मदरसे में फर्जीवाड़ा मामले में फर्जी मदरसों के संचालकों में सरकारी शिक्षकों से लेकर पूर्व मंत्री की रिश्तेदारों तक के नाम

श्योपुर मध्य प्रदेश के श्योपुर में फर्जी मदरसों के खेल में न सिर्फ हिंदू बच्चों के नाम दर्ज करने में फर्जीवाड़ा हुआ है, बल्कि मदरसों के संचालकों को लेकर भी नियमों के अनदेखी सामने आई है। जिन 56 मदरसों की मान्यता समाप्त की गई, उनमें कई ऐसे हैं जिनके संचालक के रूप में शासकीय शिक्षक, लेक्चरर के नाम दर्ज हैं। जबकि नियमानुसार शासकीय शिक्षक या कर्मचारी मदरसे का संचालन नहीं कर सकते। कांग्रेस की दिग्विजय सिंह सरकार में मंत्री रहे इब्राहिम कुरैशी के रिश्तेदार, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला महामंत्री रहे आरिफ खान और मदरसा बोर्ड की पूर्व जिला प्रभारी नफीसा के रिश्तेदार के नाम से भी कई मदरसे संचालित बताए गए हैं।   बता दें कि मदरसों में हिंदू बच्चों को तालीम दिए जाने के मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने मुख्य सचिव वीरा राणा को दिल्ली तलब किया तो उसके डेढ़ माह बाद जांच में श्योपुर में सामने आई गड़बड़ी पर मदरसों की मान्यता समाप्त की गई है। श्योपुर के अलावा चंबल अंचल के भिंड और मुरैना में भी संचालित मदरसों में हिंदू बच्चों के फर्जी दाखिले की बात सामने आई है, जिसमें अभिभावकों की जानकारी के बिना ही बच्चों के नाम मदरसों में दर्ज पाया गया है। प्रदेश के स्कूली शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने इस संबंध में जांच के निर्देश दिए हैं।   कागजों में भौतिक सत्यापन, संचालकों की सूची पर भी संदेह जिन मदरसों की मान्यता रद हुई है, उनका संचालन वर्ष 2007 से शुरू हुआ था। मान्यता के लिए सात सदस्यों की सोसाइटी को मदरसा बोर्ड और वक्फ बोर्ड से पंजीयन कराना पड़ता है। इसके बाद बोर्ड में आनलाइन आवेदन कर उसकी हार्ड काफी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करनी होती है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से ही भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट के बाद मदरसा बोर्ड इसकी मान्यता देता है। बताया जाता है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से वर्ष 2022 में ही जिले में संचालित 80 मदरसों का भौतिक सत्यापन कर 2025 तक मान्यता बढ़वाई गई थी।   ऐसे में लंबे समय से चल रहे इस फर्जीवाड़े पर जिला शिक्षा अधिकारी, बीईओ कार्यालय, संबंधित संकुल केंद्र की निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि बताया जाता है कि कई संचालक ऐसे भी हैं, जिन्होंने कुछ वर्ष पूर्व मदरसों के संचालन की जिम्मेदारी छोड़ भी दी थी, परंतु रिकार्ड में उनका ही नाम संचालक के रूप में दर्ज है। ऐसे में शासन द्वारा इन्हें अनुदानित राशि की वसूली भी आसान नहीं होगी। जिला शिक्षा अधिकारी श्योपुर, रविंद्र सिंह तोमर ने कहा निरीक्षण में जो 56 मदरसे असंचालित पाए गए थे, उनका प्रतिवेदन हमने भेजा था। मान्यता समाप्ति को लेकर हमें अभी सिर्फ एक पत्र मिला है। वर्ष 2007 से शुरू हुए मदरसों के संचालकों की सूची भी अपडेट की गई है। यदि नियम विरुद्ध संचालन के बात सामने आएगी तो उसकी भी जांच की जाएगी।   recent visitors 151

दो बार रह चुके हैं मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष, राजस्थान के राज्यपाल की हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने ली शपथ

