मंदी और युद्ध की आहट से शेयर बाजार धड़ाम, निवेशकों के 45 लाख करोड़ रुपये डूबे

मुंबई  शेयर मार्केट (Stock Market) में बीते सप्ताह के आखिरी दिन शुक्रवार को बड़ी गिरावट आई थी और तमाम बड़ी कंपनियों के शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखर गए थे. अमेरिका में मंदी की आहट से US Stock Market हिला, तो इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया था. अब सप्ताह का पहला कारोबारी दिन सोमवार भी 'ब्लैक मंडे' नजर आ रहा है. जहां प्री-ओपन में सेंसेक्स और निफ्टी भरभराकर टूटे हैं, तो वहीं बाजार खुलने के साथ ही Sensex-Nifty धड़ाम हो गए. बीएसई का सेंसेक्स 80,000 के नीचे ओपन हुआ. आज खुलते ही बिखर गया सेंसेक्स सोमवार को शेयर बाजार (Share Market) ओपन होने के साथ ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स अपने पिछले बंद की तुलना में बुरी तरह से टूटकर 1200 अंक की गिरावट के साथ 79,700.77 पर ओपन हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी-50 ने भी 424 अंक की गिरावट के साथ कारोबार शुरू किया. इससे पहले बीते शुक्रवार को भारतीय शेयर मार्केट में सुनामी जैसा नजारा देखने को मिला था. BSE Sensex 885.60 अंक या 1.08% गिरकर 80,981.95 अंक पर बंद हुआ था. जबकि Nifty50 की बात करें तो यह 293.20 अंक टूटकर 24,717.70 लेवल पर बंद हुआ था. प्री- ओपनिंग में ही ऐसे संकेत मिलने लगे थे कि शेयर बाजार का रुख कैसा रहने वाला है. दरअसल, Pre Open में सेंसेक्स 3000 अंक से ज्यादा टूट गया था, तो वहीं निफ्टी में 700 अंक की बड़ी गिरावट देखने को मिली. बाजार खुलने के महज 10 मिनट के भीतर ही शुरुआती गिरावट और बढ़ गई, जिसके चलते Sensex 1,585.81 अंक या 1.96% की गिरावट लेकर 79,396.14 के लेवल पर आ गया, जबकि Nifty 499.40 अंक या 2.02% फिसलकर 24,218.30 के लेवल पर पहुंच गया था. ये गिरावट बाजार बढ़ने के साथ और भी बढ़ती गई और सुबह 11.30 बजते-बजते शेयर बाजार में मचे कोहराम के बीच BSE SENSEX 2,653 अंक फिसलकर 78,295.60 के लेवल पर पहुंच गया. इसके साथ ही NIFTY-50 भी 707.85 अंक या 2.54% गिरकर 24,010.85 के लेवल पर कारोबार कर रहा था. शुक्रवार को इतना डूबा था पैसा बीते शुक्रवार को आई गिरावट के बीच शेयर बाजार निवेशकों को 4.56 लाख करोड़ का नुकसानसेंसेक्‍स में भारी गिरावट से बीएसई का मार्केट कैप शुक्रवार को 4.56 लाख करोड़ रुपये घटकर 457.06 लाख करोड़ हो गया. ऐसे में कहा जा सकता है कि शुक्रवार को बीएसई के तहत निवेशकों का वैल्‍यूवेशन 4.56 लाख करोड़ रुपये घट गया. आखिर अमेरिका में ऐसा क्या हुआ? दरअसल, अमेरिका में मैन्‍यूफैक्‍चरिंग पीएमआई डाटा में बड़ी कमी आई है, जो संकेत दे रहा है अमेरिका में मंदी आ सकती है. साथ ही बेरोजगारों की संख्‍या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी भी हुई है, जिसका असर सीधे अमेरिकी बाजार पर पड़ा है. वहीं IT सेक्‍टर में छंटनी के ऐलान से भी संकट और गहरा गया है, जिससे ग्‍लोबल आईटी सेक्‍टर भी भारी दबाव में है. ये 10 शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखरे शेयर बाजार में आए भूचाल के बीच BSE के 30 शेयरों में से 28 स्टॉक लाल निशान पर ओपन हुए. अगर बात करें 10 सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों की, तो लार्ज कैप कंपनियों में शामिल टाटा ग्रुप की ऑटोमोबाइल कंपनी Tata Motors का शेयर 4.28%, Tata Steel Share 3.89%, Maruti Share 3.19%, Adani Port Share 3.26%, JSW Steel Share 3.21%, SBI Share 3.19%, M&M Share 3.15%, Titan 3.10%, LT Share 3% और Reliance Share 2.27% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था.  recent visitors 125

