आज रेल मंत्री वैष्णव ने बताया प्लान- वंदे भारत मेट्रो किन शहरों को जोड़ेंगी, गरीबों पर रहेगा फोकस

नई दिल्ली रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को संसद में अगले कुछ सालों के प्लान की पूरी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आम लोगों पर फोकस करते हुए हर एक्सप्रेस-मेल ट्रेन में कम से कम 4 जनरल कोच लगाने का प्लान है। इसके अलावा जल्दी ही ढाई हजार जनरल कोच ट्रेनों में जोड़ने वाले हैं। कुछ ही समय में 10 हजार बोगियां और तैयार होंगी। रेल मंत्री ने कहा कि  पीएम नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत ट्रेन की कल्पना की है, जो गरीब लोगों को सस्ते में सफर करा सके। मालदा से बरेली, दरभंगा से दिल्ली के लिए दो अमृत भारत ट्रेनें चलाई गई है। इन ट्रेनों में 22 कोच हैं, जिनमें आधे स्लीपर और आधे जनरल डिब्बे हैं। इनमें मिलने वाली सुविधाएं किसी भी अन्य सरकार के दौरान चलने वाली सामान्य श्रेणी की ट्रेनों से बेहतर हैं। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये ट्रेनें काफी लोकप्रिय हुई हैं। इसलिए अब ऐ सी 50 और ट्रेनें चलाने का फैसला लिया है। हम वंदे भारत ट्रेनों की संख्या भी तेजी से बढ़ा रहे हैं। वंदे भारत ट्रेनों के जरिए देश के लगभग सभी राज्यों को कवर किया जा चुका है। पीएम मोदी ने जब वंदे भारत की शुरुआत की तो उनका स्पष्ट मत था कि नॉर्थ से साउथ और ईस्ट से वेस्ट तक हर प्रदेश में इन्हें चलाना है। इसीलिए कश्मीर से असम तक और केरल से गुजरात तक सभी राज्यों में ये चल रही हैं। हमारी योजना है कि 150 किलोमीटर तक के दायरे में पड़ने वाले दो बड़े शहरों के बीच वंदे भारत मेट्रो चले। इनकी टेस्टिंग हो चुकी है और कपूरथला से निकल चुकी है। विकसित देशों में ऐसी ट्रेनों का काफी प्रचलन है। इसके अलावा लंबी दूरी के सफर के लिए वंदे भारत स्लीपर को भी डिजाइन किया गया है। पहली ट्रेन की मैन्युफैक्चरिंग हो गई है और उनकी टेस्टिंग का काम चल रहा है। इन ट्रेनों के चलने से आम लोगों का सफर बहुत आरामदायक होगा। इससे 140 करोड़ देशवासियों को राहत मिलेगी। भारत में साल भर में 700 करोड़ लोग यात्रा करते हैं। इस लिहाज से ट्रेनों का आरामदायक सफर बड़ा असर छोड़ने वाला है। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पैसेंजर सेफ्टी बहुत संवेदनशील मुद्दा है। रेल मंत्री ने कहा कि हमने कवच की व्यवस्था को लॉन्च किया है। अब इसके विस्तार पर हमारा फोकस है। ट्रेन हादसे रोकने की तकनीक में देरी का कांग्रेस पर फोड़ा ठीकरा उन्होंने कहा कि ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन यानी सिग्नल छूटने पर भी किसी रेल के सामने आने पर गाड़ियों के रुकने की व्यवस्था दुनिया में 1970 के दशक में शुरू हुई थी। लेकिन कांग्रेस अपने 50 साल के शासन में इस पर काम नहीं कर सकी। 2014 के बाद से ही इसकी शुरुआत हुई, जो मोदी सरकार का कार्यकाल था। रेल मंत्री ने कहा कि कवच को 2019 में इंटरनेशनल मान्यता मिली थी। इसके बाद इस पर काम शुरू हुआ है और पहले राउंड में 3000 किलोमीटर नेटवर्ट पर फोकस किया गया।   recent visitors 234