जयपुर. महाराष्ट्र के वरिष्ठ भाजपा नेता हरिभाऊ किसनराव बागड़े राजस्थान के नए राज्यपाल के रूप में शपथ ली है। 27 जुलाई की रात राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यालय से नए राज्यपालों की नियुक्ति के आदेश जारी हुए थे। इन्हीं में हरिभाऊ किशनराव बागड़े का नाम भी शामिल था। इनका जन्म महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के फुलंबरी कस्बे के एक मराठा परिवार में हुआ था। हरिभाऊ किसनराव बागड़े अपने राजनीतिक सफर में पिछले 50 साल से सक्रिय है। ये लगातार 20 साल तक विधायक रहे हैं। इतना ही नहीं दो बार मंत्री और एक बार महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। बता दें कि कुछ साल तक संगठन में सक्रिय रहने के बाद वर्ष 1985 में औरंगाबाद पूर्व विधानसभा सीट से हरिभाऊ किसनराव बागड़े पहली बार विधायक निर्वाचित हुए थे। वर्ष 2014 में जब महाराष्ट्र में पहली बार भाजपा की सरकार बनी थी। तब बागड़े को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया था। 2014 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कल्याण काले को शिकस्त दी थी। राजस्थान के 43 वें राज्यपाल बने बागड़े हरिभाऊ किसनराव बागड़े राजस्थान के 43 वें राज्यपाल नियुक्त हुए हैं। वे राज्यपाल कलराज का स्थान लेंगे। कलराज मिश्र का कार्यकाल 22 जुलाई 2024 को पूरा हो गया था। कुछ दिनों पहले तक ऐसे संकेत मिले थे कि कलराज मिश्र को कुछ और महीने तक कार्य करने का मौका मिल सकता है लेकिन अब राष्ट्रपति कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार बागड़े को राजस्थान का नया राज्यपाल बनाया गया है। विधानसभा चुनाव में दिए गए हलफनामे के अनुसार बागड़े 10 वीं कक्षा तक पढे लिखे हैं। शिक्षा में गलत काम करने वालों को नहीं छोड़ेंगे- राज्यपाल  राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने शपथ के बाद अपनी पहली प्रेसवार्ता में बागड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को जल्द प्राप्त करने के लिए कृषि और सहकारिता को केन्द्र में रखकर कार्य करना उनकी प्राथमिकता है। पत्रकारों के सवालों पर उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों ओर शिक्षा के क्षेत्र में गलत काम करने वालों को नहीं छोड़ा जाएगा। कुलाधिपति के रूप में प्रयास रहेगा कि राजस्थान के विश्वविद्यालय पूरे देश में और विश्व में रैंकिंग में आगे रहे। एक सवाल पर बागड़े ने कहा कि सोच बदल कर ही सहकारिता को आगे बढ़ाया जा सकता है। चाहे अपनी जेब से सहकारिता में कुछ मत दो, लेकिन सहकारिता से भी अपनी जेब में कुछ मत डालो। यह सोच बनी तो सहकारिता आगे बढ़ेगी। recent visitors 203