धारा 370 हटते ही पांच साल में बदल गई कश्मीर की तस्वीर, अमरनाथ यात्रा एक दिन के लिए स्थगित

 श्रीनगर  केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने की आज पांचवीं वर्षगांठ है। धारा 370 को निरस्त करने के पांच साल पूरे होने पर सोमवार को जम्मू के अखनूर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। इस बीच अमरनाथ यात्रा को सुरक्षा कारणों के मद्देनजर एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के पांच साल पूरे होने और सुरक्षा कारणों से ये फैसला लिया गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अखनूर एलओसी इलाके में जगह-जगह चेकपोस्ट बनाई है और सुरक्षा बल के जवान गश्त कर रहे हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ-साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियां ​​भी अलर्ट मोड पर हैं। सुरक्षा बलों द्वारा वाहनों और दस्तावेजों की भी गहननता से जांच की जा रही है। ज्ञात हो कि 5 अगस्त, 2019 को धारा 370 हटाई गई थी, जिससे जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा और राज्य का दर्जा भी खत्म हो गया था। साथ ही जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया था। धारा 370 हटाने की पांचवीं वर्षगांठ के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर में शहर से लेकर गांव तक कड़ी निगरानी की जा रही है ताकि पाकिस्तान से किसी भी तरह की घुसपैठ या अन्य घटनाओं को रोका जा सके। दक्षिण जम्मू के पुलिस अधीक्षक अजय शर्मा ने कहा, "आतंकवादी गतिविधि को देखते हुए हम हमेशा सतर्क रहते हैं। चाहे वह 5 अगस्त हो या 15 अगस्त। हम अपनी सुरक्षा तैयारियों के बारे में सबकुछ नहीं बता सकते। लेकिन, हम सभी को आश्वस्त करना चाहते हैं कि सुरक्षा के मामले में हम कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।" उल्लेखनीय है कि हाल के महीनों में जम्मू क्षेत्र में आतंकवादी हमलों में बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। जिसमें कठुआ में सेना के काफिले पर हमला और डोडा और उधमपुर में मुठभेड़ की घटनाएं शामिल हैं। बीते महीने जुलाई में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया था कि इस साल 21 जुलाई तक 11 आतंकवाद से संबंधित घटनाओं और 24 मुठभेड़ों या आतंकवाद विरोधी अभियानों में नागरिकों और सुरक्षा कर्मियों सहित कुल 28 लोग मारे गए हैं। पिछले महीने, जम्मू और कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के मच्छल सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तान बॉर्डर एक्शन टीम के हमले को भारतीय सेना के जवानों ने नाकाम कर दिया था, जिसमें एक पाकिस्तानी घुसपैठिया मारा गया था। इस हमले में भारतीय सेना का एक जवान शहीद हो गया, जबकि मेजर रैंक के एक अधिकारी समेत चार अन्य घायल हो गए थे। recent visitors 112

