साइबर ठगों के निशाने पर प्रदेश के IAS अफसर: जबलपुर कलेक्टर हुए साइबर फ्राड के शिकार

State's IAS officers on target of cyber thugs: Jabalpur Collector becomes victim of cyber fraud

State’s IAS officers on target of cyber thugs: Jabalpur Collector becomes victim of cyber fraud

जब भी कोई विपक्षी टीम का खिलाड़ी उनसे पंगे लेता है तो फिर किंग कोहली उसे अपने मुंह के अलावा बल्ले से जवाब देते हैं

नई दिल्ली विराट कोहली को मैदान पर उनके एग्रेशन के लिए जाना जाता है, जब भी कोई विपक्षी टीम का खिलाड़ी उनसे पंगे लेता है या फिर जुबानी जंग करने का प्रयास करता है तो किंग कोहली उसे अपने मुंह के अलावा बल्ले से जबरदस्त जवाब देते हैं। बुधवार, 7 अगस्त की शाम भी श्रीलंका के असिता फर्नांडो ने उनसे भिड़ने की कोशिश की, कोहली ने जवाब में उन्हें बहुत कुछ कहा, मगर वह बल्ले से इस बार कोई जवाब नहीं दे पाए। वहीं मैच के बाद दोनों के बीच ये जंग एकदम शांत दिखी क्योंकि हैंडशेक के दौरान कोहली और फर्नांडो हंसते हुए दिखाई दिए। विराट कोहली के लिए यह श्रीलंका दौरा किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। तीसरे वनडे में वह मात्र 20 के निजी स्कोर पर आउट हुए। वहीं इससे पहले दो वनडे में उन्होंने 24 और 14 ही रन बनाए थे। हैरानी की बात यह है कि विराट इस पूरी सीरीज में स्पिनर्स के हाथों LBW आउट हुए, ऐसा उनके करियर में पहली बार ही हुआ है। 2-0 से सीरीज हारा भारत भारत को श्रीलंका के खिलाफ तीन मैच की यह वनडे सीरीज 2-0 से गंवानी पड़ी। श्रीलंकाई टीम 1997 के बाद पहली बार भारत के खिलाफ सीरीज जीतने में कामयाब रहा। सीरीज का पहला मैच टाई रहा, वहीं अगले दो वनडे मुकाबलों में मेजबान टीम ने अपने धाकड़ स्पिनर्स के दम पर जीत दर्ज की। सीरीज की शुरुआत में श्रीलंकाई टीम थोड़ी कमजोर नजर आ रही थी, उनके कई गेंदबाज चोट या स्वास्थ्य ठीक ना होने की वजह से सीरीज का हिस्सा नहीं बन पाए थे, वहीं वानिंदू हसरंगा भी बीच सीरीज में चोट के चलते बाहर हो गए थे। इसके बावजूद श्रीलंकाई टीम ने सीरीज में भारत को एक भी मैच जीतने का मौका नहीं दिया।   recent visitors 140

टीम इंडिया में खिलाड़ियों के चयन का प्रोसेस बताया, कहा- आईपीएल से नहीं घरेलू क्रिकेट से मिलते है खिलाडी: रोहित शर्मा

