विपणन संघ में अम्बेडकर जयन्ती पर कार्यक्रम, जीवन संघर्षों को किया याद

 Program organized on Ambedkar Jayanti in Marketing Association, life’s struggles remembered  भोपाल। मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ जहांगीराबाद में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की 135 वी जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित हुआ।  कार्यक्रम का शुभारंभ विपणन संघ के समस्त वरिष्ठ अधिकारीगणों द्वारा दीप प्रज्वलित कर बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों के साथ बुद्ध वन्दना का पाठ मप्र विपणन संघ विभागीय शाखा अजाक्स के प्रान्तीय अध्यक्ष सत्य विजय चन्दन द्वारा किया गया।  कार्यक्रम में योगेश जोशी, भगवान सिंह खेड़ेकर, प्रदीप ओमकार, रोहित कुमार जैन, रोमेन तिर्की, महेश मसाने,  प्रशान्त वामनकर, देवेन्द्र यादव, सत्य विजय चन्दन, साजिया शेख सहित कई कर्मचारियों ने बाबा साहब के जीवन पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अन्त में मिष्ठान्न वितरण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदीप ओंकार (मुख्य महाप्रबंधक वित्त), योगेश जोशी महाप्रबंधक (दलहन तिलहन), भगवान सिंह खेडेकर, महाप्रबंधक (खाद/उपार्जन), रोमेन तिर्की. महाप्रबंधक (वित्त/रोकड),रोहित कुमार जैन महाप्रबंधक (वित्त/लेखा सामा.) राकेश हेडाऊ उपमहाप्रबंधक (स्टेशनरी/भण्डारण), महेश प्रसाद मसाने (उपमहाप्रबंधक, वित्त/लेखा सामा.) शैलेंद्र कोचक (उपमहाप्रबंधक वित्त/लेखा उपार्जन), कमलेश धोके (उपमहाप्रबंधक वित्त/दलहन/तिलहन) प्रशांत वामनकर (स्थापना अधिकारी) पूर्व अधिकारी जेके त्रिपाठी, भावना सेयके, कमलेश जौधरी, नितिन मिश्रा, शिशिर जैन, अर्जुन सिंह ठाकुर, तरनजीत कौर, राजेश बाथम, राजेश मालवीय, कविता वर्मा, प्रवीण रघुवंशी, संजय गीते, शीतल बाथम, बॉबी बाथम, मनोज डण्डेरवाल, डाॅली बाथम, नितेंद्र सिंह, अशोक कैलासिया, प्रबंध संचालक के निज सहायक, मिथिलेश कुमार सोनकर, ललित फलसौदिया, फ्लोरेंस मसीह, ओम प्रकाश बाघेला, अजय बाथम, आनंद विडवैकर, विशाल डहेरिया, मुकेश धौलपुरे, कमल कुमार झारिया, प्रीतमसिंह नागर, मोहम्मद जासीन खान, मोहम्मद मुदस्सर हसैन, मोहम्मद शमी हुसैन, गोपाल शर्मा, योगेंद्र सिंह राजपूत, शर्मिला साह, इति मालवीय, वृंदा गुप्ता, नेहा लाल, कविता वर्मा, नंदनी बौद्ध, मसूद खान, मनीषा शर्मा, मीनाक्षी जोशी, शर्मिला साहू, जीएस श्रीवास्तव, डॉ.अहमद शकील सिद्दीकी, समीउल्लाह खान, आरएन तिवारी, एनके तेलंग, अपर्णा जैन, नेहा चौहान, पूर्णिमा घोष, अभिलाषा शाक्य, पूनम साहू, सपना राय, तृत्ति इंदुरखिया, सोहन सिंह उईके, रेनू सक्सेना, श्रीमती संगीता जैन, नितिन गौर, मन्नू लाल कुसरे, मोहिल द्विवेदी, बबलू सोलंकी, मनोज अग्निहोत्री, रोशनी व्यास, रजनी नेवराते. वरुण चौबे, फईम अंसारी, पवन विश्वकर्मा, आरती यादव, अजय श्रीवास्तव, सतीश नागर, श्रीमती उषा वर्मा, राजकुमार उपाध्याय, सौरभ गुप्ता, जितेंद्र पाल, राजेश रहंगडाले, रमेश चिढार, कुलदीप ठाकुर, प्रकाश राजपूत, शीला चौधरी, सत्येन्द्र कुमार, ऋषि राठौर, कमलाबाई, बतूली बाई, प्रशांत, देवेश शुक्ला, साहिल विश्वकर्मा, विशाल राजपूत, दिनेश, अक्षय जैन, देवेश शुक्ला, संदीप चौधरी पतिराम पाल, तृत्ति ठाकुर, प्रिया सक्सेना, श्रीमती कमलेश देश, तीरथ सिंह रावत, अकित पाण्डे, उदयन मिश्रा, प्रतिभा निमौरे, मिस्टरसिंह, रित बाथम, होल्कर राम यादव श्रीनिवास सोनी, रवि यादव, केपी विश्वकर्मा, मुकेश शाक्य, सुरेश साहू, दीनदयाल सौधिया, राजा मैना गोपाल मिश्रा, महेश घुमाने, विष्णु प्रसाद शर्मा गुड्डी बाई, मोहन कुमार, माया अहिरवार, पार्वती गुप्ता एवं  प्रदीप दाबाडे सुरक्षा कर्मियों सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। recent visitors 107

तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में बढ़ रहीं छिपी बीमारियां, आयुर्वेद विशेषज्ञ संतोष जायसवाल का निःशुल्क शिविर भोपाल-उज्जैन में

Hidden diseases are increasing in fast paced life, Ayurveda expert Santosh Jaiswal’s free camp in Bhopal-Ujjain संवाददाता: सुशील दामले  भोपाल। आज इस तेज़ रफ़्तार जिन्दगी में महिलाओं एवं पुरुषों के समय ही नहीं है,घर से दफ़्तर और दफ़्तर से घर इस रफ़्तार भरी जिन्दगी में दोनों किस बीमारी से गृहस्थ हो रहे हैं ख़ुद को भी नहीं मालूम,ऐसे ही कौन सी बीमारी हो रही हैं वो ख़ुद को ही नहीं मालूम,ऐसे ही घनिष्ठ बीमारियों का इलाज़ आयुर्वेद विशेषज्ञ और नाड़ी वैद्य संतोष आनंद जायसवाल के पास है,जो विगत कई वर्षों से ऐसी घनिष्ठ बीमारियों का इलाज कर रहे हैं, विगत कई वर्षों से लगातार वन मेला भोपाल में,महाकाल वन मेला उज्जैन,इंदौर, जबलपुर एवं ग्वालियर में अपनी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से गंभीर और असाध्य बीमारियों का इलाज कर रहे हैं,जैसे मिर्गी, साइनस, माइग्रेन, दमा, भगंदर, बवासीर, पथरी, साइटिका, टीबी, थायराइड, लकवा, गठिया, जोड़ों का दर्द और गुप्त रोगों का उपचार करते आ रहे हैं,वही अब भोपाल एवं उज्जैन निवासियों के लिए बड़ी खुश खबरी,अब आयुर्वेद विशेषज्ञ और नाड़ी वैद्य संतोष आनंद जायसवाल भोपाल में 15 से 19 तारीख तक होटल पार्क,रंगमहल टॉकीज टी टी नगर न्यू मार्केट एवं उज्जैन में 20 से 24 तारीख तक जायसवाल धर्मशाला क्षीरसागर प्रकाश टॉकीज की गली में पांच दिवसीय यह शिविर निःशुल्क शिविर का आयोजन किया जा रहा हैं recent visitors 110

एमपी के कर्मचारियों को राहत: छठे वेतनमान वाले 40 हजार कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 5% बढ़ा, एरियर भी मिलेगा

