भाजपा सरकार को जब अपनी हार सामने दिखाई दी, तो वो पीछे तो हटी, पर उसका घमंड बीच में आ गया: अखिलेश यादव

लखनऊ उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस और आरओ, एआरओ 2024 परीक्षा एक ही दिन में आयोजित करने का निर्णय लिया है। आयोग के मुताबिक पीसीएस 2024 की परीक्षा की एक ही तारीख को कराई जाएगी। यह फैसला आयोग के बाहर चार दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन के बाद छात्रों के युवाओं पर विचार करने के बाद लिया गया है। सूत्रों ने बताया कि समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ/एआरओ) परीक्षा 2024 के तौर-तरीकों पर विचार करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। आयोग जल्द ही दोनों परीक्षाओं में बदलाव के संबंध में अलग से नोटिस जारी करेगा। इस फैसले के बाद विपक्ष योगी सरकार पर हमलावर हो गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि, "भाजपा सरकार को जब अपनी हार सामने दिखाई दी, तो वो पीछे तो हटी, पर उसका घमंड बीच में आ गया है, इसीलिए वो आधी मांग ही मान रही है। अभ्यर्थियों की जीत होगी। ये आज के समझदार युवा है, सरकार इन्हें झुनझुना नहीं पकड़ा सकती। जब एक परीक्षा हो सकती है, तो दूसरी क्यों नहीं। चुनाव में हार ही भाजपा का असली इलाज है। जब भाजपा जाएगी, तब ‘नौकरी’ आएगी।" वहीं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि, "भाजपा सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मानकीकरण की मांग पर योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने प्रतियोगी छात्रों का सम्मान करते हुए एक-दिन, एक-शिफ्ट में परीक्षा कराने का निर्णय लिया है। सपाई गुंडों ने माहौल बिगाड़ने और राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की, परंतु खोदा पहाड़ निकली चुहिया। भाजपा सरकार राजनीति नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और छात्र हित को प्राथमिकता देती है। छात्रों का भविष्य सुरक्षित है और भाजपा सरकार का यह कदम उनके सपनों को मजबूत आधार देगा। मेरी शुभकामनाएं समस्त प्रतियोगी छात्रों के साथ वर्तमान में भी है और भविष्य में भी रहेगी।" दरअसल उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षा एक ही पाली में आयोजित करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने प्रयागराज में आयोग कार्यालय के बाहर लगातार चौथे दिन गुरुवार सुबह भी अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। प्रयागराज में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग कार्यालय के बाहर छात्र नारेबाजी करते देखे गए। इस दौरान मौके पर यूपी पुलिस के जवान और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) मौजूद रहे। recent visitors 79

भाजपा घमंड के हिमालय पर चढ़ी हुई है, जो जितनी ऊंचाई पर होता है, उसका पतन भी तेज़ी से होता है: अखिलेश यादव

प्रयागराज उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के ‘पीसीएस प्री' और ‘आरओ एआरओ' की परीक्षा दो दिन में संपन्न कराने के निर्णय के विरोध में अभ्यर्थियों के धरना प्रदर्शन का आज चौथा दिन है। आज सुबह प्रतियोगी छात्रों के साथ हुई बर्बरता को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा ''एक दिव्यांग छात्रा की बैसाखी तक पुलिस उठा ले गई। सरकार कितनी निर्दयी और संवेदनहीन है। ऐसी सरकार को बने रहने का कोई हक़ नहीं है।''     'दिव्यांग कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!' सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ''इलाहाबाद में एक आंदोलनकारी दिव्यांग छात्रा की बैसाखी पुलिस ले गयी है… ये ख़बर बताती है कि भाजपाई और उनकी सरकार कितनी निर्दयी और संवेदनहीन है। ऐसी सरकार को बने रहने का कोई हक नहीं है। भाजपा घमंड के हिमालय पर चढ़ी हुई है। जो जितनी ऊंचाई पर होता है, उसका पतन भी उतना ही नीचे और तेज़ी से होता है। दिव्यांग कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा! 'भाजपा दहाई के अंक में सिमट जाएगी…' एक अन्य पोस्ट में अखिलेश यादव ने लिखा, ''भाजपा अगर केवल चुनाव का गणित समझती है तो सुन ले कि PCS/RO/ARO/LOWER SUBORDINATE जैसी अन्य प्रतियोगी छात्रों और उनके परिवार के लोगों को मिला लिया जाए तो ये संख्या लगभग 1 करोड़ होती है। अगर इस ‘महा-संख्या’ को लगभग 400 विधानसभा सीटों से भाग दें तो भाजपा के लगभग 25000 वोट हर विधानसभा सीट पर कम होंगे मतलब भाजपा दहाई के अंक में सिमट जाएगी।'' 'भाजपा हमेशा के लिए ख़त्म होनेवाली है' इससे आगे अखिलेश यादव ने कहा, ''उम्मीद है, इस गणित को ही समझ कर आज ही भाजपा की हृदयहीन सरकार अत्याचार बंद करेगी और आंदोलनकारी युवाओं की लोकतांत्रिक जायज मांग को पूरा करेगी। भाजपा की एक आदत पड़ गयी है, जनाक्रोश से डरकर आखिरकार बात तो वो मानने पर मजबूर होती है, लेकिन तभी जब उसके सारे हिंसक तरीके नाकाम हो जाते हैं और जब उसकी नौकरी विरोधी नकारात्मक राजनीति पूरी तरह फेल हो जाती है। भाजपा हमेशा के लिए ख़त्म होने वाली है। अभ्यर्थी कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!'' recent visitors 96

