औचक निरीक्षण : मीटर में अनियमितता पाए जाने पर मीटर सील कराया गया तथा लैब में परीक्षण के लिये भेजा गया

भोपाल अपर मुख्य सचिव ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने  ग्वालियर सिटी के सुरेश नगर एवं प्रमिला प्लाजा एरिया का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया की उक्त क्षेत्र के अनेक उपभोक्ता अटल गृह ज्योति योजना का लाभ ले रहे हैं, जबकि उनके परिसर काफी बड़े हैं और उनके परिसर का विद्युत भार भी स्वीकृत भार से अधिक है। उन्होंने सुरेश नगर के उपभोक्ता अशोक कुमार शुक्ला के परिसर का मीटर सील कराकर मीटर टेस्टिंग लैब में भिजवाया। इसी प्रकार प्रमिला प्लाजा एरिया में 5-6 उपभोक्ताओं के मीटर में अनियमितता पाए जाने पर मीटर सील कराया गया तथा लैब में परीक्षण के लिये भेजा गया। निरीक्षण के दौरान मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल एवं मुख्य महाप्रबंधक ग्वालियर क्षेत्र राजीव गुप्ता उपस्थित थे। गौरतलब है की इन उपभोक्ताओं द्वारा अटल गृह ज्योति योजना का लाभ लिया जा रहा था, जबकि इनके परिसर का लोड स्वीकृत भार से कहीं अधिक पाया गया है। प्रकरणों में विस्तृत जांच की जा रही है।   recent visitors 111

मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि खंडवा शहर में बायपास एवं रिंग रोड के लिये कार्ययोजना तैयार की जाये

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि खंडवा के समग्र विकास के लिये कोई कमी नहीं रखी जायेगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से विकास कार्यों एवं योजनाओं पर सतत निगरानी रखे जाने के लिये भी कहा। नगरीय विकास मंत्री श्री विजयवर्गीय  खंडवा में स्विमिंग पूल के लोकार्पण कार्यक्रम के समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि खंडवा शहर में बायपास एवं रिंग रोड के लिये कार्ययोजना तैयार की जाये। इस पर प्राथमिकता के साथ राज्य सरकार से मंजूरी दिलाई जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का सपना है कि वर्ष 2047 तक जब देश स्वंतत्रता के 100 वर्ष पूर्ण करेगा तब भारत दुनिया का शक्तिशाली राष्ट्र होना चाहिए, इसके लिये काम प्रारंभ कर दिया गया है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक गरीब परिवार का स्वयं का आवास हो इसके लिये तेजी से प्रयास किये जा रहे है। खंडवा नगर निगम महापौर श्रीमती अमृता यादव ने कहा कि शहर में जल संकट को दूर करने के लिये 137 करोड़ रूपये की योजना पर कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में बताया गया कि स्विमिंग पूल का निर्माण 7 करोड़ रूपये की लागत से किया गया है। पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री कविन्द्र कियावत ने बताया कि स्विमिंग पूल का निर्माण जनभागीदारी से किया गया है। गौरव दिवस समारोह को किया संबोधित नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री विजयवर्गीय ने खंडवा के गौरव दिवस समारोह को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि महान पाश्रर्व गायक स्व. किशोर कुमार ने संगीत के क्षेत्र में अपने श्रेष्ठ गायन से अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा है। उनकी जयंती को खंडवा में गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने युवाओं आग्रह किया कि वे अपनी प्रतिभा को निखारे और खंडवा के नाम को देश दुनिया में गौरवन्वित करे। कार्यक्रम को सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल, महापौर श्रीमती अमृता यादव एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने संबोधित किया। इस मौके पर लोक नृत्य के साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये गये। इस मौके पर निकाली गई गौरव यात्रा शहर के मुख्य मार्गों से निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में नागरिकों की भागीदारी रही।   recent visitors 118

नवीन योजना में मंजूर किये गये तथा प्रशासकीय स्वीकृति भी जारी होने वाले निर्माण कार्यों में काम प्रारंभ