नेचुरोपैथी से देश का स्वास्थ्य बजट होगा कम : डॉ अनंत बिरादार

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में सूर्या फाउण्डेशन व इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन (INO) द्वारा केन्द्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  श्री प्रतापराव जाधव का अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया था। समारोह का उद्घाटन आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने दीप प्रज्जवलन के साथ किया। समारोह में 200 से अधिक योग प्राकृतिक चिकित्सा जगत के प्रतिनिधियों के अतिरिक्त माननीय  श्री राजू बिष्ट एवं श्री भोलासिंह जी दोनों सांसद, श्री कोस्तुभ कर्माकर (वेद जी) वॉइस चेयरमैन सूर्या फाउण्डेशन, डॉ. डी. एन. शर्मा व डॉ आर एस डबास दोनों राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (INO)  श्री बिजय राज शिन्दे पूर्व विद्यायक बुलढाना महाराष्ट्रा,  श्री नन्द किशोर अग्रवाल अध्यक्ष व श्री मामराज अग्रवाल, बालाजी निरोगधाम वैलनेस नेचर क्योर दिल्ली तथा योग प्राकृतिक चिकित्सा योग की अन्य संस्थओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित हुये। समारोह में विशिष्ठ अतिथि के रूप में दार्जिलिंग के सांसद श्री राजूबिष्ट एवं बुलन्दशहर के सांसद डॉ भोलासिंह ने उपस्थित प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि आदरणीय पद्मश्री जयप्रकाश जी पिछले तीन दशकों से प्राकृतिक चिकित्सा योग के समग्र विकास हेतु श्रेष्ठ व सराहनीय योगदान दे रहे है। हम भी संसद में प्राकृतिक चिकित्सा के विकास हेतु आवाज बुलंन्द करेगें। आयुष मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने अपने अभिनंदन के लिए सूर्या फाउण्डेशन व (INO) एवंम् योग नेचुरोपैथी संस्थाओं का आभार प्रकट करते हुए बताया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम योग नेचुरोपैथी का समग्र विकास व प्रचार.प्रसार हेतु आयुष मंत्रालय की सभी योजनाए व प्रॉजेक्ट को प्रभावी रूप से लागू करेगें। मुझे आज इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन (INO) द्वारा दिये गये नेचुरोपैथी डॉक्टर्स का रजिस्ट्रेशन एवं अन्य महत्वपूर्ण सुझावों को शीघ्र ही लागू करने का प्रयास करूगा। अभिनंदन समारोह के अध्यक्ष व इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन (INO) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉण् अनंत बिरादार ने आयुष मंत्रालय व नेशनल आयुष मिशन (NAM) द्वारा पिछले 8 वर्षों में नेचुरोपैथी के लिए किये गये रचनात्मक कार्यों हेतु आयुष मंत्री व आयुष सचिव का आभार प्रकट किया। साथ ही नेचुरोपैथी में अनेक वर्षों से प्रैक्टिस कर रहे नेचुरोपैथी चिकित्सकों का रजिस्ट्रेशन नेचुरोपैथी रजिस्ट्रेशन बोर्ड (NRB) के माध्यम से शिघ्र करने का निवेदन किया। साथ ही डॉ बिरादार ने बताया कि इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन (INO) मंत्रालय के सहयोग से प्राकृतिक चिकित्सा के प्रचार. प्रसार हेतु अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, प्राकृतिक चिकित्सा दिवस,  सामूहिक सूर्या नमस्कार,  योग उत्सव, कौन बनेगा स्वास्थ्य रक्षक आदि अभियान पद्मश्री जयप्रकाश जी के मार्गदर्शन 32 में राज्यों में कर रहा है। प्राकृतिक चिकित्सा में अग्रसर अपने श्रेष्ठ कार्यो के कारण इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन (INO) विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक चिकित्सा संगठन बना है। इस अवसर पर डॉ अनंत बिरादार ने प्राकृतिक चिकित्सा को लेकर निम्नलिखित प्रस्ताव रखे : 1. 11 जुलाई 2019 को राष्ट्रीय योग प्राकृतिक चिकित्सा संवर्धन व विकास बोर्ड की बैठक में प्राकृतिक चिकित्सकों (BNYS/Self Educated/Diploma Holder के रजिस्ट्रेशन पर लिए गये निर्णय का पालन करते हुये रजिस्ट्रेशन किया जाय। यह कार्य नेचुरोपैथी रजिस्ट्रेशन बोर्ड (NRB) के माध्यम से यथाशीघ्र प्रराम्भ करें। 2. प्राकृतिक चिकित्सालय आरम्भ करने के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा अनुदान (Grant-in-aid) का प्रावधान किया जाय। 3. प्राकृतिक चिकित्सा के समग्र विकास हेतु अलग से योग नेचुरोपैथी आयोग का गठन किया जाए। 4. प्राकृतिक चिकित्सा के विकास के लिए आयुष मंत्रालय में योग नेचुरोपैथी सलाहकार को नियुक्त किया जाए। 5. आयुष मंत्रालय द्वारा पूणे, महाराष्ट्र में बनाये गये प्राकृतिक चिकित्सालय को प्राकृतिक चिकित्सा विश्वविद्यालय की मान्यता दी जाए। 6. योग सर्टिफिकेशन बोर्ड (YCB) आयुष मंत्रालय भारत सरकार के अन्तर्गत प्रमाणीकरण प्राप्त कर चुके योग वांलटियरए योग शिक्षक आदि को रोजगार के अवसर के लिए सरकार दिशा.निर्देश जारी करे। इस अवसर पर बालाजी निरोगधाम वैलनेस नेचर क्योर संस्था को प्राकृतिक चिकित्सा के प्रचार.प्रसार व विकास हेतु सूर्या फाउण्डेशन इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन (INO) द्वारा अवॉर्ड ऑफ ऐक्सीलेन्स (Award of Excellence) दे कर सम्मानित किया गया। इस अवॉर्ड को श्री नन्द किशोर अग्रवाल व श्री मामराज अग्रवाल ने प्राप्त किया। recent visitors 277

