बंगाल सरकार के वकील ने उच्च न्यायालय पर ही तीखा हमला करते हुए कहा-HC ही राज्य को चलाना चाहता है, हम क्या करें मीलॉर्ड

कोलकाता पश्चिम बंगाल में कई जातियों का ओबीसी दर्जा खत्म करने वाले हाई कोर्ट के फैसले को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस पर सोमवार को सुनवाई हुई, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस दौरान बंगाल सरकार के वकील ने उच्च न्यायालय पर ही तीखा हमला बोल दिया। ओबीसी कोटे को लेकर बनी जातिवार सूची पर उच्च न्यायालय की तीखी टिप्पणियों पर राज्य सरकार ने ऐतराज जताया। यही नहीं दलीलों के दौरान बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि क्या उच्च न्यायालय ही राज्य को चलाना चाहता है। बंगाल सरकार की वकील इंदिरा जयसिंह ने कहा, 'ऐसा क्यों हो रहा है। इसलिए क्योंकि वे मुस्लिम हैं? वे कहते हैं कि ये धर्म का मामला है। जो पूरी तरह से गलत है। यह कहा जा रहा है कि उन लोगों को इसलिए आरक्षण दिया गया क्योंकि वे मुस्लिम हैं। हमारे पास रिपोर्ट्स हैं कि सभी समुदायों पर विचार किया गया है। मंडल आयोग की सिफारिशों के आधार पर काम हुआ है। सरकार राज्य चलाना चाहती है। लेकिन अदालत ऐसा करना चाहती है तो फिर करे। आखिर हम क्या कर सकते हैं। कृपया बताएं।' इन दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने याचिका पर सुनवाई को लेकर सहमति जताई। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि जातियों की पहचान बंगाल पिछड़ा वर्ग आयोग का जिक्र किए बिना हुई। यह दलील है। ऐक्ट को खारिज करने के गंभीर असर हैं। फिलहाल बंगाल में कोई आरक्षण लागू नहीं हो पा रहा है। यह मुश्किल स्थिति है। इस पर इंदिरा जयसिंह ने कहा कि राज्य में पूरी आरक्षण व्यवस्था ही अटक गई है। दरअसल हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि किस जाति को कौन सा दर्जा देना है, यह आयोग का काम है। राज्य सरकार का नहीं है। आयोग 1993 में बना था और राज्य सरकार की ओर से 2012 में ऐक्ट लाया गया। इसमें बताया गया कि कैसे जाति प्रमाण पत्र मिलेगा और उसका आधार क्या होगा।   recent visitors 98

3 साल से एसएसओ आईडी बंद होने से विकास कार्य ठप, राजस्थान-दौसा के सरपंच का आरोप

दौसा. दौसा जिले के लवाण पंचायत समिति की कंवरपुरा पंचायत के सरपंच विजय बैरवा ने आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने उनके अधिकारों को साढ़े तीन साल बाद भी सीज कर रखा है क्योंकि वे जिला भाजपा मोर्चे में पदाधिकारी से संबंध रखता है। जिले की तत्कालीन गहलोत सरकार के समय से प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ऐसा किया गया है और आज भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। सरपंच का कहना है कि यदि किसी मामले में प्रशासन ने उसे दोषी माना था तो उसे निलंबित किया जाना था लेकिन ग्राम विकास अधिकारी मनमोहित मीना, विकास अधिकारी नरेन्द्र मीना व कंचन वोहरा ने धारा 38 (ख)( 1) कार्रवाई प्रस्तावित करके सरपंच को दोषी मानते हुए ग्राम पंचायत की निधियों को दुरुपयोग किए जाने का आरोप लगाया है। बैरवा ने बताया कि तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी मनमोहित के बिलों के भुगतान में अनियमितता थी, जिसकी शिकायत करने पर 2022 में सरपंच की एस.एस.ओ. आईडी को निष्क्रिय कर दिया गया। उधर एसएसओ आईडी बंद होने के चलते सरपंच शक्तिविहिन हो गया लेकिन मामला बढ़ता देख तकनीकी खामी बताकर एसएसओ आईडी को वापस सक्रिय कर दिया गया। सरपंच का आरोप है कि शिकायत की जांच रिपोर्ट में भी ग्राम विकास अधिकारी दोषी पाया गया था और उस पर कार्रवाई की जानी थी लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने इस मामले में लीपापोती कर मामला रफा-दफा कर दिया। सरपंच विजय बैरवा की मानें तो प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्राम पंचायत भवन के निर्माण के लिए न्यायालय का स्थगन होने के बावजूद एकतरफा निर्णय लेकर ग्राम पंचायत में निर्माण समिति का गठन करते हुए सरपंच की एस.एस.ओ. आईडी को एक बार फिर से निष्क्रिय कर दिया। राजस्थान पंचायती राज में ग्राम विकास अधिकारी एवं विकास अधिकारी 10 हजार रुपये से अधिक भुगतान नही कर सकते लेकिन इसके लिए लाखों रुपयों का भुगतान किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने निविदा जारी करने के दौरान राजस्थान लोक उपापन नियम 2012 व 2013 की अनदेखी कर अपने परिचित निविदादाता को 3 प्रतिशत की धरोहर राशि लिए बिना ही पचास लाख रुपये की निविदा जारी कर दी। सरपंच विजय बैरवा का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के स्थगन के बावजूद ग्राम पंचायत भवन का निर्माण करवाया, जिसे माननीय उच्च न्यायालय की अवमानना मानते हुए नोटिस जारी किए गए, जो कि वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय के विचाराधीन हैं। निर्माण समिति को भंग करने व एस.एस.ओ. आईडी को पुन: चालू किए जाने की गुहार कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से की जा चुकी है लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कांग्रेस कार्यकाल में बंद हुई सरपंच की एसएसओ आईडी भाजपा शासन आने के बाद अब भी बंद है। recent visitors 148

ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने ग्वालियर-चंबल संभाग के विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ की बैठक

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने ग्वालियर-चंबल संभाग के विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों की क्षेत्रवार विद्युत समस्याओं के निराकरण के लिये महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने दतिया, भिण्ड, ग्वालियर, मुरैना, शिवपुरी, श्योपुर, गुना, अशोकनगर के विधायकों और जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद कार्यक्रम में कहा कि खराब तथा जले ट्रांसफार्मर यदि पात्रता की श्रेणी में आते हैं तो उन्हें तत्काल बदला जाए। उन्होंने ओवर लोडेड तथा हर बार जलने वाले ट्रांसफार्मर के लिये तकनीकी परीक्षण कराकर तथा स्वीकृत लोड चेक कर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि करने के निर्देश दिए। बैठक में वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री रामनिवास रावत भी उपस्थित थे। ऊर्जा मंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री जनजातीय नागरिक महाअभियान (पीएम-जनमन) के प्रथम चरण के कार्य पूर्ण हो गए हैं। दूसरे चरण के कार्य निर्माणाधीन हैं तथा तृतीय एवं चतुर्थ चरण के लिये स्वीकृति प्रक्रियाधीन है। श्री तोमर ने विधायकों की मांग पर आरडीएसएस योजना एवं एसएसटीडी योजना के अंतर्गत विधायकों के क्षेत्रांतर्गत स्वीकृत कार्यों को जल्द ही पूर्ण कराने के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया। ऊर्जा मंत्री ने विधायको को जानकारी दी कि ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिये उपभोक्ता 1912 डायल कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने मेंटेनेंस तथा ट्रिपिंग कम से कम करने के लिये मैदानी अधिकारियों के निर्देशों की जानकारी भी विधायकों को दी। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव, एमडी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी श्री क्षितिज सिंघल, एमडी मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी जबलपुर, निदेशक तकनीकी श्री दीप्तापाल सिंह, मुख्य महाप्रबंधक ग्वालियर क्षेत्र श्री राजीव गुप्ता एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 94

रेल यात्रियों के लिए सहूलियत, छत्तीसगढ़ में दोबारा शुरू हुईं कैंसिल की गई ट्रेनें

