स्लीमनाबाद टनल निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने और आवश्यक सावधानियों का ध्यान रखने के निर्देश दिये- Deputy Chief Minister Shukla

भोपाल उप-मुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल ने मंत्रालय में स्लीमनाबाद टनल निर्माण कार्य प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने और आवश्यक सावधानियों का ध्यान रखने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आवासीय क्षेत्र के नीचे टनल निर्माण करते हुए विशेष सावधानी बरती जाये। उल्लेखनीय है कि विगत दिवस मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा स्लीमनाबाद टनल निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई थी। बरगी व्यपवर्तन परियोजना से जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना एवं रीवा सहित आस-पास के जिलों के कृषकों को सिंचाई और ग्रामीणों को पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी। औद्योगिक इकाइयों को भी नहर प्रणाली के माध्यम से जल आपूर्ति होगी। नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष सिंह, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।   स्लीमनाबाद टनल का निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्लीमनाबाद टनल का निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में स्लीमनाबाद टनल के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आवासीय क्षेत्र के नीचे टनल निर्माण करते हुए विशेष सावधानी बरतें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बरगी व्यपवर्तन परियोजना के तहत निर्माणाधीन स्लीमनाबाद टनल प्रदेश के लिए एक मेगा प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट से जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना और रीवा सहित आसपास के जिलों के कृषकों को सिंचाई और ग्रामीणों को पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी। औद्योगिक इकाइयों को भी नहर प्रणाली के माध्यम से जल आपूर्ति होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अन्य मेगा प्रोजेक्ट की सतत मॉनिटरिंग के लिए ऑनलाइन डैशबोर्ड बनाने के निर्देश भी दिये। बैठक मे बरगी व्यपवर्तन परियोजना और स्लीमनाबाद टनल की अद्यतन प्रगति पर आधारित प्रेजेंटेशन दिया गया। बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव श्री राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री मनीष सिंह सहित नर्मदा घाटी विकास विभाग के सदस्य (अभियांत्रिकी एवं वित्त) श्री एच. आर. चौहान, सदस्य (ऊर्जा) श्री शिशिर कुशवाह, मुख्य अभियंता अपर नर्मदा जोन जबलपुर श्री डी.एल. वर्मा, सचिव श्री जी.पी. सोनकर, सचिव (प्रकोष्ठ) श्री मनीष ठाकुर एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।   recent visitors 93

विंटर शेड्यूल में भोपाल एयरपोर्ट कम से कम एक इंटरनेशनल उड़ान होगी !