नई दिल्ली टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने कहा है कि टेस्ट और वनडे के लिए टीम के चयन के लिए रणजी ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट काफी अहमियत रखते हैं। उन्होंने माना कि चयन के लिए आईपीएल भी एक अहम टूर्नामेंट है, लेकिन उन्होंने कहा कि इसके आने से भारत की प्रमुख घरेलू प्रतियोगिताओं का महत्व कम नहीं हुआ है। बता दें, श्रीलंका के खिलाफ तीन मैच की वनडे सीरीज में भारत को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा, सीरीज का पहला मैच टाई रहा था। भारत 1997 के बाद श्रीलंका से वनडे सीरीज हारा है। इस मैच में श्रीलंका की धीमी पिचों पर भारतीय बल्लेबाज संघंर्ष करते नजर आए।   मैच के बाद रोहित शर्मा से प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल किया कि, क्या वह भारत के युवा बल्लेबाजों को घरेलू क्रिकेट में अधिक खेलने की सलाह देंगे? इसके जवाब में हिटमैन ने स्पष्ट किया कि टेस्ट और वनडे टीमों के लिए खिलाड़ियों को चुनने के मामले में भारत का घरेलू ढांचा सबसे महत्वपूर्ण है। रोहित शर्मा ने कहा, 'हमारा हमेशा से यही लक्ष्य रहा है – यह सुनिश्चित करना कि जो खिलाड़ी उपलब्ध हैं, वे रणजी ट्रॉफी खेलें। हमारा घरेलू क्रिकेट हमारे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की रीढ़ की हड्डी है। बहुत से खिलाड़ी जो अब देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, वे घरेलू क्रिकेट खेलकर आए हैं, इसलिए हमारा घरेलू क्रिकेट सभी के लिए महत्वपूर्ण है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि यह प्रतिस्पर्धी बना रहे।' कप्तान ने आगे कहा, "हमें घरेलू सर्किट से खिलाड़ी मिलते हैं, आईपीएल से नहीं। जब आप टेस्ट और वनडे क्रिकेट के लिए खिलाड़ियों का चयन करते हैं, तो इस बात पर काफी चर्चा होती है कि रणजी ट्रॉफी, वनडे फॉर्मेट, सैयद मुश्ताक अली और इस तरह की अन्य प्रतियोगिताओं में कौन अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।" टी20 क्रिकेट के बढ़ते क्रेज के बीच आईपीएल के बढ़ते महत्व पर विस्तार से बात करते हुए रोहित ने बताया कि इस लीग का अपना महत्व है। रोहित ने कहा, "आईपीएल निश्चित रूप से एक ऐसा फॉर्मेट है, जहां चुनौतियां अलग हैं। यह दोनों की प्रतिस्पर्धा है। आईपीएल भी हमारा क्रिकेट है – यह इंडियन प्रीमियर लीग है। अंत में, जो भी इन सभी टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन करेगा, उसे ही चुना जाएगा।"     recent visitors 110

पूर्व CM बुद्धदेव भट्टाचार्य का निधन, 80 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

कोलकाता पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य का निधन हो गया है। बुद्धदेब भट्टाचार्य ने लंबे समय तक बंगाल में शासन किया था। वह 80 साल के थे और बीते कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उनके बेटे सुचेतन भट्टाचार्य ने पूर्व मुख्यमंत्री की मौत की पुष्टि की है। बुद्धदेब भट्टाचार्य का कोलकाता के बालीगंज स्थित उनके पाम एवेन्यू आवास पर हुआ। वह बीते कई सालों से बीमार चल रहे थे और वृद्धावस्था से संबंधित बीमारियों से पीड़ित थे। बीमारी के चलते ही कई सालों से वह सक्रिय राजनीति से दूर थे और वामपंथी दल सीपीएम के कार्यक्रमों में भी नजर नहीं आते थे। बुद्धदेब भट्टाचार्य ने वर्ष 2000 से 2011 तक बंगाल की कमान संभाली थी। उनसे पहले 23 सालों तक ज्योति बसु मुख्यमंत्री रहे थे। इस तरह कुल 34 सालों के वामपंथी शासन में बुद्धदेब भट्टाचार्य की भी अहम भूमिका थी। बुद्धदेब भट्टाचार्य को वामपंथी नेता होने के बाद भी कारोबार को लेकर उदारवादी नीतियां अपनाने के लिए जाना जाता है। आमतौर पर वामपंथी दल आर्थिक उदारीकरण के खिलाफ रहे हैं, लेकिन बुद्धदेब भट्टाचार्य ने औद्योगिकीकरण के प्रयास किए थे। हालांकि सिंगूर में भूमि अधिग्रहण को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। माना जाता है कि इस विवाद के ही बहुत बढ़ने के चलते नैरेटिव वामपंथी सरकार के खिलाफ चला गया और फिर 34 साल के शासन का अंत हो गया। भारत के किसी भी राज्य में यह सबसे लंबे समय तक चलने वाली वामपंथी सरकार थी। 5 दशकों के अपने राजनीतिक करियर में बुद्धदेब भट्टाचार्य का वामपंथी दल में कद बहुत बड़ा था। उनका जन्म 1 मार्च 1944 को उत्तर कोलकाता के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके दादा कृष्णचंद्र स्मृतितीर्थ वर्तमान बांग्लादेश के मदारीपुर से आए थे। वह संस्कृत के बड़े विद्वान और लेखक थे। इसके अलावा वह पुजारी भी थे और उन्हें पुरोहित दर्पण कहा जाता था। हालांकि बुद्धदेब भट्टाचार्य के पिता ने पुजारी न बनने का फैसला लिया और अपना एक प्रकाशन समूह शुरू किया था। राजनीति में आने से पहले बुद्धदेब भट्टाचार्य एक अध्यापक थे।   recent visitors 103

