अखिलेश यादव के सफल पीडीए राजनीति को लग रहा झटका, अवधेश प्रसाद के आंसुओं के बाद भी नहीं पिघले मतदाता

अयोध्या उत्तर प्रदेश के मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव के शुरूआती रुझान सामने आ गए हैं। इन रुझानों में भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी पर बढ़त बनाती दिख रही है। भारतीय जनता पार्टी ने इस सीट पर चंद्रभानु पासवान को उम्मीदवार बनाया था। वहीं, समाजवादी पार्टी फैजाबाद-अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद पर दांव लगती दिखाई दी। भारतीय जनता पार्टी ने इस सीट पर परिवारवाद की राजनीति का मुद्दा उठाते हुए पासी समाज से ही आने वाले चंद्रभानु पासवान के पक्ष में माहौल बनाया। अखिलेश यादव इस सीट पर पीडीए पॉलिटिक्स के सफल होने की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, प्रारंभिक रुझान उनकी उम्मीदों को झटका देते दिख रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी की आक्रामक रणनीति के कारण मिल्कीपुर उपचुनाव समाजवादी पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गया। पूरे मुलायम कुनबा को मिल्कीपुर में उतर दिया गया। मैनपुरी सांसद डिंपल यादव, आजमगढ़ सांसद धर्मेंद्र यादव के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी प्रचार मैदान में उतरे। अखिलेश चुनाव प्रचार खत्म होने के दिन मिल्कीपुर पहुंचे और भाजपा के खिलाफ अपनी पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक यानी पीडीए पॉलिटिक्स को साधने का प्रयास किया। वहीं, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव की कमान अपने हाथ में संभाल रखी थी। शुरुआती रुझान योगी आदित्यनाथ को बढ़त दिलाते दिख रहे हैं। पहले चरण से ही बनाई बढ़त मिल्कीपुर उपचुनाव परिणाम में पहले ही चरण से भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार चंद्रभानु पासवान ने बढ़त बना ली। वह लगातार आगे चलते दिख रहे हैं। पहले चरण के वोटों की गिनती के बाद चंद्रभानु पासवान 3995 वोटों से आगे चल रहे थे। दूसरे चरण की वोटों की गिनती पूरी हुई तो चंद्रभानु पासवान साढ़े छह हजार वोटों से आगे निकल गए। वहीं, तीसरे चरण के वोटों की गिनती पूरी होने के बाद भाजपा और समाजवादी पार्टी उम्मीदवार के बीच का अंतर 10 हजार के पार कर गया। अखिलेश ने बताया था महत्वपूर्ण वोटों के लगातार बढ़ रहे अंतर ने समाजवादी पार्टी समर्थकों के चेहरों को लटका दिया है। मिल्कीपुर उपचुनाव से पहले अखिलेश यादव ने इसे महत्वपूर्ण करार दिया था। सांसद अवधेश प्रसाद को सामने लाकर लोकसभा चुनाव में भाजपा की अयोध्या में हार को देशभर में समाजवादी पार्टी हिंदुत्व की राजनीति पर चोट करार देती रही। अखिलेश इस सीट पर जीत दर्ज कर दलित-पिछड़ों के बीच अपनी पैठ को बढ़ाने का दावा करते दिख रहे थे। वहीं, भारतीय जनता पार्टी लगातार कह रही थी कि लोकसभा चुनाव में अयोध्या में भाजपा की हार और समाजवादी पार्टी की जीत एक तुक्का थी। मिल्कीपुर उपचुनाव में भाजपा ने जिस प्रकार से जोर लगाया और ग्रास रूट लेवल पर काम किया, वह अब वह वोटों की गिनती में दिख रहा है। recent visitors 55

एमपी बीजेपी अध्यक्ष के लिए पार्टी अपने पुराने और आजमाए हुए फॉर्मूले पर ही भरोसा करेगी

भोपाल मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी में नए प्रदेश अध्यक्ष का नाम तय होना है. जिसके लिए प्रक्रिया तो जारी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल लगातार हो रही देरी से उठ रहा है. क्योंकि काफी मशक्कत के बाद बीजेपी ने जिला अध्यक्षों की घोषणा तो कर दी लेकिन प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में देरी क्यों हो रही है. हालांकि, बीजेपी का कहना है कि फिलहाल पार्टी की प्राथमिकता दिल्ली विधानसभा चुनाव है, जिसके तुरंत बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चुन लिया जाएगा. अब सवाल यह है कि पार्टी