भोपाल राज्य सरकार के लोक परिसम्पति प्रबंधन विभाग के अधीन नवीन योजना 'लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन जिला प्रोत्साहन' योजना में जिले की आधारभूत संरचनाओं को और अधिक बेहतर और सुदृढ़ करने के लिये आवश्यकता एवं प्रस्ताव अनुसार धनराशि आवंटित की जाती है। लोक परिसम्पतियों का सुचारू प्रबंधन करने के लिये विभाग द्वारा गत वित्त वर्ष 2023-24 में निर्वर्तित परिसम्पत्ति से 14 जिलों को पात्रतानुसार वांछित धनराशि जारी की गई है। योजना में विभाग द्वारा 14 जिलों से प्राप्त प्रस्ताव के अनुसार 124 कार्यों की पूर्णता के लिये कुल 78 करोड़ 96 लाख 46 हजार रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। योजना क्रियान्वयन (कार्य पूर्णता) के लिये विभाग द्वारा गुना जिले में 14 कार्यों के लिये 89 लाख 81 हजार रूपये, जबलपुर में 31 कार्यों के लिये 8 करोड़ 77 लाख 93 हजार रूपये, दमोह में एक कार्य के लिये 31 लाख 74 हजार रूपये, कटनी में सात कार्यों के लिये 27 लाख 82 हजार रूपये, ग्वालियर में 6 कार्यों के लिये 3 करोड़ 87 लाख 51 हजार रूपये, इंदौर में 4 कार्यों के लिये 19 करोड़ 33 लाख 51 हजार रूपये एवं छिंदवाड़ा जिले में 22 कार्यों के लिये एक करोड़ 83 लाख 75 हजार रूपये, की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इसी प्रकार सागर जिले में 4 कार्यों के लिये 13 करोड़ 48 लाख 23 हजार रूपये, भोपाल में 6 कार्यों के लिये 20 करोड़ 19 लाख 44 हजार रूपये, धार में 3 कार्यों के लिये 3 करोड़ 8 लाख 75 हजार रूपये, खरगोन में 17 कार्यों के लिये 5 करोड़ 5 लाख 28 हजार रूपये, सतना में 7 कार्यों के लिये एक करोड़ 6 लाख 25 हजार रूपये, नर्मदापुरम में एक कार्य के लिये 30 लाख 9 हजार रूपये तथा आगर-मालवा जिले में एक कार्य के 46 लाख 35 हजार रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति विभाग द्वारा जारी की गई है। वर्तमान वित्त वर्ष 2024-25 में इस नवीन योजना में विगत वित्त वर्ष में मंजूर किये गये तथा प्रशासकीय स्वीकृति भी जारी होने वाले निर्माण कार्यों में काम प्रारंभ हो गया है। जिलों से मंजूर निर्माण कार्यों के अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन (अपडेट रिपोर्ट) भी भेजे जा रहे हैं।   recent visitors 136

CM मोहन यादव बेंगलुरू इन्वेस्ट मीट में उद्योगपतियों को खनिज क्षेत्र में निवेश के लिये करेंगे प्रोत्साहित

