एम्स अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती, राजस्थान-जोधपुर युवक की पिटाई कर रिवर्स गाड़ी चढ़ाई

जोधपुर. प्रदेश में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले भगत की कोठी थाना क्षेत्र में एक बाइक सवार व्यक्ति को रुकवा कर बदमाशों ने पहले लाठी-डंडों पीटा। जब युवक बेसुध होकर गिर गया तो बदमाशों ने उसके ऊपर रिवर्स लेकर कार चढ़ा दी। घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश मौके से चले गए। वहीं घायल व्यक्ति उसी अवस्था में काफी देर तक सड़क पर पड़ा रहा। घायल युवक का नाम नरेंद्र सिंह (39) बताया गया है जो जोधपुर के रामेश्वर नगर का रहने वाला है। नरेंद्र अपने एक दोस्त के साथ बाइक से घर जा रहा था। बासनी मंडी के पास डिस्ट्रिक्ट शॉपिंग सेंटर से थोड़ा आगे निकलते ही बाइक सवार युवक को 4-5 बदमाशों ने रोक लिया और नरेंद्र पर लाठी-डंडे लेकर टूट पड़े। सूचना पर पहुंची पुलिस घायल युवक का एम्स अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर उसका इलाज चल रहा है। युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना का CCTV  फुटेज भी सोशल अब मीडिया पर वायरल हो रहा है। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने एक्स अकाउंट पर इस वीडियो को शेयर करते हुए प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा…जोधपुर में इस तरह के अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। इन पर सख्त कार्रवाई कर शांति व्यवस्था कायम करें। recent visitors 124

कश्मीर के चेरवान कंगन इलाके में फटा बादल, श्रीनगर-कारगिल सड़क बंद

श्रीनगर  देश के पहाड़ी राज्यों में हो रही भारी बारिश के कारण लगातार भूस्खलन की घटनाएं देखने को मिल रही है। जम्मू कश्मीर के चेरवान कंगन इलाके में भी बादल फटने के बाद श्रीनगर-कारगिल मार्ग बंद हो गया है। जानकारी के अनुसार, जम्मू कश्मीर के चेरवान कंगन क्षेत्र में रविवार सुबह बादल फटा। बादल फटने के कारण अचानक बाढ़ आ गई। जिसके चलते श्रीनगर-कारगिल मार्ग बंद हो गया। यही नहीं, बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस आया है और मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कई वाहन मलबे में फंस गए हैं। इस बीच प्रशासन ने बादल फटने के बाद इस रूट में यात्रा करने वालों के लिए निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे श्रीनगर-कारगिल मार्ग के खुलने तक वहां से यात्रा करने से बचें। ज्ञात हो कि 1 अगस्त को हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में बादल फटने की घटनाएं हुई थीं। हिमाचल के मंडी, रामपुर, कुल्लू समेत कई क्षेत्रों में बादल फटा था। इसके कारण कई घर तबाह हो गए थे और कई लोगों की मौत भी हो गई थी। इसके अलावा उत्तराखंड में भी भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं के कारण काफी नुकसान हुआ है। recent visitors 153

कच्चे मकान की दीवार भरभरा कर गिरी, पति-पत्नी की मौत, बच्चा हुआ घायल

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से कच्चे मकान की दीवार भरभरा कर गिर गई. दीवार गिरने से पति-पत्नी की मौत हो गई,वहीं उनका 8 साल का बच्चा घायल हो गया, जिसे गौरेला जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है. घटना पेण्ड्रा थाना क्षेत्र के रामगढ़ गाँव की है. दिनेश वाकरे और उसकी पत्नी का नाम शारदा बाई रात में अपने बच्चे के साथ अपने कच्चे मकान में सो रहे थे. लगातार हो रही बारिश से घर की कच्ची दीवार तीनों के ऊपर गिर गईं, जिसमे पति और पत्नी की मलबे में दबकर मौत हो गई. बताया जा रहा है कि मकान बहुत ही पुराना ही चुका था, जो लगातार बारिश को नहीं झेल पाया. सूचना मिलने पर पुलिस और तहसीलदार मौके पर जांच के लिए पहुँचे. स्थानीय लोगों के अनुसार, मृत पति-पत्नी गरीबी के कारण मकान की मरम्मत नहीं करा पाएं. इस इलाके के आसपास और भी कच्चे और पुराने मकान हैं, जिन पर ज्यादा बारिश से भी खतरा मंडरा रहा है. recent visitors 84

केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव के बयान पर किया है पलटवार

लखनऊ उत्तर प्रदेश के अयोध्या में नाबालिग गैंगरेप केस में अब राजनीतिक गरमा गई है। इस मामले में समाजवादी पार्टी पूरी तरह से घिरती दिख रही है। जिस पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक यानी पीडीए राजनीति के सहारे अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव 2024 में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ बढ़त बनाई थी, अब उस पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। दरअसल, अयोध्या में निषाद समुदाय से आने वाली नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया। इस मामले में सपा के स्थानीय नेता मोईद खान पर आरोप लगे हैं। सपा नेताओं ने इस मुद्दे के राजनीतिकरण का आरोप लगाया है। वहीं, भाजपा की ओर से समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव तक घेरे जा रहे हैं। गैंगरेप केस में अब तक समाजवादी पार्टी के सीनियर नेताओं की ओर से आरोपी मोईद खान के खिलाफ कोई बड़ा बयान नहीं आया है। पार्टी नेता बच-बचकर इस मामले में बयान देते दिख रहे हैं। समाजवादी पार्टी के इस प्रकार के बयानों को अब भारतीय जनता पार्टी ने निशाने पर ले लिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि अल्पसंख्यक वोट बैंक की राजनीति के लिए इस घिनौनी वारदात पर भी सपा नेता बोलने से बच रहे हैं। वहीं, केशव प्रसाद मौर्य ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के कोर्ट के मामले की जांच किए जाने संबंधी बयान पर पलटवार किया है। केशव मौर्य ने क्या कहा? डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव के बयान पर करारा हमला बोला है। अखिलेश यादव को कांग्रेस का मोहरा बताते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि निषाद समाज की पीड़ित बेटी के मामले में पहले आप पीडीए भूल डीएनए और अब न्यायालय की बात कर गुमराह न करें। आपको वोट बैंक के नाराज होने की चिंता है। प्रदेशवासियों को दोषी को दंड और पीड़ित को न्याय दिलाने की अपेक्षा है। सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाएगी। दरअसल, अखिलेश यादव ने पहले पीड़िता के डीएनए जांच की मांग की थी। वहीं, अब उन्होंने न्यायालय से पूरे मामले की जांच करने की बात कही है। अखिलेश का आया है बयान अखिलेश यादव ने अयोध्या की घटना पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने योगी सरकार से पीड़िता के अच्छे मेडिकल जांच और इलाज कराने की अपील की है। साथ ही, उन्होंने कहा है कि पीड़िता के जीवन की रक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है। सपा अध्यक्ष ने कोर्ट से इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। स्थिति की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए उसकी हरसंभव सुरक्षा की मांग भी की है। उन्होंने कहा है कि बदनीयत लोगों की इस प्रकार की घटनाओं के राजनीतिक कारण का मंसूबा कामयाब नहीं होने देना चाहिए। इसी बयान पर अब केशव प्रसाद मौर्य जवाबी हमला करते दिख रहे हैं। recent visitors 105

