12 साल की छात्रा के साथ स्‍कूल में टीचर ने की छेड़छाड़, अभिभावकों का हंगामा

भिलाई  डीपीएस रिसाली भिलाई में 12 साल की स्कूली छात्रा के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। स्‍कूल के टीचर पर बच्‍ची के साथ अश्‍लील हरकत करने का आरोप लगा है। इसको लेकर अभिभावकों ने शुक्रवार को स्‍कूल परिसर में खूब हंगामा किया। मामले में कार्रवाई नहीं होने पर आक्रोशित करीब 150 से अधिक अभिभावकों ने स्कूल का घेराव कर दिया। अभिभावकों ने स्कूल के प्रिंसिपल से भी चर्चा कर घटना को लेकर विरोध जताया। पेरेंट्स का कहना है कि घटना के 27 दिन बाद भी पुलिस ने भी इस मामले में कार्रवाई नहीं की। फिलहाल मौके पर अभिभावकों के साथ पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद है और घटनाक्रम को लेकर चर्चा कर रहे हैं। घटना पांच जुलाई की बताई जा रही है। भिलाई क्षेत्र में घटनाक्रम को लेकर पिछले कुछ दिनों से चर्चा तेज हो गई थी। शुक्रवार को अंतत: अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार सुबह से सभी अभिभावक एक जगह एकत्रित होने लगे। सुबह करीब 10 बजे के आसपास एकत्रित पार्षद भिलाई निवास के सामने से पैदल मार्च करते हुए डीपीएस रिसाली स्कूल के गेट के पास पहुंचे और प्रदर्शन करने लगे। स्कूल प्रबंधन ने प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों को स्कूल परिसर के भीतर बुलाया। आक्रोशित अभिभावक स्कूल परिसर में प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन कर इस मामले में कार्रवाई की मांग करने लगे। इस दौरान स्कूल के प्राचार्य अभिभावकों से चर्चा करने पहुंचे। अभिभावकों के प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं। फिलहाल घटनाक्रम को लेकर पुलिस प्रशासन के अधिकारियों और अभिभावकों के बीच बातचीत चल रही है। मामले को लेकर कंट्रोल रूम भिलाई में आईजी, एसपी की उच्च स्तरीय बैठक भी चल रही है l recent visitors 106

वायनाड भूस्खलन : शहजाद पूनावाला ने केरल सरकार को घेरा, मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराया

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने शुक्रवार को वायनाड भूस्खलन को लेकर केरल सरकार द्वारा दिए गए आदेश पर सवाल उठाए हैं। पूनावाला ने आपदा में मारे गए लोगों के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार बताया है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने वीडियो बयान में कहा कि केरल में जो मानव निर्मित आपदा आई है उसे केरल सरकार ने स्वीकार लिया है। जिस प्रकार का गैग ऑर्डर, फतवा, तालिबानी फरमान केरल सरकार ने वैज्ञानिकों के खिलाफ और टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूशन के खिलाफ निकाला है वो इसकी पुष्टि करता है। उनका फरमान है कि वो लैंडस्लाइड के विषय में किसी से कुछ बात नहीं कर सकते। उन्होंने प्रदेश सरकार पर कई आरोप लगाए। कहा, केरल सरकार ने जिस प्रकार से इकोलॉजिकल सेंसिटिव जोन में अवैध निर्माण होने दिए, पैसों की एवज में वोट बैंक के लिए अलग-अलग अवैध गतिविधियां चलने दीं। किस प्रकार से इकोलॉजी का ख्याल नहीं रखा गया। जिस तरह अर्ली वार्निंग सिस्टम को लेकर केंद्र की तरफ से लगातार मिलते नोटिफिकेशन को नजरअंदाज किया गया वो सवाल खड़े करता है। भाजपा नेता ने उन तारीखों का जिक्र किया जब नोटिफिकेशन आए थे। कहा, यह 18, 19, 23 और 24 जुलाई को अलग-अलग दिनों पर नोटिफिकेशन दी गई। लेकिन इन्होंने ध्यान नहीं दिया। यह सारी चीजें बाहर न आ जाएं इसलिए सब की जुबान को ताला लगा दो। ये लोग अपने आप को जय संविधान वाले, फ्रीडम ऑफ स्पीच वाले कहते हैं, पर यही लोग हैं जो लोगों की आजादी पर बोलने पर प्रतिबंध लगा रहे हैं। ये दिखाता है कि किस तरह से केरल की मानव निर्मित आपदा के लिए ये लोग जिम्मेदारा हैं। तीन सौ हत्याओं के लिए यह लोग जिम्मेदार हैं। बता दें कि केरल के वायनाड में 30 जुलाई को भूस्खलन हुआ था। इसमें मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। शुक्रवार सुबह तक मलवे से तीन सौ से ज्यादा लोगों के शवों को निकाला जा चुका है। भूस्खलन के कारण ढही इमारतों को मलबे में लोगों को तलाशने का काम जारी है। 200 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इस सबके बीच केरल के सीएम पिनाराई विजयन सरकार की ओर से दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। जिसमें वैज्ञानिकों को प्रभावित स्थलों पर जाने और इस बारे में कोई भी बयान जारी करने पर प्रतिबंध लगाने को कहा गया है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव को लिखे पत्र में, राज्य राहत आयुक्त ने कहा है कि वो सभी वैज्ञानिक संस्थानों को प्रभावित स्थलों पर न जाने का निर्देश दें। पूनावाला ने इसी ओर ध्यान दिलाया है।     recent visitors 102

