भाजपा को हराने वाले दलों से बढ़ाएंगे नजदीकियां, ये लोकतंत्र नहीं, एक तंत्र चाहते हैं: अखिलेश यादव

सहारनपुर अंबाला रोड स्थित पार्टी के गायक शाहनवाज साबरी के शादी समारोह में आज सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समर्थकों के साथ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि उन दलों से पार्टी नजदीकियां बढ़ाएंगी, जो भाजपा को हराने के लिए आगे आएंगे। अखिलेश यादव ने संभल की घटना पर सरकार को घेरते हुए कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए घटना कराई गई है। कहा कि कहा कि जब भी जांच होगी। सरकार कटघरे में होगी और दोषी अधिकारियों को सजा मिलेगी। सदन में सीएम की भाषा अच्छी नहीं- अखिलेश इसके अलावा कहा कि सरकार के द्वारा सदन में गलत भाषा का इस्तेमाल होता है। मन विधान से चलने वाले लोग एक तंत्र पसंद करना चाहते है। सरकार की तरफ से गलत भाषा का इस्तेमाल होता है। लोकतंत्र पर हमला करने के लिए, ताकि लोकतंत्र कमजोर हो जाए। मन विधान से चलने वाले लोग एक तंत्र पसंद करना चाहते हैं। ये हालत दिल्ली का है। हमारे मुख्यमंत्री की भाषा सुनने पर गुस्सा आ जाएगा। सदन में उनकी भाषा अच्छी नहीं लगती है। सीएम योगी की भाषा बहुत गलत है- अखिलेश भाषा का ऐसा इस्तेमाल हो, जिसमें सम्मान हो। हमें सम्मान की बात भी करनी चाहिए। डिप्टी सीएम की भाषा भी निंदनीय है। कहा कि बुनियादी सवालों का जवाब उनके पास नहीं है। किसी भी गरीब को इलाज तक नहीं मिल पा रहा है। यह सरकार अस्पताल के साथ-साथ प्राइमरी स्कूलों को बंद करने जा रही है। सरकार में हर स्तर पर लूट देखने को मिलेगी। चाहे वह तहसील स्तर हो। वन नेशन, वन इलेक्शन…लोकतंत्र को कमजोर करने का तरीका है- अखिलेश अखिलेश ने कहा कि देश और समाज को तरक्की पर लाने के लिए नए रास्ते खोजने वाले हैं। वन नेशन, वन इलेक्शन, वन नेशन वन राशन और एक ही इलाज है वोट। लोकतंत्र को कमजोर करने का तरीका है। लोकतंत्र में हमारी पहचान बची रहे, लेकिन सरकार किसी को नहीं सुनना चाहती है। लोकतंत्र नहीं, वह एक तंत्र चाहते हैं। इजराइल में नौकरी पर बोलते हुए कहा कि गरीब बच्चे घर परिवार को छोड़कर इजराइल में मुसीबतों में नौकरी कर रहे हैं। जो सम्मान घर में मिलेगा, वह बाहर नहीं मिल सकता है। सरकार ने अगर नौकरी दी है तो उनकी सूची जारी करे। कोई भी पार्टी मौन नहीं है। ये सरकार बहुत कमजोर है। अखिलेश यादव के कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल सरसावा एयरपोर्ट पर सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 3:5 मिनट पर पहुंचे। वहां पर कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। उसके बाद 3:20 पर वह अंबाला रोड स्थित न्यू सेलिब्रेशन रिसाेर्ट में आयोजित शादी समारोह में पहुंचे। इस दौरान अखिलेश यादव से मिलने के आपाधापी रही। इस दौरान अखिलेश यादव कई बार गिरते बचे। बाद में पुलिस ने व्यवस्था को संभाला। इस दौरान विधायक आसू मलिक, मौहम्मद उम्र अली खान, राष्ट्रीय महासचिव चौघरी रूद्रसैन, गंगोह विधानसभा प्रभारी चौंधरी इंद्रसैन, परीक्षित चौधरी, रागिब, अंजुम आदि मौजूद रहे। recent visitors 72