Relief to MP employees: Dearness allowance of 40,000 employees of sixth pay scale increased by 5%, arrears will also be given. मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। छठे वेतनमान के तहत आने वाले करीब 40 हजार कर्मचारियों और अधिकारियों का महंगाई भत्ता (डीए) 5 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। इस बढ़ोतरी का लाभ 1 जुलाई 2025 से मिलेगा इस फैसले से कर्मचारियों की मासिक आय में बढ़ोतरी होगी। सरकारी आदेश के अनुसार अब छठे वेतनमान वाले कर्मचारियों का डीए 252 प्रतिशत से बढ़कर 257 प्रतिशत हो गया है। यह बढ़ोतरी अप्रैल 2026 की सैलरी से लागू होगी। जुलाई 2025 से मिलेगा एरियरसरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस बढ़ोतरी का लाभ 1 जुलाई 2025 से मिलेगा। यानी जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक का एरियर कर्मचारियों को दिया जाएगा। यह एरियर एक साथ नहीं दिया जाएगा। इसे छह बराबर किस्तों में बांटा जाएगा, जो मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 में दी जाएंगी। जो कर्मचारी या अधिकारी इस अवधि में रिटायर हो चुके हैं, उन्हें पूरा एरियर एक साथ दिया जाएगा। इससे रिटायर कर्मचारियों को भी पूरा लाभ मिलेगा। राज्य सरकार पहले ही सातवें वेतनमान के कर्मचारियों का डीए 3 प्रतिशत बढ़ा चुकी है, जिससे उनका महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत हो गया है। छठे और सातवें वेतनमान में वेतन संरचना अलग होने के कारण डीए का प्रतिशत भी अलग-अलग तय किया जाता है। छठे वेतनमान में बेसिक पे कम होने से डीए अधिक रखा जाता है। recent visitors 117

बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलना और उनके सिद्धांतों का पालन करना ही जयंती का मूलमंत्र

The motto of the birth anniversary is to follow the path shown by Baba Saheb and follow his principles. भोपाल। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर एमपी नगर के बोर्ड ऑफिस चौराहा पर श्रद्धा एवं सम्मान के साथ माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बौद्ध धर्म के अनुयायियों, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों तथा सर्वधर्म समुदाय के लोगों ने एकत्रित होकर बाबासाहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान लोगों ने नाश्ते के रूप में केला, खीर, चावल मशाला मिक्स जैसे अन्य खाद्य सामग्री वितरित की। चौराहे पर बड़ी संख्या में लोगों ने पांडाल लगा रखे थे, जहां दिनभर डॉ अंबेडकर के जीवन संघर्षों पर आधारित गीतों की गूंज सुनाई देती रही। पांडालों में जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में केक भी काटा गया। इस दौरान महिलाओं, बच्चों और बड़े-बुजुर्गों ने जमकर नृत्य किया और डॉ. अंबेडकर के जन्मोत्सव की खुशियां मनाई। इसके अलावा राजधानी के अलग-अलग इलाकों से रैलियों के जरिए दिनभर बोर्ड आॅफिस स्थित डॉ. अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर पहुंचने का सिलसिला सुबह से शुरू हुआ, जो देररात तक जारी रहा। इसके अलावा शहर के सैकड़ों स्थानों पर भी जन्मोत्सव पर कार्यक्रम हुए। डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्षों से सीख लेना होगा, तभी तरक्की संभव : आईएएस वर्मा अजाक्स के प्रांताध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने अपने जीवन जो संघर्ष किया, वह हम सब के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। जरूरत है उनके सिद्धांतों को जीवन में उतारने की। उनके बताए रास्तों पर चलने की। वहीं अजाक्स के कार्यकारी अध्यक्ष इंजी. एसएल सूर्यवंशी ने कहा कि बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलना होगा, तभी सच्चे मायने में उनकी जयंती मनाने का उद्देश्य पूरा होगा। अजाक्स के पदाधिकारी वियज शंकर श्रवण, गौतम पाटिल, अशोक बैन, संदीप मानकर समेत अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए और समाज को सामाजिक बुराईयों से सावधान रहने, राजनैतिक भ्रम से सबक लेने और आर्थिक तरक्की की राह में वाधा बने अवरोधों को दूर करने के लिए अंबेडकरवादियों को आगाह किया। भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संकल्प: कार्यक्रम में प्रमुख रूप से भंते शाक्यपुत्र सागर थेरो, ऋषि अजय दास, महाराज ज्ञानी, दिलीप सिंह, इमरान हारून, प्रो मनोज जैन, गुरुचरण अरोड़ा वक्ताओं ने बाबासाहेब के विचारों—समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और सामाजिक न्याय को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।सभी लोगों ने संकल्प लिया कि वे बाबासाहेब अंबेडकर के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने एवं समाज में समानता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करेंगे। recent visitors 109

