पूजा खेडकर के काले कारनामों की लिस्ट कभी वो दृष्टिबाधित बनीं, तो कभी उन्होंने मानसिक रोगी का सर्टिफिकेट लगाया

नई दिल्ली आईएएस की नौकरी गंवा चुकी पूजा खेडकर इन दिनों सुर्खियों में हैं। उनके फर्जीवाड़ों की पूरी फेहरिस्त सामने आ गई थी। सोशल मीडिया पर भी उनकी काफी आलोचना होती रहती है। उनके फर्जी दस्तावेजों के बारे में जब लोगों को पता चला, तब तो लोग और भी ज्यादा भड़क गए। अब सोशल मीडिया पर उनके द्वारा किए गए फर्जीवाड़े की लिस्ट वायरल हो रही है, जिसमें बताया गया है कि उन्होंने किस-किस साल में यूपीएससी एग्जाम अटेम्प्ट किए थे, और उसमें क्या घपलेबाजी की थी। यूजर प्रशांत सिंह ने हाल ही में एक स्क्रीनशॉट शेयर किया है, जिसमें पूजा खेडकर के काले कारनामों की लिस्ट है। कभी वो दृष्टिबाधित बनीं, तो कभी उन्होंने मानसिक रोगी का सर्टिफिकेट लगाया। फिर माता-पिता के नामों में भी फेरबदल किया। अपने नाम में भी कई तरह के बदलाव किए। ये फोटो शेयर करते हुए प्रशांत ने लिखा- ‘एक ओलंपिक्स गोल्ड तो पूजा खेडकर को भी मिलना चाहिए। क्या गजब और कंसिस्टेंट परफॉर्मेंस है!’ दरअसल, पूजा ने जितनी बार भी यूपीएससी की परीक्षा दी, उसमें उन्होंने फर्जी दस्तावेज लगाए, जिससे उन्हें कुछ रियायत मिल जाए। इस लिस्ट को देखकर आपको समझ आएगा कि यूपीएसी ने उन्हें क्यों घेरे में लिया। इस ट्वीट पर कुछ लोगों ने कमेंट किया है। एक ने सवाल किया कि आखिर अब जाकर यूपीएससी को कैसे पता चला कि उसने घपलेबाजी की है? वहीं एक ने कहा- ‘इसे ITUS अवॉर्ड देना चाहिए!’ अगर आप इस कमेंट का अर्थ नहीं समझ पाए, तो बता दें कि अक्षय कुमार, परेश रावल और सुनील शेट्टी की फिल्म फिर हेरा फेरी में अक्षय कुमार एक सीन में बोलते हैं कि उनके पास एक डिग्री है, जिसका नाम है आईटस। जब बिपाशा बासु उस डिग्री का फुल फॉर्म पूछती हैं, तो सुनील शेट्टी तपाक से बोलते हैं- ‘इसकी टोपी उसके सर दरअसल, सुनील, अक्षय के घपलेबाजी करने के स्वभाव पर व्यंग्य करने के लिए ऐसा बोलते हैं। इसी से जोड़ते हुए ट्विटर पर भी यूजर ने पूजा खेडकर को ये अवॉर्ड देने की बात कही।     recent visitors 136

खरीफ फसलों का बुआई क्षेत्र 3 प्रतिशत बढ़कर 904.60 लाख हेक्टेयर हो गया

नई दिल्ली  भारत में इस वर्ष खरीफ फसलों का बुआई क्षेत्र 3 प्रतिशत बढ़कर 904.60 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 879.22 लाख हेक्टेयर था। कृषि मंत्रालय की ओर से एकीकृत किए गए डेटा से यह जानकारी मिली है। धान, दलहन, तिलहन, बाजरा, और गन्ना जैसी मुख्य फसलों की बुआई में बढ़त देखने को मिली है। इसकी वजह देश में सामान्य से अच्छा मानसून होना है। कृषि क्षेत्र में आगे और बढ़त देखने को मिल सकती है। इसकी वजह आम बजट 2024-25 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से कृषि और उससे जुड़े क्षेत्र में उत्पादन बढ़ने और लचीलापन लाने के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित करना है। कृषि क्षेत्र में उत्पादकता और लचीलापन बढ़ाने के लिए किए गए ऐलानों में तिलहन में आत्मनिर्भरता और सब्जी उगाने के लिए बड़े स्तर का क्लस्टर आदि शामिल है। सीतारमण ने कहा कि सरकार की रणनीति सरसों, मूंगफली, तिल, सोयाबीन, और सूरजमुखी जैसे तिलहन में आत्मनिर्भरता हासिल करना है। सरकार इनके उत्पादन, भंडारण और विपणन को मजबूत करेगी। वित्त मंत्री की ओर से आगे कहा गया है कि बड़े स्तर पर सब्जी उत्पादन के क्लस्टर ऐसे स्थानों पर बनाए जाएंगे, जहां खपत काफी ज्यादा है। सरकार उत्पादों के संग्रहण, भंडारण और विपणन सहित सब्जी आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए किसान-उत्पादक संगठनों, सहकारी समितियों और स्टार्टअप को बढ़ावा देगी। सरकार की ओर से सभी बड़ी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागू किया गया है, जिससे किसानों को उनकी फसल की लागत पर कम से कम 50 प्रतिशत मार्जिन मिल सके।     recent visitors 126

