उप मुख्यमंत्री साव ने सभी नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद, समृद्ध और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना की

रायपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड के घोयनबहारा में आयोजित सूरमाल साहू समाज के सामूहिक आदर्श विवाह स्वर्ण जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। समारोह में समाज के 28 जोड़ों का विधिवत विवाह संपन्न हुआ। कार्यक्रम में वर्ष 1975 में इस आयोजन की नींव रखने वाले वरिष्ठ दंपत्तियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन सामाजिक समरसता, एकजुटता और पारिवारिक मूल्यों का अद्भुत उदाहरण है। पिछले 50 वर्षों से निरंतर इस परंपरा को निभाना अनुकरणीय है। समाज में एकजुटता और सहयोग का यह स्वरूप हमें भविष्य के लिए नई प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद, समृद्ध और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना की। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में घोयनबहारा में सामुदायिक शेड के निर्माण के लिए 15 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने बागबाहरा से पिथौरा मार्ग में भव्य स्वागत द्वार के निर्माण की भी घोषणा की। यह द्वार क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को और सुदृढ़ करेगा। सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने भी समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 में शुरू किया गया यह सामूहिक विवाह आयोजन आज एक सामाजिक आंदोलन बन चुका है। यह केवल विवाह नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, सह-अस्तित्व और समानता का प्रतीक है। उन्होंने आयोजन समिति को बधाई देते हुए समाज की इस सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया। विधायक श्री द्वारिकाधीश यादव, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू, पूर्व सांसद श्री चुन्नीलाल साहू, साहू समाज के जिला अध्यक्ष श्री धरमदास साहू, जिला स्काउट गाइड संघ के अध्यक्ष श्री येतराम साहू, सूरमाल साहू समाज के संरक्षक श्री नारायण लाल साहू, श्री भेखलाल साहू और श्री देवेश साहू सहित समाज के सैकड़ों गणमान्यजन एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में समारोह में उपस्थित थे। recent visitors 54

शेयर बाजार में शानदार तेजी, भारत-पाक तनाव कम होने से सेंसेक्स 2200 अंक से पार

मुंबई भारतीय शेयर बाजार (Stock Market India) पर सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर (Indo-PAK Ceasefire) असर देखने को मिला और Sensex खुलते ही 81,000 के पार कारोबार करता दिखाई दिया. बीते सप्ताह शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखने वाले सेंसेक्स-निफ्टी (Sensex-Nifty) तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए. एक ओर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला इंडेक्स सेंसेक्स ओपने होने के आधे घंटे बाद 2287 अंकों की तेजी लेकर ट्रेड करने लगा, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की निफ्टी भी 691 अंक चढ़ गया.   