स्टेट फॉरेस्ट कॉल सेंटर स्थापित – शिकायतों पर होगी त्वरित कार्यवाही

भोपाल . प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन एवं वन बल प्रमुख श्री बी.एन. अम्बाडे द्वारा 26 जनवरी 2026 को वन विभाग से संबंधित शिकायतों पर क्विक एक्शन और उनके त्वरित निराकरण के लिये स्टेट फॉरेस्ट कॉल सेंटर वन मुख्यालय, वन भवन तुलसीनगर भोपाल में स्थापित किया गया। कॉल सेंटर के दूरभाष नंबर 0755-2524000, 2524200 पर नागरिक वन विभाग से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकेंगे।   recent visitors 34

असम से जंगली भैंसा लाकर मध्यप्रदेश के वनों में बसाने पर हुई गहन च

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र के विकास, रिजर्व फॉरेस्ट के विस्तार और वन्य जीव संरक्षण की असीम संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में अभूतपूर्व कदम उठा रही है। श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में चीतों की बसाहट के बाद अब असम का जंगली भैंसा भी मध्यप्रदेश के जंगलों में स्वछंद विचरण करता दिखाई देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने असम से जंगली भैंसा मध्यप्रदेश लाने की सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  भूपेंद्र यादव से विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 28 फरवरी को बोत्सवाना से 8 चीते मध्यप्रदेश लाए जाएंगे। चीतों के पुनर्स्थापन के लिए केंद्रीय मंत्री  यादव से आवश्यक सहयोग और व्यवस्थाओं पर भी विस्तृत रूप से बात की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य जीव संरक्षण और जैव-विविधता संवर्धन के लिए केंद्र सरकार के सहयोग के लिये आभार माना केंद्रीय मंत्री  यादव ने प्रदेश के प्रयासों की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय खाद्य मंत्री  प्रह्लाद जोशी से की मुलाकात किसान कल्याण वर्ष और गेहूँ उपार्जन भंडारण की दी जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के हित में मध्यप्रदेश सरकार किसान कल्याण वर्ष मना रही है। इस वर्ष में हमारी सरकार किसानों को उनकी उपज का समुचित मूल्य दिलाने के लिए संकल्पित है। मध्यप्रदेश में गेहूं का उपार्जन एवं भंडारण की प्रक्रिया प्रारंभ होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को नई दिल्‍ली में केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री  प्रह्लाद जोशी से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्री  जोशी से मध्यप्रदेश में मनाए जा रहे किसान कल्याण वर्ष और गेहूं उपार्जन एवं भंडारण व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गेहूं का उपार्जन सरलता से पर्याप्त भंडारण व्यवस्था के साथ होता है। केंद्रीय मंत्री  जोशी ने मध्यप्रदेश को गेहूं उपार्जन में हरसंभव आवश्यक सहयोग देने का आश्वासन दिया है।   recent visitors 35