एक्रोबट एक्वाटिक फेस्ट-2026 तैराकी स्पर्धा में बच्चों ने दिखाया उत्साह

Children show enthusiasm in Acrobat Aquatic Fest-2026 swimming competition भोपाल। रायसेन रोड कल्पना नगर के कोल परिसर स्थित पुरुषोत्तम गौर स्विमिंग पूल में 12 अप्रैल को एक्रोबट एक्वाटिक फेस्ट-2026 तैराकी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। आयोजन की शुरुआत बच्चों के रिपोर्टिंग टाइम के साथ हुई। यह आयोजन एक्रोबट स्पोर्ट्स एजुकेशन एंड सोशल वेलफेयर सोसायटी पुरुषोत्तम गौर स्विमिंग पूल द्वारा भोपाल स्विमिंग एसोसिएशन के सहयोग से किया गया है। इसमें सभी आयु वर्ग के प्रतिभागियों के लिए विभिन्न श्रेणियों में प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की गई। प्रतियोगिता के समापन पर कोच और समिति पदाधिकारियों ने सभी विजेता प्रतिभागी बच्चों को शील्ड-मेडल ओर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर पूल संचालक संतोष कटियार, स्वीमिंग कोच आरडी झा, समाजसेवी उदित नारायण समेत बड़ी संख्या में आयोजन समिति के सदस्य, बच्चे और उनके अभिभावक गण मौजूद रहे। 25 हजार प्रतिभागियों को सिखा चुके स्वीमिंग स्वीमिंग पूल संचालक संतोष कटियार ने बताया कि इस स्वीमिंग ग्रुप को संचालित किए हुए 14 साल हो गए हैं। अभी तक लगभग 25 हजार प्रतिभागियों को स्वीमिंग सिखा चुके हैं। बच्चों को ट्रेनिंग भी देते हैं, जिससे बच्चों की ग्रोथ हो। इस स्वीमिंग को हमने नर्सरी के तौर पर तैयार किया है। उन्होंने कहा कि अगर बच्चों के पैरेंटस भी प्रेरित करेंगे, तो बच्चे और आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। स्वीमिंग एक ऐसी विद्या है, जिसमें सबसे ज्यादा आयोजन होते हैं और मेडल भी सबसे ज्यादा इसी खेल में हैं। स्वीमिंग प्रतियोगिताओं की सतत आवश्यकता कोच आरडी झा ने बताया कि मप्र तैराकी में पहले स्थान पर था। अभी तीसरे स्थान पर है। ऐसी प्रतियोगिताओं की सतत जरूरत है, ताकि बच्चों को उनके हुनर के लिए सुविधाजनक मंच मिल सके। संतोष कटियार ने स्वीमिंग को मंच देने के लिए फिर से कार्य शुरू कर दिया है। उनके प्रयास और योगदान के परिणाम स्वरूप आने वाला कल फिर भोपाल को खुशी देने वाला होगा। वे बच्चों को ट्रेनिंग देने के लिए बाहर से कोच को बुलाते हैं। 150 से 200 प्रतिभागी हुए शामिल आयोजन सचिव एवं प्रबंधक, पुरुषोत्तम गौर स्विमिंग पूल प्रबंधक एवं आयोजक सचिव बृजमान सिंह धाकड़ ने बताया कि प्रतिभागियों के लिए फ्री स्टाइल, बैंक स्ट्रोक, ब्रेस्ट स्ट्रोक, बटरफ्लाई (50 मीटर, 100 मीटर और 200 मीटर तथा 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले (आईएम) जैसी विभिन्न प्रतिस्पधार्एं आयोजित की गई, जिनमें आयु के अनुसार प्रतिभागी बच्चों ने भाग लिया। इसमें 150 से 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया और अपना हुनर दिखाया।पूल प्रबंधक बृजमान सिंह धाकड़ ने बताया कि यह प्रतियोगिता हर वर्ष समर वोकेशन के अवसर पर अप्रैल माह में आयोजित की जाती है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य शहर एवं आसपास के क्षेत्रों के तैराकों को एक मंच प्रदान करना, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित और तैराकी खेल को बढ़ावा देना है। प्रतियोगिता की श्रेणियां सीनियर (पुरुष/महिला): जन्म वर्ष 2009 या उससे पहले। ग्रुप-1 (बालक/बालिका): 2010 से 2012 के बीच। ग्रुप-2 (बालक/बालिका): 2013 से 2014 के बीच। ग्रुप-3 (बालक/बालिका): 2015 से 2016 के बीच। ग्रुप-4 (बालक/बालिका): 2017 से 2018 के बीच। ग्रुप-5 (बालक/बालिका): 2019 या उसके बाद के शामिल रहे। वहीं मास्टर्स (पुरुष/महिला): जन्म वर्ष 2001 या उससे पहले वालों को शामिल किया गया है। recent visitors 85