इंदौर में पति से विवाद के बाद पत्नी तीसरी मंजिल पर बने टॉवर से कूदी

इंदौर इंदौर से एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है। एक शादीशुदा महिला इमारत की तीसरी मंजिल से कूदकर जान दे दी। इस दौरान आसपास की छतों पर खड़े लोग उसे ऐसा करने से मना करते रहे। लोग चिल्ला-चिल्लाकर उसे समझा रहे थे। लेकिन अपने पति को करीब आते देख महिला ने मौत की छलांग लगा दी। महिला की पहचान अंगूरी बाई के रूप में हुई है। यह लसूड़िया थाना क्षेत्र की घटना है। सुसाइड का लाइव वीडियो वायरल जानकारी के मुताबिक, महिला एक प्राइवेट स्कूल में केयरटेकर की नौकरी करती थी। बताया जा रहा है कि शनिवार शाम पति से विवाद के बाद गुस्से में महिला इमारत की तीसरी मंजिल से छलांग लगाकर सुसाइड कर ली। वायरल हो रहे 15 सेकंड के वीडियो में देखा जा सकता है कि आसपास मौजूद लोग महिला को समझा रहे हैं। तभी अचानक महिला का पति उसे रोकने के लिए पीछे से आता है। लेकिन उसे देखते ही महिला नीचे कूद जाती है। पति-पत्नी में अक्सर होता था विवाद जानकारी के मुताबिक, महिला अंगूरी बाई अपने पति राहुल लोधी के साथ इंदौर के सिंगापुर ग्रीन व्यू प्रिमियम में रहती थी। शनिवार शाम पति से विवाद के बाद उसने यह कदम उठाया। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में यह पता चला है कि महिला का उसके पति के साथ अक्सर विवाद होता था। दो बच्चों की मां थी महिला सुसाइड करने वाली महिला एक प्राइवेट स्कूल में केयरटेकर की नौकरी करती थी। घटना के समय उसकी तीन साल की बेटी और पांच साल का बेटा घर पर ही थे। महिला जब छत से कूदी तब उसकी सास भी घर में ही थीं। पुलिस इस सुसाइड केस की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि विवाद के बाद महिला ने यह कदम उठाया। लाइव सुसाइड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस पूछताछ कर रही है। recent visitors 118

पूजा-अर्चना के बाद शिव भक्तों पर की पुष्प वर्षा, छत्तीसगढ़-कबीरधाम के भोरमदेव मंदिर पहुंचे सीएम साय

कबीरधाम. आज सावन माह का तीसरा सोमवार है। आज सभी शिव मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। छत्तीसगढ़ के खजुराहों कहे जाने वाले भोरमदेव के शिव मंदिर में भी कई आयोजन होंगे। आज सोमवार को राज्य के सीएम विष्णु देव साय भोरमदेव मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे थे। खास बात यह है कि  सीएम विष्णुदेव साय हेलीकॉप्टर से भोरमदेव मंदिर पहुंच कर पदयात्री कांवरियों का पुष्प वर्षा से स्वागत किया। आज सोमवार को दो हेलीकॉप्टर से भोरमदेव मंदिर परिसर के आसपास कांवरियों पर पुष्प वर्षा की गई। सीएम विष्णु देव साय व डिप्टी सीएम विजय शर्मा दोनों कबीरधाम पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री साय प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि के लिए मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और अभिषेक किया। तय कार्यक्रम के मुताबिक, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सोमवार सुबह 7.05 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा पुलिस ग्राउंड रायपुर से प्रस्थान कर 7.35 बजे पीजी कॉलेज हेलीपेड कवर्धा पहुंचे। कबीरधाम में कांवरियों के ऊपर पुष्प वर्षा इसके बाद 7.35 बजे कार द्वारा प्रस्थान कर भोरमदेव पहुंचे। मुख्यमंत्री साय ने इसके बाद भोरमदेव मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस बीच हेलिकाप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई। इसके बाद भोरमदेव से 9.30 बजे प्रस्थान कर सर्किट हाउस कवर्धा जा रहे हैं।। 10.30 बजे पर पीजी कॉलेज हेलीपेड कवर्धा से पीटीएस हेलीपेड राजनांदगांव के लिए प्रस्थान करेंगे। recent visitors 140

कबीरधाम-रानीदहरा वॉटरफॉल में डूबने से मौत, छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव के भांजे का मिला शव