रोहित शर्मा ने की सचिन-अजहर के अनचाहे क्लब में एंट्री, भारत ने 27 साल बाद श्रीलंका के हाथों वनडे सीरीज गंवाई

नई दिल्ली रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम को श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में हार का मुंह देखना पड़ा है। भारत ने 27 साल बाद श्रीलंका के हाथों वनडे सीरीज गंवाई है। श्रीलंका ने बुधवार को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में आखिरी मैच 110 से अपने नाम किया। मेजबान श्रीलंका ने दूसरे वनडे में भारत को 32 रन से मात दी थी। वहीं, पहला मुकाबला टाई हो गया था। श्रीलंका के 2-0 से सीरीज जीतने के बाद रोहित ने एक अनचाहे क्लब में एंट्री कर ली है। इस क्लब में रोहित से पहले महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन हैं। दरअसल, रोहित श्रीलंका के विरुद्ध वनडे सीरीज हारने वाले तीसरे भारतीय कप्तान बन गए हैं। श्रीलंका ने पिछले 31 सालों में भारत से सिर्फ तीन वनडे सीरीज जीती हैं। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ पहली सीरीज 1993 में गंवाई थी। तब अजहरुद्दीन भारत के कप्तान थे। श्रीलंका ने अपने घर पर तीन मैचों की यह सीरीज 2-1 से जीती थी। भारत को केवल पहले वनडे में विजय नसीब हुई थी। उसके बाद श्रीलंका ने 1997 में सीरीज पर कब्जा जमाया। उस वक्त भारत की बागडोर सचिन के पास थी। भारत तीनों वनडे मैच हार गया था। दिलचस्प बात यह है कि श्रीलंका ने तीनों सीरीज घर में जीतीं। श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज हारने वाले भारतीय कप्तान 1993 – मोहम्मद अजहरुद्दीन 1997 – सचिन तेंदुलकर 2024 – रोहित शर्मा मैच की बात करें तो श्रीलंका ने टॉस जीतकर 248/7 का स्कोर खड़ा किया। अविष्का फर्नांडो ने 102 गेंदों में 96 रन बनाए, जिसमें नौ चौके और दो सिक्स शामिल हैं। पथुम निसांका ने 45 और कुसल मेंडिस ने 59 रन का योगदान दिया। जवाब में टीम इंडिया महज 26.1 ओवर में 138 रन पर ऑलआउट हो गई। रोहित ने भारत की ओर से सबसे ज्यादा 35 रन बनाए। वॉशिगंटन सुंदर ने 30 और विराट कोहली ने 20 रन जुटाए। भारत ने 73 रन जोड़कर पांच विकेट गंवा दिए थे। श्रीलंका के लिए दुनिथ वेलालागे के करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी की। उन्होंने 5.1 ओवर में 27 रन देकर 5 विकेट हासिल किए।   recent visitors 120

सनी देओल-अमीर खान प्रोडक्शन फिल्म ‘लाहौर 1947’ की शूटिंग में ट्रेन यात्रा का दृश्य शामिल