सेंसेक्स-निफ्टी न खुलते ही मचाया गदर सोमवार को पहले से ही शेयर मार्केट (Share Market) में तेजी के संकेत पहले से ही मिल रहे थे. एशियाई बाजारों में तेजी के बाद BSE Sensex ने अपने पिछले बंद 79,454.47 से करीब 1500 अंक से ज्यादा की तेजी लेकर 80,803.80 के लेवल पर कारोबार की शुरुआत की और फिर मिनटों में ये 1926 अंक चढ़कर 81,380 के आस-पास कारोबार करता दिखाई देने लगा और आधे घंटे के कारोबार के बाद ये इंडेक्स 2287.22 अंक या 2.88% की तेजी लेकर 81,741.69 पर कारोबार करने लगा. सेंसेक्स की तहह ही NSE Nifty भी अपने पिछले बंद 24,008 की तुलना में चढ़कर 24,420 पर खुला और कुछ ही देर में ये 582.75 अंक की तेजी लेकर 24,593.75 पर कारोबार करता हुआ दिखा और आधे घंटे में ये भी 691.85 अंक या 2.88% चढ़कर 24,699.85 अंक पर पहुंच गया. रॉकेट बने ये 10 बड़े शेयर शेयर बाजार में तेजी के बीच लार्जकैप कंपनियों में शामिल जो शेयर सबसे तेज रफ्तार के साथ भागे, उनमें Top-10 Stocks में Axis Bank (4%), Adani Ports (3.88%), Bajaj Finserv (3.75%), Eternal Share (3.61%), Bajaj Finance Share (3.61%), NTPC Share (3.50%), Tata Steel Share (3.40%), Reliance Share (3.23%), ICICI Bank Share (2.90%) और HDFC Bank Share (2.85%) की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा था. बात करें, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों के बारे में, तो Midcap Index में शामिल Escorts Share (7.63%), Suzlon Share (7.32%), First Cry Share (7.22%), Dixon Tech Share (6.40%), RVNL Share (6.30%), IREDA share (5.43%) चढ़कर कारोबार कर रहे थे. तो वहीं स्मॉलकैप कैटेगरी में Punjab Chemical (13%) और KPEL 10% की बढ़त लेकर कारोबार कर रहा था. शुक्रवार को आई थी बड़ी गिरावट   बीते सप्ताह के आखिरी दो कारोबारी दिनों में भारतीय शेयर बाजार (Share Market) में गिरावट देखने को मिली थी और शुक्रवार को तो BSE Sensex ने अपने पिछले बंद 80,334.81 की तुलना में फिसलते हुए 78,968 के लेवल पर कारोबार की शुरुआत की थी और दिनभर रेड जोन में ट्रेड करता रहा. हालांकि मार्केट क्लोज होते-होते इसकी गिरावट कुछ कम हुई, फिर भी ये इंडेक्स अंत में 880.34 अंक या 1.10 फीसदी फिसलकर 79,454.47 के स्तर पर बंद हुआ था. वहीं सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty ने भी शेयर मार्केट में ट्रेडिंग बंद होने पर 265.80 अंक या 1.10% की गिरावट के साथ 24,008 पर बंद हुआ था. सीजफायर के बाद मिल रहे थे अच्छे संकेत   Indo-Pak Ceasefire के बाद बाजार के लिए विदेशों से अच्छे संकेत मिल रहे थे, जिनका असर भी देखने को मिला है. जहां आखिरी कारोबारी दिन अमेरिकी स्टॉक मार्केट (US Stock Market) मिले-जुले स्तर पर बंद हुए थे. तो वहीं सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को ज्यादातार एशियाई बाजार तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं. Gift Nifty तो शुरुआती कारोबार में ही 525 अंकों की छलांग लगाते हुए 24,610 के लेवल पर जा पहुंचा था. तनाव में टूटा, अब सीजफायर के बाद भागा बीते 22 अप्रैल को श्रीनगर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच टेंशन चरम पर पहुंच गई थी. इसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय सेनाओं की ओर से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान और POK में भारी तबाही मचाई थी, जिसमें 9 आतंकी ठिकाने तबाह हो गए थे. इसके बाद बौखलाए पाकिस्तान ने सीमा पर गोलीबारी की और ड्रोन व मिसाइल अटैक किया, जिसपर भी भारत की ओर से करारा प्रहार करते हुए उसे घुटनों पर ला दिया. इस बढ़े तनाव के बीच जहां पाकिस्तानी स्टॉक मार्केट हर रोज क्रैश (Pakistan Stock Market Crash) होता नजर आया, तो वहीं भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के आखिरी दो दिन लगातार गिरावट देखने को मिली थी. हालांकि, अब India-Pakistan के बीच सीजफायर हो चुका है और इसका असर एशियाई समेत भारतीय बाजार पर साफ दिखा है.  recent visitors 61