कबीरधाम. छत्तीसगढ़ के एक प्रमुख राजनेता और डेप्युटी सीएम अरुण साव के भांजे तुषार साहू का शव रानीदहरा जलप्रपात से मिल गया है। दोस्तों के साथ एक पिकनिक के दौरान तुषार लापता हो गया था। उसकी तलाश में प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था। वह अपने 6 दोस्तों के साथ चिल्फी घाटी घूमने के बाद गया था। वहां से रानीदहरा जलप्रपात घूमने आया था। यहां नहाते समय तेज बहाव के कारण यह घटना घटित हुई। शाम 4 बजे के आसपास वह वॉटरफॉल में लापता हो गया था। कवर्धा जिले के रानीदहरा जलप्रपात में नहाने के दौरान 21 वर्षीय तुषार डूब गया था। शुरूआत में उसके दोस्तों ने पता लगाने का बहुत प्रयास किया पर सफलता नहीं मिली। आखिरकार इस घटना की जानकारी बोड़ला थाने में दी गई। देर शाम तक उसके शव का पता नही चल पाया था। वहीं 05 तारीख की सुबह रानीदहरा से तुषार का शव निकाला लिया गया है। स्थानीय पुलिस और गोताखोरों की टीम ने तुरंत खोज अभियान शुरू किया, लेकिन उनको तुरंत तुषार का कोई सुराग नहीं मिला। कड़ी मशक्कत और खोजबीन के बाद दुखद खबर आई। तुषार का शव जलप्रपात में मिल गया। पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं इसी वॉटरफॉल में पहले भी कई घटनाएं घटित हो चुकी हैं। पिछली बरसात से समय भी रानीदहरा में डूबने से कवर्धा के दो युवकों की मौत हुई थी। तुषार बेमेतरा जिले के नवापारा का निवासी बताया जा रहा है। मृतक तुषार डिप्टी सीएम अरुण साव का भांजा है। पिछली रात से ही बोड़ला पुलिस की पूरी टीम एनडीआरएफ सहित की मौके पर मौजूद थी। पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। recent visitors 124

Waqf Act क्या है? मोदी सरकार क्या और क्यों संशोधन ला रही है?