इस बार अध्यक्ष पद के लिए क्या फॉर्मूला तय करती है? बीजेपी से जुड़े सूत्रों की मानें तो एमपी बीजेपी अध्यक्ष के लिए पार्टी अपने पुराने और आजमाए हुए फॉर्मूले पर ही भरोसा करने वाली है. क्या है पुराना फॉर्मूला? आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में बीजेपी ने साल 2003 के विधानसभा चुनाव में 10 सालों की कांग्रेस सरकार को हटाकर प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई थी. तब जिस फॉर्मूले पर भारतीय जनता पार्टी ने काम किया, उसने बीजेपी को मध्यप्रदेश में बेहद मजबूत स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया. यह फॉर्मूला था ओबीसी मुख्यमंत्री और सवर्ण प्रदेश अध्यक्ष का. 2003 में उमा भारती को मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया था जो ओबीसी वर्ग से आती हैं. उमा भारती के बाद बाबूलाल गौर, शिवराज सिंह चौहान और अब मोहन यादव एमपी के मुख्यमंत्री बने और यह चारों ओबीसी वर्ग से आते हैं. वहीं, इन सभी मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में बीजेपी के संगठन की जिम्मेदारी यानी प्रदेश अध्यक्ष का जिम्मा कैलाश जोशी, नरेंद्र सिंह तोमर, प्रभात झा, नंदकुमार सिंह चौहान, राकेश सिंह और वीडी शर्मा को मिला जो सभी सवर्ण वर्ग से आते हैं.  जातिगत फैक्टर हो सकता है टर्निंग पॉइंट  ओबीसी सीएम वाली सरकार और सामान्य वर्ग वाला प्रदेश अध्यक्ष बनाकर 2003 से बीजेपी ने सत्ता और संगठन में जो संतुलन बनाया, उसने एमपी बीजेपी को देश का सबसे मजबूत संगठन बना दिया और माना जा रहा है कि बीजेपी इसी फॉर्मूले पर इस बार भी भरोसा करने जा रही है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि जातिगत समीकरण किस वर्ग के लिए सटीक बैठने की संभावना है.  ब्राह्मण बीजेपी के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा जो ब्राह्मण वर्ग से आते हैं, उनका कार्यकाल पूरा हो चुका है. सियासी गलियारों की मानें तो वीडी शर्मा को कोई नई जिम्मेदारी देकर एमपी में वीडी शर्मा की जगह नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है. ऐसे में ब्राह्मण वर्ग से जो नाम रेस में हैं- उनमें पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला और विधायक रामेश्वर शर्मा का नाम सामने आ रहा है. जातिगत समीकरणों की बात करें तो फिलहाल मोहन कैबिनेट में सबसे कम भागीदारी ब्राह्मण वर्ग की है, जिसमें सिर्फ दो मंत्री शामिल हैं. राजेंद्र शुक्ला और राकेश शुक्ला. विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे तो बीजेपी के 27 ब्राह्मण विधायक चुनाव जीते थे लेकिन सरकार में भागीदारी के मामले में यह वर्ग पीछे रह गया. अब जब 2027 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं तो पड़ोसी राज्य में ब्राह्मण को एक बार फिर से प्रदेश अध्यक्ष बनाकर बीजेपी एमपी और यूपी के सवर्णों को खुश करने की कोशिश कर सकती है. दूसरी तरफ, सरकार में ब्राह्मणों की कम भागीदारी से सवर्णों की नाराजगी का जो डर बीजेपी की सता रहा है, उससे भी उसे छुटकारा मिल सकता है.  क्षत्रिय 2003 के बाद से लंबे समय तक प्रदेश अध्यक्ष बनने की जिम्मेदारी एमपी बीजेपी के क्षत्रिय वर्ग से आने वाले नेताओं को ही मिली है. नरेंद्र सिंह तोमर, नंदकुमार सिंह चौहान और राकेश सिंह. वर्तमान में मोहन कैबिनेट की बात करें तो इसमें 4 मंत्री क्षत्रिय वर्ग से आते हैं- जिनमें राकेश सिंह, उदय प्रताप सिंह, गोविंद सिंह राजपूत और प्रद्युम्न सिंह तोमर शामिल हैं. वहीं, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर हैं जो क्षत्रिय वर्ग से आते हैं. पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने किरण देव सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर एमपी में संदेश लगभग साफ कर दिया है कि यहां इस वर्ग से प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनेगा.  