‘संसद में 11 ‘जुमले’ सुनने को मिले’, पीएम मोदी के 11 संकल्पों पर अखिलेश यादव का तंज

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लोकसभा में संविधान के 75 साल की गौरवशाली यात्रा पर चर्चा के बाद 106 मिनट के अपने जवाब में विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए संवैधानिक मूल्यों की भावना के अनुरूप 11 संकल्प पेश किए। इन 11 संकल्पों को समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने "11 जुमले" करार दिया। अखिलेश यादव ने सदन के बाद पत्रकारों से कहा, "प्रधानमंत्री का आज का बहुत लंबा भाषण था। आप लोगों से बेहतर कौन जान सकता है कि 'जुमले' से किसको जाना जाता था। आज हम लोगों को 11 जुमलों का संकल्प सुनने को मिला है। 15 लाख रुपये जुमला था। किसानों की आय दोगुनी होगी, वह जुमला था। एक करोड़ नौकरियां मिलेंगी, वह जुमला था। अग्निवीर जैसी नौकरी एक जुमला है। जीएसटी से महंगाई कम होगी यह भी जुमला निकला। उत्तर प्रदेश में आपको याद होगा कि इन्होंने कहा था कि जानवरों से सड़कें खाली हो जाएंगी, सड़कों पर जानवर नहीं दिखेंगे, वह बात भी जुमला निकली।" उन्होंने कहा कि भाजपा की परिवारवाद की बात भी जुमला निकली, क्योंकि इनके दल में ही परिवारवाद भरा पड़ा है। भारतीय जनता पार्टी कह रही है कि हम आरक्षण दे रहे हैं, लेकिन सच तो यह है कि पिछड़े, दलित और आदिवासियों का आरक्षण छीना जा रहा है। जाति जनगणना को लेकर हम लगातार संघर्ष कर रहे हैं। इसे लेकर लगातार हम आगे बढ़ रहे हैं। वह दिन आएगा जब जाति जनगणना भी होगी और आबादी के हिसाब से लोगों को हक और सम्मान भी मिलेगा। उनके अभी तीन जुमले और बचे हैं। जब समय आएगा तो आप खुद देख लेना। यह सरकार लोगों को ऐसे ही भटकाएगी।" उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी ने "भारतीय संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा" पर सदन में दो दिन की चर्चा का जवाब देते हुए कहा, "देश के भविष्य के लिए संविधान की भावना से प्रेरित होकर मैं आज इस सदन के समक्ष 11 संकल्प प्रस्तुत करना चाहता हूं। यदि प्रत्येक भारतीय अपने मूल कर्तव्यों का पालन करे तो भारत को विकसित राष्ट्र बनने से नहीं रोका जा सकता।" recent visitors 68

अखिलेश यादव ने कहा- किसी भी व्यक्ति को उसके जीवन और दैहिक स्वतंत्रता से वंचित नहीं किया जा सकता