भोपाल  भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से 24 घंटे उड़ान संचालन के साथ ही इंटरनेशनल उड़ानें प्रारंभ कराने के प्रयास शुरू हो गए हैं। एयरपोर्ट अथाॅरिटी का प्रयास है किदुबई उड़ान के साथ इंटरनेशनल रूट की शुरूआत की जाए। अथारिटी ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करने वाली एयरलाइंस को प्रजेंटेशन दिया है, इसमें बताया गया है कि उनसे विमानों का नाइट पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाएगा। कस्टम काउंटर एवं ई गेट भी स्‍थाप‍ित हो चुके भोपाल एयरपोर्ट को हाल ही में इंटरनेशनल दर्जा मिला है। कस्टम काउंटर एवं ई गेट भी स्थापित किए जा चुके हैं। हज यात्रा के दौरान इंटरनेशनल विंग का उपयोग किया गया था, लेकिन फिलहाल विदेशी रूट पर एक भी उड़ान नहीं है। एक अक्टूबर से एयरपोर्ट से 24 घंटे उड़ान संचालन शुरू हो जाएगा।     एयरपोर्ट अथाॅरिटी का प्रयास है किअक्टूबर माह से शुरू हो रहे विंटर शेड्यूल में कम से कम एक इंटरनेशनल उड़ान प्रारंभ हो जाए।     अथाॅरिटी ने एयरलाइंस कंपनियों को सिंगापुर एवं बैंकाक जैसे अंतरराष्ट्रीय रूट पर भी उड़ान प्रारंभ करने का न्यौता दिया है।     एक अक्टूबर के बाद अथारिटी देर रात की उड़ानों के स्लाट भी जारी करेगी। विदेशी उड़ान का शेड्यूल जारी होती है यहां पर कस्टम अमला भी तैनात कर दिया जाएगा।     वेट की दर कम, नाइट पार्किंग भी फ्री     भोपाल में एयर टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) पर वेट की दर मात्र चार प्रतिशत है। हम एयरलाइंस कंपनियों को नाइट पार्किंग भी निश्शुल्क उपलब्ध कराएंगे। एयरलाइंस कंपनियों को इसकी जानकारी दी गई है। इस साल हर हाल में एक इंटरनेशनल उड़ान शुरू होने की उम्मीद है। – रामजी अवस्थी, एयरपोर्ट डायरेक्टर चेक इन काउंटर्स की संख्या 40 होगी फिलहाल आगमन-प्रस्थान क्षेत्र में एक साथ 800 यात्रियों को रोकने की क्षमता है। संभावित इंटरनेशनल उड़ानों को देखते हुए नया अराइवल क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। जल्द ही तीन हजार से अधिक यात्री क्षमता हो जाएगी। नए अराइवल क्षेत्र में एसक्लेटर भी लगाया जाएगा। पार्किंग क्षेत्र का भी विस्तार होगा। चेकइन काउंटर्स की क्षमता 14 से बढ़ाकर 40 करने का प्रस्ताव है। टर्मिनल क्षेत्र का विस्तार भी होगा     जल्द ही घरेलू एवं इंटरनेशनल यात्रियों के लिए अलग-अलग सिक्युरिटी होल्ड एरिया होगा।     घरेलू उड़ानों के होल्ड एरिया को 2570 मीटर से बढ़ाकर 5540 वर्गमीटर करने का प्रस्ताव है।     भोपाल एयरपोर्ट पर सिक्यूरिटी चैक मशीनों की संख्या दो से बढ़ाकर 11 करने का प्रस्ताव है।     टर्मिनल क्षेत्र का विस्तार भी करने का प्रस्ताव है। यह क्षेत्र भविष्य में 29 हजार 225 वर्गमीटर हो जाएगा।     इसके साथ ही इंटरनेशनल स्तर का नया तकनीकी ब्लाॅक भी अब काम करने लगा है।   recent visitors 101

‘लोक परिसंपत्ति प्रबंधन जिला प्रोत्साहन योजना’ के अंतर्गत जिलों में मौजूद आधारभूत संरचनाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की तैयारी

भोपाल लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा इंदौर और जबलपुर शहरी क्षेत्र में नगर वन (सिटी फारेस्ट) विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिये विभाग द्वारा योजनाबद्ध तरीके से तेजी से कार्य किया जा रहा है। विभाग द्वारा वित्त वर्ष 2024-25 की कार्य योजना में नगर वन विकसित करने संबंधी प्रस्ताव रखा गया है। लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा नेशनल टेक्सटाईल कॉर्पोरेशन से इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं बुरहानपुर जिले की बंद मिलों की भूमि को पुनः राज्य शासन के पक्ष में बंदोबस्त (वैष्ठित) कर लिया गया है। इसके विरुद्ध नेशनल टेक्सटाइल कॉर्पोरेशन ने इंदौर, उज्जैन एवं भोपाल की भूमि के संबंध में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। संबंधित जिलों के कलेक्टर्स से समन्वय स्थापित कर विभाग द्वारा इन भूमि प्रकरणों के जल्द से जल्द निराकरण की कार्यवाही की जा रही है। इंदौर जिले में स्थित यूनाइटेड मालवा मिल का एक प्रमुख भाग प्रबंधन की मंशा से नगर वन (सिटी फारेस्ट) के रूप में विकसित करने के लिये बेहद उपयुक्त पाया गया है। इस विकास प्रस्ताव पर विभागीय योजना बनाकर कार्यवाही की जा रही है एवं कल्याण मिल का उचित रूप से प्रबंधन किया जा रहा है। उज्जैन की विनोद मिल के शेष पार्सलों पर व्यवसायिक गतिविधियों के प्रोत्साहन केलिये विभागीय योजना तैयार की जा रही है एवं उज्जैन की हीरा मिल का समुचित प्रबंधन भी विभागीय तौर पर किया जा रहा है। लोक परिसम्पत्ति विभाग द्वारा जबलपुर शहरी क्षेत्र में बीएसएनएल द्वारा अधिग्रहित भूमि को पुनः राज्य शासन के पक्ष में बंदोबस्त (वैष्ठित) कर लिया गया है। अब यहाँ 'सिटी फारेस्ट' के लिये जरूरी विकास के मद्देनजर समुचित प्रबंधन एवं व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। 'लोक परिसंपत्ति प्रबंधन जिला प्रोत्साहन योजना' के अंतर्गत विभाग द्वारा जिलों में मौजूद आधारभूत संरचनाओं को और अधिक सुदृढ़ कर इन्हें नई आवश्यकतानुसार विकसित करने के लिये गत वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में 20 जिलों को उनसे प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार कुल 126 करोड़ 79 लाख रूपये वितरित किये गये। जारी वित्त वर्ष 2024-25 में इस योजना में 16 जिलों से पात्रतानुसार 65 करोड़ 49 लाख रूपये के विकास प्रस्ताव प्राप्त करने के लिये भी विभाग द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।   recent visitors 118