वैश्य बीते कुछ दिनों में जो नाम तेजी से प्रदेश अध्यक्ष की दावेदारी के रूप में उभरा है- उनमें हेमंत खंडेलवाल का नाम है जो वैश्य समाज से आते हैं. मोहन कैबिनेट में फिलहाल 2 वैश्य वर्ग से आने वाले मंत्री हैं- कैलाश विजयवर्गीय और चेतन कश्यप. ऐसे में देखना यह है कि क्या सीएम की पसंद कहे जा रहे हेमंत खंडेलवाल को जिम्मेदारी मिलती है या नहीं? अनुसूचित जाति मोहन कैबिनेट में अनुसूचित जाति के मंत्रियों की संख्या 4 है और एक डिप्टी सीएम हैं- जगदीश देवड़ा. जाहिर है सरकार में इस वर्ग की भागीदारी बेहतर है, इसलिए 2003 फॉर्मूले में यह वर्ग फिट नहीं बैठता. हालांकि, जिस तरह से अंबेडकर के नाम पर इन दिनों सियासी माहौल बना हुआ है, माना जा रहा है कि बीजेपी एससी वर्ग को अपने पाले में करने के लिए किसी एससी वर्ग के नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने का दांव चल सकती है. अगर ऐसा होता है तो लाल सिंह आर्य का नाम सबसे ऊपर आ जाएगा जो बीजेपी एससी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं.  ओबीसी मध्यप्रदेश में 2003 के बाद से ही बीजेपी ने ओबीसी वर्ग से ही मुख्यमंत्री बनाया है और वर्तमान में ओबीसी वर्ग से आने वाले मोहन यादव सीएम हैं. वहीं, दूसरी तरफ उनकी कैबिनेट में 8 से ज्यादा मंत्री ओबीसी वर्ग से आते हैं. दूसरी तरफ, 2003 के फॉर्मूले को देखें तो ओबीसी सीएम और सामान्य वर्ग से प्रदेश अध्यक्ष बनाने का नियम रहा है, ऐसे में अगला प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी वर्ग से बनने के आसार न के बराबर हैं.  अनुसूचित जनजाति वर्तमान में मोहन कैबिनेट में अनुसूचित जनजाति वर्ग से 5 मंत्री बने हुए हैं. एमपी में 47 एसटी सीटें हैं, जबकि दो दर्जन से ज्यादा सीटों पर अनुसूचित जाति ही हार या जीत का फैसला करती है. जाहिर है यह एक बड़ा वोट बैंक है और इसे साधने के लिए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के लिए एसटी चेहरे पर भी दांव चल सकती है. अगर ऐसा होता है तो सुमेर सिंह सोलंकी, दुर्गादास उइके (मोदी कैबिनेट में मंत्री)और गजेंद्र पटेल का नाम ऊपर आ सकता है.  जातिगत समीकरण और अनुभव को दी जाएगी तवज्जो मध्यप्रदेश बीजेपी … Read more

महापौर प्रत्याशी मिनल चौबे ने अपने चुनाव प्रचार की शुरूआत रायपुर उत्तर विधानसभा अंतर्गत कालीमाता वॉर्ड शक्तिनगर से की

रायपुर  भारतीय जनता पार्टी की महापौर प्रत्याशी मिनल चौबे ने गुरुवार अपने चुनाव प्रचार की शुरूआत रायपुर उत्तर विधानसभा अंतर्गत  कालीमाता वॉर्ड शक्तिनगर से की। वे लगातार  चुनाव प्रचार करने विभिन्न वार्डों का दौरा कर रही हैं इस दौरान उनके साथ प्रत्येक वॉर्ड  के पार्षद प्रत्याशी भी जनता से लगातार आशीर्वाद मांग रहे हैं नगर निगम चुनाव में भाजपा महापौर प्रत्याशी सहित सभी पार्षद प्रत्याशियों को जनता का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है भाजपा की योजनाओं को लेकर भाजपा कार्यकर्ता भी लगातार जनता के बीच पहुंचकर जनता से समर्थन जुटा रहे हैं , आज उत्तर विधानसभा में रैली के दौरान उनके साथ विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी प्रत्याशी मीनल चौबे के लिए जनता से मतदान की अपील की । रायपुर निगम में भाजपा का महापौर बनने से बहेगी विकास की त्रिवेणी:- मीनल चौबे भाजपा प्रत्याशी मीनल चौबे ने आज अपने चुनाव प्रचार के दौरान कई स्थानों पर  जनता से संवाद भी स्थापित किया उन्होंने  कहा कि आप सभी से मिल रहे स्नेह और आशीर्वाद ही मेरे ऊर्जा का स्त्रोत है । समय कम होने के कारण दुगना परिश्रम है परन्तु जनता से मिल रहे अपार स्नेह और वरिष्ठ जनों से मिल रहे आशीर्वाद से अलग ही ऊर्जा प्राप्त होती है । उन्होंने कहा मै जनता के अपार स्नेह की ऋणी हूं और यह संकल्प लेती हूं कि  रायपुर नगर निगम को सर्वश्रेष्ठ नगर निगम बना कर जन समस्यायों का निवारण को प्राथमिकता में रखूंगी ।  