दिल्ली के मुख्यमंत्री के पद को लेकर महिला विधायक को भी मौका दिया जा सकता

नई दिल्ली  दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली प्रचंड जीत के बाद सीएम फेस को लेकर मंथन जारी है। दिल्ली के मुख्यमंत्री को लेकर जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है उनमें प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, विजेंद्र गुप्ता और सतीश उपाध्याय जैसे नाम शामिल है। हालांकि इस बीच खबर यह भी आ रही है कि इस पद के लिए महिला विधायक को भी मौका दिया जा सकता है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 70 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज कर सत्ता की चाबी हासिल की है। भाजपा ने बिना मुख्यमंत्री के चेहरे के दिल्ली में चुनाव लड़ा था। ऐसे में अब चुनाव जीतने के बाद अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसको लेकर चर्चा जोरों पर हैं। इंडिया टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में अगला मुख्यमंत्री नवनिर्वाचित 48 विधायकों में से ही चुना जाएगा। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री पद के लिए महिला विधायक को मौका दिया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में डिप्टी सीएम भी बनाया जा सकता है और मंत्रिमंडल में भी दलितों और महिलाओं की भागीदारी का खास ध्यान रखा जा सकता है। बता दें, भाजपा की तरफ से इस बार 4 महिलाएं दिल्ली की विधायक बनी हैं। इनमें रेखा गुप्ता, शिखा राय, पूनम शर्मा और नीलम पहलवान के नाम शामिल हैं। रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग से , शिखा रॉय ने ग्रेटर कैलाश से, पूनम शर्मा ने वजीपुर और नीलम पहलवान ने नजफगढ़ विधानसभा सीट से जीत दर्ज की है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मुलाकात की थी जिसमें दिल्ली सरकार के स्वरूप को लेकर चर्चा हुई। भाजपा नेताओं के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले सप्ताह विदेश दौरे से लौटने के बाद भाजपा सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है और उसके बाद शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। recent visitors 67

PM की अमेरिका यात्रा के बाद दिल्ली में जल्द होगा मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण समारोह

दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) 27 साल के लंबे सूखे को समाप्त करते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सरकार बनाने के लिए तैयार है. माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के बाद दिल्ली के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 13 फरवरी के बाद होने की संभावना है. सूत्रों ने रविवार को कहा, बीजेपी राष्ट्रीय राजधानी में अगली सरकार का नेतृत्व करने के लिए अपने नेता को खोजने के लिए विचार-विमर्श कर रही है. दिल्ली में शनिवार (8 फरवरी) को वोटों की गिनती के बाद बीजेपी ने 70 सदस्यीय विधानसभा में 48 सीटें हासिल कर अपना 27 साल का लंबा इंतजार खत्म करते हुए दिल्ली की सत्ता में वापसी की. एक दशक से शहर पर शासन कर रही आप 22 सीटें जीतने में सफल रही, जबकि पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसौदिया समेत उसके प्रमुख नेताओं को हार का सामना करना पड़ा. कौन बन सकता है दिल्ली का CM मुख्यमंत्री पद के चेहरे की घोषणा किए बिना चुनाव लड़ने वाली बीजेपी ने सरकार का मुखिया तय करने के लिए उच्च स्तरीय बैठकें शुरू कर दी हैं, जिसमें पांच नेता प्रमुख दावेदारों के रूप में उभर रहे हैं. नई दिल्ली सीट पर केजरीवाल को हराकर एक बड़े हत्यारे के रूप में उभरे परवेश वर्मा दिल्ली में संभावित मुख्यमंत्री चेहरों की सूची में सबसे आगे हैं. इसके अलावा विजेंदर गुप्ता, एक वरिष्ठ बीजेपी नेता, जो दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में कार्य कर चुके हैं, एक प्रमुख ब्राह्मण चेहरा सतीश उपाध्याय, जो पहले प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं, दिल्ली बीजेपी के महासचिव आशीष सूद, जिनके केंद्रीय नेताओं के साथ घनिष्ठ संबंध हैं, और वैश्य समुदाय से आरएसएस के एक मजबूत सदस्य जितेंद्र महाजन अन्य दावेदार हैं. PM मोदी का अमेरिकी दौरा पीएम मोदी अपने दूसरे कार्यकाल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ पहली मुलाकात के लिए 12-13 फरवरी को संयुक्त राज्य अमेरिका का दौरा करने वाले हैं. सूत्रों ने कहा कि अगले हफ्ते पीएम के विदेश से लौटने के बाद पार्टी सत्ता पर दावा पेश कर सकती है और उसके बाद शपथ ग्रहण होने की संभावना है. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि मुख्यमंत्री चुनने का निर्णय पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा, उन्होंने शीर्ष पद पर किसी नए चेहरे के आने की संभावना भी जताई. पार्टी ने अपने राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री पद के लिए किसी महिला उम्मीदवार पर दांव लगाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया. recent visitors 51