सनी देओल स्टारर अपकमिंग मेगा प्रोजेक्ट फिल्म 'लाहौर 1947' के क्लाइमैक्स को लेकर एक नई खबर है। आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी ये फिल्म सनी देओल, राजकुमार संतोषी और आमिर खान को पहली बार एक साथ ला रही है। अब एक रोमांचक खबर आई है कि फिल्म की एंडिंग एक ट्रेन सीक्वेंस के साथ होने वाली है। इस समय 'लाहौर 1947' के लिए एक अहम सीन को शूट किया जा रहा है। इस सीन में भारत और पाकिस्तान के बीच रेल यात्रा को दिखाया गया है। फिल्म का क्लाइमैक्स एक विजुअल ट्रीट होने वाला है हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार, 'लाहौर 1947 की शूटिंग पार्टीशन के समय के एक बड़े रेल सीक्वेंस के साथ खत्म होगी, जिसमें ऐसे सीन्स दिखाए जाएंगे, जिन्हें पहले कभी नहीं देखा गया है। फिल्म का क्लाइमैक्स एक विजुअल ट्रीट होने वाला है, जिसे पार्टीशन के समय की उथल-पुथल और भावनाओं को दर्शाने के लिए तैयार किया गया है। इस सीक्वेंस की शूटिंग कई हफ्तों तक बड़े कास्ट और क्रू के साथ होने वाली है, ताकि दर्शकों को नया अनुभव का एहसास कराया जा सके।' सनी देओल और प्रीति जिंटा को लीड रोल्स में 'लाहौर 1947' के बारे में बात करें तो आमिर खान प्रोडक्शंस के तहत इसे प्रड्यूस करेंगे, जबकि राजकुमार संतोषी इस प्रोजेक्ट को डायरेक्ट करेंगे। वहीं, सनी देओल और प्रीति जिंटा को लीड रोल्स में नजर आएंगे। recent visitors 154

चैंपियंस ट्रॉफी से पहले मात्र तीन वनडे खेलना भारत के लिए चिंता का विषय, वसीम जाफर ने श्रीलंका से मिली हार के बाद जताई चिंता

नई दिल्ली श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज में 2-0 से मिली हार के बाद टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज और मौजूदा एक्सपर्ट वसीम जाफर ने चिंता जताई है। उन्होंने यह चिंता सीरीज गंवाने के चलते नहीं, बल्कि अगले साल पाकिस्तान में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी से पहले भारतीय टीम की तैयारियों को लेकर जताई है। उनका कहना है कि चैंपियंस ट्रॉफी से पहले मात्र तीन वनडे खेलना भारत के लिए चिंता का विषय है। दरअसल, अगले साल फरवरी-मार्च में चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन होना है और श्रीलंका दौरे के बाद भारत के पास इस टूर्नामेंट की तैयारी के लिए सिर्फ तीन ही वनडे मैच होंगे जो इंग्लैंड के खिलाफ 2025 में हैं। वसीम जाफर ने एक्स पर लिखा, 'श्रीलंका ने बेहतर क्रिकेट खेला और सीरीज जीतने का हकदार है। मुझे इस बात की चिंता नहीं है कि भारत सीरीज हार गया। हार-जीत तो खेल का हिस्सा है। हालांकि, यह चिंता की बात है कि चैंपियंस ट्रॉफी से पहले भारत के पास सिर्फ 3 वनडे मैच बचे हैं।' बता दें, 1997 के बाद श्रीलंकाई टीम भारत के खिलाफ वनडे सीरीज जीतने में कामयाब रही है। तीन मैच की इस सीरीज का पहला मैच टाई रहा था। वहीं इसके बाद अगले दोनों मुकाबले मेजबान टीम ने अपने स्पिनर्स के दम पर जीते। दूसरे वनडे में जेफरी वैंडर्से चमके, वहीं तीसरे वनडे में डुनिथ वेल्लालागे ने कहर बरपाया। डुनिथ वेल्लालागे को उनकी बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज के अवॉर्ड से भी नवाजा गया। बात तीसरे वनडे की करें तो, पहले बैटिंग करते हुए श्रीलंका ने आर प्रेमदासा स्टेडियम में 248 रन बोर्ड पर लगाए। अविष्का फर्नांडो ने इस दौरान 96 रनों की शानदार पारी खेली। इस स्कोर का पीछा करने उतरी टीम इंडिया 138 रन पर ही ढेर हो गई। रोहित शर्मा 35 रनो के साथ टीम के हाइएस्ट स्कोरर रहे, वहीं वॉशिंगटन सुंदर ने 30 रन बनाए। डुनिथ वेल्लालागे ने 5 विकेट हॉल लेकर भारतीय बैटिंग की कमर तोड़ दी।   recent visitors 103