उन्होंने कहा केंद्र में भाजपा सरकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के साथ रायपुर नगर निगम में भाजपा महापौर का चयन होने से रायपुर नगर निगम में विकास की त्रिवेणी बहेगी और निश्चित तौर पर तीनों जगह भाजपा की सत्ता होने से नगर निगम के विकास को गुणात्मक गति मिलेगी । नगर निगम रायपुर को कांग्रेस ने दलाली का अड्डा बना दिया :- पुरंदर मिश्रा रायपुर उत्तर विधानसभा के विधायक पुरंदर मिश्रा ने महापौर प्रत्याशी मिनल चौबे और रायपुर उत्तर विधानसभा के 7 वार्डों के प्रत्याशियों के लिए उत्तर की जनता से मतदान स्वरूप आशीर्वाद मांगा इस दौरान उन्होंने कहा कि रायपुर उत्तर की जनता ने मुझे अपने अपरिमित स्नेह सहयोग और आशीर्वाद प्रदान कर विधायक बनाया है भाजपा के मजबूत कार्यकर्ताओं और रायपुर उत्तर की श्रेष्ठकर जनता के बल पर हमने विधानसभा चुनाव में 20 हजार से अधिक मतों की बड़ी जीत हासिल की उसके पश्चात लोकसभा चुनाव में  हमने भाजपा को बड़ी लीड दिलवाई थी। आप सभी के सहयोग और प्रेम के बल से मै आश्वस्त हूं कि रायपुर नगर निगम चुनाव में महापौर के रूप में मीनल चौबे और सभी वार्डों में भाजपा प्रत्याशियों को बड़ी मतांतर से जीत दिलवाएंगे । उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कांग्रेस के नेताओं ने नगर निगम को दलाली का अड्डा बना दिया है जनता की सुविधाओं के हर काम के लिए घुस की धनराशि तय है और निगम के सारे ठेकों में गुणवत्ता आधार नहीं है अपितु आप किस कांग्रेस नेता के करीबी हो यह आधार रह गया है । भाजपा प्रत्याशी मीनल चौबे ने  आज 7 वार्डों में जनसंपर्क रैली निकालकर जनता से आशीर्वाद मांगा शक्ति नगर से शुरू हुई चुनाव प्रचार रैली में मिनल चौबे के साथ भाजपा के वार्ड पार्षद प्रत्याशी साधना साहू के साथ प्रचार रैली वॉर्ड के मुख्य चौक चौराहों और मोहल्लों से होते हुए आगे बढ़ी इस दौरान जगह जगह महापौर प्रत्याशी मिनल चौबे सहित भाजपा पार्षद प्रत्याशियों का स्थानीय जनता ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया अनेक स्थानों पर रैली का भव्य स्वागत किया गया जहां प्रत्याशियों को स्थानीय नागरिकों ने पुष्पमाला पहना कर स्वागत किया शक्ति नगर से होते हुए वे शंकर नगर वॉर्ड में भाजपा प्रत्याशी राजेश गुप्ता के साथ वार्ड में जनसंपर्क रैली करते हुए , गुरुगोविंद सिंग वॉर्ड में कैलाश बेहरा , पं.रविशंकर शुक्ल वॉर्ड ज्ञानचंद चौधरी , हवलदार अब्दुल हमिद वॉर्ड में ज्ञानचंद चौधरी , इंदिरा गांधी वॉर्ड में अवतार बागल और मौलाना अब्दुल रऊफ वॉर्ड में घनश्याम रक्सेल के साथ क्षेत्र में रैली की शक्ल में जनसंपर्क करते हुए भाजपा की महापौर प्रत्याशी मिनल चौबे और पार्षद प्रत्याशी के लिए जन आशीर्वाद मांगा ।इस दौरान मिनल चौबे और भाजपा पार्षद प्रत्याशियों ने स्थानीय गणमान्य नागरिकों से भेंट भी की श्रीमती चौबे के  जनसंपर्क रैली में आज उनके साथ चुनाव प्रचार में बड़ी संख्या में भाजपा , महिला मोर्चा और युवा मोर्चा कार्यकर्ता उपस्थित थे । recent visitors 40

‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ चाहने वाली सरकार का बजट

बजट विशेष  नीरज मनजीत इस बार के बजट में केन्द्र सरकार ने मिडिल क्लास को दिल खोलकर जैसा तोहफ़ा दिया है, वह अभूतपूर्व और ऐतिहासिक है। भारत का मिडिल क्लास हर साल उत्सव की तरह बजट की प्रतीक्षा करता है। उसकी पहली नज़र इनकम टैक्स के स्लैब पर लगी होती है, कि सरकार ने कितनी राहत दी है। कभी उसे निराशा हाथ लगती है, तो कभी 'ऊंट के मुंह में जीरा' जैसी छूट हासिल हो भी जाती है। पिछले कुछ वर्षों से हम देख रहे हैं कि देश का मिडिल क्लास फ्रस्ट्रेशन का शिकार होता चला जा रहा है। वोट हासिल करने की होड़ में राजनीतिक पार्टियों को अनाप-शनाप रेवड़ियां बाँटते देखकर इस फ्रस्ट्रेशन में साल-दर-साल बढ़ोतरी हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले दिनों दिल्ली की एक जनसभा में इस बात के संकेत दिए थे कि देश के 50-60 करोड़ के