मुझे मालिक नहीं, भाई कहो.. क्या हुआ जब राहुल गांधी ने मोची रामचैत को किया फोन

Call me brother, not master.. What happened when Rahul Gandhi called cobbler Ramchait?

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उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर पहुंचने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी पिछले सप्ताह एक मोची की दुकान पर गए थे. इस दौरान राहुल गांधी ने अपने हाथ से जुते की सिलाई की थी और बाद में मोची को एक मशीन भेजी थी. अब मोची रामचैतने राहुल गांधी के लिए रिटर्न दिया है, जो राहुल गांधी को खूब पसंद आया है. मोची रामचैत ने चमड़े का काला जूता बनाकर भेजा है, जो राहुल को खूब पसंद आए. इसके बाद उन्होंने रामचैत को फोन किया और धन्यवाद दिया. हालांकि, इस दौरान जब रामचैत ने राहुल को मालिक कहकर संबोधित किया तो उन्होंने टोक दिया और कहा कि मुझे मालिक नहीं, भाई कहो.

राहुल गांधी ने शेयर किया 5 मिनट का वीडियो

राहुल गांधी ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है और लिखा कि पिछले दिनों सुल्तानपुर से वापस आते वक्त रास्ते में जूतों के कारीगर रामचेत जी से मुलाकात हुई थी, उन्होंने मेरे लिए प्रेम भाव से अपने हाथों से बनाया एक बहुत ही कम्फर्टेबल और बेहतरीन जूता भेजा है. राहुल गांधी ने कहा कि कामगार परिवारों के ‘परंपरागत कौशल’ में भारत की सबसे बड़ी पूंजी छिपी है. देश के कोने-कोने में अलग-अलग स्किल वाली ऐसी करोड़ों प्रतिभाएं हैं. अगर इन ‘भारत बनाने वालों’ को जरूरी समर्थन मिले तो वह अपनी ही नहीं, देश की भी तकदीर बदल सकते हैं.

मुझे मालिक नहीं, भाई कहो: राहुल गांधी

जब रामचैत ने राहुल गांधी के लिए 2 जोड़ी जूते भेजे तो उन्होंने रामचैत को फोन किया और धन्यवाद दिया. राहुल ने कहा, ‘आपने मेरे लिए बहुत सुंदर जूता भेजा है. बहुत बहुत धन्यवाद.’ इसके बाद रामचेत ने कहा कि आपने हमे बहुत ऊपर उठा दिया है मालिक. इस पर राहुल गांधी ने उन्हें टोका और कहा कि आप मालिक ना कहो, भाई कहो. मालिक शब्द अच्छा नहीं है.

26 जुलाई को रामचैत की दुकान पर गए थे राहुल

बता दें कि राहुल गांधी 26 जुलाई को सुल्तानपुर गए थे. इस दौरान उन्होंने रामचेत नाम के मोची से मुलाकात कर उनके काम और मुश्किलों के बारे में जाना था. इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता ने एक चप्पल भी सिली थी. अब राहुल गांधी ने इस मुलाकात का पूरा वीडियो ‘एक्स’ पर शेयर किया है. कुलियों के एक समूह ने सोमवार (5 अगस्त) को दिल्ली राहुल गांधी से मुलाकात की और उनके साथ अपनी परेशानियों को शेयर किया. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी उन्हें सौंपा. इस दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थीं.

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