इजरायल और ईरान में तनाव के बीच अमेरिका ने तैनात किए युद्धपोत, ईरान ने दी है इजरायल पर हमले की धमकी

तेल अवीव  हमास नेता इस्माइल हानिया की हत्या के बाद मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है, जिसके चलते अमेरिका अलर्ट पर है। अमेरिकी सेना ने इजरायल पर किसी भी हमले की स्थिति से निपटने के लिए मध्य पूर्व में कम से कम 12 युद्धपोत तैनात किए हैं। वाशिंगटन पोस्ट ने पेंटागन के अधिकारी के हवाले से ये जानकारी दी है। इनमें विमानवाहक पोत यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट, जमीन और समुद्र में हमला करने में सक्षम दल और 4000 से अधिक मरीन और नाविक शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार, फारस की खाड़ी और पूर्वी भूमध्य सागर में विध्वंसक तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही अमेरिका ने लाल सागर से युद्धपोतों को हटा लिया है। वहां, ये वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए तैनात थे। अमेरिका ने ये कदम तेहरान में हमास नेता इस्माइल हानिया और बेरूत में हिजबुल्लाह के सैन्य प्रमुख फुआद शुकर की हत्या के बाद क्षेत्र में बढ़ते तनाव के जवाब में उठाया गया है। हानिया को इजरायल ने बुधवार सुबह तड़के तेहरान में मार गिराया था। वे ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गए थे। यह समारोह मंगलवार को हुआ था। हानिया के हत्या के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने इजरायल से बदला लेने का आदेश दिया है। अमेरिका ने की शांति की अपील इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने सभी पक्षों से आक्रामक कार्रवाइयों को रोकने का आग्रह किया है। मंगोलिया में ब्लिंकन ने जोर देकर कहा कि युद्ध विराम पर पहुंचने के लिए पार्टियों को ऐसी कार्रवाइयों को रोकना होगा जो तनाव बढ़ाती हैं। हानिया की मौत के बाद मध्य पूर्व में जंग भड़कने की स्थिति में अमेरिका के भी उतरने की संभावना है। अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कहा है कि इजरायल पर हमला होने पर अमेरिका उसकी सुरक्षा करेगा। इजरायल की हिजबुल्लाह को चेतावनी वहीं, बेरूत में अपने टॉप कमांडर की मौत के बाद हिजबुल्लाह भी भड़का हुआ है। इजरायल ने मंगलवार को हवाई हमले में हिजबुल्लाह के टॉप कमांडर फुआद शुकर को मार गिराया था। उसे हिजबुल्लाह प्रमुख नसरल्लाह का करीबी माना जाता था। सूत्रों के अनुसार, हाल में हुई हत्या के बाद इजरायली प्रशासन ने पश्चिमी और क्षेत्रीय मध्यस्थों के माध्यम से हिजबुल्लाह को कड़ी चेतावनी दी है कि कोई भी बड़ा हमला युद्ध की ओर ले जाएगा। शुकर की मौत के बाद से हिजबुल्लाह की तरफ से इजरायल पर कोई बड़ा हमला नहीं हुआ है। शुकर को शुक्रवार को गुरुवार को दफनाया जाना है, जिसमें नसरल्लाह के भाषण देने की उम्मीद है। वहीं, गुरुवार सुबह को ईरान की राजधानी तेहरान ने हानिया का अंतिम संस्कार हुआ, जिसमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई और वरिष्ठ ईरानी अधिकारी शामिल हुए। हानिया को कतर की राजधानी दोहा में दफनाया जाएगा। recent visitors 157

