अखिलेश यादव ने कहा- भाजपा वाले हवा बहुत बनाते हैं, CM फेस नहीं कर सकते इसलिए असिस्टेंट रखे हैं

मैनपुरी सपा मुखिया अखिलेश यादव अपने सियासी गढ़ मैनपुरी में शुक्रवार को पहुंचे, जहां उन्होंने फूफा और भतीजे के आमने सामने चुनाव लड़ने को लेकर कहा कि जब बीजेपी को लगा कर वह चुनाव हार जाएंगे तो कोई न कोई तिगड़म करो कोई न कोई ऐसा संदेश दो जिसका समाजवादी पार्टी के लोग जवाब ही देते रहे। यह लोग तो परिवार बाद के खिलाफ वाले लोग थे जो लोग परिवार बात के खिलाफ थे आज रिश्तेदार वादी कैसे हो गए और मैं दावे के साथ कह रहा हूं करहल की जनता न कि इस चुनाव में बल्कि 2027 के चुनाव में भी ऐसा परिणाम आएगा और ऐतिहासिक परिणाम तेज प्रताप यादव जी के पक्ष में आने जा रहा है। वहीं हार का ऐतिहासिक परिणाम भाजपा के पक्ष में आएगा। वो खुद फर्जी है। आप मत कहलवाइये उनके बारे में यह उनकी पार्ट आफ स्ट्रेटजी है सर्कस तो आना बंद हो गए लेकिन जब कभी भी आप टीवी चैनल देखते होंगे तो कुछ समय ऐड कहा जाता है। यूट्यूब देखते हम कोई चीज अच्छी आ रही है गाना आप अच्छा सुन रहे है अचानक कोई ऐसी चीज आ गई जिसको आप हटाना चाहते हैं। यह विज्ञापन का समान है क्योंकि सरकार जानती है मुख्यमंत्री जी फेस नहीं कर सकते हैं इसलिए उन्होंने फेस न करना पड़े इसलिए उन्होंने कुछ असिस्टेंट रख रखे है यह फेस तो मुख्यमंत्री जी को करना चाहिए। 2027 के चुनाव में इनको मिलकर हारने का काम करेंगे – अखिलेश केशव प्रसाद मौर्य द्वारा दिया गया बयान गठबंधन में खटाई में पढ़ चुका है और गठबंधन का जहाज डूबने वाला है जिस पर बोले अखिलेश यादव "समाजवादी और कांग्रेस की जो रणनीति है उसी से पस्त हो गए अगर रणनीति हमारी है तो उनके भी नेताओं के जो गठबंधन है तो उनको टिकट क्यों नहीं मिली कौन-कौन मनाने गया कौन-कौन स्वार्थ और लालच दे रहा है समाजवादी पार्टी और कांग्रेस हम विपक्ष में हैं हम किसी को लाभ नहीं दे सकते हम अपनी बात कह सकते हैं लड़ सकते हैं यह हमारी स्ट्रेटजी का हिस्सा है हम लोगों की रणनीति है हम लोग मिलकर इस तरह से मिल कर चुनाव लड़ रहे है न कि अभी लड़ रहे हैं इंडिया गठबंधन मजबूत करेंगे और 2027 के चुनाव में इनको मिलकर हारने का काम करेंगे।" दो जवान शहीद हुए हैं जिस पर बोले अखिलेश यादव प्रधानमंत्री जी अभी ब्रिक्स की मीटिंग में सभी महत्वपूर्ण नेताओं से मिले और चीन को लेकर के भी खबरें आई थी और इधर हमारी सीमा सुरक्षित नहीं है जब से बीजेपी की सरकार आई है और असुरक्षित हो गई है हमारे सिक्योरिटी फोर्सज के लोग पैरामिलिट्री आर्मी के लोग बड़े पैमाने पर शहीद हो रहे हैं उनकी जाने गई है और अगर हम आंकड़े निकलेंगे सबसे ज्यादा सोल्जर कश्मीर इश्यू पर हमारी बॉर्डर सिक्योरिटी पर इंटरनल सिक्योरिटी पर कोई फेल हुआ है तो वह भारतीय जनता पार्टी है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार इंटरनल सिक्योरिटी में फेल है बॉर्डर सिक्योरिटी में फेल है हमारे जो संबंध दुनिया और देश से थे उनमें फेल है तो यह फ़ाइल सरकार को हटाने से ही हमारी सीमाएं सुरक्षित होंगे तभी हमारे जवानों की जान बचेगी जब यह सरकार देश से हटेगी। 'कटोगे तो बटोगे' के नारे पर बोले अखिलेश यह नारा उनकी लैब में तैयार होता है अब हम लोगों को जानकारी करनी पड़ेगी कि वह लैब कहां है जिसमें यह नारे तैयार होते हैं। और यह नारा किस पर सबसे अच्छा लगेगा इस का भी बीजेपी ने रिसर्च किया है और मुख्यमंत्री जी से कहलवाया गया है। बहराइच की घटना को लेकर बोले अखिलेश बहराइच में यह लोग हिंदू मुसलमान कराना चाहते थे वहां पर घटना जरूर हुई लोगों की जान गई और नुकसान हुआ यह सब भारतीय जनता पार्टी ने किया और देखिए भारतीय जनता पार्टी किस स्थिति पर पहुंच गई है उन्हें अपने ही कार्यकर्ता पर FIR लिखानी पड़ी। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के चेहरे पर विनाश दिखाई देता है और उनके हाथ देखोगे तो विनाशकारी रेखाएं उनके हाथों पर दिखेंगे यह विकास नहीं कर सकते यह विनाश कर सकते हैं उनके हाथों में विनाशकारी रेखाएं हैं।   recent visitors 66