मुख्यमंत्री शिंदे को गठबंधन धर्म निभाने की नसीहत दी है और याद दिलाया है कि उनकी पार्टी भी उनकी सरकार में सहयोगी है

महाराष्ट्र महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) चीफ अजित पवार अपनी ही सरकार से खफा हो गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को गठबंधन धर्म निभाने की नसीहत दी है और याद दिलाया है कि उनकी पार्टी भी उनकी सरकार में सहयोगी है। दरअसल, एक कार मैन्युफैक्चिंग प्रोजेक्ट के लिए टोयोटा किर्लोस्कर और महाराष्ट्र सरकार के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर होना था लेकिन इस हस्ताक्षर कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अजित पवार को आमंत्रित नहीं किया गया। इससे पवार नाराज हो गए और उन्होंने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को फोन कर अपनी नाराजगी जता दी। पवार ने मुख्यमंत्री शिंदे को गठबंधन धर्म का पालन करने के लिए कहा और यह भी याद दिलाया कि महायुति सरकार में उनकी पार्टी एनसीपी भी शामिल है। इतना ही नहीं इस समारोह में राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत को भी नहीं बुलाया गया था। सामंत भी एनसीपी के नेता हैं। हस्ताक्षर समारोह मालाबार हिल स्थित राज्य अतिथि गृह सह्याद्री में आयोजित किया गया था। फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में अजित पवार और उदय सामंत दोनों समारोह स्थल की शोभा बढ़ाने खुद ही पहुंच गए। एनसीपी के सूत्रों के मुताबिक, जिस समय समारोह शुरू हो रहा था, उस समय अजित पवार और उदय सामंत उद्योग विभाग से संबंधित अहम मुद्दों की समीक्षा कर रहे थे। जब इस समीक्षा बैठक में उद्योग विभाग के बड़े अधिकारी और महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम के अधिकारी नहीं दिखे तो पवार ने इस पर नाराजगी जाहिर की और पूछा कि ये अधिकारी क्यों नहीं आए? इस पर विभाग के जूनियर अफसरों ने बताया कि सीनियर अफसर सहयाद्री गेस्ट हाउस गए हुए हैं, जहां MoU पर दस्तखत होने हैं। इस पर अजित पवार ने उद्योग मंत्री सामंत से पूछा कि विभागीय मंत्री होने के नाते आप वहां क्यों नहीं गए तो सामंत ने समारोह की जानकारी होने और न्योता मिलने से इनकार कर दिया। इस पर अजित पवार भड़क गए और उन्होंने वहीं से मुख्यमंत्री शिंदे को फोन मिलाने को कहा।  इसके बाद  फोन पर अजित पवार ने सीएम शिंदे से कहा कि यह गठबंधन सरकार है लेकिन ना तो उन्हें और ना ही उद्योग मंत्री को इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में बुलाया गया। एनसीपी के नेताओं को इससे दूर रखा गया, जबकि गठबंधन सरकार में एनसीपी भी सहयोगी है। सूत्रों के मुताबिक, सीएम शिंदे ने इस पर आश्चर्य जताया और अपने उप मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि जब तक दोनों वहां नहीं आ जाते तब तक कार्यक्रम जारी रहेगा। इसके बाद पवार और सामंत समीक्षा बैठक छोड़कर   सह्याद्रि पहुंचे। राजनीतिक समीक्षकों का मानना है कि यह घटना इस बात को उजागर करती है कि सत्ताधारी गठबंधन में सहयोगी दलों के बीच सबकुछ सामान्य नहीं चल रहा है। कुछ दिनों पहले भी लड़की बहिन योजना का श्रेय लेने की दोनों दलों में होड़ मच गई थी।   recent visitors 121