नई दिल्ली केंद्र की मोदी सरकार संसद में वक्फ बोर्ड संशोधन बिल लाने की तैयारी कर रही है. ऐसे में सियासी माहौल गरमाया हुआ है. इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि वक्फ सिस्टम को सियासत से बाहर आना होगा. नकवी ने दो टूक कहा कि वक्फ सिस्टम को टच मी नॉट की सनक-सियासत से बाहर आना होगा, समावेशी सुधार पर सांप्रदायिक वार ठीक नहीं है. इस बीच ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने कहा कि वक्फ बोर्ड की कानूनी स्थिति और शक्तियों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने एनडीए के सहयोगी दलों और विपक्षी दलों से भी ऐसे किसी भी कदम को पूरी तरह से खारिज करने और संसद में ऐसे संशोधनों को पारित न होने देने का आग्रह किया है. संसद में पेश होगा विधेयक! सूत्रों के मुतबिक, सरकार वक्फ बोर्ड को नियंत्रित करने वाले 1995 के कानून में संशोधन करने के लिए संसद में एक विधेयक लाने वाली है ताकि इनके कामकाज में अधिक जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके तथा इन निकायों में महिलाओं की अनिवार्य भागीदारी हो सके. यह कदम मुस्लिम समुदाय के भीतर से उठ रही मांगों की पृष्ठभूमि में उठाया गया है. संशोधन विधेयक वक्फ बोर्डों के लिए अपनी संपत्तियों का वास्तविक मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए जिला कलेक्टरों के पास पंजीकरण कराना अनिवार्य कर देगा. केंद्र की मोदी सरकार वक्फ अधिनियम में बड़े संशोधन करने जा रही है. इसी सत्र में संसद में संशोधन विधेयक लाने पर विचार किया जा रहा है. इससे पहले शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में वक्फ अधिनियम में 40 संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. संसद में संशोधन विधेयक पारित होने के बाद वक्फ बोर्ड की अनियंत्रित शक्तियां कम हो जाएंगी. बोर्ड किसी भी संपत्ति पर बिना सत्यापन आधिपत्य घोषित भी नहीं कर सकेगा. वक्फ एक्ट क्या है? वक्फ बोर्ड के पास कितनी जमीन है? सरकार का क्या प्लान है? विरोध में क्या दलीलें दी जा रही हैं? जानिए सारे सवालों के जवाब… बता दें कि 2013 में यूपीए की सरकार में वक्फ बोर्ड की शक्तियों को बढ़ा दिया गया था. आम मुस्लिम, गरीब मुस्लिम महिलाएं, तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं के बच्चे, शिया और बोहरा जैसे समुदाय लंबे समय से कानून में बदलाव की मांग कर रहे थे. इन लोगों का कहना था कि वक्फ में आज आम मुसलमानों की जगह ही नहीं है. सिर्फ पावरफुल लोग हैं. रेवन्यू पर सवाल है. कितना रेवन्यू आता है, इसका कोई आकलन नहीं करने देता. रेवेन्यू जब रिकॉर्ड पर आएगा तो वो मुस्लिमों के लिए ही इस्तेमाल होगा. देश में अभी 30 वक्फ बोर्ड हैं. सभी वक्फ संपत्तियों से हर साल 200 करोड़ का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है.   वक्फ बोर्ड की लेकर वो फैक्ट, जो चर्चा में हैं? – पहला वक्फ अधिनियम 1954 में पारित किया गया. पहला संशोधन 1995 में और फिर 2013 में दूसरी बार संशोधन किया गया. – दुनिया के किसी भी देश में वक्फ बोर्ड के पास इतनी शक्तियां नहीं हैं. यहां तक ​​कि सऊदी या ओमान में भी ऐसा कानून नहीं है. – एक बार जब कोई जमीन वक्फ के पास चली जाती है तो उसे पलट नहीं सकते. पावरफुल लोगों ने वक्फ बोर्ड पर कब्जा कर लिया है. – भारत में वक्फ संपत्ति दुनिया में सबसे ज्यादा है और 200 करोड़ का भी राजस्व नहीं आ रहा है. – यहां तक ​​कि केंद्र सरकार, राज्य सरकार या अदालतें भी इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकतीं. वक्फ बोर्ड पर नियंत्रण रखने वालों के अलावा अन्य लोग भी इस कानून के खिलाफ हैं. – सच्चर कमेटी ने भी कहा कि वक्फ बोर्ड में पारदर्शिता होनी चाहिए. वक्फ संपत्ति का उपयोग सिर्फ मुसलमान ही कर सकते हैं. 1. मोदी सरकार का क्या प्लान है? शुक्रवार को कैबिनेट ने वक्फ अधिनियम में करीब 40 संशोधनों को मंजूरी दे दी. मोदी सरकार कैबिनेट में वक्फ बोर्ड की किसी भी संपत्ति को "वक्फ संपत्ति" बनाने की शक्तियों पर अंकुश लगाना चाहती है. इन संशोधनों का उद्देश्य किसी भी संपत्ति को 'वक्फ संपत्ति' के रूप में नामित करने के वक्फ बोर्ड के अधिकार को प्रतिबंधित करना है. वक्फ बोर्ड द्वारा संपत्तियों पर किए गए दावों का अनिवार्य रूप से सत्यापन किया जाएगा. संशोधन विधेयक पारित होने के बाद वक्फ संपत्तियों के मैनेजमेंट और ट्रांसफर में बड़ा बदलाव आएगा. सूत्रों का कहना है कि कानून में संशोधन की वजहों का भी जिक्र किया है. इसमें जस्टिस सच्चर आयोग और के रहमान खान की अध्यक्षता वाली संसद की संयुक्त कमेटी की सिफारिशों का हवाला दिया है. 2. कानून में बदलाव से क्या होगा? चूंकि, मौजूदा कानून के मुताबिक राज्य और केंद्र सरकार वक्फ संपत्तियों में दखल नहीं दे सकती हैं. संशोधन के बाद वक्फ बोर्ड को अपनी संपत्ति जिला मजिस्ट्रेट के दफ्तर में रजिस्टर्ड करानी होगी, ताकि संपत्ति का मूल्यांकन हो सके. राजस्व की जांच हो सकेगी. नए बिल में यह प्रावधान होगा कि सिर्फ मुस्लिम ही वक्फ संपत्ति बना सकते हैं. बोर्ड के स्ट्रक्चर में बदलाव किया जाएगा और इसमें महिलाओं की हिस्सेदारी भी सुनिश्चित की जाएगी. राज्यों में वक्फ बोर्ड में महिला सदस्य शामिल होंगी. प्रत्येक राज्य बोर्ड में दो और केंद्रीय परिषद में दो महिलाएं होंगी. अभी तक महिलाएं वक्फ बोर्ड और काउंसिल की सदस्य नहीं हैं. जिन जगहों पर वक्फ बोर्ड नहीं है, वहां कोई ट्रिब्यूनल में जा सकता है. जो अब तक नहीं है. वक्फ बोर्ड की विवादित और पुरानी संपत्ति का नए सिरे से सत्यापन हो सकेगा. नया संशोधन उन संपत्तियों पर भी लागू होगा, जिन पर वक्फ बोर्ड और या किसी व्यक्ति ने दावे-प्रतिदावे किए हैं. प्रस्तावित एक्ट के मुताबिक, वक्फ बोर्ड द्वारा किए गए सभी दावों का अनिवार्य और पारदर्शी सत्यापन जरूरी होगा. वक्फ एक्ट की धारा 19 और 14 में बदलाव होगा. इससे केंद्रीय वक्फ परिषद और राज्य वक्फ बोर्ड की संरचना में बदलाव संभव है. वक्फ बोर्ड के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अब अपील की जा सकती है. यह प्रावधान अब तक नहीं था.  3. वक्फ बोर्ड को कब ज्यादा अधिकार मिले? 2013 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने 1995 के बेसिक वक्फ एक्ट में … Read more