बीजेपी ने अनुजेश को करहल से उतारकर इस सीट पर मुलायम परिवार के बीच मुकाबला कर दिया

 मैनपुरी यूपी की नौ विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने सात सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है. मैनपुरी की जिस करहल सीट से सपा मुखिया अखिलेश यादव ने इस्तीफा दिया था, उस सीट पर बीजेपी ने उनके ही जीजा अनुजेश यादव को उतार दिया है. अनुजेश को उतारकर बीजेपी ने इस सीट पर मुलायम परिवार के बीच मुकाबला कर दिया है क्योंकि अखिलेश यादव ने इस सीट पर अपने भतीजे और मैनपुरी के पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव को टिकट दिया है. अनुजेश यादव मुलायम परिवार के दामाद हैं. वह मुलायम सिंह यादव के भाई अभयराम यादव की बेटी संध्या यादव के पति हैं. संध्या यादव, आजमगढ़ से सांसद धर्मेद्र यादव की सगी बहन हैं. संध्या यादव मुलायम परिवार की पहली बेटी हैं, जिन्होंने राजनीति में कदम रखा था. इतना ही नहीं वो मैनपुरी की जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुकी हैं. संध्या और अनुजेश को समाजवादी पार्टी से निकाल दिया गया था, जिसके बाद दोनों ने बीजेपी ज्वाइन कर ली थी. घिरोर से विधायक रह चुकी हैं अनुजेश की मां उर्मिला अनुजेश यादव का परिवार शुरू से ही राजनीति में है और समाजवादी पार्टी से जुड़ा हुआ है. उनकी मां उर्मिला यादव मैनपुरी की घिरोर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी की टिकट पर विधायक रह चुकी हैं.    लोकसभा चुनाव के दौरान ऐसी चर्चाएं थीं कि बीजेपी मुलायम परिवार के ही किसी सदस्य को डिंपल यादव के सामने उतार सकती है. इनमें दो नाम आगे चल रहे थे. पहला नाम था अपर्णा यादव का, जोकि मुलायम परिवार की बहू हैं. वो मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं. जबकि दूसरा नाम था अनुजेश यादव का. अनुजेश ने मैनपुरी में हुए उपचुनाव में भी समाजवादी पार्टी के खिलाफ प्रचार किया था. हालांकि बाद में डिंपल के सामने यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह को उतारा गया था, लेकिन इस सीट पर बीजेपी जीत हासिल नहीं कर पाई थी.   विधानसभा का नंबर विधानसभा का नाम उम्मीदवार का नाम 29 कुंदरकी श्री रामवीर सिंह ठाकुर 56 गाजियाबाद श्री संजीव शर्मा 71 खैर श्री सुरेंद्र दिलेर 110 करहल श्री अनुजेश यादव 256 फूलपुर श्री दीपक पटेल 277 कटेहरी श्री धर्मराज निषाद 397 मझवां श्रीमती सुचिस्मिता मौर्या   बीजेपी ने किन सीटों पर उतारे उम्मीदवार? करहल पर अनुजेश यादव के साथ ही बीजेपी ने गाजियाबाद सदर पर पार्टी के महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा, कुंदरकी से रामवीर सिंह ठाकुर को टिकट दिया है. इसके अलावा खैर (अजा) सीट से सुरेंद्र दिलेर, फूलपुर से दीपक पटेल, कटेहरी से धर्मराज निषाद और मझवां से श्रीमती सुचिस्मिता मौर्या को टिकट दिया गया है.   recent visitors 66

हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के चुनाव में कांग्रेस से सीट न मिलने के बाद भी अखिलेश यादव यूपी में इस गठबंधन के साथ

लखनऊ अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन जारी रहने की बात कही है। हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के चुनाव में कांग्रेस से सीट न मिलने के बाद भी सपा प्रमुख अखिलेश यादव यूपी में इस गठबंधन के साथ उपचुनाव में खड़े होने के लिए तैयार हैं। अखिलेश यादव ने सैफई में अपने पिता और सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि देने के बाद कहा कि यूपी के आने वाले उपचुनाव के बारे में आज बहुत कुछ नहीं बोलना है। उन्होंने सपा-कांग्रेस गठबंधन के बारे में स्पष्ट करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन जारी रहेगा। दरअसल, हाल ही में पूरे हुए हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनावों से पहले सपा ने कांग्रेस से दोनों राज्यों में सीट की मांग की थी। यूपी में चल रहे गठबंधन के बाद से संभावना थी की कांग्रेस इन राज्यों में सपा को सीट देगी। हालांकि ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस ने दोनों राज्यों में अकेले चुनाव लड़े। अब यूपी में 10 सीटों पर उपचुनाव की तैयारी है। इनमें से 6 सीटों पर सपा अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है। प्रत्याशियों की लिस्ट जारी होने के एक दिन बाद ही अखिलेश ने ये साफ कर दिया कि कांग्रेस के साथ गठबंधन भी रहेगा। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि बची हुई 4 सीटों में से कुछ सीट कांग्रेस को मिल सकती हैं। हालांकि यूपी कांग्रेस का 5 सीटों पर दावा था। पहले कांग्रेस 10 में से उन पांच सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटी थी जो भाजपा के पास थी। इसके लिए कांग्रेस और सपा प्रदेश एवं शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत चल रही थी। मगर इसी बीच सपा ने बुधवार को छह सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए। इन सीटों में करहल से तेज प्रताप यादव, सीसामऊ से नसीम सोलंकी, फूलपुर से मुस्तफा सिद्दीकी, मिल्कीपुर से अजीत प्रसाद, कटेहरी से शोभावती वर्मा, मझवां से डॉ.ज्योति बिंद को सपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस जिन सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती थी उनमें मीरापुर, गाजियाबाद, खैर, फूलपुर, मझवां थी। इनमें अभी मीरापुर, गाजियाबाद, खैर सीटें ही बची है। कांग्रेस की प्राथमिकता में शामिल मझवां और फूलपुर पर सपा ने प्रत्याशी उतार दिए। इनके अलावा कुंदरकी सीट पर इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी की घोषणा होनी है। खाली हुई दस सीटों में से पांच सीसामऊ, कटेहरी, करहल, मिल्कीपुर और कुंदरकी सपा के पास थीं। वहीं, फूलपुर, गाजियाबाद, मझवां और खैर भाजपा के पास थीं। मीरापुर सीट भाजपा के सहयोगी राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के पास थी। करहल सीट सपा प्रमुख अखिलेश यादव के कन्नौज से सांसद चुने जाने के कारण खाली हुई है, जबकि कटेहरी (अंबेडकर नगर) सीट पार्टी के लालजी वर्मा के अंबेडकर नगर लोकसभा सीट से चुने जाने के कारण खाली हुई है। recent visitors 119