कानपुर पहुंचे अखिलेश यादव ने आज GIC ग्राउंड पर रैली की, कुर्सियां खाली

कानपुर उपचुनाव के लिए कानपुर पहुंचे सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आज GIC ग्राउंड पर रैली की है। जिसमें भीड़ देखने को नहीं मिली। सभी कुर्सियां मैदान में खाली दिखाई दे रही थी। वहीं, मंच से सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि पुलिस और पीएसी लोगों को सभा में आने से रोक रही है। सपा विधायक ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि साइकिल मार्केट और यतीमखाना चौराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर लोगों को आने से रोका जा रहा है। पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि या तो बैरिकेडिंग हटा दें, वरना सपा कार्यकर्ता खुद हटा देंगे। बता दें कि सपा प्रमुख ने यहां पर जेल में बंद इरफान सोलंकी की पत्नी नसीम सोलंकी के समर्थन में वोट की अपील की है। नसीम के पति इरफान सोलंकी को 7 साल की सजा के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता निरस्त कर दी गई। इसके बाद यहां उपचुनाव हो रहा है। अखिलेश के पहुंचने से पहले आज समर्थकों ने नारा लगाया- जेल के ताले टूटेंगे, इरफान सोलंकी छूटेंगे। अखिलेश के समर्थक जनसभा में वेलकम बॉस के पोस्टर लेकर पहुंचे हैं।   recent visitors 194

अखिलेश यादव ने आजम खान की पत्नी से की मुलाकात, कहा, ‘अन्याय हुआ है, न्यायालय पर भरोसा’

रामपुर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सोमवार को रामपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान के परिवार से मुलाकात की। उनके साथ रामपुर के सांसद मोहिब्बुल्लाह भी मौजूद रहे। अखिलेश यादव ने आजम खान की पत्नी तजीन फात्मा से करीब आधे घंटे तक बातचीत की। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह आजम खान के साथ हैं और आजम खान की लड़ाई लड़ने के लिए वह हमेशा आगे रहेंगे। उन्होंने कहा कि मैं रामपुर आया हूं और रामपुर में पहले भी आता रहा हूं। मैं सबसे पहले यहां की जनता को धन्यवाद देना चाहता हूं। जिन्होंने पीडीए की रणनीति और उसे जीत दिलाई है, जो लड़ाई संविधान को बचाने की थी, वह हमें लगातार जारी रखनी होगी, जब तक भाजपा लखनऊ से नहीं हटती है। अखिलेश यादव ने आजम खान और उनके परिवार के साथ हो रहे अन्याय का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आजम खान पर जो भी झूठे केस दर्ज किए गए हैं, सपा सरकार आने पर उन मामलों को खत्म किया जाएगा। उन्होंने न्यायालय से उम्मीद जताई कि आजम खान को जल्द ही इंसाफ मिलेगा। जब आजम खान पर दर्ज कई मामलों में सपा के रवैये पर सवाल किया गया तो अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि सपा ने अपनी पूरी ताकत से लड़ाई लड़ी है। सपा मुखिया ने कहा कि भगवान जानता है, सपा जानती है, कोर्ट जानता है कि हम लोगों ने कितनी मेहनत की है। हम लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं। आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर के अब्दुल्ला आजम से मुलाकात पर उन्होंने कहा कि मैं इसका पता करूंगा। उन्होंने कहा कि पत्रकार साथी सवाल पूछ रहे हैं कि चुनाव में ही याद क्यों आती है, हमें हर समय याद आती है। उन्होंने कहा कि मैं जनता का धन्यवाद देता हूं। संविधान बचाने की लड़ाई में हमारी पार्टी ने जीतने का काम किया। recent visitors 99

