दो दिवसीय मातृभाषा समारोह का आयोजन

Two day mother tongue festival organized सुशील दामले (विशेष संवाददाता) भोपाल। राजधानी स्थित सुभाष खेल मैदान शक्ति नगर में दो दिवसीय मातृभाषा समारोह का आयोजन किया जा रहा हैं,कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पी नरहरि प्रमुख्य सचिव मध्य प्रदेश,सोमकांत जी उमलाकर वरिष्ठ समाजसेवी एवं मातृभाषा मंच के अध्यक्ष संतोष कुमार रावत उपस्थित हुए,कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर सरस्वती पूजन के साथ हुआ,इस कार्यक्रम में 11भाषाओं में आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए,जिसमें 180 लोगों ने भाग लिया,जिसमें तेलुगू में कुचीपुड़ी और नाटेशा कोटुवम,मलयालम में थिरुवाथिरा काली,उड़िया में नृत्य,तमिल में दुर्गा स्तुति,नेपाली में सालैजो,पंजाबी,भोजपुरी  और अन्य भाषाएं शामिल रहीं,समाजों के कलाकारों ने सांस्कृतिक छटा बिखेरी और साथ ही लोगों ने भाषायी संस्कृतियों के पारंपरिक व्यंजनों का लुत्फ उठाया,वही पारंपरिक व्यंजनों की बात करें तो स्टॉल नंबर 14 में पंजाबी व्यंजन का स्टाल लगा हुआ है,जिसमें छोले कुलचे एवं रायता उपलब्ध है,स्टाल पर भीड़ देखने को मिली,छोले कुलचे के स्वाद ने सभी को पंजाब की याद दिलाई, वही स्टॉल संचालक जसपाल गिल ने हमें बताया कि,प्रत्येक वर्ष हम अपना स्टॉल लगाते हैं,जो आए हुए लोगों को काफी पसंद आता है recent visitors 117

सिर्फ कागजों में देश कि सबसे स्वच्छ राजधानी भोपाल: ज़मीनी हकीकत कुछ और, बस स्टैंड बदहाल, कीचड़-गंदगी से भरे पड़े ,,,