योगी ने विधानसभा को संबोधित करते हुए 12 हजार 209 करोड़ रुपये का पेश किया बजट

लखनऊ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा को संबोधित करते हुए 12 हजार 209 करोड़ रुपये के पेश किए गए बजट पर कहा कि ये बजट यूपी के सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पेश किए गए मूल बजट की 40 प्रतिशत राशि को अलग-अलग विभागों के लिए आवंटित कर दिया गया है। वहीं, 20 प्रतिशत खर्च हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ये हमारे प्रयासों का ही परिणाम है कि आज यूपी की अर्थव्यवस्था देश में दूसरे स्थान पर है। राज्य में प्रतिव्यक्ति आय भी बढ़ी है और प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में भी सहायक हुआ है। 2017 के पहले प्रदेश के सामने पहचान का संकट था पर अब प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व ने एक नए भारत का दर्शन कराया है। बीते 10 वर्षों में देश की प्रतिव्यक्ति आय और जीडीपी बढ़ी है। 2014 के पहले भारत विश्व की 10वीं बड़ी अर्थव्यवस्था था जो कि अब विश्व में पांचवे स्थान पर आ गया है। आगे आने वाले तीन वर्षों में भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उत्तर प्रदेश का देश की अर्थव्यवस्था के विकास में प्रमुख योगदान हो इसके लिए हम लगातार कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं। हमारा विश्वास है कि भारत की विश्व में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में यूपी का बड़ा योगदान होगा। यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र जारी है। बृहस्पतिवार को विधान परिषद में प्रश्न प्रहर के साथ सदन की कार्यवाही प्रारंभ हुई। कार्यवाही के दौरान विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा भी किया। सपा विधायक शिवपाल सिंह यादव ने विधानसभा में हरिशंकर तिवारी का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने गोरखपुर में मूर्ति के लिए बन रहा फाउंडेशन तोड़वा दिया। इस पर सपा सदस्यों ने हंगामा किया। recent visitors 126

70 लाख माताओं-बहनों को रक्षाबंधन पर महतारी वंदना की किश्त जारी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय पहुंचे जगदलपुर

रायपुर. रिमोट का बटन दबाकर महतारी वंदन योजना की 6वीं किश्त की राशि हितग्राहियों के खातों में हस्तांतरित की. रिमोट का बटन दबाकर महतारी वंदन योजना की 6वीं किश्त की राशि हितग्राहियों के खातों में हस्तांतरित की. रिमोट का बटन दबाकर महतारी वंदन योजना की 6वीं किश्त की राशि हितग्राहियों के खातों में हस्तांतरित की. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की 70 लाख माताओं-बहनों को जगदलपुर से दिया रक्षाबंधन का तोहफा. रिमोट का बटन दबाकर महतारी वंदन योजना की 6वीं किश्त की राशि हितग्राहियों के खातों में हस्तांतरित की. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन एप एवं एक पेड़ मां के नाम अभियान का भी हुआ शुभारंभ. 3061 महिला स्व-सहायता समूहों को स्वरोज़गार के लिए 100 करोड़ रूपए का ऋण का वितरण भी हुआ. recent visitors 138

किशन सूर्यवंशी ने कहा- शैक्षणिक संस्थान शहर के गौरव होते है, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भी हमारे शहर का गौरव है