अखिलेश यादव ने कहा- भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास में नोटबंदी के नाम पर एक पूरा अध्याय सिर्फ काले रंग से ही छापा जाएगा

लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नोटबंदी को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास में नोटबंदी के नाम पर एक पूरा अध्याय सिर्फ काले रंग से ही छापा जाएगा। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास में नोटबंदी के नाम पर एक पूरे-का-पूरा अध्याय सिर्फ़ काले रंग से ही छापा जाएगा। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को नोटबंदी की 8वीं सालगिरह के ठीक एक दिन पहले ही, कल रुपया डॉलर के मुकाबले सबसे कमजोर स्थिति में आ गया। जनता पूछ रही है क्या ये नोटबंदी की नाकामयाबी की वजह से हुआ या भाजपा की नकारात्मक नीतियों की वजह से। सपा मुखिया ने कहा, "अब क्या भाजपाई फिर ये कहेंगे कि देश के इतिहास में रुपया डॉलर के मुकाबले सबसे निचले स्तर पर पहुंचकर ‘रिकार्डतोड़’ नहीं गिरा है, बल्कि डॉलर ऊपर उठा है। भाजपा ने अर्थव्यवस्था को अनर्थव्यवस्था बना दिया है। रुपया कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा।" ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को पूरे देश में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर दिया था। इसके बाद कई हफ़्तों तक देशभर में बैंकों और एटीएम के सामने पुराने नोट बदलकर नए नोट हासिल करने वालों की लंबी कतारें देखी गयी थी। इसका मकसद देश में कालाधन रोकने और डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा बताया गया था।   recent visitors 62

‘बंटेंगे तो कटेंगे’ नकारात्मक नारा CM की निराशा और नाकामी का प्रतीक है- अखिलेश यादव

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में चल रहे उपचुनाव के बीच नारों की सियासत काफी गरमाई है। मुख्यमंत्री योगी के 'बंटेंगे तो कटेंगे' नारा को लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह नकारात्मक नारा उनकी निराशा और नाकामी का प्रतीक है। अखिलेश यादव ने  को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि उनका ‘नकारात्मक-नारा’ उनकी निराशा और नाकामी का प्रतीक है। इस नारे ने साबित कर दिया है कि उनके जो गिनती के 10 फीसद मतदाता बचे हैं, अब वो भी खिसकने के कगार पर हैं, इसलिए ये उनको डराकर एक करने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन ऐसा होने वाला नहीं। उन्होंने कहा कि ‘नकारात्मक-नारे’ का असर भी होता है। दरअसल, इस ‘निराश-नारे’ के आने के बाद उनके बचे-खुचे समर्थक ये सोचकर और भी निराश हैं कि जिन्हें हम ताकतवर समझ रहे थे, वो तो सत्ता में रहकर भी कमजोरी की ही बातें कर रहे हैं। जिस ‘आदर्श राज्य’ की कल्पना हमारे देश में की जाती है, उसके आधार में ‘अभय’ होता है, ‘भय’ नहीं। ये सच है कि ‘भयभीत’ ही ‘भय’ बेचता है, क्योंकि जिसके पास जो होगा, वो वही तो बेचेगा। अखिलेश यादव ने भाजपा पर बोला हमला सपा मुखिया ने कहा कि देश के इतिहास में ये नारा ‘निकृष्टतम-नारे’ के रूप में दर्ज होगा और उनके राजनीतिक पतन के अंतिम अध्याय के रूप में आखिरी ‘शाब्दिक कील’ साबित होगा। उन्होंने कहा कि देश और समाज के हित में उन्हें अपनी नकारात्मक नजर और नजरिये के साथ अपने सलाहकार भी बदल लेने चाहिए, ये उनके लिए भी हितकर साबित होगा। एक अच्छी सलाह ये है कि ‘पालें तो अच्छे विचार पालें’ और आस्तीनों को खुला रखें, साथ ही बांहों को भी, इसी में उनकी भलाई है। सकारात्मक समाज कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा। पोस्टरवार शुरू हुआ मुख्यमंत्री योगी का नारा 'बंटेंगे तो कटेंगे' काफी चर्चित हो रहा है। इस कारण यूपी से महाराष्ट्र तक की सियासत गरमा गई है। बीते दिनों मुंबई के कई इलाकों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर और 'बंटेंगे तो कटेंगे' संदेश वाले पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टर में 'बंटेंगे तो कटेंगे और एक रहेंगे तो नेक रहेंगे', सुरक्षित रहेंगे के संदेश लिखे हैं। योगी ने आगरा में दिया था नारा दरअसल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में एक कार्यक्रम में कहा था कि आप देख रहे हैं बांग्लादेश में क्या हो रहा है? वे गलतियां यहां नहीं होनी चाहिए। 'बटेंगे तो कटेंगे, एक रहेंगे तो नेक रहेंगे, सुरक्षित रहेंगे और समृद्धि की पराकाष्ठा पर पहुंचेंगे। इसके बाद यह नारा काफी मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। सबसे पहले अखिलेश यादव के जन्मदिन से पोस्टर वार की शुरुआत हुई थी। इसके बाद से भाजपा और सपा के बीच पोस्टर वार जारी है। recent visitors 109