भोपाल मध्य प्रदेश में खनिज संपदा के 33 ब्लॉकों की नीलामी की तैयारी की जा रही है। इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दो दिवसीय प्रवास पर बेंगलुरू जाने वाले है। जहां वे 8 अगस्त को इंटरेक्टिव सेशन में प्रदेश में उपलब्ध खनिज संपदा पर उद्योगपतियों का ध्यान आकर्षित कर निवेश के लिये प्रोत्साहित करेंगे। गौर तलब है कि मिनरल ऑप्शन के लिये मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पहला पुरस्कार भी मिल चुका है। मध्य प्रदेश में खनिज संपदा की भरपूर संभावनाएं हैं, जिनमें एल्युमिनियम, लेटराइट, बॉक्साइट, मेटल, डायमंड, गोल्ड, लाइमस्टोन और मैंगनीज जैसे महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं। राज्य में खनिज संपदा की नीलामी के लिए 33 ब्लॉकों की पहचान की गई है, जिनमें 17 कोल ब्लॉक और 20 प्रमुख खनिजों के ब्लॉक शामिल हैं। पिछले साल एक साथ 51 ब्लॉक का आक्शन हुआ था, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बेंगलुरू में उद्योगपतियों के साथ एक इंटरेक्टिव सेशन में भाग लेंगे, जहां वे मध्य प्रदेश में खनिज संपदा की संभावनाओं की जानकारी देंगे और उद्योगपतियों को निवेश के लिए प्रेरित करेंगे। प्रदेश के 17 कोल ब्लॉक के ऑक्शन भी प्रक्रिया में है। प्रमुख खनिजों के 20 ब्लॉक भी ऑक्शन की प्रक्रिया में है।मध्यप्रदेश में खनिज संपदा में निवेश की बहुत ज्यादा संभावना बनी। लाइमस्टोन भंडार का 9 प्रतिशत राज्य में मध्यप्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है। थर्मल पावर प्लांट्स और कोल गैसीफिकेशन प्लांट्स और उद्योगों के लिए निवेश की भरपूर संभावनाएं हैं। देश के कुल लाइमस्टोन भंडार का 9% मध्यप्रदेश में है। सीमेंट उद्योग के लिए मध्यप्रदेश एक आदर्श निवेश स्थान है। देश में उपलब्ध डायमंड भंडार का 90% मध्यप्रदेश में पाया जाता है। यह अकेले पन्ना और छतरपुर में है। डायमंड बिजनेस पार्क और और कंपोजिट लाइसेंस के लिए 5 ब्लॉक की पहचान की गई है। मध्यप्रदेश पायरोफ्लाइट के उत्पादन में भी अग्रणी राज्य है। देश के उत्पादन का 41% मध्यप्रदेश में देश में सर्वाधिक भंडार 14 मिलियन टन मध्यप्रदेश में है, जो छतरपुर, शिवपुरी और टीकमगढ़ में है। देश में सेरेमिक, पॉटरी, पोर्सलिन और टाइल्स उद्योगों के लिए सबसे लाभकारी निवेश स्थान है। समृद्ध खनिज संपदा पूरा मध्यप्रदेश खनिज संपदा से भरा पड़ा है। ग्वालियर और शिवपुरी में आयरन और क्वार्ट्ज और फ्लैगस्टोन पाया जाता है। झाबुआ और अलीराजपुर में रॉक फास्फेट डोलोमाइट, लाइमस्टोन, मैंगनीज और ग्रेफाइट मिलता है। नीमच में लाइमस्टोन, बैतूल में कोल, ग्रेफाइट ग्रेनाइट, लेड और जिंक मिलता है। छिंदवाड़ा में कोल, मैंगनीज और डोलोमाइट मिलता है बालाघाट में कॉपर, मैंगनीज, डोलोमाइट, लाइमस्टोन, बॉक्साइट, मंडला और डिंडोरी में डायमंड, डोलोमाइट और बॉक्साइट, सिंगरौली में कोल, गोल्ड, आयरन और शहडोल, अनूपपुर, उमरिया में कोल, कॉल बेड मीथेन, बॉक्साइट, सागर, छतरपुर और पन्ना में डायमंड, रॉक फॉस्फेट डायस्पोर, आयरन और ग्रेनाइट मिलता है। जबलपुर में डोलोमाइट, आयरन अयस्क, लाइमस्टोन, मैंगनीज, गोल्ड और मार्बल मिलता है। देश में कोयल का उत्पादन 3 लाख 61 हजार 411 मीट्रिक टन है। मध्यप्रदेश में 30 हजार 916 मेट्रिक टन कोल्ड रिजर्व है, जो देश का 8 प्रतिशत है। इसीप्रकार चूना पत्थर देश में 19028.5 मैट्रिक टन है और मध्यप्रदेश में 1692 मिट्रिक टन है, जो देश का 9% है। लौह अयस्क देश में 6209 और मध्यप्रदेश में 54.1 मीट्रिक टन है, जो देश का एक प्रतिशत है। इसी प्रकार तांबा देश में 163.9 मैट्रिक टन है। मध्यप्रदेश में 120.4 मीट्रिक टन है, जो देश का 73 प्रतिशत है। इसी प्रकार मैंगनीज अयस्क 75.0 मीट्रिक टन है। मध्यप्रदेश में 19.6 मिट्रिक टन है, जो देश का 26% है। बॉक्साइट 640.5 मीट्रिक टन है और मध्यप्रदेश में 18.6 मीट्रिक टन है, जो देश का तीन प्रतिशत है। रॉक फॉस्फेट देश में 30.9 मैट्रिक टन रिजर्व है और मध्यप्रदेश में 9.0 मीट्रिक टन है, जो 29% है। राष्ट्रीय रैंकिंग में भी आगे राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश तांबा, मैग्नीज और हीरा उत्पादन में पहले स्थान पर है। इसी तरह रॉक फास्फेट में दूसरे, चूना पत्थर में तीसरे और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर है। recent visitors 97

ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा आबादी को 24 घंटे और किसानों को 10 घंटे विद्युत आपूर्ति करना राज्य शासन का संकल्प है

भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि आबादी को 24 घंटे और किसानों को 10 घंटे विद्युत आपूर्ति करना राज्य शासन का संकल्प है। इस संकल्प की पूर्ति के लिये रिवेम्प्ट डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम स्कीम (आरडीएसएस) और एसएसटीडी योजना के अंतर्गत 33/11 केव्ही उपकेन्द्र, 33 केव्ही लाईन, 11 केव्ही लाईन के स्वीकृत विस्तार कार्य ग्वालियर एवं चंबल संभाग में समय-सीमा में पूरे होने चाहिए। आरडीएसएस योजना के कामों का लाभ जनता को मिल सके, इसके लिये रणनीति बनाकर कार्य करें और योजना समय-सीमा में पूरी करें। उन्होंने कहा कि घोषित अवधि में गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को मिलना चाहिए। तोमर सोमवार को ट्रिपल आईटीएम के सभागार ग्वालियर में ग्वालियर एवं चंबल संभाग के विद्युत अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। ऊर्जा मंत्री तोमर ने बिजली अधिकारियों को सचेत किया कि मेंटेनेंस प्रभावी ढंग से किया जाए ताकि ट्रिपिंग कम से कम हो और फॉल्ट की गुंजाइश न रहे। उन्होंने ग्वालियर शहर में निर्माणाधीन 132 केव्ही विद्युत उपकेन्द्र की समीक्षा की और आशा व्यक्त की कि इस उपकेन्द्र का काम जल्द ही पूर्ण कर लिया जायेगा। उन्होंने उद्योगो को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिये कहा। प्रधानमंत्री जनजातीय नागरिक महाअभियान (पीएम-जनमन) के प्रथम चरण के काम पूरा होने पर संतोष व्यक्त किया और द्वितीय चरण की प्रगति की समीक्षा की। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अच्छे कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाए तथा कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को समुचित दण्ड दिया जाए। उन्होंने जनता से संवाद बनाए रखने के लिये ग्रामीण क्षेत्र में चौपाल लगाने और शहरी क्षेत्र में जन संवाद कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की “कुसुम” योजना से कृषि क्षेत्र के पम्प उपभोक्ताओं को लाभान्वित करने की पहल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास केन्द्रों के लिये अतिरिक्त गाड़ी एवं कुशल कर्मचारियों की व्यवस्था की जा रही है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने ग्वालियर एवं चंबल संभाग के अधिकारियों को विद्युत आपूर्ति के साथ-साथ पेईंग कंज्यूमर बढ़ाने तथा सकल वाणिज्यिक व तकनीकी हानियां (एटीएण्डसी लॉसेस) कम करने पर बल दिया। इस दौरान विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर ग्वालियर-चंबल संभाग की विद्युत वितरण व्यवस्था को लेकर 90 दिन की कार्ययोजना, पाँच वर्ष की कार्ययोजना और सकल वाणिज्यिक व तकनीकी हानियां एवं राजस्व वसूली के प्रयासों की समीक्षा की गई।   recent visitors 131

दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना भारत में चलाई जा रही, स्वास्थ्य बजट के आवंटन में 164 % की बढ़ोतरी : जेपी नड्डा

 नई दिल्ली  केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने लोगों के स्वास्थ्य को मोदी सरकार की प्राथमिकता बताते हुए दावा किया है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना भारत में चलाई जा रही है और स्वास्थ्य बजट के आवंटन में भी 164 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से संबंधित अनुदान मांगों पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि मोदी सरकार सिर्फ घोषणाएं ही नहीं करती, बल्कि उसे धरातल पर सफल बनाने के लिए भी योजनाबद्ध तरीके से काम करती है। विपक्षी दलों के हंगामे के बीच लोकसभा में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारी सरकार सक्रिय और प्रतिक्रियाशील रही है। वर्ष 2013-14 में स्वास्थ्य का जो बजट 33,278 करोड़ रुपए था, आज उस बजट को बढ़ाकर 90,958 करोड़ रुपए कर दिया गया गया है। स्वास्थ्य बजट के इस आवंटन में 164 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य के बजट में यह बढ़ोतरी लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल को प्राथमिकता देने और भारतीयों नागरिकों की भलाई सुनिश्चित करने की मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नड्डा ने कहा कि एनडीए की पहली सरकार (अटल बिहारी वाजपेयी सरकार) से पहले देश में एक एम्स था, अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान 6 एम्स खोले गए। वर्तमान मोदी सरकार के कार्यकाल में 22 एम्स को मंजूरी दी गई, जिसमें से 18 ऑपरेशनल और 4 निर्माणाधीन हैं। अपने जवाब के दौरान विपक्षी दलों के हंगामे पर सदन में पलटवार करते हुए नड्डा ने कहा कि राजनीति करनी है तो करिए और सच्चाई सुननी है तो सुनिए। उन्होंने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर भी निशाना साधते हुए बीमारी से संबंधित आंकड़ों को केंद्र के साथ शेयर नहीं करने का आरोप लगाया। नड्डा ने सदन के माध्यम से देश को यह भी बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत 12 करोड़ परिवार यानी 55 करोड़ से ज्यादा लोगों को 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी गई है। इसके साथ ही 1.73 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए गए हैं। दुनिया के देश भारत के आयुष्मान भारत योजना का अध्ययन कर रहे हैं। सरकार ने आयुष्मान भारत, मुफ्त दवाइयों एवं जांच सुविधाओं सहित स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य सुविधाओं पर जोर देकर आउट ऑफ पॉकेट खर्च को 62 प्रतिशत से कम कर 47.1 प्रतिशत पर पहुंचाया है। उन्होंने कोविड के संकट काल के दौरान मोदी सरकार द्वारा चलाए गए दुनिया के सबसे बड़े और सफल टीकाकरण अभियान का भी जिक्र करते हुए पिछली सरकारों की तुलना में मोदी सरकार द्वारा तेजी से कामकाज किए जाने का दावा किया। जेपी नड्डा के जवाब के बाद लोकसभा ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से संबंधित अनुदान मांगों को ध्वनिमत से पारित कर दिया। recent visitors 155

मंडी में 9 सालों से चल रहा है देसी घी के पराठे का भंडारा, रोजाना बनते हैं 5 हजार पराठें