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर के ऐतिहासिक लालबाग परिसर में आयोजित मालवा उत्सव में शामिल हुए

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर के ऐतिहासिक लालबाग परिसर में आयोजित मालवा उत्सव में शामिल हुए। उत्सव में पहुँचकर उन्होंने वहाँ विभिन्न प्रदेशों से आए लोक कलाकारों से मुलाकात कर संवाद किया और उनका हौसला बढ़ाया। मालवा उत्सव में देश के विभिन्न प्रदेशों के साथ ही मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोक कलाकार अपने लोक कलाओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। उत्सव में बुनकर और अन्य हस्तशिल्प कलाकारों ने अपनी पारंपरिक हस्तकला, बुनकरी, मिट्टी और धातु की कलाकृतियाँ प्रदर्शित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मालवा उत्सव हमारी सांस्कृतिक विरासत और लोककला की जीवंत प्रस्तुति है। यह आयोजन न केवल कलाकारों को मंच प्रदान करता है, बल्कि जनमानस को भी अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पारंपरिक कला, संस्कृति और शिल्प के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मालवा की सांस्कृतिक समृद्धि और उत्सवों की परंपरा को गौरव बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय शिल्पकारों को आर्थिक संबल भी प्राप्त होता है। कार्यक्रम के प्रारंभ में सांसद तथा लोक संस्कृति मंच के संस्थापक श्री शंकर लालवानी ने स्वागत भाषण देते हुए आयोजन के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मालवा उत्सव कला-संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से लगातार 25 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने ऐतिहासिक राजबाड़ा और लालबाग के विकास के लिए राशि स्वीकृत करने हेतु मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री रमेश मेंदोला तथा श्री गोलू शुक्ला, श्री सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने मालवा उत्सव में बनाए भजिए और चखा स्वाद लालबाग परिसर में पारंपरिक लोक नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियों के साथ ही भित्तिचित्रों की प्रदर्शनी, हस्तशिल्प और व्यंजन स्टॉल लगाये गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एक स्टॉल पर भजिए तले और उनका स्वाद चखा। रेजा कार्य, बटिक प्रिंट, ताँबे व पीतल की मूर्तियाँ, और आदिवासी चित्रकलाओं ने दर्शकों का ध्यान खींचा। उत्सव में सांस्कृतिक मंच पर लोकनृत्य की विभिन्न प्रस्तुतियाँ हुईं, जिनमें दर्शकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।   recent visitors 50

MPPSC और सीए की बड़ी परीक्षाएं शुरू, जानें पूरी टाइमलाइन और कोर्ट अपडेट

इंदौर मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की कई अहम परीक्षाएं भले ही अदालतों में अटकी हुई हैं, लेकिन 18 मई से एक बार फिर से परीक्षा प्रक्रिया की शुरुआत होने जा रही है। राज्य सेवा परीक्षा-2025 सहित अन्य कई चयन सूचियां फिलहाल रुकी हुई हैं, फिर भी आयोग द्वारा तय किए गए शेड्यूल के अनुसार परीक्षाएं संचालित होंगी। पहली परीक्षा 18 मई को सहायक संचालक-पशु चिकित्सा और सहायक शल्यज्ञ-2024 के लिए आयोजित की जाएगी। इसके बाद 1 जून को असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा-2024 होगी, जिसमें 16 विषयों की परीक्षा शामिल है। राज्य सेवा मुख्य परीक्षा कोर्ट की अनुमति पर निर्भर राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025, 9 से 14 जून के बीच प्रस्तावित है, लेकिन इसकी अंतिम पुष्टि अदालत की अनुमति पर निर्भर है, क्योंकि प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम पर अभी रोक लगी हुई है। मामले में अलग से सुनवाई जारी है। अगस्त से दिसंबर तक भरपूर परीक्षा कार्यक्रम 27 जुलाई को 12 अन्य विषयों के लिए सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा होगी। अगस्त में कई बड़ी परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, जिनमें 24 अगस्त को सहायक संचालक संस्कृति-2024 और स्टेट इंजीनियरिंग सर्विस परीक्षा शामिल है। 21 सितंबर को सहायक संचालक तकनीकी परीक्षा-2024 होगी। अक्टूबर में सबसे ज्यादा परीक्षाएं होंगी। 12 अक्टूबर को खाद्य सुरक्षा अधिकारी-2024, दंत चिकित्सा परीक्षा-2024 (श्रम विभाग) और सहायक अनुसंधान अधिकारी परीक्षा-2024 आयोजित की जाएंगी। नवंबर और दिसंबर में होंगी प्रमुख परीक्षाएं 23 नवंबर को सहायक प्रबंधक परीक्षा-2024 और आंतरिक लेखा परीक्षण अधिकारी परीक्षा-2024 एक ही दिन आयोजित की जाएगी। दिसंबर में भी दो प्रमुख परीक्षाएं होंगी। 7 दिसंबर को सहायक पंजीयक परीक्षा-2024 और 14 दिसंबर को खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं रसायनज्ञ परीक्षा-2024 का आयोजन किया जाएगा। सीए परीक्षा की तिथियों में हुआ बदलाव सीए फाइनल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं अब 9 से 14 मई के बजाय 16 से 24 मई के बीच होंगी। फाइनल ग्रुप 2 का पांचवां पेपर 10 मई के स्थान पर अब 16 मई को, और छठा पेपर 13 मई के स्थान पर 18 मई को होगा। इंटरमीडिएट ग्रुप 2 का चौथा पेपर 9 मई की जगह 20 मई को, पांचवां 11 के बजाय 22 मई को और छठा 14 मई के स्थान पर 24 मई को लिया जाएगा। सीए फाउंडेशन परीक्षा मई 2025 में 15, 17, 19 और 21 तारीख को निर्धारित की गई है। सभी परीक्षाएं पूर्व में तय परीक्षा केंद्रों पर ही आयोजित होंगी। स्टेट इंजीनियरिंग सर्विस में केवल 23 पद राज्य अभियांत्रिकी सेवा परीक्षा-2024 में सिर्फ 23 पद ही उपलब्ध रहेंगे। लंबे समय से अतिरिक्त पदों की प्रतीक्षा के बावजूद कोई वृद्धि नहीं की गई है, जिससे अभ्यर्थियों में नाराजगी है। अभ्यर्थी कम से कम 100 पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। यह परीक्षा 24 अगस्त को इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में ओएमआर शीट पर आधारित होगी। चयन प्रक्रिया में इंटरव्यू भी शामिल होगा। परीक्षा में पहला प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन (150 अंक, 50 प्रश्न) का होगा और दूसरा प्रश्नपत्र संबंधित विषय (सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल 300 अंक, 100 प्रश्न) का होगा। कुल 450 अंकों की लिखित परीक्षा के बाद 50 अंकों का इंटरव्यू होगा। सीयूईटी-यूजी और जेईई एडवांस्ड: प्रवेश परीक्षाएं भी जारी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सीयूईटी-यूजी 2025 के लिए 13 से 16 मई के पेपरों के एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। परीक्षा 3 जून तक चलेगी। वहीं जेईई एडवांस्ड के एडमिट कार्ड, जो पहले 11 मई को जारी होने थे, अब 12 मई को जारी होंगे। पहला पेपर 18 मई को सुबह 9 से 12 बजे और दूसरा दोपहर 2.30 से शाम 5.30 बजे तक होगा। इस परीक्षा का परिणाम 2 जून को घोषित किया जाएगा।   recent visitors 63

मंत्री परमार बोले विद्यार्थियों के रचनात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना, सृजन का उद्देश्य