भोपाल । राजधानी भोपाल के नादरा बस स्टैंड और आईएसबीटी की हालत बदहाल है। दोनों बस स्टैंड पर गंदगी पसरी है। पीने के साफ पानी और स्वच्छ शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। नादरा बस स्टैंड रात के समय नशे का अड्डा बन जाता है। यहां चोरी और लड़ाई की घटनाएं भी आम हैं। बता दें कि नादरा बस स्टैंड से रोजाना करीब 5 हजार से अधिक यात्री सागर, बीना, विदिशा, अशोकनगर, गुना, शिवपुरी, आदि शहरों के लिए जाते हैं। वहीं आईएसबीटी से रोजाना करीब 6 हजार यात्री होशंगाबाद, इटारसी, बैतूल आदि जैसे शहरों के लिए निकलते हैं, इसके अलावा अन्य राज्यों जैसे राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश आदि के लिए भी बसें यहां से रवाना होती हैं। नादरा बस स्टैंड पर एजेंट का काम करने वाले दयाल सिंह गुर्जर ने बताया कि पानी निकासी की सही व्यवस्था न होने के चलते बस स्टैंड कीचड़ से भरा है। लोग यहां खुले में शौच करते है। इससे पूरे इलाके में बदबू बनी रहती है. जिसकी वजह से स्थानीय दुकानदार और यात्री परेशान रहते हैं। नगर निगम भी हमारे आवाज उठाने पर ही सफाई करवाता है। दुकानदार मोहम्मद सईद ने बताया कि वह पिछले 40 सालों से बस स्टैंड पर दुकान चलाते हैं। यहां शौचालय का कोई बोर्ड या निशान नहीं लगा है। इसके चलते विशेषकर महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां बाहर बने शौचालय में महिलाओं के लिए मुफ्त लिखे होने पर भी उनसे पैसे मांगे जाते हैं। जब महिलाएं इस बात को लेकर आवाज उठाती हैं, तो उन्हें शौचालय में काम चलने की दलील दी जाती है। बस स्टैंड पर गुंडे लोगों की वजह से मनमाने तरीके से काम हो रहा है। कम से कम रात के समय प्रशासन को एक आदमी की ड्यूटी लगानी चाहिए जो निगरानी कर सके। ऑटो ड्राइवर शेराज ने बताया कि यहां देर रात अक्सर लोगों के साथ चोरी की घटनाएं होती रहती है। लोगों के बैठने और पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं है। हालांकि बस स्टैंड पर 2-3 पानी की टंकी लगी हैं, लेकिन सब सालों पुरानी है। जिनकी सफाई होते हुए हमने नहीं देखा। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि रात होते ही बस स्टैंड नशे का अड्डा बन जाता है। जिससे आए दिन यहां लड़ाई-झगड़ा भी होता रहता है। बस ड्राइवर जुम्मा खान ने बताया कि नादरा बस स्टैंड शिफ्ट होने की बात कही जा रही है, लेकिन कब तक होगा इसका अनुमान नहीं है। बस स्टैंड की जगह सही से नहीं बनी हुई है, साथ ही अतिक्रमण भी फैला रहता है। इसके चलते यहां से बस निकालने में बहुत परेशानी होती है। शहर के आईएसबीटी की हालत भी बदहाल है। एक स्थानीय दुकानदार ने बताया कि बस स्टैंड में सीवर लाइन चोक होने की वजह से परिसर में गंदा पानी भरा रहता है। इसके अलावा ड्राइवर बूथ पर लगाकर ही बसे धोते हैं, जिससे कीचड़ फैलता है। बस स्टैंड पर पीने के साफ पानी व्यवस्था नहीं है और शौचालय भी साफ नहीं है। ज्यादातर बस ड्राइवर बस स्टैंड के बाहर मुख्य सड़क पर ही बसे खड़ी करते हैं। इससे सवारियों दिक्कत होती है। इस संबंध में निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का कहना है कि स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर निगम अच्छे प्रयास कर रहा है। दिन-रात सफाई हो रही है। जहां खामी होगी, वहां सुधार करेंगे। बस स्टैंड पर भी विशेष सफाई करवाई जाएगी। आईएसबीटी : होशंगाबाद, इटारसी, बैतूल, मुलताई की ओर बसें जाती हैं। नादरा बस स्टैंड : सागर, बीना, विदिशा, अशोकनगर, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर की बसें जाती हैं। recent visitors 139

प्रदेश में विशेष परिस्थिति में मंत्री कर सकेंगे ट्रांसफर, GAD ने स्थानांतरण नीति (संशोधन)-2025 जारी