विशाल मध्यवर्ग को राहत देना उनकी प्राथमिकता है। इसलिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट के आख़िर में जैसे ही टैक्स छूट का ऐलान किया, सत्ता पक्ष के सांसद एक मिनट तक मेजें थपथपाकर स्वागत करते रहे। वैसे नितांत तटस्थ भाव से समीक्षा की जाए, तो यह बड़ी राहत अगले वर्षों में काफी दूरदर्शी क़दम साबित हो सकती है। वित्तमंत्री सीतारमण का कहना है कि नए टैक्स स्लैब से सरकार को तक़रीबन एक लाख करोड़ रुपए का वित्तीय घाटा होगा, मगर भविष्य में इसके बहुत से फ़ायदे भी होंगे। इस छूट का तार्किक विश्लेषण करते हुए उन्होंने कहा कि इससे मंझोले कारोबारियों और नौकरीपेशा लोगों की जेब में अतिरिक्त पैसा आएगा, उनकी क्रयशक्ति बढ़ेगी, पैसा बाज़ार में ख़र्च होगा, जिससे देश की अर्थव्यवस्था के पहिए को तेज गति मिलेगी। पिछले कुछ दशकों से देखा गया है कि मध्यवर्ग के लोग कमाई का एक बड़ा हिस्सा उपभोक्ता वस्तुओं की ख़रीद, सैर-सपाटे और तीज-त्योहारों में दिलेरी से ख़र्च करने लगे हैं। इसे फ़िजूलखर्ची नहीं बल्कि इनकम मैनेजमेंट कहा जाना चाहिए। थोड़ी बहुत बचत का भाव भी उनके अंदर रहता है। बचत का पैसा भी बैंकों अथवा शेयर मार्केट में आएगा। अंततः इसका फ़ायदा भी देश की इकोनॉमी को ही होगा। जैसी कि परंपरा रही है, विपक्ष ने अपने-अपने तरीक़ों से इस बजट की आलोचना की है। अखिलेश यादव के नेतृत्व में विपक्ष के कुछ सांसदों ने तो बजट का ही बहिष्कार कर दिया। हालांकि बाद में कुछ सांसद अपनी सीटों पर लौट आए। अखिलेश चाहते थे कि पहले महाकुंभ के हादसे पर चर्चा होनी चाहिए। जैसे ही सीतारमण ने बजट भाषण शुरू किया, अखिलेश और कुछ विपक्षी संसद हंगामा करने लगे। अखिलेश के इस रवैये को क़तई ठीक नहीं कहा जा सकता, क्योंकि पीएम मोदी ने सत्र से पहले ही कह दिया था कि वे महाकुंभ हादसे पर संसद में चर्चा कराने के लिए तैयार हैं। बजट के पहले दिन तो यह संभव नहीं था। ऐसे में अखिलेश के बहिष्कार अगर कोई मतलब था तो सिर्फ़ यही के वे इस मुद्दे को सुर्ख़ियों में रखना चाहते थे। महाकुंभ के हादसे पर बेशक योगी सरकार से सवाल पूछे जाने चाहिए, मगर जिस तरह से एक तबका अफ़वाहें फ़ैलाने में लगा हुआ है, वह तो बहुत ही ख़तरनाक है। क्या ऐसे लोग चाहते हैं कि कोई बड़ा हादसा हो जाए? बजट पर राहुल गांधी ने बड़ी ही रोचक टिप्पणी करते हुए कहा कि यह बजट "बुलेट इंजरी पर बैंड-एड" यानी "गोली के जख़्म पर पट्टी" लगाने जैसा है। हालांकि राहुल का यह कथन एक रस्म अदायगी के अलावा और कुछ नहीं है, मगर यदि इसे सही मान भी लिया जाए, तो भाजपा और निर्मला सीतारमण ने कम-से-कम मिडिल क्लास के जख़्मों पर मरहम पट्टी लगाने की कोशिश तो की। 2014 से पहले कांग्रेस की सरकारें किस क़दर मध्यवर्ग की उपेक्षा करती थीं, यह भी हमने अच्छी तरह देखा है। मिसाल के तौर पर हम यहाँ 2011, 2012 और 2013 के बजट के इनकम टैक्स के आंकड़े पेश कर रहे हैं। 2011 से पहले कांग्रेस सरकार में 1 लाख 60 हजार तक की इनकम टैक्स फ्री थी। इस वर्ष वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने इसमें 20 हजार की बढ़ोतरी करते हुए 1 लाख 80 हजार तक कर दिया था। 2012 में पी चिदंबरम ने इसे बढ़ाकर 2 लाख की इनकम टैक्स फ्री कर दी। 2013 में कांग्रेस सरकार ने कोई बढ़ोतरी नहीं की थी। अलबत्ता 2 से 5 लाख के स्लैब में 2 हजार रुपये की छूट दी गई थी। ज़ाहिर है कि मिडिल क्लास के घावों पर तरीक़े का फ़ाहा रखना भी कांग्रेस की प्राथमिकता में नहीं था। 2014 में भाजपा सरकार के आते ही वित्तमंत्री अरुण जेटली ने टैक्स फ्री इनकम में एकमुश्त 50 हजार की बढ़ोतरी करके ढाई लाख कर दी थी। इसके बाद तक़रीबन हर साल टैक्स स्लैब में मिडिल क्लास को कुछ-न ₹-कुछ राहत दी गई है। 2020 में तो एक बार फिर एकमुश्त छूट देते हुए 5 लाख तक की इनकम टैक्स फ्री कर दी गई। वित्तमंत्री थीं निर्मला सीतारमण। 2023 में और इस साल तो मोदी सरकार ने कमाल ही कर दिया। 