भोपाल निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी ने कहा है कि शैक्षणिक संस्थान शहर के गौरव होते है। हमारा बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भी हमारे शहर का गौरव है और मैं अपने इस विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह में सम्मिलित होकर अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। यह विचार श्री सूर्यवंशी ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के 54वें स्थापना दिवस समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए व्यक्त किए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरू श्री एस. के. जैन, रजिस्ट्रार श्री एस.आई. मंसूरी, प्रसिद्ध कवि श्री सुमित ओरछा, विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री हरदेव सिंह, महासचिव श्री धीरेन्द्र सिंह, उपाध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह सहित विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यगण व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। राजधानी भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर गुरूवार को आयोजित समारोह में श्री सूर्यवंशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि मैं इसी विश्वविद्यालय का छात्र रहा हूँ, इसलिए यहां आकर प्रफुल्लित हूँ। इस विश्वविद्यालय ने 54 वर्षों की यात्रा में एक से बढ़कर एक कीर्तिमान स्थापित किए है। इस विश्वविद्यालय की कुशल टीम के प्रयास और विश्वविद्यालय के सफल प्रशासनिक प्रबंधन का ही परिणाम है कि इस विश्वविद्यालय ने प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। श्री सूर्यवंशी ने विश्वविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा कि यहां के छात्रों ने एक से बढ़कर एक शोध करके इस विश्वविद्यालय की गरिमा को बढ़ाया है। श्री सूर्यवंशी ने कहा कि भारत के छात्रों में टेलेन्ट की कोई कमी नहीं है वह इतनी कुशाग्र बुद्धि के कि उन्होंने अमेरिका में भी जाकर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। इसकी नीव हमारे शैक्षणिक संस्थानों में ही तैयार होती है। श्री सूर्यवंशी ने कहा कि हमारे शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षा का जो स्तर हो उसमें सकारात्मक परिवर्तन करते हुए इसे आगे ले जाने पर भी मंथन होना चाहिए। श्री सूर्यवंशी ने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि उन्होंने 34 वर्षों बाद नवीन शिक्षा नीति लाकर देश के शिक्षा जगत में अमूलचूल परिवर्तन किया है। श्री सूर्यवंशी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा संस्थानों में आस्था के केन्द्र प्रमुख पदों की गरिमानुरूप कुलगुरू जैसे शब्दों से सुशोभित करने पर धन्यवाद दिया। इस मौके पर श्री सूर्यवंशी ने विश्वविद्यालय से जुड़े अपने उद्गार भी व्यक्त किए। इससे पहले श्री सूर्यवंशी व अन्य अतिथियों ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर समारोह का शुभारंभ किया। समारोह में विश्वविद्यालय द्वारा श्री सूर्यवंशी का सम्मान भी किया गया। recent visitors 119