Ministers will be able to transfer in special circumstances in the state मध्य प्रदेश में अभी राज्य और जिला स्तर पर स्थानांतरण पर प्रतिबंध है। शासन ने 24 जून 2021 को राज्य एवं जिला स्तर पर ट्रांसफर नीति जारी की थी। सरकार ने कार्य की सुविधा से उपरोक्त नीति की कण्डिका 9 में संशोधन किया है। इसमें विभाग के मंत्री विशेष परिस्थिति में ट्रांसफर कर सकेंगे। बुधवार को साामन्य प्रशासन विभाग की तरफ से स्थानांतरण नीति (संशोधन)-2025 जारी कर दी गई। बता दें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षा में महेश्वर में हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई थी। वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त उच्च प्राथमिकता के प्रकरणों में सचिव प्राशसकीय अनुमोदन प्राप्त कर आदेश जारी कर सकेंगे। साथ ही ऐसे ट्रांसफर प्रकरण जिनको करने में विभाग नीति के अनुरूप नहीं पाता है तो ऐसे प्रकरण विभागीय सचिव, विभागीय मंत्री के अनुमोदन के बाद कारण समेत अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय को दोबारा प्रस्तुत कर अग्रिम आदेश प्राप्त करेंगे। इसके अलावा ट्रांसफर नीति के तहत ट्रांसफर करते हुए यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जिस स्थान से ट्रांसफर किया जा रहा है, उस स्थान पर रिक्त पदों का प्रतिशत ट्रांसफर किए जा रहे स्थान से अधिक तो नहीं हो रहा है। ऐसी स्थिति में ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने कुछ शर्तों के तहत शासकीय कर्मचारियों के ट्रांसफर (स्थानांतरण) के लिए एक नीति जारी की है। इस नीति के अनुसार, सामान्य रूप से ट्रांसफर केवल विशेष परिस्थितियों में ही किए जा सकते हैं। इन परिस्थितियों में शामिल हैं- स्वास्थ्य कारण- जैसे गंभीर बीमारियां (कैंसर, लकवा, दिल का दौरा आदि) के कारण तत्काल स्थानांतरण की आवश्यकता हो।न्यायालय के आदेश- यदि किसी न्यायालय का आदेश हो और उस आदेश का पालन करना आवश्यक हो, लेकिन स्थानांतरण के दौरान कर्मचारी पर कोई विभागीय कार्रवाई लंबित न हो।गंभीर शिकायत या अनियमितता- यदि शासकीय कर्मचारी के खिलाफ गंभीर शिकायत या लापरवाही हो और विभाग ने उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की हो।आपसी अपराध मामला- यदि लोकायुक्त या पुलिस ने कर्मचारी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया हो और जांच में कोई रुकावट न हो, तो इस कारण भी स्थानांतरण किया जा सकता है।रिक्त पदों की पूर्ति- यदि किसी कर्मचारी के निलंबन, त्यागपत्र, सेवानिवृत्ति या मृत्यु के कारण पद खाली हो और विभाग को लगे कि उस पद को भरना जरूरी है, तो भी स्थानांतरण किया जा सकता है। recent visitors 146

आषाढी कार्तिकी वारी महामंडल द्वारा आयोजित हल्दी कुमकुम कार्यक्रम संपन्न।

Haldi Kunku program organized by Ashadhi Kartiki Wari Mahamandal concluded. भोपाल। आषाढी कार्तिकी वारी महामंडल द्वारा आयोजित हल्दी कुंकु कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें फुगड़ी, पारंपरिक नृत्य और भजन की प्रस्तुति शामिल थी।कार्यक्रम में श्रीमती रंजनाताई चितळे और संतोष गोडबोले मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए और कार्यक्रम की सराहना की। कार्यक्रम का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। आयोजकों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अपनी पूरी कोशिश की और इसके लिए उन्हें बधाई दी गई। कार्यक्रम का संयोजन दीपाली सोनवाने ने किया। recent visitors 233

छत्रपति शिवाजी महाराज की भव्य अश्वरूढ़ प्रतिमा हेतु शिव स्वराज रथयात्रा का भव्य स्वागत

Grand welcome to Shiv Swaraj Rath Yatra for the grand equestrian statue of Chhatrapati Shivaji Maharaj भोपाल। छत्रपति शिवाजी महाराज जी की 8 फीट ऊंची अश्वरूड प्रतिमा जापान की राजधानी टोकियो में स्थापित होने जा रही है जिसके निमित्त शिव स्वराज रथयात्रा भारत के 9 राज्यों से होते हुए झीलों की नगरी भोपाल के मराठी संस्कृतिक मंडल में सोमवार सुबह 10:00 बजे आगमन हुआ था रथ यात्रा का ढोल धमाके एवं आतिशबाजी के साथ यात्रा का स्वागत मंडल के पदाधिकारी एवं समस्त मराठी समाज द्वारा किया गया।    इस गौरवशाली रथयात्रा का स्वागत एवं छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के दिव्य दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह यात्रा एसआईओ  ऑर्गेनाइजेशन संस्था के माध्यम से आयोजित की गई है जिसके अध्यक्ष  उत्तमराव मांडरे  के मार्गदर्शन में यह यात्रा संपन्न हो रही है    इस यात्रा के आयोजन में मुख्य भूमिका रही डॉ.संतोष गोडबोले, दीपाली सोनवाने,यात्रा के स्वागत में मराठी सांस्कृतिक मंडल के अध्यक्ष महेश ठकार  मराठी सांस्कृतिक मंडल के सचिव  विनोद विसे,  रविंद्र संकपाल, श्रीराम  सिंह भोगे, तथा सैकड़ो की संख्या में मराठी समाज के महिला एवं पुरुष उपस्थित रहे तथा इस रथ यात्रा को आगे की यात्रा के लिए शुभकामना प्रेषित कर उन्हें मराठी मंडल का स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया। recent visitors 123