‘हाथ मिलाना तो दूर…’ राहुल के तंज पर भड़के बिट्टू, कांग्रेस पर साधा सीधा निशाना

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने 'गद्दार' टिप्पणी पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी खुद को ही सबसे देशभक्त समझते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर पंजाब में हिंसा कराने और कत्ल कराने के आरोप लगाए हैं। बिट्टू ने कहा कि वह कभी भी गांधी परिवार के वारिस से हाथ नहीं मिलाएंगे। बुधवार को संसद परिसर में प्रदर्शन के दौरान राहुल ने कई सांसदों के बीच बिट्टू को गद्दार दोस्त कह दिया था। 'गांधी परिवार ने पंजाब में आग लगाई' बिट्टू ने कहा, 'वह समझते हैं कि सबसे बड़े देशभक्त हम ही हैं। पिताजी ने शहादत दी। तो मेरी पार्टी में यही लड़ाई थी कि मेरे दादाजी सरदार बेअंत सिंह। जो आपने आग लगाई थी पंजाब में, ये कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार ने ही आग लगाई। हमारे सबसे बड़े गुरुद्वारा, स्वर्ण मंदिर में गोली लगी। हजारों सिखों को पंजाबियों को इन्होंने निशाना बना बना के कत्ल करवाया। मर्डर कराया।' उन्होंने कहा, 'अगर राजीव गांधी जी का नाम शहीद लेना पड़ता है, तो शहीद-ए-आजम सरदार बेअंत सिंह भी कहना चाहिए। मैं भी उस परिवार से आता हूं, ये तकलीफ है।' केंद्रीय रेल राज्य मंत्री ने कहा, 'जितनी देर मैं आपके साथ था तो ठीक था। अब अगर मैं बीजेपी में हूं तो आप मेरे लिए इन शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। और उसके बाद देखो ये अपने आप को समझते क्या हैं। ये चीज कहकर मुझे हाथ आगे कर रहे हैं। जैसे कोई शहंशाह हों। वह समझते हैं कि मैं मालिक ही हूं इस दुनिया देश का।' हाथ नहीं मिलाऊंगा, बिट्टू बोले उन्होंने कहा, ' मैं गांधी परिवार का न हूं, लेकिन मेरे सिर पर पगड़ी है सरदार की। तो हाथ मिलाने जब बढ़ाया, तो मैंने कहा कि आप देश के गद्दार हो, देश के दुश्मन हो। जो रोज देश और सेना के खिलाफ बात करते हो। पंजाब का हाथ, गांधी परिवार जो सिखों को कातिल है। उस गांधी परिवार के वारिस के साथ मेरा हाथ नहीं मिलेगा।' भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी पर पूरे सिख समुदाय का अपमान करने के आरोप लगाए हैं। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लिखा कि जिस तरह राहुल गांधी ने सम्मानित सिख नेता रवनीत सिंह बिट्टू को संबोधित किया, वो शालीनता और सभ्यता की सारी हदें पार करता है।   recent visitors 43

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री श्री वैष्णव से की सौजन्य भेंट

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से संसद भवन में बुधवार को सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मध्यप्रदेश में रेल से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में संचालित एवं प्रगतिरत रेलवे परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से मध्यप्रदेश के विकास, कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।   recent visitors 32

WhatsApp Premium की एंट्री: पैसे खर्च करने पर मिलेंगे 5 खास फीचर्स, क्या सच में लेना चाहिए सब्सक्रिप्शन?

नई दिल्ली WhatsApp बहुत जल्द सबस्क्रिप्शन फीचर लेकर आने वाला है और इस बात की पुष्टि खुद Meta कर चुका है। इसका मतलब है कि आज नहीं, तो कल WhatsApp चलाने के लिए लोगों को पैसे खर्च करने पड़ेंगे। हालांकि अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक WhatsApp का सब्सक्रिप्शन मॉडल काफी हद तक यूट्यूब जैसा रहेगा। कहने का मतलब है कि लोगों को बिना सब्सक्रिप्शन के भी ऐप इस्तेमाल करने दिया जाएगा और लोग बेसिक फीचर्स भी इस्तेमाल कर पाएंगे। हालांकि Tech Crunch की रिपोर्ट के मुताबिक WhatsApp अपने प्रीमियम यूजर्स को अगग से खास फीचर्स उपलब्ध करवाएगा। ऐसा ही कुछ यूट्यूब भी करता है। लोग फ्री में यूट्यूब को एक्सेस कर सकते हैं लेकिन ज्यादा फीचर्स और विज्ञापनों से बचने के लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता है। चलिए डिटेल में जानते हैं कि WhatsApp के सब्सक्रिप्शन फीचर में क्या कुछ मिलेगा और क्या आपको इसके लिए पैसे खर्च करने चाहिए? सब्सक्रिप्शन में क्या देगा WhatsApp? रिपोर्ट के मुताबिक, WhatsApp अपना सब्सक्रिप्शन लेने वाले यूजर्स को कुछ खास फीचर्स उपलब्ध कराएगा। इसमें से एक स्टेटस टैब में विज्ञापन न दिखाना होगा। इसके अलावा खास स्टीकर्स, ऐप थीम, 3 से ज्यादा चैट्स पिन करने की सुविधा, ऐप का आइकन बदलने की सुविधा और खास रिंगटोन आदि। बता दें कि सब्सक्रिप्शन प्लान में सिर्फ यही फीचर्स नहीं होंगे। बाकी के फीचर्स और सब्सक्रिप्शन प्लान की कीमत का खुलासा होना अभी बाकी है। क्या Chat करने के भी लगेंगे पैसे? WhatsApp के सब्सक्रिप्शन मॉडल के बारे में सुनकर यूजर्स को लग सकता है कि उन्हें ऐप पर चैट करने के लिए भी पैसे देने होंगे। हालांकि ऐसा नहीं है। WhatsApp मुख्य रूप से सब्सक्रिप्शन विज्ञापन मुक्त अनुभव देने के लिए बेचेगा। कहने का मतलब है कि स्टेटस फीचर का इस्तेमाल करते हुए विज्ञापन न देखने के लिए लोगों को पैसे चुकाने होंगे। WhatsApp सब्सक्रिप्शन खरीदना सही होगा? लोगों के मन में अभी से सवाल आने लगे हैं कि क्या WhatsApp का सब्सक्रिप्शन खरीदना ठीक होगा। हालांकि इस बात का फैसला तब करना ज्यादा बेहतर होगा, जब कंपनी सब्सक्रिप्शन प्लान की कीमत और फीचर्स का खुलासा करेगी। हालांकि लीक्स पर मिल रही जानकारी के आधार पर देखें, तो ज्यादातर लोगों के लिए फ्री WhatsApp चलाते रहना ठीक रहेगा। हर कोई खास फीचर्स या 3 से ज्यादा चैट्स को पिन करना नहीं चाहता। इसके अलावा स्टेटस टैब में दिखने वाले विज्ञापन से भी लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं होनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि स्टेटस काफी छोटे होते हैं और यूट्यूब की तरह वहां लोग लंबे वीडियो नहीं देखते। बता दें कि फिलहाल इंस्टाग्राम स्टोरीज में विज्ञापन दिखते हैं और लोगों को उससे परेशानी नहीं है। कब शुरू होगा WhatsApp का सब्सक्रिप्शन मॉडल? रिपोर्ट्स के मुताबित, WhatsApp के आने वाले सब्सक्रिप्शन मॉडल पर अभी Meta की ओर से ऑफिशियली सिर्फ यह जानकारी मिली है कंपनी इस पर काम कर रही है। इसके अलावा WhatsApp के सब्सक्रिप्शन मॉडल के बारे में ऐप के एक बीटा वर्जन 2.26.3.9 के कोड से भी पता चला है। ऐसे में हो सकता है कि WhatsApp तुरंत अपना सब्सक्रिप्शन मॉडल पेश न करे लेकिन ऐसा जल्द हो सकता है। recent visitors 45