मप्र के विद्यार्थियों में है नवाचारों से समाज के प्रश्नों के समाधान करने का सामर्थ्य : तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार होनहार विद्यार्थियों को नवाचारों के लिए मंच देने की अभिनव पहल है "सृजन" विद्यार्थियों के रचनात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना, "सृजन" का उद्देश्य आरजीपीवी में आयोजित दो दिवसीय सृजन महोत्सव नवाचार के लिए बना उत्कृष्ट मंच भोपाल विद्यार्थियों के रचनात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना, सृजन का उद्देश्य है। सृजन के माध्यम से प्रतिभावान विद्यार्थियों को नवाचारों के लिए मंच मिला है। इससे विद्यार्थी, सामाजिक समस्याओं और चुनौतियों के प्रति संवेदनशील होंगे। समाज के प्रश्नों के समाधान करने का सामर्थ्य प्रदेश के विद्यार्थियों में हैं, हमारे विद्यार्थी समाधानकारक नवाचारों के लिए आगे आ रहे हैं। भविष्य में प्रदेश के यही विद्यार्थी, स्टार्टअप के केंद्र बनेंगे। प्रदेश सरकार की ओर से नवाचारों को लेकर विद्यार्थियों को मंच देने की यह अभिनव पहल है। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में रविवार को इनोवेट एमपी मिशन की दृष्टि से सृजित "सृजन" कार्यक्रम के समापन समारोह में कही। मंत्री परमार ने कहा कि हर वर्ष सृजन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को अपनी नवाचारी प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए मंच मिल सके। परमार ने "राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस" की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन गर्व का दिन है, आज ही के दिन हमारा देश परमाणु शक्ति संपन्न शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित हुआ था। तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि भारत की परम्परा में दस्तावेजीकरण (पेटेंट) नहीं था लेकिन वर्तमान वैश्विक परिधियों में दस्तावेजीकरण की आवश्यकता है। इसके लिए हमें भारतीय समाज में हर विद्या-हर क्षेत्र में विद्यमान ज्ञान को युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में पुनः शोध एवं अनुसंधान कर, दस्तावेजीकरण से समृद्ध करना होगा। भारत के नवाचारों को विश्वमंच पर, दस्तावेजीकरण के साथ रखना होगा। परमार ने कहा कि आज के युवा विद्यार्थियों के पुरुषार्थ और परिश्रम से, स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना साकार होगी। ज्ञानमेव शक्ति के आधार पर, भारत पुनः विश्वमंच पर सिरमौर बनेगा। आज के युवा विद्यार्थी ही, वर्ष 2047 का विकसित भारत गढ़ेंगे। पूर्वजों के ज्ञान के आधार पर ही भारत वर्ष 2047 तक, विश्व में अन्य देशों की ऊर्जा की आपूर्ति करने में सामर्थ्यवान देश बनेगा। साथ ही खाद्यान्न के क्षेत्र में भी विश्व का भरण पोषण करने वाला देश भी बनेगा। मंत्री परमार ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से विद्यार्थियों के नवाचारी शोधों के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग के साथ साथ, उनके नवाचारों के दस्तावेजीकरण के लिए यह अभिनव पहल की गई है। परमार ने सृजन में नवाचार के लिए पुरुस्कृत होने वाले सभी शोधार्थी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं एवं बधाई भी दीं। परमार ने कहा कि ऐसे विद्यार्थी जो सृजन के इस संस्करण में पुरुस्कृत नहीं हो सकें हैं, उनके नवाचारी प्रोजेक्ट्स को दस्तावेजीकरण तक की यात्रा में, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय सहयोग करेगा। परमार ने सृजन के आयोजकों, संस्थाओं, प्रतिभागी