दृष्टिबाधित शासकीय शिक्षक संघ का 6 वा स्थापना दिवस व शैक्षिक संवाद कार्यक्रम भोपाल में आयोजितमुख्य मांगे रखी सरकार के समक्ष

6th foundation day and educational dialogue program of Visually Impaired Government Teachers Association organized in BhopalMain demands placed before the government सुशील दामले विशेष संवाददाता भोपाल ! आज भोपाल के निराला स्मृति भवन न्यास में दृष्टिबाधित शासकीय शिक्षक संघ के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र का शुभारंभ मुख्य अतिथि सक्षम के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रविंद्र कोपरगांवकर,भोपाल जिला अध्यक्ष बी.आर. नायडू और डिक्की मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.अनिल सिरवैया ने दीप प्रज्वलन कर किया। उसके बाद मुख्य अतिथियों का स्वागत बासुदेव चौहान , डा.राजीव जैन,ज्योति वर्मा,अंजिता सबलोक,गन्नू यादव ने किया। सम्मेलन में शिक्षक संघ के अध्यक्ष मुकेश यादव ने अपनी बात रखते हुए शासन को एक ज्ञापन देने की बात कही जिसमें उनकी विभिन्न मांगे है जिनका वह निराकरण चाहते है। द्वितीय सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में दक्षिण पश्चिम विधायक और भाजपा के महासचिव भगवान दास सबनानी, पूर्व मंत्री दीपक जोशी और मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के अध्यक्ष छत्रबीर सिंग राठौर थे।मंच से सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। शिक्षक संघ के महासचिव नितेश ठाकुर ने अपनी समस्याओं के संबंध में मांग पत्र को रखा जिसका वाचन डा.राजीव जैन ने किया। उसके बाद सभी अतिथियों का उद्बोधन हुआ जिसमें उन्होंने मांगी गई मांगों को लेकर आश्वासन दिया और कहा कि आपकी बात आगे तक पहुंचाई जाएगी साथ ही हम सब आपके साथ है।संघ के पदाधिकारियों ने उन्हें ज्ञापन की कॉपी भी सौंपी। कार्यक्रम का सफल संचालन कोषाध्यक्ष सरिता यादव ने किया।कार्यक्रम में सहयोगी के रूप में दिव्यांग जन के लिए कार्य करने वाली संस्थाएं नित्य अनंता वेलफेयर सोसाइटी,मन्नत वैलफेयर सोसाइटी और न्यू अहिंसा निकेतन शैक्षणिक एवं सामाजिक कल्याण समिति भोपाल ने सहयोग प्रदान किया। इस सम्मेलन में पूरे प्रदेश के दृष्टिबाधित शासकीय शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के बीच में आए हुए शिक्षक साथियों ने अपनी विभिन्न प्रस्तुतियों को भी दिया जिसमें गायन और बांसुरी वादन शामिल रहा। दृष्टिबाधित शिक्षकों के समस्याओं की मांगेमध्य प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत दृष्टिबाधित शिक्षकों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के समाधान हेतु निम्नलिखित बिंदुओं पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है:1.राज्य के सभी विद्यालयों में पढ़ा रहे दृष्टिबाधित शिक्षकों के लिए पूर्ण पाठ्यक्रम ब्रेल में तैयार कर उपलब्ध कराया जाए।2.शिक्षा विभाग द्वारा दृष्टिबाधित कर्मचारियों के लिए जारी सभी आदेशों (सर्कुलर) का पालन जिलों के विद्यालयों में सख्ती से सुनिश्चित किया जाए।3.. दृष्टिबाधित शिक्षकों को शासन द्वारा 4% आरक्षण प्रदान किया गया है। इसके अनुरूप पदोन्नति का लाभ समय पर दिया जाए।4.. जो शिक्षक अपने घर, गाँव, या जिलों से दूर पदस्थ हैं, उनका स्थानांतरण ऐसी जगह किया जाए जहाँ आवासीय एवं आवागमन के साधन और सुविधाएं उपलब्ध हों। स्थानांतरण प्रक्रिया को शीघ्रता और प्राथमिकता के साथ निपटाया जाए।5.. सभी दृष्टिबाधित कर्मचारियों को प्रति माह 350 रुपये दिव्यांग भत्ता दिया जा रहा है। इसे बढ़ाकर केंद्र सरकार के बराबर किया जाए।6.. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत दृष्टिबाधित छात्रों और शिक्षकों के मानकों के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार किया जाए जिससे पठन-पाठन की प्रक्रिया में सहूलियत हो।7.. कुछ दृष्टिबाधित शिक्षकों को आवास भत्ता नहीं दिया जा रहा है। ऐसे शिक्षकों की पहचान कर उन्हें तुरंत आवास भत्ता दिया जाए।7.. दृष्टिबाधित शिक्षकों के लिए अलग से आवासीय प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए जिससे उनकी समस्याओं को समझने और उनके समाधान में सहूलियत हो।उपर्युक्त बिंदुओं पर सरकार शीघ्र विचार कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें। इससे विद्यालयों में पठन-पाठन की प्रक्रिया में सुधार होगा और दृष्टिबाधित शिक्षकों को न्याय प्राप्त होगा।भवदीयडॉ राजीव जैनसहयोगीदृष्टिबाधित शासकीय शिक्षक संघ मध्यप्रदेश। recent visitors 116