राज्य पश्चिम बंगाल का मॉडल कोई नहीं अपनाना चाहेगा…अमित शाह

नई दिल्ली  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने  पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस नीत ममता बनर्जी सरकार पर कटाक्ष करते हुए आश्चर्य जताया कि क्या कोई राज्य वामपंथी उग्रवाद को रोकने के संदर्भ में उनके मॉडल को लागू करना चाहेगा। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा और आंध्र प्रदेश का हवाला देते हुए कहा कि वामपंथी उग्रवाद की समस्या पिछले 10-15 सालों से इन राज्यों में है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार वामपंथी उग्रवाद से निपटने में सफल रही है। उन्होंने सदन में गृह मंत्री से सवाल किया कि क्या वे पश्चिम बंगाल के मॉडल का अध्ययन कर इसे अन्य राज्यों में भी लागू करेंगे। सौगत रॉय के सवाल पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुस्कुराते हुए खड़े हुए और कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को उन राज्यों के मॉडल को लागू करने में कोई दिक्कत नहीं है जिन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन मैं मानता हूं कि कोई भी राज्य नहीं चाहेगा कि वहां पश्चिम बंगाल का मॉडल अपनाया जाए। वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं में 53 प्रतिशत की कमी वहीं, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि पिछले 10 सालों में वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं में 53 प्रतिशत की कमी आई है। इन घटनाओं में सुरक्षा बलों की मौत के मामलों में भी 72 प्रतिशत की कमी हुई है। उन्होंने कहा कि वामपंथी उग्रवाद की गतिविधियों में शामिल लोग इस देश के संविधान और लोकतंत्र में विश्वास नहीं करते हैं। वो हथियार के माध्यम से सत्ता हथियाना चाहते हैं। 42 जिलों तक सिमटकर रह गया उग्रवाद नित्यानंदर राय ने संसद में कहा कि साल 2010 में 96 जिले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित थे, लेकिन मोदी सरकार के प्रयासों के कारण 2023 में वामपंथी उग्रवाद 42 जिलों तक सिमटकर रह गया। राय का कहना था, 10 सालों में जो प्रयास किए गए हैं, उसका प्रभाव स्पष्ट दिखता है। आने वाले दिनों में वामपंथी उग्रवादियों को समाप्त कर दिया जाएगा।     recent visitors 116