मध्य प्रदेश में ‘नारी शक्ति वंदन’ उत्सव आज से, महिला आरक्षण कानून की दी जाएगी जानकारी

‘Nari Shakti Vandan’ festival in Madhya Pradesh from today, information will be given about women’s reservation law राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए 10 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक पूरे प्रदेश में “नारी शक्ति वंदन” पखवाड़ा मनाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” की जानकारी आम जनता तक पहुंचाना और महिलाओं की नेतृत्व क्षमता का सम्मान करना है। इसे जन-उत्सव के रूप में मनाने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान की शुरुआत भोपाल के रविन्द्र भवन स्थित हंसध्वनि सभागार में राज्य स्तरीय सम्मेलन से होगी। इसके अलावा सभी संभाग मुख्यालयों और छिंदवाड़ा, खरगोन व मंदसौर में भी बड़े सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में महिला जनप्रतिनिधियों और सफल महिला उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा और उनके अनुभव साझा किए जाएंगे। पदयात्रा आयोजित होगीमहिला एवं बाल विकास विभाग हर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र में “नारी शक्ति पदयात्रा” आयोजित करेगा। इसमें समाज की महिलाएं शामिल होंगी। युवाओं को जोड़ने के लिए “नारी शक्ति वंदन दीवार” बनाई जाएगी, जहां वे पेंटिंग और संदेशों के जरिए अपने विचार व्यक्त करेंगे। अंबेडकर जयंती पर विशेष ग्राम सभा14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित होंगी। इनमें अधिनियम पर चर्चा होगी और बाबा साहेब को श्रद्धांजलि दी जाएगी। साथ ही पंचायतों, नगरीय निकायों और शिक्षण संस्थानों में गोष्ठियां और सेमिनार होंगे। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अभियानजनसंपर्क विभाग इस अभियान का प्रचार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर करेगा। प्रेरक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जाएंगे। महिला स्व-सहायता समूह, ‘लखपति दीदी’ और ‘लाड़ली बहना’ योजना की महिलाओं को अभियान में जोड़ा जाएगा। शिक्षा संस्थानों में कार्यक्रमस्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में व्याख्यान और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, ताकि युवा पीढ़ी महिला सशक्तिकरण को बेहतर तरीके से समझ सके। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए और इस पखवाड़े को जन-उत्सव के रूप में मनाया जाए। recent visitors 65

35 करोड़ का गेहूं सड़ाकर 150 करोड़ का नुकसान, भाजपा सरकार की लापरवाही या संगठित भ्रष्टाचार: जीतू पटवारी