यात्रियों की सुविधा में नया आयाम : पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के प्रयास से अंबिकापुर-दुर्ग एक्सप्रेस अब रायपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म-1 से चलेगी

रायपुर. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने यात्रियों की सुविधा संवर्धन की दिशा में एक सराहनीय पहल की है। उनके प्रयासों के फलस्वरूप गाड़ी संख्या 18242 (अंबिकापुर-दुर्ग एक्सप्रेस) अब रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 01 से प्रस्थान करेगी। यह व्यवस्था दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे प्रशासन के सहयोग से लागू कर दी गई है। राजधानी रायपुर की आम जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल के कार्यालय ने मंडल रेल प्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर को पत्र लिखकर इस सुविधा की मांग की थी। पत्र में यात्रियों को होने वाली असुविधाओं का विस्तृत उल्लेख करते हुए त्वरित कार्रवाई की अपील की गई थी। मंडल रेल प्रबंधक द्वारा इस पत्र का शीघ्र संज्ञान लेते हुए गाड़ी को प्लेटफॉर्म-01 पर लेने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस जनहितैषी निर्णय से अंबिकापुर, दुर्ग सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आने वाले हजारों यात्रियों को अब प्लेटफॉर्म बदलने की झंझट से मुक्ति मिलेगी। विशेष रूप से बुजुर्ग, महिलाओं और बच्चों के लिए यह व्यवस्था वरदान साबित होगी।  मंडल रेल प्रबंधक एवं संबंधित रेल अधिकारियों के सहयोग के लिए पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने उन्हें धन्यवाद ज्ञापित करते हुए समस्त यात्रियों को इस सुविधा के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। recent visitors 33