एवं पुरस्कृत विद्यार्थियों और उनके मेंटर्स को शुभकामनाएं भी दीं। मंत्री परमार ने समापन समारोह के पूर्व, सृजन अंतर्गत शोधार्थी विद्यार्थियों के चयनित नवाचारी प्रोजेक्ट्स पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन कर उनके प्रोजेक्ट्स की जानकारी भी प्राप्त की। इस प्रदर्शनी में 1600 से अधिक प्राप्त प्रविष्टियों में से चयनित 150 नवाचारी प्रोजेक्ट्स को प्रदर्शन के लिए स्थान दिया गया था। सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत ये प्रोजेक्ट्स किये गए डिस्प्ले और इन श्रेणियों में हुआ पुरस्कार वितरण नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता को जोड़ने वाला दो दिवसीय सृजन कार्यक्रम, प्रदेश के युवा वैज्ञानिकों के लिए एक अहम मंच के रूप में सिद्ध हुआ, जब रूरल टेक्नोलॉजी, क्लीन एंड ग्रीन एनर्जी, इंडस्ट्री 4.0/ 5.0, वेस्ट मैनेजमेंट, लाइफ साइंस / स्वास्थ विज्ञान एवं स्मार्ट एजुकेशन के विषय पर प्रदेश के युवा वैज्ञानिकों एवं मेंटर के माध्यम से 1627 प्रविष्टियों में से 150 चयनित प्रविष्टियों के माध्यम से उच्च शिक्षा की 10 एवं तकनीकी शिक्षा संस्थानों के 26 इस प्रकार कुल 36 प्रविष्टियों ने विभिन्न श्रेणियों में पुरुस्कार प्राप्त कर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में नवाचार के अभिनव महोत्सव को विकसित भारत 2047 की संकल्पना को साकार रूप देने के लिए एक धरातल तैयार कर दिया। विश्वविद्यालय परिसर में 150 चयनित प्रोजेक्ट्स की आयोजित प्रदर्शनी का हज़ारों की संख्या में प्राध्यापकों, विद्यार्थियों एवं उद्यमियों ने अवलोकन किया। दो दिवसीय सृजन के समापन सत्र में मंच से अंतिम चरण में चयनित 36 प्रतिभागियों को पुरुस्कार प्रदान किये गए। समापन सत्र में 6 श्रेणियों में प्रथम पुरुस्कार प्राप्त करने वाले प्रोजेक्ट को 20 हज़ार रूपये, द्वितीय स्थान को 10 हज़ार,एवं तृतीय स्थान को 5 हज़ार रूपये की पुरुस्कार राशि प्रदान की गई, इस प्रकार कुल 36 पुरूस्कार प्रदान किये गए, इसमें 26 तकनीकी शिक्षा संस्थानों से एवं 10 उच्च शिक्षा संस्थानों के रूप में शामिल हैं। रूरल टेक्नोलॉजी में 6 पुरुस्कार दिए गए हैं, इनमें पंडित शम्भूनाथ शुक्ल यूनिवर्सिटी शहडोल, शासकीय ऑटोनोमस होलकर साइंस कॉलेज इंदौर, शासकीय जेएसटीपीजी कॉलेज बालाघाट, सागर इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी गांधीनगर, डॉ. भीमराव आंबेडकर पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्वालियर एवं यूआईटी आरजीपीवी शिवपुरी शामिल हैं। क्लीन एवं ग्रीन एनर्जी में वीआईटीएम ग्वालियर, वैष्णव पॉलिटेक्निक कॉलेज इंदौर, शासकीय महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज जबलपुर, एक्रोपोलिस इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च इंदौर एवं एनआआई इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मास्यूटिकल साइंस को पुरुस्कार दिए गए। इंडस्ट्री 4.0/5.0 में एमआईटीएस ग्वालियर, यूआईटी आरजीपीवी भोपाल, शासकीय महिला पॉलिटेक्निक भोपाल, जवाहरलाल नेहरु स्मृति शासकीय पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज शुजालपुर, ज्ञान गंगा कॉलेज ऑफ़ टेक्नोलॉजी जबलपुर को पुरस्कार मिले। वेस्ट मैनेजमेंट में शासकीय पीएम कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस सागर, शासकीय डॉ. श्यामा प्रसाद मुख़र्जी साइंस एंड कॉमर्स कॉलेज, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस नीलकंठेश्वर शासकीय कॉलेज