बजट में मोदी सरकार का टैक्स छूट वाला दांव दिल्ली चुनाव में मास्टरस्ट्रोक हुआ साबित

नई दिल्ली  दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 का रिजल्ट लगभग आ चुका है। बीजेपी दिल्ली में सरकार बनाती हुई साफ दिखाई दे रही है। इसकी सिर्फ औपचारिकता ही बाकी है। आम आदमी पार्टी की करारी हार हो चुकी है। बीजेपी राष्ट्रीय राजधानी में 27 साल बाद सरकार बनाएगी। 8वें वेतन आयोग और 12 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री करने की घोषणा, ये दो ऐसे कारण रहे जिनसे बीजेपी को फायदा हुआ। दिल्ली में ऐसे काफी लोग हैं जिनकी सैलरी 12 लाख रुपये सालाना है। इतनी सैलरी इनकम टैक्स फ्री करने से ऐसे लोगों को फायदा होगा। वहीं दिल्ली में रहने वाले केंद्र सरकार के रिटायर कर्मचारियों की संख्या भी काफी है। केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। इन दो कारणों से भी दिल्ली का मिडिल क्लास वोटर बीजेपी के पक्ष में जाता नजर आया है। 8वां वेतन आयोग केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग को बनाने की घोषणा की है। इससे करीब 50 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी मिलेगी। 8वां वेतन आयोग लागू होने से न केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी होगी, बल्कि महंगाई भत्ता (डीए) भी बढ़ेगा। इसके अलावा 8वें वेतन आयोग से करीब 65 लाख रिटायर्ड केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की पेंशन और भत्ते में भी बढ़ोतरी होगी। केंद्रीय कर्मचारियों की दिल्ली में अच्छी खासी संख्या है। वहीं यहां काफी रिटायर्ड कर्मचारी भी रहते हैं। ऐसे में उन्हें बीजेपी में एक उम्मीद दिखाई दी और इनका अधिकतर वोट बीजेपी के पक्ष में जाता दिखाई दिया। इनकम टैक्स में कटौती इस महीने एक फरवरी को केंद्रीय बजट आया था। इसमें सरकार ने सालाना 12 लाख रुपये तक की सैलरी वालों का इनकम टैक्स जीरो कर दिया है। दिल्ली में ऐसे लोगों की संख्या काफी है जिनकी सालाना सैलरी 12 लाख रुपये तक है। वहीं दूसरी ओर सरकार ने इनकम टैक्स की नई व्यवस्था को भी संशोधित किया है। इसके स्लैब में बदलाव होने से लोगों को अब कम इनकम टैक्स चुकाना होगा। इनकम टैक्स में हुए इन बदलावों को देखते हुए हाई सैलरीड क्लास वर्ग भी बीजेपी के पक्ष में नजर आया। इसके अलावा इनकम टैक्स में राहत से मिडिल क्लास भी काफी खुश नजर आया और उनसे भी बीजेपी की जीत में अपना योगदान दिया। recent visitors 50

दुष्यंत गौतम भी सीएम पद की रेस में साथ ही मनजिंदर सिंह सिरसा, विजेंद्र गुप्ता के नाम पर भी चर्चा