छत्तीसगढ़ की मितान योजना का नाम बदला, पात्रता और शर्तों में कोई बदलाव नहीं

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने मितान योजना का नाम बदल दिया है। भूपेश बघेल की सरकार में शुरू की गई मितान योजना का नाम अब मोर संगवारी कर दिया गया है। इसके संबंध में नगरीय प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। हालांकि योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं और शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ये पहला मौका नहीं है जब सरकार ने भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में लिए गए फैसलों को बदला हो। इससे पहले भी सरकार ने कई योजनाओं के नाम बदले थे। घर बैठे मिलती हैं 27 सुविधाएं मितान योजना के अतंर्गत लोगों को शासकीय सुविधाएं घर बैठे मिलती थी। अब इसे मितान की जगह मोर संगवारी कर दिया गया है। इस योजना के लिए ऐप भी जारी कर दिया गया है। उप मुख्यमंत्री और राज्य के नगरीय प्रशासन विभाग के मंत्री अरुण साव ने हाल ही में चार नई नगरपालिकों में इस योजना का विस्तार किया था। मंदिर हसौद, बांकी मोंगरा, लोरमी और पंडरिया नगरपालिका के लोगों को भी अब इस सुविधा का लाभ मिलेगा। भूपेश बघेल ने शुरू की थी योजना छत्तीसगढ़ में मितान योजना की शुरुआत कांग्रेस की सरकार में हुई थी। तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल ने 22 अप्रैल 2022 को मितान योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत लोगों को घर बैठे कई सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। किन सुविधाओं का मिलता है लाभ इस योजना के जरिए लोग जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन, दुकान एवं स्थापना पंजीयन, राशन कार्ड, आधार कार्ड, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, असंगठित कर्मकार पंजीयन एवं सुधार पैन कार्ड का पंजीयन एवं सुधार सहित 27 प्रकार की सुविधाएं घर बैठे मिलती हैं। इसके लिए आम लोगों को ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं। इन लोगों को इस योजना का लाभ लेना है वह लोग घर बैठे टोल-फ्री नंबर 14545 में कॉल कर इसके बारे जानकारी ले सकते हैं। सिर्फ नाम बदला है शर्ते नहीं मितान योजना का नाम बदलकर मोर संगवारी किया गया है। इस योजना के नाम में बदलाव किया गया है। बाकी इस योजना की शर्तों और सुविधाओं में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। लोगों को पहले की तरह ही इस योजनाओं में सुविधाओं का लाभ मिलता रहेगा। recent visitors 117

नेहरू ने तो आरक्षण के विरोध में अपने मुख्यमंत्रियों को पत्र लिख दिया था, जबकि राजीव गांधी खुलेआम विरोध करते थे: अनुराग ठाकुर