नई दिल्ली अखिलेश यादव ने लोकसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान अतीक अहमद के पुलिस सुरक्षा में मारे जाने का सवाल उठाया तो मस्जिद, मंदिर और जाति जनगणना के मुद्दों पर भी बात की। अखिलेश यादव ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसके जीवन और दैहिक स्वतंत्रता से वंचित नहीं किया जा सकता। यह मौलिक अधिकार है, लेकिन उत्तर प्रदेश में तो यही छीना जा रहा है। फर्जी मुठभेड़ों में कत्ल हो रहा है और पुलिस की अभिरक्षा में लोग मारे जा रहे हैं। यूपी में ऐसे हालात पहले कभी नहीं देखे गए। यूपी में हर दिन ऐसा हो रहा है। टीवी पर चलते हुए जान ले ली गई। हमारा प्रदेश हिरासत में मौतों के मामले में सबसे आगे जा रहा है। यूपी के पूर्व सीएम ने कहा कि ईडी का ऐसा कानून है कि बिना किसी नोटिस के ही लोग गिरफ्तार हो रहे हैं। इसके अलावा जाति जनगणना का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि जाति जनगणना कराना चाहें तो करा लें। मैं तो कहता हूं कि आप चाहें तो करा लें, वरना हमें जब भी मौका मिलेगा तो हम कराएंगे। आउटसोर्सिंग से नौकरियां दी जा रही हैं। आरक्षण खत्म हो रहा है। कुलपति और प्रोफेसर नियुक्त करने में NFS लिख दिया जाता है यानी कोई उपयुक्त व्यक्ति नहीं मिला। यदि सारे वीसी, प्रोफेसर की सूची जारी कर दी जाए तो बात साफ हो जाएगी कि 10 फीसदी लोगों का ही ख्याल रखा जा रहा है। 90 फीसदी लोगों की कोई चिंता नहीं हो रही है। जाति जनगणना से भेदभाव नहीं बढ़ेगा बल्कि जातियों के बीच दूरियां कम होंगी। ऐसे लोगों को न्याय और सम्मान मिलेगा, जो अब तक इससे वंचित हैं। उन्होंने कहा कि देश में 2014 के बाद से असमानता तेजी से बढ़ी है। 140 करोड़ लोगों में से 82 करोड़ तो सरकारी राशन से जिंदा हैं। सरकार कहती है कि हमारी अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है तो मेरा सवाल है कि कैसे 82 करोड़ सरकारी राशन पर जिंदा हैं और कैसे कुछ लोगों के पास इतनी बड़ी दौलत है। यदि आपकी अर्थव्यवस्था ऊंचाई पर जा रही है तो हमारे जो 60 फीसदी गरीब लोग हैं, उनकी प्रति व्यक्ति क्या है। इसके आंकड़े भी तो सरकार को देने चाहिए। इससे स्पष्ट हो जाएगा कि 5 फीसदी लोगों के पास कितनी कमाई है। राज्य की निगाह में सभी धर्म समान हैं। हमारा सेकुलरिज्म समानता की बात करता है, लेकिन क्या सरकार इस पर अमल कर रही है। देश के 20 करोड़ से ज्यादा अल्पसंख्यकों और खासतौर पर मुसलमानों को दूसरे दर्जे का नागरिक बनाया जा रहा है। उनके घर तोड़े जा रहे हैं और हत्याएं की जा रही हैं। प्रशासन की मदद से उनके धर्मस्थलों को कब्जा किया जा रहा है। हमने देखा है कि यूपी में इस तरह की घटनाएं जानबूझकर की गईं। मुझे याद है कि जब उत्तर प्रदेश में चुनाव चल रहा था को बहुत से लोगों को वोट के अधिकार से रोका गया। ऐसे इंतजाम किए गए थे कि लोग वोट डालने के लिए बूथ तक न पहुंच जाएं। पूरी दुनिया ने देखा कि कैसे यूपी में एक अधिकारी पिस्तौल दिखाकर महिलाओं को वोट डालने से रोकता है। क्या यही लोकतांत्रिक गणराज्य है। अखिलेश यादव ने कहा कि हिटलर ने भी तो लोकतांत्रिक तरीके से चुने जाने के बाद संविधान बदला था और तानाशाही लागू कर दी थी। संविधान की प्रस्तावना में सामाजिक, आर्थिक न्याय दिलाने की बात है। लेकिन ऐसा क्या है। आर्थिक न्याय के बिना कुछ भी संभव नहीं है। धन्नासेठों की सरकार बड़े पैमाने पर पैसे खर्च करके सत्ता में आ जाती है। इससे राजनीतिक न्याय भी छिन जा रहा है। आज अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ देशद्रोह है। आज उपासना में भी दिक्कत है क्योंकि हर मस्जिद के नीचे मंदिर खोजा जा रहा है। आज एक ही कानून कुछ लोगों के लिए अलग है। यदि सत्ता पक्ष का आदमी गेरूआ गमछा पहनकर गाली दे तो जी हुजूरी। दूसरा व्यक्ति न्याय मांगने जाए तो लाठी मिलती है। recent visitors 58

संभल के भाईचारे को गोली मारी दी, लोकसभा में बोले अखिलेश-अफसरों पर दर्ज हो हत्‍या का मुकदमा