Loss of Rs 150 crore due to rotting of wheat worth Rs 35 crore, negligence of BJP government or organised corruption: Jitu Patwari भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रायसेन जिले के दिवटिया (नूरगंज) एवं नूरगंज वेयरहाउस में हजारों टन गेहूं सड़ने और उसकी लागत 35 करोड़ रुपए से बढ़कर 150 करोड़ रुपए तक पहुंचने के मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा और आक्रामक हमला बोला है। पटवारी ने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि प्रदेश में फैले भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन और गैरजिम्मेदार शासन का भयावह उदाहरण है। जिस अनाज को गरीबों के घर तक पहुंचना था, वह वर्षों तक गोदामों में सड़ता रहा और अंतत: जहरीला बन गया। यह केवल अनाज की बबार्दी नहीं, बल्कि गरीबों के अधिकारों की खुली लूट है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017-18 से 2019-20 के बीच समर्थन मूल्य पर खरीदा गया यह गेहूं लगभग 20 हजार टन मात्रा में वेयरहाउस में पड़ा रहा, लेकिन सरकार और संबंधित अधिकारियों ने समय पर इसका उठाव सुनिश्चित नहीं किया। न तो वितरण की कोई ठोस योजना बनाई गई और न ही भंडारण की समुचित व्यवस्था की गई। परिणामस्वरूप, करोड़ों रुपए का अनाज पूरी तरह सड़कर अनुपयोगी हो गया। पटवारी ने कहा कि इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 35-36 करोड़ रुपए का गेहूं किराया, मेंटेनेंस, परिवहन और कीटनाशक छिड़काव जैसे खर्चों के कारण बढ़ते-बढ़ते 150 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है या फिर जानबूझकर लागत बढ़ाने और घोटाले को छिपाने का प्रयास? उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला एक संगठित आर्थिक अपराध की ओर इशारा करता है, जहां भंडारण की आड़ में वर्षों तक अनाज को सड़ने दिया गया और उसके नाम पर लगातार खर्च दिखाकर सरकारी खजाने को चूना लगाया गया। यह सीधे-सीधे जनता के टैक्स के पैसे की लूट है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह सिर्फ गेहूं नहीं सड़ा है, यह भाजपा सरकार की नीयत और व्यवस्था सड़ चुकी है। गरीब का हक गोदामों में सड़ रहा है और सत्ता के संरक्षित लोग उससे मुनाफा कमा रहे हैं। यह घोटाला नहीं, बल्कि जनता के साथ विश्वासघात है। उन्होंने आगे कहा कि कीटनाशकों के अत्यधिक छिड़काव के कारण यह गेहूं अब जहरीला हो चुका है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा है। यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है। यदि समय रहते इस अनाज का उचित वितरण किया जाता, तो लाखों गरीब परिवारों को राहत मिल सकती थी। पटवारी ने यह भी कहा कि यह घटना मध्यप्रदेश की भंडारण व्यवस्था की पूरी पोल खोलती है। जहां एक ओर किसान अपनी उपज बेचने के लिए संघर्ष करता है, वहीं दूसरी ओर खरीदा गया अनाज वर्षों तक गोदामों में सड़ता रहता है। यह प्रशासनिक असफलता के साथ-साथ नीतिगत विफलता का भी प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करना अत्यंत आवश्यक है। कौन अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार है? किसके आदेश पर अनाज को वर्षों तक रोका गया? क्यों समय पर वितरण नहीं हुआ? इन सभी सवालों का जवाब प्रदेश की जनता मांग रही है। पटवारी ने चेतावनी दी कि यदि भाजपा सरकार ने इस गंभीर मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस पार्टी प्रदेशभर में व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी और जनता के हक के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। जनता के पैसे की बबार्दी और गरीबों के हक की लूट अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भाजपा सरकार को हर हाल में जवाब देना होगा और दोषियों को सजा दिलानी होगी। प्रदेश कांग्रेस की प्रमुख मांगें: 1. इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए। 2. जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। 3. 150 करोड़ रुपए के नुकसान की भरपाई दोषियों से वसूली जाए। 4. प्रदेश की भंडारण एवं वितरण प्रणाली की समग्र समीक्षा कर सुधार लागू किए जाएं। 5. भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए पारदर्शी और जवाबदेह तंत्र विकसित किया जाए। recent visitors 63