मध्यप्रदेश वासियों को सर्द हवा व ठिठुरन से राहत कल से मिलेगी; 1 फरवरी से बारिश का दौर 

Madhya Pradesh residents will get relief from cold winds and chill from tomorrow; spell of rain to begin from February 1 भोपाल। सर्द हवाओं ने मध्यप्रदेश में ठिठुरन बढ़ा दी है। इससे दिन और रात के तापमान में गिरावट हुई है। शहडोल के कल्यापुर में तो पारा 5 डिग्री के नीचे पहुंच गया है। सोमवार को भी मौसम में ठंडक बनी रहेगी। खासकर सुबह और रात में ठंड पड़ेगी, लेकिन इसके बाद पारे में फिर उछाल आएगा। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार-मंगलवार की रात से पारे में 3 से 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी होगी। 28, 29, 30 और 31 जनवरी को दिन में गर्मी और रातें ठंडी रहेगी, लेकिन 1 फरवरी से बारिश का दौर शुरू हो सकता है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से फरवरी के शुरुआती 4 दिन तक मौसम बदला रहेगा। 1 से 4 फरवरी के बीच पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। इनमें रीवा, शहडोल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग के जिले शामिल हैं। इंदौर, भोपाल और उज्जैन संभाग में मौसम साफ रहेगा। दक्षिण-पूर्वी हवा से गायब हो गई थी ठंड इससे पहले दक्षिण-पूर्वी हवाओं ने प्रदेश से ठंड जैसे गायब कर दी थी। एक सप्ताह तक दिन-रात के तापमान में खासी बढ़ोतरी देखने को मिली था, लेकिन शुक्रवार से तापमान में गिरावट शुरू हो गई। रात में भी पारा लुढ़का। वहीं, शनिवार-रविवार की रात में पारा फिर से पांच डिग्री के नीचे चला गया। 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम 27 जनवरी: प्रदेश के सभी हिस्से में ठंड का असर रहेगा। खासकर सुबह और रात में मौसम सर्द रहेगा। 28 जनवरी: दिन-रात में ठंड का असर रहेगा। कुछ शहरों में हल्का कोहरा भी रह सकता है। recent visitors 157