संभल समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को लोकसभा में संभल हिंसा का मामला उठाया। उन्‍होंने कहा कि अचानक ये जो घटना हुई है। ये सोची समझी साजिश के तहत वहां के भाईचारे को गोली मारने का काम हुआ है। देश के कोने-कोने में भाजपा और उनके शुभचिंतक बार-बार खुदाई की जो बात कर रहे हैं, ये खुदाई, हमारे देश का सौहार्द, भाईचारा और गंगा-जमुनी तहजीब को खो देगा। उन्‍होंने कहा कि यूपी में उपचुनाव की तारीख को 13 से बढ़ाकर 20 नवंबर कर दिया गया। अखिलेश जब संभल पर बोल रहे थे तो लोकसभा में भाजपा सदस्‍यों की ओर से लगातार आपत्ति जताई गई। शोर शराबे के बीच अखिलेश ने अपनी बात जारी रखी। उन्‍होंने संभल हिंसा के लिए याचिका दायर करने वालों के साथ पुलिस-प्रशासन को जिम्‍मेदार ठहराते हुए संबंधित अफसरों को सस्‍पेंड करने और उनके खिलाफ हत्‍या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। सपा मुखिया ने कहा कि संभल की शाही जामा मस्जिद के खिलाफ सिविल जज सीनियर डिविजन के यहां एक याचिका डाली। दूसरे पक्ष को सुने बिना कोर्ट ने उसी दिन सर्वे का आदेश दे दिया और अधिकारी उसी दिन दो घंटे बाद पुलिस बल के साथ सर्वे के लिए जामा मस्जिद पहुंच भी गए। जामा मस्जिद की कमेटी और अन्‍य लोगों ने पूरा सहयोग दिया। संभल के डीएम और एसपी ने ढाई घंटे सर्वे के बाद कहा कि सर्वे पूरा हो चुका है और रिपोर्ट कोर्ट को भेज दी जाएगी। लेकिन 22 नवंबर को जब लोग जुमे की नमाज के लिए पहुंचे तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। उसके बाद भी लोगों ने संयम बरतते हुए नमाज अदा की और किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन नहीं किया। 29 नवंबर की तारीख को कोर्ट में सुनवाई तय थी। मस्जिद पक्ष के लोग कोर्ट में सुनवाई के लिए तैयारी कर रहे थे लेकिन 23 नवंबर की रात पुलिस प्रशासन ने कहा कि अगली सुबह दोबारा सर्वे किया जाएगा। मुस्लिम पक्ष ने कहा कि सर्वे तो पूरा हो चुका है। दोबारा सर्वे कराना ही है तो कोर्ट से आदेश लें लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई। तानाशाही दिखाते हुए सुबह के वक्‍त से पहले शाही जामा मस्जिद आ गए। अखिलेश ने कहा कि मुस्लिम कम्‍युनिटी के लोगों ने फिर भी धैर्य रखा और दोबारा सर्वे के लिए अंदर ले गए। सर्वे के दौरान करीब डेढ़ घंटे बाद लोग इक्‍ट्ठा हो गए। लोगों ने सर्वे का कारण जानना चाहा तो सर्किल ऑफिसर ने उनके साथ गाली-गलौज की और लाठीचार्ज करवाकर बुरी तरह घायल कर दिया। इसका विरोध करते हुए चंद लोगों ने पत्‍थर चलाए। इसके बदले में सिपाही से लेकर अधिकारियों तक ने अपने सरकारी और प्राइवेट हथियारों से गोलियां चलाईं, जिसका वीडियो रिर्कार्डिग है। दर्जनों लोग घायल हो गए। पांच लोग जो अपने घर से सामान लेने के लिए निकले थे उनकी मृत्‍यु हो गई। संभल का माहौल बिगाड़ने में याचिका दायर करने वाले लोगों के साथ पुलिस और प्रशासन के लोग जिम्‍मेदार हैं। इनको निलंबित करके हत्‍या का मुकदमा चलाना चाहिए। जिससे लोगों को इंसाफ मिल सके और आने वाले दिनों में कोई इस तरह संविधान के खिलाफ और गैरकानूनी घटना को अंजाम न दे सके। अखिलेश ने कहा कि ये लड़ाई दिल्‍ली और लखनऊ की है। वे दिल्‍ली पहुंचे जिस रास्‍ते, लखनऊ वाले भी उसी रास्‍ते दिल्‍ली पहुंचना चाहते हैं। कमेंट पर भड़के अखिलेश यादव मंगलवार को जब लोकसभा में संभल हिंसा पर बोल रहे थे उसी वक्‍त सत्‍ता पक्ष की ओर से किसी ने कोई कमेंट किया जिस पर वह भड़क गए। अखिलेश ने कहा कि 'हम बनते तो बहुत कुछ हैं।' इसके बाद वह फिर मुस्‍कुरा दिए और संभल की घटना पर बोलना शुरू कर दिया। लोकसभा में उनके ठीक पीछे की सीट पर संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बैठे हुए थे। गिरिराज सिंह और पीयूष गोयल ने टोका अखिलेश ने संभल हिंसा पर बोलना शुरू किया तो सत्‍ता पक्ष की ओर से भी टोका-टाकी होने लगी। बेगूसराय से भाजपा सांसद गिर‍िराज सिंह और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल उन्‍हें टोकने लगे। अखिलेश ने इस टोका-टाकी पर ज्‍यादा ध्‍यान नहीं दिया और संभल पर अपनी बात रखते रहे। recent visitors 84