अखिलेश ने भाजपा पर निशाना साधते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, उनका ‘नकारात्मक-नारा’ उनकी निराशा-नाकामी का प्रतीक

लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘नकारात्मक-नारा’ उनकी निराशा-नाकामी का प्रतीक है। सपा प्रमुख की यह प्रतिक्रिया उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘बटेंगे तो कटेंगे’ बयान के जवाब में देखी जा रही है। सीएम योगी कई मंचों पर अपने भाषणों में इस बात का जिक्र करते हुए नजर आए हैं, कि ‘बटेंगे तो कटेंगे’। पहली बार उनका ये बयान पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में हुए तख्तापलट के बाद हुई हिंसा के बाद आया था। अखिलेश ने भाजपा पर निशाना साधते हुए ‘एक्स’ पर लिखा कि “उनका ‘नकारात्मक-नारा’ उनकी निराशा-नाकामी का प्रतीक है। इस नारे ने साबित कर दिया है कि उनके जो गिनती के 10% मतदाता बचे हैं अब वो भी खिसकने के कगार पर हैं, इसलिए ये उनको डराकर एक करने की कोशिश में जुटे हैं लेकिन ऐसा कुछ होने वाला नहीं।” उन्होंने आगे लिखा, “नकारात्मक-नारे का असर भी होता है, दरअसल इस ‘निराश-नारे’ के आने के बाद, उनके बचे-खुचे समर्थक ये सोचकर और भी निराश हैं कि जिन्हें हम ताकतवर समझ रहे थे, वो तो सत्ता में रहकर भी कमजोरी की ही बातें कर रहे हैं। जिस ‘आदर्श राज्य’ की कल्पना हमारे देश में की जाती है, उसके आधार में ‘अभय’ होता है; ‘भय’ नहीं। ये सच है कि ‘भयभीत’ ही ‘भय’ बेचता है क्योंकि जिसके पास जो होगा, वो वही तो बेचेगा।” उन्होंने आगे लिखा, “देश के इतिहास में ये नारा ‘निकृष्टतम-नारे’ के रूप में दर्ज होगा और उनके राजनीतिक पतन के अंतिम अध्याय के रूप में आखिरी ‘शाब्दिक कील-सा’ साबित होगा। देश और समाज के हित में उन्हें अपनी नकारात्मक नज़र और नज़रिये के साथ अपने सलाहकार भी बदल लेने चाहिए, ये उनके लिए भी हितकर साबित होगा। एक अच्छी सलाह ये है कि ‘पालें तो अच्छे विचार पालें’ और आस्तीनों को खुला रखें, साथ ही बांहों को भी, इसी में उनकी भलाई है।”   recent visitors 85