राजनांदगांव. छत्तीसगढ़ में ट्रेनों के कैंसिल होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गर्मी की तरह अब बरसात में भी ट्रेनें लगातार रद्द की जा रही हैं। इस वजह से रेल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, रेलवे की ओर से कुछ गाड़ियों को रेस्टोर की जा रही है। राजनांदगांव-कलमना रेल खंड के बीच में तीसरी रेलवे लाइन को कलमना रेलवे स्टेशन से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इस वजह से इलेक्ट्रोनिक  इंटरलोकिंग का कार्य किया जाएगा। इसके कारण कई ट्रेनें रद्द की गई थी जिसे दोबारा शुरू किया जा रहा है। वहीं कुछ ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से रवाना की जाएगी। दोबारा चालू होने वाली गाड़ियां :- दिनांक 05 एवं 08 अगस्त को पूरी से छूटने वाली 20823 पूरी-अजमेर एक्सप्रेस दोबारा नियमित समय सारणी के अनुसार चलेगी। दिनांक 06, 08 एवं 13 अगस्त को अजमेर से छूटने वाली 20824 अजमेर-पूरी एक्सप्रेस     दोबारा नियमित समय सारणी के अनुसार चलेगी। दूसरे रूट से चलने वाली गाड़ियां: – दिनांक 08 अगस्त को  विशाखापटनम से चलने वाली 12807 विशाखापटनम-निज़ामुद्दीन एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग विशाखापटनम-विजयवाडा-नागपुर-निज़ामुद्दीन  होकर चलेगी । दिनांक 09 अगस्त को निज़ामुद्दीन से चलने वाली 12808 निज़ामुद्दीन-विशाखापटनम एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग  निज़ामुद्दीन-नागपुर-विजयवाडा- विशाखापटनम  होकर चलेगी। देरी से रवाना होने वाली गाड़ी:- दिनांक 06, 08 एवं 13 अगस्त को अजमेर से छूटने वाली 20824 अजमेर-पूरी एक्सप्रेस को अजमेर से 08.00 घंटे देरी से रवाना की जाएगी । recent visitors 97

दुर्ग जिले के शासकीय दानवीर तुलाराम PG कॉलेज में दीक्षारंभ समारोह का आयोजन, विधायक ललित चंद्राकर हुए शामिल

दुर्ग दुर्ग जिले के शासकीय दानवीर तुलाराम PG कॉलेज उतई में सोमवार 5, अगस्त को दीक्षारंभ समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अथिति के रूप में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर शामिल हुए। इस अवसर पर उनका स्वागत दुर्ग संभाग उच्च शिक्षा सयुंक्त संचालक एवं प्राचार्य डॉ. राजेश पाण्डे ने किया। इस दौरान नई शिक्षा नीति 2020 को लेकर छात्रों को अहम जानकरी दी गई। साथ ही सभी को “एक पेड़ माँ के नाम” वृक्षारोपण कर प्राकृति को हरा भरा व स्वच्छ वातावरण बनाए रखने को कहा। इस अवसर पर विधायक ललित चन्द्राकर ने कहा शिक्षा मानव जीवन का अभिन्न अंग है। शिक्षा और ज्ञान न केवल व्यक्तिगत विकास के लिए आवश्यक है, बल्कि यह अर्थव्यवस्था के विकास के लिए भी आवश्यक है। शिक्षा एक व्यक्ति की सोच का पोषण करती है और उन्हें जीवन में सोचने, कार्य करने और आगे बढ़ने की क्षमता प्रदान करती है। शिक्षा लोगों को सशक्त बनाती है और उन्हें काम के संबंधित क्षेत्रों में रहने और अनुभव के सभी पहलुओं में कुशल बनने में मदद करती है। शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है, यह लोगों के दिमाग को खोलती है और समझ, आगे बढ़ने और विकास करने की क्षमता प्रदान करती है। बचपन में शिक्षा उच्चतर माध्यमिक के माध्यम से बच्चों के जीवन के प्रारंभिक वर्षों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह उनके व्यक्तित्व, काम करने की क्षमता को आकार देता है और उनकी वास्तविक क्षमता को खोजने में मदद करता है। प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए उच्च शिक्षा आवश्यक है। विधायक ललित चन्द्राकर ने आगे कहा कि, नई शिक्षा नीति की जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली में एक महत्ता जनेरिक इलेक्टिव और वेल्यू एडिशन कोर्स का परिचय हमारी शिक्षा प्रणाली को और भी व्यापक और समग्र बनाने का प्रयास है। जेनेरिक इलेक्टिव कोर्स यह ऐसा कोर्स हैं जो विद्यार्थियों को उनकी रुचि और करियर विकल्पों के अनुसार किसे विरत की स्वतंत्रता प्रदान करते हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को एक व्यापक शिक्षा देना है जो केवल एक विशेष क्षेत्र तक सीमित न हो। उदाहरण के लिए, एक विज्ञान का छात्र अब मानविकी या कला के विषय भी पढ़ सकता है, जिससे उसकी सोच और समझ का दायरा बढ़ेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत, यह बदलाव छात्रों को एक बहुआयामी दृष्टिकोण प्रदान करेगा। वे न केवल अपने प्रमुख क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त करेंगे, बल्कि अन्य क्षेत्रों के ज्ञान से भी लैस होंगे। यह न केवल उनके करियर विकल्पों को विस्तृत करेगा, बल्कि उन्हें एक बेहतर नागरिक और समाज के प्रति जिम्मेदार व्यक्ति भी बनाएगा। वेल्यू एडिशन कोर्स का उद्देश्य विद्यार्थियों में नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों का समावेश करना है। आज के दौर में केवल अकादमिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है। हमें ऐसे युवा चाहिए जो नैतिकता, संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग हों। वेल्यू एडिशन कोर्स के माध्यम से, हम छात्रों में अनुशासन, नैतिकता, और सांस्कृतिक समझ को विकसित कर सकते हैं। यह कोर्स विद्यार्थियों को समाज की सेवा करने, नैतिक मूल्यों का पालन करने और एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का यह कदम हमारे शिक्षा प्रणाली को एक नई दिशा देने का प्रयास है। यह केवल शिक्षा प्रदान करने का माध्यम नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन जीने की कला भी सिखाने का एक प्रयास है। अंत में, मैं आप सभी से यह अनुरोध करता हूँ कि हम सब मिलकर इस नीति के सफल क्रियान्वयन में अपना योगदान दें। आइए, हम सब मिलकर एक ऐसे भविष्य का निर्माण करें जो न केवल शैक्षणिक दृष्टि से बल्कि नैतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी समृद्ध हो। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. राजेश पाण्डे, जिला मंत्री रोहित साहू, मण्डल अध्यक्ष फत्तेलाल वर्मा , महामंत्री सोनू राजपूत, खान सर, चेतन साहू, मिश्रा सर, पंकज सर,पार्षद सतीष चंद्राकर, लक्ष्मी नारायण साहू, हुबलाल चंद्राकर, नरेन्द्र साहू, रुपेश पारख,फलेंद्र राजपूत, बृजमोहन साहू, सोहन रिगरी, हरीश यादव,शुभम वर्मा,प्रवीण यदु, करण सेन, भूपेन्द्र साहू, घनश्याम चंद्राकर, ओपी चंद्राकर,चिंटू सिन्हा, चेतन साहू,केशव महिपाल,पूनमचंद सपहा, सुमंत साहू, तुलुराम साहू,लता सोनवानी ,विमला कावड़े, दानेश्वरी देशमुख, ममता चंद्राकर, संगीता रजक, सीतल ,समस्त छात्र – छात्राएं एवं पालक गण उपस्थित रहे l recent visitors 102