पन्ना किसान को 16.10 कैरेट वजन वाला जेम क्वालिटी का बेशकीमती हीरा मिला

पन्ना डायमंड सिटी के नाम से प्रसिद्ध मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में आज ग्राम जरुआपुर के किसान दिलीप मिस्त्री को 16.10 कैरेट वजन वाला जेम क्वालिटी का बेशकीमती हीरा मिला है। बीते एक पखवाड़े में पन्ना की उथली खदान से मिला यह दूसरा बड़ा हीरा है। जेम क्वालिटी वाले इस हीरे की अनुमानित कीमत 75 लाख रुपये से भी अधिक बताई जा रही है। हीरा कार्यालय पन्ना के हीरा पारखी अनुपम सिंह ने बताया कि किसान दिलीप मिस्त्री ने विगत पांच माह पूर्व फरवरी में अपनी निजी कृषि भूमि में हीरा खदान का पट्टा बनवाया था। उसकी इसी खदान से यह बेशकीमती हीरा निकला है जो उज्जवल किस्म (जेम क्वालिटी) का है। इस क्वालिटी का हीरा सबसे अच्छा माना जाता है। हीरा अधिकारी पन्ना रवि पटेल ने बताया कि हीरा धारक  किसान दिलीप मिस्त्री ने आज जिला मुख्यालय में संयुक्त कलेक्ट्रेट स्थित हीरा कार्यालय में इस हीरा को जमा करा दिया है। आगामी होने वाली नीलामी में 16.10 कैरेट वजन वाले जेम क्वालिटी के इस हीरे को बिक्री के लिए रखा जायेगा। पन्ना की धरती ने फिर बदली किसान की किस्मत पन्ना की धरती कईयों की किस्मत बदल चुकी है। ऐसा ही वाकया आज फिर हुआ जिसमें किसान दिलीप मिस्त्री को अपने ही खेत (पन्ना के जरूआपुर) में हीरा की चाल मचाते समय हीरा मिला है। जब यह चमचमता हीरा दिखा तो आंखें चका-चौंध हो गईं और किसान की खुशी का ठिकाना न रहा और झूम कर नाच उठे। हीरा मिलने के बाद किसान दिलीप अपने परिवार सहित अपने पार्टनरों को फोन पर जानकारी देता है और जानकारी देने के बाद पार्टनरों के साथ 16 कैरेट 10 सेंट के हीरे को हीरा कार्यालय में जमा करता है। जहां उसकी कीमत 60 लाख से अधिक आंकी गई है। जमा होने के पश्चात हीरा अगली हीरा नीलामी में रखा जाएगा। बता दें कि वर्ष 2024 में अभी तक 11 हीरे जमा हुए हैं। यह है पूरा मामला… दिलीप मिस्त्री ने जनवरी 2024 माह में पन्ना के जरुआपुर खदान के नाम से हीरा कार्यालय से पट्ट बनावा कर हीरा खदान लगवाया था, जिसे आज यह 16.10 कैरेट का हीरा मिला है। पहले भी किसान पार्टनरों ने यहां खदान लगाकर बड़े हीरे जमा किये हैं, अब किसान बहुत खुश है। उसने कहा है कि वह हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बड़ा भंडारा करेगा और अपने जीवन-यापन की जरूरतों को पूरा करेगा। हालांकि हीरे में उसके चार पार्टनर हैं और करीब 3 सालों से यह हीरा खदान में लगे हुए थे। हीरा पाकर उसके पार्टनर भी बहुत प्रसन्न हैं। दरअसल अब वह रातों-रात लखपति जो बन गए हैं। बीते एक पखवाड़े में पन्ना की उथली खदान से मिला यह दूसरा बड़ा हीरा है। जेम क्वालिटी वाले इस हीरे की अनुमानित कीमत 75 लाख रुपये से भी अधिक बताई जा रही है। हीरा कार्यालय पन्ना के हीरा पारखी अनुपम सिंह ने बताया कि किसान दिलीप मिस्त्री ने विगत पांच माह पूर्व फरवरी में अपनी निजी कृषि भूमि में हीरा खदान का पट्टा बनवाया था। उसकी इसी खदान से यह बेशकीमती हीरा निकला है, जो उज्जवल किस्म (जेम क्वालिटी) का है। इस क्वालिटी का हीरा सबसे अच्छा माना जाता है। हीरा धारक किसान दिलीप मिस्त्री ने आज जिला मुख्यालय में संयुक्त कलेक्ट्रेट स्थित हीरा कार्यालय में इस हीरा को जमा करा दिया है। आगामी होने वाली नीलामी में 16.10 कैरेट वजन वाले जेम क्वालिटी के इस हीरे को बिक्री के लिए रखा जाएगा। recent visitors 118

रक्षाबंधन से पहले Mohan सरकार का बड़ा तोहफा, 7 लाख कर्मचारियों को मिलेगी DA की पहली किस्त