राहुल के आरोपों पर रिजिजू ने ली चुटकी, बोले— हम थक गए, उनकी चुप्पी नहीं टूटी

नई दिल्ली लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा बोलने की अनुमति न मिलने को लेकर लिखे गए पत्र के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। इस मामले पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया है कि संसद नियमों से चलती है, किसी की मनमर्जी से नहीं।   संसद के मौजूदा बजट सत्र के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि सदन में महत्वपूर्ण मुद्दों पर बोलते समय उन्हें रोका जा रहा है या पर्याप्त समय नहीं दिया जा रहा है। राहुल गांधी का तर्क है कि विपक्ष के नेता के नाते उन्हें अपनी बात रखने का लोकतांत्रिक अधिकार है, जिसे दबाया जा रहा है। किरेन रिजिजू का पलटवार राहुल गांधी के आरोपों पर जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार ने उनके पत्र का उत्तर दे दिया है। रिजिजू ने राहुल गांधी के रवैये पर सवाल उठाते हुए करारा तंज कसा। संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा- 'हम लोग भी रुक-रुक के थक गए हैं। वो बोलते ही नहीं हैं। वे नियम से बाहर बोलते हैं। हम लोगों ने दो दिन इंतजार किया। बाकी लोगों को भी तो बोलने का मौका मिलना चाहिए न। वे (राहुल गांधी) अपनी मर्जी से थोड़ी न बोलेंगे…ये भारत की संसद है। यहां नियम से बोलना पड़ता है।' केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा- कांग्रेस पार्टी 'थेथरोलॉजी' का जमात हो गया है। राहुल गांधी और उनके लोग झूठ और गलत जानकारी फैलाते हैं। वे लोकतंत्र को शर्मसार करते हैं। वे संसद को कांग्रेस पार्टी का ऑफिस समझते हैं। वे संसद के खिलाफ बोलते हैं और कभी भी सकारात्मक नहीं सोचते। राहुल गांधी के नेतृत्व में, वे एक साज़िश के तहत देश के खिलाफ काम करते हैं… राहुल गांधी झूठ बोलते हैं।   प्रियंका का रिएक्शन, सांसदों का प्रदर्शन इससे पहले जब कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा से पूछा गया कि क्या विपक्ष आज संसद में PM को बोलने देगा तो उन्होंने कहा- देखते हैं क्या होता है।' इस बीच कांग्रेस सांसदों ने 'PM समझौता कर चुके हैं' वाला पोस्टर लेकर संसद की सीढ़ियों पर विरोध प्रदर्शन किया। कल, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर मीडिया से बात करते हुए यही आरोप लगाया था। लोकसभा सांसद गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, बी. मणिक्कम टैगोर, डॉ. प्रशांत यादवराव पाडोले, चमाला किरण कुमार रेड्डी और एस. वेंकटेशन को कल सदन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा चीन का मुद्दा उठाने के दौरान सदन के नियमों का उल्लंघन करने के लिए संसद के बाकी सत्र के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। सस्पेंड किए गए लोकसभा सांसद गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, बी. मणिक्कम टैगोर, डॉ. प्रशांत यादवराव पाडोले, चमाला किरण कुमार रेड्डी और एस. वेंकटेशन ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। राहुल गांधी का बड़ा आरोप इससे पहले राहुल गांधी ने अपने पत्र में सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सोमवार को जिस तथ्य को प्रमाणित करने के बहाने उन्हें बोलने से रोका गया है उसकी प्रमाणिकता के संदर्भ में उन्होंने सदन के पटल पर दस्तावेज पेश कर दिया है। उन्होंने लिखा- आपने जिस दस्तावेज को प्रमाणित करने का निर्देश दिया था आज मैंने अपनी बातचीत को पुनः शुरू करते हुए उस को प्रमाणित कर दिया। सदन की लंबी परंपरा में पूर्ववर्ती अध्यक्षों के ऐसे मामलों में समय समय पर दिए गए निर्णय भी शामिल हैं। सदन में किसी दस्तावेज का उल्लेख करने वाला सदस्य प्रस्तुत तथ्यों को प्रमाणित करने के लिए बाध्य होता है और इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद अध्यक्ष उस सदस्य को दस्तावेज का उद्धरण देने या उसका उल्लेख करने की अनुमति देते हैं। इसके बाद उस दस्तावेज पर प्रतिक्रिया देने का काम सरकार का हो जाता है और अध्यक्ष की भूमिका समाप्त हो जाती है। राहुल गांधी ने आगे लिखा- आज मुझे लोकसभा में बोलने से रोका जाना न केवल इस परंपरा का उल्लंघन है, बल्कि यह एक गंभीर चिंता भी पैदा करता है कि विपक्ष के नेता के रूप में राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मामलों पर मुझे जानबूझकर बोलने से रोका जा रहा है। यह दोहराना उचित होगा कि राष्ट्रीय सुरक्षा राष्ट्रपति के अभिभाषण का एक प्रमुख हिस्सा थी, जिस पर संसद में चर्चा आवश्यक है।   recent visitors 36