CM यादव ने कहा सहस्त्रबाहु के पराक्रम और गौरवशाली इतिहास को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान सहस्त्रबाहु के पराक्रम और गौरवशाली इतिहास की जानकारी युवाओं को देने के लिए इसे पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह घोषणा आज मंदाकिनी नगर कोलार रोड स्थित जेके मेडिकल कॉलेज के सभाकक्ष में अखिल भारतवर्षीय हैहय कलचुरि महासभा के 89वें स्थापना दिवस समारोह में की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत के पराक्रमी शासक और महापुरुष विनम्रता और राष्ट्रप्रेम के गुणों के लिये याद किए जाते हैं। इनके जीवन और कार्यों की जानकारी आज की पीढ़ी को भी मिलना चाहिए। कार्यक्रम में भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय भी उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने सावन और रक्षाबंधन के अवसर पर पूरे माह रक्षाबंधन मनाते हुए अनेक कार्यक्रम आयोजित किए हैं। बहनों का आशीर्वाद हमें मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का अर्थ लॉ एंड ऑर्डर की आदर्श स्थिति और विकास के साथ सौहार्द्र का वातावरण बनाना और संस्कृति के प्रतीक पर्वों त्योहारों को जीवित रखना भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि काल के प्रवाह में शत्रुओं ने हमारे राष्ट्र को हिलाने के बहुत प्रयास किए। लेकिन भारत के विभिन्न आराध्यों, शासकों और राष्ट्रवासियों की पराक्रम भावना और पुरुषार्थ का इतिहास बहुत पुराना है। भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की लीला के बिना सब अधूरा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से युवाओं को डिग्री लेकर बेरोजगार बने रहने की स्थिति को समाप्त किया और शिक्षा व्यवस्था को उपयोगी बनाने पर फोकस किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलचुरि समाज के स्थापना दिवस समारोह में पूरे देश से भोपाल पधारे प्रतिनिधियों एवं संतजन का स्वागत किया और स्थापना दिवस समारोह एवं पुस्तकों के प्रकाशन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। प्रारंभ में जे.एन. सी.टी. के चांसलर जे.एन. चौकसे एवं आयोजक संस्था के अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विशाल पुष्पहार से स्वागत किया। भगवान सहस्त्रबाहु की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दो पुस्तकों "सहस्त्र -दीप" और "कलचुरि समाज" विमोचन किया। संपादक प्रकाश राय पुस्तकों के संपादक मंडल के सदस्य एवं कलचुरि महासभा के पदाधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 102

अमरनाथ यात्रा पर 1112 श्रद्धालुओं का जत्था रवाना, 36 दिनों में 4.90 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन

श्रीनगर श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अधिकारियों ने बताया कि पिछले 36 दिनों में 4.90 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने अमरनाथ यात्रा के दर्शन किए हैं। रविवार को 1,112 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था जम्मू से कश्मीर के लिए रवाना हुआ। 1,112 श्रद्धालुओं का जत्था भगवती नगर यात्री निवास से दो सुरक्षा काफिलों में घाटी के लिए रवाना हुआ। अधिकारियों ने बताया, “इनमें से 11 वाहनों का पहला काफिला 204 यात्रियों को लेकर उत्तरी कश्मीर के बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ, जबकि 39 वाहनों का दूसरा काफिला 908 तीर्थयात्रियों को लेकर दक्षिण कश्मीर के नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप के लिए रवाना हुआ। सुबह गंदेरबल जिले के काव चेरवान गांव में श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर बादल फटने से श्रीनगर से बालटाल बेस कैंप जाने वाला रास्ता अवरुद्ध हो गया।अधिकारियों ने बताया कि मलबा हटाने का काम चल रहा है और जब तक यात्रियों का काफिला गंदेरबल जिले में पहुंचेगा, तब तक बालटाल बेस कैंप और आगे लद्दाख क्षेत्र तक राजमार्ग बहाल हो जाएगा। जम्मू से लेकर दोनों बेस कैंपों तक 350 किलोमीटर से अधिक लंबे मार्ग पर पुलिस और सीएपीएफ सहित बड़ी संख्या में सुरक्षा बल चौबीसों घंटे ड्यूटी कर रहे हैं, ताकि तीर्थयात्रियों के लिए मार्ग सुरक्षित हो सके। इसके अलावा, यात्रियों की सुरक्षा के लिए ट्रांजिट कैंप, बेस कैंप और गुफा मंदिर में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। स्थानीय लोग यह सुनिश्चित करने में पीछे नहीं हैं कि यात्रियों को पहाड़ी यात्रा को आसानी से करने में सहायता मिले। स्थानीय लोग तीर्थयात्रियों के लिए टट्टू उपलब्ध कराते हैं और अक्सर कमजोर और अशक्त भक्तों को अपनी पीठ पर ढोकर गुफा मंदिर ले जाते हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अधिकारी पेशेवर दक्षता के साथ यात्रा के मामलों का प्रबंधन कर रहे हैं। इन सभी ने मिलकर इस वर्ष हिमालय के सबसे कठिन और जोखिम भरे पहाड़ी इलाकों से होकर गुफा मंदिर की सुरक्षित, सुचारू और परेशानी मुक्त तीर्थयात्रा सुनिश्चित की है। गुफा मंदिर में बर्फ की एक संरचना है जो चंद्रमा के चरणों के साथ घटती-बढ़ती रहती है। भक्तों का मानना ​​है कि यह बर्फ की संरचना भगवान शिव की पौराणिक शक्तियों का प्रतीक है। यह गुफा कश्मीर हिमालय में समुद्र तल से 3,888 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। भक्त पारंपरिक दक्षिण कश्मीर पहलगाम मार्ग या उत्तर कश्मीर बालटाल मार्ग से गुफा मंदिर तक पहुँचते हैं। पहलगाम-गुफा मंदिर की धुरी 48 किलोमीटर लंबी है और तीर्थयात्रियों को मंदिर तक पहुँचने में 4-5 दिन लगते हैं। बालटाल-गुफा मंदिर की धुरी 14 किलोमीटर लंबी है और तीर्थयात्रियों को ‘दर्शन’ करने और बेस कैंप पर लौटने में एक दिन लगता है। उत्तर कश्मीर मार्ग पर बालटाल और दक्षिण कश्मीर मार्ग पर चंदनवारी दोनों जगहों पर तीर्थयात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएँ भी उपलब्ध हैं। इस वर्ष की यात्रा 52 दिनों के बाद 19 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षा बंधन त्योहारों के साथ समाप्त होगी।   recent visitors 115