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनावों के नतीजे जारी हो रहे हैं। अब तक के नतीजों और रुझानों से ये साफ हो गया है कि दिल्ली में बीजेपी सरकार बनाने जा रही है। आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेता चुनाव हार गए हैं। इसी के साथ दिल्ली के नए मुख्यमंत्री की कवायद शुरू हो गई है। सीएम पद की रेस में बीजेपी के कई बड़े चेहरे शामिल हैं। लेकिन बीजेपी नेतृत्व किस पर भरोसा जताएगी, ये देखना दिलचस्प होगा। प्रवेश वर्मा का नाम चल रहा आगे नई दिल्ली से अरविंद केजरीवाल को हराने वाले प्रवेश वर्मा का नाम रेस में सबसे आगे माना जा रहा है। प्रवेश वर्मा पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं। वे नई दिल्ली सीट से सांसद भी रह चुके हैं। लेकिन इस बार पार्टी ने उन्हें लोकसभा में टिकट नहीं दिया। विधानसभा चुनाव में प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल को हराकर पार्टी का भरोसा फिर से जीत लिया है। दुष्यंत गौतम के नाम की भी चर्चा दिल्ली के करोल बाग विधानसभा चुनाव से बीजेपी उम्मीदवार और वरिष्ठ नेता दुष्यंत कुमार गौतम का नाम भी सीएम रेस में चल रहा है। इस सीट पर उनका मुकाबला आम आदमी पार्टी के विशेष रवि और कांग्रेस के राहुल धानक से था। चुनावों के नतीजों के बीच गौतम ने कहा, 'हम एक विधायक के तौर पर हम शपथ लेगें। मुख्यमंत्री या मंत्री बनने का फैसला पार्टी लेगी। पार्टी जो जिम्मेदारी देगी उसको निभायेगें।" मनजिंदर सिंह सिरसा के नाम की चर्चा इसके अलावा बीजेपी के सीनियर नेता मनजिंदर सिंह सिरसा के नाम की भी चर्चा सीएम पद की रेस में है। उन्हें पार्टी ने राजौरी गार्डन से उम्मीदवार बनाया था। जहां उन्होंने 1800 वोटों से आम आदमी पार्टी की धनवती चन्दीला को हराया। राजौरी गार्डन पंजाबी बहुल सीट है। विजेंद्र गुप्ता भी हो सकते हैं दावेदार बीजेपी के विधायक विजेंद्र गुप्ता भी दिल्ली में मुख्यमंत्री पद के दावेदार हो सकते हैं। गुप्ता दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने पिछले चुनाव में भी जीत हासिल की थी। विजेंद्र गुप्ता विधानसभा में मुखर होकर पार्टी की बात रखते हैं। recent visitors 61

दिल्ली की जीत पर एमपी भाजपा में जश्न, कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत की बधाई दी

भोपाल दिल्ली चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है, जिससे 27 साल बाद भाजपा सरकार बनाने जा रही है। रुझानों में भाजपा की जीत के संकेत मिलते ही भोपाल स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में जश्न का माहौल बन गया। दिल्ली की जीत पर एमपी भाजपा में जश्न प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, संगठन मंत्री हितानंद शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत की बधाई दी। इस मौके पर भाजपा कार्यालय में ढोल-नगाड़े बजाए गए और कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि दिल्ली की यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की जीत है। उन्होंने कहा, "इस चुनाव में बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने भी भाजपा पर भरोसा जताया है।" दिल्ली चुनाव में कई बड़े नेताओं की हार पर प्रतिक्रिया देते हुए वीडी शर्मा ने कहा, "उन्हें तो हराया ही जाना था, क्योंकि यही लोग दिल्ली को आपदा की स्थिति में लेकर गए थे, और अब वे खुद आपदा में चले गए हैं। कांग्रेस लगातार गिरावट की ओर बढ़ रही है।" दिल्ली चुनाव में एमपी के नेताओं की अहम भूमिका दिल्ली चुनाव में मध्यप्रदेश के नेताओं की भूमिका पर बोलते हुए वीडी शर्मा ने कहा, "हम भाजपा के कार्यकर्ता हैं और जहां भी हमें जिम्मेदारी दी जाती है, उसे पूरी शिद्दत के साथ निभाते हैं।" भोपाल भाजपा कार्यालय में जश्न का माहौल दिल्ली में भाजपा को बहुमत मिलने के बाद भोपाल के भाजपा कार्यालय में जश्न मनाया गया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटी और एक-दूसरे को बधाई दी। कार्यालय में ढोल-नगाड़ों के साथ उत्सव का माहौल रहा। बीजेपी प्रदेश कार्यालय में जमकर आतिशबाजी की गई। इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, प्रदेश महामंत्री शरदेंदु तिवारी, पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह, राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि, विधायक भगवानदास सबनानी, प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल, भाजपा शहर अध्यक्ष रविंद्र यति, अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश जाटव सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। recent visitors 31

जय पांडा ने कहा कि दिल्ली में अब ‘डबल इंजन’ की सरकार होगी, जिसमें केंद्र और राज्य मिलकर विकास कार्यों को गति देंगे