संसद का मानसून सत्र समाप्त होते ही सपा मुख्यालय पर आज चुनावी हलचल तेज, अखिलेश ने बिछाई उपचुनाव की बिसात

लखनऊ संसद का मानसून सत्र समाप्त होते ही समाजवादी पार्टी मुख्यालय पर शनिवार को चुनावी हलचल तेज हो गई। प्रदेश में 10 सीटों पर हाेने वाले विधानसभा उपचुनाव की तैयारियों के लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रदेश मुख्यालय पहुंचे तो उनसे मिलकर टिकट पाने के लिए कई दावेदारों का तांता लग गया। इस बीच फैजाबाद लोकसभा की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनावी रणभेरी फूंकने पहुंचे तो ठीक उसी समय अखिलेश यादव ने फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद को बुलाकर अपनी बिसात भी बिछा दी। करीब 25 मिनट तक अखिलेश यादव से मंथन के बाद अवधेश प्रसाद सभागार से बाहर निकले तो उनके चेहरे पर प्रसन्नता साफ दिखी। समर्थकों से बोले क्षेत्र में जाओ और तैयारी शुरू कर दो। माना जा रहा है कि उनके बेटे को उपचुनाव लड़ने का ग्रीन सिग्नल मिल गया है। तैयारियों ने दिया संकेत शनिवार की तैयारियों ने संकेत दे दिया कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के लिए भी मिल्कीपुर उपचुनाव का केंद्र होगा। प्रदेश की 10 विधानसभा सीटों पर करहल, मिल्कीपुर, कटेहरी, फूलपुर, गाजियाबाद, खैर, मीरापुर, कुंदरकी,मझवां और सीसामऊ पर उपचुनाव होना है, उसमें पांच सीटें करहल, मिल्कीपुर, कुंदरकी, कटेहरी, सीसामऊ पर सपा ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी। मिल्कीपुर से विधायक रहे अवधेश प्रसाद , कटेहरी से विधायक लालजी वर्मा, कुंदरकी से जियाउर्रहमान बर्क और करहल से अखिलेश यादव लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बन गए हैं। उनके चुनाव जीतने से यह सीटें खाली हुई हैं। इसके अलावा कानपुर की सीसामऊ सीट से विधायक रहे इरफान सोलंकी को सजा सुनाए जाने के बाद रिक्त घोषित हुई इस सीट पर उपचुनाव होना है। यह विडियो भी देखें सपा किसे दे सकती है टिकट? सपा फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को मिल्कीपुर, अंबेडकरनगर के सांसद लालजी वर्मा की बेटी छाया वर्मा को कटहरी, करहल से तेज प्रताप यादव, सीसामऊ से इरफान सोलंकी की पत्नी या उनकी मां और कुंदरकी से पूर्व विधायक हाजी रिजवान को अपना उम्मीदवार बना सकती है। हाजी रिजवान सपा से विधायक रह चुके हैं। मीरापुर विधानसभा सीट पर पिछला चुनाव सपा ने राष्ट्रीय लोकदल के साथ मिलकर लड़ा था। उस चुनाव में विजयी हुए चंदन चौहान अब सांसद बन गए हैं। मुस्लिम और जाट बहुल इस सीट पर सपा पूर्व सांसद कादिर राणा को मौका दे सकती है। सपा की नजर फूलपुर विधानसभा सीट पर भी है। इस सीट पर सपा वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में केवल 2792 वोटों से हारी थी। इस बार पार्टी किसी कुर्मी को प्रत्याशी बना सकती है। मीरजापुर की मझवां सीट पर सपा बिंद प्रत्याशी को टिकट दे सकती है। खैर और गाजियाबाद विधानसभा सीटों को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच मंथन चल रहा है। recent visitors 99