सीएम साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कथावाचक प्रदीप मिश्रा को शाल-श्रीफल प्रदान कर किया सम्मानित

राजनांदगांव सीएम विष्णुदेव साय ने आज राजनांदगांव के क्लब हाऊस सन सिटी में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा से सौजन्य मुलाकात की. सीएम साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने उन्हें शाल-श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया और स्मृति चिन्ह के रूप में बेलमेटल की नंदी की मूर्ति भेंट की. मुख्यमंत्री ने कहा कि पावन श्रावण मास चल रहा है, इस दौरान आपसे मुलाकात करने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ. मुलाकात के बाद सीएम साय ने विभिन्न मुद्दों पर मीडिया से बातचीत की. सीएम साय ने कथावाचक प्रदीप मिश्रा से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आज मैं पहले कवर्धा भोरमदेव शिव मंदिर दर्शन करने पहुंचा था. श्रद्धालु नर्मदा से पानी लेकर 2 दिन की पैदल यात्रा के बाद भोरमदेव में जल लेकर पहुंचते हैं और भोरमदेव के शिव मंदिर में जल चढ़ाते हैं. सीएम साय ने बताया कि उन्होंने भगवान शिव का आशीर्वाद लिया और कावड़ियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की. मैंने छत्तीसगढ़ की खुशहाली और बरसात से फसल अच्छी हो, इसके लिए भगवान शिव से मनोकामना की है. वक्फ बोर्ड में कानून के बदलाव को लेकर मुस्लिमों के विरोध पर सीएम साय का बयान इस दौरान मीडिया के वक्फ बोर्ड के कानून में बदलाव को लेकर मुस्लिम समुदाय के विवादित बयान को लेकर किये गए सवाल पर सीएम साय ने कहा कि पहले कानून आने का इंतजार करना चाहिए. इसके साथ ही जिस किसी व्यक्ति ने देश टुकड़े होने का बयान दिया है, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए. पूर्व सीएम भूपेश बघेल पर किया पलटवार वहीं सीएम साय ने भूपेश बघेल के ‘गायों के लिए जनपद समिति और सर्वाधिक निर्यात’ वाले बयान का पलटवार करते हुए कहा- भूपेश बघेल के कार्यकाल में नरवा-गरवा-घुरवा-बाड़ी योजना चलाई गई थी और भूपेश बघेल के कार्यकाल में सबसे ज्यादा गाय मारी गई है. recent visitors 98