भोपाल मध्य प्रदेश में इस रक्षा बंधन से पहले लाडली बहनों के साथ ही सरकारी कर्मचारियों को मोहन यादव सरकार तोहफे देने जा रही है। सरकारी कर्मचारियों द्वारा पिछले कुछ सालों से जो मांगे सरकार से की जा रही थी। अब उसे सरकार पूरा करने जा रही है, इससे 10 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। अगस्त वादा पूरा प्रदेश सरकार की ओर से कर्मचारियों को 3 अलग अलग किस्तों में एरियर दिए जाने का निर्देश भी दिया गया था। जिसे अब अगस्त के महीने में सरकार पूरा करने जा रही है। इन कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में सरकारी की ओर से इससे पहले इजाफा किया गया था। इन किस्तों को जुलाई से देने के निर्देश थे परन्तु ऐसा संभव नहीं हो पाया। कर्मचारियो को 6 हजार 5 सौ तक का लाभ अब अगस्त महीने में रक्षाबंधन से पहले बढ़ाए गए महंगाई भत्ते की किस्त सरकारी कर्मचारियों को दी जाएगी। महंगाई भत्ते में किए गए इजाफे से इन कर्मचारियों के मासिक वेतन में 6 हजार 5 सौ तक का लाभ मिल सकेगा। त्यौहार से पहले सरकार के इस निर्णय से कर्मचारियों के चेहरों पर मुस्कान आ रही है। महंगाई भत्ते में 4 फीसदी का इजाफा बता दें कि इससे पहले प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों को 42 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा था। जिसमें 4 फीसदी का इजाफा किया गया, अब यह दर 46 फीसदी तक पहुंच गई है। जुलाई 2023 में बढ़ाए गए महंगाई दर का भुगतान कर्मचारियों को एक अप्रैल 2024 से करने का निर्णय लिया गया था। वित्त विभाग के द्वारा अब कर्मचारियों को इसका भुगतान किया जाना है। इतने सालों के लिए कर्ज लेगी मोहन सरकार  जानकारी के मुताबिक मोहन सरकार दो अलग अलग कर्ज लेने जा रही है। पहला कर्ज 2500 करोड़ का होगा। जिसे सरकार को 11 साल के अंदर चुकाना होगा। तो वही दूसरा कर्ज भी 2500 करोड रुपए का होगा। जिसे मोहन सरकार को 21 सालों में चुका होगा। इस हिसाब से सरकार पर कुल  5000 करोड़ का कर्ज हो जाएगा। सुत्रों के अनुसार बांड गिरवी करके सरकार 6 तारीख को आरबीआई के जरिए ऑक्शन करवाएगी। इसके बाद आरबीआई के द्वारा 7 अगस्त को सरकार को कर्ज की रकम दी जाएगी।  नई सरकार का पहला ऋण नहीं सीएम मोहन प्रदेश की कमान सँभालने के बाद कई बार कर्ज ले चुके है। आपको बता दें कि मध्यप्रदेश सरकार पर अबतक करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। सरकार का सबसे ज्यादा पैसा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना लाड़ली बहना योजना पर खर्च हो रहा है। सराकर इस योजना पर हर माह करीब 1500 करोड़ रूपये खर्च कर रही है। ये नई सरकार का पहला ऋण नहीं है। इसके पहले भी मोहन सरकार ने 2023-24 वित्त वर्ष में 55 हजार 708 रुपये का कर्ज लिया था। जिसे सरकार को साल 2039 तक चुकानी होगी। recent visitors 98

दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी अमेरिका और यूरोप की सबसे बड़ी इकॉनमी जर्मनी में एक बार फिर मंदी की आशंका मंडराने लगी