नई दिल्ली दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने के बाद अब मुख्यमंत्री पद को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत जय पांडा ने कहा है कि अगले 10 से 15 दिनों में दिल्ली को नया मुख्यमंत्री मिल जाएगा. जय पांडा ने कहा, "हमारे पास सामूहिक नेतृत्व है और मुख्यमंत्री का चयन एक प्रक्रिया के तहत किया जाएगा." उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि दिल्ली में अब 'ड्रामा पॉलिटिक्स' नहीं चलेगी और सरकार विकास के एजेंडे पर काम करेगी. उन्होंने दावा किया कि दो महीने पहले ही पार्टी को फीडबैक मिल गया था कि BJP दो-तिहाई बहुमत से जीत दर्ज करेगी. उन्होंने कहा, "मैंने पहले ही कहा था कि हम दो-तिहाई बहुमत से जीतेंगे, क्योंकि हमारा आकलन यही था." यमुना को लेकर बड़ा फैसला जल्द जय पांडा ने यह भी संकेत दिया कि नई सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में यमुना की सफाई और प्रदूषण पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि दिल्ली में अब ‘डबल इंजन’ की सरकार होगी, जिसमें केंद्र और राज्य मिलकर विकास कार्यों को गति देंगे. BJP नेताओं का मानना है कि अरविंद केजरीवाल की रणनीति अब कारगर नहीं होगी और जनता ने 'ड्रामा पॉलिटिक्स' को नकार दिया है. पार्टी के सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री पद के लिए कई नामों पर मंथन चल रहा है और जल्द ही इसका ऐलान किया जाएगा.   recent visitors 41

आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की असलियत जनता जान गई, इनका झूठ तिनके की तरह बिखर गया: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणामों पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जनता के साथ जुड़ाव, भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत और देश के बदलते मिजाज के चलते हमें दिल्ली में जीत मिल रही है। टुकड़े-टुकड़े गैंग और छोटी मानसिकता वाले लोग जो अब तक गुमराह करते आए थे उनकी हार हुई हैं। अपने सोशल मिडिया अकांउट पर उन्होंने लिखा कि आप-दा से मुक्त हुआ दिल्ली। सीएम ने दिल्ली विधानसभा की 11 सीटों पर प्रचार किया था। इनमें त्रिनगर सीट पर भाजपा जीत चुकी है। नजफगढ, विकासपुरी, नंगलोई जाट, उत्तम नगर समेत कई सीटों पर भाजपा आगे चल रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने इन रुझानों पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि मुझे इस बात का संतोष है कि जहां प्रचार करने का मौका मिला वहां पार्टी जीत रही है। भाजपा का अश्वमेध का घोड़ा निर्बाध दौड़ रहा प्रयागराज में महाकुंभ स्नान से पहले मीडिया से बातचीत में सीएम डॉ यादव ने कहा कि सत्य कभी पराजित नहीं होता। उन्होंने कहा पीएम मोदी जिस तरह लोककल्याण की भावना से काम कर रहे हैं इसीलिए दिल्ली वासियों ने हम पर भरोसा जताया। सीएम डॉ मोहन यादव ने पीएम मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को बधाई देते हुए कहा कि भाजपा के अश्वमेध यज्ञ का घोड़ा निर्बाध गति से दौड़ रहा है। कांग्रेस का हर हथकंडा फेल जिस तरह पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने हर हथकंडा अपनाकर झूठ बोला, फिर महाराष्ट्र हरियाणा के चुनाव में भी उसने गुमराह करने की कोशिश की लेकिन उसका झूठ तिनके की तरह बिखर गया। जनता इन दोनों दलों की असलियत जान चुकी है। इन दोनों दलों को अब अपने भीतर झांकना चाहिए। ये जो कीचड़ उन्होंने फैलाया था उसमें कमल खिल गया।  अपने सोशल मिडिया अकांउट पर उन्होंने लिखा कि आप-दा से मुक्त हुआ दिल्ली। सीएम ने दिल्ली विधानसभा की 11 सीटों पर प्रचार किया था। इनमें त्रिनगर सीट पर भाजपा जीत चुकी है। नजफगढ, विकासपुरी, नंगलोई जाट, उत्तम नगर समेत कई सीटों पर भाजपा आगे चल रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने इन रुझानों पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि मुझे इस बात का संतोष है कि जहां प्रचार करने का मौका मिला वहां पार्टी जीत रही है। recent visitors 49