2023 में 7 लाख की आय और इस बार सीधे 5 लाख की छलांग और 12 लाख की इनकम टैक्स फ्री कर दी गई। निःसंदेह इसका श्रेय पीएम मोदी और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को दिया जाएगा। इस छलांग के अलावा भी इस बजट में बहुत कुछ है। सच तो यह है कि यह बजट गरीब, किसान, लोअर मिडिल क्लास, मंझोले व्यापारियों, बेरोजगार युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों का भला चाहने वाली "सर्वे भवन्तु सुखिनः" के सिद्धांत पर चलने वाली सरकार का सर्वांगीण बजट है। बजट में युवाओं के स्टार्टअप और महिला उद्यमियों के लिए बड़ी रक़म रखी गई है। 'मेक इन इंडिया एंड मेक फ़ॉर वर्ल्ड' के विचार को आगे बढ़ाने के लिए व्यापारियों के लिए लोन गारंटी लिमिट 5 से 10 करोड़ की गई है। साथ में 72 लाख नौकरियां पैदा करने का संकल्प है। भारतीय जनता पार्टी और पीएम मोदी पिछले दस वर्षों से भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का सपना साकार करने की कोशिश कर रहे हैं। इसीलिए हर युवा को वे संदेश देते हैं कि वे बजाए सरकारी नौकरियों के पीछे दौड़ने के, किसी स्टार्टअप का मालिक बनें और अपने साथ अपने गाँव के युवाओं को भी रोजगार देकर आगे … Read more

प्रदेश अध्यक्ष के लिए कई नाम चर्चा में , रेस में अब सबसे आगे बैतूल से विधायक हेमंत खंडेलवाल का नाम

भोपाल  मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के सभी 62 जिला अध्यक्षों का चुनाव हो गया है। अब सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव ही बाकी है। पार्टी ने पहले ही केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को प्रदेश अध्यक्ष के चयन के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है और उम्मीद जताई जा रही है कि वे जल्द ही मध्य प्रदेश का दौरा करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष के लिए कई नाम चर्चा में हैं, लेकिन रेस में अब सबसे आगे बैतूल से विधायक और पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल का नाम तेजी से आगे आया है। खंडेलवाल को संघ, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पार्टी के अन्य नेताओं का समर्थन मिल रहा है। हेमंत खंडेलवाल के पिता स्व. विजय खंडेलवाल भी भाजपा के नेता थे, जिससे उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि मजबूत और पार्टी से बहुत गहरा जुड़ाव है। पार्टी सूत्रों के अनुसार हेमंत खंडेलवाल के संघ से जुडे होने और विवादों से दूर रहने के चलते पार्टी अब धीरे धीरे उनके नाम पर सहमति बना रही है। वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का कार्यकाल पांच साल का हो चुका है और उन्हें फिर से मौका मिलने की संभावना कम है। बताया जा रहा है कि अध्यक्ष पद के लिए हेमंत खंडेलवाल पहली पसंद बन गए हैं। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा अध्यक्ष के चुनाव के लिए भी जातिगत समीकरणों को साधना चाहेगी। ऐसे में संभावना है कि नया अध्यक्ष सामान्य, आदिवासी या महिला वर्ग से हो सकता है, क्योंकि भाजपा ने विधानसभा चुनाव के बाद डिप्टी सीएम और मंत्रियों के लिए भी जातिगत समीकरणों का पूरा ध्यान रखा था। अभी अध्यक्ष पद की रेस में कई सीनियर नेता भी दावेदार हैं। ऐसे में देखना होगा कि भाजपा सीनियर नेता को कमान सौंपती है या फिर किसी नए चहेरे पर दांव लगाती है।   नरोत्तम मिश्रा- पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी काफी मजबूत मानी जा रही है। वह सवर्ण वर्ग से आते हैं और राज्य की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। उनकी केंद्रीय नेतृत्व से भी अच्छी ट्यूनिंग मानी जाती है। फग्गन सिंह कुलस्ते- पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता फग्गन सिंह कुलस्ते आदिवासी वर्ग से आते हैं और मध्य प्रदेश में आदिवासी वर्ग की अहमियत को देखते हुए उनकी दावेदारी काफी मजबूत हो सकती है। वीडी शर्मा– वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का नाम भी रेस में हैं, क्योंकि उनके कार्यकाल में बीजेपी ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया था। पार्टी एक बार फिर उनके नाम पर विचार कर सकती है। अरविंद भदौरिया- पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया संगठन के एक कुशल रणनीतिकार माने जाते हैं। हालांकि, वह 2023 के विधानसभा चुनाव में हार गए थे, लेकिन पार्टी उन्हें एक बार फिर सक्रिय करना चाहती है।     recent visitors 53

