहीद अग्निवीर के परिजनों को रोडवेज में फ्री यात्रा, बिजली कनेक्शन recent visitors 175

मध्य प्रदेश की स्कूली इमारतों की मजबूती की जांच हो : कमलनाथ

भोपाल मध्य प्रदेश में बीते दिनों हुए हादसों में बच्चों की मौत पर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने चिंता जताई। उन्होंने राज्य सरकार से सरकारी और निजी स्कूलों की इमारतों की मजबूती की जांच कराने की मांग की है। ज्ञात हो कि बीते दिनों रीवा जिले के गढ़ में स्कूल की दीवार गिरने से चार बच्चों की मौत हो गई थी। वहीं सागर जिले में एक दीवार गिरने से शिवलिंग बना रहे नौ बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद राज्य में स्कूलों समेत अन्य इमारतों की स्थिति का पता लगाने के लिए सर्वे किया जा रहा है। इसमें कई स्थानों पर इमारतों के जर्जर होने की बात सामने आई है। मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में लगातार इस तरह की दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें भवन या दीवार गिरने से मासूम बच्चों की मौत हुई है। रीवा और सागर में बच्चों की मौत की दुखद घटनाओं ने सबका दिल दहला दिया है। अब यह रिपोर्ट भी सामने आ रही हैं कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर सरकारी और निजी स्कूल कमजोर और पुरानी इमारतों में चल रहे हैं। भोपाल में ही 42 स्कूलों के जीर्ण-शीर्ण भवनों में चलने की रिपोर्ट सामने आई है। कमजोर इमारतों में बच्चों को पढ़ाना, भीषण जोखिम को आमंत्रित करने के बराबर है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा प्रतीत होता है कि स्कूल भवनों पर किसी तरह का ध्यान न देकर सरकार बच्चों की सुरक्षा से गंभीर खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि वे पूरे प्रदेश में सभी तरह के सरकारी और निजी स्कूलों की इमारतों की मजबूती की जांच कराएं और तत्काल उनकी मरम्मत शुरू की जाए। जब तक किसी स्कूल की मरम्मत का कार्य चलता है तब तक बच्चों को किसी दूसरे स्कूल में पढ़ने के लिए भेजा जाए, ताकि उनकी सुरक्षा को कोई खतरा न हो। राज्य में बीते कुछ दिनों से बारिश का दौर जारी है। कमजोर और जर्जर मकान गंभीर हादसे का कारण बन सकते हैं। इस बात से सरकार वाकिफ है। यही कारण है कि जिले स्तर पर कमजोर मकानों को चिन्हित किया जा रहा है और उन्हें खाली कराया जा रहा है। कई स्थानों पर तो बुलडोजर भी चलाया जा रहा है।     recent visitors 113

महिला हॉस्पिटल में एक साथ गूंजी चार किलकारियां ! महिला ने दिया चार बच्चों को जन्म, 2 बेटा-2 बेटी

 जयपुर राजस्थान के जयपुर में महिला अस्पताल में सोमवार को एक साथ चार बच्चों की किलकारी गूंजी. यहां अस्पताल में एक गर्भवती महिला ने चार बच्चों को जन्म दिया, जिसमें 2 लड़के और 2 लड़कियां शामिल हैं. चार बच्चों के जन्म से परिवार में खुशियां भी चौगुनी हो गई हैं. महिला का परिवार भी अपनी खुशी जाहिर कर रहा है. वहीं, महिला और चारों बच्चों का स्वास्थ्य भी फिलहाल ठीक है. दरअसल, दौसा की रहने वाली गर्भवती महिला संतोष को जब जयपुर रेफर किया गया, तो उसे गंभीर प्रीक्लेम्पसिया, आरएच नेगेटिव प्रेग्नेंसी, बहुत बड़ा गर्भाशय फाइब्रॉएड, एनीमिया और पेट दर्द की शिकायत थी. ऑपरेशन से पहले महिला कई तरह की परेशानियों से जूझ रही थी. महिला को गर्भावस्था के दौरान हाई ब्लड प्रेशर की समस्या थी और रक्त संबंधी परेशानियां भी थीं. इस दौरान डिलीवरी काफी जोखिम भरी थी. इसके साथ ही गर्भवती महिला गर्भाशय में गांठ की समस्या से भी जूझ रही थी. इसके साथ ही महिला एनीमिया से भी पीड़ित थी. इसके बावजूद डॉक्टरों ने समझदारी दिखाते हुए महिला की समय से पहले डिलीवरी कराई. फिलहाल, महिला और चारों बच्चों की तबीयत ठीक है. महिला अस्पताल के आईसीयू प्रभारी ने कही ये बात महिला अस्पताल के आईसीयू प्रभारी डॉ. विष्णु अग्रवाल ने बताया कि सोमवार सुबह ऑपरेशन के बाद महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया है, जिसमें दो लड़के और दो लड़कियां हैं. समय से पहले डिलीवरी के कारण इन बच्चों का जन्म हुआ है, इसलिए इन बच्चों का वजन भी काफी कम है. पैदा हुए दो लड़कों का वजन 1 किलो है, जबकि दो लड़कियों का वजन 900 और 700 ग्राम है. ऐसे में उन्हें आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम देखभाल में लगी हुई है. ये समस्या थी महिला को : ऑपरेशन करने वाले चिकित्सकों का कहना है कि ऑपरेशन करने से पहले महिला कई तरह की समस्याओं से जूझ रही थी, महिला को गर्भावस्था के दौरान होने वाली हाई ब्लड प्रेशर की समस्या थी. महिला को ब्लड संबंधित परेशानी भी थी और इस दौरान डिलीवरी कराना काफी जोखिम भरा था. इसके साथ ही गर्भाशय में गांठ की समस्या से महिला पीड़ित थी और इसी के साथ महिला में खून की कमी भी थी. महिला मल्टिपल समस्याओं से जूझ रही थी और ऐसे में ऑपरेशन करना काफी खतरनाक हो सकता था.   recent visitors 137