पेसा ग्राम सभा मोबिलाइज़र की मासिक समीक्षा बैठक एवम् नवीन ग्राम सभा लाने हेतु विशेष बैठक का आयोजन

मंडला  जिला मंडला  विकासखंड नयारणगंज 03/08/2024 को जनपद पंचायत नारायणगंज में पेसा एक्ट की समीक्षा बैठक का आयोजन  जिला समन्वयक सोमेंद्र कुशराम जी के निर्देश अनुसार  विकासखंड समन्वयक   जितेंद्र धुर्वे  जी द्वारा किया गया।जिसमे पेसा एक्ट की विस्तृत जानकारी एवम् उनके दायित्व वा कर्तव्यों के साथ साथ पेसा एक्ट के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों की जानकारी पेसा मोबिलेजर्स को दी गई एवम् शासन के द्वारा समस्त प्रकार की योजनाओं पर भी मोबिलेजर्स के द्वारा जमीनी स्तर पर कार्य किया जा रहा हैं। 1 .नवीन ग्राम सभा का आयोजन हेतु * समस्त ग्राम पंचायत की समीक्षा एवं टोला  मंजीरा में नवीन ग्राम सभा पर चर्चा। * वर्तमान में नवीन ग्राम सभा पर किए गए कार्यों पर चर्चा। * समस्त ग्राम पंचायत की समीक्षा करते हुए यह देखा गया कि किस पंचायत में नवीन ग्राम सभा गठन की आवश्यकता है चिन्हांकित कर ऐसे 9 से 11 नवीन ग्रामसभा आने की संभावना हैं। * पेसा एक्ट समितियो पर चर्चा। * विगत दो माह से पेसा एक्ट पर किए गए कार्यों पर चर्चा । 2. 28/07/2024 को जिला स्तर समीक्षा पर की जानकारी * ग्राम सभा मोबिलाइज भवन हेतु ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित करना। * ग्राम सभा के माध्यम से शॉपिंग रूम हेतु प्रस्ताव पारित करना। * मॉडल विलेज पर चर्चाकिया गया। * संयुक्त खेती हेतु ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित करना। * समस्त शासकीय कर्मचारियों को सप्ताह में एक दिन कार्यालय में बैठने हेतु ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित करना। * तेंदूपत्ता हेतु 15 दिसंबर से पहले प्रस्ताव पारित करना। 3. पटवारी से गांव का खसरा बीमान नजरी नक्शा पर चर्चा किया गया। 4. मोबिलाइजर को फील्ड में आ रही समस्याओं परचर्चा किया गया। 5. आज की समीक्षा बैठक  में  मुख्य कार्यपालन अधिकारी गौरीशंकर डेहरिया जी की भी उपस्थित रही जिसमें मोबिलाइजर्स द्वारा पेसा एक्ट के तहत नवीन ग्राम सभा का गठन की जानकारी दी गई एवं विस्तार पूर्वक बताया गया की  नवीन ग्राम सभा क्या है,नवीन ग्राम सभा की आवश्यकता क्यों है ,क्यों नवीन ग्राम सभा लानी चाहिए ,क्या फायदा होगा, नवीन ग्राम सभा का उद्देश्य क्या है अवगत कराया गया जिससे सीईओ सर के द्वारा कार्य योजना बनाने के लिए कहा और आश्वाशन देते हुए कहा कि  आपके द्वारा नवीन ग्राम सभा का गठन जिस दिन होगा उसकी सूचना पहले से ही हमे बताए ताकि सभी विभाग को नवीन ग्राम सभा का गठन होगा तो सबकी उपस्थिति होगी एवम् स्वयं उपस्थित  होने हेतु आश्वाशन दिया गया ।  जनपद पंचायत नारायणगंज recent visitors 199