राहुल गांधी अजीब चीज हैं, सबकी जाति पूछ रहे लेकिन अपनी नहीं बताएंगे : हिमंता सरमा

रांची असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अजीब चीज हैं। वे एक तरफ जगह-जगह पत्रकारों से उनकी जाति पूछते हैं और जब लोगों ने उनकी जाति पूछ दी तो वे सवाल उठाते हैं कि मेरी जाति क्यों पूछी? आखिर अगर वे जातीय जनगणना कराना चाहते हैं तो बिना जाति पूछे यह कैसे संभव होगा? हिमंता बिस्वा सरमा ने रांची में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, “राहुल गांधी अजीब चीज हैं…वे क्या करते हैं, क्या बोलते हैं…बहुत ही दिक्कत वाले व्यक्ति हैं।” उन्होंने कहा कि मेरे पास वो वीडियो है, जिसमें राहुल गांधी एआईसीसी हेडक्वार्टर में एक पत्रकार से उसकी और उसके मालिक की जाति पूछ रहे हैं। इसी तरह उन्होंने उत्तर प्रदेश में भी एक अन्य पत्रकार से पूछा कि तुम ओबीसी हो क्या? उन्होंने जाति के सवाल इस तरह से पूछे थे कि लोग उन्हें मारने के लिए तैयार हो गए थे। असम के सीएम ने कहा कि राहुल गांधी की सामंतवादी सोच है कि सबकी जातीय जनगणना हो, लेकिन खुद उनसे उनकी जाति नहीं पूछी जाए। वे चाहते हैं कि नरेंद्र मोदी, हिमंता बिस्वा सरमा, अनुराग ठाकुर और अमित शाह तो अपनी जाति बताएं लेकिन मैं अपनी नहीं बताऊंगा, क्योंकि मेरे नाम के आगे गांधी लिखा हुआ है। ऐसा हो सकता है क्या? हिमंता बिस्वा सरमा झारखंड भाजपा के चुनाव सह प्रभारी हैं। वे दो दिनों के झारखंड दौरे पर हैं। गुरुवार को उन्होंने राज्य के पाकुड़ के गायबथान गांव के लोगों और केकेएम कॉलेज के छात्रों से मुलाकात के बाद आरोप लगाया था कि झारखंड में झामुमो-कांग्रेस-राजद की गठबंधन सरकार बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है। recent visitors 104

केरल भूस्खलन: चाय की दुकान चलाने वाली बुजुर्ग महिला ने अपनी कमाई और पेंशन राहत कोष में दान की

कोल्लम  वायनाड भूस्खलन हादसे के बाद व्यवसायी, मशहूर हस्तियां और संस्थाएं मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में लाखों-करोड़ों रुपये दान देने में जुटी हैं। इसी के बीच पीड़ितों की मदद के लिए एक चाय की दुकान चलाने वाली बुजुर्ग महिला भी आगे आई है। बुजुर्ग महिला ने अपनी सारी कमाई और पेंशन उन लोगों के लिए दान कर दी हैं जो इस हादसे में अपना सब कुछ खो चुके हैं । वायनाड भूस्खलन में 190 लोगों की मौत हो चुकी है। कोल्लम जिले के पल्लीथोट्टम निवासी सुबैदा अपना और अपने पति का पेट पालने के लिए एक छोटी सी चाय की दुकान चलाती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष (सीएमडीआरएफ) को 10 हजार रुपए दान किए हैं। उन्होंने अपनी चाय की दुकान से होने वाली मामूली आय और दंपति को मिलने वाली कल्याणकारी पेंशन से धनराशि दान की है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कुछ दिन पहले ब्याज चुकाने के लिए बैंक से राशि निकाली थी। लेकिन फिर हमने टीवी पर देखा कि वायनाड भूस्खलन में अपना सब कुछ खो चुके लोगों की मदद के लिए सभी से योगदान मांगा जा रहा है।’’ उन्होंने एक टीवी चैनल पर कहा, ‘‘मेरे पति ने तुरंत मुझसे कहा कि मैं जाकर जिलाधिकारी को रुपये दे दूं। उन्होंने कहा कि इस समय लोगों की मदद करना अधिक जरूरी है, ब्याज तो बाद में भी चुकाया जा सकता है। इसलिए मैंने जिलाधिकारी कार्यालय जाकर रुपये जमा करा दिए। मैं वायनाड जाकर मदद नहीं कर सकती।’’ सुबैदा ने आगे कहा कि अगर उसने रुपये जमा किए और उसके साथ कुछ हो जाता है, तो न ही ब्याज का भुगतान किया जा सकेगा और न ही उस राशि से किसी की मदद की जा सकेगी। उन्होंने कहा, ‘‘यह तरीका बेहतर है।’’ और लोगों की मदद करने के लिए आगे आने का यह उनका पहला मौका नहीं है। उन्होंने बताया कि इससे पहले उन्होंने बाढ़ राहत प्रयासों के लिए धन दान करने को अपनी चार बकरियां बेच दी थीं। उन्होंने कहा कि हालांकि, कई लोगों ने उनके निस्वार्थ कार्य की आलोचना की है। उन्होंने कहा, ‘‘जब से लोगों ने मेरे काम के बारे में सुना है, कई लोग यहां आए और कहने लगे कि तुमने अपनी कमाई बदमाशों को क्यों दी? उन्होंने कहा कि मैं यहां लोगों को रुपये दे सकती थी। क्या यहां लोगों को रुपये देना ज्यादा महत्वपूर्ण है या वायनाड में लोगों की मदद करना?’’     recent visitors 84