Mahadev Book App :प्रमोटर्स ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी से हर महीने करीब 450 करोड़ रुपए की कमाई – चार्जशीट में दावा

रायपुर छत्तसीगढ़ आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने कोर्ट में दायर चार्जशीट में दावा किया कि महादेव सट्टा  ऐप अब भी काम कर रहा है। चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि महादेव बुक ऐप के मालिकों को पुलिस, प्रशासनिक अफसरों और कई प्रभावशाली राजनीतिक शख्सियतों का संरक्षण हासिल था। इनके प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए वे अवैध सट्टेबाजी से जुड़ी गतिविधियां करते रहे और कानूनी कार्रवाई से बचते रहे। 19 जुलाई को दायर चार्जशीट में EOW ने यह भी दावा किया कि 2020 में लॉकडाउन के समय से प्रमोटर्स  ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी से हर महीने करीब 450 करोड़ रुपए की कमाई की। EOW ने 3 मार्च 2024 को प्रिवेंशन ऑफ करप्शन ऐक्ट, छत्तीसगढ़ गैंबलिंग (प्रोहिबिशन) ऐक्ट और पब्लिक गैंबलिंग ऐक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। EOW ने बिना किसी नेता का नाम लिए चार्जशीट में कहा, 'अवैध धन को जुटाने और बंटवारे का काम हवाला ऑपरेटर्स के जरिए किया जा रहा था और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी प्रोटक्शन मनी के बंटवारे में शामिल थे।' चार्जशीट में कहा गया है कि प्रोटेक्शन मनी हवाला ऑपरेटर्स के जरिए पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों को दिया जाता था। यह प्रभावशाली राजनीतिक शख्सियतों तक भी पहुंचता था। EOW ने कहा, 'कई पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और प्रभावशाली नेताओं ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया और अवैध धन और संपत्ति हासिल की।' EWO की तरफ से महादेव बुक ऐप के प्रमोटरों-रवि उप्पल, शुभम सोनी, सौरभ चंद्राकर और अनिल कुमार अग्रवाल के खिलाफ लाइव गेम के जरिए अवैध सट्टेबाजी का आरोप लगाया गया है। जांच एजेंसी का कहना है कि ऑफलाइन सट्टेबाजी के बजाय उन्होंने एक ऑनलाइन प्लैटफॉर्म बनाया था। वॉट्सऐप, फेसबुक, टेलीग्राम और अन्य वेबसाइट्स की मदद भी ली जा रही थी। जांच में पाया गया कि महादेव बुक असल में विभिन्न वेबसाइटों के साथ अवैध सट्टेबाजी की पेशकश करने वाला प्लैटफॉर्म है। चार्जशीट में कहा गया है कि यह डिजिटल प्लैटफॉर्म लोगों को पोकर, कार्ड गेम्स, चांस गेम्स, क्रिकेट, बैडमिंट, टेनिस, फुटबॉल जैसे खेलों में सट्टेबाजी की सुविधा देता है। इसमें वर्चुअल क्रिकेट और चुनाव परिणाम पर भी सट्टेबाजी की सुविधा है। महादेव बुक के अलावा इसके प्रमोटर्स ने Reddy Anna और Fair Play जैसे ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लैटफॉर्म भी तैयार किए थे।' मौजूदा समय में महादेव बुक ऐप के 3500-4000 पैनल/ब्रान्च दुनियाभर में हैं।   recent visitors 115

