Former CM Digvijay Singh took a dig at PM and said- Modi should tell the investment and employment figures to the public
भोपाल ! पूर्व मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की दिल्ली फ्लाइट में एयर इंडिया के प्लेन में सामने आई टूटी कुर्सी को लेकर, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उनका समर्थन करने के साथ ही कटाक्ष भी किया। सोमवार को इंदौर दौरे पर आए सिंह ने हंसते हुए कहा कि वह भी उसी विमान में सवार थे, परंतु उनकी कुर्सी में कोई खामी नहीं थी। भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के संदर्भ में, सिंह ने आरोप लगाया कि कमलनाथ के कार्यकाल के बाद, पीएम मोदी को अपने भाषण में अन्य सभी ग्लोबल समिट्स का पूरा विवरण देना चाहिए। उन्होंने यह भी पूछा कि सीएम शिवराज सिंह चौहान के शासनकाल के दौरान कितनी मीटिंग्स हुईं, कितने निवेश समझौते किए गए और कितने लोगों को रोजगार के अवसर मिले इन सभी आंकड़ों का हिसाब क्यों नहीं रखा गया।
टूटी कुर्सी की शिकायत करने का कोई मतलब नहीं
दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय मंत्री को विमान में फर्स्ट रो की सीट आवंटित की जाती है, और यदि ऐसा नहीं हुआ तो यह एयर इंडिया की त्रुटि है तथा उन्हें उचित सीट प्रदान की जानी चाहिए थी। जहां तक टूटी कुर्सी का सवाल है, उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं कभी-कभार हो ही जाती हैं और शिकायत करने का कोई मतलब नहीं बनता, खासकर एक-डेढ़ घंटे की उड़ान के संदर्भ में।
महाकुंभ में पानी को साफ नहीं किया गया
प्रयागराज के महाकुंभ में पानी की गुणवत्ता को लेकर सिंह ने बताया कि यह मामला अब एनजीटी के पास भेजा जा चुका है। हालांकि, विभिन्न लैब रिपोर्ट्स में पानी में मल-मूत्र के अंशों का पता चला है। मुद्दे का मूल यह है कि जब साढ़े सात हजार करोड़ सफाई के लिए खर्च हुए, तो केमिकल डालकर पानी को सुधारने का प्रयास क्यों नहीं किया गया।
ट्रंप भारत का अपमान कर रहे
सिंह ने आगे आरोप लगाया कि एक ओर पीएम मोदी ट्रंप को अपना मित्र बताते हैं और प्रशंसा भरी बातें करते हैं, वहीं दूसरी ओर वे निरंतर भारत का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि भारत जैसा टैरिफ लगाता है और अमेरिका भी समान कदम उठाने लगे, तो इससे हमारे दुग्ध उत्पादक, किसान और अमूल को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। पीएम मोदी के अमेरिका में रहते समय, जहाँ अवैध निवास करने वालों को मिलिट्री एयरक्राफ्ट में बेड़ियां बांधकर भेजा गया था, वहीं कई छोटे देशों ने तो अपना विमान भेजने की व्यवस्था भी की थी। ऐसी स्थिति में पीएम मोदी को कड़ी आपत्ति जतानी चाहिए थी।
ईवीएम में गड़बड़ी की बात उठाई
सिंह ने कहा कि ईवीएम में गड़बड़ी है, जैसा कि मस्क और ट्रंप समेत कई इस बात पर जोर दे रहे हैं, पर पीएम मोदी अपने मित्र की बात को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। उनका मानना है कि चुनाव आयोग अब निरंकुश बन चुका है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि लोकतंत्र को बचाए रखने के लिए आवश्यक नियंत्रण लागू किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि महाराष्ट्र में चुनाव से पहले चार वर्षों में 38 लाख मतदाता जोड़े गए, जबकि चुनाव से पूर्व केवल छह महीनों में 42 लाख मतदाताओं की संख्या में वृद्धि देखी गई। यह स्थिति कैसे संभव हुई, यह सवाल उठता है। कांग्रेस के मतदाताओं को निशाना बनाकर वोटरों की संख्या में कटौती की जा रही है, और इसमें कांग्रेस की भी अपनी कमियाँ हैं क्योंकि अब तक बूथ स्तर पर एजेंट नियुक्त नहीं किए गए।
बागेश्वर धाम पर बोले धर्म का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए उपयोग न हो
बागेश्वर धाम में अस्पताल के भूमिपूजन के अवसर पर, सिंह ने पीएम मोदी तथा बागेश्वर बाबा की सराहना करते हुए कहा कि नर ही नारायण हैं – यही सम्पूर्ण सनातन धर्म का सार भी है। उनका कहना था कि धर्म का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। यदि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में गरीबों की सहायता करते हुए संस्थागत सुधार किए जाएं, तो इसका प्रभाव कहीं अधिक सकारात्मक होगा।
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