‘यही लोकतंत्र की असली पहचान: ओपी चौधरी’, छत्तीसगढ़-रायपुर से भाजपा महापौर प्रत्याशी के ठेले में मंत्री ने बनाई चाय

रायपुर. छत्तीसगढ़ में चारों तरफ नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का शोर है. इसी बीच आज रायगढ़ नगर निगम के भाजपा महापौर प्रत्याशी जीवर्धन चौहान से उनके चाय ठेले में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मुलाकात की. उन्होंने चाय भी बनाई. मंत्री चौधरी ने सोशल मीडिया पर फोटो शेयर कर लिखा है कि आज रायगढ़ नगर निगम के भाजपा महापौर प्रत्याशी जीवर्धन चौहान से उनके चाय ठेले में मुलाकात की और चाय भी बनाई, जिसका हम सभी ने आनंद लिया. यह लोकतंत्र की असली पहचान है, जिसमें एक साधारण चाय वाला भी महापौर बन सकता है. recent visitors 69

‘गरीब और मध्यम वर्ग को मिली बड़ी सौगातें’, छत्तीसगढ़-बीजेपी नेताओं ने केंद्रीय बजट को सराहा

रायपुर। केंद्रीय बजट पर बीजेपी नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कहा कि केंद्रीय बजट में सम्पूर्ण क्षेत्र और वर्गों के विकास की ऐतिहासिक नींव रखी गई है। इससे भारत विकसित राष्ट्र बनने के साथ ही विश्व गुरू बनेगा। पीएम मोदी के नेतृत्व में पेश हुआ बजट सबका साथ सबका विकास के संकल्प पर आधारित है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में ऐसा कोई वर्ग नहीं है जिसके लिए ख्याल न रखा गया हो। केंद्रीय बजट से निश्चित तौर पर छत्तीसगढ़ के विकास कार्यों पर बहुत बड़ा फर्क पड़ेगा, इसमें सभी वर्ग शामिल है। जिनके विकास से ही विकास की परिभाषा पूरी होती है। पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल में छत्तीसगढ़ विकास की राह पर तेजी के साथ आगे बढ़ेगा। केंद्रीय बजट में औद्योगिक नीतियों को धरातल पर लाने के लिए किए गए बजट के प्रावधान से छत्तीसगढ़ के उद्योग जगत विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। इसके साथ ही प्रदेश के लाखों के रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए ग्रामीण अंचलों में सड़कों के संजाल पर बड़ी राशि का प्रावधान किया गया है। इससे अनेक रोजगार स्वत: सृजित हो जाएंगे। पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल में देश का ऐतिहासिक बजट: बृजमोहन अग्रवाल – रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आम बजट 2025 पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह आम बजट देश की समृद्धि एवं खुशहाली का बजट है। इसमें मध्यम वर्ग, नौकरीपेशा, किसान, गरीब, महिला, युवा, विद्यार्थी और देश की सुरक्षा सभी का भरपूर ध्यान रखा गया है। उन्होंने बजट की ऐतिहासिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत देते हुए कर छूट की सीमा को बढ़ाकर 12 लाख रुपए वार्षिक कर दिया गया है, जिससे लाखों करदाताओं को सीधा लाभ मिलेगा। 