 मंडी भंडारा सुनते ही मुंह में पानी आने लगता है। आपने ज्यादातर भंडारों में दाल-चावल, सब्जी-रोटी या फिर हलवा-खीर-पूरी आदि खाए होंगे, लेकिन मंडी जिले में सावन महीने के दौरान एक ऐसा भंडारा भी लगता है जिसमें दिन भर सिर्फ और सिर्फ देसी घी से बने पराठे ही खिलाए जाते हैं। यह भंडारा सजता है चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर नागचला स्थित हनुमान मंदिर के पास। आप यहां चाहे सुबह जाएं, दोपहर को या फिर शाम को, यहां आपको देसी घी में बने तरह-तरह के पराठे ही खाने को मिलेंगे। हम बात कर रहे हैं हिमाच के मंडी जिले में लगने वाले पराठों के लंगर की। इस लंगर में देसी घी से बने पराठें भक्तों को परोसे जाते हैं। सुबह से शाम तक यहां हजारों पराठें बनाए जात हैं। यह भंडारा सजता है चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर नागचला स्थित हनुमान मंदिर के पास लगता है। ये लंगर पिछले 9 सालों से चल रहा है। कौन करता है भंडारे का आयोजन बता दें कि पराठों का ये भंडारा हर साल सावन के महीने में लगता है। ये परंपरा पिछले 9 सालों से चल रही है। पराठों का ये लंगर सुबह शुरू होता है और शाम तक चलता है। पराठे के भंडारे की प्रथा को वर्ष 2016 में स्वयं बाबा शंभू भारती ने शुरू किया था। उसके बाद हर साल बाबा शंभू भारती के अनुयायी आपसी और जनसहयोग से सावन माह में इस भंडारे का करते आ रहे हैं। 2016 में बाबा शंभू भारती ने शुरू की थी पराठे के भंडारे की प्रथा बीते 9 वर्षों से पराठों के इस भंडारे का आयोजन बाबा शंभू भारती के अनुयायी आपसी और जनसहयोग से हर वर्ष सावन माह में करते आ रहे हैं। आयोजक रमेश भारती ने बताया कि पराठे के भंडारे की प्रथा को वर्ष 2016 में स्वयं बाबा शंभू भारती ने शुरू किया था। उनके स्वर्गवास के बाद अब उनके अनुयायी सभी के सहयोग से हर वर्ष इसे आयोजित कर रहे हैं। रोजाना डेढ़ से दो क्विंटल आटे और 25 से 30 किलो देसी घी के इस्तेमाल से 3 से 5 हजार पराठे बनाकर हर आने-जाने वाले को खिलाए जाते हैं। इस कार्य को करने के लिए बहुत से सेवादार पंजाब से आकर स्वेच्छा से यहां अपना योगदान देते हैं। 'लोगों के लिए मददगार साबित होता है ये भंडारा' स्थानीय निवासी चेतन गुप्ता ने बताया कि कुल्लू-मनाली की तरफ जब रास्ता बंद हो जाता है तो अधिकतर वाहनों को नागचला के पास ही रोक दिया जाता है। ऐसी स्थिति में यह भंडारा उन सभी लोगों के लिए मददगार साबित होता है जो रास्ते में फंसे होते हैं और भोजन की तलाश करते हैं। स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में इस भंडारे में आकर पराठे का प्रसाद ग्रहण करते हैं। बता दें कि यह भंडारा सावन माह के दौरान पूरा 40 दिन चलता रहता है। यहां आने वाले हर व्यक्ति को भरपेठ पराठे खिलाए जाते हैं। रोजाना लगता है डेढ़ से दो क्विंटल आटा मंडी में लगने वाले इस लंगर में रोजाना डेढ़ से दो क्विंटल आटे का इस्तेमाल किया जाता है। पराठों को बनाने के लिए 25 से 30 किलो देसी घी का इस्तेमाल रोज होता है। रोजाना 3 से 5 हजार पराठें इस लंगर सेवा में बनाए जाते हैं। यहां हर आने-जाने वाले को पराठें खिलाए जाते हैं। इस कार्य को करने के लिए बहुत से सेवादार पंजाब से आकर स्वेच्छा से यहां अपना योगदान देते हैं। लोगों के लिए मददगार साबित होता है ये लंगर स्थानीय लोगों ने बताया कि कुल्लू-मनाली की तरफ जब रास्ता बंद हो जाता है तो अधिकतर वाहनों को नागचला के पास ही रोक दिया जाता है। ऐसी स्थिति में यह भंडारा उन सभी लोगों के लिए मददगार साबित होता है जो रास्ते में फंसे होते हैं। स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में इस भंडारे में आकर पराठे का प्रसाद ग्रहण करते हैं। यह भंडारा सावन माह के दौरान पूरा 40 दिन चलता रहता है। यहां आने वाले हर व्यक्ति को भरपेठ परांठे खिलाए जाते हैं।   recent visitors 113