सचिन वाझे ने फडणवीस को पत्र लिखकर अनिल देशमुख और जयंत पाटिल पर रंगदारी वसूलने का आरोप लगाया

मुंबई निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाझे ने गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख और राकांपा (एसपी) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल पर रंगदारी वसूलने का आरोप लगाया है। सचिन वाझे ने कहा कि रंगदारी वसूली का पैसा वह खुद अनिल देशमुख और जयंत पाटिल के पीए तक पहुंचाता था। वाझे ने यह भी कहा कि अगर सरकार इस मामले का नार्को टेस्ट करवाती है तो वह इसके लिए पूरी तरह से तैयार है। सचिन वाझे ने ये बातें मीडिया के साथ उस वक्त साझा कीं, जब उसे जेजे अस्पताल में मेडिकल चेकअप के लिए लाया गया। इसके बाद इसे लेकर राजनीति गर्मा गई है। पूर्व रेल राज्य मंत्री राव साहेब दानवे ने कहा कि इस मामले की छानबीन की जानी चाहिए कि आखिर वसूली का पैसा कहां-कहां तक पहुंचा है। यह कोई सामान्य बात नहीं है। वाझे के आरोप गंभीर हैं। पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि इससे पहले वाझे ने 100 करोड़ की वसूली का आरोप लगाया था। उस समय कोर्ट ने कहा था कि आरोपित के वक्तव्य पर विश्वास नहीं किया जा सकता है। अनिल देशमुख ने कहा कि सचिन वाझे से गृहमंत्री फडणवीस झूठा बयान दिलवा रहे हैं और यह सब फडणवीस की ही नई चाल है। शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राऊत ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस ने राज्य की राजनीति को निचले स्तर पर ला दिया है। कल मैं भी जेल में बंद कई आरोपितों को खड़ा कर कहवा सकता हूं कि देवेंद्र फडणवीस ने उनसे वसूली करवाई और पैसे लिये। इसलिए सचिन वाझे के आरोपों का कोई महत्व नहीं है। संजय राऊत ने कहा कि लोकसभा चुनाव में भाजपा को करारा झटका लगा है, इसलिए भाजपा अब क्रिमिनल्स का सहारा विधानसभा चुनाव के लिए ले रही है। उल्लेखनीय है कि सचिन वाझे को उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित अंटिलिया बंगले के पास जिलेटिन बम रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और उस पर एक व्यापारी की हत्या का भी आरोप है। इस मामले में तत्कालीन मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने का आदेश देने का आरोप लगाया था। इसी आरोप के बाद अनिल देशमुख ने गृहमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद इस आरोप की छानबीन मुंबई पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने किया था। परमवीर सिंह ने जांच एजेंसियों को बताया था कि उनके पास कोई सबूत नहीं हैं, उन्होंने सुनी सुनाई बात के आधार पर आरोप लगाया था। जब मामले की छानबीन चल रही थी, उस समय जेल में बंद सचिन वाझे ने भी मुंबई के होटलों से 100 करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलकर अनिल देशमुख के पीए को देने का आरोप लगाया था। हालांकि, कोर्ट ने उनके आरोपों को मानने से मना कर दिया था। अनिल देशमुख को जमानत मिल गई है। पिछले सप्ताह अनिल देशमुख ने कहा था कि जब वे जेल में थे, उस समय गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने समित कदम नामक व्यक्ति को भेजकर उन्हें कहा था कि वे उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे, अजीत पवार और पार्थ पवार पर झूठा आरोप लगाएं, जिससे इन सबको गिरफ्तार किया जाए। इसके बाद उन्हें ईडी छोड़ देगा। अनिल देशमुख ने कहा कि मैंने ऐसा नहीं किया, इसलिए ईडी की कार्रवाई की गई थी। अनिल देशमुख के इस वक्तव्य के एक सप्ताह बाद सचिन वाझे ने अपना पुराना आरोप फिर से नए तरीके से लगाते हुए देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है। हालांकि, इस पत्र पर गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।   recent visitors 122