खंडवा, शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज राजगढ़, आईपीएस अकादमी इंदौर, बंसल इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी भोपाल को पुरुस्कार दिए गए। हेल्थ साइंस में प्रधानमंत्री एक्सीलेंस कॉलेज बालाघाट, पंडित शम्भुनाथ शुक्ला यूनिवर्सिटी शहडोल, एलएनसीटी भोपाल, आईआईएसटी इंदौर, यूआईटी आरजीपीवी भोपाल, प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट को पुरस्कृत किया गया। स्मार्ट एजुकेशन में ज्ञान गंगा इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड साइंस जबलपुर, यूआईटी आरजीपीवी भोपाल, वीएनएस ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूट भोपाल, मालवा इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एवं एमिटी स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी को पुरुस्कार दिए गए। साथ ही प्रत्येक प्रतिभागी को प्रतिभागिता का प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। प्रदर्शित किये गए … Read more

CM डॉ. मोहन यादव आज बालाघाट दौरे पर रहेंगे, 64 पुलिस जवानों को मिलेगा आउट ऑफ टर्म प्रमोशन, 7500 से अधिक खदानों की हुई जियो टैगिंग

बालाघाट मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज बालाघाट जिले के दौरे पर रहेंगे। सीएम सुबह 11:55 बजे इंदौर एयरपोर्ट से गोंदिया के लिए प्रस्थान करेंगे। करीब 12:50 पर गोंदिया एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद हेलीकॉप्टर से लांजी तहसील के लिए करेंगे प्रस्थान करेंगे। दोपहर 1:10 बजे लांजी पहुंचकर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत लांजी की बावड़ी में किये गए कार्य का अवलोकन करेंगे। रानी अवंति बाई स्टेडियम में आयोजित हो रहें मुख्य कार्यक्रम में सीएम शामिल होंगे। 64 पुलिस जवानों को टर्न प्रमोशन     मुख्यमंत्री रानी अवंति बाई स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे प्रदेश के 64 पुलिस जवानों को "आउट ऑफ टर्न प्रमोशन" देकर सम्मानित करेंगे। यह विशेष पदोन्नति उन पुलिसकर्मियों को दी जा रही है, जिन्होंने सेवा में उत्कृष्ट योगदान दिया है। कक्षा 10वीं और 12वीं के टॉपर्स होंगे सम्मानित मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान प्रदेश में कक्षा 10वीं और 12वीं में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित करेंगे। इससे युवाओं में प्रोत्साहन की भावना जगेगी और शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ेगी। सीएम मोहन यादव का आज का क्रायक्रम सुबह 10:05 बजे से 10:10 बजे तक वे उज्जैन के पुलिस कंट्रोल रूम के पास स्थित आस्था गार्डन में स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेंगे। सुबह 10:55 बजे से 11:00 बजे तक मुख्यमंत्री अशोक बुद्ध विहार, जीरो प्वाइंट ब्रिज, उज्जैन पहुंचेंगे और आयोजन में हिस्सा लेंगे। दोपहर 1:10 बजे वे लांजी स्थित बावड़ी पहुंचेंगे, जहां वे जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत कराए गए कार्यों का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद वे रानी अवंति बाई स्टेडियम, लांजी में आयोजित मुख्य समारोह में भाग लेंगे। इस दौरान वे 64 पुलिस जवानों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन प्रदान करेंगे और कक्षा 10वीं व 12वीं में प्रदेश में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करेंगे। दोपहर 3:20 बजे से 4:00 बजे तक वे गोंदिया एयरपोर्ट से विमान द्वारा भोपाल के स्टेट हेंगर के लिए उड़ान भरेंगे। अवैध उत्खनन रोकने को लेकर सरकार सख्त मध्य प्रदेश में अवैध उत्खनन को रोकने के लिए सरकार सख्त नजर आ रही है। अब आसमान से भी इस पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए जल्द ही ऑनलाइन निगरानी तंत्र लॉन्च होगा। खनिज विभाग  रेत समेत अन्य खनिजों के निगरानी के लिए तंत्र को विकसित कर रहा है। 7500 से अधिक खदानों की जियो टैगिंग की जा चुकी है। अब स्वीकृत मात्रा से अधिक खनन होते ही इसकी जानकारी मिल जाएगी। recent visitors 44