बवाल शुरू किया और जो पहले पहल फसाद की वजह बने, उनकी तस्वीरें कब लगेंगी?: अखिलेश यादव

लखनऊ उत्तर प्रदेश के संभल की हिंसा के बाद सियासी बयानबाजी और पोस्टरवार भी शुरू है। एक तरफ प्रशासन ने घटना में शामिल उपद्रवियों की तस्वीरें जारी की है। वहीं दूसरी तरफ सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जारी कर पूछा है जिन्होंने बवाल शुरू किया और जो पहले पहल फसाद की वजह बने, उनकी तस्वीरें कब लगेंगी? सपा मुखिया अखिलेश यादव ने गुरुवार को संभल हिंसा को लेकर एक तस्वीर जारी की है जिसमें सुप्रीमकोर्ट के अधिवक्ता विष्णु जैन के साथ अन्य लोग भी दिख रहे हैं। उन्होंने लिखा कि जिन्होंने बवाल शुरू किया और जो पहले पहल फसाद की वजह बने, उनकी तस्वीरें कब लगेंगी? दरअसल हिंसा के तीन दिन बाद बुधवार को पुलिस की ओर से जारी किए गए पोस्टरों में अधिकतर उपद्रवी अधिकतर नौजवान दिख रहे हैं। सभी मुंह बांधे हुए हैं। उनके हाथ में ईंट पत्थर भी नजर आ रहे हैं। इसके अलावा कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे हैं जिसमें महिलाएं पत्थर चलाती नजर आ रही है। हालांकि उनके पोस्टर जारी नहीं हुए हैं। बवाल के बाद पुलिस-प्रशासन के अधिकारी लगातार कार्रवाई को आगे बढ़ा रहे हैं। सांसद जियाउर्रहमान बर्क को भी 168 का नोटिस तामील कराया गया था। वीडियो, सीसीटीवी और ड्रोन फुटेज से आरोपियों को चिह्नित किया गया। एसपी ने कहा कि किसी भी निर्दोष को डरने की जरूरत नहीं है लेकिन जो लोग उपद्रव में शामिल रहे हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। एसपी ने लोगों से उपद्रवियों की सूचना देने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी और उन्हें इनाम भी दिया जाएगा। ज्ञात हो कि बीते रविवार को संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा मामले में चार लोगों की मौत हो गई और कई पुलिसवाले घायल हो गए। इसको लेकर पुलिस ने पत्थरबाजी करने वाले की पहचान की है और इस मामले में अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया है।   recent visitors 136

अखिलेश यादव ने हिंसा के पीड़ित के बयान के साथ लिखा कि न्याय का मान न्यायालय ही सुनिश्चित करेगा