लक्ष्य सेन को ओलंपिक में स्वर्ण पदक की उम्मीदों को बरकरार रखने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा

पेरिस भारतीय बैडमिंटन की सनसनी लक्ष्य सेन रविवार को जब यहां पेरिस ओलंपिक खेलों के पुरुष एकल सेमीफाइनल में मौजूदा ओलंपिक चैंपियन विक्टर एक्सेलसन से भिड़ेंगे तो उन्हें अपने पहले स्वर्ण पदक की उम्मीदों को बरकरार रखने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। पहली बार ओलंपिक में खेल रहे सेन ने शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल मैच में चीनी ताइपे के चाउ टीएन चेन को 19-21 21-15 21-12 से हराकर भारतीय बैडमिंटन में नया इतिहास रचा। वह ओलंपिक खेलों के व्यक्तिगत पुरुष एकल के सेमीफाइनल में जगह बनाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी हैं। लेकिन अब उनका सामना उस एक्सेलसन से है जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में अपने प्रतिद्वंदियों को कोई मौका नहीं दिया है। डेनमार्क के ओडेंस के रहने वाले इस 30 वर्षीय खिलाड़ी ने तोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक और रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। वह 2017 और 2022 में विश्व चैंपियन रहे। उनके नाम पर 2016 में थॉमस कप की जीत शामिल है। इसके अलावा उन्होंने कई बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर और सुपर सीरीज खिताब जीते हैं। यही नहीं वह दिसंबर 2021 से जून 2024 तक विश्व के नंबर एक खिलाड़ी भी रहे। विश्व चैंपियनशिप 2021 के कांस्य पदक विजेता सेन को डेनमार्क के खिलाड़ी से अभी तक सात बार हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने एक्सेलसन को केवल एक बार 2022 में जर्मन ओपन में हराया था। भारत के 22 वर्षीय खिलाड़ी ने हालांकि अपने से अधिक रैंकिंग के खिलाड़ियों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया है। पेरिस ओलंपिक खेलों में ही उन्होंने ग्रुप चरण में दुनिया के चौथे नंबर के खिलाड़ी जोनाथन क्रिस्टी और क्वार्टर फाइनल में विश्व के 11वें नंबर के खिलाड़ी चाउ को हरा कर अपने कौशल का शानदार नमूना पेश किया। एक्सेलसन ने इस सत्र में केवल एक खिताब मलेशिया मास्टर्स के रूप में जीता है। जून के शुरू में सिंगापुर ओपन के दौरान उनके टखने में चोट लग गई थी जिसके कारण उन्हें इंडोनेशिया ओपन से हटना पड़ा था। दूसरी तरफ सेन अभी अपने करियर में सबसे फिट नजर आ रहे हैं। उनका रक्षण शानदार है क्योंकि उन्होंने कोर्ट को अच्छी तरह से कवर किया है। एक्सेलसन को प्री-क्वार्टर फ़ाइनल में बाई मिली थी। क्वार्टर फ़ाइनल में उन्होंने सिंगापुर के पूर्व विश्व चैंपियन लोह कीन यू को हराया। डेनमार्क का यह खिलाड़ी अपने तीखे स्मैश के लिए जाना जाता है और सेन को धैर्य से उनका सामना करना होगा। सेन के पास ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने का यह बेहतरीन मौका है। अगर वह एक्सेलसन से पार पाने में नाकाम रहते हैं तो उन्हें फिर कांस्य पदक के लिए चुनौती पेश करनी होगी।     recent visitors 137

मध्य प्रदेश सरकार छह और सात अगस्त को दो किश्त में 5 हजार करोड़ रुपये का कर्जा लेगी