नई दिल्ली पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने गुरुवार को जाति विवाद को लेकर कांग्रेस पर जमकर पलटवार किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का जिक्र करते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा और दावा किया कि यदि सामंतवादी सोच वाली कांग्रेस ने मंडल और काका कालेलकर की रिपोर्ट की राह में रोड़ा नहीं अटकाया होता, तो आज स्थिति कोई और होती। अनुराग ठाकुर ने कहा कि नेहरू ने तो आरक्षण के विरोध में अपने मुख्यमंत्रियों को पत्र लिख दिया था, जबकि राजीव गांधी खुलेआम मंडल आयोग की रिपोर्ट का विरोध करते थे। बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, ''सांच को आंच नहीं। कुछ लोगों के मेरे भाषण से उनके Sense of Entitlement को गहरी चोट लगी है, जिसका असर हुआ कि पूरे ने चीख पुकार मचाना शुरू कर दिया है। इन्हें लगता है कि सवाल पूछने का हक सिर्फ इन्हें है, क्योंकि ये प्रिविलेज्ड हैं। यह वही लोग हैं जिनके पूर्वज देश के पिछड़ो, दलितों और वंचितों को बुद्धू कहा करते थे। जो लोग आज तक लेगेसी की मलाई खाते आ रहे रहे हैं, आज उनके मुंह में सवाल की खटाई क्या पड़ी, ये झूठ बोलकर अपनी जग हंसाई करवा रहे हैं।  लम्हों ने ख़ता की थी, सदियों ने सजा पाई।'' बीजेपी सांसद ने बात करते हुए कहा, ''जो दूसरों को बुद्धू कहा करते थे, आज उनके ही घरों में बुद्धिओं की भरमार है। ये वही लोग हैं, जिन्हें लगता था कि उनके सामने कोई दलित व्यक्ति कोट-पैंट पहनकर कैसे खड़ा हो सकता है और संविधान लिख सकता है।'' पूर्व पीएम राजीव गांधी का जिक्र करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि राजीव गांधी ने कहा था कि आरक्षण के नाम पर बुद्धिओं को बढ़ावा नहीं देंगे। यह इंटरव्यू साल 1985 में प्रकाशित हुआ था। मैं कहता हूं कि बात निकली है तो दूर तक जाएगी। पूर्व प्रधानमंत्री के अति बुद्धिमान पुत्र इस देश को बताएंगे कि क्या उनके पिता की नजरों में पिछड़ा वर्ग बुद्धू था? क्या कांग्रेस राजीव गांधी द्वारा दिए गए एक अतिघृणित जातिवादी बयान की निंदा करेगी या फिर उसके खिलाफ रिजॉन्यूशन पास किया जाएगा?'' उन्होंने आगे कहा, ''1947 से लेकर कांग्रेस अपने वैचारिक दरबारियों के साथ मिलकर दलित और वंचित समाज को मुख्यधारा से बाहर करने के लिए तमाम तरह के हथकंडे अपनाती रही। जब जवाहरलाल नेहरू से पूछा गया कि दलित और आदिवासियों को आरक्षण क्यों नहीं दिया जा रहा तो उन्होंने बहाना बना दिया कि आरक्षण देने से उनके मन में हीन भावना भर जाएगी। नेहरू ने तो अपने मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर बता दिया था कि वे किसी भी आरक्षण के खिलाफ हैं। इंदिरा गांधी की भी यही नीति थी। मंडल आयोग की रिपोर्ट भी लागू होने की राह ताकती रही। राजीव गांधी और इंदिरा गांधी ने दस साल तक इस रिपोर्ट को लागू नहीं होने दिया।'' 'मंडल आयोग की रिपोर्ट के विरोध में थे राजीव' पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि राजीव गांधी तो खुलेआम मंडल आयोग के रिपोर्ट को लागू करने का विरोध करते रहे। जब काका कालेलकर की रिपोर्ट आई तो भी कांग्रेस ने इसे वर्षों तक छिपा कर रखा। देश में पिछड़ा-आदिवासी, दलित समाज को राहुल गांधी के इरादे पर शंका है, क्योंकि ये उसी परिवार और पार्टी के सर्वे-सर्वा हैं, जिन्होंने आजतक सारी मर्यादाओं को तोड़कर आरक्षण का विरोध किया। सामंतवादी जब समाजवादी बनने का ढोंग करते हैं तो बहुत खतरनाक होते हैं। कांग्रेस ने तो मोदी जी के बहाने पिछड़ावर्ग को गालियां दीं और अपमानित किया। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों बजट पर चर्चा के दौरान संसद में अनुराग ठाकुर ने जाति पर बयान देकर विवाद पैदा कर दिया था, जिसके बाद राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने सरकार पर जमकर निशाना साधा था।  recent visitors 154

अवैध मादक पदार्थ तस्करों पर की कार्रवाई, राजस्थान-जालौर कोतवाली पुलिस ने पकड़ा पौने दो करोड़ का डोडा पोस्त