'बजट 3D को समर्पित' पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक धरमलाल कौशिक ने केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रस्तुत केंद्र सरकार की बजट की प्रशंसा करते हुए कहा कि केंद्र की यह बजट राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाने वाली बजट है। यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि का महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसे केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने देश के सदन के पटल पर रखा है। यह बजट 3D को समर्पित है अर्थात डी फॉर – डेवलपमेंट, डी फॉर – डिमांड, डी फॉर – डिजिटाइजेशन डेवलपमेंट  के माध्यम से विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करना। डिमांड से  समाज में समग्र पूर्ति की बातें और डिजिटलाइजेशन से समाज में नए भारत और विकसित भारत के संकल्प को पूर्ण करने का फैसला लिया गया है। बजट में हर वर्ग की इसमें चिंता की गई है। किसान, गरीब, युवा हर कोई इस बजट से बेहद प्रसन्न है। केंद्रीय बजट में 12 लाख रुपए तक की आय पर कोई कर नहीं लगेगा यह निर्णय मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत की बात है। इससे आर्थिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरम लाल कौशिक ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में जेनेरिक दवाइयां, मेडिकल उपकरण सस्ते होंगे । जिस तरह से GYAN  यानी G-गरीब,Y- युवा, A-अन्नदाता और N- नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार समर्पित है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरम लाल कौशिक ने केंद्र की बेहतर बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया है। बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने की दिशा में क्रांतिकारी कदम – जगदीश रामू रोहरा भाजपा के प्रदेश महामंत्री जगदीश रामू रोहरा ने कहा कि पीएम मोदी जी के नेतृत्व में प्रस्तुत हुआ बजट देश के लिए क्रांतिकारी साबित होगा। बजट देश की स्वास्थ्य के व्यवस्था को सुधारने की दिशा में बड़ा कदम है। इसके अलावा आईआईटी में 6,500 सीटों की वृद्धि की भी इस बजट में घोषणा की गई है। माइनिंग सेक्टर में बड़े रिफॉर्म्स के लिए मिशन चलाए जा रहे है। हमारे छत्तीसगढ़ के कटघोरा में लिथियम का डिपोजिट मिला है। इस तरह के मिशन को इससे बड़ा लाभ मिलेगा। इसके अलावा 36 प्रकार की जीवन रक्षक दवाओं को टैक्स मुक्त किया गया है। जिसका लाभ देश की गरीब जनता को मिलेगा। बजट में जीवन रक्षक दवाओं को टैक्स मुक्त करना क्रांतिकारी कदम – रामजी भारती भाजपा के प्रदेश महामंत्री रामजी भारती ने कहा कि आजाद भारत को कांग्रेस ने हमेशा कमजोर करने की साजिश रची है। इसलिए कभी कांग्रेस शासित या समर्थित सरकारों ने गरीबों और दबे कुचलों तथा दलितों, आदिवासियों के साथ आम जन को सबल बनाने वाला बजट नहीं लाईं। लेकिन पीएम मोदी की सरकार ने ऐसी नीतियां और अपने केंद्रीय बजट से प्रावधान किए कि आज करोड़ों लोग गरीबी की रेखा से बाहर निकले। कहा कि इतना ही नहीं देश आज ने हर क्षेत्र में विकास किया है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे और रक्षा के क्षेत्र में पीएम मोदी की सरकारों ने बड़ी राशि जारी कर यह साबित कर दिया है कि भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित हो जाएगा। बजट में जीवन रक्षक दवाओं को टैक्स मुक्त करना क्रांतिकारी कदम – रामजी भारती भाजपा के प्रदेश महामंत्री रामजी भारती ने कहा कि आजाद भारत को कांग्रेस ने हमेशा कमजोर करने की साजिश रची है। इसलिए कभी कांग्रेस शासित या समर्थित सरकारों ने गरीबों और दबे कुचलों तथा दलितों, आदिवासियों के साथ आम जन को सबल बनाने वाला बजट नहीं लाईं। लेकिन पीएम मोदी की सरकार ने ऐसी नीतियां और अपने केंद्रीय बजट से प्रावधान किए कि आज करोड़ों लोग गरीबी की रेखा से बाहर निकले। कहा कि इतना ही नहीं देश आज ने हर क्षेत्र में विकास किया है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे और रक्षा के क्षेत्र में पीएम मोदी की सरकारों ने बड़ी राशि जारी कर यह साबित कर दिया है कि भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित हो जाएगा। बजट से सच होंगे सबके सपने – भरत लाल वर्मा भाजपा के प्रदेश महामंत्री ने भरत लाल वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय बजट में सर्व कल्याणकारी योजनाओं को शामिल करके यह साबित कर … Read more