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार पर इस वित्तीय वर्ष में चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो जाएगा। इसी के साथ मध्य प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति 50 हजार रुपये से अधिक का कर्जदार होगा। अब तक सरकार 3.75 लाख करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। अब छह और सात अगस्त को दो किस्तों में पांच हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया जाएगा। वहीं, मध्य प्रदेश के कुल बजट की बात करें तो 3.65 लाख करोड़ रुपये का बजट है, लेकिन इससे अधिक मध्य प्रदेश सरकार पर कर्ज है। जीडीपी का तीन प्रतिशत लोन ले सकती है सरकार वित्तीय वर्ष 2024-25 की समाप्ति तक राज्य सरकार पर चार लाख 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक कर्ज होने का अनुमान है, क्योंकि राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के प्रविधान के अनुसार सरकार राज्य सकल घरेलू उत्पाद का तीन प्रतिशत तक ऋण ले सकती है। आधा प्रतिशत ऋण ऊर्जा सहित अन्य क्षेत्रों के लिए विशेष परिस्थिति में लिया जा सकता है। वर्ष 2024-25 में सरकार 65 हजार करोड़ रुपये तक कर्ज ले सकती है। इसका उपयोग विकास परियोजना और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए किया जा सकता है। ऐसे बढ़ा प्रदेश पर कर्ज मार्च 2023 मार्च की स्थिति में प्रदेश पर कुल कर्ज 3,19,109 करोड़ रुपये था। जुलाई 2024 तक मध्य प्रदेश पर 3,75,578 करोड़ रुपये का कर्ज हो गया है। वर्तमान प्रत्येक व्यक्ति है 45 हजार रुपये का कर्जदार जुलाई में लाए गए 3.65 लाख करोड़ रुपये के बजट में कुल राजस्व आय 2.63 लाख करोड़ रुपये है और साल भर के खर्च 3.26 लाख करोड़ रुपये हैं। ऐसे में राज्य सरकार को खर्चों के लिए 31 मार्च 2025 तक और कर्ज लेना होगा। इसमें बाजार से 65 करोड़ रुपये का कर्ज लिया जा सकता है। अभी मप्र सरकार पर जो कर्ज है उसके अनुमान में यह बात सामने आती है कि वर्तमान में मप्र का प्रत्येक व्यक्ति पर 45 हजार रु. का कर्जदार है। मार्च 2025 तक प्रत्येक व्यक्ति 50 हजार से अधिक के कर्ज में होगा। recent visitors 110

CAG रिपोर्ट केअनुसार सिंचाई परियोजनाओं के क्रियान्वयन में देरी से तेलंगाना के खजाने को 1 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त नुकसान

हैदराबाद  तेलंगाना में 1983 से 2018 के बीच शुरू हुई 20 सिंचाई परियोजनाओं की लागत मार्च 2023 तक एक लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये हो गई जिसका कारण इनके क्रियान्वयन में विलंब होना है। भारत के नियन्त्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।  राज्य विधानसभा में रखी गई कैग रिपोर्ट (2022-23 के लिए) के अनुसार, परियोजनाओं के पूरा न होने से राज्य आर्थिक विकास के अपेक्षित लाभ से वंचित हो रहा है और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण में निवेश से मिलने वाले लाभ की कोई गारंटी नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि राज्य सरकार ने किसी भी सिंचाई परियोजना के वित्तीय परिणामों को सामने नहीं रखा है। कैग ने कहा, ‘‘वर्ष 2023 तक पूरी होने वाली 20 सिंचाई परियोजनाएं (1983 से 2018 के बीच शुरू) अधूरी हैं। इन परियोजनाओं की मूल लागत 1,02,388 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,06,977 करोड़ रुपये हो गई है, यानी विलंब की वजह से लागत में 1,04,589 करोड़ रुपये (102 प्रतिशत) की वृद्धि हुई है।’ मार्च 2023 तक इन परियोजनाओं पर 1,73,564 करोड़ रुपये का व्यय हुआ। रिपोर्ट में कहा गया कि सरकार पर 13 अधूरी सिंचाई परियोजनाओं के संबंध में 8,971 करोड़ रुपये की देनदारी है। कैग रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘इन परियोजनाओं/निर्माण के पूरा होने में अत्यधिक देरी से न केवल सरकार पर वित्तीय बोझ साल दर साल बढ़ता जा रहा है, बल्कि जनता को अपेक्षित लाभ से भी वंचित होना पड़ रहा है।’’   recent visitors 142