इंटरलॉकिंग प्रणाली के माध्यम से संरक्षा में मजबूती ,भोपाल मंडल में तकनीकी उन्नयन से यात्रियों को लाभ

भोपाल रेल संरक्षा और परिचालन दक्षता को सुदृढ़ बनाने की दिशा में भारतीय रेलवे द्वारा तकनीकी सुधारों को प्राथमिकता दी जा रही है। इस क्रम में, इंटरलॉकिंग प्रणाली एक ऐसी आधुनिक तकनीक है जो ट्रेन संचालन में सिग्नल, ट्रैक स्विच और पॉइंट्स के बीच समन्वय स्थापित कर किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को न्यूनतम करती है। यह प्रणाली सुनिश्चित करती है कि जब तक मार्ग पूर्ण रूप से सुरक्षित न हो, तब तक सिग्नल ‘हरा’ न हो और ट्रेन उस मार्ग पर प्रवेश न करे। भोपाल मंडल में हाल ही में आठ स्टेशनों पर इंटरलॉकिंग प्रणाली का आधुनिकीकरण किया गया है, जहां अब इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) प्रणाली प्रभावी रूप से कार्य कर रही है। इस आधुनिक प्रणाली के माध्यम से न केवल संचालन सुरक्षित हुआ है, बल्कि मानवीय त्रुटियों की संभावना भी नगण्य हो गई है। वर्तमान में मंडल के 50 से अधिक स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली कार्यरत है। इसके अतिरिक्त, बीना गुड्स यार्ड में पुरानी यांत्रिक प्रणाली को हटाकर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग को लागू किया गया है, जिससे असुरक्षित परिस्थितियों की संभावना में उल्लेखनीय कमी आई है। इससे न केवल संरक्षा मजबूत हुई है, बल्कि ट्रेनों का संचालन अधिक दक्षता से संभव हो पाया है। इसी प्रकार, मंडल के तलवड़िया यार्ड का भी सफलतापूर्वक पुनर्संयोजन किया गया है, जिसमें टर्नआउट अपग्रेड, सैंड हम्प की स्थापना एवं सिग्नलिंग के पुनर्निर्धारण जैसे कार्य सम्मिलित हैं। इससे लूप लाइनों पर ट्रेनों के आगमन व प्रेषण की प्रक्रिया अधिक सुगम व सुरक्षित हुई है। इसके अतिरिक्त, भोपाल–इटारसी खंड में ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली की स्थापना से सेक्शन की परिचालन क्षमता में वृद्धि दर्ज की गई है। इसका प्रत्यक्ष लाभ ट्रेनों की गति और समयबद्धता में सुधार के रूप में यात्रियों को मिल रहा है। सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग में कार्यरत 901 तकनीकी कर्मचारियों को समय-समय पर इरिसेट सिकंदराबाद एवं भायकला मुंबई जैसे संस्थानों में विशेष तकनीकी प्रशिक्षण हेतु भेजा जा रहा है, जिससे वे नवीनतम तकनीकों के अनुरूप दक्ष बने रहें। आगामी महीनों में मंडल के कई अन्य स्टेशनों पर भी इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, आईबीएस , एसएसआई, सीटीसी और ‘कवच’ जैसी आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों के कार्य प्रस्तावित हैं। ये सभी पहल रेलवे को और अधिक संरक्षित, विश्वसनीय और आधुनिक बनाने की दिशा में निर्णायक सिद्ध होंगी। भोपाल मंडल यात्रियों की संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तकनीकी सुदृढ़ता की दिशा में निरंतर अग्रसर है। इंटरलॉकिंग प्रणाली का यह सशक्त नेटवर्क रेलवे की संरचना को भविष्य के लिए तैयार कर रहा है। recent visitors 45