लखनऊ उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद के सर्वेक्षण को लेकर हुई हिंसा व आगजनी के बाद सियासी बयानबाजी कम होने का नाम नहीं ले रही है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक कटिंग के माध्यम से संभल हिंसा के पीड़ित के बयान के साथ लिखा कि न्याय का मान न्यायालय ही सुनिश्चित करेगा। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया के माध्यम से संभल हिंसा के पीड़ित के बयान को पोस्ट किया और लिखा कि किसी को धमकाकर कोरे काग़ज़ पर अंगूठा लगवाना भी गुनाह है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय तत्काल संज्ञान ले और दोषी शासन-प्रशासन के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करके, इस घटना के लिए जिम्मेदार सभी को सजा दे। न्याय का मान न्यायालय ही सुनिश्चित करेगा। इसके पहले सपा मुखिया ने पत्रकारों से बातचीत में संभल हिंसा पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि जामा मस्जिद में दोबारा सर्वे का काम क्यों किया? उन्होंने कहा कि मैं भी संभल जाऊंगा। संभल जाने से क्यों रोका जा रहा है। संभल का हाल जानना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि संभल में न्याय नहीं मिल रहा है। हम संविधान का सम्मान करते हैं। हम संविधान का उत्सव कैसे मनाएं? उत्सव ढोंग नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान को नहीं मानती है। उधर,संभल में हिंसा के बाद अब हालात सामान्य हो रहे हैं। बाजार खुल गए हैं। स्कूल भी खुले। हिंसाग्रस्त इलाके में पुलिस बल तैनात है। कड़ी निगरानी की जा रही है। पुलिस अब भी संभल बवाल से जुड़े मामलों में सतर्कता बरत रही है। वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।   recent visitors 48

महाराष्ट्र के चुनाव के बाद यूपी में छिन जाएगी सीएम योगी की कुर्सी, अखिलेश यादव ने एक बड़ा दावा किया

लखनऊ उत्तर प्रदेश में 9 सीटों पर हो रहे उपचुनाव के बीच नेताओं की बयानबाजी अब आए दिन तेज होते जा रही है. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को करहल में उपचुनाव को लेकर एक जनसभा को संबोधित किया. अखिलेश यादव ने अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ पर सीधे जुबानी हमला बोला तो एक बड़ा दावा भी कर दिया. अखिलेश यादव ने करहल में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, 'महाराष्ट्र के चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश की कुर्सी भी छिन जाएगी. यह हमारे मुख्यमंत्री जी समाज में अंदर ही अंदर बारूद बिछा रहे हैं लेकिन उनके नीचे सुरंग खुद रही है. यह जो बारूद बिछा रहे हैं वह इसलिए बिछा रहे हैं कि उनकी कुर्सी भी खतरे में है. सभी लोग आप मदद करना.' सपा प्रमुख ने कहा कि करहल से ऐतिहासिक जीत होगी. बांटने की राजनीति कामयाब नहीं होगी. यहां जनता और किसानों को परेशान किया जा रहा है. नौजवानों को उलझाकर नौकरी नहीं दिया जा रहा है. उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. सभी सीट हार रही BJP- सपा प्रमुख उन्होंने कहा कि बीजेपी सभी 9 सीटों पर हारने जा रही है. बीजेपी के अंदर के लोग, सहयोगी दल भी बटेंगे तो कटेंगे के नारे को स्वीकार नहीं कर रहे हैं. बुलडोजर को हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया. इसके लिए सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करता हूं, अधिकारियों को कार्रवाई का सामान करना पड़ेगा. नौजवानों की बातों को मानना चाहिए, जो दावे करते हैं कि हम रिकार्ड परीक्षा करवा सकते हैं तो उनकी मांगों को मानना चाहिए. अखिलेश यादव ने कहा कि डिवाइड एंड रूल यहां की जनता कभी स्वीकार नहीं कर सकती है, यह अंग्रेजों के रास्ते पर चल रहे है इसे देश कभी स्वीकार नहीं कर सकती है. बता दें कि अखिलेश यादव ने बीते 2022 के विधानसभा चुनाव में करहल विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी. उनके इस्तीफा देने के बाद ही इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है. वह अब लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज कर सांसद बन गए हैं.   recent visitors 67