लंका के स्पिनरों और धीमी पिच से पार पाने का तरीका खोजना होगा भारत को

कोलंबो  भारत को अगर श्रीलंका के खिलाफ दबदबा बनाए रखना है तो उसे आज रविवार को यहां होने वाले दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में स्पिनरों और धीमी पिच से निपटने का तरीका ढूंढना होगा। भारत शुक्रवार को खेले गए पहले वनडे मैच में 231 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय तीन विकेट पर 130 रन बनाकर अच्छी स्थिति दिख रहा था लेकिन इसके बाद श्रीलंका के स्पिनर हावी हो गए और भारतीय टीम 230 रन पर आउट हो गई जिससे यह मैच टाई रहा। रोहित शर्मा ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की लेकिन इसके बाद श्रीलंका के स्पिनरों ने अपनी रणनीति पर अच्छी तरह से अमल किया। भारत ने उनका सामना करने के लिए विराट कोहली, केएल राहुल और श्रेयस अय्यर को उतारा जिन्हें स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ काफी सफलता मिली है। इन तीनों को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई लेकिन वे स्वच्छंद होकर बल्लेबाजी नहीं कर पाए। कोहली पर बाएं हाथ के स्पिनर डुनिथ वेलालेज और लेग स्पिनर वानिंदु हसरंगा ने लगाम कसे रखी। पिच काफी धीमा खेल रही थी और ऐसे में स्पिनर का सामना करना आसान नहीं था। यहां तक के बाद में मुख्य रूप से बल्लेबाज श्रीलंकाई कप्तान चरित असलांका ने भी गेंदबाजी की और तीन महत्वपूर्ण विकेट लेकर मैच को टाई कराया। भारतीय बल्लेबाजों को साझेदारी निभाने की जरूरत थी लेकिन वह इसमें नाकाम रहे। दूसरी तरफ श्रीलंका के पाथुम निसांका और वेलालेज ने दूसरे छोर पर विकेटों की झड़ी के बावजूद अर्धशतक जमा कर दिखाया कि इस तरह के विकेट पर किस तरह से बल्लेबाजी करनी चाहिए। उन्होंने कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर का प्रभावी ढंग से सामना किया। शुभमन गिल सहित भारत के चार स्पिनरों ने 30 ओवर में 126 रन देकर चार विकेट लिए जबकि श्रीलंका की तरफ से स्पिन गेंदबाजों 37.5 ओवर किए और 167 रन देकर नौ विकेट लिए। भारतीय स्पिनरों को रन रोकने के साथ ही विकेट हासिल करने पर भी ध्यान देना होगा। भारत बल्लेबाजी में एक बदलाव करके ऋषभ पंत या रियान पराग को मौका दे सकता है जिनका स्पिनर के खिलाफ अच्छा रिकॉर्ड रहा है। यह दोनों बल्लेबाज अपरंपरागत शॉट खेल कर उनकी लय बिगाड़ सकते हैं। वेलालेज ने वाशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल के खिलाफ स्कूप और रिवर्स स्वीप का अच्छा इस्तेमाल किया। पराग स्पिनर की भूमिका भी निभा सकते हैं लेकिन यह देखना होगा कि भारतीय टीम प्रबंधन केवल एक मैच के बाद टीम में बदलाव करता है या नहीं क्योंकि हाल के दिनों में उसकी ऐसी रणनीति नहीं रही है। टीम इस प्रकार है: भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), विराट कोहली, केएल राहुल (विकेटकीपर), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, मोहम्मद। सिराज, वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, रियान पराग, अक्षर पटेल, खलील अहमद, हर्षित राणा। श्रीलंका: चरित असलांका (कप्तान), पाथुम निसांका, अविष्का फर्नांडो, कुसल मेंडिस, सदीरा समरविक्रमा, कामिंदु मेंडिस, जेनिथ लियानगे, निशान मदुश्का, वानिंदु हसरंगा, डुनिथ वेलालेज, चमिका करुणारत्ने, महीश थीक्षाना, अकिला धनंजय, दिलशान मदुशंका, मथीशा पथिराना, असिथा फर्नांडो। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 2.30 बजे शुरू होगा।   recent visitors 131