नई दिल्ली दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी अमेरिका और यूरोप की सबसे बड़ी इकॉनमी जर्मनी में एक बार फिर मंदी की आशंका मंडराने लगी है। अमेरिका में हाल में आए रोजगार के आंकड़े उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहे हैं। इससे वहां एक बार फिर मंदी की आशंका पैदा हो गई है। इस कारण सोमवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली। दूसरी ओर जर्मनी की इकॉनमी में दूसरी तिमाही में अप्रत्याशित गिरावट देखने को मिली। जर्मनी की जीडीपी में पहली तिमाही की तुलना में 0.1 फीसदी गिरावट देखने को मिली। तकनीकी रूप से लगातार दो तिमाहियों में गिरावट को मंदी कहा जाता है। करीब दो दशक तक ग्लोबल ग्रोथ का इंजन रहे चीन की इकॉनमी कई मोर्चों पर संघर्ष कर रही है। लेकिन इन सबसे बीच भारत की इकॉनमी दुनिया में सबसे तेजी से दौड़ रही है। भारत से इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों के एक्सपोर्ट में जून तिमाही में काफी तेजी आई है। देश से ऐपल आईफोन के एक्सपोर्ट में तेजी के कारण भारत से इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात इस फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में पिछले साल के मुकाबले 22% उछलकर 8.44 अरब डॉलर पहुंच गया। इंजीनियरिंग गुड्स और पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स के बाद अब भारत से सबसे ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक्स का ही एक्सपोर्ट हो रहा है। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत से 6.94 अरब डॉलर का इलेक्ट्रॉनिक्स सामान एक्सपोर्ट हुआ था। इस साल जून तिमाही में 4.8 अरब डॉलर के मोबाइल एक्सपोर्ट हुए जो कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात का करीब 57 फीसदी है। इस दौरान ऐपल ने भारत से 3.5 अरब डॉलर के आईफोन एक्सपोर्ट किए। इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जून तिमाही में मोबाइल एक्सपोर्ट में पिछले साल के मुकाबले 30 फीसदी तेजी आई। इस दौरान आईफोन के एक्सपोर्ट में 90 करोड़ डॉलर की तेजी आई। जबसे सरकार ने स्मार्टफोन प्रॉडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव लॉन्च की है तबसे मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट में तेजी आई है। अप्रैल 2020 में इस योजना के शुरू होने से पहले फाइनेंशियल ईयर 2019-20 में देश से 2.9 अरब डॉलर के मोबाइल एक्सपोर्ट किए गए थे। भारत से एक्सपोर्ट होने वाले आइटम्स की लिस्ट में मोबाइल 14वें स्थान पर थे। लेकिन वित्त वर्ष 2024 में भारत ने 15.6 अरब डॉलर के स्मार्टफोन एक्सपोर्ट किए जो ऑटोमोटिव डीजल, डायमंड्स और एविएशन टर्बाइन फ्यूल के बाद सबसे अधिक है। इससे फाइनेंशियल ईयर 2024 में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट 29.1 अरब डॉलर पहुंच गया। गैस उत्पादन में भी भारत तेजी से आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ रहा है। 2020-21 में देश में गैस उत्पादन 28.7 अरब घन मीटर (BCM) था। सरकारी आंकडों के मुताबिक देश में 2023-24 में गैस उत्पादन बढ़कर 36.43 बीसीएम पहुंच गया और 2026 में इसके 45.3 बीसीएम पहुंचने की संभावना है। देश में नेचुरल गैस की सालाना खपत 64 बीसीएम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर कहा कि विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में ऊर्जा के क्षेत्र में हमारी आत्मनिर्भरता बहुत महत्वपूर्ण है। गैस उत्पादन का यह रिकॉर्ड इस दिशा में हमारी प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। मोदी सरकार ने 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का लक्ष्य रखा है। भारत के लिए गुड न्यूज जर्मनी की इकॉनमी के सुस्त पड़ना भारत के लिए गुड न्यूज है। जर्मनी अभी अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी है जबकि जापान चौथे नंबर पर है। भारत इस लिस्ट में पांचवें नंबर पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में कहा था कि उनके तीसरे कार्यकाल में भारत दुनिया की तीसरी बड़ी इकॉनमी बन जाएगा। लेकिन जापान और जर्मनी की हालत जिस तरह से खराब हो रही है, उससे लगता है कि भारत को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा। Forbes के मुताबिक अभी अमेरिका ($28.783 ट्रिलियन) पहले, चीन ($18.536 ट्रिलियन) दूसरे, जर्मनी ($4.590 ट्रिलियन) तीसरे और जापान ($4.112 ट्रिलियन) चौथे नंबर पर है। भारत की इकॉनमी का साइज अभी $3.942 ट्रिलियन डॉलर है।   recent visitors 115