जब इजरायल की बारी आती है तो ये बूचड़खाने के मेमने बन जाते हैं, ईरानी मुल्लाओं की बहादुरी सिर्फ महिलाओं पर निकलती है

इस्लामाबाद फ़िलिस्तीनी आतंकवादी संगठन हमास के सुप्रीम लीडर इस्माइल हानियेह का इजरायली सेना ने कत्ल कर दिया। वो ईरान के नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान तेहरान पहुंचे थे। समारोह के अगले ही दिन बुधवार 31 जुलाई को इजरायली सेना ने हवाई हमले में हानियेह को मार डाला। हानियेह की हत्या किए जाने से ईरान समेत कई मुस्लिम देश इजरायल पर बौखलाए हुए हैं। पाकिस्तान ने भी हानियेह की मौत पर रिएक्शन दिए हैं। इमरान खान की पार्टी के कद्दावर नेता फवाद चौधरी ने सीधे-सीधे ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की काबलियत पर सवाल उठाए। उन्होंने भड़कते हुए कहा कि इन ईरानी मुल्लाओं की बहादुरी सिर्फ महिलाओं पर निकलती है। जब इजरायल की बारी आती है तो ये बूचड़खाने के मेमने बन जाते हैं। दो दिन में इजरायल ने अपने सबसे बड़े दुश्मन हमास के दो लीडरों के कत्ल का ऐलान कर दिया है। इजरायली सेना ने बताया कि हमास का सुप्रीम लीडर हानियेह हवाई हमले में मारा जा चुका है। बुधवार को इजरायल ने फिर दावा किया कि हमास का मिलिट्री चीफ मोहम्मद दीफ भी मारा जा चुका है। आईडीएफ के मुताबिक, दीफ 13 जुलाई को ही मारा गया था लेकिन, पुष्टि होनी बाकी थी। इसके अलावा इजरायल ने लेबनान में घुसकर हिजबुल्लाह के चीफ कमांडर फुआद शुकर को भी मार डाला है। शुकर को हाल ही में इजरायल के भीतर हवाई हमला करके 12 मासूमों के कत्ल का जिम्मेदार ठहराया गया था। आठ महीने की जंग का दो दिन में अंजाम इजरायल ने पिछले आठ महीनों से चल रही जंग को पिछले दो दिन में ही पलट दिया है। इजरायल इसे अपने लिए बड़ी जीत बता रहा है और दावा कर रहा है कि जो भी इजरायल या इजरायलियों पर बुरी नजर डालेगा, उसका हश्र यही होगा। अब हानियेह के कत्ल पर दुनिया दो खेमों में बंट गई है। ईरान, लेबनान, यमन, सीरिया समेत कई मुस्लिम देश इजरायल के इस ऑपरेशन को बड़ी हिमाकत मान रहे हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अली अयातुत्लाह खामेनेई ने इजरायल को इसकी भारी कीमत चुकाने की चेतावनी दी है। वहीं, इजरायल ने भी हर मोर्चे पर जवाब देने की बात कही है। हानियेह के कत्ल पर पाकिस्तानी नेता शिया कट्टरपंथी संगठन हमास के सुप्रीम लीडर हानियेह के कत्ल पर पाकिस्तान आग बबूला है। कई पाक नेताओं ने इजरायल को इसकी भारी कीमत चुकाने की चेतावनी दी है। पूर्व कैबिनेट मंत्री और इमरान खान की पार्टी पीटीआई के कद्दावर नेता फवाद चौधरी ने तो अपनी भड़ास ईरान पर निकाल दी। उन्होंने सोशल मीडिया X पर ईरानी नेता खामेनेई पर जमकर गुस्सा निकाला है। उन्होंने लिखा, "इन ईरानी मुल्लाओं की बहादुरी सिर्फ महिलाओं पर निकलती है। जब इजरायल की बारी आती है तो ये बूचड़खाने के मेमने बन जाते हैं।" वहीं, अन्य पाक नेताओं की बात करें तो जमीयत उलेमा इस्लाम (एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने इस्माइल हनिएह की शहादत पर गहरा दुख और अफसोस जताया है। मौलाना फजलुर रहमान ने कहा कि इस्माइल हानिया का परिवार और फिलिस्तीनी इस दुख में समान रूप से भागीदार हैं, इस्माइल हानिया की शहादत से फिलिस्तीनी स्वतंत्रता आंदोलन समाप्त नहीं होगा, जब उनकी इस्माइल हानिया से मुलाकात हुई तो वह शहादत को समर्पित थे। हत्या से पहले इस्माइल हानिया की इशाक डार से मुलाकात का वीडियो वायरल हुआ था। पीपुल्स पार्टी की नेता और सीनेटर शेरी रहमान ने कहा कि इजराइल युद्ध रोकने के बजाय उसे फैला रहा है और बातचीत और युद्धविराम को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि इस्माइल हनियेह को मारकर इजराइल ने संदेश दिया कि हमें कोई नहीं रोक सकता। मुस्लिम लीग-एन नेता मुशाहिद हुसैन सैयद ने कहा कि इस्माइल हानिया की शहादत के बाद युद्ध का खतरा बढ़ गया है। चीन भी भड़का तो अमेरिका की सफाई हानियेह के कत्ल पर दुनियाभर के देशों की प्रतिक्रिया आई है। ईरान और तुर्की ने इसे घोर अपराध करार दिया है तो चीन भी इजरायल को जमकर कोस रहा है। चीन ने एक बयान में कहा कि वह हानियेह की मौत की सूचना से व्यथित और चिंतित है। चीन ने इजरायल के इस ऑपरेशन को पूरी तरह से अवैध और गलत करार दिया है। उधर, अमेरिका ने मामले में सफाई दे रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन ने मंगलवार को एक बयान दिया कि अमेरिका की इस ऑपरेशन में कोई भागीदारी नहीं है। उन्होंने कहा कि हानियेह के खिलाफ ऑपरेशन की अमेरिका को न तो पूर्व जानकारी थी और न ही उसकी इसमें कोई भागीदारी है। हालांकि उसने इजरायल के साथ खड़े होने की बात जरूर कही। recent visitors 228