बांग्लादेश में फिर भड़की हिंसा, 3 लोगों की मौत, सोशल मीडिया पर लगी पाबंदी

ढाका पड़ोसी देश बांग्लादेश से एक बार फिर हिंसा की खबर सामने आई है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रविवार को बांग्लादेश में भड़की हिंसा में 32 से अधिक लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए. यहां छात्र प्रदर्शनकारी पुलिस और सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ताओं की बीच भिड़ंत हुआ थी. प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग कर रहे हजारों प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी और स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल किया. सरकार ने रविवार शाम 6 बजे से अनिश्चितकालीन राष्ट्रव्यापी कर्फ्यू की घोषणा की, पिछले महीने शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पहली बार सरकार ने ये कदम उठाया है. ऐसे में शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पाबंदी लगा दी है। इसमें फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक, यूट्यूब जैसे प्रमुख ऐप शामिल हैं। शुक्रवार को भड़के प्रदर्शन में देश के कई हिस्सों में हिंसा हुई है। इस हिंसा में 32  लोगों की मौत और 100 के घायल होने की खबर है। ढाका में शुक्रवार को हजारों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे और प्रदर्शन किया। इन सोशल मीडिया ऐप्स पर लगाए गए बैन को लेकर बांग्लादेश की सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि टाइम्स ऑफ इंडिया और ग्लोबल आइज ने अपनी रिपोर्ट में सोशल मीडिया बैन को लेकर जानकारी दी है। हिंसा में मारे गए लोगों के लिए न्याय की मांग आरक्षण के विरोध में हुई हिंसक झड़पों के कारण देशभर में कर्फ्यू लगाना पड़ा था। पिछली बार हुई हिंसक झड़पों में करीब 200 से ज्यादा लोग मारे गए थे। ऐसे में उनके लिए न्याय की मांग को लेकर एक बार फिर से प्रदर्शन शुरू हो गया है। शुक्रवार को हुए विरोध प्रदर्शन दो लोगों की मौत हो गई है। 100 से अधिक घायल हो गए है। ढाका के कुछ हिस्सों में 2,000 से अधिक प्रदर्शनकारी एकत्रित हुए। वे सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। ढाका के उत्तरा इलाके में दर्जनों छात्रों के साथ पुलिस की झड़प हुई। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विरोध प्रदर्शन हुआ था शांत दरअसल, बांग्लादेश में पिछले महीने, जुलाई में भीमेटा प्लेटफॉर्म पर पाबंदी लगाई गई थी। देश में आरक्षण विरोधी प्रदर्शन के बाद कर्फ्यू लगाया गया था। इस दौरान भी इंस्टाग्राम और फेसबुक पर अस्थाई तौर पर पाबंदी लगाई गई थी। जुलाई में विरोध प्रदर्शनों के बाद इंटरनेट और सोशल साइट्स पर रोक का फैसला लिया गया था। कई दिन के हिंसक प्रदर्शनों के बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर से आरक्षण कोटे पर फैसला आया था। इसके बाद हालात शांत हो रहे थे लेकिन देश में फिर से विरोध प्रदर्शन की चिंगारी भड़कने लगी है। ग्लोबल आइज की रिपोर्ट में भी बताया गया है कि शुक्रवार से ही पूरे देश में सोशल मीडिया साइट्स पर अस्थायी बैन लगा दिया गया है। recent visitors 105