NEET-UG 2024 लीक पटना और हजारीबाग तक ही सीमित,SC ने माना NTA में सुधार की जरुरत

नई दिल्ली  नीट-यूजी 2024 (NEET UG 2024) मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  ने कहा कि नीट-यूजी 2024 के पेपर (Paper) में कोई व्यवस्थागत उल्लंघन (systemic violation) नहीं हुआ है। लीक सिर्फ पटना और हजारीबाग (Patna and Hazaribagh) तक सीमित ( limited) था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि केंद्र द्वारा गठित समिति परीक्षा प्रणाली की साइबर सुरक्षा में संभावित कमजोरियों की पहचान करने, जांच बढ़ाने की प्रक्रिया, परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी निगरानी के लिए तकनीकी प्रगति के लिए एसओपी तैयार करने पर भी विचार करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने अपने फैसले में एनटीए की संरचनात्मक प्रक्रियाओं में सभी कमियों को उजागर किया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम छात्रों की बेहतरी के लिए ऐसा नहीं होने दे सकते। इसलिए जो मुद्दे उठे हैं, उन्हें केंद्र को इसी साल ठीक करना चाहिए, ताकि ऐसा दोबारा न हो। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 23 जुलाई को विवादों से घिरे NEET-UG 2024 को रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था। तब कोर्ट ने कहा था कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई डेटा नहीं है, जो प्रश्नपत्र के व्यवस्थित रूप से लीक होने और अन्य गड़बड़ियों का संकेत दे। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने केंद्र और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और वरिष्ठ अधिवक्ता नरेंद्र हुड्डा, संजय हेगड़े और मैथ्यूज नेदुमप्रा सहित वकीलों की दलीलें करीब चार दिनों तक सुनीं थीं। सीबीआई के आरोप पत्र में इन लोगों के नाम इससे पहले नीट यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई ने जो पहला आरोप पत्र दाखिल किया है, उसमें उम्मीदवारों के साथ ही उम्मीदवारों के माता-पिता, इंजीनियर और पेपरलीक के सरगनाओं के नाम शामिल हैं। सीबीआई ने ये भी कहा कि अभी जांच चल रही है और इस मामले में एक पूरक आरोप पत्र (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) भी दायर की जाएगी। पहली चार्जशीट (आरोपपत्र) में 13 आरोपियों के नाम हैं, जिनमें चार नीट उम्मीदवार, एक जूनियर इंजीनियर और पेपरलीक के दो सरगनाओं का नाम शामिल है। नीट पेपर लीक मामले में खूब हुआ था हंगामा गौरतलब है कि मेडिकल में प्रवेश के लिए कराई जाने वाली नीट परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक को लेकर बीते दिनों देश में काफी हंगामा हुआ था और बड़ी संख्या में लोगों ने फिर से नीट की प्रवेश परीक्षा कराने की मांग की थी। विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार पर हमलावर था और फिर से नीट परीक्षा कराने की मांग कर रहा था। मामला सुप्रीम कोर्ट गया और सुप्रीम कोर्ट ने माना कि परीक्षा के दौरान व्यवस्थागत खामियां नहीं हुईं और फिर से परीक्षा कराने से इनकार कर दिया। सीबीआई ने छह एफआईआर दर्ज की नीट यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई ने छह एफआईआर दर्ज की हैं। नीट प्रवेश परीक्षा में धांधली के आरोप में सबसे पहले पटना पुलिस ने 5 मई को मामला दर्ज किया था, जिसे बाद में 23 जून को सीबीआई को सौंप दिया गया। 5 मई तो हुई नीट परीक्षा में देशभर में 23 लाख छात्र शामिल हुए थे। अब तक नीट मामले में 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 15 आरोपियों को बिहार पुलिस ने पकड़ा था और अब तक इस मामले में 58 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जा चुका है। recent visitors 172