जालौर. कोतवाली पुलिस की अवैध मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। जहां करीब पौने दो करोड़ का डोडा पोस्त बरामद किया गया है। इसके अलावा पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त वाहन की तलाशी के दौरान दो अवैध देसी कैट 4 मैगजीन व 11 जिंदा कारतूस बरामद करने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार जालौर जिला पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद यादव के निर्देश पर अवैध मादक पदार्थ तस्करी की रोकथाम एवं अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए अभियान चला रहे हैं. इसके तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वर लाल एवं गौतम कुमार जैन डीवाईएसपी जालौर के सुपरविजन में कोतवाली थाना अधिकारी जसवंत सिंह के नेतृत्व में शहर में गश्त के दौरान शाही विहार कॉलोनी थर्ड फेस की तरफ से आने वाले कच्चे रास्ते पर पहुंचे। जहां एक पिकअप वाहन बिना नंबरी पुलिस की गाड़ी को देखकर वहां छोड़कर भाग गए, जिसकी पुलिस टीम ने तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बिना नंबरी पिकअप वाहन में से कुल 54 प्लास्टिक के कट्टों में अवैध डोडा पोस्ट भरा हुआ पाया, जिसमें प्लास्टिक के कट में भरा हुआ 1151.680 किलोग्राम पोस्त बरामद हुआ। इसके अलावा अवैध मादक पदार्थ तस्करी में परिवहन में प्रयुक्त वाहन की तलाशी ली गई तो अंदर दो देसी कटे हुए मैगजीन, 11 जिंदा कारतूस बरामद किया। हालांकि आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिस पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अज्ञात आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस की ओर से बरामद किए गए अवैध डोडा पोस्त की करीब बाजार कीमत पौने दो करोड़ रुपए आंकी जा रही है। एसपी ज्ञानचंद यादव ने बताया कि रात्रि गस्त एवं तलाशी अभियान के दौरान एक बिना नंबरी पिकअप बोलेरो वाहन के संदिग्ध लगने व पुलिस वाहन को देखकर भागने पर पुलिस टीम ने पीछे किया गया, जिसमें चालक द्वारा कच्चे रास्ते में ले जाकर भागली गांव के पास वाहन फंस गया तो अज्ञात आरोपियों द्वारा वहां छोड़कर भाग गए।   recent visitors 131

मंदसौर के गांधी सागर अभयारण्य से 10 तेंदुओं को पकड़कर ओंकारेश्वर राष्ट्रीय उद्यान के जंगलों में छोड़ा

उज्जैन  मंदसौर के गांधी सागर अभयारण्य से 10 तेंदुओं को पकड़कर खंडवा जिले के प्रस्तावित ओंकारेश्वर राष्ट्रीय उद्यान के जंगलों में छोड़ दिया गया है। कुनो राष्ट्रीय उद्यान से चीतों को स्थानांतरित करने का मार्ग प्रशस्त करने के लिए यह किया गया है। श्योपुर जिले के कूनो से शिकारियों को स्थानांतरित करने का उद्देश्य चीतों के लिए प्रतिस्पर्धा को कम करना है, जिन्हें वन विभाग प्रोजेक्ट चीता के हिस्से के रूप में गांधी सागर अभयारण्य में स्थानांतरित करने की योजना बना रहा है। विशेषज्ञों की निगरानी में हो रही कार्रवाई उज्जैन के वन संरक्षक एमआर बघेल ने हमारे सहयोगी समाचार पत्र टाईम्स ऑफ इंडिया को बताया कि वन अधिकारियों ने गांधी सागर अभयारण्य में लगभग 20-22 तेंदुओं की गिनती की थी। इनमें से लगभग 10 तेंदुओं को पकड़कर खंडवा में छोड़ दिया गया है। कार्रवाई विशेषज्ञों की कड़ी निगरानी में की जा रही है। बाड़ लगाकर दे रहे सुरक्षा गांधी सागर अभयारण्य 382 वर्ग किमी में फैला हुआ है। पिछले एक साल से अभयारण्य में चीतों को 64 वर्ग किमी के विशेष रूप से डिजाइन किए गए बाड़ वाले क्षेत्र में स्थानांतरित करने की तैयारी चल रही है। डीएफओ संजय रायखेड़े ने बताया कि चीतों के लिए तैयार किए गए बाड़े के बाहर करीब 120 तेंदुए देखे गए हैं। उन्होंने कहा, 'इन शिकारियों को बाहर रखने के लिए लगभग 10 फीट ऊंची बाड़ तैयार की गई है।' केन्या से आई थी टीम बघेल ने कहा कि केंद्र की एक टीम और केन्या के विशेषज्ञों ने हाल ही में गांधी सागर अभयारण्य का दौरा किया था और चीतों की सुविधा के लिए बुनियादी नियम बनाए थे। उन्होंने कहा, 'हम चीतों के लिए पर्याप्त भोजन सुनिश्चित करने के लिए कान्हा राष्ट्रीय उद्यान से गांधी सागर में 121 चित्तीदार हिरण भी लाए हैं।' recent visitors 138