सरस्वती सायकिल योजना में किया वितरण, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छात्राओं को दी सायकिलें

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आरंग में छात्रावास लोकार्पण के अवसर पर छात्राओं को सरस्वती सायकिल योजना के तहत सायकिल का वितरण किया। मुख्यमंत्री साय के पहुंचने पर छात्राओं ने सायकिल की घंटी बजाकर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री ने छात्राओं को तिलक लगाकर मिठाई खिलाया।सरस्वती सायकिल योजना के तहत साइकिल पाने वाली आरंग की छात्राओं के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है। सीएम साय ने छात्रा विनिता लोधी से पूछा कि बड़े होकर पढ़-लिखकर क्या बनना चाहोगी, छात्रा ने तत्काल कहा कि पुलिस बनकर जनता की सेवा करूंगी। सीएम ने शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला की 9 वीं कक्षा में अध्ययनरत बालिकाएं योगिता गडरिया, गायत्री निषाद, स्निग्धा निषाद, विनेश्वरी प्रजापति, निशा पाटले, इशा साहू देवकी साहू समेत कई छात्राओं को साइकिल दिया। छात्राएं बताती है कि एक किलोमीटर से अधिक दूरी तक पैदल चलकर स्कूल जाना पड़ता था, लेकिन सायकिल मिलने से अब पैदल चलना नहीं पड़ेगा। बहुत कम समय में ही स्कूल और स्कूल से घर पहुंच जाएंगे। इस योजना का लाभ पाने वाली छात्राएं कहती है कि छत्तीसगढ़ सरकार की सरस्वती साइकिल योजना स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए काफी अच्छी योजनाएं है। इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बहुत-बहुत धन्यवाद करते है। इस मौके पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास मंत्री रामविचार नेताम व विधायक खुशवंत साहेब, कमिश्नर महादेव कावरे, कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह भी उपस्थित थे।   सीएम की घोषणा… छत्तीसगढ़ में फिर शुरू होगी चरण पादुका और सरस्वती साइकिल योजना रमन सिंह सरकार की जिन योजनाओं को भूपेश बघेल की सरकार में बंद किया गया था उन्हें फिर से शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दो पुरानी योजनाओं को फिर से शुरू करने की घोषणा की है। दरअसल, 2018 में कांग्रेस की सरकार बनी थी। उसके बाद भूपेश बघेल ने रमन सिंह के कार्यकाल की कई योजनाओं को बंद कर दिया था। छत्तीसगढ़ सरकार जल्द ही चरण पादुका वितरण योजना और सरस्वती सायकल योजना फिर से शुरू करने वाली है। गुरुवार को जगदलपुर में कृषि महाविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसकी घोषणा की। मुख्यमंत्री यहां जिला स्तरीय महिला सम्मेलन में पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान साय ने रिमोट का बटन दबाकर महतारी वंदन योजना की 6वीं किश्त की राशि 70 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में भेजी। चरण पादुका वितरण योजना की शुरुआत छत्तीसगढ़ में नवंबर 2005 में तत्कालीन रमन सिंह सरकार ने की थी। इस योजना के तहत तेंदुपत्ता इकट्ठा करने वाले आदिवासियों को राज्य सरकार की तरफ से हर साल एक जोड़ी जूते दिए जाते हैं। पहले इस योजना में पुरुष शामिल थे। 2008 में इसमें महिलाओं को भी शामिल किया गया। पहले इस योजना के तहत जूते दिए जाते थे बाद में 2013 से जूते की जगह चप्पल मिलने लगी थी। सरस्वती साइकल योजना की शुरुआत 2011 में तत्कालीन रमन सिंह की सरकार ने किया था। इस योजना के तहत सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली 9वीं क्लास की छात्राओं को नि:शुल्क साइकिल दी जाती है। साइकिल देने का मकसद था कि स्कूल दूर होने पर भी छात्राएं अपनी पढ़ाई जारी रखें। सुविधाओं के आभाव में वह पढ़ाई नहीं बंद करें। recent visitors 93