डीडीसीए ने आज पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग को डीपीएल के उद्घाटन सत्र के लिए ब्रांड एंबेसडर घोषित किया

नई दिल्ली दिल्ली एवं जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) ने शुक्रवार को पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग को दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) के उद्घाटन सत्र के लिए ब्रांड एंबेसडर घोषित किया। यह घोषणा नई दिल्ली में आयोजित लीग के भव्य लॉन्च कार्यक्रम के दौरान की गई। इस अवसर पर डीडीसीए की पूरी शीर्ष परिषद उपस्थित थी। डीडीसीए डीपीएल को एक प्रमुख टी20 क्रिकेट प्रतियोगिता के रूप में पेश करने के लिए उत्साहित है। लीग की अध्यक्षता लीग कमिश्नर श्री बिमल जुल्का, एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी द्वारा की जाती है, जिसका उद्देश्य दिल्ली और उससे बाहर की सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट प्रतिभा को प्रदर्शित करना है, उभरते खिलाड़ियों को चमकने के लिए एक मंच प्रदान करना और अनुभवी पेशेवरों को प्रेरणादायक प्रशंसकों को जारी रखने के लिए एक मंच प्रदान करना है। दिल्ली के क्रिकेट परिदृश्य की आधारशिला संस्था डीडीसीए की भागीदारी लीग की सफलता के लिए एक मजबूत आधार सुनिश्चित करती है। पूर्वी दिल्ली राइडर्स – एरियन फिनसर्व प्रा. लिमिटेड लॉन्च इवेंट में बोलते हुए, दिल्ली एवं जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) के अध्यक्ष, श्री रोहन जेटली ने कहा, "भारत के महानतम क्रिकेट दिग्गजों में से एक वीरेंद्र सहवाग को डीपीएल का ब्रांड एंबेसडर बनाकर हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उनका जुनून है।" खेल और दिल्ली क्रिकेट में उनकी गहरी जड़ें उन्हें अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरित करने और मार्गदर्शन करने के लिए सही विकल्प बनाती हैं। उनकी भागीदारी निस्संदेह लीग में जबरदस्त मूल्य जोड़ेगी।" “इसके अलावा, डीपीएल ट्रॉफी और सभी फ्रेंचाइजी के लिए जर्सी का अनावरण एक रोमांचक यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है। हमें प्रत्येक टीम की विशिष्ट पहचान और लीग में उनके द्वारा लाई गई प्रतिस्पर्धा की भावना को प्रदर्शित करने पर गर्व है। यह आयोजन दिल्ली की समृद्ध क्रिकेट विरासत का जश्न है और हमारे क्षेत्र में इस खेल के उज्ज्वल भविष्य की एक झलक है।" इस बीच, वीरेंद्र सहवाग, जो अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी शैली और निडर दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं, ने डीपीएल के ब्रांड एंबेसडर के रूप में नियुक्त होने पर उत्साह व्यक्त किया और कहा, "मैं दिल्ली प्रीमियर लीग के ब्रांड एंबेसडर के रूप में शामिल होने के लिए उत्साहित हूं। दिल्ली ने हमेशा मेरे दिल के करीब रहा है, और मेरा मानना ​​है कि यह लीग क्षेत्र के युवा और प्रतिभाशाली क्रिकेटरों को चमकने के लिए एक शानदार मंच प्रदान करेगी। मैं इस रोमांचक यात्रा का हिस्सा बनने और राजधानी में क्रिकेट के विकास में योगदान देने के लिए उत्सुक हूं। " डीपीएल 17 अगस्त से 8 सितंबर 2024 तक चलने वाला है, जिसके सभी मैच नई दिल्ली के श्री अरुण जेटली स्टेडियम में होंगे। टी20 लीग के उद्घाटन सत्र में 40 मैच होंगे, जिसमें पुरुष वर्ग में 33 और महिला वर्ग में 7 मैच शामिल होंगे। recent visitors 131